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SPL के लीग पहुची पेंथर क्लब डाक्टर संदीप और टीनू ने झटके 4,4 विकेट डाक्टर संदीप उपाध्याय ने जड़ा बेहतरीन अर्धशतक

डॉ. भुपेन्द्र सिंग की स्मृति में आयोजित सिवनी प्रिमियर लीग SPL प्रतियोगिता के चौथे दिन आज भी तीन मुकाबले खेले गए आज का पहला मुकाबला सुबह 11 बजे से पेंथर क्लब ओर साई क्लब के मध्य खेला गया जिसमें निर्धारित 12 ओवर में पेंथर क्लब ने 169 का स्कोर खड़ा किया जिसका पीछा करने उतरी साईं फास्ट मात्र 85 रनों पर आ आउट हो गई और मैच पेंथर क्लब ने84 रनों से जीत लिया पेंथर की ओर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए डाक्टर संदीप उपाध्याय ने 7 छक्कों की मदद से 66 रन बनाए वही उनका साथ दे रहे टीनू पन्द्रे ने लगातार 5 छक्के लगाकर व्यक्तिगत 48 रन बनाए दोनों ही खिलाड़ियों ने आतिशी वल्लेबाज़ी कर दर्शको से खचाखच भरा मिशन ग्राउंड में खूब वाहवाही लूटा आज के पहले मैच में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुचे मिशन स्कूल प्रचार्य श्री अजय ढबले सर और अमर बी सिंग सर पेंथर क्लब के संरक्षक अरुण यादव ने आयोजन को खूब सरहाया।

आज का दूसरा मैच1 बजे सिवनी की जानीमानी शख्शियत दीवान शायद अली मोनू खान पत्रकार जितेंद्र सिंग ठाकुर और गुड्डू श्रीवास के मुख्य अतिथ में हुआ दूसरा मैच आज़ाद क्लब और यलगार क्लब के बीच हुआ यलगार ने पहले वल्लेबाज़ी कर मात्र 8 ओवर में अपने सभी विकेट गिरकर 61 रन ही बना पाई इस टारगेट को आज़ाद क्लब ने 3 विकेट खो कर 6 ओवर में ही बना लिया और मैच 7 विकेट से जीत लिया।

प्रतियोगिता का तीसरा मैच आज़ाद ओर पेंथर क्लब के मध्य खेला गया पेंथर ने निर्धारित 12 ओवर में 146 रन बनाए जिसके मुकाबले में आज़ाद क्लब ने अपने सभी विकट खोकर मात्र 91 रन ही बना पाई पैंथर क्लब के गेंदबाज़ संदीप और टीनू ने 4,4 विकेट लिये ओर अपनी शानदार गेंदबाजी का करिश्मा दिखाया संदीप ने अपने पहले ही ओवर में लगातार 3 विकेट लेकर आज़ाद टीम के बल्लेबाजो के कन्धे झुका दिए और आज़ाद क्लब के खेमे में खलबली मचा दी इस मैच को पेंथर क्लब ने 56 रनों से जीत लिया आज के तीसरे मैच में मुख्य अतिथि के तौर पर युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष वैभव पवार जी महामंत्री युवराज राहंगडाले आज़ाद क्लब अध्यक्ष मुमताज़ अली राष्ट्रपति अवार्ड विजेता छिददी मसाब उपस्थित थे सभी अतिथियों का सम्मान आयोजन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर गुड्डू सचिव आसिफ पटेल उपाध्यक्ष ज़ुएब् खान विपिन शर्मा अभिराज अमित यादव ने फूलमाला पहनाकर किया ।

अभीतक प्रतियोगिता में सफल निर्णायक की भूमिका निभा रहे राकेश जैन बाबू जी अशफ़ाक़ खान रजिस्टर्ड एम्पायर mpca और छिन्दवाड़ा जिले से आए दीपक यादव के सभी निर्णयों को सभी क्लब ओर क्रिकेट के जानकारों द्वारा खूब सरहाया जा रहा है वही माइक में कामेंट्रेटर भूमिका निभा रहे क़ाबिज़ खान विपिन शर्मा अश्विन लगातार अपना योगदान बरकरार रखे हुए है।

