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MP BUDGET 2025 में सिवनी के शासकीय मेडिकल कॉलेज को मिली बड़ी सौगात, बढ़ाई गई MBBS की सीटें

Seoni News: मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को राज्य का बजट पेश किया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। खासतौर पर सिवनी जिले को एक नए शासकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली है, जिससे यहां चिकित्सा सुविधाओं में बड़े सुधार की उम्मीद है। इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे स्थानीय छात्रों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

सिवनी में नए मेडिकल कॉलेज की सौगात

सरकार ने सिवनी जिले के लिए एक नए शासकीय मेडिकल कॉलेज की घोषणा की है, जो जिले के चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस कॉलेज में न केवल एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (पीजी) की सीटों में भी वृद्धि होगी

मेडिकल कॉलेज खुलने से होने वाले लाभ

  1. स्थानीय छात्रों को मिलेगा फायदा: सिवनी और आसपास के जिलों के छात्रों को अब अपने ही जिले में मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
  2. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: सिवनी में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होंगी, जिससे गंभीर रोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा। पहले जिन मरीजों को नागपुर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर जाना पड़ता था, अब उन्हें जिले में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।
  3. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे: मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और अन्य मेडिकल स्टाफ के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या में बढ़ोतरी

मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एमबीबीएस की 400 सीटें और पीजी की 252 सीटें बढ़ाने की घोषणा की है। इससे छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और राज्य में डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी।

मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी के फायदे

  • डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि: अधिक सीटें होने से राज्य में अधिक डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर उपलब्ध होंगे
  • मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा: यह कदम मध्यप्रदेश को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में मदद करेगा

बजट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

मध्यप्रदेश सरकार के इस बजट को लेकर राजनीतिक दलों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

कांग्रेस की आलोचना

  • जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने बजट को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को गेहूं के लिए 2700 रुपए और गैस सिलेंडर 450 रुपए में देने का वादा किया था, लेकिन बजट में इस पर स्पष्टता नहीं है
  • कांग्रेस प्रवक्ता राजिक अकील ने युवाओं के रोजगार को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है, लेकिन सरकार ने इसे हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया

भाजपा ने बजट को बताया ऐतिहासिक

  • भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ. नवल किशोर श्रीवास्तव ने सरकार के इस बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों के हित में काम करती है और यह बजट भी उसी दिशा में उठाया गया कदम है।
  • भाजपा नेताओं का कहना है कि इस बजट से चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा सुधार होगा और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी

स्थानीय नागरिकों की राय

बजट को लेकर स्थानीय नागरिकों की राय भी विभाजित है

  • शहर के नागरिक हेमंत पंचेश्वर ने इस बजट को जनहित में बताया। उनका कहना है कि सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए एक संतुलित बजट पेश किया है
  • वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि सरकार को रोजगार और किसानों के मुद्दे पर अधिक ध्यान देना चाहिए था

बजट के अन्य मुख्य बिंदु

बजट में स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गई हैं:

  1. कृषि क्षेत्र में सुधार: किसानों को राहत देने के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी
  2. शिक्षा क्षेत्र में सुधार: सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं
  3. इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास: सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट में महत्वपूर्ण राशि आवंटित की गई है

मध्यप्रदेश सरकार का यह बजट स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित हैसिवनी में नया मेडिकल कॉलेज खुलना एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे स्थानीय छात्रों और मरीजों को बड़ा फायदा होगा। हालांकि, राजनीतिक दलों के बीच बजट को लेकर अलग-अलग विचार हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह बजट प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

सिवनी : 6 माह से गैस रिफिल न कराने वालों का उज्ज्वला योजना कनेक्शन होगा असक्रिय

सिवनी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत ऐसे लाभार्थी जिन्होंने पिछले 6 महीनों से गैस रिफिल नहीं कराई है, उनके कनेक्शन को असक्रिय किया जाएगा। जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार तेल विपणन कंपनियों को फर्जी, डुप्लिकेट और मृतक लाभार्थियों के कनेक्शन हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

