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SEONI के BARGHAT में खाट पर सो रहे थे दो भाई, एक की निर्मम हत्या दूसरा घायल, पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या

सिवनी, बरघाट: सिवनी जिले के बरघाट थाना क्षेत्र के ग्राम नंदोरा पंचायत में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक ईश्वरी बाहेश्वर पिता ढोडूलाल (उम्र लगभग 55 वर्ष) की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना में मृतक के सगे भाई बन्नेलाल बाहेश्वर भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए सिवनी जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

घटना की पुष्टि करते हुए बरघाट थाना पुलिस ने बताया कि यह वारदात रात 10 से 11 बजे के बीच की है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को इस निर्मम हत्या का कारण बताया जा रहा है।

घटना स्थल पर ग्रामीणों के बयान और पुलिस की कार्रवाई

ग्राम नंदोरा के स्थानीय ग्रामीणों ने घटना के पीछे पूर्व से चली आ रही पारिवारिक रंजिश का हवाला दिया। घटना के बाद बरघाट थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हर पहलू से जांच शुरू की।

पुलिस ने घायल बन्नेलाल बाहेश्वर के प्राथमिक बयान के आधार पर राजकुमार ठाकरे, पवन ठाकरे तथा इनके चचेरे भाई संतोष ठाकरे को संदेह के आधार पर रात में ही हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और सभी एंगल्स से जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से आरोप तय किए जाएंगे।

मृतक और घायल भाई कर रहे थे पुलिया निर्माण में चौकीदारी

जानकारी के अनुसार, मृतक ईश्वरी बाहेश्वर और घायल बन्नेलाल बाहेश्वर पिछले 15 से 20 दिनों से नंदोरा ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन पुलिया में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। दिन में दोनों भाई मजदूर के रूप में भी काम करते थे और रात में पुलिया के पास ही विश्राम करते थे।

घटना के दिन रात करीब 11 बजे दोनों भाई खाट पर सो रहे थे। तभी उन पर कुल्हाड़ी से अचानक हमला किया गया। इस हमले में ईश्वरी की मौके पर ही मृत्यु हो गई और बन्नेलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। बन्नेलाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए

घटना स्थल की स्थिति और पुलिस जांच

घटना स्थल पर पुलिस को संघर्ष के चिन्ह, खून के धब्बे और खाट के पास फेंकी गई कुल्हाड़ी मिली। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। बरघाट पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि यह घटना पूर्व से चली आ रही रंजिश का नतीजा है।

घायल बन्नेलाल ने अपने बयान में जिन तीन लोगों के नाम बताए हैं, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की सच्चाई बन्नेलाल के विस्तृत बयान और साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगी।

पुरानी रंजिश की वजह से हत्या की आशंका

ग्रामीणों के अनुसार, मृतक ईश्वरी बाहेश्वर और आरोपियों के बीच पिछले कई वर्षों से आपसी विवाद और तनाव की स्थिति थी। भूमि विवाद, पारिवारिक झगड़े और पुरानी दुश्मनी को इस हत्या का संभावित कारण माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी इन परिवारों के बीच कई बार झगड़े और हाथापाई की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद ग्राम नंदोरा और आसपास के इलाकों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से शीघ्र न्याय की मांग की है।

बरघाट थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

जिला अस्पताल में भर्ती घायल बन्नेलाल की हालत स्थिर

सिवनी जिला अस्पताल में उपचाररत बन्नेलाल बाहेश्वर की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। बन्नेलाल ने होश में आने के बाद पुलिस को अपने बयान में हमलावरों के नाम बताए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

पुलिस अधीक्षक ने दिए सख्त निर्देश

घटना की सूचना मिलते ही सिवनी पुलिस अधीक्षक ने बरघाट थाना प्रभारी और जांच दल को शीघ्र जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और जल्द ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

जल्द सुलझेगा हत्या का रहस्य

ग्राम नंदोरा में हुई इस निर्मम हत्या ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया कि पुरानी रंजिश कब खून-खराबे में बदल जाए, कहा नहीं जा सकता। पुलिस की प्राथमिक जांच में रंजिश की पुष्टि हुई है और घायल बन्नेलाल के बयान के आधार पर दोषियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।

