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झूम बराबर झूम

सिवनी- सरकार की आबकारी नीति भले राजस्व बढ़ाने में सफल रही हो ,लेकिन शराब पीने का चलन इस कदर हावी है कि सड़कों पर जगह जगह शराब के नशे में धुत नागरिक देखे जा सकते है,

बस स्टैंड के के लाज से लेकर देशी शराब दुकान तक पान ठेलो में शराब का सेवन खुलेआम चल रहा है,शाम 6 बजे होते ही यह इलाका ओपन बियर बार मे तब्दील हो जाता है,

जिससे इस मार्ग महिलाओं का आना जाना दूभर हो गया है।

150 हेक्टेयर का पौधरोपण जलकर खाक

लखनादौन- वन परिक्षेत्र कार्यालय उत्तर वन मण्डल सामान्य लखनादौन की घूरवाड़ा बीट क्रमांक 99 लिंगपानी के जंगलों में विगत 31 मार्च को 80 लाख रूपये की लागत से निर्मित 150 हेक्टेयर का प्लांटेषन आग लगने जलकर खाक हो गया जबकि उत्तर वन मण्डल सामान्य सिवनी के वनमण्डल अधिकारी गौरव चौधरी अपने तीन दिवसीय प्रवास पर लखनादौन वन विद्यालय में मौजूद थे। उक्त मामले में लखनादौन वन परिक्षेत्र अधिकारी विजय पाठक दूरभाष पर लगातार संपर्क करने के पर भी कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा। उक्त आग से ना केवल प्लांटेषन जलकर खाक हुआ हैं वरन पशुओं का चारा, जंगल में रहने वाली निरीह जीव जंतु जिंदा कर मर गये। जिसकी जिम्मेदारी विभाग किस पर तय करेगा यह देखना बाकी हैं।
दीक्षांत समारोह में शामिल रहें डीएफओ
ज्ञात रहे कि विगत 31 मार्च को लखनादौन के वन विद्यालय में दीक्षांत समारोह आयोजित था जिसमें सिवनी वन मण्डल अधिकारी गौरव चौधरी सहित लखनादौन वन परिक्षेत्र अधिकारी विजय पाठक में मौजूद रहे जबकि प्रत्यक्षदर्षियों के अनुसार आग की लपटें सुबह 10 बजे से दिखाई देने लगी थी उस समय एक चौकीदार और आसपास के ग्रामीणों ने आग बुझाने की नाकाम कोषिष की परंतु 150 हेक्टेयर में ही लगी सूखी घास और आसपास फैले सूखे पत्तों के कारण आग ने विकराल रूप धारण करने से ग्रामीणों की हिम्मत भी जबाब दे गई 150 हेक्टेयर में लगे पौधे जलकर खाक हो गये। प्लांटेषन में लगी आग की खबर आग की तरह ही वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित पूरे वन अमले तक पहुंच गई थी यदि उस वक्त पूरा वन अमला जो कार्यालय और वन विद्यालय में उपस्थित था, मौकाये वारदात पर पहुंच गया होता तो उक्त प्लांटेषन को बचाया जा सकता था, बावजूद इसके समस्त अधिकारी और कर्मचारी दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर आनंद उठाते रहे।



स्थानीय समितियों की अनदेखी
प्राप्त जानकारी के अनुसार वन क्षेत्रों में हो रहे वानिकी के कार्यों को वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा बाहर के ठेकेदारों से कराये जाने के कारण स्थानीय व क्षेत्रीय सहित वन समितियों की उपेक्षा हो रही है जिसके चलते वन क्षेत्रों से उनका लगाव कम हो रहा हैं इस उपेक्षा का प्रमाण शासकीय दस्तावेजों में भुगतान प्रपत्र में देखा जा सकता हैं। स्थानीय समितियां एवं मजदूर वर्ग प्राकृतिक वन संपदा जैसे तेंदूपत्ता, चार बिजी, महुआ, माहौल पत्ता , आंवला, आदि, बटोरकर जीवन यापन करते है एवं मजदूरी का कार्य विभाग इन्हें ही मिलता हैं परंतु वन परिक्षेत्र अधिकारी लखनादौन विजय पाठक द्वारा बाहर के ठेकेदारों से सांठगांठ कर बाहर मजदूरों को बुलाकर वानिकी कार्यो का संपादन कराते हैं जिससे स्थानीय समितियां रोजगार नहीं मिल पाता जिसकी वजह से आसपास के ग्रामीण जन दूसरे जिले में पलायन कर रहें है । इसी उपेक्षा के चलते ग्रामीण जनों की वन विभाग से दूरियां बढते जा रही हैं।