फर्जी और अप्रयुक्त कनेक्शनों की होगी जांच

शासन का उद्देश्य एलपीजी गैस कनेक्शनों के दुरुपयोग को रोकना और अप्रयुक्त उपकरणों की वसूली एवं पुनर्वितरण सुनिश्चित करना है। इसी के तहत ऑयल कंपनियों द्वारा एक कमेटी बनाई गई है, जो उज्ज्वला योजना के निष्क्रिय कनेक्शनों की जांच करेगी।

लगातार गैस रिफिल न कराने पर ब्लॉक होगा कनेक्शन

अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी उज्ज्वला लाभार्थी ने लगातार 6 महीने तक गैस रिफिल नहीं कराई तो उसका कनेक्शन ब्लॉक कर दिया जाएगा। यह कनेक्शन फिर अन्य पात्र लाभार्थियों को दे दिया जाएगा।

हितग्राहियों को नियमित रिफिल कराने की अपील

जिला आपूर्ति अधिकारी ने सभी उज्ज्वला योजना लाभार्थियों से अपील की है कि वे नियमित रूप से गैस रिफिल कराएं ताकि उनका कनेक्शन सक्रिय बना रहे और किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उज्ज्वला योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराना है, लेकिन इसका सही उपयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। इस फैसले से वास्तविक लाभार्थियों को अधिक फायदा मिलेगा और फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगेगी।

सिवनी: स्कूटी को बचाने के चक्कर में कार पलटी, नौ लोग घायल, एक महिला गंभीर

सिवनी। जबलपुर की ओर जा रही एक कार बुधवार शाम लगभग 5:30 बजे नगझर बायपास पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे खाई में जा पलटी। बताया जा रहा है कि कार चालक ने सामने से आ रहे एक स्कूटी सवार को बचाने के प्रयास में अचानक वाहन मोड़ दिया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और कार खाई में गिर गई। इस हादसे में कार सवार नौ लोग घायल हो गए, जिनमें से एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब कार सिवनी से जबलपुर की ओर जा रही थी। रास्ते में नगझर बायपास के पास एक स्कूटी चालक अचानक सामने आ गया। कार चालक ने टक्कर से बचने के लिए गाड़ी मोड़ी, लेकिन तेज रफ्तार के कारण संतुलन बिगड़ गया और कार सड़क किनारे खाई में जा पलटी।

घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। चार एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल सिवनी पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों का इलाज जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल महिला को नागपुर रेफर कर दिया गया है।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार चालक ने स्कूटी सवार को बचाने के प्रयास में वाहन का नियंत्रण खो दिया, जिससे यह दुर्घटना हुई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों ने की सड़क सुरक्षा की मांग

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से इस क्षेत्र में संकेतक बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सड़क पर वाहन चलाते समय सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

सिवनी रेलवे स्टेशन से 17 मार्च को निकलेगी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन

Seoni Railway News: मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा का विशेष प्रबंध किया जाता है। इसी योजना के तहत 17 मार्च 2025 को सिवनी रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन (ट्रेन नंबर 08853) तीर्थयात्रियों को लेकर रवाना होगी। यह ट्रेन सिवनी, छिंदवाड़ा, आमला, बैतूल, इटारसी, जबलपुर, सतना, मनिकपुर, प्रयागराज, वाराणसी होते हुए अयोध्या पहुंचेगी और फिर इसी मार्ग से वापस लौटेगी।

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन की विशेषताएँ

1. ट्रेन की यात्रा मार्ग और ठहराव

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा प्रदान करेगी। इस ट्रेन का विस्तृत यात्रा मार्ग निम्नानुसार होगा:

