हिंदी एवं साउथ फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री हंसिका मोटवानी 4 दिसंबर यानी आज अपने बॉयफ्रेंड सोहेल कथुरिया के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं। इस बीच उनकी संगीत एवं हल्दी सेरेमनी की तस्वीरें व वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार को हंसिका-सोहेल की संगीत का ग्रैंड फंक्शन रखा गया। संगीत सेरेमनी के दौरान हंसिका ने पिंक कलर कैरी किया और सोहेल ब्लैक शेरवानी में बेहद स्टाइलिश नजर आए। वीडियो में हंसिका होने वाले पति सोहेल के साथ रोमांटिक अंदाज में डांस करती नजर आईं।
रविवार की सुबह अभिनेत्री की हल्दी सेरेमनी भी धूमधाम से सेलिब्रेट हुई, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में अदाकारा हंसिका मोटवानी व्हाइट एंड यैलो कलर के शरारे में नजर आ रही है। साथ ही बैकग्राउंड में बड़े-बड़े सूरजमुखी के फूलों का सेट बना हुआ था।
सामने आई हंसिका मोटवानी की संगीत एवं हल्दी सेरेमनी की झलक
हंसिका मोटवानी और सोहेल आज जयपुर के शाही महल मुंडोता फोर्ट में शादी रचाएंगे। शादी में आने वाले मेहमानों का स्वागत ठेठ राजस्थानी अंदाज में किया जाएगा। शादी की रस्मों के दौरान खास मेहमानों के लिए राजस्थानी ड्रेस सिलवाई गई हैं।
कानपुर । नगर निगम चुनाव में पार्षद सीट के लिए आरक्षण सूची जारी हो चुकी है और बहुत से वर्तमान पार्षदों की सीट उनके अनुकूल नहीं है।
इससे अब उस सीट से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे तो दूसरी सीट पर भाग्य अजमाने की तैयारी में जुट गये हैं। साथ ही क्षेत्र में लगवाई गई होर्डिंग्स व बैनर भी उतरवाने लगे हैं। वहीं सीट बदलने से कुछ पार्षद ऐसे हैं जो मन बना चुके हैं कि पांच साल का इंतजार करेंगे।
नगर निगम चुनाव को लेकर वार्ड आरक्षण जारी हो चुका है। सूची जारी होते ही सियासी हलचल भी तेज हो गई है। बहुत से ऐसे पार्षद हैं, जिनकी सीट उनके अनुकूल इस बार नहीं है। ऐसे में न तो खुद चुनाव लड़ सकेंगे और न ही उनके परिवार से कोई महिला।
कानपुर नगर निगम चुनाव: आरक्षण सूची से पार्षदों का बिगड़ा चुनावी गणित, दूसरी सीटों पर अजमाएंगे भाग्य
अब इनके पास दूसरा वार्ड तलाशने का विकल्प बचा हुआ है, लेकिन दूसरे वार्ड से कुछ पार्षद चुनाव लड़ने से डर रहे हैं और पांच साल इंतजार करने का मन बना चुके हैं। वहीं आरक्षण से पहले जिन पार्षदों ने अपनी और पत्नी दोनों की फोटो वाली होर्डिंग लगाई थी, उनमें से अधिकांश ने हटा ली। इनके वार्डों का आरक्षण ऐसा बदला कि ये कहीं भी उस दायरे में नहीं आ सके।
ये पार्षद नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
सदन में मुखर रूप से आवाज उठाने वाले राघवेंद्र मिश्रा वार्ड नंबर 91 शास्त्री नगर से पार्षद हैं। इनका वार्ड अनारक्षित था और अब पिछड़ा वर्ग हो गया है। गिरीश चंद्रा वार्ड नंबर 7 से पार्षद हैं। इस वार्ड का आरक्षण अनुसूचित जाति था और इस बार पिछड़ा वर्ग हो चुका है। रमेश चंद्र हटी वार्ड नंबर-1 से पार्षद हैं। इनके वार्ड का आरक्षण पिछली बार अनुसूचित जाति था और इस बार पिछड़ा वर्ग हो गया है।
मदन बाबू वार्ड नंबर 13 से पार्षद हैं। इनके वार्ड का आरक्षण अनुसूचित जाति का था और इस बार पिछड़ा वर्ग हो गया है। वार्ड नंबर 26 से विजय लक्ष्मी पार्षद हैं। इनके वार्ड का आरक्षण महिला था और अब अनुसूचित जाति हो गया है। वार्ड नंबर 33 विजय नगर से घनश्याम गुप्ता पार्षद हैं। पिछली बार आरक्षण अनारक्षित था और अब पिछड़ा वर्ग हो चुका है।
