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सिवनी में ठंड का सितम: कलेक्टर ने स्कूलों के समय में किया बड़ा बदलाव, पढ़ें पूरा अपडेट

सिवनी: मध्य प्रदेश में कडाके की ठण्ड अपना रौद्र रूप दिखा ही रही है , तापमान में लगातार हो रही गिरावट की वजह से मध्यप्रदेश कई जिलों में स्कूल की टाइमिंग में बदलाव किये जा रहे है .

तापमान में लगातार गिरावट आने की वजह से मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में भी स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय में परिवर्तन किया गया है। सिवनी कलेक्टर राहुल हरिदास फटिंग ने आदेश जारी कर जानकारी दी है.

जिले में संचालित शासकीय / अशासकीय / सी.बी.एस.ई. / आईसीएसई / माध्यमिक शिक्षा मण्डल एवं समस्त बोर्ड से सम्बद्ध विद्यालयों में कड़ाके की ठण्ड एवं तापमान में आई गिरावट को ध्यान में रखकर छात्र / छात्राओं के स्वास्थ्य में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है.

सिवनी जिले में कक्षा नर्सरी से कक्षा 12वी तक के समस्त विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन करते हुये प्रातः 09.15 बजे से 04.30 बजे तक नियत किये जाने के आदेश कलेक्टर सिवनी ने जारी किए है। जारी आदेश के अनुसार कक्षा 9वीं से 12वीं तक की अर्धवार्षिक परीक्षा 2023 निर्धारित समय सारणी अनुसार संचालित होती रहेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

सिवनी: सीएम शिवराज ने भोपाल से दिए निर्देश, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमित चौधरी निलंबित

सिवनी: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार ही एक्शन मोड पर नजर आ रहे है बीते दिन भी एक सभा से आमजनता को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज ने भरे मंच से निवाड़ी कलेक्टर तरुण भटनागर और ओरछा के तहसीलदार को हटाने का ऐलान कर दिया था.

आज सीएम शिवराज सिंह चौहान ने समाधान ऑनलाइन में मध्यप्रदेश के विभिन्न नागरिकों की लंबित समस्याओं का समाधान करवाया और अधिकारियों को निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समाधान ऑनलाइन में प्रस्तुत प्रकरणों में आम जनता के कार्यों में विलंब के दोषी 2 शासकीय सेवकों के निलंबन और 3 शासकीय सेवकों की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी के श्री चंद्रशेखर के आवेदन पर कलेक्टर को बीपीएल कार्ड बनाने के निर्देश दिए। प्रकरण में विलंब के दोषी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री अमित चौधरी को निलंबित किया गया।

अनूपपुर जिले के आवेदक श्री अनूप कुमार तिवारी की शिकायत पर ऊर्जा विभाग हितग्राही किसानों द्वारा राशि जमा कराने के बाद अविलंब ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए गए।

SSC CHSL Recruitment 2022: 4500 पदों पर बंपर भर्ती, ssc.nic.in पर रजिस्ट्रेशन कल हो जाएंगे बंद

SSC CHSL Recruitment 2022:: कर्मचारी चयन आयोग द्वारा कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल एग्जामिनेशन (SSC CHSL Recruitment 2022) 2022 की आवेदन अवधि कल 4 जनवरी को बंद कर दी जाएगी।

जिन उम्मीदवारों ने अभी तक एसएससी सीएचएसएल 2022 के लिए आवेदन नहीं किया है, वे ssc.nic.in पर ऐसा कर सकते हैं। इसके बाद 9 जनवरी से 10 जनवरी तक एप्लिकेशन करेक्शन विंडो सक्रिय रहेगी। 

CHSL 2022 का पहला टियर फरवरी-मार्च 2023 में होगा। टियर -2 परीक्षाओं की समय सारिणी बाद में घोषित की जाएगी। लोअर डिविजनल क्लर्क, जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट और डाटा एंट्री ऑपरेटर के लगभग 4,500 पदों को भरने के लिए भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। 

1 जनवरी को इन पदों के लिए उम्मीदवारों की आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीएचएसएल 2022 के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा या समकक्ष ग्रेड न्यूनतम शैक्षिक आवश्यकता है।

