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सिवनी के गांधी वार्ड में रेत खाली करने आए ट्रक ने बिजली के खंभे को मारी टक्कर, 12 घंटों से बिजली गुल

सिवनी: सिवनी जिला मुख्यालय के गांधी वार्ड काली चौक क्षेत्र में देर रात हुई एक दुर्घटना ने स्थानीय नागरिकों को परेशानी में डाल दिया। मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात लगभग 2 बजे एक भारी भरकम रेत से भरा ट्रक, सुफी दरगाह के पास भारत रत्न स्कूल रोड पर रेत खाली करने गया था। रेत खाली करने के पश्चात जब ट्रक वापस लौट रहा था, तभी उसने बिजली के खंभे को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे क्षेत्र में एक जोरदार धमाका सुनाई दिया और पूरी कॉलोनी की बिजली व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई।

दुर्घटना की रात : नागरिकों की नींद में खलल

घटना के दौरान अधिकांश नागरिक गहरी नींद में थे, लेकिन जैसे ही जोरदार धमाका हुआ, मोहल्ले के निवासी घरों से बाहर निकल आए। बाहर निकलकर देखा गया कि बिजली का खंभा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर गिर गया था, जिससे बिजली की आपूर्ति तुरंत बाधित हो गई।

बिजली के तारों में तेज़ स्पार्किंग भी देखी गई, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ, अन्यथा स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।

बिजली विभाग की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम सुबह होते ही घटनास्थल पर पहुंच गई। विभाग की ओर से पुराने खंभे को हटाकर नया खंभा स्थापित करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। भीषण गर्मी में बिजली न होने से क्षेत्रवासी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे इस हालात में अधिक पीड़ित हैं।

बिजली कर्मचारियों द्वारा पसीना बहाकर लगातार मरम्मत कार्य किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में जल्द से जल्द बिजली बहाल की जा सके। विभाग की मानें तो शाम तक बिजली आपूर्ति पुनः शुरू कर दी जाएगी, जिससे मोहल्ले में सामान्य स्थिति लौट आएगी।

स्थानीय निवासियों की पीड़ा

गांधी वार्ड के निवासी, जो पहले ही गर्मी से परेशान थे, अब बिजली न होने के कारण और भी मुश्किल में हैं। लोगों का कहना है कि कई बार भारी वाहन तंग गलियों में प्रवेश करते हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, और सड़कें खराब हो रही है बल्कि इस तरह के हादसे भी होते हैं।

स्थानीय निवासी का कहना है, “यह पहला मौका नहीं है जब कोई भारी वाहन बिजली के खंभे से टकराया हो। प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।”

प्रशासन और ट्रैफिक विभाग से अपेक्षा

इस दुर्घटना के बाद प्रशासन और ट्रैफिक विभाग से यह अपेक्षा की जा रही है कि वो भारी वाहनों की आवाजाही पर उचित नियंत्रण लगाएंभारत रत्न स्कूल रोड जैसे तंग रास्तों पर इस तरह के बड़े ट्रकों को अनुमति देना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती भी बन सकता है।

बिजली के खंभे गिरने से अन्य समस्याएं भी पैदा

इस हादसे के चलते न केवल बिजली गुल हुई, बल्कि इंटरनेट सेवा, पानी की मोटरें और कई आवश्यक उपकरण भी बंद हो गए। छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई, वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों और दुकानदारों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय दुकानदार का कहना है, “पूरी रात और सुबह का समय बिजली के बिना निकालना बहुत कठिन हो गया। अगर प्रशासन इस पर ध्यान देता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।”

गर्मी में बिजली गुल होना बना लोगों की पीड़ा

इन दिनों सिवनी में भीषण गर्मी पड़ रही है और ऐसे में बिजली का गुल होना नागरिकों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। पंखे, कूलर और एसी बंद होने से बच्चों व बुजुर्गों की हालत अत्यंत खराब हो गई।

बिजली विभाग की कोशिशें ज़ारी हैं, लेकिन क्षेत्रवासियों की मांग है कि स्थायी समाधान के लिए ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों की स्थिति की नियमित जांच की जाए और उन्हें मजबूत बनाया जाए।

स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर खबर की गूंज

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर तेजी से वायरल हो गई। लोग प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार ट्रक ड्राइवर पर उचित कार्रवाई हो।