आशा है कि पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर मृतक को न्याय दिलाएगी और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सिवनी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना: नेशनल हाईवे पर शराब दुकान स्थानांतरण, शासन की अनदेखी…

सिवनी: छपारा नगर में शासन व आबकारी विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश एवं कानूनी प्रावधानों की अनदेखी कर नेशनल हाईवे के किनारे अवैध रूप से शराब दुकान अक स्थानान्तरण किया जाना है। इस पूरे मामले में यह स्पष्ट हो रहा है कि अनुज्ञप्तिधारक ने अपने राजनीतिक संबंधों का दुरुपयोग करते हुए, आबकारी विभाग के नियमों व सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को दरकिनार कर यह दुकान स्थानांतरित करवाई है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश : नेशनल हाईवे से शराब दुकान की दूरी का नियम

सुप्रीम कोर्ट ने अपील क्रमांक 12164-12166/2016 में पारित आदेश के माध्यम से स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि:

  • शहरी क्षेत्रों या 20000 से अधिक की आबादी वाले नगरों में शराब दुकान नेशनल हाईवे से न्यूनतम 500 मीटर की दूरी पर स्थित होनी चाहिए।
  • वहीं, 20000 से कम आबादी वाले गाँवों के लिए यह दूरी 220 मीटर निर्धारित की गई है।

छपारा नगर परिषद की आबादी 20000 से अधिक है, जिससे स्पष्ट है कि यहाँ शराब दुकान 500 मीटर की दूरी पर ही संचालित की जा सकती है। लेकिन, तथ्यों के आधार पर यह सामने आया है कि छपारा में चयनित शराब दुकान को सिर्फ 70-80 मीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे के समीप स्थापित किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।

आबकारी विभाग की भूमिका पर उठते सवाल

इस पूरे प्रकरण में यह भी सामने आया है कि आबकारी विभाग, लखनादौन एवं सिवनी के अधिकारियों ने अनुज्ञप्तिधारक के दबाव में आकर नियमों की अनदेखी की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुज्ञप्तिधारक के पीछे प्रभावशाली राजनीतिक दल का समर्थन है, जिसके कारण अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।

शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर कार्यालय, आबकारी विभाग एवं सीएम हेल्पलाइन में बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद शिकायतों को निराधार बताते हुए निरस्त कर दिया गया। यह स्थिति दर्शाती है कि शासन एवं प्रशासन ने नियमों के पालन की जिम्मेदारी से मुँह मोड़ लिया है।

नगर परिषद छपारा के मुख्य द्वार के समीप शराब दुकान : सामाजिक ताने-बाने पर प्रहार

जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित की जानी है, वह छपारा नगर परिषद के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक पास स्थित है। यह स्थान:

  • शैक्षणिक संस्थानों
  • धार्मिक स्थलों
  • आवासीय कॉलोनियों
  • बाजार क्षेत्र

के बेहद नजदीक है, जिससे सामाजिक वातावरण एवं कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है।

स्थानीय जनता की मांग : शराब दुकान स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए

स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस अवैध शराब दुकान के विरोध में आवाज उठाई जा रही है। जनता का स्पष्ट कहना है कि यदि शासन और प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से इस नियम विरुद्ध दुकान पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय की शरण लेंगे।

कलेक्टर कार्यालय एवं प्रशासन की उदासीनता

शिकायतकर्ता ने अपने सभी दस्तावेज एवं प्रमाणों के साथ:

  • कलेक्टर कार्यालय
  • आबकारी विभाग
  • सीएम हेल्पलाइन

में लिखित शिकायत प्रस्तुत की। लेकिन, प्रशासन ने बिना गंभीरता से विचार किए, शिकायत को निराधार बताते हुए उसे खारिज कर दिया। यह कृत्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ और न्यायिक आदेशों की अनदेखी है।

न्यायालयीन प्रक्रिया में जाने की चेतावनी

शिकायतकर्ता द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि इस मामले में शीघ्र न्यायसंगत निराकरण नहीं किया गया, तो वे:

  • मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय
  • सुप्रीम कोर्ट

की शरण लेंगे और सभी संबंधित दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिट याचिका दायर करेंगे। साथ ही, प्रशासनिक अधिकारियों एवं आबकारी विभाग के कर्मचारियों के विरुद्ध मानहानि व न्यायिक अवमानना की कार्यवाही भी की जाएगी।

