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सिवनी में नियम विरूद्ध संचालित वाहनों पर हुई कार्यवाही कार्यवाही

सिवनी: सिवनी कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशों के परिपालन में परिवहन विभाग द्वारा 19 फरवरी को सिवनी एवं अन्य चेक प्वाइंट में जाँच की गई। जिसमें 08 वाहनों पर कुल 17 हजार रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया।

जाँच दौरान स्कूल बस क्रमांक MP22L0395 जिस पर बिना फिटनेस के संचालन किए जाने पर 2000/- का समन शुल्क आरोपित किया गया। इसी तरह वाहन क्रमांक MH40CM3432 tks जिस पर ओवर लोडिंग पाये जाने पर 05 हजार रूपये का जुर्माना वसूल किया गया।

इसी तरह स्कूल वाहन क्रमांक MP22P0331 जिस पर नियम विरूद्ध संचालित पाये जाने के कारण 02 हजार रूपये का अर्थदण्ड आरोपित करते हुए अन्य 05 वाहनों से 08 हजार रूपये का समन शुल्क वसूल किया गया।

सिवनी: विद्यालयों को डेक्स-बैंच एवं अध्ययन सामग्रियों का किया गया वितरण

सिवनी: सिवनी कलेक्टर सह जिला मिशन संचालक संस्कृति जैन के निर्देशन में जिले में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार किये जा रहे है, जिससे बच्चों के स्तर में सुधार हो सके। विद्यालय स्तर पर जो शिक्षक अपने बच्चों के साथ में अच्छा कार्य कर रहे है उनको प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसी क्रम में बुधवार 19 फरवरी को कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन की उपस्थिति में प्राथमिक शाला करहैया, विकासखण्ड कुरई के समस्त छात्र-छात्राओं को आईडीबीआई बैंक के द्वारा अध्ययन सामग्री के साथ-साथ डैक्स व कुर्सी उपलब्ध कराई गई है। सामग्री प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खिल उठे। कलेक्टर सुश्री जैन द्वारा शिक्षकों को और बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

उपस्थित छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से विद्यालय आने व मन लगाकर पढाई करने को कहा गया। कलेक्टर सुश्री जैन द्वारा छात्र-छात्राओं से पूछा गया कि भविष्य में आप क्या बनना चाहते हो, तो अपनी पसंद के हिसाब से किसी ने कलेक्टर बनने व किसी ने पुलिस बनने के लिए मंशा जाहिर की।

इसी क्रम में आईडीबीआई बैंक द्वारा प्राथमिक शाला कोनियापार विकासखण्ड सिवनी, प्राथमिक शाला सांवरी विकासखण्ड केवलारी, प्राथमिक शाला जोगीवाड़ा विकासखण्ड छपारा, प्राथमिक शाला साल्हेटोला विकासखण्ड बरघाट के बच्चों के लिए डैक्स व कुर्सी उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर सुश्री जैन के निर्देशन में अच्छे कार्य करने वाले शिक्षक व विद्यालयों को सतत् रूप से पुरस्कृत किया जायेगा। सभी शिक्षक नियमित रूप से शाला में उपस्थित रहें व समस्त गतिविधियों का पालन करते हुये बच्चों के गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार करें।

सिवनी में 31 अधिकारियों पर कलेक्टर ने लगाया अर्थदण्ड: सीएम हेल्प लाईन प्रकरणों में बरत रहे थे लापरवाही

सिवनी: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संस्कृति जैन (Seoni Collector Sanskriti Jain) ने सी.एम. हेल्पलाईन में अधिक समय से लंबित तथा लेवल आफिसर द्वारा शिकायतों को नियमित अडेंट नहीं किया जाना एवं लेबल अधिकारी द्वारा बिना निराकरण दर्ज कर अनिराकृत शिकायतें (Not Attending) शिकायतें अगले लेबल पर पहुंचना जैसी लापरवाही पाए जाने पर कुल 31 लेवल ऑफिसर पर प्रति शिकायत राशि रु. 100/- के मान से 6700 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित करने के आदेश जारी किए हैं।