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 मई तक

Rajya Stariya Shikshak Puraskar 2025: सिवनी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जानकारी देकर बताया गया ‍कि लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2025 हेतु ऑनलाईन आवेदन/नामांकन प्रक्रिया एवं चयन के मापदण्ड प्रसारित किये जा चुके है। स्कूल शिक्षा विभाग के विमर्श पोर्टल लिंक www.vimarsh.mp.gov.in पर दिनांक 15 अप्रैल से 15 मई 2025 तक ऑनलाईन आवेदन, नामांकन एवं शिक्षक द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के साथ-साथ पाँच वर्ष के सत्यापित परीक्षा परिणाम को अपलोड करने हेतु तिथि निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि आवेदन हेतु शासकीय/स्थानीय निकाय/अनुदान प्राप्त/ प्राथमिक/ माध्यमिक/ हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल/माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा संचालित मॉडल विद्यालयों में कार्यरत नियमित शिक्षक संवर्ग नामांकन हेतु पात्र होंगे। सेवानिवृत्त शिक्षक, शैक्षिक प्रशासक, शैक्षिक निरीक्षक, प्रशिक्षण संस्थाओं में कार्यरत शैक्षिक संवर्ग, जनशिक्षक, संविदा शिक्षक, अध्यापक, छात्रावास अधीक्षक, अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक संवर्ग एवं ट्यूशन कार्य में संलिप्त रहने वाले शिक्षक संवर्ग आदि नामांकन हेतु पात्र नही होगें।

कक्षा 9-12वीं अंतर्गत विगत पाँच वर्षों में शिक्षक द्वारा पढ़ाई गई कक्षा में कुल छात्रों की संख्या का प्रतिवर्ष उत्तीर्ण छात्रों का परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत अथवा उससे अधिक होना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार कक्षा 1 से 8वीं अंतर्गत कक्षावार 80 प्रतिशत छात्रों का परीक्षाफल ‘‘ए’’ ग्रेड होने पर ही शिक्षक का आवेदन पात्रता श्रेणी में मान्य होगा। नियमित रूप से कक्षा में अध्यापन कराने वाले शिक्षक तथा विद्यालय में 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक उपस्थिति होने पर ही आवेदन/नामांकन हेतु पात्र होगें।

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राथमिक एवं माध्यमिक श्रेणी (कक्षा 1 से 😎, उच्चतर माध्यमिक (कक्षा 9 से 12) अंतर्गत देय होगा। विशेष श्रेणी अंतर्गत दिव्यांग शिक्षक/दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा में संलग्न शिक्षक एवं परम्परागत संस्कृत पाठशाला के संस्कृत शिक्षक/मदरसों के अरबी, फारसी भाषा के शिक्षकों को उपर्युक्त दोनों श्रेणियों में वरीयता दी जायेगी। प्राथमिक, माध्यमिक श्रेणी कक्षा 1 से 8 तक के लिए श्रेणीवार पुरस्कारों की अधिकतम संख्या-8 एवं उच्चतर माध्यमिक श्रेणी कक्षा 9 से 12 तक के लिए श्रेणीवार पुरस्कारों की अधिकतम संख्या-6 निर्धारित है। इस प्रकार कुल पुरस्कारों की संख्या-14 होगी। शिक्षा के क्षेत्र में किये गये उत्कृष्ट कार्य से संबंधित अभिलेख, सहायक सामग्री/की गई गतिविधियों का प्रतिवेदन/किये गये कार्यों के फोटोग्राफ्स, आडियों-वीड़ियों आदि ऑनलाईन अपलोड करने होगें।

यदि नामांकनकर्ता शिक्षक द्वारा अपलोड किये गई जानकारी एवं कोई भी अभिलेख/पत्र आडियों-वीडियों सत्यापन के समय गलत पाया जाता है तो शिक्षक के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी। जिला शिक्षा अधिकारी एस.एस.कुमरे ने बताया कि शिक्षक आवेदन करने हेतु पात्रता के संबंध में विस्तृत निर्देश एवं जानकारी उक्त वेबसाइट पर देख सकते हैं

सिवनी: थाना डूण्डासिवनी पुलिस ने पकड़ा बड़ी मात्रा में अवैध शराब का जखीरा

सिवनी: अर्टिगा कार से हुई 36 पेटी शराब जप्त. पुलिस अधीक्षक महोदय सुनील कुमार मेहता के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जीडी शर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक सिवनी पूजा पांडे के मार्गदर्शन में डूंडासिवनी पुलिस व्दारा अवैध शराब की बिक्री एवं परिवहन पर रोकथाम लगाने हेतु सतत निर्देश दिये गये है.