मुख्यलयों से नदारत नाकेदार
वन परिक्षेत्र कार्यालय उत्तर वन मण्डल सामान्य लखनादौन की घूरवाड़ा बीट क्रमांक 99 लिंगपानी की नाकेदार श्रीमती सरला पदमाकर जिनका कार्यक्षेत्र घूरवाड़ा हैं, यदाकदा ही अपने कार्यक्षेत्र पर विचरण करने सिवनी से आती हैं। यदि नाकेदार पदमाकर इमानदारी से अपने कर्तत्यां का निर्वहन करती तो लगभग 1 करोड़ रू. की लागत से निर्मित उक्त प्लांटेषन में लगें पेड़ पौधें जलकर खाक ना होते और ना ही उस जंगल में मौजूद निरीह मूक वन प्राणियों की आग में जिंदा जलने से अकाल मौत ना होती। उक्त सम्बंध में जब वन परिक्षे़त्र अधिकारी से जानकारी प्राप्त करने हेतु जब कार्यालय पहुंचे तो विजय पाठक अपने कार्यालय से नदारद पाये गये। पहली बार कॉल रिसीव में उन्होने बताया कि वे वन विद्यालय में हैं जबकि दूसरी बार में उन्होने मड़ई में रहने की बात कही इसके बाद उनके मोबाईल नम्बर 9424794167 एवं 8319653651 लगातार कॉल करने पर उन्होनें कॉल रिसीव करना भी मुनासिब नही समझा।

मकरझिर के पास लिंगपानी के नजदीक 150 हेक्टेयर के प्लांटेषन में से 50 हेक्टेयर में ही आग लगी थी, वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन के बाद ही पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी, दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी.-डी एल भगत, अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग लखनादौन


किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि जमा कराने के लिये जिलों में समिति गठित

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना
26 मई तक कृषि उपज मंडी में गेहूँ बेचने वाले किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

प्रदेश में प्रमुख कृषि फसलें गेहूँ, चना, मसूर, सरसों एवं धान की उत्पादकता बढ़ाने और फेयर एवरेज क्वालिटी (एफ.ए.क्यू) गुणवत्ता उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। योजना में खरीफ 2016 में धान और रबी 2016-17 में गेहूँ की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राथमिक साख सहकारी समितियों के माध्यम से ई-उपार्जित मात्रा पर 200 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि किसान के बैंक खाते मे जमा करवायी जाएगी। इसके साथ ही रबी 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जित कराने वाले किसानों के खाते में 265 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि जमा करवायी जायेगी। यह राशि इस वर्ष 15 मार्च से 26 मई तक गेहूँ बेचने वाले किसानों के खाते में जमा करवायी जाएगी। इसके अलावा रबी सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों उपार्जित कराने वाले किसानों को 100 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि किसानों के खाते में जमा करवायी जायेगी।



योजना के क्रियान्वयन के लिये जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित किये जाने के निर्देश दिये गए हैं। प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विकास डॉ. राजेश राजौरा ने जिला कलेक्टर्स को पत्र लिख कर योजना के क्रियान्वयन संबंधी निर्देश दिये हैं। क्रियान्वयन समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अतिरिक्त कलेक्टर राजस्व, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ, जिला खाद्य अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम और जिला प्रबंधक मार्कफेड को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति में सदस्य सचिव उप-संचालक किसान-कल्याण तथा कृषि विकास को बनाया गया है।

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि कृषि उत्पाद मण्डी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बेचा गया हो अथवा न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बेचा गया हो, दोनों ही स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ पंजीकृत किसानों को दिया जायेगा। रबी 2016-17 में गेहूँ तथा खरीफ 2017 में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ई-उपार्जित कराये गये समस्त किसानवार डाटाबेस का सत्यापन एवं प्रमाणीकरण के बाद जानकारी संचालक किसान-कल्याण को उपलब्ध करवायी जायेगी। सत्यापित डाटाबेस के आधार पर 200 रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि जिलों को उपलब्ध करवायी जायेगी।

कलेक्टर की अध्यक्षता वाला समिति किसानों के डाटाबेस का परिक्षण कर पुष्टि करेगी। इसके बाद किसानों के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि जमा करवायी जायेगी। इसकी सूचना किसानों को मोबाईल पर एसएमएस से दी जायेगी। लाभान्वित किसानों के सत्यापित बैंक खाते में गड़बड़ी हो जाने पर अथवा किसी विवाद की स्थिति में कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति स्थानीय जाँच के बाद 15 दिन के भीतर किसान के नवीन प्रमाणीकृत बैंक खाते में योजना की राशि जमा करवायी जायेगी।

मुख्यमंत्री समृद्धि योजना में किसानों की संतुष्टि के आंकलन के लिये अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा आंकलन सर्वेक्षण भी करवाया जायेगा।



Source: Mpinfo

सलमान खान काला हिरण शिकार मामले में दोषी करार दिए गए हैं. यदि सलमान को जेल होती है तो उन्हें 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो सकता है.

