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इस बेघर भिखारी की कमाई के आगे बड़े-बड़े प्रोफेशनल हैं फेल, महीने की इनकम कर देगी दंग

क्या आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सुना है जिसके पास 5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति हो और वह सड़कों पर मारा-मारा फिर रहा हो? 21वीं सदी में सब कुछ संभव है.

लंदन में एक बेघर व्यक्ति कम से कम 1,300 पौंड, लगभग 1.27 लाख रुपये हर महीने किराए से कमाता है. डॉम नाम के इस भिखारी ने एक साक्षात्कार के दौरान अपनी संपत्ति के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है.

वह हेरोइन और अन्य नशे की लत के कारण सड़कों पर रहता है. आइये आपको बताते हैं डॉम के बारे में..

Big professionals fail in front of this homeless beggar’s income, his monthly income will surprise you

कम उम्र में ही हेरोइन की लत

डॉम ने बताया कि कम उम्र में ही उसे हेरोइन की लत लग गई थी. नशे की अति के बाद उसने सात साल तक खुद पर संयम बनाए रखा. लेकिन एक बार फिर वह नशीले पदार्थों की ओर खिंचा चला आया. LADbible के अनुसार डॉम एक मध्यम वर्ग के घर में पला-बढ़ा. उसके एथलेटिक कौशल के कारण स्कूली समय में उसे छात्रवृत्ति भी मिलती थी. लेकिन जैसे-जैसे वह किशोरावस्था में आया उसका जीवन बदलने लगा.

13 साल की उम्र में मारिजुआना..

डॉम ने कहा कि मैं पागल हो गया हूं … शराब, ड्रग्स और अन्य नशों के बीच ही मेरी दुनिया है. मैंने 13 साल की उम्र में मारिजुआना का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था और धीरे-धीरे लगभग हर नशे की तरफ खिंचता चला गया. उसने आगे कहा, “जब मैं लगभग 17 या 18 साल का था तब मैंने हेरोइन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था. मैं तुरंत ही इसका आदी हो गया था.” रिहैब में जाने के बाद सात साल तक संयम बनाए रखने में सक्षम था.

सारी कमाई नशे में बर्बाद

डॉम ने कहा कि घर के किराये से होने वाली सारी कमाई का इस्तेमाल वह ड्रग्स खरीदने में करता है. वह लंदन की सड़कों पर भीख मांगता है और प्रतिदिन 200 से 300 पाउंड कमाता है. उसने कहा कि उसे जो भी पैसा मिलता है, उसका लगभग सारा हिस्सा मैं ड्रग्स पर खर्च कर देता है. उसने कहा, “मैं स्टेशन के बाहर सोता हूं.”

छोड़ना चाहता है नशे की लत

उसने दावा किया कि जब उसके पहले बेटे का जन्म हुआ, तो उसके पिता ने घर खरीदा ताकि बच्चे के पास रहने के लिए जगह हो. उसके दोस्त और परिवार अब उससे दूरी बना चुके हैं. उसे चिंता है कि अगर वह अपना घर बेचता है, तो उसकी लत उसे खतरे में डाल सकती है, जिसकी कीमत £ 530,000 (लगभग 5.19 करोड़ रुपये) है. वह नशीले पदार्थों पर निर्भर नहीं रहना चाहता और नियमित जीवन जीना चाहता है.

जबलपुर में पुलिस की गाड़ी डिवाइडर से टकराई, चालक की मौत, टीआई समेत तीन घायल

जबलपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ थाना पुलिस की टीम का वाहन शनिवार को तड़के करीब 4-5 बजे के बीच जबलपुर के भेड़ाघाट के नजदीक डिवाइडर से टकराकर पलट गया।

इस हादसे में कार के चालक आकाश उर्फ विक्की की मौत हो गई, जबकि टीआई सचिन कुमार, एसआई दिनेश, पुलिस कर्मी प्रमोद घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ थाना की पुलिस एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के मामले के आरोपित राकेश को गिरफ्तार करने नीमच आई थी।

