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MP POLICE VACANCY: एमपी पुलिस में 7500 कांस्टेबल और 500 सब-इंस्पेक्टर और 500 ऑफिस स्टाफ के पदों पर भर्ती को मिली मंजूरी

MP POLICE BHARTI: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में 8,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती को मंजूरी दे दी है, जिसमें 500 सब-इंस्पेक्टर (MP SI) , 7,500 कांस्टेबल (MP CONSTABLE) और 500 ऑफिस स्टाफ शामिल होंगे। इस फैसले का उद्देश्य पुलिस बल को मजबूत करना और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस भर्ती अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी।

पुलिस बल में भर्ती का उद्देश्य और आवश्यकता

मध्य प्रदेश पुलिस बल वर्तमान में कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इस भर्ती के माध्यम से कानून व्यवस्था को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार करने की योजना बनाई गई है। सरकार ने पुलिस बल की कुल स्वीकृत संख्या को 1.15 लाख से बढ़ाकर 1.23 लाख करने का भी निर्णय लिया है।

पुलिस भर्ती का पूरा विवरण

पद का नामकुल पद
सब-इंस्पेक्टर (SI)500
कांस्टेबल7,500
ऑफिस स्टाफ500
कुल पद8,500

इस निर्णय से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सकेगा।

भर्ती प्रक्रिया और चयन मानदंड

सरकार जल्द ही भर्ती प्रक्रिया और आवेदन की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी। संभावित चयन प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हो सकते हैं:

  1. लिखित परीक्षा: पुलिस भर्ती के लिए सबसे पहले एक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी जिसमें सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग और राज्य विशेष से जुड़े प्रश्न होंगे।
  2. शारीरिक परीक्षा: लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test – PET) से गुजरना होगा।
  3. मेडिकल टेस्ट: शारीरिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का मेडिकल टेस्ट होगा जिसमें उनकी शारीरिक योग्यता की जांच की जाएगी।
  4. दस्तावेज़ सत्यापन: सभी दस्तावेज़ों की जांच के बाद अंतिम चयन किया जाएगा।

शारीरिक मापदंड (Physical Standards)

विवरणपुरुष अभ्यर्थीमहिला अभ्यर्थी
ऊंचाई168 सेमी (सामान्य)152 सेमी (सामान्य)
सीना (फैलाव सहित)81 सेमी (न्यूनतम)लागू नहीं
दौड़1600 मीटर – 6 मिनट800 मीटर – 4 मिनट

मध्य प्रदेश सरकार के इस निर्णय के फायदे

  1. युवाओं के लिए रोजगार के अवसर: 8,000 पदों पर भर्ती होने से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा।
  2. सुरक्षा व्यवस्था में सुधार: पुलिस बल मजबूत होने से अपराध दर में कमी आएगी और राज्य में शांति बनी रहेगी।
  3. आर्थिक सुधार: बड़ी संख्या में भर्ती से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
  4. कानून व्यवस्था को मजबूती: अधिक पुलिस बल के होने से अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।

साइबर सेल में भर्ती की मांग

राज्य में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, पुलिस विभाग में साइबर विशेषज्ञों की भर्ती की भी मांग की जा रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी आरके विज ने भी इस संबंध में ट्वीट कर साइबर पुलिस भर्ती बढ़ाने की अपील की। इस पर मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने जवाब दिया कि साइबर सेल में भर्ती की योजना पहले से तय है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

साइबर अपराधों में वृद्धि और उनका समाधान

मध्य प्रदेश में ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल ठगी, और साइबर हमलों की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। इस कारण, विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर पुलिस की भर्ती और ट्रेनिंग आवश्यक है ताकि जनता को डिजिटल सुरक्षा मिल सके।

पुलिस भर्ती से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां

घटनातिथि (संभावित)
आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की तिथिमार्च 2025
ऑनलाइन आवेदन की शुरुआतअप्रैल 2025
लिखित परीक्षा की तिथिजून 2025
शारीरिक परीक्षा की तिथिअगस्त 2025
अंतिम परिणाम घोषित होने की तिथिअक्टूबर 2025

कैसे करें आवेदन?