नई दिल्ली: सुपरस्टार सलमान खान 2 दशक पुराने काला हिरण शिकार मामले में दोषी करार दिए गए हैं. जोधपुर कोर्ट ने इस मामले में सलमान को दोषी करार जबकि अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है. जोधपुर की अदालत ने तब्बू, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और नीलम कोठारी को बरी कर दिया है. कोर्ट में सलमान खान की सजा को लेकर बहस जारी है. बता दें कि यदि सलमान को जेल होती है तो उन्हें 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो सकता है.



ट्रेड एक्सपर्ट अतुल मोहन ने इसकी जानकारी दी है कि यदि सलमान खान को जेल होती है तो उन्हें 1,000 करोड़ से ज्यादा का घाटा होगा. सलमान इन दिनों तीन फिल्मों (‘रेस-3’, ‘भारत’ और ‘दंबग-3’) में बिजी हैं. ‘रेस 3’ की शूटिंग हाल ही में खत्म कर सलमान आबु धाबी से लौटे हैं. ‘रेस 3’ बनकर तैयार है और कोर्ट से अभिनेता को पोस्ट प्रोडक्शन वर्क खत्म होने तक का समय मिल जाएगा. जबकि ‘भारत’ और ‘दबंग 3’ शुरुआती स्टेज पर हैं.

सलमान खान की सजा का सबसे ज्यादा असर उनके दो टीवी शो पर पड़ेगा. सोनी टीवी पर जल्द ही वह ‘दस का दम’ गेम शो लेकर आने वाले हैं. शो के अब तक प्रोमो ही रिलीज हो पाए हैं, शूटिंग शुरू होना बाकी है. वहीं, कलर्स टीवी पर सितंबर महीने के आसपास सलमान विवादित शो ‘बिग बॉस’ के होस्ट बनकर नजर आते हैं. पिछले कई सीजन्स होस्ट कर चुके सलमान खान ‘बिग बॉस 12’ में नजर आएंगे या नहीं, इसपर सस्पेंस बना हुआ है.

फिल्मों और टीवी शो के अलावा सलमान खान को ब्रांड एंडोर्समेंट्स की वजह से भी भारी नुकसान सहना पड़ सकता है.


रोज कमाकर खाने वालो की लिये बड़ी खबर

सिवनी-जिला कलेक्टर गोपालचंद्र डाँड़ द्वारा जानकरी दी गई है कि असंगठित श्रमिक के रूप में “कचरा व पन्नी बीनने वाले” भी करा सकते हैं पंजीयन

असंगठित श्रमिकों में कचरा व पन्नी बीनने वाले, कृषि कार्य में लगे मजदूर, घरेलू कामकाजी मजदूर, फेरी लगाकर दूध बेचने वाले, फेरी लगाकर रद्दी व कबाड़ी का समान खरीदने वाले, मत्स्य पालन मजदूर, पत्थर तोड़ने वाले, ईट बनाने वाले, दुकानों पर काम करने वाले, गोदामों में कार्य करने वाले, परिवहन, हथकरघा, पावरलूम, रंगाई, छपाई, सिलाई, अगरबत्ती बनाने वाले, जूते बनाने वाले, ऑटो रिक्शा चालक, आटा, तेल, दाल मिलों में काम करने वाले मजदूर, लकड़ी का काम करने वाले, बर्तन बनाने वाले, कारीगर, लोहार, बढ़ाई, आतिशबाजी उद्योग में लगे सभी मजदूरों का पंजीयन किया जा सकता है।
इसके अलावा प्रायवेट सुरक्षा में लगे कर्मचारियों दरी व कारपेट बनाने वाले, आतिशबाजी व माचिस बनाने वाले सभी मजदूरों, कृषि मण्डियों में हम्माली करने वाले, तुलाई कराने वाले, बोरे सिलने वाले का पंजीयन किया जा सकता है। पंजीयन के लिए आवेदक को घोषणा पत्र व आवेदन, समग्र आईडी क्रमांक, पासपोर्ट साईज फोटो देना होगा। यह पंजीयन आगामी 5 वर्ष तक वैध रहेगा। पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। पंजीयन के बाद आवेदक के मोबाइल पर वाईस कॉल व मेसेज भी आयेगा।

