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सिवनी कलेक्टर नेहा मीना की जनसुनवाई में त्वरित फैसला: कुछ ही मिनटों में पहली कक्षा में मिला छात्र प्रिंस को प्रवेश

सिवनी जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई एक बार फिर आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बनी। स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से परेशान एक मां की समस्या का समाधान उस समय तुरंत हो गया, जब कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कुछ ही देर में छात्र प्रिंस का कक्षा पहली में प्रवेश सुनिश्चित कर दिया गया।

मुख्य बातें (Highlights)

  • जनसुनवाई में पहुंची थीं संध्या मसराम, बेटे के प्रवेश की लगाई गुहार
  • कलेक्टर नेहा मीना ने मौके पर ही दिए कार्रवाई के निर्देश
  • सांदीपनि विद्यालय, कंडीपार में कक्षा पहली में मिला प्रवेश
  • छात्र को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी उपलब्ध कराई गईं
  • मां ने जिला प्रशासन और कलेक्टर का जताया आभार

जनसुनवाई में सुनी गई एक मां की परेशानी

मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में संध्या मसराम अपने पुत्र प्रिंस के स्कूल में प्रवेश नहीं हो पाने की समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना को बताया कि काफी प्रयासों के बावजूद उनके बेटे का स्कूल में दाखिला नहीं हो पा रहा है।

कलेक्टर ने उनकी बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

मौके पर ही पूरी हुई प्रवेश की प्रक्रिया

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने जनसुनवाई में मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एवं जिला परियोजना समन्वयक (DPC) को आवश्यक कार्रवाई करते हुए निकटतम विद्यालय में छात्र का प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निर्देश मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सांदीपनि विद्यालय, कंडीपार में छात्र प्रिंस का कक्षा पहली में प्रवेश सुनिश्चित कर दिया।

छात्र को मिली निःशुल्क पुस्तकें, पढ़ाई के लिए किया प्रेरित

प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने छात्र प्रिंस को शासन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली कक्षा पहली की निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी प्रदान कीं।

उन्होंने प्रिंस को नियमित विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मां ने जताया जिला प्रशासन का आभार

बेटे का प्रवेश कुछ ही समय में होने से संध्या मसराम के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना गया और तत्काल समाधान भी किया गया।

उन्होंने जनसुनवाई को आम नागरिकों के लिए भरोसेमंद व्यवस्था बताते हुए जिला प्रशासन की संवेदनशील और तत्पर कार्यशैली की सराहना की।

मध्य प्रदेश शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली इस प्रक्रिया में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों और आवेदनों का मौके पर निराकरण करने का प्रयास किया जाता है।

इस तरह के त्वरित समाधान से आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है। विशेष रूप से शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों में समय पर निर्णय बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का काम करते हैं।

सिवनी की जनसुनवाई में एक बच्चे का स्कूल में प्रवेश कुछ ही समय में सुनिश्चित होना प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आया है। कलेक्टर नेहा मीना के त्वरित निर्देशों से न केवल एक परिवार की चिंता दूर हुई, बल्कि एक बच्चे के शिक्षा के अधिकार को भी समय पर सुनिश्चित किया गया।

घंसौर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था: 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची, अस्पताल में तड़पती रहीं दो महिलाएं

सिवनी जिले के घंसौर उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां सामने आई हैं। संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक सेवन करने वाली दो महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से परिजनों को निजी वाहन से मरीजों को ले जाना पड़ा। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें (Highlights)

  • घंसौर उप स्वास्थ्य केंद्र में सामने आई स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही
  • दो महिलाओं ने संदिग्ध परिस्थितियों में किया कीटनाशक का सेवन
  • डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद किया जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
  • 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, अस्पताल की एंबुलेंस भी खराब
  • परिजनों ने निजी वाहन से मरीजों को पहुंचाया मेडिकल कॉलेज
  • घटना के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, सिवनी जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित घंसौर उप स्वास्थ्य केंद्र में घंसौर थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों की दो महिलाओं को गंभीर हालत में लाया गया। बताया गया कि दोनों ने संदिग्ध परिस्थितियों में कीटनाशक का सेवन कर लिया था।

ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए दोनों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

घंटों इंतजार के बाद भी नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस

परिजनों के अनुसार, रेफर किए जाने के बाद लगातार 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया गया, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंची। वहीं, अस्पताल परिसर में मौजूद एंबुलेंस पहले से ही खराब होने के कारण उसका उपयोग भी नहीं किया जा सका।

समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से दोनों मरीजों को अस्पताल में इंतजार करना पड़ा।

मजबूरी में निजी वाहन से रवाना किए गए मरीज

जब काफी देर तक एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी, तब परिजनों ने निजी वाहन का इंतजाम किया और गंभीर हालत में दोनों महिलाओं को उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर रवाना हुए।

स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होना बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है।

घंसौर क्षेत्र सिवनी जिला मुख्यालय से काफी दूरी पर स्थित है। गंभीर मरीजों को अक्सर बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। ऐसे में 108 एंबुलेंस सेवा और अस्पताल की एंबुलेंस की उपलब्धता ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है।

इस खबर का असर

यदि घटना में सामने आए तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह मामला ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा का विषय बन सकता है। समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न होना गंभीर मरीजों की जान के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

घंसौर उप स्वास्थ्य केंद्र की यह घटना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है। गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण परिजनों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। अब आवश्यकता है कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाए।

मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन सिवनी को मिला नया जिला अध्यक्ष: चुनाव में नितिन शुक्ला ने दर्ज की जीत

SEONI NEWS: मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन की जिला इकाई सिवनी को नया नेतृत्व मिल गया है। संगठन के जिला अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में नितिन शुक्ला ने जीत दर्ज करते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। चुनाव परिणाम 26 जुलाई 2026 को घोषित किए गए।

मुख्य बातें (Highlights)

  • मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन सिवनी का चुनाव संपन्न
  • नितिन शुक्ला बने नए जिला अध्यक्ष
  • नितिन शुक्ला को 41 वोट, प्रतिद्वंद्वी योगेंद्र सनोडिया को 29 वोट
  • कोई भी मत निरस्त नहीं हुआ
  • कुल 91 मतदाताओं में से 70 मत पड़े

चुनाव में नितिन शुक्ला को मिली जीत

मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन के जिला अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में नितिन शुक्ला ने अपने प्रतिद्वंद्वी योगेंद्र सनोडिया को हराकर जीत हासिल की। मतगणना के बाद जारी परिणाम में नितिन शुक्ला को 41 मत प्राप्त हुए, जबकि योगेंद्र सनोडिया के पक्ष में 29 मत पड़े।

चुनाव अधिकारियों ने मतगणना पूरी होने के बाद नितिन शुक्ला को विजयी घोषित किया। चुनाव अधिकारियों में श्री राजेंद्र सुलकिया जी, जिला बालाघाट, श्री मुकेश अवधिया जी, जिला बालाघाट, श्री राजेश बंदेवार जी, जिला सिवनी एवं श्री अजय सेन जी, जिला सिवनी शामिल रहे।

बैंक मित्र संगठन के वरिष्ठ सदस्य नंदकिशोर दुबे एवं अनिल भारद्वाज के साथ एनी सदस्यों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ

मतदान प्रतिशत रहा 77 फीसदी

मतगणना पत्रक के अनुसार चुनाव में कुल 91 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 70 मत डाले गए और कोई भी मत निरस्त नहीं हुआ। इस तरह मतदान का प्रतिशत लगभग 77% दर्ज किया गया।

संगठन को मिला नया नेतृत्व

जिला अध्यक्ष चुने जाने के बाद अब नितिन शुक्ला के नेतृत्व में संगठन की आगामी गतिविधियों और बैंक मित्रों से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। संगठन के सदस्यों ने उन्हें जीत की बधाई दी।

मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन बैंक मित्रों (Bank Mitras) के हितों, समस्याओं और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर कार्य करता है। समय-समय पर संगठन के विभिन्न पदों के लिए चुनाव कर नई कार्यकारिणी का गठन किया जाता है।

सिवनी जिले में मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। नितिन शुक्ला की जीत के साथ संगठन को नया जिला अध्यक्ष मिल गया है। अब सदस्यों की निगाहें नई कार्यकारिणी की आगामी कार्ययोजना पर रहेंगी।

SEONI में 27 जुलाई को गौ सम्मान दिवस पर सामूहिक विजय मंत्र श्री राम जय राम जय जय राम का जप: सवा लाख हस्ताक्षरों के साथ कलेक्टर को सौंपा जाएगा ज्ञापन

