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सिवनी: मुख्यमंत्री शिवराज के लिए पूर दिया 120 वर्ष पुराना धोबी टांका, रजक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

सिवनी: सिवनी जिला मुख्यालय में बारापत्थर एरिये में स्थित भाजपा कार्यालय के बाजू एक धोबी टांका था जिसे लगभग 120 वर्ष पुराना बताया जा रहा है, जिसे सीएम शिवराज के सिवनी आगमन पर भाजपा कार्यालय के उद्घाटन से पूर्व पूरी तरह से पूर दिया गया था

रजक महासंघ सिवनी से बातचीत में उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यालय के बाजू में जो धोबी टांका था वह लगभग 120 वर्ष पुराना है और सीएम शिवराज के आने के लिए उसे पूर दिया गया था , उस धोबी टाँके पर नगर के धोबी समाज के लोग कपड़े धोकर सुखाते हैं एवं अपना जीवन यापन चलाते हैं।

सिवनी रजक महासंघ ने ज्ञापन के द्वारा सीएम शिवराज से मांग की है कि उस धोबी टाँके को पूर्व की तरह से व्यवस्थित किया जाए.

रजक महासंघ ने ज्ञापन में लिया कि सिवनी नगर में भाजपा कार्यालय के प्रथम तल के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री के भाषण के लिए जो धोबी टांका को मिट्टी एवं गिट्टी से पुरकर वहां सभा मंच बनाया गया जिसे तत्काल खाली करा कर पूर्व की भांति व्यवस्थित करने की मांग को लेकर धोबी समाज ने मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा

सिवनी: उपायुक्त सहकारिता सिवनी की कार्रवाई से मची खलबली

धारनाकला (एस.शुक्ला): सहकारिता से जुडी सहकारी समितियो मे व्याप्त अनियमितताऐ और शिकायत की जांच उपरांत की जा रही ठोस कार्रवाई सै समितियो मे हडकंप की स्थिति निर्मित हो गई है और सहकारी समिति से जुडे सैकड़ो किसानो ने राहत की सांस लेते हुए उपायुक्त द्वारा की जा रही निस्पक्ष कार्रवाई की सराहना की है.

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति लालपुर के विरूद्ध हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है की शिकायत कर्ता सतेन्द्र राहगडाले अध्यक्ष भा ज पा युवा मोर्चा धारनाकला के द्वारा की गई शिकायत की जांच शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैक धारनाकला के द्वारा कराई गई जांच अधिकारी के द्वारा प्रस्तुत प्रति वेदन मे उल्लेख किया गया है.

शिकायत मे उल्लेखित बिन्दु खाद की नगद बिक्री की जाना एवं राशि बैक शाखा मे जमा न करने के सम्बन्ध मे पाया गया की समिती को प्राप्त खाद एवं विक्रय की गई खाद के स्टाक मे अन्तर पाया गया तथा राशि रूपये 7,64 सात लाख चौसठ हजार रूपये बैक मे जमा होना नियमानुसार नही पाया गया खाद वितरण मे भारी अनियमितताए पाई गई.

शिकायत मे आरोप केअनुसार संस्था द्वारा संचालित बचत बैक मे अमानत दारो की जमा राशि का भुगतान न किया जाने सम्बंधी शिकायत भी सही पाई गई और अमानत दारो की जमा राशि का गबन करना पाया गया

शिकायत मे यह भी पाया गया की समिति प्रबंधक द्वारा अपने पुत्र से संस्था मे अवैध एवम अनाधिकृत रूप से खाद का कराया जाना भी पाया गया

जांच प्रतिवेदन के आधार पर उपायुक्त सिवनी द्वारा तत्काल समिति प्रबंधक को सेवा नियमो के प्रावधानो के तहत सेवा से प्रथक करने की कार्यवाई के साथ पुलिस मे प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज के आदेश किये है

आष्टा समिति के कर्णधारो पर भी होगी कार्रवाई
उल्लेखनीय है किसानो से जुडी बृहताकार सहकारी समिति आष्टा की भी यही कहानी है जहा बचत बैक तथा अमानत दारो की राशी मे गडबडी के आरोप इस समिती से जुडे किसान लगा रहे है जिसकी जांच भी किसानो ने किये जाने की मांग रखी है

खाद से सम्बंधित मामले मे हो चुका है चक्काजाम
उल्लेखनीय है की आष्टा समिती मे खाद से सम्बंधित अनियमितताऐ बरतने के मामले मे किसानो ने चक्काजाम भी किया था जिसमे मौके पर उपायुक्त सहकारिता सिवनी तहसीलदार बरघाट कृषि विभाग से डी डी ए की समझाईस पर किसानो ने चक्काजाम समाप्त किया था तथा तत्काल उपायुक्त सहकारिता सिवनी द्वारा कार्रवाई करते हुए समिति प्रबंधक को हटा दिया गया था और समिती मे कार्यरत आपरेटर को समिति प्रबंधक का प्रभार दिया गया था.