आयोजन समिती के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर और संयोजक क़ाबिज़ खान ने जानकारी दी कि Spl के कल 5 वे दिन चार मैच खेले जाएंगे सुबह 8 बजे से पहला मैच सदभवना प्रतियोगिता के तहत नेकी की दीवार और सिवनी पुलिस के मध्य खेल जाएगा दूसरा मैच साढे 10 बजे बुलट राजा और पुलिस बॉयज के मध्य वही तीसरा मैच देव क्लब और विल्स 11 के मध्य 1 बजे से खेला जाएगा प्रतियोगिता का अंतिम ओर चौथा मुकाबला शाम 3 बजे खेला जाएगा।।

सोनाबाई होंगी छपारा सरपंच

सिवनी- मध्यप्रदेश की सबसे बडी ग्राम पचाय्यत छपारा में आज सुबह जिला पंचायत सीईओ के निर्देश अनुसार सचिव एवम पंचायत इंस्पेक्टर की उपस्थिति में सभी 20 पचो ने सरपंच पद के लिये खडी श्रीमती सोनाबाई एवम ममता के लिये मतदान किया जहाँ मतगणना में सोनाबाई ने 16 मत लेकर सरपंच पद का चुनाव जीता, जबकि ममता को मात्र 6 मत मिले, ज्ञात हो इससे पूर्व भरस्टाचार के आरोप में पूर्व सरपंच पूनम सैयाम को जिला पंचायत सीईओ सिवनी द्वारा पद से हटा दिया गया था

अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी पर बनेगी फिल्म, कौन होगा हीरो?

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बायोपिक के इस दौर में पहले खिलाड़ियों और गैंगस्टर्स के बाद अब बारी है राजनेताओं की. कुछ ही दिनों पहले महाराष्ट्र के नेता बाल ठाकरे की बायोपिक की घोषणा हुई. इस फिल्म में नवाज उनकी भूमिका में थे.
अब पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के 93वें जन्म दिवस के अवसर स्पेक्ट्रम मूवीज ने उनके राजनीतिक जीवन पर आधारित फिल्म ‘युगपुरुष अटल’ की घोषणा की.

फिल्म के निर्देशक मयंक पी. श्रीवास्तव ने कहा, “फिल्म अटल जी के जीवन के हर पहलू को कवर करते हुए उनके जीवन की असली घटनाओं पर आधारित होगी. जिसमें उनके बचपन से लेकर अब तक के जीवन को दर्शाया जाएगा.”

निर्माता रंजीत शर्मा ने कहा, “मैंने अटल जी के साथ काफी काम किया है. मेरा सपना था कि मैं उनके जीवन पर एक फिल्म बनाऊं जो आज साकार होने जा रहा है.”

निर्माता राजीव धमीजा ने कहा कि फिल्म का संगीत जाने माने संगीतकार बप्पी लहरी देंगे. गानों में अटल जी की कविता का समावेश किया जाएगा. फिल्म के लेखक बसंत कुमार ने कहा कि अटल जी जैसे महानतम व्यक्तित्व को फिल्म कहानी में बांध पाना खासा चुनौतीपूर्ण है. लेकिन फिल्म की कहानी पूरी तरह से अटल जी के जीवन के हर पहलू पर है. हालांकि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि अटल जी के किरदार में कौन से एक्टर नजर आएंगे.

फिल्म में अटल के सात दशकों की शालीनता, राजनीतिक जीवन के विभिन्न आयामों को दर्शाने का प्रयास किया गया है. इस फिल्म को वाजपेयी के 94वें जन्मदिवस यानी 25 दिसम्बर 2018 को रिलीज किया जाएगा.

एक कैप्टन की कहानी, 6 महीने की नौकरी और 22 साल में शहादत

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कारगिल की लड़ाई में भारत ने पाकिस्तान को भले ही धूल चटाई हो लेकिन हमने भी अपने बेहद तेज़-तर्रार और युवा सैन्य अधिकारियों को खो दिया था. इनमें कैप्टन मनोज पांडे, कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन अनुज नायर जैसे नाम शामिल हैं. इन्हीं में से एक थे कैप्टन विजयंत थापर, एक ऐसा जवान जिसकी बदौलत भारत ने तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा फहराया.