सिवनी में गौ सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर सोमवार, 27 जुलाई को “गौ सम्मान दिवस” का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत श्रद्धालु सवा घंटे तक सामूहिक रूप से “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय मंत्र का जप करेंगे। इसके बाद गौ संरक्षण और सम्मान से जुड़े मांग-पत्र को सवा लाख हस्ताक्षरों के साथ जिला प्रशासन को सौंपने की तैयारी है।

मुख्य बातें (Highlights)

  • 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को मनाया जाएगा गौ सम्मान दिवस
  • श्री हनुमान घाट, दलसागर तालाब से होगा कार्यक्रम का शुभारंभ
  • सवा घंटे तक होगा सामूहिक विजय मंत्र जप
  • सवा लाख हस्ताक्षरों के साथ कलेक्टर को सौंपा जाएगा प्रार्थना-पत्र
  • आयोजकों ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और अनुशासित रखने की अपील की

सुबह 7:45 बजे से शुरू होगा आयोजन

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का आयोजन श्री हनुमान घाट, दलसागर तालाब, सोमवारी चौक, भैरवगंज, सिवनी में किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7:45 बजे प्रतिभागियों के एकत्रीकरण से होगी। इसके बाद सुबह 8:00 बजे से 9:15 बजे तक विजय मंत्र “श्री राम जय राम जय जय राम” का सामूहिक जप किया जाएगा।

यह रहेगा कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

सुबह 7:45 बजे – प्रतिभागियों का एकत्रीकरण
सुबह 8:00 से 9:15 बजे – सवा घंटे सामूहिक विजय मंत्र जप
सुबह 9:30 से 10:30 बजे – महाप्रसाद वितरण
सुबह 10:30 बजे – कलेक्टर कार्यालय के लिए प्रस्थान
सुबह 11:30 बजे – प्रार्थना-पत्र सौंपना
दोपहर 12:00 बजे – कार्यक्रम का समापन

सवा लाख हस्ताक्षरों के साथ सौंपा जाएगा प्रार्थना-पत्र

आयोजकों का कहना है कि सामूहिक जप के उपरांत गौ माता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान से संबंधित मांगों को लेकर सवा लाख हस्ताक्षरों के साथ एक प्रार्थना-पत्र जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

घर से भी जुड़ सकते हैं श्रद्धालु

यह भी अपील की गई है कि जो लोग किसी कारणवश कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे, वे अपने घर पर ही विजय मंत्र का जप कर इस अभियान में सहभागी बन सकते हैं।

शांतिपूर्ण आयोजन की अपील

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरी तरह अहिंसक, शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संगठन, दल या सरकार के विरोध में नहीं, बल्कि गौ सेवा, सुरक्षा और सम्मान के समर्थन में जनजागरण करना है।

देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर गौ संरक्षण और गौ सेवा से जुड़े धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य जनजागरूकता बढ़ाना और समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना होता है।

सिवनी में आयोजित होने वाला “गौ सम्मान दिवस” धार्मिक आयोजन के साथ-साथ जनभागीदारी का भी एक प्रयास होगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी सहभागिता निभाने की अपील की है।

SEONI के घंसौर में मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष: युवक पर धारदार हथियार से हमला; हालत गंभीर, जबलपुर रेफर

रिपोर्ट उमेश श्रीवास्तव घंसौर: सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र के सारसडोल गांव में रविवार दोपहर मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक 25 वर्षीय युवक पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।

मुख्य बातें (Highlights)

  • घटना घंसौर थाना क्षेत्र के सारसडोल गांव की
  • मामूली विवाद के बाद युवक पर धारदार हथियार से हमला
  • 25 वर्षीय रामकिशन कुमरे गंभीर रूप से घायल
  • प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर
  • आरोपी घटना के बाद फरार, पुलिस तलाश में जुटी
  • गांव में तनाव का माहौल, पुलिस कर रही जांच

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 (रविवार) को दोपहर करीब 1 बजे घंसौर थाना क्षेत्र के ग्राम सारसडोल में किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया।

हमले में रामकिशन कुमरे (25 वर्ष), पिता लेखराम कुमरे, निवासी सारसडोल गंभीर रूप से घायल हो गए।

गंभीर हालत में जबलपुर किया गया रेफर

घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण घायल रामकिशन कुमरे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल College रेफर कर दिया।

फिलहाल घायल का उपचार जबलपुर में जारी है।

आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गांव में तनाव का माहौल

घटना के बाद सारसडोल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है।

ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवादों का हिंसक रूप लेना चिंता का विषय बनता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और आपसी विवादों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।