  • उम्मीदवारों को मध्य प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे।
  • शुल्क का भुगतान करने के बाद आवेदन पत्र जमा करना होगा।

महत्वपूर्ण दस्तावेज़:

✔ 10वीं / 12वीं की मार्कशीट
✔ आधार कार्ड
✔ जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
✔ निवास प्रमाण पत्र
✔ पासपोर्ट साइज फोटो

मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस भर्ती प्रक्रिया से राज्य में सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी देखने को मिलेगा।

सिवनी: बरघाट की पल्लवी मुनमुन तिवारी की मीठी आवाज ने किया मंत्रमुग्ध, जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं

SEONI NEWS: सिवनी जिले (Seoni City) में छिपी हुई प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के युवा कलाकार अपनी अद्वितीय प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। हाल ही में बरघाट (Barghat) की पल्लवी मुनमुन तिवारी (Pallavi Munmun Tiwari) ने अपनी मधुर आवाज से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी गायन प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि अगर कलाकारों को सही मंच और अवसर मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम भी विश्व पटल पर रोशन कर सकते हैं।

पल्लवी मुनमुन तिवारी: उभरता हुआ सितारा

पल्लवी मुनमुन तिवारी (Pallavi Munmun Tiwari) ने अपने संगीतमय सफर में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी गायकी में न केवल मधुरता है, बल्कि एक अनूठी पहचान भी है, जो उन्हें अन्य गायकों से अलग बनाती है। उनका सफर संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

गायकी में उनकी शुरुआती यात्रा

बरघाट के एक साधारण परिवार में जन्मी पल्लवी मुनमुन तिवारी को बचपन से ही संगीत में रुचि थी। पल्लवी के दादा जी वीरेंद्र तिवारी जी का अहम् योगदान रहा है जो कि पल्लवी के लिए गाने भी लिखा करते थे साथ ही पल्लवी के पिता जीवन तिवारी (Jeevan Tiwari) एवं माता विभा तिवारी (Vibha Tiwari) माता-पिता ने उनकी इस प्रतिभा को पहचाना और उन्हें प्रोत्साहित किया। स्थानीय स्तर पर होने वाले विभिन्न संगीत कार्यक्रमों में उन्होंने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को निखारा।

पल्लवी मुनमुन तिवारी (Pallavi Munmun Tiwari) बेहद कम उम्र से ही संगीत के क्षेत्र में अपना बेहतरीन प्रदर्शन दे रही है. उनके द्वारा बचपन में गाए गए अनेकों ऐसे गाने भी है जिन्गाहें कभी भुलाया नहीं जा सकता उनके द्वारा गाए गए गाने आज भी डीजे के धुन में और हर वर्ष दुर्गा पंडालों में सुनाई पड़ते ही पड़ते है.

संगीत की दुनिया में पहचान

धीरे-धीरे उनकी आवाज को पहचान मिलने लगी। उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया और विजेता भी बनीं। उनके गानों को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिससे उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

सिवनी जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं

सिवनी जिला हमेशा से ही प्रतिभाओं से भरपूर रहा है। यहां के युवा हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं, चाहे वह संगीत हो, कला हो, खेल हो या फिर साहित्य। जरूरत केवल एक सही मंच और प्रोत्साहन की है।

कलाकारों के लिए मंच की आवश्यकता

अक्सर देखा जाता है कि छोटे शहरों और कस्बों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं होती, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और मंच नहीं मिलने के कारण वे अपनी कला को आगे नहीं बढ़ा पाते। यदि कलाकारों को सही समय पर उचित मंच मिल जाए, तो वे निश्चित रूप से सफलता की ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

संगीत के क्षेत्र में सिवनी का योगदान

सिवनी जिले में कई उभरते हुए गायक, वादक और संगीतकार हैं, जो अपनी कला के माध्यम से जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कई संगीत महोत्सव और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जहां कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।

सिवनी के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कलाकारों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए युवा कलाकार अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।

सरकार और प्रशासन से अपेक्षाएं

अगर प्रशासन और सरकार स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए उचित कदम उठाए, तो निश्चित रूप से जिले की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकती हैं।

सिवनी जिले के प्रतिभाशाली कलाकारों को अगर सही मंच और अवसर मिले, तो वे विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। पल्लवी मुनमुन तिवारी जैसी कलाकार इस बात का प्रमाण हैं कि मेहनत, लगन और समर्पण से कोई भी ऊंचाइयों को छू सकता है। हमें जरूरत है कि हम अपने स्थानीय कलाकारों को पहचानें, उन्हें समर्थन दें और उनके हुनर को आगे बढ़ाने में मदद करें।

UP RIME NEWS: जौनपुर में BF ने GF की लोहे की रॉड से हत्या कर शव को सूटकेस भरकर फेंका, मुंडन कराया

UP CRIME NEWS: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के जौनपुर (Jaunpur) जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक युवक ने अपनी प्रेमिका की लोहे की रॉड से निर्मम हत्या कर शव को सूटकेस में भरकर कचरे के ढेर के पास फेंक दिया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