नानकारी वार्ड नंबर 27 से निर्मला मिश्रा पार्षद हैं। इनके वार्ड का आरक्षण महिला था और अब अनुसूचित जाति हो गया है। वार्ड नंबर 87 से मेनका सिंह सेंगर पार्षद हैं। यह वार्ड अनारक्षित था और अब पिछड़ा वर्ग हो गया है। ऐसे में इनके पास अपने अनुकूल दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने का विकल्प है या पांच साल इंतजार करने का।
सोनभद्र: जब हौसले बुलंद हों तो असम्भव काम भी सम्भव हो जाता है। अपने माता-पिता एवं क्षेत्र का नाम रोशन करने की तमन्ना लिए सोनभद्र की बिटिया ने अपनी पुस्तक ‘सेवा परमो धर्मः’ की प्रति आज उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को भेंट की। इससे सोनभद्र में खुशी का माहौल है और हर कोई बधाई देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं ज्ञापित कर रहा है।
सोनभद्र के दुद्धी कस्बे की रहने वाली ज्योत्सना देवी और डॉ. विनय कुमार की पुत्री राजनंदिनी ने नई दिल्ली में रविवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की और अपनी पुस्तक सेवा परमो धर्म: भेंट की फाउंडेशन की महासचिव एवं पुस्तक की सम्पादक सुश्री वृन्दा खन्ना के साथ राजनन्दिनी ने जब अपनी पुस्तक उप राष्ट्रपति को भेंट की तो उपराष्ट्रपति ने पुस्तक के बारे में जानकारी लेने के बाद बिटिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद दिया।
बीते 13 नवम्बर को विज्ञान भवन में संत ईश्वर सम्मान समारोह आयोजित हुआ था जिसमें पुस्तक ”सेवा परमो धर्मः” पुस्तक का विमोचन परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि, केंद्रीय राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी, पद्मश्री जवाहरलाल कौल, न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, फाउंडेशन के अध्यक्ष कपिल खन्ना सहित अन्य की उपस्थिति में हुआ था। ‘
‘सेवा परमो धर्मः”पुस्तक पूरे भारत के 100 सेवा कार्य करने वाले लोगों के जीवन की कहानी है जिसमें लेखन सहयोग राजनंदिनी ने किया है। इस पुस्तक में संपादन का सहयोग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के ओएसडी श्रवण बघेल ने दिया है तथा संत ईश्वर फाउंडेशन की महासचिव पुस्तक की मुख्य संपादक सुश्री वृन्दा हैं।
उपराष्ट्रपति से मुलाकात के बारे में मोबाइल फोन पर दुद्धी की बिटिया राजनंदिनी ने बताया कि उपराष्ट्रपति से सदवार्ता हुई। उन्होंने पुस्तक लेखन के अनुभवों के बारे में पूछा तथा अपने कई अनुभवों को साझा किया तथा भविष्य की शुभकामनाएं दी।
सिवनी। जिले के अंतर्गत आने वाले धनोरा थाना क्षेत्र के कुडारी एवं मोहगांव के बीच सड़क के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
वहीं घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने धनोरा पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
मृतक की पीठ पर घाव के निशान –
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पीठ पर घाव के निशान हैं। जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मारी होगी। जिसके कारण उसकी मृत्यु हुई है। फिलहाल कारणों का पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने बनाया पंचनामा –
घटना की जानकारी मिलने के बाद धनोरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव का पंचनामा बनाया है। तथा पोस्टमार्टम के लिए शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनोरा भेजा गया है।
नही हो पाई शिनाख्त –
पुलिस ने मर्ग कायम किया गया है। फिलहाल पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं लग पाई है कि मृतक व्यक्ति कौन है। और कहां का रहने वाला है। जिसके चलते हैं पुलिस ने आसपास के थानों में भी इस बात की जानकारी दी है। और मृतक के बारे में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
सिवनी। इन दिनों जिले भर में चोरी की घटनाएं बढ़ गई है। वहीं ठंड के समय चोरी की घटनाएं और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