कैप्टन थापर एक आर्मी परिवार में जन्मे थे. उनके पिता वीएन थापर भारतीय सेना में कर्नल रहे थे. विजयंत थापर के जन्मदिन पर पढ़िए उनकी ज़िंदगी से जुड़े कुछ खास पहलु और वो ख़त जो उन्होंने अपनी शहादत से पहले परिवार के नाम लिखा.

आखिरी ख़त जो आंखें नम कर देगा
शहादत से पहले अपने परिवार को कैप्टन विजयंत थापर ने लिखा था, ‘जब तक आप लोगों को यह पत्र मिलेगा, मैं ऊपर आसमान से आप को देख रहा होऊंगा और अप्‍सराओं के सेवा-सत्‍कार का आनंद उठा रहा होऊंगा. मुझे कोई पछतावा नहीं है कि जिंदगी अब खत्म हो रही है, बल्कि अगर फिर से मेरा जन्‍म हुआ तो मैं एक बार फिर सैनिक बनना चाहूंगा और अपनी मातृभूमि के लिए मैदान-ए-जंग में लड़ूंगा. अगर हो सके तो आप लोग उस जगह पर जरूर आकर देखिए, जहां आपके बेहतर कल के लिए हमारी सेना के जांबाजों ने दुश्मनों से लोहा लिया था.’

सिर्फ 6 महीने नौकरी में शहादत दी
कैप्टन थापर 12 दिसंबर 1998 के दिन आधिकारिक तौर पर 2 राजपूताना राइफल्स का हिस्सा बने थे. अगले ही साल मई 1999 में पाकिस्तान की घुसपैठ के चलते युद्ध की शुरुआत हो गई. जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जंग छेड़ी थी तो कैप्टन थापर की उम्र महज़ 22 साल थी. 28 जून 1999 के दिन तोलोलिंग चोटी पर जीत के बाद थापर अपनी टुकड़ी के साथ थ्री पिम्पल्स और नॉल पर कब्ज़े की लड़ाई लड़ रहे थे. ऊंचाई से छिपकर सुरक्षित स्थान से गोलीबारी कर रहे दुश्मनों से लोहा लेना बेहद कठिन था.

इस लड़ाई में थापर के कई साथी शहीद हो चुके थे. लेकिन थापर बिना रुके आगे बढ़ रहे थे. उनका जोश और हिम्मत देखकर सभी हैरान थे लेकिन तभी एक गोली आकर उनके माथे पर लगी. उस वक्त सेना में उनकी नौकरी को सिर्फ 6 महीने हुए थे.

दिल्ली में टीचर की 9232 वैकेंसी, ऐसे करें अप्लाई

शिक्षक बनने के इच्छुक कैंडिडेट के लिए निकली दिल्ली सबोर्डिनेट सर्विसेस सिलेक्शन बोर्ड (DSSSB) में वैकेंसी आई है. इसके तहत 9 हजार से भी ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती होनी है. कुल भर्ती 9232 जॉब पर होगी. इनमें प्राइमरी टीचर्स, स्पेशल एजुकेशन टीचर्स, टीजीटी, पीजीटी और अन्य पदों पर वैकेंसी निकली है. आवेदन प्रक्रिया 5 जनवरी 2018 से शुरू होगी और अंतिम तारीख 31 जनवरी 2018 है. प्राइमरी टीचर: 1392 पद प्रतिमाह पे-स्केल: 9300-34800 रुपये और 4200 रुपये का ग्रेड पे. स्पेशल एजुकेशन टीचर: 605 पद प्रतिमाह पे-स्केल: 9300-34800 रुपये और 4600 रुपये का ग्रेड पे. TGT: 3411 पद प्रतिमाह पे-स्केल: 9300-34800 रुपये और 4600 रुपये का ग्रेड पे. PGT- 1460 पद प्रतिमाह पे-स्केल 9300-34800 रुपये और 4800 रुपये का ग्रेड पे. एजुकेशन क्वालिफिकेशन प्राइमरी टीचर/स्पेशल एजुकेशन टीचर: 12वीं पास, दो साल का डिप्लोमा/एलिमेंट्री एजुकेशन सर्टिफिकेट कोर्स/जूनियर बेसिक ट्रेनिंग या एलिमेंट्री एजुकेशन में ग्रेजुएट और CBSE से CTET पास.