घंसौर के सारसडोल गांव में मामूली विवाद के बाद हुए धारदार हथियार से हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज जबलपुर मेडिकल कॉलेज में जारी है, जबकि पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

Seoni NH-44 Accident: लखनादौन के सिरमंगनी के पास खड़ी बस में ट्रक घुसा, देवेंद्र पटेल की मौत, 15 घायल

रिपोर्ट बालमुकुंद सिंह: सिवनी जिले के लखनादौन क्षेत्र में रविवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने यात्रियों में दहशत फैला दी। सड़क किनारे खड़ी यात्री बस में पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए। इनमें पांच घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

मुख्य बातें (Highlights)

  • NH-44 पर लखनादौन के सिरमंगनी गांव के पास हादसा
  • सड़क किनारे खड़ी यात्री बस में पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर
  • 40 वर्षीय देवेंद्र पटेल की मौके पर मौत
  • 15 यात्री घायल, पांच गंभीर रूप से घायल
  • गंभीर घायलों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया
  • प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही की आशंका

NH-44 पर कैसे हुआ हादसा?

राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर रविवार सुबह लखनादौन थाना क्षेत्र के सिरमंगनी गांव के पास भोपाल से मंडला जा रही एक यात्री बस किसी कारणवश सड़क किनारे रुकी हुई थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि बस का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ट्रक का अगला हिस्सा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हादसे में एक की मौत, 15 यात्री घायल

दुर्घटना में कहानी निवासी 40 वर्षीय देवेंद्र पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में घायल हुए 15 यात्रियों को तत्काल लखनादौन सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पांच गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जबकि अन्य घायलों का उपचार लखनादौन सिविल अस्पताल में जारी है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही लखनादौन पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा।

दुर्घटना के कारण कुछ समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात प्रभावित रहा। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सड़क पर आवागमन सामान्य कराया गया।

पुलिस क्या कह रही है?

लखनादौन थाना प्रभारी के.पी. धुर्वे के अनुसार मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह ट्रक की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही मानी जा रही है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग-44 देश के सबसे व्यस्त हाईवे में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री बसें और भारी मालवाहक वाहन गुजरते हैं। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और असावधानी के कारण इस हाईवे पर समय-समय पर गंभीर सड़क दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं।

यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित ड्राइविंग और भारी वाहनों की गति नियंत्रण की आवश्यकता को सामने लाता है। सड़क किनारे खड़े वाहनों के पास गुजरते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना और निर्धारित गति सीमा का पालन करना ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

लखनादौन के सिरमंगनी गांव के पास हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया, वहीं कई अन्य यात्री घायल हो गए। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट से हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

DPS Chhindwara की अनूठी पहल: कारगिल विजय दिवस पर Delhi Public School Chhindwara में सेना में करियर बनाने के गुर सीखकर प्रेरित हुए विद्यार्थी

DPS Chhindwara: कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) के अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल, छिंदवाड़ा (Delhi Public School Chhindwara) में विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक “करियर वॉक थ्रू – कारगिल दिवस” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना में करियर के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी गई और छात्रों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन तथा समर्पण का संदेश भी मिला।

मुख्य बातें

  • कारगिल विजय दिवस पर दिल्ली पब्लिक स्कूल छिंदवाड़ा (Delhi Public School Chhindwara)में “करियर वॉक थ्रू” कार्यक्रम आयोजित।
  • 24 बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर मेजर पी. के. वेलु मुख्य अतिथि रहे।
  • कारगिल के वीर शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
  • विद्यार्थियों को भारतीय सशस्त्र सेनाओं में करियर, पात्रता और चयन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
  • प्राचार्य हबीब खान ने करियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला।

कारगिल विजय दिवस पर विद्यार्थियों को मिला सेना में करियर का मार्गदर्शन

दिल्ली पब्लिक स्कूल, छिंदवाड़ा में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित “करियर वॉक थ्रू – कारगिल दिवस” कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करना और उन्हें भारतीय सशस्त्र सेनाओं में उपलब्ध करियर अवसरों से परिचित कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

DPS Chhindwara में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

दो मिनट का मौन रखकर किया गया नमन

कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दो मिनट का मौन रखकर किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

मेजर पी. के. वेलु ने साझा किए सेना में करियर के अवसर

24 बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर मेजर पी. के. वेलु ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए भारतीय सेना में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, पात्रता, चयन प्रक्रिया और तैयारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस दौरान विद्यार्थियों ने रक्षा सेवाओं में प्रवेश, आवश्यक योग्यता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े कई प्रश्न पूछे। मेजर वेलु ने सभी प्रश्नों के व्यावहारिक और विस्तृत उत्तर देते हुए छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