नेशनल हाईवे पर शराब दुकान से उत्पन्न संभावित समस्याएँ

नेशनल हाईवे के निकट शराब दुकान संचालित होने से क्षेत्र में निम्न समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं:

  1. यातायात दुर्घटनाओं में वृद्धि – शराब की आसान उपलब्धता से वाहन चालकों द्वारा शराब सेवन कर वाहन चलाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
  2. सामाजिक अशांति – स्कूल, मंदिर, बाजार क्षेत्र के निकट शराब दुकान से महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को खतरा।
  3. कानून व्यवस्था प्रभावित – शराब सेवन के पश्चात झगड़े, हिंसा एवं अपराध की घटनाएँ बढ़ेंगी।
  4. स्थानीय जनता में असंतोष – नियमों की अवहेलना से जनता का प्रशासन से विश्वास उठेगा।

नियम विरुद्ध शराब दुकान पर शीघ्र रोक आवश्यक

यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद नेशनल हाईवे से 70-80 मीटर दूरी पर शराब दुकान खोलने की अनुमति दे रहे हैं। यह कार्य न केवल कानून की अवहेलना है, बल्कि जनता के अधिकारों व सामाजिक व्यवस्था के लिए खतरा भी है।

हम शासन-प्रशासन से माँग करते हैं कि:

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप तुरंत कार्यवाही की जाए।
  • शराब दुकान को नियमानुसार 500 मीटर दूरी पर स्थानांतरित किया जाए।
  • दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।
  • स्थानीय जनता की शिकायत पर गंभीरता से विचार कर निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

यदि शासन द्वारा शीघ्र उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो इस विषय को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

‘मेरा यशु यशु’ वाले पादरी बजिंदर सिंह रेप केस में दोषी करार, 1 अप्रैल को होगी सजा का ऐलान

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Mera Yashu Yashu’ वाले Padri Bajinder Singh रेप केस (Rape Case) में दोषी करार: पॉक्सो कोर्ट ने चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विज्डम के संचालक पादरी बजिंदर सिंह को वर्ष 2018 में दर्ज नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि बजिंदर सिंह पर लगाए गए आरोप साबित हुए हैं। कोर्ट अब 1 अप्रैल 2025 को उसकी सजा की घोषणा करेगी।

नाबालिग ने लगाया था गंभीर आरोप

यह मामला साल 2018 का है, जब जीरकपुर की एक नाबालिग लड़की ने बजिंदर सिंह पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। पीड़िता के अनुसार, पादरी ने चमत्कार दिखाने और बीमारियां ठीक करने के नाम पर उसे अपने चर्च के केबिन में बुलाया और फिर उसके साथ गलत हरकत की। इसके अलावा, आरोपी द्वारा उसे आपत्तिजनक मैसेज भी भेजे गए।

SIT ने की थी जांच, 7 लोगों पर दर्ज हुआ था केस

पीड़िता की शिकायत के बाद जीरकपुर पुलिस ने पादरी बजिंदर सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अन्य आरोपियों में अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप पहलवान शामिल थे। पुलिस ने इस केस की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया था।

लंदन भागने की कोशिश में पकड़ा गया था बजिंदर

मामले के सामने आने के कुछ समय बाद बजिंदर सिंह ने भारत से भागने की कोशिश की थी। जुलाई 2018 में दिल्ली एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन अधिकारियों ने उसे लंदन भागते समय गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से मामला कोर्ट में लंबित था।

बाकी पांच आरोपी सबूत के अभाव में बरी

कोर्ट ने बजिंदर सिंह के साथ छह अन्य आरोपियों को भी कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे। लेकिन सुनवाई के दौरान सबूतों के अभाव में पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। सिर्फ पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए गए, जिसके आधार पर उसे दोषी ठहराया गया।

पीड़िता की हिम्मत और कानून पर भरोसा

इस फैसले के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। मामले में सात साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद दोषी करार मिलने से न्याय की उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें 1 अप्रैल को अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा पर टिकी हैं।

MP Board Class 5th 8th Result 2025: MP बोर्ड 5वीं और 8वीं का रिजल्ट जारी, यहाँ देखें पूरी जानकारी – RSKMP

