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सिवनी आईटीआई में रोजगार स्वरोजगार मेला एवं अप्रेंटिसशिप मेला 20 मार्च को

सिवनी: मध्‍यप्रदेश शासन निर्देशानुसार एवं कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र सिवनी तथा शासकीय आईटीआई सिवनी के संयुक्‍त तत्वाधान में जिले के शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों को निजी क्षेत्र में रोजगार एवं स्‍वरोजगार में संलग्‍न किये जाने के उद्देश्य से दिनांक 20 मार्च 2025 को शासकीय आई.टी.आई. बरघाट रोड सिवनी में प्रात: 11 बजे से अपरान्‍ह 4 बजे तक युवा संगम कार्यक्रम के तहत जिलास्तरीय रोजगार, स्‍वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन किया जा रहा है।

जिसमें देश एवं प्रदेश की विभिन्न कंपनी द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे। नियोजको द्वारा ट्रेनी, मशीन ऑपरेटर, सुरक्षा गार्ड, सुपरवाइजर, बीमा एजेंट, सेल्स एक्सिकेटिव, कॉल सेन्टर, ऑपरेटर आदि पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी।

आयु सीमा 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच के इच्छुक आवेदक जो कक्षा 8 वीं, 10 वीं, 12 वी, आईटीआई और स्नातक तक उत्तीर्ण हैं। अपने समस्त प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन, अंकसूची, दो पासपोर्ट साइज की फोटो लेकर मेले में उपस्थित होवें। इस हेतु मार्ग व्यय देय नहीं होगा।

Nagpur Hinsa: नागपुर हिंसा के समय महिला पुलिस अधिकारी के साथ अश्लील हरकतें और हमला, कर्फ्यू जारी

Nagpur Hinsa Update: नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के संबंध में गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस हिंसा के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और पुलिस पर हमले के गंभीर मामले सामने आए हैं। इस लेख में हम इस पूरी घटना का विस्तृत विश्लेषण करेंगे और बताएंगे कि पुलिस और प्रशासन ने इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

एफआईआर में हुए बड़े खुलासे

गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, झड़प के दौरान एक आरोपी ने आरसीपी दस्ते की एक महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी और शरीर को अनुचित तरीके से छूने का प्रयास किया। इसके अलावा, आरोपी ने अश्लील इशारे भी किए और अन्य महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की।

हालांकि, इस मामले में आरोपी की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने उसे गिरफ़्तार किया है या नहीं। नागपुर पुलिस इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी हुई है।

शहर में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

हिंसा की प्रतिक्रिया में, नागपुर शहर के 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। हालांकि, शहर के अधिकांश हिस्सों में स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में अब भी कड़े प्रतिबंध लागू हैं।

नागपुर में भारी पुलिस तैनाती

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल द्वारा छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की समाधि को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिससे शहर में व्यापक अशांति फैल गई। इसके जवाब में, पुलिस ने रूट मार्च, कर्फ्यू और सुरक्षा उपाय लागू किए।

खुफिया टीमें अलर्ट पर

संभावित खतरों को पहचानने और किसी भी अव्यवस्था को रोकने के लिए खुफिया टीमें सक्रिय हो गई हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफ़वाहें न फैलाने की अपील की है, ताकि हालात और न बिगड़ें।

मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान: ‘पूर्व नियोजित साजिश’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हिंसा को “पूर्व नियोजित साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म ‘छावा’ की रिलीज के बाद भावनात्मक उबाल के कारण भड़की।

फडणवीस ने विधानसभा में कहा:

“छावा फिल्म के आने के बाद औरंगजेब के इतिहास को लेकर लोगों में गुस्सा बढ़ा है, लेकिन हमें महाराष्ट्र में शांति बनाए रखनी होगी।”

उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

पुलिस पर हमले और पथराव

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हिंसा के दौरान 80 से अधिक उपद्रवियों के एक समूह ने जानबूझकर पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया और तीन डिप्टी कमिश्नरों पर भी हमला किया गया।