अनुशासन और राष्ट्रसेवा का दिया संदेश

अपने सैन्य जीवन के प्रेरक अनुभव साझा करते हुए मेजर पी. के. वेलु ने विद्यार्थियों से कहा कि अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रसेवा की भावना के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।

प्राचार्य हबीब खान ने बताया ऐसे कार्यक्रमों का महत्व

विद्यालय के प्राचार्य हबीब खान ने अपने संबोधन में कहा कि करियर उन्मुख कार्यक्रम विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की सही जानकारी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन से छात्र अपने भविष्य की बेहतर योजना बना सकते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर सफलता हासिल कर सकते हैं।

हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन के कब्जे वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मुक्त कराया था। इस दिन देशभर में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है और युवाओं को उनके साहस एवं बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया जाता है।

ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें भारतीय सशस्त्र सेनाओं में करियर बनाने के अवसरों की जानकारी भी देते हैं। इससे युवाओं को अपने भविष्य के लिए बेहतर निर्णय लेने और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित होने का अवसर मिलता है।

कारगिल विजय दिवस पर आयोजित “करियर वॉक थ्रू” कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को वीर सैनिकों के बलिदान से प्रेरणा लेने के साथ-साथ भारतीय सेना में करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम देशभक्ति, अनुशासन और करियर मार्गदर्शन का प्रभावी संगम साबित हुआ।

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Dharmendra Pradhan Resigns: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NEET विवाद के बीच PM मोदी को भेजा त्यागपत्र

Dharmendra Pradhan Resigns: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए कहा कि देशभर में छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। इस्तीफे की जानकारी उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए पत्र के माध्यम से दी। इस घटनाक्रम की पुष्टि कई समाचार संस्थानों ने भी की है।

प्रमुख बातें

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दिया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा त्यागपत्र।
  • छात्रों के नाम खुला पत्र जारी किया।
  • NEET-UG विवाद और परीक्षा सुधारों का किया जिक्र।
  • छात्रों का भविष्य और राष्ट्रीय हित को बताया फैसले का कारण।
  • प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का जताया आभार।

इस्तीफे में क्या लिखा?

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र की शुरुआत “मेरे युवा साथियों” संबोधन से की। उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशकों से वह छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए काम करते रहे हैं और उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि मजबूत, समावेशी और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं का सम्मान करना उनका नैतिक दायित्व रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर उनके लिए गर्व की बात रही है।

NEET-UG विवाद का किया उल्लेख

पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराई। साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने का फैसला भी लिया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना था और केंद्र व राज्य सरकारों के समन्वय से यह प्रक्रिया पूरी की गई।

“छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों में न उलझे”

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र में हाल के दिनों में हुए विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से उनका मन दुखी है। पत्र में उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि—

  • देश विरोधी ताकतें मौजूदा हालात का फायदा उठाएं।
  • देश की एकता प्रभावित हो।
  • छात्र कानूनी विवादों में उलझें।
  • युवाओं का ध्यान पढ़ाई और करियर से भटके।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजने का निर्णय लिया।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार

अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने लिखा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और आगे भी वह देश तथा युवाओं के हित में काम करते रहेंगे।

विरोध प्रदर्शनों के बीच आया फैसला

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब NEET-UG परीक्षा को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। विपक्ष और छात्र संगठनों की ओर से लगातार उनकी जवाबदेही तय करने की मांग उठाई जा रही थी। हाल के दिनों में इस मुद्दे पर संसद में भी लगातार गतिरोध बना रहा।

इस फैसले का क्या असर होगा?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार को जल्द ही नया शिक्षा मंत्री नियुक्त करना होगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिक्षा मंत्रालय में परीक्षा सुधार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर नए फैसले लिए जा सकते हैं।

SEONI में 6 बड़ी चोरी का पर्दाफाश: हिस्ट्रीशीटर अज्जू कोष्टा समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, 25 लाख के जेवर और वाहन बरामद

