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अगली सुनवायी तक आरंभ नहीं होगा विधि महाविद्यालय का निर्माण कार्य

विधायक प्रतिनिधि शंकर मखीजा के प्रयास ने लाये रंग

सिवनी। मुख्यालय सिवनी के उपनगरीय क्षेत्र भैरोगंज में संचालित उत्कृष्ठ विद्यालय के पीछे की ओर स्थित जमीन पर विधि महाविद्यालय की इमारत बनाने हेतु गत दिनों प्रभारी मंत्री शरद जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया था मालूम हो कि उक्त इमारत लोक निर्माण विभाग पीआई द्वारा 650 लाख रूपये की लागत से करवाया जाना है।

इससे पूर्व विभिन्न खेल एवं सामाजिक संगठनों द्वारा नार्मन स्कूल के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में अंकित इस भूमि पर विधि महाविद्यालय का निर्माण नहीं कराये जाने का निवेदन प्रशासनिक अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों से किया गया था। ताकि नगर के इस महत्वपूर्ण मैदान में शिक्षा विभाग द्वारा स्वयं के स्वामित्व वाली खेलों के आयोजन हेतु भूमि रिक्त रह सके।

तमाम कोशिशों के बाद भी प्रशासन द्वारा इसी भूमि पर शासकीय विधि महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु भूमि पूजन करवाया गया, जिसके बाद नगर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की थी, आवेदक अध्यक्ष पालक शिक्षक संघ उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी  श्रीमति अनीता डहरवाल द्वारा दायर की गई याचिका पर गत 22 जून 2018 को माननीय न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी द्वारा आदेश देते हुये कहा गया कि अगली सुनवायी तक भैरोगंज उत्कृष्ठ विद्यालय सिवनी के ब्लॉक नंबर-13 प्लाट नंबर 2/1 पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया जाये। माननीय न्यायालय से प्राप्त सत्यप्रतिलिपि के अनुसार इस मामले को लेकर अगली सुनवायी 20 अगस्त 2018 को होगी, जिसके बाद संभवत: अंतिम आदेश जारी होगा।

वाहन की टक्कर से युवक मृत

सिवनी- जिले के छपारा थाना के अंतर्गत आनंद वाली बंजारी घाटी में आज लगभग 11 बजे अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी ,

जिससे मोटर सवार युवक की मौके पर मौत हो गई घटना की सुचना मिलते ही थाना छपारा के पुलिस कर्मी व् 108 वाहन मोके पर पहुच गया था,

घटना में संजय उईक पिता राजकुमार थाना बंडोल बल्लरपुर की मौत हो गई है।

दिग्विजय सिंह की राह पर शिवराज सरकार

अंधेरा कायम रहे, बिजली विभाग की मनमानी

सिवनी- मध्य प्रदेश सरकार चुनावी वर्ष में बता रही है कि कैसे उसने दिग्गी राजा के कार्यकाल के दौरान अंधेरे में डूबे प्रदेश को 24 घण्टे विद्युत् उपलबद्ध करवाई है, जहां पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहता है वही सिवनी के आदिवासी बाहुल्य घँसोर,कहानी,लखनादौन ,केवलारी,कुरई , 24 घंटे में सैकड़ो बार बिजली गुल रहती है इसीलिए लोग कहते हैं कि चिमनी तले अंधेरा या यूं कहें अंधेरा कायम रहे बिजली विभाग की मनमानी कहे या सरकार की नाकामी दिग्विजय सिंह के राह पर चल पड़ी शिवराज सरकार से अब जनता ऊब चुकी है। यही हाल दिग्विजय से सरकार कथा जिसे जनता ने 15 वर्ष सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था शायद अब शिवराज सरकार की बारी है।