झाड़ियों में मिला लाल सूटकेस, पुलिस को हुआ शक

यह दिल दहला देने वाली घटना शुक्रवार को जौनपुर शहर के जेसीज चौराहे और वाजिदपुर चौराहे के बीच स्थित कमला अस्पताल के सामने घटी। यहां झाड़ियों के बीच लाल रंग के सूटकेस में एक महिला का शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की पहचान

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने सिटी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार मिश्रा को इस मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे हत्या से जुड़ी अहम जानकारियां मिलीं।

मृतका की पहचान वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के मुरादेव गांव निवासी अनन्या साहनी (25 वर्ष) के रूप में हुई। वह जौनपुर के स्टाइल बाजार शॉपिंग मॉल में कार्यरत थी और मछलीशहर पड़ाव के पास मालीपुर में एक किराए के मकान में रहती थी।

सीसीटीवी फुटेज से कातिल तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक युवक सूटकेस लेकर आता हुआ दिखा। फुटेज की जांच और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को भंडारी रेलवे स्टेशन (जौनपुर जंक्शन) से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी विशाल साहनी ने पुलिस के सामने हत्या की पूरी कहानी कबूली।

हत्या की वजह: प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक विवाद

पुलिस जांच में पता चला कि अनन्या और विशाल साहनी के बीच 2019 से प्रेम संबंध था। जब अनन्या के परिवार को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उन्होंने उसकी शादी वाराणसी के एक अन्य युवक से तय कर दी। शादी के बाद भी अनन्या और विशाल के बीच मुलाकातें जारी रहीं। तीन साल पहले जब अनन्या के पति को उनके अफेयर की भनक लगी, तो उसने अनन्या को छोड़ दिया।

अनन्या अपने पति से अलग हो चुकी थी और विशाल से शादी करना चाहती थी, लेकिन विशाल के परिवार ने इसका विरोध किया। इससे परेशान होकर अनन्या जौनपुर आकर रहने लगी, जहां वह नौकरी कर रही थी। विशाल भी उससे मिलने जौनपुर आता था।

हत्या कैसे हुई? पूरी वारदात की कहानी

24 फरवरी को विशाल वाराणसी से जौनपुर आया और अनन्या के साथ उसकी किराए के कमरे में रात बिताई। सुबह किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। गुस्से में आकर विशाल ने लोहे की रॉड से अनन्या के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद विशाल घबरा गया और सबूत मिटाने की साजिश रचने लगा। उसने अनन्या के शव को एक बड़े लाल सूटकेस में डाला, फिर एक ई-रिक्शा किराए पर लिया और शव को ठिकाने लगाने के लिए कमला अस्पताल के पास फेंक दिया।

हत्या के बाद विशाल ने क्या किया?

हत्या के बाद विशाल वाराणसी वापस लौट गया और गंगा स्नान किया। उसने भगवान से अपने किए की माफी मांगने के लिए सिर भी मुंडवा लिया। पुलिस को यह जानकारी उसकी मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज से मिली।

पुलिस टीम को मिला सफलता का इनाम

पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने ब्लाइंड मर्डर केस को महज 24 घंटे में सुलझाने पर पुलिस टीम की सराहना की। इस महत्वपूर्ण जांच दल में शामिल थे:

  • प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार मिश्रा
  • निरीक्षक महमूद आलम अंसारी
  • सराय पोख्ता पुलिस चौकी प्रभारी सुनील यादव
  • हेड कांस्टेबल सत्य प्रकाश सिंह
  • कमलेश प्रसाद सैनी
  • अमित सिंह
  • पंकज पुरी
  • कांस्टेबल विनय सिंह

कानून के शिकंजे में कातिल

यह हत्या का मामला प्रेम संबंधों में विश्वासघात और गुस्से का घातक नतीजा था। पुलिस की तेज कार्रवाई और तकनीकी जांच से एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश हुआ। आरोपी विशाल अब कानून की गिरफ्त में है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिवनी में हुआ मंथन: अब EVM के बाद अब पेपर लेस बूथ के माध्यम से चुनाव पर विचार

सिवनी: पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में ईवीएम के बाद अब पेपरलेस बूथ की कल्पना को मूर्त दिया जा रहा है। पंचायत उप निर्वाचन में चुनाव पेपर लेस बूथ के माध्यम से सफलतापूर्वक कराये जा चुके हैं। मध्य प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने यह बात राज निर्वाचन आयोग की 31वीं नेशनल कांफ्रेंस में कही। कॉन्फ्रेंस पेंच जिला सिवनी में आयोजित की गई है ।