विशेष इलाकों को बनाया गया निशाना

हिंसा के दौरान कुछ घरों और सरकारी संपत्तियों को भी निशाना बनाया गया

“एक डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) को गंभीर चोटें आईं।” – मुख्यमंत्री फडणवीस

सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस अपराधियों की पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश

नागरिकों को प्रशासन की ओर से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है:

  • अफवाहों पर भरोसा न करें और झूठी खबरें न फैलाएं
  • संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें और घर पर रहें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
  • सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक या भड़काऊ पोस्ट शेयर करने से बचें।

सरकार की सख्त कार्रवाई का आश्वासन

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और उन पर सख्त धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा।

नागपुर में हुई हिंसा शहर के कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। नागरिकों को भी शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

Nagpur Hinsa: नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड निकला अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता फहीम खान

Nagpur Hinsa Update: सोमवार शाम नागपुर में हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में दर्ज दूसरी एफआईआर के अनुसार, अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के नेता फहीम खान को इस हिंसा का मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, खान ने लोगों को भड़काया और करीब 500 लोगों की भीड़ को इकट्ठा कर हिंसक झड़पों को अंजाम दिया

फहीम खान की भूमिका पर पुलिस का बयान

टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, एफआईआर में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि फहीम खान ने भीड़ जुटाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। फहीम खान ने 2024 लोकसभा चुनाव में नागपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। इसके बावजूद, उन्होंने अपने समर्थकों को उकसाकर हिंसा भड़काने का प्रयास किया।

भीड़ ने कुल्हाड़ी, पत्थर, लाठियाँ और अन्य खतरनाक हथियारों से लैस होकर इलाके में अराजकता फैलाई। पुलिस के अनुसार, इस पूरी घटना का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बिगाड़ना और धार्मिक तनाव को बढ़ावा देना था

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद बढ़ा तनाव

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा तब शुरू हुई जब विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के सदस्यों ने गांधी गेट के पास विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने औरंगजेब की कब्र के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक पुतला जलाया। इसके जवाब में, फहीम खान के नेतृत्व में एक भीड़ एकत्रित हुई, जिसने डर फैलाने के लिए हथियार लहराए और आक्रामक व्यवहार दिखाया

पुलिस पर हमला और दंगे में महिलाओं से दुर्व्यवहार

पुलिस के अनुसार, भीड़ ने भलदारपुरा चौक इलाके में पुलिसकर्मियों पर पत्थरों और हथियारों से हमला किया। हिंसा को और अधिक भड़काने के लिए पेट्रोल बम फेंके गए

घटनास्थल पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों को भीड़ ने परेशान किया। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि रैपिड रिस्पांस टीम (आरसीपी) के एक अधिकारी को शारीरिक रूप से परेशान किया गया। महिला पुलिसकर्मियों के साथ अश्लील इशारे और अनुचित टिप्पणियां की गईं।

भीड़ द्वारा संपत्ति को नुकसान और वाहनों को आग के हवाले किया गया

स्थिति और अधिक बिगड़ गई जब भीड़ ने वाहनों पर हमला कर दिया। उन्होंने कारों को आग लगा दी और इलाके में सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, हिंसा के कारण व्यापारियों और आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

नागपुर पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का अभियान शुरू कर दिया है। दंगा प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है

पुलिस द्वारा उठाए गए कदम:

  • भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
  • दंगाइयों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच
  • गिरफ्तारी के लिए छापेमारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई
  • इलाके में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ संवाद

सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती और प्रशासन की अपील

नागपुर प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें

प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देश:

  • सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर कार्रवाई होगी।
  • झूठी खबरें फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
  • शहर में सुरक्षा के लिहाज से निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी से की जा रही है।
  • किसी भी अवांछित तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