काठ का पुतला बना विपक्ष

सिंगरौली में जहां आम नागरिक बिजली पानी से काफी परेशान हैं वहीं विपक्ष की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस, बसपा ,आम आदमी पार्टी कहां है वैसे तो महंगाई एवं अन्य मांगों को लेकर अन्य पार्टियों धरना प्रदर्शन कर रही हैं क्योंकि उनके पास इनवर्टर जंग लेटर उपलब्ध है लेकिन आम नागरिकों के पास क्या है । दरअसल कटौती का खेल ग्रामीण अंचलों में जारी है जहां की जनता बिजली की लेकर काफी परेशान है दिन भर दुकानों में गर्मी से परेशान रहते हैं तो रात में बच्चों के साथ जागरण करते रहते हैं और बिजली का बिल देख उपभोक्ताओं के माथे पर पसीना छूट जाता है ,शिवराज सरकार अभी भी होश में आ जाए अन्यथा सिवनी की जनता बख्शेगी नहीं।

पटरी पर आई बिजली, या पटरी से उतरी

यहां तक की भाजपा के कार्यकर्ता भी कहने से नहीं हिचकिचा रहे हैं की बरसात के कारण बिजली गुल हो रही है उन्हें कहने में भी शर्म नहीं आती की अभी बरसात शुरू ही नहीं हुई है। यह तो नजारा बरसात के पहले का है बरसात में क्या होगा यह तो ईश्वर ही जाने। दिल्ली से आंधी चलती है तो सिवनी की बिजली गुल पता नहीं शिवराज सरकार द्वारा कौन सा यंत्र लगवा दिया गया है । इतना तो सत्य है भाजपा सरकार जो भी मनमानी करें भक्त पक्ष में भजन कीर्तन गाने लगते हैं अगर यही हाल रहा तो भक्त किस मुंह से वोट मांगेंगे। यह हाल जब शहर का है तो गांव में क्या होगा। बड़ी बड़ी डींगें हाँकने से बेहतर होगा कि बिजली की समस्या से लोगो को निजात दिलाने का पहल करे नही तो आने वाले चुनाव में परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति – हम सिर्फ कमियों की ही बात क्यों करते हैं?

इस ब्लॉग में सद्‌गुरु हमें बता रहे हैं की विश्व की सभी बड़ी आर्थिक संस्थाएं भारत की तरक्की की ओर इशारा कर रही हैं, और हर अच्छे कदम की तारीफ करना जरुरी है। (कमेंट बॉक्स में आप अपनी राय अवश्य दे )

प्रश्न : जब हम भारतीय राजनीति या भारतीय अर्थव्यवस्था की बात करते हैं तो बहुत सारी कमियां या नकारात्मकता सामने आ जाती हैं। ऐसा क्यों हैं, सद्गुरु? सद्गुरु: आज हम ऐसे हो गए हैं कि कहीं भी कुछ नकारात्मक होता है तो हम कहने लगते हैं कि ‘बहुत राजनीति’ हो रही है। यह कितने अफसोस की बात है! राजनीति का मतलब देश में नीति बनाने जैसी एक बेहद महत्वपूर्ण गतिविधि है, जिससे यह तय होता है कि देश कैसे और किस दिशा में आगे बढ़ेगा। अफसोस की बात है कि राजनीतिज्ञों की इस तरह की छवि बन गई है। जहां तक भारतीय अर्थव्यवस्था में नकारात्मकता की बात है तो मेरा मानना है कि ऐसी बातें कुछ खास तरह के लोग फैला रहे हैं, जो नहीं चाहते कि देश तरक्की करे और आगे बढ़े।

आर्थिक संस्थाएं भारत की तरक्की की ओर इशारा कर रही हैं

अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कुछ महत्वपूर्ण व बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, जो दीर्घकालीन कदम हैं, जिन्हें उठाने के लिए साहस और एक दृढ़ निश्चय की जरूरत होती है। दुनिया की जितनी भी महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थाएं हैं, जैसे – वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, इंटरनैशनल मोनेटरी फंड व वर्ल्ड बैंक जैसी संस्थाएं और कुछ बेहद प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसियां, आज उनमें से ज्यादातर ये कह रही हैं कि भारत एक महत्वपूर्ण आर्थिक भविष्य की ओर बढ़ रहा है। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो यह दुष्प्रचार करने में लगे हैं कि यहां सबकुछ गलत हो रहा है। कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि ‘यह सब फिक्स किया हुआ है’। सुनकर मुझे लगा कि यह तो और भी शानदार बात है कि अगर भारत सरकार वाकई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, इंटरनैशनल मोनेटरी फंड, वर्ल्ड बैंक व मूडी जैसी संस्थाओं के साथ फिक्सिंग कर सकती है, तो इसका मतलब है कि हम वाकई बहुत अच्छा कर रहे हैं! अभी हाल तक देश की कुल तीन प्रतिशत आबादी ही कर(टैक्स) दे रही थी। आज कर से होने वाली आमदनी सौ फीसदी तक बढ़ गई है और यह हालत तब है जब अभी तक देश की सिर्फ चौंसठ प्रतिशत कंपनियों ने अपने कर का रिटर्न भरा है। अगर बाकी बची हुई छत्तीस प्रतिशत कंपनियां भी टैक्स रिटर्न भरेंगी तो राजस्व से होने वाली आय शायद डेढ़ सौ प्रतिशत तक बढ़ जाए।