धान एवं गेंहू खरीदी प्रभारी पर होगी कार्रवाई
यहा यह भी उल्लेखनीय है की सहकारी समिति आष्टा के द्वारा खरीदी केन्द्र आष्टा एवं कल्याणपुर मे भी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य किया गया था जिसमे धान खरीदी प्रभारीयो ने भारी अनियमितताऐ बरतने मे कोई कमी बाकी नही रखी है और उसी का परिणाम है की समिती आज गर्त मे पडी है जिसमे उपायुक्त सिवनी द्वारा धान खरीदी प्रभारी से राशि वसूली के नोटिस भी तामिल हुऐ है जिसमे छेत्र के किसानो द्वारा भी ठोस कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है.

समिति मे व्याप्त अनियमितताओ की शीघ्र हो जांच तथा कार्रवाई
आष्टा जनपद पंचायत सदस्य श्री मति सरोज रूपेद बिसेन के द्वारा भी कहा गया है की कहने को यह किसानो की समिती है किन्तु इस समितिमे कार्यरत कर्मचारी इस समिती का दोहन करने से बाज नही आ रहे है जनपद सदस्य ने यह भी कहा की किसानो की इस समिती मे वर्ष मे एक बार किसानो की आम सभा होती है

जिसमे समिति के आय व्यय से सम्बंधित एव लेखा जोखा का ब्योरा प्रस्तुत किया जाता है किन्तु आम सभा तो होती है परन्तु इनके द्वारा आज तक आय व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत आम सभा मे नही किया गया इस सत्र की आम सभा भी सम्पन्न हुई नही और विवादो से घिरी रही तथा किसानो ने आम सभा का बहिष्कार भी कर दिया था किन्तु समिति के कर्णधारो ने अपने रिकार्ड मे आम सभा सम्पन्न जरूर बता दी

वर्तमान मे संचालक बोर्ड के भंग होने के बाद कुछ समय से समिति मे प्रशासक के हाथो मे बागडोर है और यही कारण है पिछले समय की पूरी कहानी और अनियमितताऐ किसानो व जनता के सामने खुलकर आई है चूकि आम सभा मे पारदर्शिता के साथ प्रशासक के द्वारा जनता और किसानो के बीच मे बात रखी गई थी और यही कारण है की बहुत सी भारी अनियमितताऐ आम सभा मे किसानो के सामने आ गई

जांच मे होगा खुलासा
जनपद सदस्य ने यह भी कहा है की किसानो से जुडी इस समिति की निस्पक्ष जाच के साथ ही ठोस कार्रवाई भी होनी चाहिये ताकि आने समय मे सरकार द्वारा संचालित किसानो की हितैषी योजना ओ का लाभ किसानो को मिल सके

MP Weather Forecast: एमपी में 24 घंटों में मौसम बदलेगा अपना रूख, जानिए आपके जिले में बारिश की संभावना का अपडेट

MP Weather Forecast। मध्यप्रदेश में पोस्ट मानसून बारिश के आसार बनते दिखाई दे रहे हैं। रविवार से इंदौर-भोपाल समेत कई इलाकों में हल्के से मध्यम बादलों ने डेरा डाल दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सोमवार को ग्वालियर-चंबल में बादल छाने लगेंगे।

अगले 24 घंटों में मौसम पूरी तरह बदल जाएगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बढ़ गई है।

मौसम वैज्ञानिक अशफाख हुसैन के अनुसार मंगलवार से तीन दिन तक मध्यप्रदेश में बादल और बारिश की स्थिति बनेगी। पोस्ट मानसून में यह पहली बारिश होगी। इस दौरान रात में हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। मध्यप्रदेश में अक्टूबर में हल्की ठंड के बाद नवंबर में अभी तक तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं रही है।

अभी तीसरा सिस्टम बन रहा है। पाकिस्तान से होते हुए दो सिस्टम गुजर चुके हैं। नया सिस्टम 9 नवंबर से एक्टिव होगा। इसके जाते ही 12 नवंबर से प्रदेश में ठंड की शुरुआत होने की संभावना है। दिन और रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। यहीं से तेजी से ठंड की शुरुआत हो सकती है।

