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खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप


दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो .
खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है .
शक्ति जीवन है , निर्बलता मृत्यु है . विस्तार जीवन है , संकुचन मृत्यु है . प्रेम जीवन है , द्वेष मृत्यु है .

एक समय में एक काम करो , और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ .
भला हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं अगर उसे अपने ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते .
उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये.
उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो , तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो , तुम तत्व नहीं हो , ना ही शरीर हो , तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो.
ब्रह्माण्ड कि सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है!
जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएँ अपना जल समुद्र में मिला देती हैं ,उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता है.
एक शब्द में, यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो.
उस व्यक्ति ने अमरत्त्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता.
हम जितना ज्यादा बाहर जायें और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा , और परमात्मा उसमे बसेंगे.
बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है .
भगवान् की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए , इस या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर .
यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया गया होता , तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता .
वेदान्त कोई पाप नहीं जानता , वो केवल त्रुटी जानता है . और वेदान्त कहता है कि सबसे बड़ी त्रुटी यह कहना है कि तुम कमजोर हो , तुम पापी हो , एक तुच्छ प्राणी हो , और तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं है और तुम ये वो नहीं कर सकते .
जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है .
किसी दिन , जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं .
किसी चीज से डरो मत . तुम अद्भुत काम करोगे . यह निर्भयता ही है जो क्षण भर में परम आनंद लाती है .
सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे होना . स्वयं पर विश्वास करो .
मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान हैं . जब वो केन्द्रित होती हैं ; चमक उठती हैं .
आकांक्षा , अज्ञानता , और असमानता – यह बंधन की त्रिमूर्तियां हैं .
श्री रामकृष्ण कहा करते थे ,” जब तक मैं जीवित हूँ , तब तक मैं सीखता हूँ ”. वह व्यक्ति या वह समाज जिसके पास सीखने को कुछ नहीं है वह पहले से ही मौत के जबड़े में है

अवैध पशुओं का परिवहन करता वाहन जप्त

सिवनी- नगर के डूंडा सिवनी थाना अंतर्गत आज शाम एक चौपहिया वाहन जप्त कर 101 बकरा बकरी बरामद किया है,

आरोपीयो के विरुद्ध पशु कुर्रता अधिनियम के तहत मामला कायम कर आरोपियों को गिरफ्तार किया ।

आज रात से हटेंगे नगर में होर्डिंग

सिवनी- नपा सिवनी के विभिन्न स्थानों में कई वर्षों से लगे अवैध होर्डिंग्स हटाये जाने के लिये विशेष दल गठित किया गया है,

दल प्रभारी आर. पी शुक्ला सहायक यंत्री ,राजस्व निरक्षक गजेंद्र पांडेय,राकेस नागदेव होंगे,जबकि दल अधिकारी भी बनाये गए है।

नपा सीएमओ नवनीत पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार आज रात 1 अप्रैल से 10 बजे से ऊक्त अभियान चलाया जाएगा ।

MP में लागू नहीं होगा ई-अटेंडेंस सिस्टम…. मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन

भोपाल । मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी के लिए 1 अप्रैल से शुरू किए जाने वाले ई- अटेंडेंस सिस्टम को फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री सिवराज सिंह चौहान ने होशंगाबाद में कर्मचारी नेताओँ के सामने इसका भरोसा दिलाया है कि ई-अटेंडेंस सिस्टम को अभी स्थगित रखा जा रहा है। इस सिस्टम को लेकर शिक्षक संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था। रास्ट्रीय पैरा शिक्षक संघर्ष समिति भारत के संयोजक एच एन नरवरिया ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा है कि शिक्षकों की एकता की वजह से ही यह संभव हो सका है।
श्री नरवरिया ने बताया कि अध्यापक संघर्ष समिति की रविवार को भोपाल में प्रस्तवित बेठक और ई- अटेंडेंस का जमकर विरोध होने की सम्भवना के मद्देनजर आज कर्मचारी नेताओ के समक्ष मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि ई अटेंडेंस व्यवस्था लागू नही की जायेंगी। इसके लिए उन्होने आभार व्यक्त किया है।साथ ही कहा कि सही अर्थों में यह जनभावनाओं को समझकर निर्णय लेने की मुख्यमंत्री की क्षमता का परिचायक भी है और साथ ही समस्त कर्मचारियों के लिये यह संदेश भी है कि यदि एकता के साथ एक मुद्दे पर एक जैसी भाषा सब बोलेंगे तो शासन उसका संज्ञान अवश्य लेंगा। ई अटेंडेंस पर प्रदेश के नियमित, अध्यापक, लिपिकीय व अन्य कर्मचारियों की अभूतपूर्व एकता के कारण ही यह सम्भव हो पाया है। ऐसी ही एकता और समझ यदि अन्य मुद्दों पर भी बन जाये तो शासन सकारात्मक निर्णय ले सकता है।
साथ ही किसी मुद्दे पर जनभावनाओं के प्रतिकूल जाकर बेवजह ढीठता दिखाने वाले लोगो के लिए भी यह सबक है कि जब सत्ताधारी के अनुषांगिक भी विरोध करने लगे तब संभल जाना चाहिए वरना जग हंसाई होती है।
श्री नरवरिया ने अग्रज मान्यताप्राप्त संघो के समस्त जिला राज्य स्तरीय नेताओ को धन्यवाद दिया है जिनके कुशल नेतृत्व के बगैर यह सम्भव नही हो सकता था। आरिफ भाई, राकेश नायक , शिल्पी बहन, सुनील मिश्रा को दमदार प्रदर्शनों के लिये साधुवाद दिया । अध्यापक संघर्ष समिति की कुशल रणिनित में वासुदेव शर्मा एच एन रवारिया आदि नेताओ एवं जगदीश यादव संज्ञान लेकर विरोध कर लकीर खींचने और परदे के पीछे से बिना श्रेय मेहनत करने के लिए लिए आम अध्यापको की ओर से आभार व्यक्त किया है । साथ ही 2013 से छठवां वेतनमान मय एरियर और जनवरी 16 से 7 वा वेतन और शिक्षा विभाग में संविलियन की स्थित स्पस्ट करने और जल्द ही विभाग में विलय करने के लिए मांग करती रहेगी ।

जब शव को घर से लाना पड़ा वापिस

सिवनी- जिले के बंडोल थाना के अंतर्गत एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां पुलिस को मृत व्रद्ध का शव परिजनों से घर जाकर वापिस लाना पड़ा।

मिली जानकारी के अनुसार मुंगवानी खुर्द निवासी 61 वर्षीय ने 31 मार्च को अग्नि स्नान कर लिया था,जिसकीं उपचार के दौरान मौत हो गई,

परिजनों में मृत बलराम पिता इंदर उईके के शव को अंतिम सस्कार हेतु घर ले जा लिया गया,

लेकिन मर्ग कायम ना होने के कारण जिला होस्पिटिल में पदस्त पुलिस कर्मियों ने घर से शव लाकर पोस्टमार्टम करा कर पुनः शव परिजनों को सौपा।

INDORE में 4 मंजिला होटल जमींदोज, 20 मलबे में दबे, दर्जनों घायल | MP NEWS

INDORE |  सरवटे बस स्टैंड स्थित चार मंजिला होटल की इमारत ढहने से कितनी जनहानि हुई और कितना नुक्सान इसका सही आंकलन अभी नहीं हो पाया है। मलबे से अब तक 10 शव निकाले जा चुके हैं। यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। इस बिल्डिंग में लॉज भी संचालित होता था। हादसे में 5 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों का इलाज एम वाय अस्पताल में चल रहा है। अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दब होने की आशंका है और प्रशासन की और से राहत व बचाव का काम जारी है।
इमारत गिरने के कुछ समय बाद ही पुलिस ने पहुंच कर पूरे एरिया को घेर लिया और उधर से गुजरने वाली सड़कों को बंद कर दिया। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम ने पहुंचकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि होटल के एक हिस्सा का मलबा पड़ोस के एक मकान पर भी जा गिरा, जिसमें करीब चार-पांच लोग फंसे हुए हैं।
10 मृतकों में से 5 की पहचान हो चुकी है जबकि 5 अन्य की अब भी शिनाख्त नहीं हो सकी है। एमवाय अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक हादसे में सत्यनारायण पिता रामानंद (60), होटल का मैनेजर हरीश सोनी (70), राजू पिता रतनलाल (36), आनंद पोरवाल (निवासी नागदा) और राकेश राठौर (निवासी नंदबाग) की शिनाख्त हो चुकी है। जबकि 3 पुरूष और 2 महिलाओं की पहचान नहीं हो सकी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के वक्त होटल में कई मुसाफिर अंदर थे। गिरती होटल के मलबे की चपेट में आसपास से गुजर रहे लोग भी आ गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने बचाव कार्य व मदद शुरू की।