SEONI BREAKING NEWS: सिवनी शहर में पिछले एक वर्ष के दौरान हुई चोरी और नकबजनी की कई घटनाओं से आम लोगों में दहशत का माहौल था। अलग-अलग इलाकों में सूने मकानों को निशाना बनाकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी चोरी की जा रही थी, लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे। अब कोतवाली पुलिस ने लगातार तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और निगरानी के जरिए इन मामलों का खुलासा करते हुए छह अलग-अलग वारदातों में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर, नकदी तथा दो दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।

इन गिरफ्तार आरोपियों में शहर का हिस्ट्रीशीटर बदमाश अजय उर्फ अज्जू कोष्टा भी शामिल है, जिसके खिलाफ पहले से चोरी, नकबजनी सहित 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब दो आरोपियों को रिमांड पर लेकर शेष चोरी गया माल और अपराध से खरीदी गई संपत्ति की तलाश कर रही है।

मुख्य बिंदु

  • कोतवाली पुलिस ने 6 अलग-अलग चोरी और नकबजनी की वारदातों का किया खुलासा।
  • हिस्ट्रीशीटर अज्जू उर्फ अजय कोष्टा समेत 6 आरोपी गिरफ्तार।
  • लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का चोरी गया सामान बरामद।
  • सोने-चांदी के जेवर, नकदी और दो दोपहिया वाहन जब्त।
  • दो आरोपियों से पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी।
  • एक मामला वर्ष 2025 का जबकि पांच मामले वर्ष 2026 के हैं।

एसपी के निर्देशन में चली विशेष मुहिम

पुलिस अधीक्षक श्रीकृष्ण लालचंदानी द्वारा जिले में लगातार बढ़ रही चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी चंचलेश मरकाम के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों की जांच के लिए टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और संदिग्धों की निगरानी के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर सभी मामलों की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पहला मामला: मजदूर ने किया विश्वासघात, गोल्ड लोन में गिरवी रख दिए चोरी के जेवर

इस श्रृंखला का पहला मामला वर्ष 2025 का है।

भैरोगंज स्थित पीजी कॉलेज के पीछे रहने वाले सचेन्द्र मिश्रा ने 6 अगस्त 2025 को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके सूने मकान का ताला तोड़कर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर तथा पांच हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए हैं। पुलिस ने अपराध क्रमांक 669/2025 दर्ज कर जांच शुरू की।

लगभग 10 लाख के जेवर हुए बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया—

  • शुभम जैन (32 वर्ष), निवासी महाराजबाग भैरोगंज
  • संदेश सोनकेशरिया (32 वर्ष), निवासी परतापुर रोड भैरोगंज

इनके कब्जे से सोने का हार, दो कंगन, दो जोड़ी झुमके तथा दो सोने की अंगूठियां बरामद की गईं, जिनकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है।

कार की किश्त भरने के लिए रची साजिश

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी संदेश सोनकेशरिया को अपनी चारपहिया गाड़ी का लोन भरना था। पैसों की जरूरत के कारण उसने चोरी की योजना बनाई। वह फरियादी के घर के आसपास मजदूरी करता था और उसे घर के सूना रहने की जानकारी थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी शुभम जैन ने मकान की रेकी कर उसे चोरी के लिए उकसाया। चोरी के बाद जेवरात आईआईएफएल बैंक में गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लिया गया। पुलिस ने नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर बैंक से लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर बरामद कर लिए।

पुलिस रिमांड पर दोनों आरोपी

कोतवाली पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को पुनः पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि चोरी की शेष संपत्ति तथा चोरी के पैसों से खरीदी गई कार भी जब्त की जा सके

दूसरा मामला: गुरुनानक वार्ड में दिनदहाड़े सूने मकान को बनाया निशाना

दूसरा मामला गुरुनानक वार्ड निवासी शेख कलीम के घर का है।

उन्होंने 5 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 जनवरी 2026 को शाम चार बजे से रात नौ बजे के बीच अज्ञात चोर उनके घर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। चोर अलमारी में रखे सोने के जेवर और 25 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। पुलिस ने अपराध क्रमांक 263/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।

तीसरा मामला: सूफीनगर में आधी रात को हुई नकबजनी

तीसरा मामला सूफीनगर गांधी वार्ड निवासी तेनसिंह राठौर का है।

उन्होंने 15 जून 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 और 14 जून की मध्यरात्रि में चोर उनके घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी से सोने के जेवर तथा 12 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। इस मामले में अपराध क्रमांक 523/2026 दर्ज किया गया।