9 नवंबर से सक्रिय होने वाले नए सिस्टम का असर अभी की स्थिति में मालवा, निमाड़, ग्वालियर, चंबल, नर्मदापुरम, भोपाल तक असर रहेगा। महाराष्ट्र से सटे इलाकों जैसे जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा समेत अन्य इलाकों में इसका असर नहीं रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिन प्रदेश में दिन और रात का पारा चढ़ेगा। इससे दिन-रात को हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। मौसम बदलने से लोगों को सर्दी जुकाम की समस्या रहेगी। बीते दिन में रात का पारा 11 डिग्री तक पहुंच चुका था, लेकिन दो दिन से इसमें बढ़ोतरी हो रही है।

अब रात का पारा 17 डिग्री के ऊपर चला गया है। अगले तीन दिन से चार दिन रात का पारा 16 से लेकर 18 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि दिन में पारा 32 से 34 डिग्री के बीच रहेगा।

प्रदेश के कई इलाकों में दिन का पारा 34 डिग्री के पार पहुंच गया है। भोपाल दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, खंडवा, राजगढ़, उज्जैन, दमोह और सागर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। सिवनी, नरसिंहपुर और पचमढ़ी में ही दिन का पारा 30 डिग्री से कम रहा।

सिवनी जिले में पत्रकार बनने की लगी होड़….

सिवनी। समूचे सिवनी जिले में इन दिनों जिस व्यवसाय की सबसे अधिक चर्चा है उसमें मजदूरी, ठेकेदारी, व्यापार, दलाली, झोलाछाप चिकित्सा न होकर आश्चर्य जनक रूप से पत्रकारिता है। जी हाँ पत्रकारिता के व्यवसाय याने पत्रकार बनने के लिए न तो अधिक श्रम की आवश्यकता है,न पूंजी की और तो और ना हीं किसी विशेष शिक्षा का मानदंड या डिग्री की।

बस करना इतना है कि थोड़े अलफाज हो,बकाबकिया हो,थोड़ा सा आधा अधूरा समाचारों का ज्ञान चाहे लिखना-पढऩा ना भी आता हो तो आप के लिए यह व्यवसाय काफी मुफ़ीद साबित हो सकता है। एक बार कहीं से यह तमगा या ठप्पा लगा नहीं कि आप सौ-दो सौ और कभी हजारों के आसामी बन सकते है।

वैसे इस पत्रकारिता की अवैध फसल को लहलहाने का मौका हमारे शासकीय हुक्मरान और कर्मचारी बरबस ही मुहैया कराते हैं। देखा जा रहा है इन दिनों जिसे कुछ करना नहीं सूझता और ऊपर बताई गई योग्यताऐ रखते हो तो वह पत्रकार बन जाता है।

पत्रकार बनने की फेहरिस्त में अखबार बांटने और बंडल बनाने वालों से लेकर कुख्यात जुआरी और सटोरिऐ व ब्याज में पैसे चलनेवाले से लेकर कुछ होटलों के बैरे और खानसामा भी है। इन्हे पत्रकार बनाने या बन जाने देने में हमारे स्थापिता समाचार पत्रों के संपादकों का भी कम योगदान नहीं है।

ठीक उसी तर्ज पर जैसे बड़े नेता अपने लग्गा भग्गुओं को खैरात बांटता है। खरपतवार गाजर घास की तरह उग आए पत्रकारों का झुरमुट,खास तौर पर जनपद जिला पंचायत सोसायटियों के दफ्तर,तहसील और पंचायतों में पनपता देखा जा सकता है।

इन स्वनामधारी पत्रकारों के बारे में क्या जिलाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (एस .डी.एम)या फिर जनसंपर्क कार्यालय को जानकारी नहीं है ?ऐसा हो नहीं सकता तो फिर ये जिम्मेदार आखिर खामोश क्यों है? क्या कहीं इनकी भी तो नब्ज नहीं दबी है? जो भी हो पर इस उदासीनता से गैर पेशागत और ब्लैकमेलर इनश सों जो अपने आपको पत्रकार बताते हैं और अपने वाहनों पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की तर्ज पर प्रेस का मोनो चस्पा करते हैं से स्थापित और वास्तविक पत्रकारों को यदा-कदा अपमान का सामना करना पड़ता है और काफी हद तक पत्रकारिता व्यवसाय की थू-थू- हो रही है से इंकार नहीं किया जा सकता।