इसी तारतम्य में थाना डूण्डासिवनी पुलिस द्वारा एक सफेद रंग की अर्टिगा कार में अवैध परिवहन करते हुए 36 पेटी देशी शराब सफेद एवं लाल मसाला शराब जप्त करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है।

थाना डूंडासिवनी में दिनांक 28/04/2025 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की अर्टिगा कार में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है जो कटंगी अरी से जनता नगर की ओर आ रही है सूचना पर तत्काल पुलिस स्टाफ रवाना किया गया जो रात्रि करीबन 09/00 बजे एक सफेद रंग की अर्टिगा कार अरी तरफ से आते हुए दिखाई दी थी

फिर कार चालक पुलिस की गाड़ी को देखकर अर्टिगा कार को जनता नगर बाईपास से बरघाट बाईपास रोड़ की तरफ तेज गति से भगाने लगा पुलिस के द्वारा उक्त संदिग्ध अर्टिगा कार का पीछा किया गया जो कार चालक कार को जगदम्बा सिटी के गेट के पास खड़ी कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।

पुलिस के द्वारा संदिग्ध अर्टिगा कार क्रमांक MP50R5050 की तलाशी लेने पर कार के अंदर 36 पेटी देशी मदिरा सफेद एवं लाल मसाला कुल 1396 पाव (323.28 लीटर) भरी होना पायी गयी। जो मौके पर कार्यवाही कर मय अर्टिगा कार के उक्त अवैध शराब को जप्त कर अज्ञात चालक के विरूध्द धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

  • आरोपीः- अज्ञात ( अर्टिगा कार क्रमांक MP50R5050 का चालक )
  • जप्त मशरुकाः- (1) सफेद रंग की अर्टिगा कार क्रमांक MP50R5050 कुल कीमती लगभग 500000/- रूपये
  • (2) 8 पेटी देशी सफेद प्लेन एवं 28 पेटी देशी लाल मसाला कुल 36 पेटी शराब मात्रा 323.28 लीटर कीमती करीबन 177000/- रूपये
  • कुल बरामद सम्पत्ति की कीमत लगभग 677000/- रुपये ।

सराहनीय कार्यः – निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरी मनोज कुमार जंघेला, प्रआर. 90 सुंदर श्याम, प्रआर 377 सुजान सिंह बघेल, प्रआर 366 शेखर बघेल, प्रआर 450 मुकेश गोडाने, प्रआर 164 मनोज मरावी, आर. 403 रोहित रघुवंशी, आर. 140 कृष्ण कुमार भालेकर, आर. 49 जितेन्द्र बघेल, आर 150 रवि धुर्वे, चालक आर.527 चंद्रदीप हिवारे, सैनिक 58 मुकेश कटरे का सराहनीय कार्य रहा।

PM MODI ने रक्षा मंत्री, एनएसए, सीडीएस और सभी सशस्त्र सेना प्रमुखों के साथ आवास पर महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान और सभी सशस्त्र बलों के प्रमुखों के साथ एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक कल होने वाली सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक से पहले हो रही है।

इससे पहले आज केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने आंतरिक सुरक्षा स्थिति की समीक्षा और उभरते खतरे का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के महानिदेशक ब्रिघु श्रीनिवासन और असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा सहित प्रमुख सुरक्षा नेताओं ने भाग लिया।

बैठक में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को बढ़ाने तथा सुरक्षा बलों के बीच खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान में समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

प्रथम सीसीएस बैठक के बाद भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े कदमों की घोषणा की, जिसमें सिंधु जल संधि को रोकना, अटारी सीमा को बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा रद्द करना, अनेक पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और एक्स खातों को बंद करना, तथा दोनों पक्षों के दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या में कमी करके राजनयिक संबंधों को कम करना शामिल था, जिससे प्रभावी रूप से कर्मचारियों को अपने देश वापस लौटना पड़ा।