रविवार की रात पलारीवासियों ने चोरी की नियत से एक घर में घुसे चोर को पकड़ लिया। वही जब आसपास के लोगों एकत्रित हुए और चोर के पास रखे सामानों को उसके पास से बाहर निकलवाए तो चोर के पास धारदार हथियार देखकर पलारीवासी भी दंग रह गए।
चोर के पास से रॉड, चाकू, चाबी आदि समान भी मिला। वही पलारीवासियों ने बताया कि चोर को पलारी चौकी में पदस्थ पलारी चौकी प्रभारी खोब्रागडे के सुपुर्द कर दिया गया है।
इस मामले में पुलिस ने बताया कि पूछताछ जारी है। वही एडिशनल एसपी श्याम मरावी ने कहा कि उक्त मामला संज्ञान में आया है। इसकी पूरी जानकारी शीघ्र ही दी जाएगी।
इस साल भारतीय फिल्मों के ऑस्कर चयन को लेकर कई विवाद हुए। बहुत सारे लोग इस बात से नाराज थे कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘आरआरआर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को छोड़कर एक गुजराती फिल्म को ऑस्कर के लिए भेजा गया था।
बाद में, फिल्म ‘आरआरआर’ को कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोहों में सम्माननीय उल्लेख मिला। कुल मिलाकर इस साल के ऑस्कर सेलेक्शन को लेकर दर्शक काफी परेशान थे.
अब खबरें आ रही हैं कि संजय लीला भंसाली की ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ को अगले ऑस्कर के लिए भेजा जा रहा है. हाल ही में फिल्म ‘ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड (बाफ्टा) 2022’ के प्रतिष्ठित समारोह की तैयारी कर रही है। वही इस फिल्म के ऑस्कर नॉमिनेशन की बात कर रहे हैं.
Alia Bhatt’s ‘Gangubai Kathiawadi’ all set for Oscars; Rajamouli’s ‘RRR’ will compete
आलिया भट्ट की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ हुसैन जैदी की मशहूर किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ पर आधारित है। कहानी गंगूबाई के जीवन से प्रेरित है, जिन्होंने कमाठीपुरा झुग्गी में महिला वेश्याओं के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म को ऑस्कर में भेजने की तैयारी चल रही है और इसे बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट स्क्रीनप्ले जैसी कई कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया है.
इतना ही नहीं बर्लिन में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आलिया की ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ की स्क्रीनिंग की गई और लोगों ने इसे अच्छा रिस्पांस भी दिया. ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ साल की पहली सुपरहिट हिंदी फिल्म थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 129.10 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके बाद रिलीज हुई ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘भूलभुलैया 2’ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
प्रेग्नेंट (Pregnant) होने के लिए ‘किस’ दिन SEX करना चाहिए आपको यह जरूर जान लेना चाहिए, मां बनना हर महिला के जीवन में एक अहम चीज होती है। कई लोगों को इसके लिए काफी प्लानिंग करनी पड़ती है। कुछ महिलाओं को अचानक पता चलता है कि वे गर्भवती हैं।
दरअसल, महिला के शरीर में एक नए जीवन का जन्म एक जटिल प्रक्रिया है और यह कई चरणों में होता है। कई बार महिलाओं को लगता है कि यौन संबंध बनाने से वे आसानी से गर्भवती (Pregnant) हो जाएंगी पर जब ऐसा नहीं होता तो महिलाएं तनाव में आ जाती हैं।
बच्चे को जन्म देने के लिए कपल्स को कब इंटरकोर्स करना चाहिए? प्रेग्नेंट होने के लिए महीने के कौन से दिन SEX करना चाहिए? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से..