जिसमें श्री प्रदीप सनोडिया कनिष्ठ अभियंता पर 100 रूपये, श्री मोरिस नाथ उपसंचालक कृषि पर 100 रूपये, श्री रविन्द्र ताराम जिला प्रबंधक पर 100 रूपये, श्री वी के उइके एक्जिकेटिव इंजीनियर पर 100 रूपये, श्रीमति पूर्व तिवारी पीओ डुडा पर 100 रूपये, श्री अनुराग रावल मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर 700 रूपये, सुश्री रेखा देशमुख मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर 100 रूपये, श्री जयकिशन शर्मा सब इंजीनियर पर 100 रूपये, डॉ. ज्योतिबाला जैन पशु चिकित्सा अधिकारी पर 100 रूपये, श्रीमती राजश्री मेश्राम सीडीपीओ पर 100 रूपये, श्री अमृत लाल धुर्वे तहसीलदार पर 500 रूपये, श्री बिसन सिंह अनुविभागीय अधिकारी पर 400 रूपये, श्रीमती मीना दशरिये तहसीदार पर 200 रूपये, श्री आर के हनुमंते कार्यपालन यंत्री पर 100 रूपये,

इसके साथ ही डॉ. अमृत लाकरा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी पर 500 रूपये, डॉ. विनोद कुमार नावकर सिविल सर्जन पर 300 रूपये, डॉ. राजेन्द्र कुमार विकासखंड चिकित्सा अधिकारी पर 100 रूपये, श्रीमती सोनू तिवारी खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर 100 रूपये, डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पर 100 रूपये,श्री पीयुष गौतम परिक्षेत्र अधिकारी पर 300 रूपये, श्री शरद कुमार जोशी उप अंचल प्रबंधक पर 100 रूपये, श्री विकास राठौर क्लस्टर हैड पर 100 रूपये, श्री आनंद सुमन डिप्टी जोनल मैनेजर पर 600 रूपये, श्री मनौज जैन असिस्टेंड जनरल मैनेजर पर 900 रूपये

इनके अलावा श्री आशु गर्ग सर्किल हैड पर 100 रूपये, री शैलेन्द्र सिंह बोहरा फील्ड जनरल मैनेजर पर 100 रूपये, श्री एस एल सोनार्थी मुख्य प्रबंधक पर 200 रूपये, श्री विवेक बंसल व्ही पी पर 100 रूपये, श्री प्रवीण कुमार दिसोरिया अग्रणी शाखा प्रबंधक पर 100 रूपये, श्री एस एस कुमरे डी ई ओ पर 100 रूपये, श्री बी डी वरकड़े विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर 100 रूपये अर्थदण्ड किया गया है। आदेशानुसार अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि जिला रेडक्रास सोसायटी, जिला सिवनी खाते में जमा करने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं।

MP में सिंहस्थ 2028 के सफल आयोजन हेतु मुख्यमंत्री मोहन यादव की महत्वपूर्ण बैठक – Simhastha 2028

Simhastha 2028: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सिंहस्थ-2028 के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में पधारने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सरकार की प्राथमिकता होगी। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

AI तकनीक से आयोजन को मिलेगा नया आयाम

सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से सिंहस्थ के यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपातकालीन सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाएगी। AI आधारित स्मार्ट निगरानी प्रणाली से भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम अनुभव प्राप्त होगा।

आध्यात्मिक महत्व को बढ़ाने के लिए उच्चतम टेक्नोलॉजी का उपयोग

श्रद्धालुओं को सिंहस्थ के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराने के लिए सरकार वर्चुअल रियलिटी (VR), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और डिजिटल इंटरफेस जैसी उच्चतम तकनीकों का उपयोग करेगी। इसके माध्यम से श्रद्धालु प्राचीन धार्मिक ग्रंथों, ऐतिहासिक घटनाओं एवं संत महात्माओं के प्रवचनों का अनुभव कर सकेंगे।

सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल नवाचारों का अधिकतम उपयोग कर सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक और यादगार बनाया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान किया जाए।

इस पहल से सिंहस्थ-2028 का आयोजन पहले से अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित होगा, जिससे मध्य प्रदेश का धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव और अधिक बढ़ेगा। 🚩

शिक्षा में उत्कृष्टता का सम्मान: MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। 21 फरवरी 2025 को, वे उन मेधावी विद्यार्थियों को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगे, जिन्होंने 12वीं कक्षा की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और शासकीय विद्यालयों की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया है।

शिक्षा में प्रोत्साहन का महत्व

मध्य प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करने के लिए लगातार नई योजनाएँ लागू कर रही है। लैपटॉप प्रोत्साहन योजना इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी और वे डिजिटल युग के साथ खुद को जोड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री लैपटॉप योजना 2025 के प्रमुख बिंदु

