सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आया है। जिले के उत्तर सामान्य वन मंडल के धूमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बरबटी गांव के पास एक खेत में वयस्क भालू का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल भालू की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने खेत में देखा मृत भालू, तुरंत दी वन विभाग को सूचना
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात बरबटी गांव के कुछ ग्रामीण खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में पड़े एक वयस्क भालू पर पड़ी। पास जाकर देखने पर पता चला कि भालू की मौत हो चुकी है। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही धूमा वन परिक्षेत्र के अधिकारी और वन अमला घटनास्थल पर पहुंचा। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया, पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शरीर पर नहीं मिले बाहरी चोट के निशान, जांच कई बिंदुओं पर केंद्रित
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में भालू के शरीर पर किसी भी प्रकार के स्पष्ट बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इससे मामला और भी रहस्यमय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही चल सकेगा।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं भालू की मौत बीमारी, करंट लगने, विषैले पदार्थ के सेवन, दूसरे वन्यजीव से संघर्ष या किसी अन्य कारण से तो नहीं हुई।
रेंजर आकाश परोहा ने कही यह बात
धूमा वन परिक्षेत्र के रेंजर आकाश परोहा ने बताया कि भालू की मौत के कारणों को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो वन विभाग विस्तृत जांच करेगा और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, लोगों से की सहयोग की अपील
घटना के बाद वन विभाग ने बरबटी और आसपास के वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी वन्यजीव की असामान्य गतिविधि, घायल जानवर या किसी संदिग्ध घटना की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के आसपास रहने वाले वन्यजीवों की अचानक मौतें पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों की वैज्ञानिक जांच न केवल मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने में मदद करती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होती है।
अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि बरबटी के खेत में मिले इस वयस्क भालू की मौत प्राकृतिक थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।