Sex should be done on ‘this’ day to get pregnant, know on which day having sex leads to early pregnancy
Pregnant होने के लिए ‘इस’ दिन करना चाहिए SEX
ओव्यूलेशन के दिनों में महिलाएं आसानी से और जल्दी गर्भवती (Pregnant) हो सकती हैं, महिला के अंडाशय से अंडा निकलने की प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहते हैं।
ओव्यूलेशन का समय प्रत्येक माह में मासिक धर्म (Periods) से दो सप्ताह (2 Weeks Before Period) पहले की होती है। इस अवधि को फर्टिलिटी विंडो (Fertility Window) भी कहा जाता है। यह वह समय होता है जब एक महिला का शरीर सबसे उपजाऊ होता है। इस दौरान संभोग करने से महिलाएं आसानी से गर्भवती हो सकती हैं।
यदि आप 12 से 24 घंटे के महत्वपूर्ण ओव्यूलेशन दिनों के दौरान बिना सुरक्षा के संभोग करते हैं, तो अंडे को निषेचित करने वाले शुक्राणु की प्रक्रिया तेज हो जाती है। ओव्यूलेशन के दिनों में महिलाओं के अंडाशय में अंडे 12 से 24 घंटे तक फर्टिलाइजेशन करने में सक्षम होते हैं।
शुक्राणु महिला के शरीर में तीन से पांच दिन तक जीवित रहते हैं। इसलिए अगर आप बच्चे के बारे में सोच रही हैं तो यह अच्छा समय है।
धर्मांतरण और आरक्षण के लाभ पर मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है। मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा, “एक व्यक्ति जिसने धर्मांतरण किया है, वह अपने पिछले धर्म में आरक्षण का दावा नहीं कर सकता है।” उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि इसका अपवाद उन मामलों में होगा जहां राज्य सरकार ने ऐसी मंजूरी दी है।
आख़िर मामला क्या है?
याचिकाकर्ता हिंदू धर्म से संबंधित एक पिछड़े वर्ग का नागरिक था। हालांकि, उन्होंने 2008 में इस्लाम कबूल कर लिया था। इसके बाद, 2019 में, याचिकाकर्ता ने तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीपीएससी) की मुख्य परीक्षा पास की।
हालांकि, टीपीएससी ने याचिकाकर्ता को पिछड़ा वर्ग आरक्षण का लाभ देने से इनकार कर दिया। साथ ही समूह II सिविल सेवा परीक्षा में याचिकाकर्ताओं को सामान्य श्रेणी में माना गया था।
Caste is removed after conversion; Hindu man converted to Muslim is ineligible for reservation – Madras High Court
मद्रास उच्च न्यायालय ने वास्तव में क्या कहा?
मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि क्या धर्मांतरित व्यक्ति धर्मांतरण के बाद भी अपने पिछले धर्म में आरक्षण का लाभ उठा सकता है, इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है. साथ ही, मद्रास उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए तमिलनाडु लोक सेवा आयोग के निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि निर्णय सर्वोच्च न्यायालय का था।
कनाडा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कनाडा की मशहूर टिक-टॉक स्टार मेघा ठाकुर का 21 साल की उम्र में निधन हो गया। मेघा के माता-पिता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया है कि उनका निधन हो गया है.
टिक-टॉक पर 9 लाख से ज्यादा फैन्स वाले मेघ के अचानक निधन से हर तरफ मातम छाया हुआ है। मेघा के निधन की खबर लगते ही उनके चाहने वालों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
24 नवंबर को मेघा का निधन हो गया, इस बात की जानकारी उनके माता-पिता ने सोशल मीडिया पर इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी है.