इस योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 12वीं कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।

इस योजना के लिए पात्रता शर्तें

  • विद्यार्थी को मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत होना अनिवार्य है।
  • 12वीं कक्षा की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही पात्र होंगे।
  • छात्र के पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
  • प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।

योजना का उद्देश्य

इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उन्हें डिजिटल संसाधनों से जोड़कर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। इससे विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

पिछले वर्षों में इस योजना के परिणाम

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पहले भी लैपटॉप योजना चलाई गई थी, जिससे हजारों विद्यार्थियों को लाभ हुआ।

  • 2022-23 में लगभग 90,000 विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिला।
  • 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 1,20,000 विद्यार्थियों तक पहुँच गई।
  • सरकार का लक्ष्य है कि 2025 में 1.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिले।

योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें?

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को निम्नलिखित प्रक्रिया को पूरा करना होगा:

  1. ऑनलाइन आवेदन: विद्यार्थी को मध्य प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा।
  2. दस्तावेज़ अपलोड करें: छात्रों को 12वीं के अंकपत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे।
  3. प्रोत्साहन राशि का वितरण: सरकार द्वारा सत्यापन प्रक्रिया के बाद, विद्यार्थियों के बैंक खातों में ₹25,000 की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान

डॉ. मोहन यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • शिक्षा में डिजिटल बदलाव: सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और ई-लर्निंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया।
  • अटल टिंकरिंग लैब्स की स्थापना: जिससे विद्यार्थी नवीनतम तकनीकों को सीख सकें।
  • मेधावी छात्रवृत्ति योजना: उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

लैपटॉप योजना से विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ

इस योजना से विद्यार्थियों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
✅ ऑनलाइन शिक्षा में मदद – विद्यार्थी ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपनी पढ़ाई कर सकेंगे।
✅ तकनीकी ज्ञान में वृद्धि – लैपटॉप के माध्यम से वे कोडिंग, डिज़ाइनिंग और अन्य डिजिटल स्किल्स सीख सकेंगे।
✅ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी – UPSC, MPPSC, NEET, JEE जैसी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी कर सकेंगे।
✅ स्वरोज़गार के अवसर – लैपटॉप के माध्यम से विद्यार्थी फ्रीलांसिंग, ब्लॉगिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।

योजना के प्रति छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया

इस योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में बेहद उत्साह देखा जा रहा है। कई विद्यार्थी इस योजना को शिक्षा के प्रति प्रेरणा देने वाला कदम मानते हैं। माता-पिता का भी मानना है कि यह पहल उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन पढ़ाई में आगे बढ़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री लैपटॉप योजना 2025 शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें डिजिटल युग के साथ जोड़ने का काम करेगी। यह योजना न केवल मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करती है बल्कि उन्हें भविष्य के लिए बेहतर अवसर भी प्रदान करती है।

एम.पी. ट्रांस्को के कार्मिकों ने सीखीं जीवन रक्षक तकनीक

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) एवं रेड क्रॉस सोसायटी व स्थानीय जिला चिकित्सालयों के सहयोग से मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको के जिला मुख्यालयों में स्थित ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस उप संभागों, सबस्टेशनों आदि में ‘‘सी.पी.आर. एवं अन्य ऐसे ही जीवन रक्षक तकनीकों‘‘ पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किये जा रहें है। इसी क्रम में एक प्रशिक्षण कार्यशाला एमपी ट्रांसको एवं श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी के संयुक्त तत्वावधान में शिवपुरी में आयोजित की गई।

कार्यपालन अभियंता श्री अजीत वर्मा द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में कंपनी के परीक्षण संभाग शिवपुरी एवं अति उच्चदाब संधारण उपसंभाग शिवपुरी के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियो को श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविघालय शिवपुरी की डॉ. शिल्पा अग्रवाल (विभागाध्यक्ष एवं सह प्रध्यापक, निश्चेतना विभाग) एवं डॉ. नीति अग्रवाल (सहप्रध्यापक, सर्जरी विभाग) द्वारा व्यवहारिक और उपयोगी प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में एम.पी. ट्रांसको के करीब 50 मेंटनेन्स, ऑपरेटिंग एवं सुरक्षा कर्मियों ने हिस्सा लिया। सी.पी.आर. प्रशिक्षण के लिये उपयोग किये जाने वाले मानव पुतले एवं कुछ वीडियों की सहायता से सी.पी.आर. तकनीक का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक प्रतिभागी ने विषय विशेषज्ञ की निगरानी में मानव पुतले पर सीपीआर तकनीक का अभ्यास किया एवं प्राथमिक उपचार संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया। अभ्यास के दौरान विषय विशेषज्ञ द्वारा प्रतिभागियों की शारिरिक मुद्रा एवं तकनीक उपयोग की बारीकी से जांच कर उन्हें सुधारा गया।