आरोपित को गिरफ्तार कर पुलिस पार्टी छत्तीसगढ़ लौट रही थी। आरोपित को लेकर पुलिस शनिवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच जबलपुर में भेड़ाघाट के नजदीक पहुंची, तभी कार अचानक से कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में ड्राइवर आकाश उर्फ विक्की की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

थाना प्रभारी सचिन कुमार, एसआई दिनेश और आरोपित राकेश तिवारी घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इसकी पुष्टि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा ने की है।

सिवनी के अभिषेक राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित, वजह जानकर उड़ जाएंगे होश

सिवनी : सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार द्वारा विज्ञान भवन नई दिल्ली में शनिवार को आयोजित पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय स्तर पर चार रोजगार मेले आयोजन करने तथा दिव्यागजनों के लिए कोविड 19 हेल्पलाईन का उत्कृष्टता पूर्वक संचालन करने पर श्रेष्ठ दिव्यांगजन के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मध्यप्रदेश के सिवनी विकासखंड के ग्राम मारबोडी निवासी शिक्षक राजकुमार ठाकुर के छोटे पुत्र अभिषेक ठाकुर जो कि जन्म से ही दृष्टिबाधित है को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया है।

अभिषेक ने हिस को बताया कि उन्होंने अपने सतत प्रयास,हौसले, संघर्ष,कठिन, परिश्रम और त्याग से इस महान उपलब्धि को प्राप्त किया है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा नागपुर ,जबलपुर एवं दिल्ली, मुंबई में पूर्ण की है वह वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग में वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।

उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई इंडिया से एमफिल और मास्टर डिग्री की है तथा वह सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र भी रहे है इस दौरान वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज दिल्ली से वर्ष 2011 में स्वर्ण पदक से सम्मानित हुए है।

तथा टास्क फोर्स कमेटी, राष्ट्रीय कौशल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य के रूप में , अंतर्राष्ट्रीय संस्थान के लिए रिसर्च , विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रशिक्षुता के रूप में कार्य तथा 4 रोजगार मेलो का सफल आयोजन कर विभिन्न श्रेणियो के दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया है।

अभिषेक ने बताया कि उन्होंने विभिन्न मुद्दों जैसे रोजगार और विकलांगता, जल और स्वास्थ्य, कौशल विकास आदि पर भी शोध प्रकाशित किया है। सन 2011 में उन्होने सिवनी जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम पर अपना विस्तृत शोध किया जिसके तहत् उन्होने सिवनी ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों से गहन चर्चा कर उनकी समस्याओ एवम सुझावों को उपयुक्त राष्ट्रीय मंचों पर रखा।

वैश्विक महामारी कोविड-19 में भी अभिषेक ठाकुर ने कोविड हेल्पलाइन का कुशल संचालन करते हुए संपूर्ण भारत में विकलांगों को दवाइयां हॉस्पिटल उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किये जिसकी सराहना भारत के तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने 2021में की थी।

आगे बताया कि भारत के दो बड़े गैर सरकारी संगठन ,जो विकलांगता के क्षेत्र में व्रहत रूप से उत्कृष्ट कार्य कर रहे है। वह नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड, ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन बोर्ड में सदस्य एवं दिल्ली सरकार, भारत द्वारा स्थापित विकलांगता रोजगार पर विशेषज्ञ समिति के सदस्य हैं।

उन्होनें इस उपलब्धि का श्रेय पिता राजकुमार ठाकुर एवं बड़े भाई हरिओम ठाकुर को दिया जिन्होंने हर कदम पर, हर परिस्थिति में उनका साथ दिया।

अभिषेक ने बताया कि जिले के लगभग 40 दृष्टिबाधित बच्चों को उन्होनें दिल्ली लाया और उनका अलग-अलग स्कूलों में प्रवेश दिलाया और शिक्षा पूर्ण होने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में वह सभी अच्छे पदों पर कार्य कर रहे है।

वह विगत 15 वर्षाे से सिवनी जिले के दृष्टिबाधित बच्चों को आशादीप स्कूल के माध्यम से दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाकर उनकी शिक्षा पूर्ण कराकर उन्हें शासकीय सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सिवनी जिले के हर युवाओं में अपार क्षमताएं है बस उन्हें सही मार्गदर्शन मिले तो वह देश के हर क्षेत्र में अग्रणी कार्य में सफलता हासिल करेंगे।

