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बिना परमिट के चल रहे वाहनों पर हुईं कार्यवाही

सिवनी- जिले के कह्निवाडा थाने के अंतर्गत उन 2 चौपहिया वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही की गई,जिनके पास परमिट नही था, साथ ही पुलिस के चेकिंग अभियान के समय दोनो ही वाहनों में 32 स्कूली बच्चे परिवहन करते पाये।

दोनो ही वाहनो के विरद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला कायम उन्हें कह्निवाडा पुलिस ने जप्त कर लिया है।

शेक्षणिक संस्था वाहनो की स्पीड लिमिट 40 किमी. तय

सिवनी-मंत्री,गृह एवं परिवहन विभाग के विशेष सहायक राजेद्र परिहार द्वारा प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि अब स्कूली बसो की स्पीड लिमिट 60 की बजाय 40 कि.मि. प्रति घन्टे करने को कहा है।

रविवार 07 जनवरी 18 को अवकाश के दिन भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय

भोपाल – रविवार 07 जनवरी-18 को अवकाश के दिन भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय,आदेश जारी ।

बहरई पहुँची एकात्म यात्रा का हुआ स्वागत

सिवनी- बहरई पहुँची एकात्म यात्रा का हुआ भव्य स्वागत आदि शंकराचार्य जी के चरण पादुका स्पर्श करने जनसमुदाय उमड़ा कैबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन विधायक कमल मर्सकोले जिला पंचायत अध्यक्ष मीना बिसेन महाकौशल विकास प्रधिकरण उपाध्यक्ष नीता पटेरिया भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश पाल एकात्म यात्रा प्रभारी सुजीत जैन जिला कलेक्टर गोपालचंद्र डांड एसपी तरुण नायक बरघाट एसडीएम डीआर बिल्वे एसडीओपी आरएन परतेती थाना प्रभारी अमित विलास दानी पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ ढांलसिंह बिसेन हरकचंद टेंभरे जनपद अध्यक्ष सुनील टेकाम विधायक प्रतिनिधि सुरेश नागराज मंडल अध्यक्ष नवलसिंह कटरे बहरई सरपंच पार्वती भलावी मउ सरपंच प्रेमबती परते सैला सरपंच उषा राहंगडाले उमरवाड़ा सरपंच लक्ष्मी मर्सकोले समेत जिला प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र वासी बड़ी संख्या पर उपस्थित थे।

मप्र के तहसीलदार शिवराज सिंह सरकार से नाराज- हाईकोर्ट जाने का बना रहे मन

भोपाल। मध्यप्रदेश के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने ही मुख्यमंत्री से नाराज हैं। वो लामबंद हो गए हैं और सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में जाने का मन बना रहे हैं। बता दें कि अविवादित नामांतरण का निराकरण, निर्धारित समयसीमा 30 दिन में न करने पर तहसीलदार या नायब तहसीलदार पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाने का ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने किया था। शासन ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं।  मुख्यमंत्री की इस घोषणा को पूरा करने शासन द्वारा जारी किए गए इस आदेश को लेकर तहसीलदार-नायब तहसीलदार संघ के साथ साथ राजस्व निरीक्षक व पटवारी संघ ने प्रदेशभर में विरोध किया। शुक्रवार को भोपाल सहित प्रदेश भर के जिलों में पदस्थ तहसीलदारों ने अपने अपने जिला कलेक्टर को मुख्य सचिव व पीएस राजस्व के नाम का एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग मानते हुए शासन ने एक लाख रुपए जुर्माने वाला आदेश 8 जनवरी तक निरस्त नहीं किया तो राजस्व अधिकारी हाईकोर्ट की गुहार लगाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

तहसीलदार संघ के प्रवक्ता एचएस विश्वकर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा को लेकर जब तहसीलदार संघ ने आपत्ति की थी तो मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया था कि इसका आदेश जारी नहीं होगा। लेकिन शासन की ओर से यह आदेश जारी हो गया है। यह आदेश तहसीलदारों को हतोत्साहित कर देने वाला है। तहसीलदार व नायब तहसीलदार स्टॉफ और संसाधन की कमी के बावजूद राजस्व विभाग के साथ साथ 33 अन्य विभागों का काम देख रहे हैं। ऐसे में यह आदेश जारी होना सभी राजस्व अधिकारियों को अपमानित करने वाला है।

इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त होना चाहिए। नहीं तो राजस्व अधिकारी आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। यही नहीं बुधवार से प्रदेश भर में पदस्थ राजस्व अधिकारी आंदोलन भी शुरू कर देंगे। भोपाल जिला कलेक्टर सुदाम पी खाडे को तहसीलदारों ने इस संबंध में ज्ञापन शाम करीब 5 बजे सौंपा। इधर कलेक्टर ने इस ज्ञापन को सीएस तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को आश्वस्त भी किया।