नागपुर में हुई हिंसा में अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता फहीम खान की भूमिका उजागर होने के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। इस घटना ने शहर की शांति को गहरा आघात पहुँचाया है।

पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता को शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है

सिवनी में शासकीय दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने हेतु सीलबंद निविदा आमंत्रित

सिवनी: कार्यालय कलेक्टर एवं परिसर स्थित अन्य शासकीय कार्यालयों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शासकीय दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने हेतु सशर्त सीलबंद निविदा 27 मार्च 2025 अपरान्ह 3.00 बजे तक कार्यालय कलेक्ट्रेट अधीक्षक कक्ष में आमंत्रित की गई है। प्राप्त निविदाएं उसी दिन सांय 4.00 बजे कार्यालय अपर कलेक्टर कक्ष में उपस्थित निविदाकारों के समक्ष खोली जाएंगी। उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी कलेक्ट्रेट कार्यालय अधीक्षक कक्ष से प्राप्त की जा सकती हैं।

सिवनी: मयूर दुबे, जितेन्द्र बघेल, मयंक दुबे गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का आरोप, चाकू, तलवार और बेसबॉल डंडा बरामद

सिवनी। शहर में बढ़ती चाकूबाजी और अपराध की घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में एएसपी गुरुदत्त शर्मा और सीएसपी पूजा पांडेय के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से चाकू, तलवार और बेसबॉल का डंडा भी बरामद किया है।

घटना का विवरण

मामला 17 मार्च 2025 का है, जब पुलिस को सूचना मिली कि गणेश चौक के पास मयूर दुबे अपने साथियों के साथ मिलकर सूरज जंघेला के साथ विवाद कर रहा है। सूचना पर तत्काल कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि सूरज जंघेला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मयूर दुबे के घर के सामने पड़ा हुआ था। पुलिस ने घायल को तत्काल जिला चिकित्सालय भिजवाया।

पुरानी रंजिश में दिया घटना को अंजाम

पुलिस द्वारा घायल सूरज जंघेला से पूछताछ की गई, जिसमें पता चला कि पुराने विवाद को लेकर मयूर दुबे ने अपने साथी जितेन्द्र बघेल, मयंक दुबे और अतुल रैकवार के साथ मिलकर उसे घर के सामने रोक लिया। इसके बाद चारों ने मिलकर तलवार, चाकू और बेसबॉल डंडे से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

आरोपियों पर केस दर्ज, अभी तक तीन गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

आरोपियों के खिलाफ दर्ज धाराएँ:

  • धारा 109(1), 126(2), 296, 115(2), 118(1), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज
  • तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, एक की गिरफ्तारी बाकी

गिरफ्तार आरोपी:

  1. मयूर दुबे पिता मुकेश दुबे (उम्र 33 वर्ष) निवासी केवटी वार्ड, गणेश चौक, सिवनी
  2. मयंक दुबे पिता मुकेश दुबे (उम्र 35 वर्ष) निवासी केवटी वार्ड, गणेश चौक, सिवनी
  3. जितेन्द्र उर्फ बड्डा बघेल पिता भूपसिंह बघेल (उम्र 35 वर्ष) निवासी महाराज बाग, भैरोगंज, सिवनी

गिरफ्तारी से बाहर आरोपी:

4. अतुल रैकवार पिता मुन्नालाल रैकवार (उम्र 31 वर्ष) निवासी मिशन स्कूल के पीछे, केवटी वार्ड, सिवनी

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।

  • मयूर दुबे के खिलाफ 6 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, मारपीट और लोक शांति भंग करने के अपराध शामिल हैं। मयूर दुबे का नाम कोतवाली सिवनी की गुंडा बदमाश सूची में दर्ज है।
  • मयंक दुबे के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा और मारपीट का 1 मामला दर्ज है।
  • जितेन्द्र उर्फ बड्डा बघेल पर 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें बलवा, मारपीट और लोक शांति भंग करने के आरोप शामिल हैं।
  • अतुल रैकवार के खिलाफ मारपीट और अन्य 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस की सख्ती जारी

पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने साफ कर दिया है कि शहर में अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कोतवाली पुलिस फरार आरोपी अतुल रैकवार की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जप्ती सामाग्री- एक चाकू, एक तलवार, बेसबॉल का डंडा, घटना में प्रयुक्त एक बुलेट गाड़ी,

विशेष भूमिकाः- निरी. सतीश तिवारी, निरी. किशोर वामनकर, निरी. सी. के. सिरामें, उ.नि.राहुल ककोड़िया, उ.नि. देवेन्द्र उइके, उ.नि. जयशंकर उइके, उ.नि. अशोक बघेल, स.उ.नि. जयदीप सेंगर, स.उ.नि. दिनेश रघुवंशी, सउनि. संतोष बेन, स.उ.नि., रामअवतार डहेरिया, प्र.आर. मुकेश विश्वकर्मा, मनोज पाल, नवीन तिवारी, चंद्रप्रकाश अड़में, विशाल भांगरे, तिलक धुर्वे, आर. नितेश राजपूत, अमित रघुवंशी, प्रतीक बघेल, शिवम बघेल, सिध्दार्थ दुबे, अरविंद मण्डराह, अजेन्द्र पाल, हेमराज बघेले, अनिल सोमकुंवर, चीता मोबाईल स्टाफ, अजय धुर्वे, अजय मिश्रा, सुधीर डेहरिया, प्रदीप चौधरी, इरफान खान एवं रक्षित केन्द्र सिवनी, थाना डुण्डा सिवनी तथा थाना लखनवाड़ा के पुलिस बल की विशेष भूमिका रही।

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में 19 और 20 मार्च को बारिश और तूफान के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया

MP WEATHER ALERT: मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में 19 और 20 मार्च को बारिश और तूफान के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में 19 और 20 मार्च को भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश के इन जिलों में ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम का बड़ा असर रहेगा।

  • 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।
  • कुछ जिलों में बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश हो सकती है।
  • ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

मौसम में बदलाव क्यों आया?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा, अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम परिवर्तन हुआ है।

  • 18 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे अगले 2 दिनों तक बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी।
  • मध्य भारत में नमी अधिक होने के कारण बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

अगले दो दिन का पूर्वानुमान

18 मार्च 2025: हल्की बारिश के संकेत

  • इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभागों में बादल छाए रहेंगे
  • पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

19 मार्च 2025: आंधी और बारिश का अलर्ट

  • भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर और शहडोल संभागों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश होगी।
  • कुछ स्थानों पर तेज बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है।
  • हवाओं की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।

20 मार्च 2025: ऑरेंज अलर्ट जारी

  • पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।
  • बिजली गिरने और आंधी का खतरा बना रहेगा।

मार्च के अंत तक फिर बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के अंत तक प्रदेश में फिर गर्मी का असर देखने को मिलेगा।

  • दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
  • कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना भी है।
  • अचानक तापमान में वृद्धि होने से हीट वेव का खतरा रहेगा।

रविवार को दर्ज किए गए मौसम के बदलाव

  • भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बादल छाए रहे
  • कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई।
  • तापमान में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, 19 और 20 मार्च को मध्य प्रदेश में बारिश, तूफान और तेज हवाओं के कारण अलर्ट जारी किया गया है। मौसम के इन बदलावों का असर आम जनजीवन और किसानों पर पड़ सकता है। सभी को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें

सिवनी में सोलुशन का नशा बर्बाद कर रहा बचपन: पंचर बनाने से 10 गुना ज्यादा नशे के लिए हो रहा इस्तेमाल