सिवनी: सूदखोरी का व्यवसाय पनप रहा नगर में

सिवनी। सिवनी नगर जो कि आज से कुछ समय पहले तक अपनी शांतिप्रियता के लिये जाना पहचाना जाता था आज धीरे-धीरे अपराध और अपराधियों की शरणस्थली बनते जा रहा है।

भारतीय कानून जिन कामों की इजाजत नहीं देता वे ही काम शहर के वाशिंदो को पसंद आ रहे हैं। ऐसा ही एक काम सूदखोरी अर्थात ब्याज मंे पैसा चलाने का है। यहां एक वर्ग ऐसा है जो कि पीढियों से यह काम कर रहा है और उन्हें शासन की अनुमति प्राप्त है जिससे वे अपना पैसा महाजनी ब्याज पर देते हैं।

किंतु एक अन्य वर्ग भी है जो कि दबंगता और बाहुबल के आधार पर अपना पैसा शहर मंे फैला रहा है। ये मुख्यतः अययाश शासकीय कर्मचारियों और उनकी बिगडी औलादों के साथ-साथ व्यापारियों को अपना निशाना बनाते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार येे 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत की ब्याज दर मंे अपना पैसा लोगों को दे रहे हैं जो कि सरासर अन्याय है ।

पूर्व पुलिस अधीक्षक ने सूदखोरों पर लगाम कसने के लिये कई अभियान चलाए थे जिनमें उन्हें भारी सफलता भी मिली थी। किंतु धीरे-धीरे यह अभियान बंद हो चुके हैं। जिससे इन सूदखोरों के हौसलें बुलंद हैं यदि शासन जांच करना चाहे तो शासकीय सेवकों की तनख्वाह मिलते वक्त बैंक में इन सूदखोरों को आराम से देख सकती हैं।

किंतु पैसा लेकर ब्याज देने के आदि हो चुके लोग किसी भी प्रकार से इनकी शिकायत करने से घबराते हैं क्योकि वसूली करने के मामले में ये किसी भी हद तक जाकर पैसा वसूलते हैं फिर चाहे मारपीट करनी हो या अन्य हथकंडे ।

MP का Seoni जिला बना सट्टे मटके के मामले में मिनी महाराष्ट्र

सिवनी। सिवनी शहर में अब सट्टे का कारोबार बड़े पैमाने पर फलफूल रहा हैं। अभी तक पर्चियों के जरिये चल रहे सट्टा किंग के इस अवैध कारोबार में लोग सोशल मीडिया का भी जमकर इस्तेमाल करने लगे हैं।

पर्ची लिखने के जमाने से शुरू हुआ सट्टा करोबारी शेयर मार्केट के अंकों पर चलना शुरू हुआ था। लेकिन जैसे-जैसे लोग हाईटेक होते गए वैसे ही सट्टे का कारोबार भी आज मार्डन हो गया है।

जिसके चलते सट्टे का कारोबार अब कागज के पन्नों से हटकर सोशल मीडिया या कहें व्हाट्सएप्प के जरिए बड़े पैमाने पर फल फूल रहा है।

सट्टा का बाजार हुआ गरमा-गर्म

शहर में एक बार फिर से सट्टा-बाजार गर्म हो गया है। इस कारोबार में कई सफेदपोश लोग भी शामिल हैं जो कहने के लिए शहर के बड़े व्यापारी हैं और उनका असली काम सट्टे का ही है। इसके अलावा सिवनी के सटोरियों के लिए सट्टा लगाने की व्यवस्था सोशल मीडिया व्हाट्सएप में से शुरू कर दी गई है। लोगों ने जब इस संबंध में कुछ सटोरियों से संपर्क साधा तो नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर उन्होंने बताया कि शहर में इन दिनों आठ बड़े बुकी ही बड़े स्तर पर सट्टेबाजी में जुड़े हुए हैं।

हाईटेक हुआ सट्टे का कारोबार

इस कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो पहले तो वह सट्टे का कारोबार पर्ची के माध्यम से किया करते थे। जिससे अगर पुलिस इसके खिलाफ कार्रवाई करती थी, तो पर्ची पाए जाने पर जेल जाना तय हो जाता था। लेकिन अब सट्टा का खेल पर्ची का माध्यम छोडक़र सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) के जरिये सट्टे के नंबर लिखने का काम करते हैं।

उनका कहना है कि अगर पुलिस मुखबिर की सूचना पर सट्टा लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है तो सबसे पहले उनकी जेबों में पर्चियां ढूढ़ी जाती हैं। लेकिन सारा काम व्हाट्सएप्प के जरिये होता है इसलिए उनको कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाते। इसीलिए सट्टा कारोबारियों ने अब व्हाट्सएप्प के जरिये सट्टे का नंबर लिखने का काम शुरू कर दिया है।