DPS के खिलाफ भी होगी कार्रवाई: गृह मन्त्री

भोपाल- इंदौर में दिल्ली पब्लिक स्कूल (DELHI PUBLIC SCHOOL) के एक्सीडेंट मामले में गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला धारा 304 के तहत दर्ज किया है। इस FIR के दायरे में स्कूल प्रबंधन को भी लाया गया है क्योंकि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते ही बस की मरम्मत नहीं कराई गई। इसी वजह से बस का स्टेयरिंग फेल हुआ और इतना गंभीर हादसा हो गया।

गृहमंत्री ने कहा कि यदि स्कूल बस में कोई तकनीकी खराबी थी तो उसे दूर किया जाना था लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इसमें गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाया। सिंह ने इस पूरे मामले में दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य से कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा। इसके लिए कुछ और सख्त निर्णय लिए जाएंगे।

इस मामले में जल्द ही सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात करेंगे। आने वाले समय में स्कूल बसों की स्पीड और कम की जाएगी। साथ ही लगातार स्कूल बसों की चेकिंग और फिटनेस पर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस काम करेंगे। बता दें कि इस हादसे में 5 स्कूली बच्चों और ड्रायवर की मौत हो गई थी। बस में कुल 12 छात्र सवार थे। यदि वो ट्रक से ना टकराती तो पुल तोड़कर नीचे गिर सकती थी। हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

अवैध खनन कर रहे 3 डम्पर 1 जेसीबी जप्त

सिवनी- जिले में चल रहे रेलवे ट्रेक निर्माण के दौरान कार्य कर रहे ठेकेदार आसिफ इकबाल भोमा द्वारा कहांना ढआबा के पास अवैध खनन किया जा रहा था। कान्हीवाडा पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए मौके से 3 डम्पर व 1 जेसीबी जप्त की है।

वीडियो देखे – दिमाग न घूम जाये तो कहना फिर से देखना पड़ेगा । फिर भी दिमाग घूमेगा

विडियो देखे से पहले ध्यान रखे ये विडियो आपके मन को बहुत विचलित कर सकता है यदि अप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो इस विडियो को बिलकुल ना देखे
समय इतना आगे चूका है की कभी कभी हमें ऐसी चीजे देखने को मिलती है जिसपर भरोसा करना बहुत मुश्किल होता है कुछ ऐसा ही इस वीडियो में आपको देखने मिलेगा पर अप सोच सोच कर हैरान हो जायँगे की आखिर ये कैसे हो सकता है तो चलिए विडियो देखते है –