श्री श्रीवास्‍तव ने कहा कि राज्‍य निर्वाचन आयोगो द्वारा कराये जाने वाले पंचायत एंव नगरीय निकाय निर्वाचन लोकतंत्र की प्रयोगशाला और परिक्षण स्‍थली हैं। पूरी दुनिया और साथ ही भारत का यह अनुभव है कि जब भी निर्वाचन संबधी कोई महत्‍वपूर्ण प्रयोग होते हैं तो सबसे पहले स्‍थानीय निर्वाचनों में होते हैं। जब महिलाओं को प्रतिनिधि सस्‍थाओं में आरक्षण का विचार आया तो सबसे पहले पंचायतों और स्‍थानीय निकायों में इसे लागू किया गया । मध्‍यप्रदेश में तो निकायों में पहले 33 प्रतिशत और बाद में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया गया है। इसकी जितनी स्‍वीकार्यता पिछडे कहे जाने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में हुई उतनी वरिष्‍ठ स्‍तरों पर अभी भी नही हो पाई।

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन लोकतंत्र की नींव हैं। यह चुनाव पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से कराना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस चुनाव के माध्यम से नागरिक सीधे शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनते हैं। उन्होंने ऑनलाइन वोटिंग पर चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रयोग पहली बार एस्टोनिया में किया जा चुका है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे परिवर्तनों के मद्देनजर यह जरूरी है कि हम चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रक्रिया में बदलाव करते रहें।

इवीएम शेयरिंग – EVM SHARING

श्री श्रीवास्तव ने कहा कि चुनावी खर्च कम करने के उद्देश्य से राज्यों के बीच इवीएम शेयरिंग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांफ्रेंस में राज्य निर्वाचन आयुक्त उनके राज्य में किए गए नवाचारों को साझा करेंगे। इससे अन्य राज्यों में भी उसे लागू किया जा सकेगा। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता असम के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री आलोक कुमार ने की। इस दौरान विभिन्न राज्य निर्वाचन आयोग के नवाचारों को समाहित कर लिखी गई पुस्तक एक्स-चेंज @ एक्स-पीरियंस इनीशिएटिव -2025 का विमोचन किया गया।

इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम

मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव श्री अभिषेक सिंह ने स्थानीय निकायों की निर्वाचन प्रक्रिया में पेपरलेश बूथ प्रणाली तथा इंटरग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम को अपनाने की कार्ययोजना पर प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पेपरलेश बूथ प्रणाली में डिजिटल टूल्स अपनाने से स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया सरल होगी। सभी डाक्यूमेंटेशन डिजिटल होंगे तथा मानवीय भूल की संभावना भी कम होगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल टूल्स का उपयोग होने से चुनाव में लगने वाले कर्मियों की संख्या में कमी आएगी तथा चुनाव खर्च भी कम होंगे।

आन्ध्रप्रदेश निर्वाचन आयोग की आयुक्त श्रीमती नीलम साहनी द्वारा स्वचलित लोकल बॉडी इलेक्शन प्रक्रिया पर प्रेजेंटेशन दिया गया। उन्होंने इलेक्ट्रोरल रोल मैनेजमेंट, पोल मैनेजमेंट के ऑटोमेशन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए अन्य आयुक्तों के साथ समस्या एवं सुधार की सम्भावनाओं पर चर्चा की। विभिन्न राज निर्वाचन आयोग के आयुक्तों ने निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

लखनादौन एसडीएम श्री रवि सिहाग तथा सहायक कलेक्टर श्री पंकज वर्मा द्वारा “ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेस” और सुविधाजनक निर्वाचन प्रक्रिया के लिए नवीन तकनीकों को अपनाने के संबंध में प्रजेंटेशन दिया। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग त्रिपुरा द्वारा राज्य में स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कलेक्टर सिवनी सुश्री संस्कृति जैन ने प्रथम सत्र के समापन पर आभार व्यक्त किया।

कॉन्फ्रेंस में तीन और चार मार्च को भी विभिन्न विषयों पर विषय विशेषज्ञ प्रेजेंटेशन देंगे।

MP WEATHER UPDATE: एमपी में 15 मार्च से गर्म हवाओं का दौर, 4 महीने तक तडपाएगी तेज गर्मी

मध्य प्रदेश में मार्च के महीने से गर्मी का असर तेज़ी से बढ़ने लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान तेज़ गर्म हवाएं (लू), हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, सागर, और रीवा संभागों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