सिवनी: शहर में नशे की बढ़ती लत अब मासूम बचपन को बर्बाद कर रही है। सिवनी जिले के शुक्रवारी बाज़ार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बारापत्थर जैसे इलाकों में छोटे-छोटे बच्चों को खुलेआम सोलुशन (गोंद) का नशा करते देखा जा सकता है, जिसे सिलोचन (Silochan) के नाम से भी जाना जाता है। यह वही सोलुशन है, जिसका उपयोग पंचर जोड़ने के लिए किया जाता है, लेकिन अब इसका उपयोग नशे के लिए 10 गुना ज्यादा हो रहा है।

भीख मांगने और नशे की लत में फंसे बच्चे

बच्चों का एक समूह दिनभर सड़कों और बाजारों में घूमते हुए नशा करता है और भीख मांगकर अपना गुजारा करता है। यह चिंता का विषय है कि क्या ये बच्चे खुद नशे की लत में फंसकर भीख मांग रहे हैं, या फिर कोई गिरोह इन्हें नशे का आदि बनाकर भीख मांगने पर मजबूर कर रहा है?

प्रशासन और समाज की चुप्पी चिंता का विषय

स्थानीय लोग इस समस्या से परिचित तो हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। यदि प्रशासन इन बच्चों पर कड़ी नजर रखे और सख्ती से जांच करे, तो यह पता लगाया जा सकता है कि इस अवैध नशे के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।

समाज और प्रशासन को मिलकर करनी होगी कार्रवाई

अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो यह बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल सकता है। पुलिस, प्रशासन और समाज के लोगों को मिलकर इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस योजना बनानी होगी। साथ ही, इन बच्चों को पुनर्वास केंद्रों में भेजकर सही मार्गदर्शन देने की जरूरत है, ताकि वे नशे की गिरफ्त से बाहर निकल सकें और एक स्वस्थ जीवन जी सकें।

GANGAUR POOJA 2025: गणगौर पूजन विधि और शुभ मुहूर्त एवं कथा- Gangaur Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Katha

GANGAUR POOJA 2025: गणगौर पूजन विधि और शुभ मुहूर्त एवं कथा- GANGAUR PUJA VIDHI, SHUBH MUHURAT, KATHA :- गणगौर (GANGAUR) का त्योहार राजस्थान में तो बड़े धूम धाम से मनाया ही जाता है पर राजस्थान के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी गणगौर (GANGAUR) का त्यौहार बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। गणगौर (GANGAUR) के त्यौहार की कुछ ख़ास बाते सबसे पहले आपको बताते है इस त्यौहार में महिलाएं पति की सलामती और लंबी उम्र  के लिए गणगौर (GANGAUR) का व्रत रखती हैं।

गणगौर (GANGAUR) का त्योहार राजस्थान में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा, यह मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात में भी विशेष रूप से मनाया जाता है। यह पर्व माता पार्वती और भगवान शिव के मिलन का प्रतीक माना जाता है। गणगौर व्रत मुख्य रूप से सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना हेतु किया जाता है।

गणगौर (GANGAUR) का अर्थ है,’गण’ और ‘गौर’। गण का तात्पर्य है शिव और गौर का अर्थ है पार्वती। वास्तव में गणगौर पूजन (GANGAUR PUJAN) माँ पार्वती और भगवान शिव की पूजा का दिन है। शिव-पार्वती की पूजा का यह पावन पर्व आपसी स्नेह और साथ की कामना से जुड़ा हुआ है।

इसे शिव और गौरी की आराधना का मंगल उत्सव भी कहा जाता है। प्रत्येक वर्ष चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज (GANGAUR TEEJ) मनाई जाती है। इस दिन सुहागन महिलाएं सौभाग्यवती की कामना के लिए गणगौर माता (GANGAUR MAATA) यानि माता गौरा की पूजा करती हैं। इस बार गणगौर तीज (GANGAUR TEEJ) 31 मार्च 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। 