SSC CHSL Recruitment 2022: महत्वपूर्ण तिथियां

  • SSC CHSL Online Application की प्रारंभिक तिथि- 06 दिसंबर 2022
  • SSC CHSL Online Application की अंतिम तिथि- 04 जनवरी 2023
  • ऑनलाइन शुल्क भुगतान करने की अंतिम तिथि और समय- 05 जनवरी 2023
  • चालान के माध्यम से भुगतान की अंतिम तिथि (बैंक के कार्य समय के दौरान) – 06 जनवरी 2023
  • SSC CHSL टियर 1 परीक्षा तिथि- फरवरी या मार्च 2023
  • एसएससी सीएचएसएल टियर 1 परिणाम दिनांक- घोषित किया जाना है
  • एसएससी सीएचएसएल टीयर 2 परीक्षा तिथि- बाद में अधिसूचित की जाएगी

SSC CHSL 2022: ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं 
  • होमपेज पर एसएससी सीएचएसएल 2022 एप्लिकेशन लिंक पर क्लिक करें
  • उम्मीदवारों को पंजीकरण करने और लॉगिन क्रेडेंशियल बनाने की आवश्यकता है
  • एसएससी सीएचएसएल आवेदन पत्र के लिए आवेदन करें
  • सभी दस्तावेज और आवश्यक शुल्क अपलोड करें

100 येन का आवेदन शुल्क है। महिला उम्मीदवारों और अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूबीडी) और पूर्व सैनिकों (ईएसएम) से आरक्षण के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले लोगों को शुल्क का भुगतान करने से छूट दी गई है।

Delhi Kanjhawala case: दिल्ली कंझावला मामले में बड़ा खुलासा, सदमे से हुई थी पीड़िता की मौत, सिर में लगी थी चोट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई सामने

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दिल्ली कंझावला मामले ने देश को झकझोर कर रख दिया है। वह भयावह घटना जिसमें अंजलि सिंह नाम की एक 20 वर्षीय महिला की नए साल के शुरुआती घंटों में मौत हो गई थी, जब उसकी स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी थी और उसे शहर की सड़कों पर वाहन के नीचे 13 किलोमीटर तक घसीटा गया था। 

कंझावला मामले में हालिया घटनाक्रम में महिला की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत सदमे और सिर, रीढ़ और अंगों में चोट लगने के कारण हुई है। 

इसके अलावा, सूत्रों के अनुसार, 20 वर्षीय महिला ने मृतका पर किसी भी तरह के यौन हमले से इनकार किया है क्योंकि उसके निजी अंगों पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए हैं। Delhi Accident CCTV: नए शाल के जश्न के दिन लड़की 12 किमी तक कार में घसीटती रही, शव की फोटो आपको कर देगी विचलित

“पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट प्राप्त की गई है जिसमें यह कहा गया है कि मौत का अनंतिम कारण सदमे और रक्तस्राव के कारण सिर, रीढ़, बाएं फीमर और दोनों निचले अंगों में चोट लगने के कारण हुआ है। सभी चोटें उत्पन्न हुई हैं। पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा ने कहा, “कुंद बल प्रभाव और वाहन दुर्घटना और घसीटने के साथ संभव है।”

विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा, “इसके अलावा, रिपोर्ट इंगित करती है कि यौन हमले का कोई चोट नहीं है। अंतिम रिपोर्ट उचित समय पर प्राप्त होगी।” महिला अंजलि को सुल्तानपुरी से कंझावला तक करीब 13 किमी तक घसीटा गया, क्योंकि उसके कपड़े कार के पहिए में फंस गए थे, जिससे वह स्कूटी चला रही थी।

पुलिस ने घटना के समय कार में सवार पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिट्ठू और मनोज मित्तल के रूप में हुई है।

अमित (25) उत्तम नगर में एसबीआई कार्ड के साथ काम करता है, कृष्ण (27) स्पेनिश कल्चर सेंटर में काम करता है, मिथुन (26) नरैना में हेयरड्रेसर है, जबकि मनोज मित्तल (27) सुल्तानपुरी में राशन डीलर है, जो बीजेपी भी है कार्यकर्ता।

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Delhi Woman Car Scooty Accident: दिल्ली में हादसे में एक युवती की मौत के बाद राजधानी में माहौल गरमा गया है. स्कूटी से टकराने के बाद कार 12 किमी दूर जाते ही बालिका की मौत हो गई। एक युवती का शव सड़क पर नग्न अवस्था में मिलने के बाद राजधानी में हड़कंप मच गया है और हर स्तर से आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है. 

इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि कार के नीचे युवती का शव होने पर भी युवक ने कार नहीं रोकी।

सीसीटीवी फुटेज में कार को यू-टर्न लेते हुए दिखाया गया है। इस समय कार के नीचे युवती का शव नजर आ रही है।दीपक दहिया की उसी स्थान पर मिठाई की दुकान है और वह अहम गवाह है।

दहिया ने एएनआई न्यूज एजेंसी को बताया, ‘मैं सुबह 3:20 बजे दुकान के बाहर बैठा था। इसी दौरान करीब 100 मीटर दूर से तेज आवाज सुनाई दी। पहले मुझे लगा कि टायर पंचर हो गया है। लेकिन तभी मैंने शव को ले जा रही कार को देखा। मैंने तुरंत पुलिस को सूचित किया”।

Delhi Accident CCTV: नए शाल के जश्न के दिन लड़की 12 किमी तक कार में घसीटती रही, शव की फोटो आपको कर देगी विचलित

दहिया ने बताया कि आरोपित एक ही सड़क पर बार-बार गाड़ी चला रहा था। उसने कहा है कि चार से पांच किमी सड़क पर वाहन चलाते समय वह बार-बार यू-टर्न ले रहा था। मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके। उन्होंने कहा है कि करीब डेढ़ घंटे तक शवों को घुमाते रहे।

दहिया ने बाइक पर कार का पीछा किया। इस दौरान वह लगातार पुलिस के संपर्क में था। डेढ़ घंटे बाद शव मिला तो आरोपी फरार हो गए।

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एमपी में कोहरे का कहर: शताब्दी व गतिमान एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें लेट

ग्वालियर। मध्यप्रदेश में ठंड के साथ साथ भयानक कोहरा भी परेशानी का कारण बन रहा है, नई दिल्ली-झांसी रूट की एक दर्जन से अधिक ट्रेने लेटलतीफी का शिकार रहीं। सर्दी में यात्री स्टेशन पर इधर-उधर भटकते रहे, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत रही।

सोमवार को दिल्ली से ग्वालियर आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस सुबह कोहरे के कारण 2 घंटे 30 मिनट की देरी ग्वालियर पहुंची। वहीं भोपाल से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भी रात 10 बजे स्टेशन पर आई। जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम के इस बिगड़े तेवर ने ट्रेन संचालन व्यवस्था को बेपटरी करना शुरू कर दिया है। कई ट्रेन ऐसी हैं, जो घण्टों लेट चलने से अपने फेरे पूरे नहीं कर पा रही हैं। मौसम के बदलते तेवर को देखते हुए रेल प्रशासन ने 31 जनवरी के मध्य कई मेल व एक्सप्रेस ट्रेन को निरस्त कर दिया तो कई का मार्ग परिवर्तन कर दिया है।

कोहरे को देखते हुए रेलवे ने अपने कर्मचारियों और ट्रेन चलाने वाले चालकों को सलाह जारी की है। इसमें यात्रा करते समय खाने का सामान व दवाइयां लेकर चलने को कहा गया है। चालकों से ट्रेन चलाने के दौरान संपर्क सही बना रहे, इसके लिए वॉकी-टॉकी की अतिरिक्त बैटरी भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कई ट्रेने देरी से पहुंची ग्वालियर: सोमवार को जबलपुर से ग्वालियर की ओर आने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 4 घंटे 52 मिनट की देरी से ग्वालियर पहुंची। वहीं कर्नाटक एक्सप्रेस 2 घंटे 40 मिनट, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 4 घंटे 5 मिनट, शताब्दी एक्सप्रेस 2 घंटे 20 मिनट की देरी से ग्वालियर आई।