चौथा मामला: नया मोहल्ला में भी वारदात

चौथा मामला गांधी वार्ड के नया मोहल्ला निवासी एहसान हबीब खान का है।

30 जून 2026 को दर्ज रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि 28 और 29 जून की रात चोर उनके मकान का ताला तोड़कर अलमारी में रखे सोने के जेवर और 30 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। पुलिस ने अपराध क्रमांक 590/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।

कई महीनों से पुलिस की नजर में था हिस्ट्रीशीटर अज्जू

इन तीनों मामलों की जांच के दौरान कोतवाली पुलिस की नजर लंबे समय से हिस्ट्रीशीटर अजय उर्फ अज्जू कोष्टा पर थी। पुलिस को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं।

जब पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो वह मौके से भागने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने शहर के अलग-अलग इलाकों में चोरी करना स्वीकार कर लिया। हालांकि कुछ मामलों में चोरी गया पूरा सामान बरामद हो गया, जबकि कुछ मामलों में अभी भी बरामदगी बाकी है।

रिश्तेदार के पास पहुंचा चोरी का हिस्सा

पूछताछ में यह भी सामने आया कि अज्जू कोष्टा का रिश्तेदार राजकुमार विश्वकर्मा, जो पहले मोहगांव क्षेत्र में एक सुनार के यहां काम करता था, चोरी के जेवरों का हिस्सा अपने पास रखे हुए था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो जोड़ी चांदी की पायल और एक जोड़ी सोने की झुमकी बरामद की।

पांचवां मामला: जबलपुर गैंग ने सिवनी में की सबसे बड़ी चोरी, 11.15 लाख का माल बरामद

कोतवाली पुलिस की जांच में सबसे बड़ी सफलता हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, छिंदवाड़ा रोड में हुई चोरी के मामले में मिली। इस मामले में फरियादी ललित पिता खुशाल कुमार टांक (37 वर्ष) ने 28 जून 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26-27 जून की मध्य रात्रि उनके मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोर अलमारी में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 70 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। इस संबंध में अपराध क्रमांक 587/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस ने जबलपुर के दो आरोपियों को दबोचा

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया—

  • महेंद्र उर्फ पिल्लई पिता रामप्रसाद पटेल (34 वर्ष) निवासी आधारताल, जबलपुर।
  • सूरज डुमार पिता जवाहरलाल डुमार (28 वर्ष) निवासी प्रेमसागर, हनुमानताल, जबलपुर।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ जबलपुर में चोरी, नकबजनी, मारपीट, लूट तथा अन्य गंभीर अपराधों के मामले पहले से दर्ज हैं।

11 लाख से ज्यादा कीमत के जेवर बरामद

इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी गया सामान बरामद किया, जिसमें शामिल हैं—

  • एक जोड़ी सोने के कंगन
  • एक सोने की हाय (आभूषण)
  • एक सोने का लॉकेट
  • दो सोने की अंगूठियां
  • चेन सहित लॉकेट
  • एक सोने की लौंग
  • एक जोड़ी फैंसी सोने के कंगन
  • एक सोने का मंगलसूत्र
  • एक सोने का हार
  • एक अन्य सोने का लॉकेट
  • एक चेन
  • चांदी के खुचना
  • दो जोड़ी चांदी की पायल
  • 11 नग चांदी की बिछिया
  • दो चांदी के झुनझुने
  • दो चांदी की बेंदी
  • बच्चों के दो जोड़ी चांदी के कड़े
  • 10 हजार रुपये नकद
  • घटना में प्रयुक्त स्कूटी

पुलिस के अनुसार बरामद सामान की कुल कीमत 11 लाख 15 हजार 456 रुपये आंकी गई है।

छठवां मामला: भैरोगंज से मोबाइल, स्कूटी और नकदी बरामद

छठा मामला भैरोगंज निवासी नरेंद्र ठाकुर के घर में हुई चोरी का है।

उन्होंने 21 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई कि 12 जुलाई की मध्य रात्रि अज्ञात चोर उनके मकान का ताला तोड़कर अलमारी में रखे सामान तथा 70 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। इस मामले में अपराध क्रमांक 638/2026 दर्ज किया गया।

आरोपी अतिन हेडाउ गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने अतिन हेडाउ (25 वर्ष) निवासी पृथ्वीराज चौहान वार्ड, भैरोगंज को गिरफ्तार किया।

उसके कब्जे से बरामद हुए—

  • दो मोबाइल चार्जर
  • एक पावर बैंक
  • 600 रुपये नकद
  • एक एंड्रॉयड मोबाइल
  • एक सुजुकी एक्सेस स्कूटी (लगभग 50 हजार रुपये कीमत)