भोपाल: मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए बड़ी खबर है। राज्य शिक्षा केंद्र, मध्य प्रदेश (RSKMP) ने आज, 28 मार्च 2025 को MP Board Class 5th & 8th Result 2025 जारी कर दिया है। जिन छात्रों ने 2024-25 सत्र के अंतर्गत RSKMP MP Board Exam दिया था, वे अब अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर जाकर देख सकते हैं। छात्र अपने User ID, पासवर्ड और कैप्चा कोड के माध्यम से RSKMP मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।

🟢 MP Board 5वीं और 8वीं रिजल्ट 2025: ताज़ा अपडेट

MP Board Result 2025 की आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर रिजल्ट लिंक सक्रिय कर दिया गया है। छात्र अब कक्षा 5वीं और 8वीं के परिणाम ऑनलाइन मोड में देख सकते हैं। इसके अलावा, यदि कोई छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट है, तो वह पुनर्गणना (Retotalling) के लिए 3 अप्रैल से 17 अप्रैल 2025 के बीच आवेदन कर सकता है।

MP Board 5वीं और 8वीं क्लास पासिंग मार्क्स:

  • प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 अंक अनिवार्य।
  • कुल अंकों में कम से कम 33 प्रतिशत अंक आवश्यक।
  • इस मानक को पूरा करने वाले छात्र कक्षा 6वीं और 9वीं में प्रवेश के पात्र होंगे।

MP Board Class 5th, 8th Result 2025: महत्वपूर्ण तिथियाँ

घटनातिथि
कक्षा 5वीं परीक्षा24 फरवरी से 1 मार्च 2025
कक्षा 8वीं परीक्षा24 फरवरी से 5 मार्च 2025
परिणाम जारी होने की तिथि28 मार्च 2025
पुनर्गणना के आवेदन3 अप्रैल से 17 अप्रैल 2025

🔥 MP Board 5वीं और 8वीं का रिजल्ट कैसे चेक करें? (rskmp.in Result 2025 Check)

छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स के माध्यम से अपनी RSKMP Result 2025 Marksheet डाउनलोड कर सकते हैं:

  • स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ – rskmp.in
  • स्टेप 2: Result Link पर क्लिक करें।
  • स्टेप 3: अपनी कक्षा का चयन करें – कक्षा 5 या कक्षा 8
  • स्टेप 4: अपना यूज़र आईडी, पासवर्ड और कैप्चा कोड भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें और अपनी मार्कशीट डाउनलोड करें।

📊 पिछले वर्ष का परिणाम विश्लेषण (MP Board Result Analysis 2023)

🎯 कक्षा 5वीं रिजल्ट 2023

  • कुल छात्र: 11,79,883
  • उत्तीर्ण छात्र: 9,70,701
  • कुल उत्तीर्ण प्रतिशत: 82.27%
  • लड़कियाँ उत्तीर्ण प्रतिशत: 48.3%
  • लड़के उत्तीर्ण प्रतिशत: 51.7%

🎯 कक्षा 8वीं रिजल्ट 2023

  • कुल छात्र: 10,66,405
  • उत्तीर्ण छात्र: 8,11,433
  • कुल उत्तीर्ण प्रतिशत: 76.09%
  • लड़कियाँ उत्तीर्ण प्रतिशत: 48.4%
  • लड़के उत्तीर्ण प्रतिशत: 51.6%

📝 MP Board Result 2025 के बाद क्या करें?

MP Board Class 5th और 8th Result 2025 जारी होने के बाद छात्रों को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

✔️ मार्कशीट डाउनलोड करें:

रिजल्ट चेक करने के बाद, अपनी ऑनलाइन मार्कशीट को डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट लें।

✔️ पुनर्गणना के लिए आवेदन करें:

यदि आप अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, तो 3 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच पुनर्गणना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

✔️ कक्षा 6 और 9 में प्रवेश की प्रक्रिया:

रिजल्ट में उत्तीर्ण होने के बाद छात्र कक्षा 6वीं और 9वीं में प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी के लिए स्कूल से संपर्क करें।

🔍 RSKMP Result 2025: महत्वपूर्ण जानकारी

  • परिणाम केवल ऑनलाइन जारी किया गया है।
  • वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण, कभी-कभी सर्वर डाउन हो सकता है, ऐसे में धैर्य रखें।
  • छात्र केवल अपने यूज़र आईडी और पासवर्ड से ही लॉगिन कर सकते हैं।
  • परिणाम की हार्ड कॉपी स्कूल से प्राप्त की जा सकती है।

💡 RSKMP.in Result 2025 से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

MP Board 5वीं और 8वीं का रिजल्ट 2025 कब जारी हुआ?