डाक्टरों द्वारा अन्य जीवन रक्षक तकनीकों यथा पानी में डूबे हुए व्यक्ति का बचाव, किसी भी प्रकार के शॉक लगने वाले व्यक्ति का बचाव, सिक्का या किसी अन्य वस्तु का गलती से श्वास नली में फंस जाने एवं चोट लगने पर उसका प्राथमिक उपचार इत्यादि पर विस्तृत जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी इस शिविर में किया गया।

CHAAVA MOVIE: ‘छावा’ फिल्म देखकर भावुक हुआ बच्चा, विक्की कौशल ने वीडियो शेयर कर लिखा – “हमारी सबसे बड़ी कमाई”

देवास। हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘छावा’ (CHAAVA MOVIE) ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। यह फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज के वीर जीवन पर आधारित है और इसे देखने के बाद हर उम्र के लोग भावुक हो रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो मध्यप्रदेश के देवास से सामने आया है, जहां एक मासूम बच्चा फिल्म देखकर भावुक हो गया और उसकी आँखों में आंसू आ गए।

इस वीडियो को खुद फिल्म अभिनेता विक्की कौशल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया और लिखा –
“हमारी सबसे बड़ी कमाई”।

बच्चे की भावनाओं ने लोगों का दिल जीता

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चा फिल्म के दृश्यों से इतना प्रभावित हुआ कि उसकी आँखों से आँसू छलक पड़े। जब उससे पूछा गया कि वह क्यों रो रहा है, तो उसने कहा कि “संभाजी महाराज के साथ अन्याय हुआ” और यह सुनकर हर कोई भावुक हो गया।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अभिनेता विक्की कौशल ने इसे अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया और लिखा कि यही एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, जब उसकी फिल्म दर्शकों के दिलों को छू जाए।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ

यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग बच्चे की भावनाओं की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि “संभाजी महाराज का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा है” और यह फिल्म हर व्यक्ति को देखनी चाहिए।

‘छावा’ फिल्म ने मचाया धमाल

मराठी सिनेमा की यह ऐतिहासिक फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन संघर्ष पर आधारित है। फिल्म ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में धूम मचा दी है। दर्शकों का कहना है कि इस फिल्म ने इतिहास को जीवंत कर दिया है और इसे देखकर हर व्यक्ति गर्व और भावनाओं से भर जाता है।

फिलहाल, देवास के इस मासूम बच्चे का वीडियो हर किसी का ध्यान खींच रहा है और यह साबित कर रहा है कि इतिहास पर बनीं प्रेरणादायक फिल्में समाज पर कितना गहरा प्रभाव छोड़ सकती हैं।

(रिपोर्ट: खबर सत्ता)

कालीपुत्र कालीचरण महाराज का सिवनी आगमन 23 फरवरी को: शुक्रवारी में शिवाजी महाराज जन्मोत्सव पर विशाल धर्म सभा का आयोजन

सिवनी। श्री राम सेना के तत्वावधान में छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक विशाल धर्म सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन 23 फरवरी को शाम 4 बजे शुक्रवारी चौक, सिवनी में होगा, जिसमें कालीपुत्र कालीचरण जी महाराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, राष्ट्रभक्ति और शिवाजी महाराज के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना है। श्री राम सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि यह धर्म सभा ऐतिहासिक महत्व रखती है, जिसमें हजारों की संख्या में धर्मप्रेमी एवं श्रद्धालु शामिल होंगे।

शिवाजी महाराज का जीवन बना प्रेरणा स्रोत

छत्रपति शिवाजी महाराज न केवल एक महान योद्धा थे, बल्कि वे हिंदू स्वराज्य के संस्थापक भी थे। उन्होंने अपने शासनकाल में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कई संघर्ष किए और एक सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था कायम की। उनके आदर्श आज भी हर भारतीय को प्रेरित करते हैं।

विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं

आयोजन समिति ने बताया कि धर्म सभा को लेकर पूरी सिवनी में जबरदस्त उत्साह है। कार्यक्रम स्थल पर विशेष सजावट की जाएगी और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रहेंगे।