जीएसटी लागू करने वाला भारत सिर्फ तीसरा देश है



कोई भी देश तब तरक्की करता है, जब देश की आर्थिक प्रक्रिया में सभी लोग भागीदारी करते हैं। देश ऐसे तरक्की नहीं कर सकता कि मैं अपनी छोटी सी अर्थव्यवस्था चलाऊं और आप अपनी अलग छोटी सी अर्थव्यवस्था चलाएं। तो अभी तक जो लोग इसी तरह से काम करते रहे हैं, वो लोग इस नई व्यवस्था पर थोड़े हैरान हैं और हालात से संघर्ष कर रहे हैं। हालाँकि कई वैध तरीके से काम करने वाले कारोबारी व संस्थाएं भी इससे थोड़ा परेशान हो रहे हैं। लेकिन यह तकलीफ तो होनी ही थी, जब 42 अलग-अलग तरह के करों को मिलाकर एक कर बनाया गया। यह कोई छोटी कोशिश नहीं थी, पूरी दुनिया में सिर्फ सात ऐसे देश हैं, जिन्होंने यह कदम उठाया है। इन सात में से पांच देशों ने इस तरह से कर ढांचा बनाया है कि उसमें एक संघीय स्तर का कर है, और एक राज्य स्तर का कर है। दुनिया में दो ही देश ऐसे हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक जीएसटी लागू किया है। इस कड़ी में भारत तीसरा देश बन गया है। भारत एक ऐसा देश है जो अपने आप में इतनी विविधताओं से भरा है और यहां अर्थव्यवस्था छोटी-छोटी आर्थिक गतिविधियों से विकसित हुई है। यहां हर कस्बे की अपनी अलग अर्थव्यवस्था है। यहां अर्थव्यवस्था एक संगठित तरीके से विकसित नहीं हुई, यह लोगों का उद्यम(मेहनत) था, जिसने अर्थव्यवस्था का रूप लिया। अगर भारत को एक आर्थिक ताकत बनना है, तो बिलकुल यही समय है कि छोटी-छोटी अर्थव्यवस्थाओं को संगठित करके राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का रूप दिया जाए। आज भारतीय आबादी का लगभग साठ प्रतिशत हिस्सा कुपोषित है। जब मैं आर्थिक शक्ति की बात करता हूं तो मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के सारे लोग अच्छी तरह से खाएं। मेरे लिए इसका यही मतलब है।

हर अच्छे कदम की तारीफ होनी चाहिए

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस राजनैतिक दल से आते हैं या आप किस धर्म से हैं, असली चीज है कि जब कोईं सकारात्मक कदम उठाया जाए तो हम सब को इसके समर्थन में खड़े होना चाहिए। भले ही ऐसा करने में हमें थोड़ी दिक्कत का सामना ही क्यों न करना पड़े। आपमें कम से कम इतनी जागरूकता तो होनी ही चाहिए कि आप देख सकें कि किस चीज में हर इंसान की भलाई छिपी है, फिर भले ही वो काम आपका दुश्मन या विरोधी ही क्यों न कर रहा हो, आपको उसके लिए ताली बजानी चाहिए। तभी आप एक समझदार इंसान कहलाएंगे। चूंकि मैं आपको पसंद नहीं करता, इसलिए आप जो भी करेंगे, मैं उसके बारे में नकारात्मक चीजें ही कहूंगा – जीवन जीने का यह बेवकूफी भरा तरीका है। इस तरह तो दुनिया में कभी भी कोई अच्छी चीज नहीं होगी। तो सारे आर्थिक मापदंड साफतौर पर कह रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था के कदम मजबूत हो रहे हैं, लेकिन यहां कुछ लोग हैं, जो रो-पीट रहे हैं, क्योंकि उनके पैसे का नुकसान हो गया। हम लोगों को एक बेहद कठोर तरीके से याद दिलाया गया है कि मुद्रा का मतबल ही है कि इसे हमेशा चलन में रहना चाहिए। यह सिर्फ एक साधन है, कोई उत्पाद या वस्तु नहीं है कि आप इसको जमा करके रखें।


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रास्ते में है मानसून अगले 24 घण्टे में पहुंच जाएगा MP

पिछले कुछ दिनों से कमजोर रहने के बाद मानसून फिर से गति पकड़ रहा है। मौसम विभाग ने 48 घंटों के भीतर झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून के तेजी से सक्रिय होने की आशंका जताई है। फिलहाल ज्यादातर इलाकों में हल्की बारिश का क्रम बना रहेगा। वही उत्तरी पश्चिमी राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा सहित कई राज्यों में हल्की बारिश हो सकती है। कई जगह तूफान भी आ सकता है।

मौसम विभाग ने 25 जून को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजधानी और आसपास के इलाकों में आज भी हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार शनिवार को बंगाल की खाड़ी की ओर से आने वाला मानसून सक्रिय हो गया है। महीने के अंत में मानसून उत्तर भारत में भी छा जाएगा। बता दें कि झारखंड, बिहार तथा मध्य प्रदेश में मानसून समय से 10 दिन लेट चल रहा है।

पूर्वोत्तर भारत में मानसून की भारी बारिश जारी है। जिस कारण से कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात तक पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों में पूर्वोत्तर में भारी बारिशकी चेतावनी भी जारी की है। लेकिन मौसम विभाग की ओर से जारी किए आंकड़ों के अनुसार पिछले 23 दिनों में बारिश में दस फीसदी की कमी देखने को मिली है। इस समय सीमा के अंदर लगभग 110 मिमी बारिश होनी चाहिए लेकिन 99.5 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। पश्चिम भारत में 24, पूर्वोत्तर में 29 और मध्य भारत में 9 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। वहीं तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में सामान्य से 29 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है।

अज्ञात बीमारी से मोठार के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती

सिवनी -जिले के छपारा विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोठार में विगत तीन दिनों से ग्रामीण अज्ञात बीमारी की चपेट में आये हुये है जिसकी सूचना विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलेश को मिलने के पश्चात गांव में तीन दिनों से शिविर लगाया गया, लेकिन इसकी जानकारी जिला कलेक्टर एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। जिसके चलते इस अज्ञात बीमारी ने गांव के और लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और आज स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। तब विभाग के अधिकारी और डॉक्टर जागे।

जिला चिकित्सालय में विगत गुरूवार, शुक्रवार एवं शनिवार के इन तीन दिनों में लगभग 30 से अधिक ग्रामीण भर्ती हो चुके है उपचार हेतु भर्ती ग्रामीणों ने बताया कि इन्हें हाथ-पैर और जोड़ों में दर्द होने के साथ सिर दर्द और बुखार भी आ रहा है। चिकित्सालय में लगभग एक दर्जन पुरूष, एक दर्जन महिलाएं एवं आधा दर्जन बच्चे उपचार हेतु भर्ती है जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है। आज प्रात: जब अज्ञात बीमारी से भर्ती मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं जिला कलेक्टर गोपालचंद्र को लगी तो वे मरीजों को हाल जाननेअस्पताल पहुंचे।

चिकित्सालय के मेल मेडिकल वार्ड, महिला मेडिकल वार्ड एवं शिशु में संतोषी डहेरिया, चौशीला लोधी, रामजलि जंघेला, सहजपुरी डहेरिया, बसंती जंघेला, ब्रजकली जंघेला, फूलवती यादव, रूपाली जंघेला, दीवांशी 9 माह, दुर्गा 5 साल, रोशनी 10 साल, खुशबू, धन्नक जंघेला, देवीसिंह जंघेला, दयाराम चौधरी, सुरत डहेरिया, अंकित डहेरिया, कलीराम लोधी, बलराम लोधी, महतलाल लोधी, नर्मवदी लोधी सहित अन्य ग्रामीण उपचार हेतु जिला चिकित्सालय में भर्ती है।

ट्रक की चपेट में आयी महिला की मौत

सिवनी- जिले के धनौरा थाना के ग्राम लावेशर्रा निवासी सुभाष बरकडे की पत्नी सोनिया वरकडे उम्र 35 साल, लकडी से लदे ट्रक को ओव्हरटेक करते समय ट्रक के नीचे आ जाने से मौके पर मौत हो गयी,

महिला दुपहिया वाहन में धनौरा से लावेसर्रा वापिस जा रही थी जबकी ट्रक धनौरा की तरफ आ रहा था।

उक्त ट्रक क्रमांक mp 20 G 0917 जबलपुर के गुरूनानक ट्रांसपोर्ट का बताया जा रहा है।

….सफाई कर्मियों की अवैध हड़ताल

सफाई कर्मियों की हड़ताल अवैध ठहरायी सीएस ने

जिला चिकित्सालय की सफाई के लिये मनमाने तरीके से रखे गये सफाई कर्मियों की हड़ताल को अस्पताल के सिविल सर्जन (जिन्हें पद से हटाने शासन के द्वारा दिसंबर 2017 में आदेश जारी किया गया था) डॉ.आर.के. श्रीवास्तव ने अवैध करार दिया है।

शनिवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.आर.के.श्रीवास्ताव द्वारा जिला चिकित्सालय के सामने सफाई कर्मियों द्वारा की जा रही हडताल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया है कि यह हड़ताल पूरी तरह से अवैधानिक है।

उक्त संबंध में उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में निविदा शर्ताें के अनुरूप मेसर्स कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विस को जिला चिकित्सालय की साफ सफाई व्यवस्था का कार्य सौंपा गया थाजिसे शासन के निर्देश के अनुसार 31 मार्च 2018 को बंद कर दिया गया था तथा जिला चिकित्सालय की सफाई व्यवस्था के मद्देनजर अगली व्यवस्था तक तत्कालीन मजदूरी दर पर मौखिक सहमति से कॉमथेन सिक्योरिटी सर्विस के कर्मचारियों को 15 जून 2018 तक कार्य पर रखा गया था। इसके लिये रोगी कल्यारण समिति द्वारा कोई भी अनुबंध पत्र व कार्यादेश जारी नहीं किये गये थे।



उन्होंने बताया कि विगत 14 जून को आयोजित हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार आउटसोर्स के माध्यम से सफाई कर्मियों की व्यवस्था हेतु मेसर्स न्यू जय अम्बे सर्विस को कार्य दिया गया है तथा सफाई कर्मियों को माह अप्रैलमई तथा 15 जून तक का सम्पूर्ण वेतन संबंधितों के खाते में जमा कर दिया गया है।

इस विज्ञप्ति में इस साल अक्टूबर माह में सेवा निवृत्त होने वाले सिविल सर्जन डॉ.आर.के. श्रीवास्तव के हवाले से यह नहीं बताया गया है कि 01 अप्रैल से 15 जून तक रखे गये सफाई कर्मियों की भर्त्ती के लिये क्या निविदा जारी की गयी थी। इसके अलावा क्या जय अंबे सिक्योरिटी को दिये गये सफाई के ठेके के संबंध में क्या निविदा आमंत्रित की गयी हैके बारे में भी कुछ स्पष्ट नहीं कहा गया है।

वहीं सफाई कर्मियों के बीच चल रहीं चर्चाओं के अनुसार उनको जब रोगी कल्याण समिति के द्वारा रखा गया थातब उसके बाद उनका न तो पुलिस वेरीफिकेशन कराया गया था और न ही स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया था। इसी तरह वर्तमान में काम करने वाली सफाई एजेंसी के द्वारा भी कर्मचारियों का पुलिस वेरीफिकेशन और स्वास्थ्य परीक्षण अब तक नहीं कराया गया है।


जब हुई चापलूसी की हद : पहले अश्लील विडियो फिर जूता राजनीति

हले अश्लील विडियो फिर जूता राजनीति

सिवनी- पद प्रतिष्ठा और अभिमान ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि इंसान को अपने ही पांव में जूते पहनने के लिए किसी का सहारा लेना पड़ जाए। जी हाँ ऐसी चर्चा इन दिनों सिवनी जिले में एक विधायक द्वारा पद लोलुपता के चलते घटित कृत्य के वायरल हुए वीडियो को देखकर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनती जा रही है। लोग अपने तरह-तरह के कयास लगाने लगे हैं कोई कहते नहीं थक रहा है कि यह सब नौटंकी बाज विधायक के लिए कुछ भी नहीं है। वहीं दूसरी ओर लोगों का कहना है कि इस विधायक ने अभी से बता दिया कि कांग्रेस की परिपाटी ऐसी है जहां पैर पकड़ने और जूता पहनाने के बाद के बाद ही शुरू होती है।

लोगों ने यहां तक कहना शुरू कर दिया कि जब विधायक जैसे लोग अपने नेता के पांव पर जूते डाल रहे हैं तो आम जनता इससे ज्यादा क्या कर पाएगी…? प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश की पूर्व राज्यपाल स्व. श्रीमती उर्मिला सिंह के निधन के… पश्चात उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने उनके गृह ग्राम सिवनी जिले के आदिवासी विधानसभा क्षेत्र लखनादौन के अंतर्गत ग्राम घूरवाड़ा पहुंचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पडोसी जिले छिंदवाड़ा से सांसद कमलनाथ ने सबसे पहले स्व. श्रीमती उर्मिला सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि देकर उनके पुत्र लखनादौन विधानसभा क्षेत्र के विधायक योगेंद्र सिंह बाबा व अन्य परिजनों संग बैठकर शोक संवेदना प्रकट करते हुए श्रीमती सिंह के राजनीतिक जीवन की चर्चा भी की और वहां उपस्थित जिले भर से आए हजारों की संख्या में कांग्रेसियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर चर्चा करते हुए कुछ समस्याओं से ग्रसित ग्रामीणों ने अनेकों आवेदन देकर श्री नाथ से सहयोग व निराकरण के लिए अपील की।



अपने मुख्य कार्यक्रम को समाप्त कर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ शोकाकुल परिवार से विदा लेकर जाने को तैयार हुए इस दौरान उनके साथ बिल्कुल बराबरी से चल रहे जिले की खास विधानसभा क्षेत्र के विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह ने श्री नाथ के पैरों में झूककर जूते पहनाते हुए देखे गए। जिसकी वीडियो वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने अपने कैमरे में कैद कर ली।

उक्त वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि अपनी पद लोलुपता के लिए व्याकुल ठाकुर खानदान से जिला-महाकौशल ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में अपनी स्पष्ट साफ सुथरी राजनीतिक छवि के पुरोधा कांग्रेस शासन के त्रिविभागीय मंत्री रहे स्व. ठाकुर हरवंश सिंह जिन्हें क्षेत्र की जनता दादा ठाकुर कहकर संबोधित करती थी के होनहार पुत्र केवलारी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रजनीश हरवंश सिंह किस तरह झुककर सांसद / प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ को जूते पहना रहे हैं। ज्ञात होवे कि रजनीश सिंह वहीं विधायक हैं जो समय-समय पर क्षेत्र की जनता को आकर्षित करने और मनोरंजन करने के लिए तरह-तरह के रुप धारण कर लेते हैं। ये वही विधायक हैं जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में अपने मोबाइल से वाट्सअप ग्रुप में अश्लील वीडियो डालकर जिले की जनता को चौका दिया था। मध्यप्रदेश विधानसभा में एक जिम्मेदार जनता के सेवक के रुप में चुने जाने वाले विधायक श्री सिंह के इस कृत्य का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो तरह तरह की चर्चाओं का दौर शुरु हो गया।

विधायक के इस कृत्य और प्रदेशाध्यक्ष की सहजता को देकर साफ तौर पर आमजन को यह सीख देती है कि अब कांग्रेस में अपना पद पाने और काम कराने के लिए खुशामद के अलावा चरण वंदना सहित चरण पादुका भी धारण कराना भी आना चाहिए।