सिवनी : कलेक्टर ने बदल दिया स्कूलों का समय, ठंड की वजह से सिवनी कलेक्टर ने जारी किया आदेश

सिवनी : सिवनी सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में ठंड अपना रौद्र रूप दिखा रही है, दिसंबर के पहले पखवाड़े में ही सिवनी जिले सहित छिंदवाड़ा डिंडोरी मंडला बालाघाट जैसे पड़ोसी जिलों में दिनों दिन पारा लुढ़कता जा रहा है।

लगातार बढ़ रही ठंड अपना सितम दिखा ही रही है इसी बीच प्रदेश के कई जिलों में सुबह लगने वाले स्कूलों के टाइम में परिवर्तन कर दिया गया है।

इसी बीच सिवनी कलेक्टर ने भी सिवनी जिले में संचालित होने वाले स्कूलों के समय मे बदलाव किया है।

जारी आदेश के अनुसार सिवनी जिले में संचालित शासकीय, अशासकीय, सीबीएससी, आईसीएसई, माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं समस्त बोर्ड से सम्बद्ध विद्यालियों में शीत ऋतु एवं तापमान में आई गिरावट को देखते हुए कलेक्टर सिवनी डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने शाला लगने के समय में परिवर्तन कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार छात्रहित में जिले में सभी शासकीय व आशसकीय शैक्षणिक संस्थाओं में कक्षा नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक समस्त विद्यार्थियों के लिए प्रातः 8.30 बजे से सायंकाल 5 बजे के मध्य ही शालाएं आगामी आदेश तक के लिए संचालित होंगी। उक्त आदेश सिवनी कलेक्टर के द्वारा जारी किया जाकर तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

पुणे: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा से रेप; आरोपी गिरफ्तार

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही किशोरी को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। 

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सोमनाथ संभाजी कोडरे (आयु 38 वर्ष, आवास मातोश्री भवन, केशवनगर, मुंधवा) के रूप में हुई है। इस संबंध में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़िता प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करती है। युवती सदाशिव पेठ स्थित फ्लैट में किराए पर रह रही है। युवती ने कुछ दिन पहले एक एप के जरिए नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसी एप के जरिए पीड़िता की पहचान कोद्रे से हुई। 

कोद्रे शादीशुदा है। उनकी दो बार शादी हो चुकी है। उसने उसे प्यार के जाल में फंसा लिया। उसने शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म किया। 

ठगी का एहसास होने पर युवती ने चंदननगर थाने में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस उपनिरीक्षक मुलुक जांच कर रहे हैं।

श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े करने के लिए किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया? नार्को टेस्ट में आफताब का चौंकाने वाला खुलासा

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वसई की 26 वर्षीय श्रद्धा वॉकर की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। श्रद्धा का गला उनके लाड़ले आफताब अमीन पूनावाला ने मारा था। उसके बाद उसके शरीर के 35 टुकड़े कर महरोली के जंगल में फेंक दिए गए। 

करीब छह महीने बाद इस घटना के सामने आने से सनसनी मच गई। उसके बाद श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में नई जानकारी सामने आ रही है।

मामला तब सामने आया जब श्रद्धा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने आफताब को गिरफ्तार कर जांच शुरू की। फिलहाल आफताब का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट चल रहा है। आफताब ने नार्को टेस्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने श्रद्धा के शरीर को 35 टुकड़ों में काटने के लिए चाइनीज चॉपर का इस्तेमाल किया। इसी तरह आफताब ने खुलासा किया है कि हथौड़े, कील और आरी का इस्तेमाल किया गया। इससे पहले पुलिस ने आफताब के फ्लैट से एक आरी और एक चाकू बरामद किया था.

नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट में आफताब के जवाब एक जैसे हैं। लेकिन, पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान जब आफताब से उसके जवाब में विरोधाभास के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसने छह महीने पहले श्रद्धा की हत्या की थी. इसलिए मुझे कुछ बातें याद नहीं हैं। 

साथ ही, नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट में उन जगहों के बारे में केवल एक ही जवाब मिला, जहां आफताब ने दावा किया था कि उसने श्रद्धा के शरीर के टुकड़े फेंके थे। आफताब ने यह भी कहा है कि श्रद्धा का मोबाइल फोन मीरा भायंदर की खाड़ी में फेंक दिया गया था।

Padma Bhushan: Google CEO सुंदर पिचाई को नवाजा गया ‘पद्म भूषण’ से ; कहा, “मैं जहां भी जाता हूं, भारत मेरे साथ…”

Google के सीईओ (CEO) सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) को सैन फ्रांसिस्को में भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘पद्म भूषण’ (Padma Bhushan) से सम्मानित किया गया। 

पिचाई को अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू द्वारा व्यापार और उद्योग की श्रेणी में वर्ष 2022 के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया। “भारत मेरा एक हिस्सा है। मैं जहां भी जाता हूं, भारत मेरे साथ है”, पिचाई ने कहा।

इस साल की शुरुआत में सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ पुरस्कार के लिए 17 दिग्गजों के नामों की घोषणा की गई थी. “मैं इस पुरस्कार के लिए भारतीय नागरिकों और सरकार का बहुत आभारी हूं। 

50 वर्षीय पिचाई ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा, “जिस देश ने मुझे बनाया है, उससे यह सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।” 

“मैं एक ऐसे परिवार में बड़ा होने के लिए भाग्यशाली था जो शिक्षा और ज्ञान से प्यार करता था। इस अवसर पर भावना पिचाई ने कहा, “मेरे माता-पिता ने बहुत त्याग किया, ताकि मैं अपनी पसंद के अनुसार क्षेत्र चुन सकूं।”

“मैं Google और भारत के बीच महान साझेदारी को जारी रखने के लिए उत्सुक हूं। पिचाई ने इस अवसर पर कहा, हम प्रौद्योगिकी के लाभों को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। सैन फ्रांसिस्को में हुए इस पुरस्कार समारोह में भारत के वाणिज्य दूत टी. वी पिचाई के परिवार के सदस्य नागेंद्र प्रसाद के साथ मौजूद थे।

संधू ने पिचाई की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रांति ला दी और असीमित संभावनाएं पैदा कीं. संधू ने इस अवसर पर कहा, “वे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में समाज के सभी वर्गों के लिए डिजिटल उपकरण और कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।” Google ने मशीन लर्निंग में नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए इस वर्ष अपनी अनुवाद सेवा में 24 और भाषाओं को शामिल किया है। इसमें भारत की आठ भाषाएं शामिल हैं।

Medinipur Bomb Blast: मिदनापुर में TMC के बूथ अध्यक्ष के घर पर बमबारी; तीन मजदूरों की मौत

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Medinipur Bomb Blast : पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के बूथ अध्यक्ष के घर में बम विस्फोट होने की बात सामने आई है. 

पूर्व मेदिनीपुर के भूपतिनगर थाना क्षेत्र के अर्जुन नगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के बूथ अध्यक्ष राजकुमार मन्ना के घर में शुक्रवार (2 दिसंबर) की रात विस्फोट हो गया. इस घटना में टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है।

इसके अलावा इस बम धमाके में कुछ और लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है. बम विस्फोट इतना भीषण था कि इसने राष्ट्रपति बूथ के पूरे घर को नष्ट कर दिया। 

कोंटाई में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की सभा से पहले हुई इस घटना से हड़कंप मच गया है.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

IPL Auction 2023 : 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले खिलाड़ी कौन? लिस्ट में शामिल हैं ये दिग्गज

IPL Auction 2023 : दुनिया की सबसे अमीर टी20 लीग आईपीएल के अगले सीजन (IPL-2023) का मिनी-ऑक्शन 23 दिसंबर को होना है.

इसके लिए 1000 के करीब खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. लिस्ट में 2 करोड़ के बेस प्राइस वाले 21 खिलाड़ी हैं जिनमें बेन स्टोक्स और केन विलियमसन जैसे धुरंधर शामिल हैं.