वहीं नई दिल्ली की ओर से आने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 3 घंटे 54 मिनट, पंजाब मेल 2 घंटे 34, गतिमान एक्सप्रेस 2 घंटे 1 मिनट, ताज एक्सप्रेस 1 घंटे 52 मिनट, खजुराहो एक्सप्रेस 2 घंटे 2 मिनट, श्रीधाम एक्सप्रेस 3 घंटे 58 मिनट की देरी से ग्वालियर पहुंची।

Rewa School Timing Change: रीवा में ठंड के प्रकोपकी वजह से बदला स्कूल का समय, प्रात: 10.30 बजे से लगेंगी प्राथमिक कक्षाएं

Rewa School Timing Change: मध्य प्रदेश में कडाके की ठण्ड अपना रौद्र रूप दिखा ही रही है , तापमान में लगातार हो रही गिरावट की वजह से मध्यप्रदेश कई जिलों में स्कूल की टाइमिंग में बदलाव किये जा रहे है .

तापमान में लगातार गिरावट आने की वजह से मध्यप्रदेश के रेवा जिले में भी प्राथमिक स्कूलों के खुलने के समय में परिवर्तन किया गया है। रीवा कलेक्टर ने आदेश जारी कर जानकारी दी है.

रीवा कलेक्टर पुष्प ने निर्देश देते हुए बताया “शीत ऋतु के प्रभाव से तापमान में आयी गिरावट, शीत लहर एवं कोहरे में न्यूनतम विजबिलटी 200 मीटर से कम होने के कारण समस्त शासकीय, अशासकीय, आईसीएसई, सीबीएसई, माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को देखते हुए प्राथमिक विद्यालयों के संचालन का समय परिवर्तन करते हुए प्रात: 10.30 बजे से नियत किया गया है”

उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर तक की कक्षाएं प्रात: 10.30 बजे के पूर्व संचालित नहीं की जायेगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

सिवनी: धनुश्री चौहान का सुयश, कॉमन-लॉ एडमिशन टेस्ट 2023 में मारी बाजी

सिवनी: सिवनी जिला मुख्यालय के बारापत्थर निवासी आटोपाट्र्स व्यवसायी राजेश सिंह चौहान एवं गूँज संस्था प्रमुख मनीषा चौहान की पुत्री धनुश्री चौहान (Dhanushree Chouhan) ने कामन-लॉ एडमिशन टेस्ट 2023 की परीक्षा में ऑल इंडिया पर 734 वां स्थान प्राप्त किया है.

उनकी मध्यप्रदेश में रैक 36 रही। चयन के उपरांत अब सिवनी की बेटी धनुश्री भारत की प्रसिद्ध नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में अध्ययन के लिए जायेगी।

ज्ञात रहे कि वर्ष 2022 के दौरान धनुश्री ने 12 वीं बोर्ड परीक्षा में सिवनी जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। धनुश्री की इस उपलब्धि पर चौहान परिवार व शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए आशा व्यक्त की है कि वे कानून की पढ़ाई करने के बाद जरूरत मंदों की मददों को न्याय दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

सिवनी: गांधी जी के तीन बंदर के बाद पढ़िए बरघाट विधायक के तीन बंदरों की कहानी

सिवनी, बरघाट, धारनाकला (एस.शुक्ला): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के बारे मे तो आपने सुना ही होगा जब भी बापू का जिक्र होगा उनसे जुडे तीन बन्दरो की बात जरूर होगी लेकिन क्या क्या आप जानते है की इन तीन बन्दरो का नाम बापू के साथ कैसे जुडा नहीं तो चलिए पहले यह जानते है माना जाता है की ये बन्दर चीन से बापू तक पहुचे थे.

दरअस्ल देश विदेश से लोग अक्सर सलाह लेने के लिये महात्मा गांधी के पास आया करते थे जिसमे मिजारू बन्दर की पहली श्रेणी आती है इसने दोनो हाथो से आखे बंद कर रखी है यानी जो बुरा नही देखता, दूसरी श्रेणी किकाजारू बन्दर अथवा इसके दोनो हाथो से कान कान बन्द कर रखे है यानी जो बुरा नही सुनता इसके बाद तीसरी श्रेणी मे इवाजारू बन्दर है इसने दोनो हाथो से मुह बन्द कर रखा है यानि जो बुरा नही कहता.