ये निर्णायक कदम 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए दुखद हमले के बाद उठाए गए हैं, जिसमें एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग खूबसूरत घास के मैदानों में छुट्टियां मना रहे थे और उनकी जान चली गई। इस विनाशकारी घटना ने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

सिवनी: धारनाकला में गौरवशाली प्राचार्य भगवतसिंह धुर्वे को नम आँखों से दी गई विदाई

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धारनाकला में उस क्षण ने भावनाओं का सैलाब ला दिया जब प्राचार्य श्री भगवतसिंह धुर्वे को सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में विद्यालय परिवार, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने नम आँखों से विदाई दी। यह अवसर केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक युग की समाप्ति और अनमोल यादों का संगम भी था।

शिक्षा और अनुशासन के प्रतीक रहे प्राचार्य भगवतसिंह धुर्वे

प्राचार्य भगवतसिंह धुर्वे जी का व्यक्तित्व हमेशा से सादगी, सौम्यता, अनुशासन और सेवा भावना का परिचायक रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान विद्यालय ने न केवल शैक्षणिक स्तर पर बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी उच्च मानदंड स्थापित किए। उनकी समर्पित कार्यशैली और दूरदृष्टि के कारण विद्यालय ने प्रदेश स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

जनप्रतिनिधियों ने दी दिल से विदाई

विदाई समारोह में उपस्थित जनपद पंचायत, नगर परिषद तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपने वक्तव्यों में प्राचार्य जी की सरलता, विनम्रता और स्नेहिल स्वभाव की सराहना की। उन्होंने बताया कि भले ही प्राचार्य श्री धुर्वे का कार्यकाल अल्पकालिक रहा, लेकिन उनके द्वारा विद्यालय में किए गए कार्य दीर्घकालीन प्रभाव छोड़ने वाले हैं।

विद्यालय के छात्र-छात्राओं की निरंतर बढ़ती संख्या और उनके सुधरते परीक्षा परिणाम इस बात के साक्षी हैं कि उन्होंने संस्था को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।

एक शिक्षक का चार दशक का समर्पण

अपने उद्बोधन में प्राचार्य श्री भगवतसिंह धुर्वे जी ने कहा,

“मुझे यह अहसास ही नहीं हुआ कि कैसे यह अड़तीस वर्ष, एक माह और इक्कीस दिन बीत गए। यह विद्यालय, इसके शिक्षकगण, विद्यार्थीगण और अभिभावकों का जो प्रेम, सहयोग और आदर मुझे मिला, वह मेरे जीवन की सबसे अनमोल पूँजी है।”

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा विभाग ने उन्हें जो सम्मान, प्रतिष्ठा और पहचान दी है, उसके लिए वे सदैव कृतज्ञ रहेंगे। यह विदाई उनके लिए भावुक और अविस्मरणीय क्षण है।

नम आँखें और भारी दिल, भावनाओं का ज्वार

विदाई के क्षण में जब ध्वनि यंत्रों की मधुर धुनों के बीच प्राचार्य जी को बाजे-गाजे के साथ सम्मानपूर्वक विदा किया गया, तो हर आंख भीगी थी और हर दिल भावनाओं से ओतप्रोत। शिक्षकगण, शिक्षिकाएं, अभिभावक, छात्र-छात्राएं, सभी ने अपने प्रिय प्राचार्य को फूलों की वर्षा के साथ अलविदा कहा।

प्राचार्य जी के नेतृत्व में विद्यालय की उपलब्धियाँ

  • शैक्षणिक गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार
  • अनुशासन की नई मिसालें
  • वर्गीकृत शिक्षकों के बीच सामंजस्यपूर्ण कार्य वातावरण
  • छात्रवृत्ति, विज्ञान प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी
  • विद्यालय में आधुनिक संसाधनों की स्थापना

इन उपलब्धियों ने इस विद्यालय को केवल जिले में नहीं बल्कि मंडल व प्रदेश स्तर पर भी प्रतिष्ठा दिलाई