किसान की बेटी ने रेप से बचने का निकाला अचूक फार्मूला, बनाई हैं रेप प्रूफ पैंटी

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फर्रुखाबाद यूपी के किसान की बेटी सीनू कुमारी ने रेप से बचने का निकाला अचूक फार्मूला, बनाई हैं रेप प्रूफ पैंटी
फर्रुखाबाद. फर्रुखाबाद में रहने वाले किसान की बेटी सीनू ने रेप प्रूफ पेंटी बनाई है। सीनू मात्र 19 साल की 19 साल। सीनू बीएससी थर्ड ईयर की स्टूडेंट हैं। साधारण किसान परिवार से हैं। लेकिन, सोच और कारनामें बहुत ऊंचे हैं। कुछ माह पहले उनके शहर फर्रुखाबाद में एक रेप की घटना घटित हुई। सात साल की एक बच्ची से दुष्कर्म हुआ। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी। इस घटना ने साधारण सी दिखने वाली सीनू कुमारी को झकझोर कर रख दिया। वह उदास रहने लगी। दिन और रात उसके मन में यही घुमड़ता रहा कि आखिर वह क्या करे कि फिर कोई बच्ची या महिला इस तरह की दरिंदगी का शिकार न हो। एक माह की कड़ी मेहनत के बाद उसने एक ऐसी पेंटी बनायी जो रेप प्रूफ है। इसे जल्द ही पेटेंट मिलने वाला है। इसके बाद यह बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी।
बीएससी की हैं स्टूडेंट
बीएससी की पढ़ाई के दौरान सीनू ने विज्ञान के कई मॉडल बनाए थे। उसके मन में विचार कौंधा। क्यों ने एक ऐसी पैंटी बनाई जाए जो रेप प्रूफ हो। बस फिर क्या था। सीनू अपनी धुन को हकीकत में उतारने की कवायद में जुट गयी। कई प्रयोग किए और एक माह की मेहनत के बाद उसने एक ऐसी पैंटी बना डाली जो रेप प्रूफ है। यह इलेक्ट्रॉनिक टेक्नीक से लैस है। इसमें स्मार्टलॉक लगा है। यह लॉक सिर्फ पासवर्ड से खुल सकता है। पैटीं को पहनने वाली महिला कहां है इसकी जानकारी भी मिल सकती है। इसके लिए इसमें जीपीआरएस सिस्टम लगा है। इससे लोकेशन की सही जानकारी मिल सकती है। जीपीआरएस सिस्टम के अलावा घटनास्थल की बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए रिकॉर्डर भी लगा हुआ है।
1090 पर जाएगी कॉल
सीनू के मुताबिक पैंटी को पहनने के बाद रेप से बचा जा सकता है। इस पैंटी में खास तरह के उपकरण लगे हैं। इसमें एक स्मार्टलॉक लगा है, जो पासवर्ड के बिना नहीं खुल सकता। यह पैंटी ब्लेडप्रूफ कपड़े की बनी है। इसको चाकू या किसी भी धारदार हथियार से काटा नहीं जा सकता। पैंटी को जलाया भी नहीं जा सकता है। इसमें एक बटन लगा है, जिसे दबाने पर 100 या 1090 नंबर पर ऑटोमैटिकली कॉल चला जाएगा और जीपीआरएस सिस्टम की मदद से पुलिस घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। पैंटी में रिकॉर्डर भी लगा है, जिसमें घटनास्थल की सारी बातें रिकॉर्ड हो जाएंगी।
सिर्फ 5 हजार की लागत
रेप प्रूफ पैंटी को तैयार करने में सिर्फ 5,000 रुपये तक का खर्च आया है। सीनू कहती हैं कि इस मॉडल में और सुधार के बाद यह और सस्ती हो सकती है। पेंटेंट के बाद जब कंपनियां थोक में बनाकर इसे बाजार में उतारेंगी तब इसकी कीमत आम पैंटी की तुलना में थोड़ी सी ही महंगी होगी।
जल्द मिलेगा पेटेंट
रेप प्रूफ पैंटी का पेटेंट कराने के लिए सीनू ने इलाहाबाद स्थित नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) के पास भेजा है। जल्द ही इसको पेटेंट राइट मिल जाएगा। कई कंपनियों से बात चल रही है। इसके बाद इसका व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू कर दिया जाएगा। सीनू, रेल दुर्घटना से बचने में सहायक एक उपकरण पर भी
केंद्रीय मंत्री मेनका ने दिया मदद का आश्वासन
सीनू के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण यह पैंटी और सस्ती हो जाएगी। उन्हें उम्मीद है सरकार मदद करेगी। केंद्रीय बाल एवं महिला विकास मंत्री

बेटे ने क्या फ़र्ज़ निभाया! मां बीमार थी तो तंग आकर छत से नीचे फेंक दिया CCTV में रिकॉर्ड

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राजकोट पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक 36 वर्षीय Assistant Professor को अपनी मां के ख़ून के इल्ज़ाम में डिटेन किया है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, संदीप नाथवानी ने अपनी मां जयश्री को 29 सितंबर को छत से धक्का दे दिया.

इस मामले में सबसे पहले पुलिस ने Accidental Death का केस रेजिस्टर किया था. संदीप और उसके परिवारवालों ने भी यही कहा था कि जयश्री को एक दिमाग़ी बीमारी थी जिसके कारण उसका संतुलन बिगड़ा और वो छत से गिर गईं. लेकिन एक अज्ञात ख़त ने पुलिस जांच की दिशा बदल दी.

डिप्टी पुलिस कमीश्नर करणराज वघेला ने बताया,

हमें एक चिट्ठी मिली जिसके बाद हमने सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच की. वीडियो से ये साफ़ पता चल रहा है कि जब जयश्री छत से गिरी, तब संदीप उसके साथ था.

डिप्टी कमीश्नर ने ये भी बताया कि संदीप ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है. अपनी मां की बीमारी से तंग आकर उसी ने अपनी मां की हत्या की थी.

पूछताछ के दौरान संदीप की तबियत ख़राब हो गई थी और फ़िल्हाल वो अस्पताल में है. पुलिस ने बताया है कि उसके डिस्चार्ज होते ही उसे हिरासत में लिया जायेगा.

सीसीटीवी कैमरा मकान के सामने लगा हुआ है, तो छत पर क्या हुआ, ये कहना मुश्किल है. वीडियो देखकर ये समझ पाना मुश्किल है कि आख़िर संदीप अपनी मां को ज़बरदस्ती छत पर क्यों ले जा रहा है. वीडियो के अंत में जब संदीप वापस अपने फ़्लैट में लौटता है तो पसीने से तर दिखाई देता है. वीडियो सबूत तो है लेकिन पुख़्ता सबूत नहीं. राजकोट पुलिस से उम्मीद है कि वो इस हत्या की गुत्थी जल्द सुलझा लेगी.

वीडियो आपको विचलित कर सकता है-