GANGAUR POOJAN 2025 Shubh Muhurat / गणगौर पूजा 2025 शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, गणगौर तीज 2025 में 31 मार्च, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

गणगौर 2025 की तिथि31 मार्च 2025
तृतीया तिथि प्रारंभ31 मार्च 2025, सुबह 9:11 मिनट
तृतीया तिथि समापन1 अप्रैल 2025, सुबह 5:42 मिनट
उदय तिथि के अनुसार व्रत 31 मार्च 2025

गणगौर पूजा का महत्व

पौराणिक मान्यता के अनुसार गणगौर तृतीया या तीज (GANGAUR TEEJ) का व्रत करने से माता गौरी सौभाग्यवती होने का वरदान देती हैं, इसलिए इस दिन को सौभाग्य तीज (TEEJ) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं माता गौरी की पूजा करके गणगौर के गीत गाती हैं।

विवाहित स्त्रियां इस दिन व्रत और पूजन करके अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। राजस्थान में गणगौर पर्व विवाह (GANGAUR VIVAAH) के बाद का बहुत महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। यह पर्व चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ही आरंभ हो जाता है और चैत्र माह की शुक्ल, तृतीया तक चलता है। नवविवाहित महिलाएं प्रतिपदा से तृतीया तक तीनों दिन गणगौर माता (GANGAUR MATA KI POOJA) की पूजा करती हैं।

गणगौर पूजा विधि (GANGAUR POOJA VIDHI)

  • गणगौर तृतीया के दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने के बाद लाल रंग के वस्त्रों को धारण करना चाहिए।
  • अब एक चौकी को गंगाजल से शुद्ध करके लाल रंग का आसन बिछाएं।
  • चौकी पर एक तरफ जल से भरा हुआ कलश रखें। 
  • कलश में  गंगाजल, सुपारी, हल्दी, चावल और एक रूपये का सिक्का डालें और उसके मुख पर कलावा बांधे।
  • कलश में आम के पत्ते लगाकर उसके ऊपर मौली बांधकर नारियल रख दें।
  • इसके बाद चौकी पर माता गौरा और भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। 
  • अब घी की दीपक प्रज्वलित करें।
  • हाथों में फूल और पूजा की सुपारी लें और व्रत का संकल्प करने के पश्चात उसे अर्पित कर दें।
  • इसके बाद मिट्टी या फिर बेसन से छः गौर बनाएं और इनपर हल्दी एवं कुमकुम लगाएं।
  • माता गौरी को सिंदूर, अक्षत पुष्प अर्पित करके थोड़ा सा सिंदूर अपने माथे पर लगाएं।
  • इसके बाद माता गौरा और भगवान शिव को फल मिष्ठान आदि चीजों का भोग अर्पित करें। 
  • एक कागज लेकर उसके ऊपर 16 मेहंदी, 16 कुमकुम और 16 काजल की बिंदी लगाएं और माता को अर्पित कर दें।

पूजा पूर्ण होने के बाद एक कटोरी में जल और दूध, एक सिक्का, कौड़ी और सुपारी डालकर उसे अपने हाथ में रखकर माता गौरी की कथा सुनें। कथा पूर्ण होने पर कटोरी को माता गौरी के समक्ष रख दें और उनसे अखंड सौभाग्यवती की प्रार्थना करें। पूजा के बाद अर्पित किया गया प्रसाद लोगों में बांटे।

स्नान और वस्त्र धारण

  • प्रातः काल स्नान करके लाल, पीले या हरे रंग के वस्त्र धारण करें।
  • सुहागिन स्त्रियां सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी लगाकर संपूर्ण श्रृंगार करती हैं।

पूजन स्थल की तैयारी

  • किसी पवित्र स्थान पर गंगाजल छिड़ककर एक चौकी रखें।
  • चौकी पर माता गौरी और भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • मिट्टी से गौरा-गणेश की प्रतिमा बनाकर उन्हें सजाया जाता है।
  • एक कलश में गंगाजल, सुपारी, हल्दी, चावल और सिक्का डालकर उसके मुख पर नारियल रखें।