TGT: बैचलर्स डिग्री न्यूनतम 45 फीसदी मार्क्स के साथ और CBSE से CTET पास.

PGT: मास्टर्स डिग्री/ट्रेनिंग एजुकेशन में डिप्लोमा.

उम्र सीमा

प्राइमरी टीचर/स्पेशल एजुकेशन टीचर: अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष.

TGT: अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष.

PGT: अधिकतम आयु सीमा 36 वर्ष.

चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन 2 टीयर परीक्षा के तहत होगा. टीयर 1 में उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट होंगे और टीयर 2 परीक्षा में हासिल हुए मार्क्स के आधार पर चयन होगा.

नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार www.dsssbonline.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

शिवराज की पत्नी ने चूल्हे पर बनाया भोजन, सीएम ने बेटे संग उठाया आनंद

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वो अपनी पत्नी और बेटे के साथ चूल्हे की बनी रोटी खाते दिख रहे हैं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि आज पारंपरिक चूल्हे पर बने भोजन का निवास पर आनंद लिया और धर्मपत्नी एवं बच्चों के साथ ने पुरानी स्मृतियों को ताज़ा कर दिया. व्यस्तताओं के बीच परिवार के साथ ऐसे छोटे-छोटे मधुर क्षण सदैव मुझे एक नई ऊर्जा से भर देते हैं फोटो में मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह चूल्हे पर खाना बना रही हैं. बगल में शिवराज और उनके पुत्र कार्तिकेय बैठकर थाली में खाना खा रहे हैं

इस सरकारी पोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन कर आसानी से पाएं Job

अगर आप बेरोज़गार हैं और नौकरी की तलाश में हैं तो हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी जगह के बारे में, जिसके जरिए आपको बहुत आसानी से नौकरी मिल सकती है. केंद्र सरकार ने एक ऐसा पोर्टल बनाया है, जहां आप रजिस्‍ट्रेशन कराने के बाद अच्‍छी नौकरी हासिल कर सकते हैं.
इस पोर्टल का नाम है- नेशनल करियर सर्विस (NSC). इस पोर्टल की खास बात ये है कि इस पर कंपनियां भी रजिस्‍टर्ड हैं और जॉब संबंधी अपनी जरूरतें वे इस पोर्टल पर अपलोड करती रहती हैं. इसे देख कर आप अपनी पसंद की नौकरी के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं. इस पोर्टल से अब तक लगभग 7 लाख लोगों को जॉब्‍स मिल चुकी है. क्या है NSC: नेशनल जॉब पोर्टल एक ऐसा प्‍लेटफॉर्म है जिसको मिनिस्‍ट्री ऑफ लेबर एंड इम्‍पलॉयमेंट द्वारा तैयार किया गया है. यहां नौकरी पाने वाले और नौकरी देने वाले दोनों ही अपनी रिक्‍वायरमेंट अपलोड करते हैं. इस पोर्टल पर गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्‍टर दोनों की वैकेंसी रहती है. इसके अलावा स्किल प्रोवाइडर, काउंसलर, प्‍लेसमेंट एजेंसी और गवर्नमेंट डिपार्टमेंट भी अपना रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं.
यूनिक आईडी होना जरूरी: इस पोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए आपके पास यूनिक आईडी होना जरूरी है, जिनमें आधार नंबर, पेन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड आदि शामिल हैं. इनमें से कोई भी आईडी होने पर आप रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं.
ऐसे कराएं रजिस्‍ट्रेशन: आप www.nsc.gov.in पोर्टल पर अपना रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं. साइन अप पर क्लिक करके आपको डिटेल फीड करनी होगी. इसके बाद आपके फोन नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा, जिसे फीड करते ही आपका रजिस्‍ट्रेशन हो जाएगा.

डंपर की चपेट में राहगीर- मौत

राजेश अवधिया//गोपालगंज// गोपालगंज बाजार चौक मैं तेज गति चल रहा है डंपर ने राह चलते राहगीर को अपनी चपेट में लिया जिस की मौके पर ही मौत हो गई ट्रक ने उसे कोई चलते हुए बिजली के खंबे को तोड़कर आगे बढ़ गया अज्ञात व्यक्ति जिस की दुर्घटना में मृत्यु हुई है उसकी पहचान नहीं हो पाई है

JIO 399 के रिचार्ज पर देगी 3,300 रुपये तक का cashback Offer 26 December to 15 January

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नई दिल्ली। पिछले हफ्ते 199 और 299 रुपये के रिचार्ज वाली हैप्पी न्यू ईयर स्कीम के बाद रिलायंस जियो ने एक और प्लान पेश किया है। अब उसने 399 रुपये के रिचार्ज पर मिलने वाले कैशबैक को बढ़ाकर 3,300 रुपये करने का एलान किया है।कंपनी सूत्रों के मुताबिक 26 दिसंबर से 15 जनवरी तक 399 रुपये या इससे ज्यादा का रिचार्ज करवाने पर 3,300 रुपये तक का कैशबैक मिलेगा।इसमें 400 रुपये माईजियो कैशबैक वाउचर के रूप में और 300 रुपये तक का इंस्टैंट कैशबैक वाउचर वॉलेट में मिलेगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न ई-कॉमर्स साइटों के 2,600 रुपये तक के डिस्काउंट वाउचर भी इस रिचार्ज पर दिए जाएंगे।जियो ने 10 नवंबर को 399 रुपये के रिचार्ज पर 2,599 रुपये तक के कैशबैक का ऑफर शुरू किया था। पहले यह ऑफर 25 नवंबर तक था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 दिसंबर कर दिया गया।यह तारीख बीतते ही कंपनी ने फिर कैशबैक बढ़ाकर नया ऑफर जारी कर दिया है। पिछले हफ्ते कंपनी ने 199 और 299 रुपये के रिचार्ज वाली हैप्पी न्यू ईयर स्कीम की घोषणा की थी।इसके तहत 199 रुपये के रिचार्ज पर रोजाना 1.2 जीबी 4जी डाटा और 299 रुपये के रिचार्ज पर रोजाना दो जीबी 4जी डाटा दिया जाएगा।28 दिन तक के लिए होने वाले इन दोनों ही रिचार्ज प्लान में अनलिमिटेड कॉल, एसएमएस और जियो एप की सुविधा पूर्ववत होगी। इस स्कीम से पहले रोजाना एक जीबी डाटा वाला प्लान कम से कम 309 रुपये से शुरू होता था।

12 वर्षीय लड़के ने अपनी बहादुरी और समझदारी से पैसेंजर ट्रेन रोक कर बचाई सैकड़ों लोगों की जान

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वो 5वीं कक्षा में पढ़ने वाला एक लड़का है, लेकिन उसकी बहादुरी और सूझ-बूझ के आगे सब कम हैं. बिहार राज्य के अधिकारियों ने उसकी वीरता को सम्मानित करने का फैसला किया है क्योंकि उसने अपनी समझदारी से कई ज़िंदगियां बचाई हैं.