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी अपहरण और दुष्कर्म से जुड़ा एक आपराधिक मामला दर्ज है।

हिस्ट्रीशीटर अज्जू कोष्टा का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

गिरफ्तार आरोपी अजय उर्फ अज्जू कोष्टा कोई नया अपराधी नहीं है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ—

  • चोरी
  • नकबजनी
  • अन्य विभिन्न धाराओं

के कुल 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

उसकी गतिविधियों को देखते हुए 21 मार्च 2012 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। इसी कारण पुलिस लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।

तकनीकी जांच बनी सफलता की सबसे बड़ी वजह

कोतवाली पुलिस के अनुसार सभी मामलों में आरोपी अज्ञात थे। इसलिए थाना स्तर पर विशेष टीम बनाई गई।

जांच के दौरान—

  • तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
  • संदिग्धों की लगातार निगरानी की गई।
  • मुखबिरों से सूचना जुटाई गई।
  • अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई।
  • आरोपियों से पूछताछ कर चोरी गया माल बरामद किया गया।

पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया है। दो आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जा रही है ताकि शेष चोरी गया सामान भी बरामद किया जा सके।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

पूरे अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्रवाई में शामिल प्रमुख अधिकारी एवं कर्मचारी—

  • उप निरीक्षक डी.सी. ग्यारसिया
  • एएसआई जगमोहन अधिकार
  • एएसआई जसवंत सिंह ठाकुर
  • प्रधान आरक्षक नवीन तिवारी
  • मनोज पाल
  • मुकेश गोंडाने
  • प्रदीप चौधरी
  • सुधीर डहेरिया
  • संतोष साहू
  • आरक्षक दिलीप उइके
  • चेतन शर्मा
  • चालक आरक्षक मोनू डहेरिया

को पुलिस अधीक्षक द्वारा सराहनीय कार्य के लिए प्रशंसा मिली।

लगातार हो रही चोरी और नकबजनी की घटनाओं से शहर के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही थी। छह मामलों का एक साथ खुलासा होने से पीड़ित परिवारों को राहत मिली है। वहीं पुलिस का मानना है कि सक्रिय चोरों और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की गिरफ्तारी से शहर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

कोतवाली पुलिस ने अलग-अलग छह चोरी और नकबजनी के मामलों का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का चोरी गया सामान, सोने-चांदी के जेवर, नकदी और दो वाहन बरामद किए गए हैं। कुछ मामलों में अभी भी पुलिस जांच जारी है और रिमांड पर लिए गए आरोपियों से शेष संपत्ति की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है

Seoni News: लगातार बारिश के बीच गुरुकुल स्कूल के पास नाले में बहे मां-बेटा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सिवनी में बुधवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच नागपुर रोड स्थित गुरुकुल स्कूल के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां नाले के तेज बहाव में मां और बेटा बह गए। राहत की बात यह रही कि मां को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि बेटे की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

  • सिवनी में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर।
  • नागपुर रोड स्थित गुरुकुल स्कूल के पास हादसा।
  • तेज बहाव में मां और बेटा नाले में बहे।
  • स्थानीय लोगों और बचाव दल ने मां को सुरक्षित निकाला।
  • बेटे की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी।

लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर

सिवनी जिले में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील कर रहा है।

गुरुकुल स्कूल के पास हुआ हादसा

नागपुर रोड स्थित गुरुकुल स्कूल के समीप एक नाले में तेज बहाव के दौरान मां और बेटा बह गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया।प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसका 4 वर्षीय बेटा तेज बहाव में लापता हो गया।

बेटे की तलाश जारी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू दल नाले और आसपास के क्षेत्र में बच्चे की तलाश कर रहा है। समाचार लिखे जाने तक बच्चे का पता नहीं चल सका था।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहें।

मानसून के दौरान सिवनी जिले में कई छोटे-बड़े नदी-नाले तेज बारिश के बाद अचानक उफान पर आ जाते हैं। ऐसे समय में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन समय-समय पर लोगों को जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह देता है।

इस खबर का असर

यह घटना एक बार फिर बरसात के मौसम में सतर्कता की आवश्यकता को सामने लाती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले नालों और पुल-पुलियों से दूरी बनाए रखें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

सिवनी में लगातार बारिश के बीच हुआ यह हादसा बेहद दुखद है। फिलहाल सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि लापता बच्चे का जल्द पता चल सके।