मार्च का मौसम: गर्मी की दस्तक और बदलते मौसम के संकेत

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह में बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी, और महीने के अंत तक गर्म हवाएं (लू) चलने लगेंगी।

  • पहला सप्ताह: बादलों की हल्की आवाजाही बनी रहेगी।
  • दूसरा और तीसरा सप्ताह: दिन में तापमान 35-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
  • चौथा सप्ताह: कई जिलों में तेज़ गर्म हवाएं (लू) चल सकती हैं। विशेष रूप से इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभागों में 3-4 दिन तक लू चलने की संभावना है।

20 मार्च के बाद हल्की बारिश के संकेत

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 20 मार्च के बाद कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। यह बारिश स्थानीय दबाव परिवर्तन और पश्चिमी विक्षोभ के कारण होगी।

शनिवार-रविवार की रात को मुरैना जिले के 24 से अधिक गांवों में तेज़ हवाओं और ओलों की बारिश देखी गई। तेज़ हवा के साथ चना के आकार के ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा।

अप्रैल-मई: लू का कहर और भीषण गर्मी की चेतावनी

मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई के महीने सबसे गर्म रहेंगे। इन महीनों में प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का प्रकोप चरम पर रहेगा और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

  • अप्रैल: 15-20 दिन तक गर्म हवाएं (लू) चलने की संभावना।
  • मई: 30-35 दिन तक लू का असर रह सकता है।

विशेष रूप से ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में भीषण गर्मी पड़ेगी।

गर्म हवाओं (लू) से बचाव के उपाय

गर्मी और लू से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद ज़रूरी हैं:

  • धूप में निकलने से पहले सिर ढकें और छाता या टोपी पहनें।
  • पानी अधिक मात्रा में पिएं और डिहाइड्रेशन से बचें।
  • हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और शरीर को पूरी तरह ढकें।
  • बिल्कुल खाली पेट बाहर न जाएं, हल्का भोजन करें।
  • घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें।

इस बार कम बारिश, ज़्यादा गर्मी का अनुमान

भोपाल मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, मार्च से मई के बीच बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि तापमान सामान्य से अधिक रहेगा और गर्मी का असर अधिक महसूस होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च से ही प्रदेश में लू चलने लगेगी और अप्रैल-मई में इसका प्रभाव और अधिक बढ़ेगा। मध्य प्रदेश में गर्मी का मौसम तेजी से बढ़ेगा और मार्च से मई तक तापमान उच्च स्तर पर बना रहेगा। गर्म हवाएं (लू) चलने की संभावना अधिक है और बारिश सामान्य से कम होगी। इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

कान खोलकर सुन ले टीआई, कितने दिन रहेगी वर्दी: कमलनाथ ने खुले मंच से दे दी छिंदवाडा थाना प्रभारी को चेतावनी

छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने शनिवार को छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विधानसभा के हर्रई में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय थाना प्रभारी (TI) को मंच से ही कड़ी फटकार लगा दी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

कमलनाथ ने मंच से पुलिस प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने थाना प्रभारी को संविधान की मर्यादा याद दिलाते हुए वर्दी की इज्जत करने की नसीहत दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और यह मुद्दा अब प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन चुका है।

कमलनाथ का थाना प्रभारी पर कड़ा प्रहार

छिंदवाड़ा जिले के हर्रई कस्बे में आयोजित जनसभा के दौरान कमलनाथ ने कहा,
“जब मैं यहां आया तो लोगों ने बताया कि पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान कर रही है। पुलिस को अपनी वर्दी की इज्जत करनी चाहिए। टीआई कहां है? सुना है कि वह बेवजह परेशान करता है। मैं उसे चुनौती देता हूं कि अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो मैं उसे बता दूंगा कि हमारा भी समय आएगा। वह अपनी वर्दी संभालकर रखे।”

कमलनाथ के इस बयान के बाद सभा स्थल पर मौजूद हजारों लोगों ने तालियों से उनका समर्थन किया।

कमलनाथ का पुलिस प्रशासन पर आरोप

कमलनाथ ने अपने भाषण में मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के दबाव में पुलिस प्रशासन काम कर रहा है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्यायपूर्ण रवैया अपना रहा है।

उन्होंने कहा,
“अधिकारी और कर्मचारी जनता के कामों के लिए नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार का ऐसा आलम है कि कर्मचारी और अधिकारी अब बीजेपी का बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं।”

कमलनाथ ने यह भी कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन संविधान के दायरे में निष्पक्ष रूप से कार्य करना अधिकारियों और कर्मचारियों का कर्तव्य है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर वे इसी तरह से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करते रहे, तो वे भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