इस विशाल धर्म सभा में कालीपुत्र कालीचरण जी महाराज अपने ओजस्वी विचारों के माध्यम से धर्म, राष्ट्र और समाज के उत्थान पर प्रकाश डालेंगे। आयोजकों ने नगरवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में इस धर्म सभा में भाग लें और छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करें।

(रिपोर्ट: खबर सत्ता)

सिवनी: धर्म की नगरी धारनाकला में 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ

Seoni News: धर्म और संस्कृति की पावन भूमि धारनाकला में आज से विशाल 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हो चुका है। इस महायज्ञ में भारी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और पूरा क्षेत्र धार्मिक आस्था से सराबोर हो गया है।

धारनाकला में धार्मिक आयोजनों की परंपरा

धारनाकला को धर्म और संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ प्रति वर्ष अनेक धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। विशेष रूप से, इस क्षेत्र में महिला शक्ति की अद्वितीय भूमिका रही है। हर वर्ष, महिलाएँ संगठित होकर बड़े धार्मिक आयोजनों में भाग लेती हैं और उनके सहयोग से ही ये आयोजन अत्यंत सफल होते हैं।

गायत्री महायज्ञ का प्रथम दिवस – भव्य कलश यात्रा

यज्ञ के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वस्त्र पहनकर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जयकारों और भजनों की गूंज के साथ, पूरा नगर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। कलश यात्रा का प्रारंभ मंदिर प्रांगण से हुआ और यह नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए यज्ञ स्थल पर संपन्न हुई।

यज्ञ स्थल पर पहुँचने के पश्चात, वेदपाठी ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ की विधिवत शुरुआत करवाई। श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर यज्ञ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की और ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त किया।

गायत्री महायज्ञ का आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व

गायत्री महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना का प्रतीक भी है। इस यज्ञ के माध्यम से—

  • मानव कल्याण एवं विश्व शांति की प्रार्थना की जाती है।
  • पर्यावरण शुद्धि हेतु वैदिक मंत्रों के साथ आहुति दी जाती है, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है, क्योंकि विभिन्न वर्गों एवं समुदायों के लोग एक साथ आकर इस आयोजन में सम्मिलित होते हैं।
  • युवाओं में भारतीय संस्कृति एवं धर्म के प्रति जागरूकता उत्पन्न होती है।

महिला शक्ति की विशेष भागीदारी

धारनाकला में होने वाले धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इस महायज्ञ में भी महिलाएँ पूरे समर्पण के साथ जुड़ी हैं। इस बार, ग्राम की महिलाओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि गायत्री महायज्ञ के पश्चात श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भी आयोजन किया जाएगा।

श्रीमद्भागवत कथा में—

  • भगवान श्रीकृष्ण की अमरत्व कथा का श्रवण भक्तों को मिलेगा।
  • जीवन में धर्म, सत्य और भक्ति का महत्व समझाया जाएगा।
  • महिलाएँ संगठित होकर भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित करेंगी।

धारनाकला – धर्म और संस्कृति की पावन भूमि

धारनाकला वर्षों से धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ समय-समय पर महायज्ञ, प्रवचन, भजन संध्या, एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। ग्राम के बुजुर्गों के अनुसार, यह भूमि ऋषियों और संतों की तपोभूमि रही है, जहाँ अनेक महान संतों ने साधना की है।

यह यज्ञ न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि यह समाज को सद्भाव और एकता का संदेश भी देता है। जब सैकड़ों लोग एक साथ किसी धर्म-कर्म में संलग्न होते हैं, तो वह आयोजन अपने आप में एक महान प्रेरणा स्रोत बन जाता है।

यज्ञ में सम्मिलित होने का निमंत्रण

इस दिव्य आयोजन में सभी श्रद्धालु आमंत्रित हैं। जो भी भक्तगण पुण्य अर्जित करना चाहते हैं, वे इस महायज्ञ में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर सकते हैं। यज्ञ की विभिन्न रस्मों एवं धार्मिक अनुष्ठानों का साक्षी बनने का यह एक सुनहरा अवसर है।

धारनाकला में गायत्री महायज्ञ एक धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना का संदेशवाहक है। इस यज्ञ से समाज में धर्म के प्रति आस्था जाग्रत होती है, पर्यावरण शुद्ध होता है और एकता एवं सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को और भी भव्य बनाती है।