कई सफेदपोश बने सट्टा किंग

जानकारी के मुताबिक एक रिक्शा चालक से लेकर कई बड़े-बड़े बिजनेसमैन और सफेदपोश नेता भी सट्टे के सट्टा बाजार कारोबार में नंबर लिखवाकर अपना भाग्य आजमाने का प्रयास करते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक के साथ ही कई सफेदपोश नेता भी इस सट्टा बाजार को अपना संरक्षण दे रहे हैं। यहां तक कि पुलिस से भी सांठ-गांठ करके इस कारोबार (सट्टा किंग 2021) को बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है।

सट्टेबाज दे रहे पुलिस को चुनौती

जी हां सिवनी जिले में सट्टेबाज पुलिस वालों को खुलेआम चुनौती देते नजर आ रहे हैं सट्टेबाज बकायदा अपने आसपास सीसीटीवी कैमरे का उपयोग कर अपने यहां आने वाले हर एक व्यक्ति पर नजर बनाए है बकायदा चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे पर यह निगरानी करते हैं और खुलेआम अपना सट्टा मटका का खेल खिलाते हैं

यह है खेलने का तरीका-इस खेल में शून्य से नौ तक ईकाई, दहाई का अंक लगाने पर एक रूपये के दस रूपये मिलते हैं। इसके अलावा एक से सौ तक का कोई नंबर लगाने पर अगर फंस गया तो 12 रूपये के 100 रूपये मिलते हैं। हर जीत पर रकम का पच्चीस प्रतिशत हिस्सा ऐजेन्ट का है।

इसके अलावा हार पर भी कुछ इतना ही मिलना तय है। सट्टे के कारोबार में केवल खाइवाल अपना घर भरता है। ओपन और क्लोज़ के इस खेल में 9 घर खाइवाल के पास होते हैं जबकि एक घर खेलने वाले के पास। विनाश के इस खेल में रूपये का लेनदेन ईमानदारी से किया जाता है। सूत्रों की माने तो नगर में रोज़ाना लाखों रूपये का सट्टा खेला जा रहा है।

लोगों को होना पड़ेगा जागरूक

सामाजिक कोढ़ बन चुके इस इस अवैध काम से बचने के लिये लोगों को खुद जागरूक होना पड़ेगा। कम समय और बिना मेहनत के सट्टे और मटके के इस खेल में नौजवान गलत रास्ते पर चल पढ़े हैं और युवा पीढ़ी इसमें फंसती जा रही हैं। अंको के इस जाल में छात्र, नवयुवक, बेरोजग़ार, मज़दूर वर्ग अधिक प्रभावित हो रहे हैं और किस्मत के भरोसे अपना सबकुछ गंवा रहे हैं। सट्टे के इस कारोबार को रोकने के लिये पुलिस प्रशासन के साथ साथ आम नागरिक और जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना पड़ेगा।

ज़रूरत है बड़ी कार्यवाही की

सटोरियों पर की जाने वाली कार्यवाही में अधिकांश प्रकरणों में सज़ा जुर्माना के तौर पर होती है जिसका फायदा क्षेत्र के खाइवाल उठा रहे हैं। पहले तो धरपकड़ नहीं की जाती, और अगर उच्चाधिकारियों के अभियान में किसी को पकड़ भी लिया जाये तो अधिकांश जुए की धारा में जेल भेजे जाते हैं। शायद यही कारण है सटोरियों में कानून का कोई भय नहीं होता। खाकी की ओर से अनदेखी जारी है जिससे सट्टा कारोबारियों के हौंसले बुलन्द हैं।

अधिकांश अड्डे पुलिस के संज्ञान में है पर कार्यावाही शून्य जिससे संरक्षण की बात सामने आती हैं। पुलिस की कार्यावाही सट्टे के धंधे पर अंकुश लगाने में नाकाफी साबित हो रही है। क्षेत्र के सटोरियों पर कड़ी कार्यवाही की ज़रूरत है।

सिवनी: सहकारी समिति की जांच शुरू होते ही होने लगा अनियमितताओ का खुलासा

धारनाकला (एस.शुक्ला): बृहताकाल सहकारी समिति आष्टा मे व्याप्त अनियमितताओ की जैसे ही जांच प्रारम्भ हुई वैसे ही। और भी अनेको अनियमितताओ का खुलासा होने लगा है.