कमलनाथ ने दी कड़ी चेतावनी – “समय सबका आता है”

कमलनाथ ने पुलिस अधिकारियों को सीधे चेतावनी देते हुए कहा,
“अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता को बेवजह परेशान किया गया, तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे।”

उन्होंने अपने पुराने अंदाज में कहा,
“कमलनाथ की चक्की धीमी चलती है, लेकिन बारीक पीसती है। समय सबका आता है, हमारा भी आएगा।”

इस बयान के बाद हर्रई की सभा में मौजूद जनता ने ज़ोरदार समर्थन व्यक्त किया।

बीजेपी का पलटवार – “कमलनाथ की राजनीति का नया तरीका”

कमलनाथ के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे ड्रामा करार दिया। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि कमलनाथ चुनावी माहौल में जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

बीजेपी नेता ने कहा,
“कमलनाथ ने अपने कार्यकाल में क्या किया, यह जनता जानती है। अब वे पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाकर राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।”

छिंदवाड़ा में राजनीतिक माहौल गर्माया

कमलनाथ के इस बयान के बाद छिंदवाड़ा का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के कार्यकर्ता जहां इसे जनता के हित में उठाई गई आवाज बता रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या कमलनाथ की यह धमकी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ नहीं है?

क्या कहता है कानून?

संविधान के अनुसार, किसी भी पुलिस अधिकारी को राजनेता द्वारा सार्वजनिक मंच से धमकी देना अनुचित माना जा सकता है। पुलिस प्रशासन को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि वह बिना किसी राजनीतिक दबाव के जनता की सेवा कर सके।

क्या होगा इस मामले का अगला कदम?

कमलनाथ के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुलिस प्रशासन इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया देता है या मामला यहीं समाप्त हो जाता है। कमलनाथ के इस बयान ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां कांग्रेस इसे जनता के हित में उठाया गया मुद्दा बता रही है, वहीं बीजेपी इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रही है। अब यह देखना होगा कि क्या इस बयान का आने वाले चुनावों पर कोई असर पड़ेगा, या फिर यह सिर्फ एक राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएगा।

सिवनी कलेक्टर, एसपी, तहसीलदार को जबलपुर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस: झाबुआ पावर प्लांट से निकली फ्लाई ऐश डाली जा रही थी खेतों में

सिवनी: जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने झाबुआ पावर लिमिटेड (Jhabua Power Limited) द्वारा निकलने वाली फ्लाई ऐश (FLY ASH) को किसानों के खेतों में डाले जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बीते दिनों झाबुआ पावर लिमिटेड (Jhabua Power Limited), मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MP Pradushan Niyantran Board), सिवनी कलेक्टर (Seoni Collector), पुलिस अधीक्षक (Seoni SP) और नायब तहसीलदार (Nayab Tehsildar) को नोटिस (Notice) जारी कर जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने सिवनी कलेक्टर को तीन दिनों के भीतर शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं।

फ्लाई ऐश से खेतों को हो रहा गंभीर नुकसान

झाबुआ पावर लिमिटेड के प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राखड़) को किसानों के खेतों में अवैध रूप से डाले जाने से खेतों की उर्वरक क्षमता समाप्त हो रही है। यह याचिका सिवनी निवासी रामगोपाल अर्जुले द्वारा दायर की गई थी, जिसमें बताया गया कि उनके रजगढ़ी गांव स्थित खेतों में जबरदस्ती फ्लाई ऐश डाली जा रही है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि सैकड़ों ट्रकों के माध्यम से राख को खेतों में डालने से मिट्टी की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। फ्लाई ऐश में मौजूद रासायनिक तत्व भूमि की उर्वरकता को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे फसल उत्पादन में गिरावट आ रही है।

पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें, लेकिन प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब इस मुद्दे को उठाया गया हो। याचिकाकर्ता ने पहले भी तहसीलदार, कलेक्टर और एसपी से शिकायत की थी, लेकिन इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

2023 में भी याचिकाकर्ता के खेतों में जबरदस्ती फ्लाई ऐश डाली गई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने पर याचिकाकर्ता को दी गई धमकी

याचिकाकर्ता ने जब इस मुद्दे को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के रूप में दर्ज कराया, तो उन्हें अधिकारियों द्वारा धमकाया गया कि अगर उन्होंने अपनी शिकायत वापस नहीं ली, तो उन्हें कोटवार के पद से हटा दिया जाएगा।

इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील विशाल बघेल ने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए कि सरकारी अधिकारियों की लापरवाही से किसान लगातार नुकसान उठा रहे हैं।

हाईकोर्ट ने क्यों लिया मामले में संज्ञान?