शिवरात्रि पर्व पर सिवनी में धूमधाम से निकलेगी देवाधिदेव महादेव की बारात

Maha Shivratri 2025: सिवनी में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर इस वर्ष भी भक्तों में अत्यधिक उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर सिद्धपीठ मठ मंदिर में होने वाले प्रतीकात्मक शिव-पार्वती विवाह एवं शिव बारात के सफल आयोजन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्यों सहित नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया और आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

महाशिवरात्रि का पावन पर्व और इसकी महत्ता

महाशिवरात्रि भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह का परम पवित्र पर्व है, जिसे सम्पूर्ण भारतवर्ष में भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और श्रद्धालु उपवास रखते हैं।

सिवनी में यह पर्व हर वर्ष भव्य रूप से मनाया जाता है, जिसमें शिव बारात, रात्रि जागरण, अभिषेक, और विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी भक्तों में असीम उत्साह है और तैयारियां जोरों पर हैं।

सिद्धपीठ मठ मंदिर में विशेष आयोजन

इस बार सिद्धपीठ मठ मंदिर में होने वाले आयोजन में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर समिति द्वारा इस वर्ष कुछ नए और अद्वितीय कार्यक्रम जोड़े गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • महादेव की भव्य बारात का आयोजन
  • विशाल भंडारा एवं प्रसाद वितरण
  • रात्रि जागरण एवं शिव भजन संध्या
  • विशेष रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय जाप
  • शिव-पार्वती विवाह समारोह

शिव बारात: अनोखा आकर्षण

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिवनी की सड़कों पर महादेव की दिव्य बारात निकलेगी। इस बारात में भगवान शिव, नंदी बैल, गण, भूत-प्रेत, साधु-संत और विभिन्न झांकियों का मनोहारी दृश्य देखने को मिलेगा। शिव बारात का शुभारंभ सिद्धपीठ मठ मंदिर से होगा और यह नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में समाप्त होगी।

शिव बारात के मुख्य आकर्षण:

  • भगवान शिव एवं माता पार्वती की सजीव झांकी
  • शिव तांडव नृत्य एवं अखाड़ों का प्रदर्शन
  • शंख-घंटा-नगाड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा
  • श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण

भक्तों के लिए विशेष सुविधाएं

इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति ने कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की हैं, जैसे कि:

  • भक्तों के लिए नि:शुल्क भंडारा
  • विशेष जलपान एवं ठंडाई की व्यवस्था
  • मंदिर परिसर में LED स्क्रीन पर लाइव दर्शन
  • महिलाओं और वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था

महाशिवरात्रि व्रत का महत्व और पूजा विधि

महाशिवरात्रि व्रत करने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से बेलपत्र, दूध, गंगाजल, धतूरा, शहद, एवं पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।

महाशिवरात्रि पूजा विधि:

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. भगवान शिव को गंगाजल एवं दूध से स्नान कराएं।
  3. बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन, फल एवं फूल अर्पित करें।
  4. ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
  5. शिवपुराण का पाठ करें और शिव कथा सुनें।
  6. रात्रि जागरण करें और भजन-कीर्तन में भाग लें।
  7. अगले दिन पारण कर व्रत पूर्ण करें।

महाशिवरात्रि से जुड़ी पौराणिक कथा

एक प्राचीन कथा के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इस दिन देवता, गंधर्व, ऋषि-मुनि और समस्त जीवधारी भगवान शिव की आराधना करते हैं।

एक अन्य कथा के अनुसार, एक बार एक शिकारी जंगल में शिकार करने गया। प्यास लगने पर उसने एक जलाशय के पास एक वृक्ष पर चढ़कर रात्रि व्यतीत करने का निश्चय किया। अनजाने में उसने उस वृक्ष के पत्ते नीचे गिरा दिए, जो एक शिवलिंग पर गिरे। इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे मोक्ष प्रदान किया।

शिवरात्रि के अवसर पर नगर में विशेष सजावट

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर सिवनी नगर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों एवं सार्वजनिक स्थलों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। नगर की गलियों में भक्तों द्वारा हर-हर महादेव के जयकारे लगाए जा रहे हैं।

महाशिवरात्रि का पर्व सिर्फ एक त्यौहार नहीं, बल्कि यह भक्ति, श्रद्धा और आत्मशुद्धि का अवसर भी है। सिवनी में आयोजित होने वाले शिव बारात और शिव-पार्वती विवाह से श्रद्धालु अध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करेंगे और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।