फिर उठे मदद के लिये हाथ

सिवनी-आज दिनांक 4 अप्रैल को तहसील बरघाट के पटवारियों के द्वारा गत दिनों मुंडापार में हुई बाइक व पिकअप में हुई टक्कर में गंभीर घायल खमरिया पंचायत का मेट दिनेश हरड़े के उपचार हेतु मु.का.अधि.जनपद पंचायत बरघाट सुश्री मोनिका झारिया को 15000 रुपए की सहायता राशि दी गई।इस मौके पर पटवारी अनूप मिश्रा ,पारस ठाकुर, बैजनाथ साहू , नरेंद्र साहू, मोतीराम परते, विपुल बरमैया, मेहताब सिंह राहंगडाले, बलराम गजभिए, विनोद इनवाती, एवं अनिता मर्सकोले तथा जनपद बरघाट के कर्मचारी विवेकानंद गार्वे उपस्थित थे।

Bitcoin के जरिए महाराष्ट्र में 2 हजार करोड़ ठगे, ED करेगा जांच

इस तरह की स्कीमों में दोस्त, रिस्तेदारों के जरिए निवेश करवाते हैं।

$ 300 मिलियन के मास्टरमाइंड बिटकॉइन घोटाले के मामले में अमित भारद्वाज को बैंकाक में गिरफ्तार किया गया

मुंबई: महाराष्ट्र में बिटकॉइन (Bitcoin) के नाम पर 2 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि गेनबिटकॉइन वेबसाइट के जरिए चलाई गई बिटकॉइन पॉन्जी स्कीम की जांच होगी। गृह राज्य मंत्री रंजीत पाटिल के मुताबिक इस मामले में गेनबिटकॉइन वेबसाइट (GainBitcoin) के फाउंडर अमित भारद्वाज के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले से जुड़ा एक केस नांदेड़ के पुलिस स्टेशन में 24 जनवरी 2018 को फाइल किया गया है। वो इस मामले पर राहुल कुल के कॉलिंग अटेंशन नोटिस पर जवाब दे रहे थे।  उन्होंने कहा कि भारद्वाज और उसके साथियो नें मुंबई, पुणे, नांदेड़, कोल्हापुर और अन्य जगह पर लोगों से 2 हजार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है।



6 करोड़ की संपत्ति जब्त
उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी भारद्वाज देश छोड़कर भाग चुका है उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। एक और आरोपी अमोल कुमार थोंबाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं 2 दूसरे आरोपी बालाजी पांचाल और राजू मोटेवार फरार हैं। हालांकि मामले के जानकार सूत्रों ने टाइम्स नाउ हिंदी को जानकारी दी की ये धोखाधड़ी 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा की नहीं है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के बैंक अकाउंट सील कर दिया है साथ ही 6 करोड़ रुपए की जब्ती भी की। बीजेपी के एमएलए अशीष शेलार ने कहा कि नांदेड़ और दूसरे स्थानों पर ज्यादा रिटर्न के नाम पर बिटकॉइन में निवेश करवाया जा रहा है। मामला उठाने वाले कुल ने कहा कि मेरे अनुमान के मुताबिक हजारों निवेशकों के 2 हजार करोड़ रुपए अटक गए हैं। कंपनी के डायरेक्टरों ने भी अपने निवेशकों का पैसा अपने खुद के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। सूत्रों के मुताबिक अमित भारद्वाज कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय में एमएलएम कंपनी की लिस्ट में नॉर्टन सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी भी लिस्ट करवा रखी है।

 

आप क्या करें
डारेक्ट सेलिंग-एमएलएम पॉलिसी एक्सपर्ट प्रांजल आर डेनियल के मुताबिक अगर आपको कोई इस तरह का लालच देता है तो पूरी छानबीन करनी चाहिए। डेनियल के मुताबिक ज्यादा रिटर्न के चक्कर में न पड़ें। अगर कोई ज्यादा रिटर्न का लालच देकर आपसे निवेश करने का कहता है आप इन बातों का ध्यान रखें
– निवेश करवाने वाले को किसी तरह की मान्यता है या नहीं
-अगर मान्यता है तो किस सरकारी विभाग से मान्यता मिली है
-उस स्कीम का पूरा इतिहास क्या है
-वो ज्यादा रिटर्न किस आधार पर देगा
-कंपनी का बैकग्राउंड क्या है

डेनियल के मुताबिक बहुत से लोग इस तरह की स्कीमों में दोस्त, रिस्तेदारों के जरिए निवेश करवाते हैं। इस कारण कई लोग पुलिस में शिकायत नहीं करते हैं क्योंकि इससे उनके नजदीकी लोगों को दिक्कत होगी।