28 मार्च 2025 को सुबह 10 बजे परिणाम जारी कर दिया गया है।

रिजल्ट कहाँ से डाउनलोड करें?

आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in से रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं।

रिजल्ट देखने के लिए क्या-क्या जानकारी चाहिए?

छात्र को अपना User ID, Password और Captcha Code दर्ज करना होगा।

पुनर्गणना के लिए आवेदन कब कर सकते हैं?

3 अप्रैल से 17 अप्रैल 2025 तक पुनर्गणना के लिए आवेदन किया जा सकता है।

Conclusion

MP Board Class 5th & 8th Result 2025 उन लाखों छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है जिन्होंने अपनी वार्षिक परीक्षाएँ दी थीं। rskmp.in पोर्टल के माध्यम से परिणाम देखना अब पहले से आसान और सुरक्षित है। यदि आप अपने अंकों से असंतुष्ट हैं, तो निर्धारित समय में पुनर्गणना के लिए आवेदन करना न भूलें।

छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध है कि वे इस आधिकारिक जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समय पर उचित कदम उठाएँ।

नीरज भरद्वाज के निवास पर सम्पन्न हुई श्रीमद् भागवत कथा – आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति का महासंगम

छपारा के समीप ग्राम लुडगी में विगत सप्त दिनों तक भक्ति और आध्यात्मिकता की अनुपम धारा बहती रही। नीरज भरद्वाज जी के निवास स्थान पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में हजारों श्रद्धालुजनों ने भाग लिया और अपने जीवन को भक्ति और ज्ञान के अमृत से सिंचित किया। यह कथा देवी कीर्ति किशोरी जी के दिव्य मुखारविंद से प्रवाहित हुई, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के अद्भुत चरित्र, जीवन दर्शन एवं भक्ति के महत्व को अत्यंत सरल, भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी शैली में प्रस्तुत किया गया।

कथा का भव्य शुभारंभ – आध्यात्मिक वातावरण का सृजन

कथा का आरंभ मंगलाचरण एवं श्री गणेश वंदना के साथ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर ईश्वर का आह्वान किया। लुडगी ग्राम की पावन भूमि पर भक्तगणों की उपस्थिति से वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा स्थल को सुंदर रंगोली, पुष्पों और दीपों से सजाया गया था, जिससे हर कोई आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहा था।

सप्त दिवसीय कथा का सार – भगवान के साथ सम्बद्धता का महत्व

देवी कीर्ति किशोरी जी ने अपने कथा वाचन में श्रोताओं को बताया कि भगवान के साथ सम्बद्ध होना ही जीवन का परम लक्ष्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जिनके मन में भगवान की तन्मयता है, वही भगवान की वाणी को सुन सकता है।” उन्होंने श्रोताओं को समझाया कि चिन्ता छोड़कर भगवान का चिन्तन करें, क्योंकि चिन्ता तन, मन और जीवन को नष्ट कर देती है।

कथावाचक जी ने कथा के मध्य यह संदेश दिया कि भगवान पृथ्वी पर तभी अवतरित होते हैं जब पृथ्वी का भार बढ़ जाता है। उन्होंने श्रोताओं को यह भी बताया कि जो व्यक्ति ईश्वर के साथ अपने जीवन को जोड़ लेता है, वही वास्तव में धन्य है। संसार के रिश्ते जन्म-मरण से बंधे हैं, लेकिन ईश्वर के साथ जीवात्मा का संबंध शाश्वत और अटूट है।

जीव और ईश्वर के सम्बन्ध की गूढ़ व्याख्या

कथा के पंचम दिवस पर देवी कीर्ति किशोरी जी ने गहन रहस्योद्घाटन करते हुए बताया कि जीव का सच्चा सम्बंध केवल ईश्वर से है। उन्होंने कहा:

“जब आपका जन्म हुआ, तब आप न किसी के पति थे, न किसी के पिता, न किसी के पुत्र। सभी सांसारिक सम्बंध जन्म के बाद बनते हैं और मृत्यु के साथ समाप्त हो जाते हैं। लेकिन जीवात्मा का सम्बंध ईश्वर से जन्म से पूर्व भी था और मृत्यु के उपरांत भी रहेगा।”

यह शिक्षा श्रोताओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य जिस संसार से मोह करता है, वही एक दिन छोड़ कर चला जाता है। इसलिए यदि कोई सम्बन्ध अमिट है तो वह केवल परमात्मा से है।

कथा के भावार्थ में भक्ति और साधना का संदेश

कथा के अन्तिम दिवस पर देवी कीर्ति किशोरी जी ने यह स्पष्ट किया कि ईश्वर अनेक रूपों में प्रकट होते हैं, परन्तु तत्वतः एक ही हैं। जिस स्वरूप से श्रद्धालु का मन जुड़ जाए, वही उसका इष्टदेव बन जाता है। उन्होंने कहा:

“जिस स्वरूप के दर्शन से आपका हृदय पिघलता है, जिस स्वरूप में आपको परम संतोष की अनुभूति होती है, उसी स्वरूप के साथ अपने जीवन को जोड़ लें।”

सनातन धर्म की यही विशेषता है कि ईश्वर के अनेक स्वरूपों में भी एकत्व की अनुभूति कराई जाती है।


हवन, प्रसादी एवं कथा के समापन पर भक्ति की गंगा

कथा के समापन अवसर पर भव्य हवन का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुजन आहुतियाँ अर्पित करते हुए भगवान से जीवन में भक्ति, प्रेम और शांति की कामना कर रहे थे। हवन के पश्चात् प्रसादी वितरण हुआ, जिसमें सप्त दिवस तक कथा श्रवण करने वाले समस्त भक्तों, माता-बहनों, ग्रामवासियों एवं आगंतुकों ने प्रसादी ग्रहण कर स्वयं को कृतार्थ अनुभव किया।

भरद्वाज परिवार द्वारा भक्तों के प्रति आभार

इस श्रीमद् भागवत कथा के सफल आयोजन में नीरज भरद्वाज जी एवं उनके परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पूरे आयोजन में तन, मन, धन से सहयोग करते हुए श्रद्धालुओं की सेवा की। कथा के समापन पर भरद्वाज परिवार ने समस्त भक्तजनों, ग्रामवासियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि:

“आप सभी की उपस्थिति, प्रेम और भक्ति के कारण यह कथा सफल हुई है। हम सबको ईश्वर से यही प्रार्थना है कि आपके जीवन में भक्ति, प्रेम और शांति सदैव बनी रहे।”

कथा से प्राप्त आध्यात्मिक संदेश

इस श्रीमद् भागवत कथा से यह स्पष्ट हुआ कि:

  • ईश्वर से सम्बद्धता ही जीवन का परम लक्ष्य है।
  • चिन्ता छोड़कर भक्ति और साधना करें।
  • संसारिक सम्बंध क्षणिक हैं, केवल परमात्मा के साथ सम्बंध शाश्वत है।
  • ईश्वर के विविध स्वरूपों में एकत्व की अनुभूति करें।
  • भक्ति और साधना के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाएं।

कथा की विशेषताएँ और आकर्षण

  • सप्त दिवस तक निरंतर कथा वाचन
  • देवी कीर्ति किशोरी जी द्वारा गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों का सरल भाषा में वर्णन
  • हजारों भक्तों की उपस्थिति और श्रद्धा
  • हवन एवं प्रसादी वितरण के माध्यम से भक्ति का समापन

इस श्रीमद् भागवत कथा ने न केवल ग्राम लुडगी में बल्कि समूचे क्षेत्र में भक्ति की एक नई चेतना का संचार किया। श्रद्धालुओं ने भगवान के श्रीमुख से निकली वाणी का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य किया। नीरज भरद्वाज जी और उनके परिवार के अथक प्रयासों से यह आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक पर्व बन गया।