जी हां, इस बहादुर बच्चे का नाम भीम यादव है और उम्र मात्र 12 साल. भीम यादव ने एक तेज़ रफ़्तार पैसेंजर ट्रेन को टूटे हुए रेलवे ट्रैक क्रॉस करने से पहले रोककर सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली. सूत्रों के मुताबिक़ अधिकारीयों द्वारा दिया जाने वाला इनाम नक़द या फिर कोई प्रमाण पत्र हो सकता है.आइये अब जानते हैं इस बहादुर लड़के के बारे में: 12 वर्षीय भीम यादव मंगलापुर स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में पढ़ाई करता है. 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले यादव ने अदम्य साहस का परिचय दिया है. भीम ने ट्रेन के ड्राइवर को जो आगे आने वाले खतरे से अनजान था, को इस खतरे से अवगत कराया कि पश्चिम चंपारण जिले में ट्रैक ख़राब है. इसके लिए उसने भयानक ठण्ड में साहस का परिचय देते हुए अपनी लाल कमीज को उतार कर पटरी पर खड़े होकर लहराना शुरू किया, ताकि ट्रेन में सवार लोगों की जान बचाई जा सके.  स्थानीय जिला शिक्षा अधिकारी, हरेंद्र झा ने Gulf News को बुधवार को बताया, ‘वास्तव में ये बहादुरी भरा कदम है. हम उसे उसकी बहादुरी के लिए और यात्रियों की जान बचाने के लिए इनाम देंगे, जो नक़द या फिर कोई प्रमाण पत्र हो सकता है. हम अभी भी इसके बारे में फैसला कर रहे हैं, लेकिन एक बात निश्चित है कि उसे पुरस्कृत ज़रूर किया जाएगा.’ हरेंद्र झा के अनुसार, उनको अखबारों के माध्यम से भीम की बहादुरी के बारे में पता चला और उन्होंने अपने साथी अधिकारियों के साथ भी लड़के की हिम्मत की बात शेयर की.
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ़ पब्लिक रिलेशन ऑफ़िसर, राजेश कुमार ने Gulf News से कहा, ‘वास्तव में हमें इस बहादुर लड़के पर गर्व है और हम उसकी बहादुरी को सलाम करते हैं.’

क्या था पूरा मामलाबीते सोमवार (18 दिसंबर) की सुबह जब भीम अपने बागों की तरफ जा रहा था, तभी उसने गोरखपुर-नारकातिगंज रेलवे लाइन पर टूटे रेल ट्रैक को देखा. ये देखते ही वो जितनी तेज़ हो सकता था उतनी तेज़ ट्रैक पर ही दौड़ने लगा और अपनी शर्ट उतार कर लहराने लगा, ताकि तेज़ी से आती हुई ट्रेन को रोका जा सके, जिसमें हज़ारों यात्री सवार थे.

रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरू में तो ड्राइवर को पता ही नहीं चला था कि हो क्या रहा है. जब परेशान भीम ने अपनी लाल शर्ट को झंडे की तरह दिखा कर ख़तरे का इशारा किया, तो पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर ने आपातकालीन ब्रेक लगा कर ट्रेन को बीच रस्ते में रोक दिया. उसके बाद ड्राइवर को पता चला कि आगे रेलवे ट्रैक टूटा हुआ था.

भीम ने बताया कि उसने कई बार दूसरे इलाकों के लड़को की बहादुरी के किस्से सुन रखे थे. और शायद इसीलिए वो इस तरह का कदम उठाने की हिम्मत कर पाया.

एक स्थानीय मीडिया से बात करते हुए भीम ने कहा,

‘एक बार मैं के एक गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर गया था, जहां पर सब लोग गाँव के एक लड़के की बहादुरी की बातें कर रहे थे. गांववालों द्वारा उस लड़के की तारीफ़ होते हुए देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ था उस वक़्त. मैं भी अपने गांव और समाज के लिए कुछ ऐसा करना चाहता था ताकि लोग मेरे बारे में भी इसी तरह बात करें और मेरी तारीफ़ करें. मैं बहुत खुश हूं कि मैं इतने सारे लोगों की जान बचा पाया.’
गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में देश में ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण कई हादसे हुए हैं और कई लोगों की जानें भी गई हैं. भारत सरकार के विश्लेषण में संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में 31 मार्च, 2017 और 11 अगस्त, 2017 को पेश किए गए आंकड़ों के हिसाब से पिछले 10 सालों में 2016-17 में ट्रेनों के पटरी पर उतरने से हुए हादसों में भारत में मृत्यु दर सबसे ज़्यादा है.

बहादुर भीम यादव के जज़्बे को सलाम!