6 अप्रैल अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

सिवनी- धनौरा में आगामी 6 अप्रेल को रात्री नौ बजे से कवि सम्मलेन आयोजित किया जा रहा है जिसमे

कविगण
1-: श्री लक्षमण नेपाली जी (लाफ्टर फेम)
2-: श्री पंकज जैन फ़नकार जी (संचालक)
3-: श्री मेघ श्याम मेघ जी (गीत)
4-: श्रीमती हेमा बुखारिया जी (ग़ज़ल)
5-: श्री भगवान सहाय जी(ओज)
6-: श्री राकेश वर्मा हैरत जी (पैरोडिकार)

अपनी कविताओं की प्रस्तुति देंगे।

करंट से शिकार करने वाले दो युवक पकड़ाए

सिवनी- 11 केव्ही लाइन से अवैध रूप से करंट बिछाकर जंगली जानवरों का शिकार करने के मामले में दो युवकों को डूंडासिवनी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बाद में इन्हें वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। छिंडिया पलारी क्षेत्र में स्थित टपरा मोहल्ला में रहने वाले कुछ लोगों ने जंगली जानवर का शिकार करने के लिए तार डालकर करंट बिछाया और घर चले गए। इस तार में ऊदबिलाव फंस गया। तभी तार से निकली चिंगारी से वहां मौजूद खेत में आग लग गई। करंट बिछाने वालों ने पहले आग बुझाया और फिर देखा तो उन्हें तार में ऊदबिलाव फंसा दिखाई दिया। इसी बीच खेत मालिक विनोद पिता मंशाराम टेंभरे पहुंचे। विनोद को देख दोनो युवक भाग गए। घटना की जानकारी मिलते ही डूंडासिवनी थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने टपरा मोहल्ला में रहने वाले मंशाराम और संजू जंघेला को हिरासत में लिया और पूछताछ की तो उन्होने तार बिछाने की बात स्वीकार की। इसके बाद डूंडासिवनी पुलिस ने वन परिक्षेत्र अधिकारी तिवारी को जानकारी दी और युवकों को वन विभाग अमले के सुपुर्द कर दिया गया।

कीचड़युक्त कुएं में जा गिरा था एक आरोपी

अंधेरे में भागे युवकों में से एक संजू जंघेला नामक युवक कुछ दूरी पर स्थित कीचड़युक्त कुएं में जा गिरा और कीचड़ में फंस गया। डूंडासिवनी पुलिस ने तलाशी के दौरान युवक को निकालकर अपने कब्जे में लिया। जंगली जानवरों का करंट युक्त तार बिछाकर शिकार करने वाले दोनों युवकों को पुलिस ने वन विभाग अमले को सौंपा। अमले में शामिल रेंजर तिवारी, डिप्टी रेंजर रमेश उइके, बाबूलाल गढ़पाले और बीट प्रभारी भानू चौबे शामिल रहे। आरोपी युवकों के विस्र्द्ध धारा 2,9 , 39, 49, 50, 51, 52 वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1927 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

सिवनी जिले के तीर्थयात्री जो वैष्णोदेवी जाने के इच्छुक हो 26 अप्रैल व द्वारकापुरी जाने के इच्छुक 2 मई तक करें आवेदन करें आवेदन

अपने आवेदन निकटतम तहसील/उपतहसील कार्यालय या नगरपालिका/नगरपरिषद कार्यालय में जमा करें

सिवनी 4 अप्रैल 18/ मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत सिवनी जिले के तीर्थयात्रियों को लेकर तीर्थदर्शन ट्रेन 10 मई को वैष्णोदेवी की ओर रवाना होगी तथा 15 मई को वापस आयेगी। इसमें सिवनी जिले को 158 यात्रियों का कोटा एवं द्वारकापुरी यात्रा हेतु 17 मई को रवाना होगी तथा 22 मई को वापस आयेगी। इसमें सिवनी जिले के कुल 160 तीर्थयात्री भेजे जायेंगे। अनुरक्षक के रूप में चार अधिकारी भी इस ट्रेन में जायेंगे। यह तीर्थदर्शन यात्रा पूरी तरह नि:शुल्क रहेगी, जिसमें तीर्थयात्रियों के चाय-नाश्ते से लेकर भोजन, आवास, परिवहन तथा गाइड आदि की व्यवस्था भी पूर्णत: नि:शुल्क होगी। इन तीर्थयात्राओं के लिये जिला प्रशासन सिवनी की ओर से इच्छुक आवेदकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। क्र.16/