चीन से आए थे ये तीनो बंदर

चीन से आए थे ये गांधी जी के तीन बंदर

कहा जाता है की एक दिन चीन का एक प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलने आया बातचीत के दौरान उन लोगो ने गांधी जी को एक भेट देते हुऐ कहा कि “यह एक बच्चो के खिलोने से बडे तो नही है लेकिन हमारे देश मे बहुत मशहूर है” गांधी जी ने तीन बंदरों के सैट को देखकर बहुत प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसे अपने पास रख लिया और यही नही जिन्दगी भर संभाल कर रखा.

इस तरह से ये तीन बन्दर उनके नाम के साथ हमेशा के लिये जुड गये माना जाता है की ये तीन बन्दर बुरा न देखो, बुरा न सुनो और बुरा न बोलो के सिद्धांत को दर्शाते है यही नही इन तीन बंदरों के नाते को जापानी संस्कृति से भी जोडा जाता है 1617 मे जापान के निक्को स्थित तोगोशू की समाधि पर यही तीनो बन्दर बने हुऐ है.

सिवनी जिले के बरघाट विधायक के तीन बंदरों की कहानी

माना जाता है की ये बन्दर चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस के थे और आठवे शताब्दी मे चीन से जापान पहुचे उस वक्त जापान में सीट सम्प्रदाय मे बंदरों को काफी सम्मान दिया जाता था जापान मे इन्हे बुद्धिमान बन्दर माना जाता था और तीन बनदरो के प्यार से नाम भी है और यही तीन बंदरों की कहानी वर्तमान मे सिवनी जिले के बरघाट विधानसभा मे दोहराई जा रही है जो की वर्तमान विधायक अर्जुन सिंह ककोडिया पर सिद्ध हो रही है की क्या बरघाट विधायक के ये तीन बंदर वास्तविक मे आने वाले समय मे अर्जुन की नैया पार लगाने मे अहम भूमिका अदा करेंगे या अर्जुन की नैया को गर्त मे डूबो देगे.

वैसे विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बिगुल बजने की तैयारी हो रही है किन्तु बरघाट विधायक के ये तीन बंदरों की कहानी बरघाट विधानसभा मे जमकर गूंज रही है चूकी बरघाट विधानसभा मे ये विधायक के करीबी होने के साथ ही विशेष सलाहकार भी माने जाते है साथ ही इन्होने अपने विधायक के कार्यकाल मे अपनी रोटी सेकने अथवा अपना स्वार्थ सिद्ध करने में कोई कसर भी बाकी नही छोडी है

किन्तु इन तीन महान बंदरों की कहानी क्या आने वाले विधानसभा चुनाव मे कांग्रेस को वापसी की दहलीज पर लाकर खडा कर देगी चूकि बरघाट विधानसभा मे इन तीन बंदरों की तुलना गांधी जी तीन बंदरों से ठीक विपरीत हो रही है और यह भी कयास अभी से लगने प्रारम्भ हो गये है की बरघाट विधानसभा के ये तीन बंदर बुरा मत देखो बुरा मत सुनो और बुरा मत कहो की कहानी मे जरूर उल्टा मोड़ लायेंगे.

यह बात कोई और नही बल्कि वर्तमान मे कांग्रेस से जुडे लोग ही कह रहे है जो एक समय तन मन धन से कांग्रेस के साथ हुआ करते थे किन्तु इन चार वर्ष के कार्यकाल मे और तीन बंदरों की कारगुजारीयो ने शायद बहुत से कांग्रेस से जुडे लोगो को आहत किया है और शायद इसका परिणाम आने वाले समय मे कांग्रेस की नैया न डुबो दे यह कहना भी गलत नही होगा.