सिवनी: गौ तस्करी में लिप्त ओमेश्वर ठाकरे की बर्खास्तगी की मांग, विहिप और बजरंग दल ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

सिवनी: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो ने जिले में हलचल मचा दी है। इस ऑडियो में सिवनी जिले में पदस्थ एक पुलिस अधिकारी और दो अन्य लोगों द्वारा गौ तस्करों के साथ मिलकर हिंदूवादी कार्यकर्ताओं और गौ रक्षकों को षड्यंत्रपूर्वक फंसाने एवं मारने की योजना बनाए जाने की बात सामने आई है।

गौ तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

गौरतलब है कि वर्तमान समय में सिवनी जिला गौ तस्करों और गौ हत्या करने वालों के लिए नर्क बनता जा रहा है, जिससे अपराधियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह सुनियोजित षड्यंत्र उसी की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत योजनाबद्ध तरीके से गौ रक्षकों को फंसाकर, मारकर इस अवैध व्यापार को पुनः स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।

पहले भी की गई थी शिकायत, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के द्वारा पूर्व में भी इस भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक सिवनी को 03 मार्च 2025 को शिकायत दी गई थी। बावजूद इसके, इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपी अधिकारी के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं।

विहिप और बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी

विहिप और सकल हिंदू समाज ने इस घटना का कड़ा विरोध जताया है और उक्त ऑडियो में शामिल सभी आरोपियों एवं उनके पीछे छिपे षड्यंत्रकारियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की बर्खास्तगी की भी मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और सकल हिंदू समाज मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

इस मामले को लेकर आम जनता और हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते गौ तस्करी और उससे जुड़े अपराधों पर रोक नहीं लगाई, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

पुलिस ने IPL में SATTA खिलाते यश गुप्ता को दबोचा: छिंदवाड़ा पुलिस की कार्रवाई

Chhindwara IPL Satta News: छिंदवाड़ा पुलिस ने 25 मार्च 2025 की रात को आईपीएल सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पुलिस ने इस छापेमारी में सट्टेबाज यश गुप्ता (Yash Gupta) को गिरफ्तार किया है, जो मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहा था। इस पूरी कार्रवाई को कोतवाली पुलिस ने उपनिरीक्षक बृजेश रघुवंशी के नेतृत्व में अंजाम दिया।

छापेमारी में बरामद हुए सट्टे के अहम सबूत

पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं:

  • आईफोन 13 प्रो (ब्लू रंग), जिससे सट्टा खेला जा रहा था।
  • ₹5000 नकद राशि, जो सट्टेबाजी से अर्जित की गई थी।
  • लाखों रुपये का ऑनलाइन लेन-देन रिकॉर्ड, जिसमें कई सट्टेबाजों की जानकारी मिली।
  • MR.BEAN प्लेटफॉर्म पर ydyash25 नामक यूजर आईडी, जिसका उपयोग क्रिकेट सट्टेबाजी के लिए किया जा रहा था।
  • Crickbuzz ऐप पर लाइव सट्टे के भाव और PhonePe के माध्यम से सट्टे की रकम के लेन-देन के रिकॉर्ड

सट्टे में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स

ऑनलाइन सट्टेबाजी में कई डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:

  • MR.BEAN सट्टा प्लेटफॉर्म, जहां सट्टेबाज लाइव मैचों पर दांव लगाते हैं।
  • Crickbuzz और अन्य क्रिकेट स्कोरिंग ऐप्स, जिनका उपयोग लाइव मैच के दौरान सट्टे के भाव तय करने के लिए किया जाता है।
  • PhonePe, Google Pay, Paytm जैसी डिजिटल पेमेंट ऐप्स, जिनके जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन किया जाता है।

आईपीएल में बढ़ती सट्टेबाजी और पुलिस की कार्रवाई

आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी का धंधा तेजी से फल-फूलता है। सट्टेबाज फर्जी आईडी और डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग कर अवैध रूप से पैसा कमाते हैं। इस मामले में भी पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

सट्टेबाजी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी यश गुप्ता के खिलाफ मध्य प्रदेश पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 4(क) और धारा 49 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, मुख्य आरोपी सौरभ प्रेमचंदानी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अभियान चला रही है