उल्लेखनीय है कि समिति के द्वारा वर्ष 2021 ,22 मे समिति के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य खरीदी केन्द्र आष्टा एवम खरीदी केन्द्र कल्याणपुर मे किया गया था जिसमे धान खरीदी प्रभारी के द्वारा अपने स्वार्थ की रोटी सेकने मे तो कोई कसर नही छोडी गई किन्तु गरीबो का मजदूरो का तथा खरीदी मे उपयोग आने वाली सामग्री का भुगतान आज तक नही किया गया है जिससे गरीब मजदूरो का दीवाली जैसा त्योहार भी सूना रहा है और गरीब अपने मजदूरी भुगतान को लेकर आज भी धान खरीदी प्रभारी के चक्कर लगा रहे है.

आम सभा मै भी हो चुका है हंगामा

उल्लेखनीय है समिती की आम सभा मे भी मजदूर एवम हमाल तथा सामग्री प्रदाय करने वाले दर्जनो लोगो ने समिति की वार्षिक आम सभा मे अपने भुगतान को लेकर बात रखते हुए हंगामा खडा किया था और आम सभा मे भी समिती के कर्मचारीयो का काला चिट्ठा लोगो के सामने खुलकर आया था एवं समिति की आम सभा भी सम्पन्न नही हो पाई थी और किसानो ने आम सभा का बहिष्कार भी कर दिया था किन्तु समिति के कर्णधार ने अपने रिकार्ड मे आम सभा सम्पन्न की मुहर लगा दी

गेहू खरीदी मे भी हुआ गोलमाल

यहा यह भी उल्लेखनीय है की समिती के द्वारा कल्याणपुर खरीदी केन्द्र मे समर्थन मूल्य पर गेहू खरीदी का भी कार्य किया गया जिसमे किसानो के द्वारा स्वय ही खरीदी केन्द्र मे लाये गये गेहू की भराई और तुलाई का कार्य किया गया चूकि धान खरीदी मे इनके द्वारा बरती गई अनियमितताओ के कारण मजदूर वर्ग ने एवं हममालो ने काम करना ही उचित नही समझा था ऐसी स्थिति मे किसानो के द्वारा अपनी लाई गई उपज को भरने और तौलने का काम किया गया किन्तु समिति के खरीदी प्रभारी ने फर्जी तरीके से गेहू खरीदी मे हमाल एवं मजदूरो के नाम का तक पैसा निकालकर गोलमाल कर दिया
यहा यह बताना भी लाजिमी है की धान खरीदी एवम गेंहू खरीदी के लिये प्रासंगिक व्यय के रूप मे नागरिक आपूर्ति निगम से राशि प्राप्त होती है किन्तु उस राशि का किस तरह दुरूपयोग हुआ है यह आष्टा की समिती मे देखा जा सकता है

हमाल एवं मजदूरो के लीडर ने स्वीकार किया फर्जी बिल प्रस्तुत करना

यहा यह भी उल्लेखनीय है की समिती द्वारा की गई धान एवम गेहू खरीदी मे हमाल एवम मजदूरो से काम तो कराया गया किन्तु उन्हे फर्जी बिल प्रस्तुत करने के लिये भी खरीदी प्रभारी द्वारा कहा गया और खरीदी प्रभारी के कहने पर हमाल एवम मजदूरो के लीडर द्वारा लाखो रूपये के फर्जी बिल आम सभा मे प्रस्तुत कर दिये गये जब समिति से जुडे लोगो ने कहा की इतना पैसा आपका बाकि नही है तब खरीदी मे लगे हमाल एवम मजदूरो के लीडर ने सच्चाई बता ही दी की उसने खरीदी प्रभारी के दबाव मे फर्जी बिल बनाकर पेश किया था और यह भी बताया की उसके मजदूरो के वास्तविक पैसा 47000 सैतालीस हजार रूपये है किन्तु प्रशासक के समक्ष 163000 एक लाख तिरसठ हजार का बिल पेश किया गया है.