पूजन और अर्पण विधि

  • गणगौर माता को हल्दी, कुमकुम, चावल और फूल अर्पित करें।
  • सोलह मेहंदी, सोलह कुमकुम और सोलह काजल की बिंदियां बनाकर माता को समर्पित करें।
  • घी का दीपक जलाकर शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं।
  • पूजा के बाद गणगौर की कथा सुनें और परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद बांटें।

गणगौर तीज व्रत कथा / गणगौर व्रत कथा / GANGAUR TEEJ VRAT KATHA

एक बार भगवान शिव तथा माता पार्वती, नारदजी के साथ भ्रमण को निकले। चलते-चलते वे एक गाँव में पहुँच गए। उनके आगमन का समाचार सुनकर गांव की श्रेष्ठ कुलीन स्त्रियाँ उनके स्वागत के लिए स्वादिष्ट भोजन बनाने लगी। भोजन बनाते-बनाते उन्हें काफी विलंब हो गया। तब तक साधारण कुल की स्त्रियां श्रेष्ठ कुल की स्त्रियों से पहले ही थालियों में हल्दी तथा अक्षत लेकर पूजन हेतु पहुंच गई।

पार्वतीजी ने उनके पूजा भाव को स्वीकार करके सारा सुहाग रस उन पर छिड़क दिया जिससे वे सभी स्त्रियां अखंड सुहाग का वर प्राप्त करके वापस आई। तत्पश्चात उच्च कुल की स्त्रियां भी अनेक प्रकार के पकवान लेकर माता गौरा और भगवान शिव की पूजा करने के लिए पहुंच गई। तब भगवान शिव नें माता पार्वती से कहा कि सारा सुहाग रस तो तुमने साधारण कुल की स्त्रियों को ही दे दिया। अब इन्हें क्या दोगी?

तब पार्वतीजी ने उत्तर दिया- ‘प्राणनाथ! आप इसकी चिंता मत कीजिए। उन स्त्रियों को मैंने केवल ऊपरी पदार्थों से बना रस दिया है। इसलिए उनका रस धोती से रहेगा। परंतु मैं इन उच्च कुल की स्त्रियों को अपनी उंगली चीरकर अपने रक्त का सुहाग रस दूंगी।

यह सुहाग रस जिसके भाग्य में पड़ेगा, वे मेरे ही समान सौभाग्यवती हो जाएगीं। जब सभी स्त्रियों का पूजन पूर्ण हो गया, तब पार्वती जी ने अपनी उंगली चीरकर उन पर छिड़क दी। जिस पर जैसा छींटा पड़ा, उसने वैसा ही सुहाग पा लिया। 

तत्पश्चात भगवान शिव की आज्ञा लेकर पार्वतीजी नदी तट पर स्नान करने चली गई और बालू से भगवान शिव की प्रतिमा बनाकर पूजन करने लगी। पूजन के बाद बालू के पकवान बनाकर शिवजी को भोग लगाया। प्रदक्षिणा करके नदी तट की मिट्टी से माथे पर तिलक लगाकर दो कण बालू का भोग लगाया।

इसके बाद उस पार्थिव लिंग से भगवान शिव प्रकट हुए और माता पार्वती को वरदान दिया की जो कोई भी इस दिन पूजन और व्रत करेगा उसका पति चिरंजीवी होगा। यह सब करते-करते पार्वती जी को काफी समय लग गया। जब वे वापस उस स्थान पर आई जहां शिव जी और नारद जी को छोड़कर गई थी। 

शिव जी ने पार्वती जी से देर से आने का कारण पूछा। तो माता पार्वती ने कहा की वहां पर मेर भाई भाभी आदि पीहर के लोग मिलने आए थे, उन्हीं से बाते करने में विलंब हो गया। उन्होंने मुझ दूध भात खाने को दिया। भगवान शिव को भलिभांति सब ज्ञात था। तब दूध भात खाने के लिए शिव जी भी नदी की तट की ओर चल दिए।