शिक्षण सेवा की प्रेरणा बनें श्री धुर्वे

आज जब शिक्षक समुदाय में नौकरी मात्र को लक्ष्य मानने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, तब श्री भगवतसिंह धुर्वे जी जैसे समर्पित शिक्षक एक प्रेरणास्त्रोत बनकर सामने आते हैं। उनके चार दशक के कार्यकाल में उन्होंने कई पीढ़ियों को संस्कार, ज्ञान और आत्मबल दिया।

शिक्षकगण ने दी स्मृति-चिन्हों और शब्दों से विदाई

इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ ने स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र और हार्दिक शब्दों के माध्यम से प्राचार्य जी को विदाई दी। सभी ने एक स्वर में यह कहा कि,

आप हमारे लिए केवल प्राचार्य नहीं, बल्कि मार्गदर्शक, संरक्षक और प्रेरक शक्ति रहे हैं।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ

  • विद्यालय प्रांगण में भव्य मंच सुसज्जित किया गया।
  • विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत और विदाई गीत प्रस्तुत किए गए।
  • जनप्रतिनिधियों ने गुलदस्ते, शॉल व श्रीफल भेंट किए।
  • विद्यालय की दीवारों पर प्राचार्य जी के कार्यकाल की झलकियाँ पोस्टर के रूप में सजाई गईं।
  • सभी वर्गों के छात्र-छात्राओं ने भावनात्मक भाषण और काव्य पाठ प्रस्तुत किया।

भावभीनी विदाई, विद्यालय के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से अंकित

धारनाकला का यह दिन हमेशा इतिहास में दर्ज रहेगा। विद्यालय ने एक ऐसे प्राचार्य को विदा किया जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठा, ईमानदारी और पूरी मानवता के साथ किया। उनका योगदान सदैव स्मरणीय और प्रेरणादायक रहेगा।

MP TRANSFER: सीएम मोहन यादव ने ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दी, 30 मई तक हो सकेंगे सरकारी कर्मचारियों के तबादले

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में 1 मई से 30 दिन तक कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे। मंगलवार को डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी।

स्वैच्छिक तबादले भी इसमें शामिल हैं। विभाग अपनी नीति भी बना सकते हैं। इसके लिए जीएडी (सामान्य प्रशासन विभाग) से अनुमति लेनी होगी। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई तक सभी तबादले ई-ऑफिस के तहत लागू किए जाएंगे।

इसके बाद तबादले नहीं हो सकेंगे। मंत्रियों और प्रभारी मंत्रियों को भी यह अधिकार दिया गया है। उन्हें 30 मई से पहले सभी तबादला आदेश जारी करने को कहा गया है। मंत्री और प्रभारी मंत्री तबादला नीति में कैबिनेट द्वारा रखे गए प्रस्तावों के अनुसार तबादले कर सकेंगे। इसके लिए विभागों में पदवार तबादलों का प्रतिशत भी तय कर दिया गया है।

  • 200 पदों के लिए 20 प्रतिशत
  • 201 से 1000 तक 15 प्रतिशत
  • 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत
  • 2001 से अधिक पदों पर 5 प्रतिशत स्थानान्तरण किये जायेंगे।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने तबादलों की प्रतिशत सीमा में स्वैच्छिक तबादलों को भी जोड़ दिया है, ताकि तबादलों का प्रतिशत कुल पदों की संख्या के अनुरूप ही रहे।

यदि स्वैच्छिक तबादलों को अलग रखा गया तो यह कुल पदों की संख्या के प्रतिशत से अधिक हो जाएगा। इसलिए कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि पदों के आधार पर तय की गई तबादलों की संख्या और प्रतिशत में स्वैच्छिक तबादलों को भी जोड़ा जाएगा।

Ladli Laxmi Utsav: 2 मई को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में मनेगा “लाड़ली लक्ष्मी उत्सव”

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ की गई लाड़ली लक्ष्मी योजना ने राज्य की बेटियों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि इसका व्यापक दृष्टिकोण बेटियों को सशक्त बनाना, उन्हें शिक्षा से जोड़ना और समाज में उनके सम्मान को बढ़ाना है।

यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपनी बेटियों की पढ़ाई या भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे। मध्यप्रदेश में जन्मी हर बालिका, यदि पात्रता की शर्तें पूरी करती है, तो उसे इस योजना के अंतर्गत सरकारी सहायता प्रदान की जाती है।