  • प्रस्थान: 17 मार्च 2025, सुबह 08:00 बजे (सिवनी रेलवे स्टेशन से)
  • महत्वपूर्ण ठहराव: छिंदवाड़ा, आमला, बैतूल, इटारसी, जबलपुर, सतना, मनिकपुर, प्रयागराज, वाराणसी
  • गंतव्य: अयोध्या धाम
  • वापसी: निर्धारित यात्रा पूर्ण करने के बाद यही ट्रेन यात्रियों को वापस लाएगी।

2. ट्रेन में मिलने वाली सुविधाएँ

इस विशेष ट्रेन में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएँ और आरामदायक सफर सुनिश्चित किया गया है।

  • शुद्ध एवं शाकाहारी भोजन
  • आरामदायक स्लीपर और एसी कोच
  • प्रत्येक यात्री के लिए बेडरोल और पीने का साफ पानी
  • डॉक्टर और मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध
  • यात्रा के दौरान आध्यात्मिक कार्यक्रम और सत्संग का आयोजन
  • यात्रा मार्ग में धार्मिक स्थलों का विस्तृत भ्रमण

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लाभ

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का है। इस योजना के अंतर्गत यात्रा पूर्णतः निःशुल्क होती है, जिससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी आध्यात्मिक लाभ प्राप्त हो सके।

1. योजना के पात्रता मानदंड

  • आवेदक की आयु 60 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
  • यात्रा के लिए शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है।
  • योजना के अंतर्गत केवल मध्यप्रदेश के स्थायी निवासी ही लाभान्वित हो सकते हैं।
  • यात्रा के लिए चयनित व्यक्ति का रेलवे द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र आवश्यक होगा।

अयोध्या यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

अयोध्या, भगवान श्रीराम की जन्मभूमि, हिंदू धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह धार्मिक नगरी सदियों से श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र रही है।

1. प्रमुख धार्मिक स्थल

  • राम जन्मभूमि मंदिर – भगवान श्रीराम का पवित्र जन्मस्थान।
  • हनुमानगढ़ी – अयोध्या में हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर।
  • कनक भवन – माता सीता को दिया गया भगवान श्रीराम का उपहार।
  • सरयू घाट – पवित्र सरयू नदी जहां श्रद्धालु स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं।

2. धार्मिक यात्राओं का लाभ

  • आध्यात्मिक शांति और मानसिक सुकून मिलता है।
  • धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को समझने का अवसर मिलता है।
  • सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • योजना की शुरुआत 2012 में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा की गई थी।
  • इस योजना के अंतर्गत अब तक लाखों बुजुर्गों को धार्मिक यात्राओं का लाभ मिल चुका है।
  • योजना के तहत यात्रियों के रहने, खाने और यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क की जाती है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना बुजुर्गों के लिए एक सुनहरा अवसर है जिससे वे अध्यात्मिक यात्रा कर सकते हैं और धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकते हैंभारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से यह यात्रा अधिक सुरक्षित, आरामदायक और संगठित बनाई गई है। यदि आप या आपके परिवार में कोई पात्र व्यक्ति है तो जल्द से जल्द आवेदन करें और इस पावन यात्रा का लाभ उठाएँ

Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहना योजना की राशि में नहीं होगी कोई बढ़ोतरी, वित्त मंत्री ने पेश किया BUDGET

Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में लाड़ली बहना योजना में किसी भी प्रकार की वित्तीय वृद्धि न करने का निर्णय लिया है। हालांकि, सरकार ने योजना में पेंशन योजना को जोड़ने की घोषणा की है, जिससे राज्य की महिलाओं को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मिल सके।

लाड़ली बहना योजना में कोई वित्तीय वृद्धि क्यों नहीं?

सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों, बजट सीमाओं और अन्य विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए लाड़ली बहना योजना में किसी भी प्रकार की राशि वृद्धि संभव नहीं है। हालांकि, सरकार ने योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसे पेंशन योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है

मुख्य बिंदु:

  • लाड़ली बहना योजना के तहत वित्तीय सहायता में कोई वृद्धि नहीं होगी।
  • इस योजना को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा।
  • महिलाओं को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की पहल।
  • बजट का फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे पर अधिक।

लाड़ली बहना योजना क्या है?

लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई थी। इस योजना के तहत राज्य सरकार महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

योजना में पेंशन योजना को जोड़ने का प्रभाव

सरकार ने लाड़ली बहना योजना को पेंशन योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है, जिससे महिलाओं को वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा मिल सके। यह निर्णय राज्य की महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

पेंशन योजना से जुड़े लाभ:

  • महिलाओं को 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन की सुविधा मिलेगी।
  • वृद्धावस्था में वित्तीय निर्भरता समाप्त होगी।
  • सरकार द्वारा दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने में मदद मिलेगी।

बजट 2025-26 में अन्य प्रमुख घोषणाएँ

यहाँ क्लिक कर पढ़ें: एमपी बजट 2025-26 LIVE : वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया ₹4.21 लाख करोड़ का बजट

क्या यह निर्णय महिलाओं के लिए फायदेमंद होगा?

सरकार द्वारा लाड़ली बहना योजना को पेंशन योजना से जोड़ने का निर्णय महिलाओं के लिए दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे वृद्धावस्था में महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। हालांकि, अल्पकालिक रूप में कुछ महिलाओं को राशि वृद्धि न होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय राज्य की वित्तीय स्थिति और दीर्घकालिक लाभ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि लाड़ली बहना योजना की वित्तीय सहायता में कोई वृद्धि नहीं की गई है, लेकिन पेंशन योजना से जुड़ने के कारण महिलाओं को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। यह निर्णय राज्य की महिलाओं के वित्तीय और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

एमपी बजट 2025-26 LIVE : वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया ₹4.21 लाख करोड़ का बजट

MP BUDGET 2025-26 Live: वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया ₹4.21 लाख करोड़ का बजट

राजकोषीय घाटा 78,902 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.6 प्रतिशत है। 2025-26 में राजस्व अधिशेष 618 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।

वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए वाहन स्क्रैप योजना को प्रोत्साहित करने के लिए, नए वाहन की खरीद पर कर में कटौती की पेशकश की गई है। नए परिवहन वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 15% की छूट और गैर-परिवहन वाहन के लिए 25% की छूट दी जाएगी।

बैगा, भारिया एवं सहरिया परिवारों को खाद्यान्न सब्सिडी के तहत 2.20 लाख महिलाओं के खातों में 1500 रुपए दिए जा रहे हैं

Ladli Behna Yojana को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा

लाडली बहना योजना के तहत कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसे पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। 

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग बनेगा महाकालेश्वर कॉरिडोर जैसा

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को महाकालेश्वर कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

1000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के लिए 1000 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी। इसी तरह सड़कों की मरम्मत के लिए 408 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया, 17,135 करोड़ रुपये आवंटित

जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया। निवासियों और किसानों की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए 17,135 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

शहडोल, नीमच, झाबुआ और छिंदवाड़ा के लिए खुशखबरी

शहडोल, नीमच, झाबुआ और छिंदवाड़ा हवाई मार्ग से जुड़ेंगे।

सोलर पार्क होंगे स्थापित, ऊर्जा क्षेत्र में 19 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान

बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 19 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सोलर पार्क स्थापित किए जाएंगे।

केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना!

24,000 करोड़ रुपये की केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना, 35,000 करोड़ रुपये की पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएं बेहतर होंगी

MP के किसानों के लिए बजट में खुशखबरी

सिंचाई क्षेत्र को 1 लाख करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ाया जाएगा। किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।

CM SCOOTY YOJANA जैसी छात्रोन्मुखी छात्रोन्मुखी योजनाओं के लिए 26,797 करोड़ रुपए निर्धारित

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना जैसी छात्रोन्मुखी योजनाओं के लिए 26,797 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।

आंगनवाड़ियों के प्रबंधन के लिए 3729 करोड़ रुपये आवंटित

350 करोड़ रुपये की लागत से 200 से अधिक आंगनवाड़ियों की स्थापना की जाएगी, जबकि आंगनवाड़ियों के प्रबंधन के लिए 3729 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

MP के 5 शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास

राज्य सरकार राज्य के पांच शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करेगी

वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.21 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में मोहन यादव सरकार का दूसरा बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.21 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। कोई नया कर प्रस्तावित नहीं किया गया।

MP WEATHER: होली के दौरान मौसम रहेगा ठंडा पर होली से पहले गर्मी मचा सकती है तांडव

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। धार-रतलाम में सोमवार को दिन का तापमान 38 डिग्री पर पहुंच गया। इसी तरह उज्जैन में 37 डिग्री, भोपाल और इंदौर में तापमान 35 डिग्री पर पहुंच गया।

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में पारे में और वृद्धि होने का अनुमान जताया है, तथा नई प्रणाली के कारण इसमें अस्थायी रूप से गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 12 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर अगले एक-दो दिन में देखने को मिलेगा। जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

दिन में तापमान 38 डिग्री से अधिक, रात में 23 डिग्री से अधिक

पिछले 3 दिनों से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को धार-रतलाम में 38 डिग्री, शिवपुरी-मंडला में 37 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खरगोन में 36 डिग्री, सागर, सिवनी, नर्मदापुरम-टीकमगढ़ में 35.8 डिग्री, खजुराहो में 35.6 डिग्री, दमोह-बैतूल में 35.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 35.2 डिग्री और खंडवा में 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया। इंदौर में 35.6 डिग्री, भोपाल में 35.4 डिग्री, ग्वालियर में 34.5 डिग्री और जबलपुर में 34 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

रविवार-सोमवार की रात धार में सबसे ज्यादा 23.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं भोपाल और इंदौर में 21 डिग्री से ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। बर्फीली हवा का असर अब नहीं

MP EDUCATION NEWS: अब मध्य प्रदेश के स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा होगी अनिवार्य

भोपाल (मध्य प्रदेश): नए शैक्षणिक सत्र से राज्य के 700 से अधिक सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत यह कदम उठाया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। नए पाठ्यक्रम आधुनिक कौशल पर केंद्रित होंगे।

वर्तमान में 2,383 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा दी जाती है। नए स्कूलों के जुड़ने से कुल संख्या 3,000 से अधिक हो जाएगी। कृषि, डेयरी विकास और निर्माण जैसे क्षेत्रों में पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। राजमिस्त्री सहायक, निर्माण चित्रकार, फैशन डिजाइनिंग (सहायक डिजाइनर और फैशन डिजाइनर), हाउसकीपिंग और कार्यालय प्रशासन एवं प्रबंधन जैसे ट्रेड उपलब्ध होंगे। लोक शिक्षण निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने को कहा है।

कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए मौजूदा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड तकनीशियन, सहायक ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेल स्टोर ऑपरेशन सहायक, निजी सुरक्षा गार्ड, खाद्य और पेय सेवा सहायक, माइक्रोफाइनेंस कार्यकारी, सहायक प्लम्बर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, चार पहिया वाहन सेवा सहायक, इलेक्ट्रॉनिक सेवा सहायक और शारीरिक शिक्षा शामिल हैं।

कक्षा 11 और 12 के लिए पाठ्यक्रमों में जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सोलर पैनल तकनीशियन, ड्रोन सेवा तकनीशियन, सीसीटीवी और फुटेज ऑपरेटर, फूलों की खेती और स्व-नियोजित दर्जी शामिल हैं।

वर्तमान में राज्य में 2,383 स्कूलों में चार लाख से अधिक विद्यार्थी व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों को पढ़ाने के लिए 4,700 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।