माता पार्वती ने मन ही मन भोलेशंकर से ही प्रार्थना की। कि है प्रभु यदि मैं आपकी अनन्य दासी हूँ तो आप इस समय मेरी लाज रखिए। उन्हें दूर नदी के तट पर माया का महल दिखाई दिया। उस महल के भीतर पहुँचकर वे देखती हैं कि वहाँ शिवजी के साले तथा सलहज आदि सपरिवार उपस्थित हैं।

उन्होंने गौरी तथा भगवान शंकर का भाव-भीना स्वागत किया। वे दो दिनों तक वहाँ रहे। जब तीसरा दिन आया तो पार्वती जी ने शिव जी से चलने के लिए कहा, पर शिवजी तैयार न हुए। वे अभी यहीं रूकना चाहते थे। तब पार्वती जी रूठकर अकेली ही चल दी। ऐसे में शिव जी को पार्वती जी के साथ चलना पड़ा। नारदजी भी साथ-साथ चल दिए। चलते-चलते वे बहुत दूर निकल आए। उस समय संंध्या होने वाली थी।

भगवान सूर्य पश्चिम की ओर जा रहे थे। तभी अचानक भगवान शंकर पार्वतीजी से बोले कि मैं तुम्हारे मायके में अपनी माला भूल आया हूं।

भगवान शिव की बात सुनकर पार्वती जी ने कहा कि ठीक है, मैं ले आती हूँ, परंतु भगवान ने उन्हें जाने की आज्ञा न दी और इस कार्य के लिए नारद जी को वहां भेज दिया। जब नारद जी वहां पहुंचते है तो देखते हैं कि चारो ओर जंगल ही जंगल है और वहां कोई महल नहीं है।

तब वे मन ही मन विचार करते हैं कि कही मैं रास्ता तो नहीं भटक गया कि तभी बिजली चमकती है और नारदजी को शिवजी की माला एक पेड़ पर टंगी हुई दिखाई देती है। तब वे माला लेकर शिव जी के पास पहुंचते हैं और सारा हाल कह सुनाते हैं।

तब शिवजी ने हंसकर कहा- ‘नारद! यह सब पार्वती की ही लीला है। इस पर माता पार्वती बोली- ‘मैं किस योग्य हूं। ये सब तो आपकी ही कृपा है। तब नारदजी ने सिर झुकाकर कहा- ‘माता! आप पतिव्रताओं में सर्वश्रेष्ठ हैं।

यह सब आपके पतिव्रत का ही प्रभाव है, और इस तरह से नारद जी ने मुक्त कंठ से माता पार्वती की प्रशंसा करते हुए कहा, मैं आशीर्वाद रूप में कहता हूं कि जो स्त्रियां इसी तरह गुप्त रूप से पति का पूजन करके मंगलकामना करेंगी, उन्हें महादेवजी की कृपा से दीर्घायु वाले पति का संसर्ग मिलेगा, इसलिए गणगौर पर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजन किया जाता है।

गणगौर तीज 2025: विशेष परंपराएं

  • कच्चा भोजन: व्रतधारी महिलाएं गणगौर व्रत के दिन केवल फल, दूध या कच्चा भोजन ग्रहण करती हैं।
  • सजावट और गीत: महिलाएं गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और हाथों में मेंहदी लगाती हैं।
  • शोभायात्रा: राजस्थान में गणगौर पर्व पर विशेष झांकियां और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं।

गणगौर तीज का समापन

गणगौर तीज का समापन व्रत खोलने और माता गौरी की प्रतिमा विसर्जन के साथ किया जाता है। इस दौरान महिलाएं जलाशय या नदी के किनारे जाकर गणगौर माता का विसर्जन करती हैं और सौभाग्य एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं।