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मुख्यालय के समीप पहुचीं नरवाई की आग : VIDEO

सिवनी- जिला कलेक्टर के तमाम आदेशो के बाद भी किसान नरवाई में आग लागना बन्द नही कर रहे है,जिससे प्रतिदिन कहीं ना कही
आग लगने की घटना में किसानो को खड़ी व कटी फसलो का नुकसान हो रहा है।

आज 26 अप्रैल को नागपुर रोड के खेरी टेक के पीछे से लगी आग इतनी फैली वो
नागपुर रोड में संचालित mhks पेट्रोल पंप से चंद मीटर दूर पास्कल परिवार के घर व दुकानों तक आ गई।

इस दौरान कोई जन हानि तो नही हुई लेकिन किसानों की खड़ी कटी फसल अवश्य जल कर खाख हो गई।

आईपीएल सट्टा के आरोपी धराए

सिवनी- जिले की डूंडासिवनी पुलिस ने 24 अप्रैल 2018 की रात चूना भट्टी चौक पर एक दुकान पर कार्यवाही करते हुये आईपीएल ऑनलाईन सट्टा रेकिट का खुलासा किया है।

मिली जानकारी के अनुसार टीवी पर मुंबई इंडियन्स व सनराईजर्स हैदराबाद के मध्य चल रहे आईपीएल मैच पर एक विशेष नंबर लेकर रूपये का दांव लगा ऑनलाईन सट्टा संचालित किये जाने की शिकायत पुलिस को मिली थी, जहां डूंडासिवनी पुलिस ने दुकान पर कार्यवाही करते हुये दो मोबाइल, एक एलईटी टीवी, एक सेटअप बॉक्स व सट्टे का लाखों का हिसाब-किताब लिखा कागज तथा 600 रूपये नगदी जप्त कर आरोपी रिहान खान, आकाश श्रीवास्त्री को पकड़ा गया है। बताया गया कि आरोपी अशोक पिता प्यारेलाल अग्रवाल,सुशील अग्रवाल को गिरफ्तार किया है
वही अखिलेश अवस्थी, अल्लू जैन, भी इस मामले में शामिल पाए गए ,इस प्रकरण में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया

2019 में दोबारा PM नहीं बने नरेंद्र मोदी तो भारत को होंगे ये 5 बड़े नुकसान, जानिए क्यों?

दुनिया के बड़े ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए (CLSA) के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि मोदी के दोबारा पीएम नहीं बनने से भारत को 5 बड़े नुकसान होंगे.

मोदी के दोबारा पीएम नहीं बनने से भारत को 5 बड़े नुकसान होंगे.

नई दिल्ली: 2014 में बीजेपी की ओर से पीएम चुनकर आए नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं. टाइम्स ने उन्हें मोस्ट पावरफुल नेताओं की सूची में भी शामिल किया था. लेकिन, अब उनके दोबारा पीएम बनने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. वह 2019 में होने वाले आम चुनाव में दोबारा पीएम चुने जाएंगे या नहीं, ये तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा. लेकिन, उनके पीएम न बनने से देश को क्या नुकसान होंगे इसका अंदाजा लग गया है. दुनिया के बड़े ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए (CLSA) के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि मोदी के दोबारा पीएम नहीं बनने से भारत को 5 बड़े नुकसान होंगे. आइये जानते हैं क्या हैं वो 5 बड़े नुकसान…



ग्रोथ को लगेगा झटका
साल 2019 में देश में आम चुनाव होने हैं. 2014 की तर्ज पर ही बीजेपी के प्रमुख चेहरा नरेंद्र मोदी होंगे. लेकिन, क्या वो फिर से पीएम बनेंगे? ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड का कहना है कि नरेंद्र मोदी अगर फिर से चुनकर नहीं आते हैं तो भारत की ग्रोथ को बड़ा धक्का झटका लगेगा. क्रिस्टोफर वुड ने अपने विकली नोट ग्रीड एंड फीयर में कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से पांच साल के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनते हैं तो भारत की ग्रोथ स्टोरी को बड़ा झटका लगेगा.

लुढ़केगा शेयर बाजार, गिरेगा रुपया
नरेंद्र मोदी के पीएम नहीं चुने जाने पर शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है. साथ रुपए में कमजोरी आने की भी आशंका है. शेयर बाजार और म्युचूअल फंड्स के निवेश पर भी कम रिटर्न मिलेंगे. साथ ही, रुपए में कमजोरी से महंगाई बढ़ने की आशंका है.

क्यों बढ़ेगी महंगाई
रुपए में कमजोरी आने से विदेशों से क्रूड खरीदना महंगा होगा. लिहाजा पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि होगी. ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से पहले खाने-पीने से लेकर बाकी चीजों की महंगाई में इजाफा होगा. लिहाजा, देश में महंगाई बढ़ने के साफ संकेत मिलते हैं.

इन्वेस्टमेंट साइकिल होगी शुरू
क्रिस्टोफर वुड ने अपने नोट में लिखा है कि भारत में इन्वेस्टमेंट साइकल फिर से शुरू हो रहा है. इससे बैंकिंग सिस्टम के एनपीए को सुधारने में मदद मिलेगी. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन प्रयासों के अच्छे नतीजे कब तक सामने आएंगे और सरकार अपने स्तर पर इकोनॉमी को बेहतर बनाने से जुड़े फैसलों को कितनी ताकत और सक्रियता से लागू करती है.

पीएम बने मोदी तो दौड़ेगा शेयर बाजार
क्रिस्टोफर के मुताबिक, अगर मोदी प्रधानमंत्री बने रहते हैं तो लंबी अवधि में भारतीय शेयर बाजार सबसे ज्यादा मुनाफा दिलाने वाले रहेंगे. हालांकि, इस साल की पहली छमाही में बहुत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं है. वुड का मानना है कि भारतीय बाजारों की चाल करेंसी और कच्चे तेल की कीमतों पर भी निर्भर करेगी.

मॉर्गन स्टेनली ने जताई आशंका
हाल में जारी अमेरिकी फर्म मॉर्गन स्‍टेनली की रिपोर्ट में भी भारत में कमजोर सरकार बनने की आशंका जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल होने वाले आम चुनाव में कोई पार्टी अपने बूते सरकार नहीं बना पाएगी. ऐसे में भाजपा भी अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगी. कंपनी के मुताबिक, गठबंधन की कमजोर सरकार निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता है.

कमजोर सरकार बनने की संभावना
मॉर्गन स्‍टैनली का कहना है कि बाजार का रुख आगामी आम चुनाव में पिछले लोकसभा चुनाव की तरह आशावादी नहीं रहेगा. कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र चुनाव से महज 12 महीने दूर है. ऐसे में आने वाले कुछ महीनों में बाजार में चुनाव परिणाम को लेकर कयासबाजी शुरू होने की संभावना है. बाजार हमेशा मौजूदा से ज्‍यादा मजबूत सरकार की उम्‍मीद के साथ चुनाव में जाता है. लेकिन, वर्ष 2019 के चुनावों में यह लागू नहीं होगा, क्‍योंकि अगले साल वर्तमान से कमजोर सरकार बनने की संभावना है.

मॉर्गन स्टेनली की चेतावनी
अमेरिकी फर्म ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2019 में बाजार का माहौल साल 2014 के आम चुनावों से पहले जैसा नहीं रहेगा. मॉर्गन स्‍टैनली ने पिछले पांच आम चुनावों के आधार पर यह निष्‍कर्ष निकाला है. कंपनी का कहना है कि 90 के दशक के मध्‍य से कोई भी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ चुनाव में नहीं गई है.

फिर दुनिया में आएगी आर्थिक मंदी, इस वजह से झेलना होगा सबसे बड़ा संकट

नई दिल्ली: दुनियाभर में सार्वजनिक और निजी कर्ज जिस तरह से बढ़ते हुए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, उससे वैश्विक मंदी का खतरा मंडराने लगा है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक वैश्विक कर्ज बढ़कर 164 ट्रिलियन डॉलर यानी 164 लाख करोड़ डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर है. अगर इस कर्ज को भारतीय मुद्रा में बदले तो यह करीब 10,66,000000 करोड़ रुपए (करीब 10,660 लाख करोड़ रुपए) है. IMF ने चेतावनी दी है कि अगर बढ़ते वैश्विक कर्ज का यह ट्रेंड इतना खतरनाक है कि वित्तीय स्थिति बिगड़ने पर तमाम देशों के लिए अपने कर्ज को चुकाना मुश्किल हो जाएगा और दुनिया भीषण वैश्विक मंदी के चपेट में आ सकती है. ब्लूमबर्ग में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ता हुआ कर्ज वैश्विक मंदी का सबसे बड़ा कारण बन सकता है.

कुल कर्ज दुनिया की 225 प्रतिशत जीडीपी के बराबर
IMF की फिस्कल मॉनिटर रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में ग्लोबल पब्लिक और प्राइवेट कर्ज बढ़ते हुए अपने रिकार्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुका है और यह दुनिया की जीडीपी का 225 प्रतिशत हो चुका है. इससे पहले वैश्विक कर्ज 2009 में अपने उच्च पर था. IMF के फिस्कल अफेयर्स डिपार्टमेंट के प्रमुख विटोर गैस्पर ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘164 ट्रिलियन का आंकड़ा एक बहुत ही विशाल संख्या होती है.

चीन पर सबसे भारी कर्ज
इकोनॉमिक टाइम्स की खबरे के मुताबिक, दुनिया में निजी कर्ज बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है खासकर चीन में. दुनियाभर के कुल निजी खर्च का करीब 3 चौथाई हिस्सा तो सिर्फ चीन का है. IMF की रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुत ज्यादा कर्ज से देशों के खर्च बढ़ाने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ेगा. इससे उनकी विकास दर प्रभावित होगी और वे मंदी के चपेट में भी आ सकते हैं.

2019 में दोबारा PM नहीं बने नरेंद्र मोदी तो भारत को होंगे ये 5 बड़े नुकसान, जानिए क्यों?

अमेरिका पर संकट के बादल
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने देशों से अपने फिस्कल डेफिसिट को लेकर निर्णायक कदम उठाने का सुझाव दिया है. कोष ने अमेरिका से कहा है कि वह अपनी फिस्कल पॉलिसी को फिर से तय करे. अमेरिका का फिस्कल डेफिसिट जिस गति से बढ़ रहा है, उस हिसाब से वह 2020 में 1 ट्रिलियन डॉलर यानी 1 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा.

खतरनाक स्तर पर कर्ज और जीडीपी का अनुपात
IMF के मुताबिक कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में कुल कर्ज और जीडीपी का अनुपात खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है. प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से करीब एक तिहाई के कर्ज उनकी जीडीपी के 85 प्रतिशत से ज्यादा है. यह आंकड़ा साल 2000 के आंकड़े से तीन गुना ज्यादा है.

अनुपात के लिहाज से कौन सबसे ज्यादा कर्ज में
प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में कर्ज और जीडीपी के अनुपात के मामले में सबसे ऊपर जापान है. पिछले साल उसका कर्ज जीडीपी का 236 प्रतिशत था. दूसरे नंबर पर इटली है जहां कर्ज जीडीपी का 132 प्रतिशत है. तीसरे नंबर पर अमेरिका है जिसका कर्ज उसके जीडीपी का 108 प्रतिशत है. आईएमएफ के मुताबिक पिछले साल भारत का कर्ज उसके जीडीपी का 70.2 प्रतिशत था जबकि चीन का 47.8 प्रतिशत था.



कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष का ताज

सिवनी-मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने कमलनाथ को अध्यक्ष पद पर नियुक्त कर दिया है,वही ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे कैम्पेन कमेटी के चेयरमैन नियुक्त किये गया विधानसभा चुनावों को ध्यान रखते हुए इसके साथ चार वर्किंग प्रेसीडेंट भी बनाए गए जिनमे बाला बच्चन रामनिवास रावत जीतू पटवारी सुरेन्द्र चौधरी को बनाया गया है। मालूम हो अब प्रदेश में दोनो ही प्रमुख दलो के प्रदेश अध्यक्ष महाकोशल से है ,पहले ही भाजपा राकेश सिहँ को कमान दी चुकी है

कमलनाथ का मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनना तय, घोषणा 29 की रैली के बाद

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की कुर्सी मिलना लगभग तय हो गया है.

ग्वालियर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की कुर्सी मिलना लगभग तय हो गया है. इस खबर की घोषणा 29 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित होने वाली जन आक्रोश रैली के बाद की जा सकती है. खबरों के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कमलनाथ की नियुक्ति को लेकर अपनी सहमति दे दी है. सिंधिया को कमलनाथ के साथ चुनाव अभियान समिति का जिम्मा दिया जा सकता है. राहुल गांधी के कर्नाटक चुनाव में व्यस्त होने के कारण दिल्ली की रैली के चलते अंतिम निर्णय टल रहा है. पिछले दिनों जबलपुर में हुई प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कमलनाथ ने अध्‍यक्ष की घोषणा पर कहा था कि कुछ देर और इंतजार कीजिये.

इसके बाद कांग्रेस के गलियारों में इस बदलाव की चर्चाएं गर्म होने लगी हैं. कांग्रेस नेता भी मान रहे हैं कि कमलनाथ के इस तरह के बयान से ये साफ हो गया है कि बदलाव होने वाला है.

वहीं बीजेपी को कमलनाथ में कोई दम नजर नहीं आता है. बीजेपी का मानना है कि कमलनाथ एकउम्रदराज नेता हैं और छिंदवाड़ा तक सीमित हैं. दूसरी तरफ अरुण यादव द्वारा परिवर्तन की खबरों को निराधार बताए जाने से कांग्रेस में असमंजस की स्थिति बन गई है. अब कांग्रेसियों को दिल्ली की रैली का इंतजार है ताकि कांग्रेस में स्थिति साफ हो सके. चूंकि कमलनाथ हरियाणा के प्रभारी महासचिव भी हैं और दिल्ली की रैली में सामान्य तौर पर हरियाणा की भागीदारी बढ़चढ़ कर होती है. इस वजह कमलनाथ भी फिलहाल रैली की तैयारी में व्यस्त हैं.


कमलनाथ ने बीजेपी पर साधा निशाना 
कमलनाथ ने किसानों और महिला अत्याचार को लेकर भी मध्‍यप्रदेश की सरकार सवाल करते हुए कहा कि महिला अत्याचार में एमपी नंबर वन है. कमलनाथ ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 4 साल पहले विदेशों से काला धन वापस लाने की बात कर रही थी, जिसमें वो असफल रही. इसी बीच आपको बता दें कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाया जा सकता है. पिछले दिनों छिंदवाड़ा सांसद कमलनाथ ने कहा था कि एमपी में अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम फेस के रूप में आगे किया जाता है तो वह इसका स्वागत करेंगे.

वाहन दुर्घटना में शिक्षक की मौत

सिवनी- जिले से जबलपुर रोड एन एच 7 मार्ग के ग्राम समनापुर के पास आज 25 अप्रैल की रात लगभग 8 बजे एक सड़क दुर्घटना में शिक्षक सन्दीप श्रीवास्तव लखनादोन निवासी की मौत हो गई।
मिली जानकरी के अनुसार वे मोटरसाइकिल से जा रहे थे इसी दौरान बस क्रमांक mp – 41p-1090 से उनकी भिंडत हो गई ,घटना इतनी भयानक थी कि सन्दीप की घटना स्थल पर ही मौत हो गई,
समाचार मिलने पर लखनादौन पुलिस मौके पर पहुच गया था।

छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार

सिवनी-नगर के डूंडा सिवनी थाना अंतर्गत लता कुल्हाड़े की रिपोर्ट पर आरोपी जहूर खान के खिलाफ थाना डूंडा सिवनी में महिला संबंधी छेड़छाड़ का अपराध क्रमांक 129/18 धारा 354 354 ए 506 भा द वि कायम किया गया था कायम किया गया था अपराध में करीब एक माह से फरार चल रहे आरोपी जहूर पिता अतीक खान उम्र 35 साल निवासी तिग्गा मोहल्ला शिवनी को आज दिनांक 25 अप्रैल 18 को मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा गया जिसमें थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजपूत एवं प्रधान आरक्षक जसवंत सिंह आरक्षक रुपेश एवं विवेक आरक्षक अभिषेक आरक्षक हरि ओम के द्वारा हिकमत अमली से गिरफ्तार किया गया.

जल पात्र का हुआ वितरण

सिवनी-आज आशकीय स्कूल संग़ठन अशेष पदाधिकारियों द्वारा कारीरात् एवं करैया में save water,Save Earth अभियान के साथ साथ जल पशु-पक्षियों के संरक्षण हेतु जल पात्र वितरित किए गए ,इसके साथ ही ग्रामीणों को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया ।

नरवाई की आग से जलकर खाख हुई लाखो की फसल : देखे वीडियो

सिवनी- जिला के लखनवाडा थाना अंतर्गत छिंदवाड़ा रोड पर स्तिथ ग्राम कारीरात में आज 25 अप्रैल की दोपहर लगभग 1 बजे किसानों द्वारा नरवाई को नष्ट करने के लिये लगाई गयी आग हवा के तेज प्रवाह के चलते ग्राम लखनवाडा पहुच गई ।

आग इतनी भीषण थी उसे बुझाने में 3 फायर वाहन भी कामयाब नही हो पाए जिससे लखनवाडा के किसान सुरेश बघेल,एवम सतीश बघेल के खेत मे कट कर रखी चने की बनड्डी को आग ने अपनी चपेट में लिया,

जहां करीब 50 से 80 किवटल चने की फसल चन्द मिनिटों में जलकर खाख हो गई।

घटना की जानकरी मिलते ही नपा सिवनी के फायर वाहन पहुचे लेकिन एक वाहन में डीजल खत्म हो जाने के कारन लखनवाडा थाने में पदस्थ आरक्षको ने डीजल डलवाकर फायर वाहन को कार्य मे लगाया ,
वही अन्य दो फायर वाहन सहित किसानों ने मोटर पंप का उपयोग कर आग को आगे बढ़ने से रोका ,

ज्ञात हो जिन खेतो में आग लगी थी वहां से कुछ ही मीटर दूर लखनवाडा ग्राम आरभ हो जाता है, भग्यवश आग गांव के अंदर नही पहुच पाई वरना बड़ी जन धन हानि हो सकती । घटना के बाद विधुत पोल गिर जाने से सारे इलाके की बिजली गुल हो गई वही समाचार लिखने तक आग पर काबू नही पाया जा सका था।