  • फ्लाई ऐश के खेतों में डाले जाने से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
  • किसानों की आजीविका पर संकट उत्पन्न हो रहा है।
  • प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल उठे हैं।
  • अधिकारियों पर शिकायतकर्ता को धमकाने के आरोप हैं।
  • पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, जिससे प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है।

झाबुआ पावर लिमिटेड की जिम्मेदारी तय करने की मांग

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में झाबुआ पावर लिमिटेड को जिम्मेदार ठहराने की मांग की है और कहा है कि उनकी लापरवाही के कारण किसानों की जमीन बंजर होती जा रही है।

इसके अलावा, उन्होंने मांग की है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

क्या है फ्लाई ऐश और इसके प्रभाव?

फ्लाई ऐश एक प्रकार की राख होती है, जो कोयला जलाने से निकलती है। यह राख अगर खुले में डाली जाए, तो यह न केवल मिट्टी को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि जल स्रोतों और पर्यावरण को भी प्रदूषित करती है।

फ्लाई ऐश में भारी धातुएं और हानिकारक तत्व होते हैं, जो मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। यदि इसका उचित प्रबंधन न किया जाए, तो यह पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म दे सकती है।

सिवनी जिला प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। यदि अधिकारियों ने समय पर उचित कार्रवाई की होती, तो शायद इस स्थिति तक बात नहीं पहुंचती। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं। इस प्रकार के मामलों में यदि लापरवाही बरती जाती है, तो इससे केवल पर्यावरण को ही नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचता है।

क्या हो सकता है अगला कदम?

  • हाईकोर्ट द्वारा जवाब मिलने के बाद अगली सुनवाई में प्रशासन की भूमिका तय की जाएगी।
  • यदि प्रशासन दोषी पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
  • झाबुआ पावर लिमिटेड को फ्लाई ऐश के निस्तारण के लिए बेहतर विकल्प अपनाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
  • किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए आदेश जारी किए जा सकते हैं।

झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा फ्लाई ऐश को अवैध रूप से खेतों में डालने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सिवनी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम उठाता है, या फिर किसानों को न्याय पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

सिवनी को मिलेगी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान: 31वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस में पहुंचे राज्य निर्वाचन आयुक्तों का हुआ आत्मीय स्वागत

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में स्थित पेंच राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने पहुंचे विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों एवं अधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

पेंच टाइगर रिजर्व को मिलेगा बढ़ावा

इस विशेष सम्मेलन के दौरान पेंच टाइगर रिजर्व के प्रचार-प्रसार और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अतिथियों को एक विशेष किट भी भेंट की गई। इस किट में पेंच के जैव विविधता, पर्यटन स्थलों और वन्यजीवों की विशेषताओं से संबंधित जानकारी शामिल थी।

निर्वाचन प्रक्रिया पर होगा मंथन

इस वार्षिक कॉन्फ्रेंस में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, नवीनतम तकनीकों का उपयोग, डिजिटल मतदान प्रणाली और आगामी चुनावों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विभिन्न राज्यों से आए निर्वाचन अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे और निष्पक्ष एवं प्रभावी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।

सिवनी को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

इस सम्मेलन के माध्यम से सिवनी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। पेंच टाइगर रिजर्व में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक से जिले में पर्यटन और विकास को भी गति मिलने की संभावना है।

सम्मेलन आगामी दिनों में भी जारी रहेगा और इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

HINDU NAV VARSH 2025: सिवनी में युवा हिंदू उत्सव समिति की प्रथम बैठक संपन्न, भव्य रूप से मनाया जाएगा हिन्दू नव वर्ष

SEONI: युवा हिंदू उत्सव समिति, सिवनी की प्रथम बैठक आज श्रीराम मंदिर में संपन्न हुई। इस बैठक में युवावर्ग, मातृशक्ति एवं अन्य हिंदू भाई-बहन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 30 मार्च को आयोजित होने वाली दोपहिया वाहन रैली की तैयारियों पर चर्चा करना था।

बैठक में प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई

इस बैठक में समिति के प्रमुख सदस्यों और आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों ने आगामी रैली को सफल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के दौरान निम्नलिखित मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई:

रैली का समय और मार्ग: रैली 2016 की भांति दोपहर 2 बजे निकाली जाएगी। रैली का मार्ग शहर के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों से होते हुए निकलेगा। आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यातायात पुलिस एवं प्रशासन से विशेष अनुमति लेने का निर्णय लिया गया।