होटल के पास स्थित एक अन्य होटल के कर्मचारी अजय राजपूत के मुताबिक अचानक तेज धमाके की आवाज आई और क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। बाहर देखा तो पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छाया हुआ था। पूरी होटल गिर चुकी थी। वहां से गुजर रहा एक ऑटो रिक्शा भी उसकी चपेट में आ गया।

ऑटो के चालक सत्यनारायण चौहान को लोगों ने तुरंत निकालकर 108 एंबुलेंस से अस्पताल रवाना किया। घटना के करीब 20 मिनट बाद नगर निगम, आपदा प्रबंधन, फायर ब्रिगेड की टीमों के साथ ही पुलिस और निगम प्रशासन के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे।

जानकारी के मुताबिक सरवटे बस स्टैंड चौराहे पर स्थित होटल एमएस की बिल्डिंग गिरी है। बिल्डिंग काफी जर्जर थी। इस होटल में रेस्टॉरेंट भी था और ऊपरी मंजिलों पर लॉज भी थी।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सुबह अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने पहुंचे।

मप्र में 60 हजार संविदा शिक्षक सहित कुल 89 हजार नौकरियां | GOVT JOB

भोपाल। बड़ी खबर आ रही है। चुनावी साल 2018 में कुल 89 हजार पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें से 60 हजार पद शिक्षा विभाग में संविदा शाला शिक्षक के लिए होंगे। बता दें कि 2011 से अब तक संविदा शिक्षक भर्ती नहीं हुई है। करीब 20 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। बताया गया है कि करीब आधा दर्जन से अधिक विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी।

मप्र शासन के सहायक सूचना अधिकारी महेश दुबे द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग में 9500 पटवारियों, 400 नायब तहसीलदार और 100 अन्य पद सहित कुल 10 हजार पदों पर भर्ती की जायेगी। स्कूल शिक्षा विभाग में 60 हजार शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की जायेगी। स्वास्थ्य विभाग में 3500 पदों पर भर्ती होना है। इनमें 1300 चिकित्सक, 700 पैरामेडिकल स्टॉफ, 1053 स्टॉफ नर्स और शहरी क्षेत्र में 500 एएनएम की भर्ती होगी।
पुलिस में 8000 पदों पर भर्ती के अलावा होमगार्ड में रिक्त 4000 पदों पर भर्ती होगी। महिला-बाल विकास विभाग में 3300 आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और 700 पर्यवेक्षक सहित कुल 4 हजार पदों पर भर्ती होगी।

वाहन दुर्घटना- रोजगार सहायक की मौत

सिवनी- जिले के बरघाट विकासखण्ड में कार्यरत रोजगार सहायक कल 31 मार्च की रात लगभग 12.30 शाशकीय कार्य पूर्ण कर घर आ रहा था,
इसी दौरान मोटरसाइकिल को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी,घटना स्थल पर लोहार रोड आरा मिल के पास शैलेष साहू निवासी ग्राम उमरिया *अरी की मौत हो गई।

बताया जा रहा है रोजगार सहायक श्रमिक पंजीकरण का कार्य कर वापस जा रहा था ।

Jio juice: जिओ जूस क्या हे ? होश उड़ा देने वाली टेक्नोलॉजी. Charge your mobile without charger.