ऑक्शन में शामिल होने के लिए सबसे ज्यादा खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया से हैं. नजर डालते हैं उन खिलाड़ियों पर जो 2 करोड़ वाले स्लैब में शामिल हैं:-

IPL Auction 2023: Who are the players with base price of 2 crores? These giants are included in the list

केन विलियमसन- न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने अपना बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये रखा है. विलियमसन ने हाल में टी20 वर्ल्ड कप-2022 में न्यूजीलैंड की कमान संभाली और टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. वह भारत के खिलाफ सीरीज में भी कप्तानी करते नजर आए. उन्होंने अभी तक 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 2464 रन बनाए हैं जिसमें 17 अर्धशतक शामिल हैं

बेन स्टोक्स- दुनिया के दिग्गज ऑलराउंडरों में शुमार बेन स्टोक्स का 2 करोड़ी वाली लिस्ट में होना लाजिमी है. यह भी तय माना जा रहा है कि उन पर टीम अच्छी खासी बोली लगाएगी. 31 साल के स्टोक्स ने ओवरऑल 157 टी20 मैचों में 3008 रन बनाए हैं और 93 विकेट लिए हैं..

सैम करेन- इंग्लैंड के 24 साल के ऑलराउंडर सैम करेन भी 2 करोड़ वाली लिस्ट में शामिल हैं. उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 41 विकेट लिए हैं और 35 मैचों में कुल 158 रन बनाए हैं. वह आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रह चुके हैं.

जेसन होल्डर – वेस्टइंडीज के लंबे कद के ऑलराउंडर जेसन होल्डर अभी तक ओवरऑल 200 टी20 मैच खेल चुके हैं. उनका भी बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये है.

निकोलस पूरन – वेस्टइंडीज के विकेटकीपर बल्लेबाज निकोलस पूरन का भी बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये है. 27 साल के पूरन ने आईपीएल में तीन अलग-अलग टीमों का हिस्सा रहे हैं. वह टी20 में ओवरऑल 256 मैचों में कुल 4942 रन बना चुके हैं जिसमें एक शतक और 27 अर्धशतक शामिल हैं.

एंजेलो मैथ्यूज – श्रीलंका के 35 वर्षीय ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने भी 2 करोड़ के स्लैब वाली लिस्ट में खुद को रजिस्टर किया है. उनका टी20 में ओवरऑल रिकॉर्ड काफी अच्छा है और वह 11 अर्धशतकों की बदौलत 173 मैचों में कुल 2788 रन बना चुके हैं और 85 विकेट लिए हैं. 

इनके अलावा क्रिस जॉर्डन, नाथन कूल्टर-नाइल, कैमरन ग्रीन, ट्रैविस हेड, क्रिस लिन, टॉम बैंटन, टाइमल मिल्स, जेमी ओवरटन, क्रेग ओवरटन, आदिल रशीद, फिल सॉल्ट, एडम मिल्ने, जिमी नीशम, रिले रॉसो और रासी वैन डेर डूसेन भी 2 करोड़ वाली एलीट लिस्ट में शामिल हैं. 

Tesla Electric Truck : डीजल ट्रक से 3 गुना ज्यादा शक्तिशाली टेस्ला इलेक्ट्रिक ट्रक, फुल चार्जिंग के बाद 805 KM चलेगा

Tesla Electric Truck : टेस्ला ने अपने इलेक्ट्रिक सेमी ट्रक की डिलीवरी शुरू कर दी है। कंपनी का दावा है कि ये ट्रक सड़क पर मौजूद किसी भी डीजल ट्रक की तुलना में 3 गुना ज्यादा शक्तिशाली है।

ट्रक 20 सेकेंड में 0-60mph (97 km/hr) की स्पीड तक पहुंच सकता है। इसकी बैटरी रेंज 500 मील (करीब 805 किलोमीटर) है। कीमत $150,000 (करीब 1.21 करोड़ रुपए) से शुरू हो सकती है।

पेप्सी को पहला Tesla Electric Truck डिलीवर

कंपनी के CEO एलन मस्क ने नेवादा के स्पार्क्स में कंपनी की गीगाफैक्ट्री में आयोजित एक कार्यक्रम में सॉफ्ट-ड्रिंक कंपनी पेप्सी को पहला ट्रक डिलीवर किया।