डीजे और ध्वनि संयोजन: रैली में भाग लेने वाले स्वयंसेवक अपने डीजे ला सकते हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारी समिति की होगी। रैली समाप्त होने के बाद डीजे तुरंत बंद कर दिए जाएंगे और नियत स्थान पर ही रखे जाएंगे। श्रीराम भक्ति गीत, भगवा ध्वज और जय श्रीराम के नारे रैली की शोभा बढ़ाने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किए जाएंगे।

अगली बैठक 16 मार्च को पुनः श्रीराम मंदिर में होगी

इस बैठक के समापन पर निर्णय लिया गया कि अगली बैठक 16 मार्च को पुनः श्रीराम मंदिर में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, रैली से पहले विभिन्न वार्डों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी बैठकें आयोजित करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि अधिक से अधिक हिंदू समाज इस आयोजन में भाग ले सके।

युवा शक्ति और हिंदू संस्कृति को समर्पित आयोजन

यह आयोजन केवल एक रैली नहीं बल्कि हिंदू संस्कृति, एकता और युवाशक्ति का प्रतीक होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि नई पीढ़ी अपने संस्कृति, धर्म और परंपराओं के प्रति जागरूक हो सके।

इस बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने हिंदू संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने के संकल्प के साथ आयोजन को भव्य बनाने का प्रण लिया। युवा हिंदू उत्सव समिति सिवनी द्वारा आयोजित यह रैली हिंदू एकता, परंपरा और समाज की जागरूकता का परिचायक होगी। आगामी बैठकों के बाद विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

बाल संरक्षण (पॉक्सो और जेजे एक्ट) पर छात्रावास अधीक्षकों की क्षमतावृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन लखनादौन सिवनी में

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन विकासखंड में 28 फरवरी 2025 को जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन एवं मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बाल संरक्षण (पॉक्सो और जेजे एक्ट) पर छात्रावास अधीक्षकों के लिए एक दिवसीय क्षमतावृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में धनौरा, लखनादौन और घंसौर के कुल 55 छात्रावास अधीक्षकों ने भाग लिया।

दिनांक 28.02.2025 को सिवनी जिले के लखनादौन विकासखंड में जनजातीय कार्यविभाग मध्य प्रदेश शासन एवं मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत (धनौरा लखनादौन घंसौर) के छात्रावास अधीक्षको का बाल सरंक्षण (पाक्सो और जेजे एक्ट) पर एक दिवसीय क्षमतावृध्दि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वन विद्यालय लखनादौन में किया गया जिसमें 55 छात्रावास अधीक्षको की सहभागिता रही।

प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य छात्रावास अधीक्षको को बाल सरंक्षण कानून व बाल अधिकारो पर बेहतर समझ विकसित करना जिससे वह अपने अपने दायित्व को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम होगे।

लखनादौन एसडीओपी श्री अपूर्व भलावी जी ने अधीक्षको को पाक्सो और जेजे एक्ट का महत्व साथ ही पुलिस एवं कानून बाल सरंक्षण की प्रक्रिया में किस तरह मदद करते है इसके बारे में भी बताया। उन्होने कहा कि छात्रावास अधीक्षको को बाल अधिकारो एवं बाल बाल सरंक्षण के नियमो की जानकारी होना अति आवश्यक है।

महिला एवं बाल विकास विभाग प्रमुख अधिकारी श्रीमती राजश्री मेश्राम जी के द्वारा बताया गया कि सुरक्षा, शिक्षा और सुपोषण हर बच्चे का अधिकार हैं। बच्चों के अधिकारो को सुरक्षित करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के अधिकारो को संरक्षण करने के लिए सभी का संवेदनशील होना बहुत जरुरी है।

प्रशिक्षण में NRLM से ब्लॉक मैनेजर श्री द्विवेदी जी, लखनादौन विकासखंड विकास अधिकारी श्री नीरज दूबे सर व बीआरसी श्री राम पटले सर, बीएससी श्री कैलाश साहू जी, सक्षम नोडल अधिकारी श्री सुनील साहू जी के द्वारा प्रतिभागियो को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम प्रबन्धक श्री रवि प्रताप सिंह तोमर एवं ब्लॉक मैनेजर के रूप में अंकित जी, रंजीत जी, नेहा जी एवं नेत्रपाल जी के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। आज का प्रशिक्षण सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं प्रेरणादायक रहा, जिसमें छात्रावास अधीक्षकों को बाल सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ और कौशल प्राप्त हुए, जो उनके कार्यक्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होंगे।