मनमाने तरीके से भी हुई भरतिया

बृहताकार सहकारी समिति आष्टा मे ग्रामीण जनो का यह भी आरोप है कि इस समिति मे नियमो को ताक पर रखकर धनबल के सहारे कर्मचारीयो की भर्ती भी की गई है तथा सहकारिता नियमो को ताक पर रखकर सहकारी समिति आष्टा को डुबाने मे कोई कसर नही छोडी गई है जिसे भी समिति प्रबंधक के दायित्व का मौका मिला उसी के द्वारा समिति को गर्त मे ले जाने व अपना स्वार्थ सिद्ध करने मे कोई कसर नही छोडी गई

उपायुक्त सहकारिता सिवनी से जारी हुआ नोटिस

यहां यह बताना भी लाजिमी है की धान खरीदी प्रभारी आष्टा एवम कल्याणपुर को धान खरीदी मे बरती गई अनियमितताओ और भारी मात्रा मे धान की घटत आने पर लगभग तेईस से चौबीस लाख रूपये वसूली के नोटिस भी जारी हुऐ है चूकि दोनो धान खरीदी केन्द्र मे धान खरीदी प्रभारीयो ने अपनी तो चांदी पीटने मे कसर नही छोडी पर समिति को जरूर गर्त मे ढकेलने कोई कमी नही रखी

समिती हुई ब्लेक लिस्टेड

यहा यह भी उल्लेखनीय है समिती मे पदस्थ कर्म चारियो की अर्थ लोलुपता के चलते समर्थन मूल्य धान खरीदी मामले यह समिति ब्लेक लिस्टेड हो चुकी है और मजे की बात तो ये है कि इसके पूर्व के वर्षो मे भी यह समिति ब्लेक लिस्टेड हो चुकी है उसके बाद भी समिति मे पदस्थ कर्म चारियो ने समिति हित को ध्यान मे न रख अपना हित सबसे पहले रखा है और समिती की नैया डुबाने मे तो कमी नही रखी पर स्वय मालामाल बनकर बैठे है

क्यो नही होती ठोस कार्रवाई

यहा यह भी उल्लेखनीय है की समिती की अनियमितताऐ अनेको बार सामने आती है और जांच भी होती है परन्तु ठोस कार्रवाई न होने से इनके हौसले बढते जाते है वर्तमान मे भी समिती की जाच प्रारम्भ है और कार्यवाही भी हो रही है और यही कार्य वाही जाच के बाद ठोस तरीके से होगी तो किसानो से जुडी इस समिती का कायाकल्प जरूर बदलेगा ऐसी उम्मीद जनता द्वारा की जा रही है

Gujarat Election Satta: गुजरात सट्टा बाजार में इस पार्टी के जीतने पर लगा 50 हजार करोड़ से ज्यादा का दांव, बताया ये फैक्टर करेगा काम

Satta Bazar Gujarat Election News: गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election 2022) को लेकर एक बड़ी ही चौकाने वाली खबर सामने आई है, गुजरात चुनाव को लेकर अवैध रूप से चलने वाला सट्टा कारोबार (Satta Bazar) में हलचल बहुत ही तगड़ी है. गुजरता चुनाव को लेकर सट्टा बाजार से कई मीडिया रिपोर्ट्स में आंकड़े भी जारी किये है. गुजरात चुनाव सट्टा बाजार में रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार सट्टा बाजार भी बीजेपी (BJP) की जीत पर सबसे अधिक दांव लगाए बैठे है और गुजरात चुनाव (Gujarat Elections) के चलते सट्टा बाजार (Satta Bazar) का कारोबार 50 हजार करोड़ रुपये तक का हो सकता है. 

गुजरात चुनाव में लगने वाले सट्टा का दांव इस बार रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है सटोरियों से बातचीत के आधार पर एक मीडिया रिपोर्ट ने जानकारी दी है कि बीजेपी (BJP) इस बार जीत के मामले में खुद ही अपना पिछले दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है. सटोरियों को भाजपा से गुजरात में 135 विधानसभा सीटें लाने की उम्जीमीद जताई है. वहीं, कांग्रेस 29 और आम आदमी पार्टी के खाते में 14 सीटें जाने की संभावना है.

सटोरियों ने बताया गुजरात का चुनावी फैक्टर

मीडिया रिपोर्ट की माने तो सटोरियों ने बातचीत में बताया कि पिछले 27 वर्षों की सत्ता में गुजरात में भाजपा को मात्र एक बार पटेल समुदाय की आरक्षण को लेकर नाराजगी का सामना करना पड़ा है जिसका सीधा प्रभाव 2017 के चुनाव में दिखाई दिया था 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 99 सीटें जीत पाई थी और इस बार 2017 में पटेल आंदोलन का चमकता चेहरा रहे हार्दिक पटेल ने इस साल जून में कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था.