पेप्सी ने दिसंबर 2017 में 100 ट्रकों का ऑर्डर दिया था, जब पहली बार टेस्ला सेमी को एक इवेंट में रिवील किया गया था। अन्य हाई-प्रोफाइल ग्राहक-इन-वेटिंग में वॉलमार्ट और UPS शामिल हैं। 2019 में ट्रक की डिलीवरी होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण देरी हुई।

Tesla Electric Truck: Tesla Electric Truck 3 times more powerful than diesel truck, will run 805 KM after full charging

फ्यूचर ऑफ ट्रकिंग

टेस्ला ने सेमी को फ्यूचर ऑफ ट्रकिंग बताया है। मस्क ने इवेंट में कहा, ‘आप उसे चलाना चाहते हैं। मेरा मतलब है, ऐसा लगता है कि यह चीज भविष्य से आई है। ये एक बीस्ट की तरह है। यह वास्तव में एक सामान्य कार चलाने जैसा है, ट्रक चलाने जैसा नहीं।’

इस ट्रक में बेहतर विजिबिलिटी के लिए यूनीक सेंट्रल सिटिंग दी गई है। दोनों तरफ एक बड़ी स्क्रीन के साथ, कपहोल्डर्स और एक वायरलेस फोन चार्जर के साथ दाईं ओर एक कंसोल दिया गया है। इसके अलावा कंपनी का दावा है कि दुर्घटना के मामले में ऑल-इलेक्ट्रिक आर्किटेक्चर रोलओवर रिस्क और केबिन इंट्रूशन दोनों को कम करता है।

ब्रेकिंग से बैटरी चार्ज

सेमी ट्रक में जैकनाइफिंग (दो भागों में बंटे बड़े ट्रक का नियंत्रण से बाहर हो जाना और अचानक खतरनाक रूप से एक ओर झुक जाना) को रोकने के लिए ट्रैक्शन कंट्रोल, बैटरी एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए रिजनरेटिव ब्रेकिंग (ब्रेकिंग का एक मेथड जिसमें ब्रेक लगाने पर निकली एनर्जी को स्टोर किया जाता है। यानी इससे बैटरी चार्ज होती है) और सीमलेस हाईवे ड्राइविंग के लिए एक ऑटोमेटिक क्लच है।

36.74 टन कार्गो के साथ 500 मील यात्रा

मस्क ने बताया कि 8 सेमी-ट्रकों में से एक ने 81,000 पाउंड (36.74 टन) कार्गो के साथ 500 मील की यात्रा पूरी की थी। यह यात्रा राज्य के दक्षिणी सिरे पर कैलिफोर्निया के फ्रेमोंट में टेस्ला फैक्ट्री से सैन डिएगो तक हुई। इस यात्रा में बैटरी को रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ी।

लिक्विड-कूल्ड चार्जिंग कनेक्टर डेवलप किया

मस्क ने इवेंट के दौरान ये भी खुलासा किया कि टेस्ला ने एक नया लिक्विड-कूल्ड चार्जिंग कनेक्टर डेवलप किया है जो 1 मेगावाट डायरेक्ट करंट पावर देने में सक्षम है। मस्क ने कहा, ‘यह साइबरट्रक के लिए भी इस्तेमाल होने जा रहा है।’ लोगों को लंबे समय से इस साइबरट्रक का इंतजार है जिसका प्रोडक्शन 2023 के आखिर में शुरू होने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रिक ट्रक के सामने कई चुनौतियां

डेमलर, वोल्वो, पीटरबिल्ट और BYD जैसे प्रमुख उपकरण निर्माता भी अपने इलेक्ट्रिक लॉन्ग-होलर्स पर काम कर रहे हैं। हालांकि अभी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को व्यापक रूप से अपनाए जाने से पहले भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसके सामने वेट रेस्ट्रिक्शन से लेकर सुविधाजनक चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता जैसी चुनौतियां हैं। ट्रक स्टॉप भी बड़ी बैटरी की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक तैयार नहीं हैं।