2 मई को राज्यभर में मनेगा ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’

2 मई 2025 को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और उन्हें सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का संकल्प है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि यह दिन बेटियों के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाएगा। इस दिन प्रत्येक जिले, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बेटियों को प्रमाण पत्र, छात्रवृत्तियां और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

लाड़ली लक्ष्मी योजना की मुख्य विशेषताएं

वित्तीय सहायता का चरणबद्ध वितरण

इस योजना के अंतर्गत बच्ची के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक राज्य सरकार द्वारा लगातार आर्थिक सहायता दी जाती है:

  • बच्ची के जन्म के बाद: ₹6,000 की सहायता राशि
  • कक्षा 6 में प्रवेश पर: ₹2,000
  • कक्षा 9 में प्रवेश पर: ₹4,000
  • कक्षा 11 में प्रवेश पर: ₹6,000
  • कक्षा 12 में प्रवेश पर: ₹6,000
  • और 18 वर्ष की आयु के पश्चात ₹1 लाख की राशि

शैक्षणिक प्रोत्साहन

योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को शिक्षा से जोड़ना और विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति को रोकना है। इसके लिए स्कूलों में उन्हें फ्री यूनिफॉर्म, किताबें, साइकल और छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है।

बेटियों की शिक्षा और स्वावलंबन को प्राथमिकता

आज की लाड़ली बेटियां कल की डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अफसर, शिक्षक और उद्यमी बन रही हैं। इस योजना ने उन परिवारों को भी बेटियों की शिक्षा के लिए प्रेरित किया है, जो पहले उन्हें स्कूल भेजने से हिचकते थे।

सरकार का मानना है कि जब बेटी पढ़ेगी तभी समाज और देश आगे बढ़ेगा। ‘पढ़ेगी बेटी, बढ़ेगा देश’ इस योजना की मूल भावना है।

समाज में मानसिकता में आया सकारात्मक परिवर्तन

लाड़ली लक्ष्मी योजना का एक अप्रत्यक्ष लेकिन महत्वपूर्ण प्रभाव यह रहा है कि बेटियों के प्रति समाज की सोच में बदलाव आया है। पहले जहाँ बेटियों को बोझ समझा जाता था, अब उन्हें गर्व का विषय माना जाने लगा है।

कन्या भ्रूण हत्या में भारी गिरावट और लिंगानुपात में सुधार जैसे सकारात्मक संकेत इस योजना की सफलता को प्रमाणित करते हैं।

‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ की तैयारियां जोरों पर

2 मई को आयोजित होने वाला यह उत्सव सामूहिक भागीदारी का प्रतीक होगा। स्कूलों, पंचायत भवनों और नगर निगमों में आयोजित कार्यक्रमों में:

  • सम्मान समारोह आयोजित होंगे
  • उपलब्धि प्राप्त बेटियों का अभिनंदन किया जाएगा
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बेटियों की प्रतिभा को मंच मिलेगा
  • सशक्तिकरण पर आधारित नुक्कड़ नाटक और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी
  • मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश की किसी प्रमुख पंचायत में शामिल होंगे और लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से सभी जिलों को संबोधित करेंगे।

आगे की योजनाएं और विस्तार

राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, और करियर काउंसलिंग जैसे नए आयाम भी जोड़े जाएंगे। इससे बेटियाँ केवल आत्मनिर्भर ही नहीं, डिजिटल युग में सशक्त और सक्षम बनेंगी।

नवाचार के साथ डिजिटल एकीकरण

अब लाड़ली लक्ष्मी योजना का ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप भी उपलब्ध है, जिससे आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है। माता-पिता अपने मोबाइल से ही आवेदन की स्थिति, किश्तों की जानकारी, और प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

योजना के प्रभाव को दर्शाते आँकड़े

  • अब तक 78 लाख से अधिक बालिकाएं योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं
  • लगभग ₹9,000 करोड़ से अधिक की राशि का वितरण
  • 12वीं पास बालिकाओं का प्रतिशत योजना के आरंभ के बाद 68% से बढ़कर 89% हुआ

MP POLICE VACANCY: मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए बनेगा अलग बोर्ड, भर्ती प्रक्रिया में आएगी तेजी

मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य में पुलिस के कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर सहित अन्य ग्रेड-3 पदों पर भर्ती के लिए एक अलग भर्ती बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य वर्तमान में चल रही लंबी भर्ती प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

भर्ती प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण: कर्मचारी चयन बोर्ड पर अधिक भार

वर्तमान में मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती का जिम्मा कर्मचारी चयन बोर्ड (ESB) के पास है, लेकिन बोर्ड के पास पहले से ही कई अन्य विभागों की भर्तियों का कार्यभार होने के कारण पुलिस भर्ती में 1.5 से 2 साल तक का समय लग जाता है

पुलिस मुख्यालय ने बार-बार इस विषय में सरकार को सुझाव दिया था कि एक स्वतंत्र पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जाए, जिससे सालाना आधार पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज किया जा सके। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर संज्ञान लिया है और डीजीपी कैलाश मकवाना को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट को भेजने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा: पिछड़ी जनजातियों को विशेष प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बैगा, सहरिया और अन्य पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को पुलिस भर्ती में विशेष अवसर दिए जाएं। इसके लिए एक विशेष योजना तैयार की जाएगी जिससे इन समुदायों के बेरोजगार युवाओं को सरकारी सेवा में स्थान मिल सके।

भर्ती बोर्ड के गठन से क्या होंगे फायदे?

1. समयबद्ध चयन प्रक्रिया

नए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन से यह सुनिश्चित होगा कि हर साल नियमित रूप से भर्ती प्रक्रिया चलाई जा सके। इससे 20,000 से अधिक रिक्त पदों को तेजी से भरा जा सकेगा।

2. स्वतंत्र और पारदर्शी प्रक्रिया

एक स्वतंत्र बोर्ड होने से भर्ती प्रक्रिया पर किसी अन्य विभाग का बोझ नहीं होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और परीक्षाएं व परिणाम समय पर जारी किए जा सकेंगे।

3. युवाओं को मिलेगा शीघ्र अवसर

हर साल कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर के हजारों पदों पर भर्ती का रास्ता खुलेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर तेजी से मिलेंगे।

मौजूदा स्थिति: 7500 कांस्टेबल और 500 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती स्वीकृत

सरकार ने हाल ही में 7500 पुलिस कांस्टेबल और 500 सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी है। इन पदों के लिए पुलिस मुख्यालय ने कर्मचारी चयन बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। बोर्ड ने वर्ष के अंत तक परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन 1 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए इस वर्ष चयन की संभावना कम मानी जा रही है।

ऐसे में अगर पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन जल्दी हो जाता है तो इन पदों को जल्दी भरा जा सकता है और युवाओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा

पुलिस बल की वर्तमान स्थिति और रिक्त पदों की संख्या

मध्य प्रदेश पुलिस बल में फिलहाल लगभग 20,000 पद खाली हैं। इस कारण राज्य में कानून व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कई जिलों में पुलिसकर्मियों की भारी कमी है, जिससे अपराध नियंत्रण में दिक्कतें आ रही हैं।

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि हर साल कम से कम 6,000 कांस्टेबल और 300 एसआई की भर्ती होनी चाहिए ताकि पुलिस बल हमेशा सशक्त बना रहे।

सिंहस्थ को देखते हुए भर्ती की तैयारी

सरकार ने 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए अभी से कांस्टेबलों की भर्ती हर साल करने की योजना बनाई है। इस धार्मिक आयोजन के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है और इसके लिए अपर्याप्त पुलिस बल एक चुनौती बन सकता है।

भर्ती बोर्ड गठन की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, अब डीजीपी प्रस्ताव बनाकर गृह विभाग के माध्यम से कैबिनेट में भेजेंगे। कैबिनेट से अनुमोदन मिलने के बाद भर्ती बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसके बाद यह बोर्ड अपने स्वतंत्र ढांचे के तहत विज्ञापन, परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति तक की प्रक्रिया संचालित करेगा।

भविष्य की संभावनाएं: हर साल होगी नियमित भर्ती

इस बोर्ड के गठन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर साल पुलिस बल में नई नियुक्तियां हो सकें। इससे न केवल बेरोजगारी घटेगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके साथ ही अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी पुलिस भर्ती एक समयबद्ध कैलेंडर पर आधारित होगी।