Tik Tok star Megha Thakur’s death, ‘she’ post on social media mourns the art world
मेघा के आकस्मिक निधन से कला जगत में शोक व्याप्त है। मेघा के माता-पिता द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा की गई एक पोस्ट में, मेघा ठाकुर, हमारे जीवन की रोशनी में से एक, देखभाल करने वाली और सुंदर लड़की, 24 नवंबर की सुबह चल बसी। मेघा एक स्वतंत्र और आत्मविश्वासी युवती थी। हम उसे याद करेंगे। मेघा अपने फैन्स से बेहद प्यार करती थीं
मेघा पर अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें। आपकी दुआओं से उसे सफर का नया रास्ता मिल जाएगा, मेघा की यादें ताजा करते हुए उसके माता-पिता ने श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके फैंस द्वारा सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि दी जा रही है.
जब मेघा एक साल की थीं, तब उनके माता-पिता कनाडा चले गए। 2019 में माध्यमिक स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मेघा ने वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया। मेघा ने कॉलेज की शिक्षा शुरू करने के बाद टिकटॉक पर अपनी शुरुआत की। जैसे ही उन्होंने टिक-टॉक पर अपने जबरदस्त डांस वीडियो शेयर किए, उनके फॉलोअर्स आसमान छू गए। प्रसिद्ध अभिनेता काइली जेनर और बेला हदीद को भी उनके वीडियो में दिखाया गया था।
इस साल के ‘बिग बॉस 16’ में निर्देशक साजिद खान की मौजूदगी काफी विवादों का विषय रही और अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा की वजह से यह विवाद और भी चर्चा में रहा। मीटू मामले में फंसे साजिद का शर्लिन जमकर विरोध करती हैं।
इस वजह से वह काफी पॉपुलर हो गई थीं। अब भी वह अपने एक ऐसे ही विवादित ट्वीट के कारण चर्चा में आ गई हैं। शर्लिन चोपड़ा ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस में ब्राह्मण विरोधी नारों के खिलाफ अपना विरोध ट्वीट किया है।
जेएनयू एक ऐसी संस्था है जो हमेशा किसी न किसी वजह से विवादों में घिरी रहती है। कुछ साल पहले इसी स्थान पर देश विभाजन की घोषणा की गई थी और अब फिर से सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा हो रही है क्योंकि उसी विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर ब्राह्मण विरोधी नारे लिखे हुए पाए गए हैं।
Anti-Brahmin slogans on JNU walls; Sherlyn Chopra protested in strong words, said- ‘Central government…’
शर्लिन चोपड़ा ने इस फोटो को शेयर कर अपना दुख जताया है। वहां की दीवारों पर फोटो में लिखा है, “ब्राह्मण हम तुम्हारे पीछे-पीछे आ रहे हैं, यहां से निकल जाओ, वापस शाखा में जाओ।” नारे ऐसी भाषा में लिखे हुए प्रतीत होते हैं।
क्या आज़ाद भारत के लिए ब्राह्मणों ने अपना ख़ून नहीं बहाया? क्या मंगल पांडे, कैप्टन मनोज पांडे, वीर सावरकर, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई ब्राह्मण नहीं थे? JNU में भारत के टुकड़े करने की जो सोच पनपती रही है, उसके ख़िलाफ़ केंद्रीय सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। pic.twitter.com/NqwXtHFlbB
— Sherlyn Chopra (शर्लिन चोपड़ा)🇮🇳 (@SherlynChopra) December 2, 2022
इन तस्वीरों को शेयर करते हुए शर्लिन ने ट्वीट में लिखा, ‘क्या ब्राह्मणों ने भारत की आजादी के लिए कुर्बानी नहीं दी? क्या मंगल पाण्डे, कैप्टन मनोज पाण्डेय, वीर सावरकर, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई ब्राह्मण नहीं हैं? भारत को बांटने की कोशिश कर रहे जेएनयू के रवैये पर केंद्र सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है।”
शर्लिन चोपड़ा के इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. एक यूजर ने कमेंट किया है कि ‘इन लोगों में बोलने की हिम्मत नहीं है.’ शर्लिन की इस पोस्ट पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया है।