गुजरात चुनाव में जातीय समीकरण

गुजरात के जातीय समीकरण को देखा जाए तो गुजरात में कोली समुदाय के बाद सबसे ज्यादा तादाद पटेल समुदाय की ही है. गुजरात में कोली 24 फीसदी, पटेल 15 फीसदी, मुस्लिम 10 फीसदी, एसटी 15 फीसदी, एससी 7 फीसदी, राजपूत 5 फीसदी, ब्राह्मण 4 फीसदी, वैश्य 3 फीसदी और अन्य  17 फीसदी मतदाता हैं. वहीं, 182 में 142 सीटें सामान्य हैं और आरक्षित सीटों की बात करें तो गुजरात में एससी के लिए 13 सीटें और एसटी के लिए 27 सीटें आरक्षित हैं. 

‘AAP’ को लेकर गुजरात चुनाव में सटोरियों का आकलन

सटोरियों ने यह भी आंकलन लगाया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार कांग्रेस (CONGRESS) के वोट बैंक में जमकर सेंध लगाएंगी जो की कांग्रेस के लिए बेहद ही बुरा साबित होगा और इसके साथ ही अल्पसंख्यक वोट भी ‘आप’ को मिल सकते है.

हालाँकि गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) इस बार अत्यधिक आक्रामक तरीके से पूरे जोर शोर के साथ चुनाव प्रचार में लगी हुई है, AAP का अनुमान है की पंजाब की तरह गुजरात में भी AAP ही जीतेगी

अरविंद केजरीवाल (ARVIND KEJRIWAL) ने कहा पिछले 27 वर्षों से गुजरात की जनता के पास विकल्प नहीं था, इसलिए बीजेपी जीतती रही है. लेकिन अब AAP ने गुजरात में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा भी कर दी है. ‘आप ‘ने पूर्व टीवी एंकर इसुदान गढ़वी को मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनाया है. 

एमपी में दर्दनाक सड़क हादसा: बस की टक्कर से महाराष्ट्र के 11 मजदूरों की मौत; कार की चादर काट कर निकालना पड़ा शव

मध्य प्रदेश सड़क हादसा: मध्य प्रदेश में बस और वाहन की टक्कर में 11 मजदूरों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि हादसा गुरुवार रात बैतूल में हुआ. 

ये सभी 11 मजदूर महाराष्ट्र के थे। बस से टक्कर के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस को पत्तियों को काटना पड़ा और कुछ शवों को निकालना पड़ा। एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक ये मजदूर महाराष्ट्र के अमरावती के लिए निकले थे। दोपहर 2 बजे बस ने उनकी एसयूवी को टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद सात शवों को निकाला गया।

बैतूल के पुलिस अधीक्षक शिमला प्रसाद ने जानकारी दी है कि अन्य शवों को निकालने के लिए बस को काटना पड़ा क्योंकि एसयूवी बस के अंदर घुस गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

Gujarat Opinion Poll: गुजरात ने फिर मोदी का समर्थन किया? जनमत परीक्षण में BJP को बहुमत; लेकिन 20 प्रतिशत लोग…!

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“Gujarat Opinion Poll” गुजरात चुनाव जनमत सर्वेक्षण: केंद्रीय चुनाव आयोग ने हाल ही में गुजरात विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की है। चुनाव दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को होंगे। कौन जीतेगा यह चुनाव? आठ दिसंबर को साफ हो जाएगा। चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दलों ने जोरदार प्रचार शुरू कर दिया है.

भारतीय जनता पार्टी गुजरात में सत्ता बनाए रखने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है। वहीं कांग्रेस भी वापसी करने की कोशिश कर रही है. 

इन दो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच आम आदमी पार्टी भी इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकती नजर आ रही है. इस बीच अब इस चुनाव की पृष्ठभूमि में ‘सी वोटर’ द्वारा किए गए सर्वे के आंकड़े सामने आए हैं।

इस सर्वे में गुजरात के लोगों से पूछा गया कि क्या आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से संतुष्ट हैं ? 65 फीसदी लोगों ने कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से संतुष्ट हैं. 

जबकि 15 फीसदी लोगों ने पीएम मोदी के काम को एवरेज वर्क बताया है. वहीं 20 फीसदी लोगों ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन से असंतुष्ट हैं. ऐसे में एक बार फिर गुजरात में बीजेपी के सत्ता में आने के संकेत मिल रहे हैं.

दरअसल, यह सर्वे ‘सीवोटर’ संस्था ने अक्टूबर महीने में कराया है। इस सर्वे में 22 हजार 807 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें प्लस-माइनस (प्लस-माइनस) 3 से 5 प्रतिशत की त्रुटि हो सकती है। इस सर्वेक्षण के परिणाम विशुद्ध रूप से लोगों के साथ बातचीत और उनके द्वारा व्यक्त की गई राय पर आधारित हैं।