25 वर्ष के बनवास को तोडने मे मिली थी सफलता

वैसे यहाँ यह भी उल्लेखनीय है की बरघाट हमेशा से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है और यही कारण है की बरघाट विधानसभा सीट हमेशा 25 वर्ष से भाजपा की झोली मे जाती रही है जिसमे लगातार 15 वर्ष डॉ. ढालसिंह बिसेन तथा 10 वर्षो तक भाजपा विधायक कमल मर्सकोले ने बरघाट विधानसभा मे विधायक के रूप मे प्रतिनिधित्व किया किन्तु बरघाट के पच्चीस वर्ष के बनवास को वर्तमान विधायक अर्जुन सिंह ककोडिया ने तोडने मे अहम भूमिका अदा की और भाजपा का गढ़ माने जाने वाली यह सीट काग्रेस की झोली मे डालते हुए यह सीट भाजपा से छीन ली और मध्यप्रदेश मे सरकार का दायित्व भी कांग्रेस को प्राप्त हो गया किन्तु सत्ता के उलटफेर मे मध्यप्रदेश मे कुछ माह बाद ही भाजपा की सरकार बैठ गई.

वर्तमान मे बरघाट मे चल रही राजनैतिक गणित मे विधानसभा चुनावो को लेकर पुन: मथंन का दौर प्रारम्भ हो चुका है जिसमे अर्जुन सिंह की मेहनत तो क्षेत्र मे सभी की जुबान पर है किन्तु इनके इर्द गिर्द के तीन बन्दरो का जिक्र भी लोगो की जुबान पर है जो काग्रेस के विधायक के रूप मे आने के बाद इन तीन बन्दरो ने जो स्वार्थ की रोटी सेक कर अपना स्वार्थ सिद्ध किया है उससे यह कहना भी गलत नही होगा की जो मतदाता एक समय कांग्रेस के साथ जुडा था वही मतदाता आज से इनसे दूरियां बनाता हुआ नजर आ रहा है और क्या यही दूरियां इन तीन बंदरों के कारण काग्रेस को पुन: वापसी लाने मे कारगर साबित होगी अथवा इन तीन बंदरों के चक्कर मे कांग्रेस की लुटिया फिर एक बार डूबती नजर आयेगी यह तो आने वाला समय ही निर्भर करेगा किन्तु गांधी के तीन बन्दर की तुलना इनसे करना नाइंसाफी ही होगी

भाजपा मे भी है लम्बी कतार

वैसे लगातार लम्बे समय मे सत्ता मे काबिज भाजपा के लिये भी आने वाले चुनाव मे राह आसान नही है चूकि विधानसभा की टिकिट की दौड मे एक नही अपितु दर्जनो नाम सामने आ रहे है तथा बरघाट मे इनके किये जा रहे जनसम्पर्क को भी चुनाव की दृष्टी से देखा जा रहा है और भाजपा से किसे बरघाट विधानसभा के लिये उतारा जा सकता है यह तो समय बतायेगा किन्तु यह भी सही है की लगातार क्षेत्र मे भाजपा से उम्मीदवार के रूप सभी अपने आपको छेत्र मे प्रदर्शित कर रहे है जिससे आने वाले समय मे बरघाट विधानसभा की गेंद किसके पाले मे गिरती है यह तो छेत्र का मतदाता ही तय करेगा

दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी का एमएमटी कार्गो ट्रैफिक को संभालने का आँकड़ा 100 के पार

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दिनांक 28-12-2022 को, दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण, कंडला ने वित्त वर्ष 2022-23 में 100 एमएमटी कार्गो ट्रैफिक को संभालने का लैंडमार्क पार कर लिया है।

इसके साथ ही वित्तीय वर्ष की केवल 3 तिमाहियों में ही इस कीर्तिमान को पार करने वाला देश का पहला महापत्तन बन गया है। दीनदयाल पत्तन ने पिछले वित्त वर्ष की इसी संगत अवधि की तुलना में इस वर्ष 6.96% की वृद्धि दर्ज की है।

उल्लेखनीय है कि डीपीए ने यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष में दिनांक 11-01-2022 को हासिल की थी। श्री एस.के. मेहता, आईएफएस, अध्यक्ष और श्री नंदीश शुक्ला, आईआरटीएस, उपाध्यक्ष ने इस अभूतपूर्व उपलब्धि को हासिल करने के सुअवसर पर टीम डीपीए के साथ साथ दीनदयाल पत्तन को अत्याधुनिक हैंडलिंग सुविधाओं से युक्त एक मेगा पोर्ट बनाने की दिशा में निरंतर समर्थन के लिए कर्मचारियों, श्रमिकों, ट्रेड यूनियनों, पोर्ट उपयोगकर्ताओं और हितधारकों को बधाई दी।