जियो ने टीज किया नया प्रोडक्ट। | तस्वीर साभार: Twitter

जियो ने अपना नया प्रोडक्ट जियो जूस टीज किया है।

नई दिल्ली: जियो (Jio) ने अपने नए प्रोडक्ट को टीज किया है। कंपनी ने नए प्रोडक्ट को जियो जूस (Jio Juice) का नाम दिया है, इसकी जानकारी कंपनी ने ट्वीट के जरिए दी। जियो जूस के टीज में बीटा का जिक्र किया गया है, जिसके आधार पर लगता है कि ये एक एप हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि ये एक बैटरी सेवर एप होगा। हालांकि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। कंपनी ने ट्वीट में सिर्फ कमिंग सून लिखा, जिससे अंदाजा लगता है कि जल्द ही ये लॉन्च हो सकता है।

गौरलतब है कि रिलायंस जियो ने प्राइम (Jio Prime) मेंबरशिप को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इस बात की जानकारी कंपनी ने शुक्रवार रात प्रेस रिलीज जारी करके दी है। प्राइम मेंबरशिप के लिए जियो के पुराने यूजर्स को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। हालांकि नए यूजर्स को इसके लिए 99 रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

बात दें कि जियो प्राइम मेंबरशिप के तहत 99 रुपए में यूजर्स को कई अतिरिक्त सुविधाएं मुहैया करा रही है। लगभग 100 मिलियन से ज्यादा लोगों ने जियो की प्राइम मेंबरशिप ले रखी है। जिसमें से बहुत से लोगों की प्राइम मेंबरशिप 31 मार्च को खत्म हो रही है।

ट्राई की हाल में आई रिपोर्ट के मुताबिक जियो ने जनवरी महीने में 83 लाख नए यूजर जोड़े है। वहीं अन्य कंपनियां भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने केवल 15 लाख, 12.8 लाख और 11.4 लाख नए कस्टमर ही जोड़े हैं। जियो लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। जियो ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में अपनी 14 फीसदी हिस्सेदारी बना ली है।

 

 

2 अप्रैल को भारत बंद माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवमानना : सपाक्स

दिनांक 20 मार्च 2018 को मान सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक अहम निर्णय में ‘एट्रोसिटी’ अधिनियम में किसी शिकायत पर आरोपी को बगैर जाँच किये गिरफ्तार कर जेल भेजने को असंगत ठहराया और शासकीय कर्मी के प्रकरण में गिरफ्तारी पूर्व वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति की बाध्यता स्थापित कर दी.इस निर्णय के बाद से ही इस मुद्दे पर राजनीति गर्म है. सभी राजनीतिक दल जिस संविधान की दिन रात दुहाई देते हैं, उसकी व्याख्या भी वैसी चाहते हैं जो उन्हें रास आये. संविधान व्याख्या हेतु सर्वमान्य और अधिकृत माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने बिना तथ्यों को परखे निर्णय नहीं दिया है, स्वयं सरकारी आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस कानून का निरंतर दुरुपयोग हुआ है.निहित स्वार्थों के लिये जो वातावरण राजनीतिक दलों ने उत्पन्न किया उसी की परिणति है कि 2-अप्रैल को निर्णय के विरोध में भारत बंद का आव्हान अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग ने किया है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर कानूनन अभी पुनर्विचार का रास्ता है और सरकार इस हेतु आगे बढ़ रही है. एेसे में भारत बंद का रास्ता न सिर्फ असंवैधानिक है बल्कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना भी है. यह देश में अराजकता उत्पन्न करने और बेजा दबाव बनाने की कोशिश है. इस बंद से न सिर्फ जनजीवन प्रभावित होगा बल्कि देश को बड़ा आर्थिक नुकसान भी होगा.सामान्य,पिछड़ा,एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था सपाक्स,सपाक्स समाज,सपाक्स युवा संगठन,सपाक्स महिला संगठन इस असंवैधानिक गतिविधि का पूर्ण विरोध करता है और सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील करता है कि इसे देश हित में पूर्णतः विफल करें. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर इस तरह की प्रतिक्रिया स्वतः यह स्पष्ट करती है कि कानून के राज में ऐसा करने वालों की कोई आस्था नहीं है.
जिला सपाक्स सिवनी