पुलिस प्रशासन की सतर्कता और आगामी कार्रवाई

छिंदवाड़ा पुलिस की मुस्तैदी से इस बड़े सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा हुआ। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने कहा कि अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा

पुलिस की आगामी रणनीति:

  1. ऑनलाइन सट्टे के डिजिटल ट्रेल की जांच, जिससे अन्य सट्टेबाजों की पहचान की जा सके।
  2. डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड्स की स्कैनिंग, ताकि सभी संदिग्ध खातों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।

ऑनलाइन सट्टेबाजी से बचाव जरूरी

आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामले तेजी से बढ़ते हैं। यह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह लोगों की आर्थिक स्थिति को भी बर्बाद कर सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई ने छिंदवाड़ा में सक्रिय सट्टा रैकेट के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है

सिवनी: बरघाट के धारनाकला में सड़क दुर्घटनाओं का गढ़ बना अतिक्रमण का जाल

सिवनी, बरघाट: सिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग पर अवैध अतिक्रमण के कारण सड़क दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। हर दिन किसी न किसी की जान इस अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण जोखिम में पड़ रही है। सबसे गंभीर स्थिति धारनाकला क्षेत्र में बनी हुई है, जहां सड़क किनारे तक अतिक्रमण फैल चुका है। स्थिति तब और भयावह हो गई जब हाल ही में एक पुलिसकर्मी ही सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया।

पिछले एक पखवाड़े में यहां पांच से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें किसी का जबड़ा टूट गया तो किसी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ लोग उचित इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

अवैध कब्जों पर प्रशासन की उदासीनता

धारनाकला में सड़क के दोनों ओर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला कलेक्टर संस्कृति जैन के आदेश पर एक संयुक्त दल ने सीमांकन कर अतिक्रमण चिन्हित किया था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस तामीली की गई।

अतिक्रमण हटाने के बजाय, प्रशासन कार्रवाई करने से बचता नजर आ रहा है, जिससे कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अतिक्रमण की वजह से सड़क संकरी हो गई है, जिससे भारी वाहनों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

भू-माफियाओं का बढ़ता दबदबा

सिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग से सटे जनपद की शासकीय भूमि पर भू-माफियाओं ने अपना कब्जा जमा लिया है। धारनाकला के कुछ चर्चित भू-माफिया इस अतिक्रमण के पीछे हैं, जिन्होंने सड़क के किनारे सरकारी जमीन पर दुकानें खोल रखी हैं

तहसीलदार न्यायालय द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद, इन भू-माफियाओं का मनोबल इतना ऊंचा है कि वे प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। यहां तक कि प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए इन्होंने फर्जी शिकायतें दर्ज कराई हैं

कैला माता चौक से बस स्टैंड तक फैला अतिक्रमण

धारनाकला में कैला माता मंदिर से लेकर बस स्टैंड तक अतिक्रमण का जाल फैला हुआ है। सड़क के किनारे तक कब्जा किए जाने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

स्थानीय लोग इस अतिक्रमण को हटाने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की सुस्ती के कारण हालात जस के तस बने हुए हैं।

अतिक्रमणकारियों की एकजुटता प्रशासन पर भारी

तहसीलदार न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद, सभी अतिक्रमणकारी एकजुट होकर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश में जुट गए।

इन लोगों ने फर्जी शिकायतें दर्ज कराकर मीडिया में इस मुद्दे को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया। प्रशासन को कमजोर करने की यह एक सोची-समझी साजिश है, जिससे भू-माफिया अपने अवैध कब्जों को बरकरार रख सकें।

क्या प्रशासन अवैध कब्जे हटाएगा?

धारनाकला में अवैध कब्जे और अतिक्रमण से सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। जनपद की शासकीय भूमि पर भू-माफियाओं की गिद्ध दृष्टि बनी हुई है।

अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन सख्त कदम उठाकर अवैध कब्जों को हटाएगा या फिर इसे नजरअंदाज करके भविष्य में और भी गंभीर दुर्घटनाओं को न्योता देगा?

प्रशासन का बयान

इस पूरे मामले पर प्रशासन का कहना है:

“बहुत जल्द अवैध कब्जे और सड़क किनारे फैले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।”

– संदीप श्रीवास्तव, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बरघाट