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सिवनी: शिक्षिका पर हाथ उठाने वाला प्राचार्य ससपेंड, जांच दल की रिपोर्ट के बाद कमिश्नर ने लिया एक्शन

सिवनी: महिला शिक्षिका के पर हाथ उठाने वाले प्राचार्य को ससपेंड किया गया है. बीते 08 अप्रैल 2024 को खबर सत्ता ने प्रमुखता से महिला शिक्षिका पर हाथ प्राचार्य द्वारा हाथ उठाए जाने वाली खबर प्रकाशित की गयी थी. जिसका शीर्षक “सिवनी: प्राचार्य ने शिक्षिका के सिर पर मारा तमाचा, FIR दर्ज; जांच दल गठित – VIDEO” था.

जानकारी के अनुसार संभागायुक्त अभय वर्मा ने शिक्षिका को सिर पर चाटा मारने के प्रकरण में जिला स्तरीय जांच दल के प्रतिवेदन के आधार पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैररांझी के प्राचार्य पृथ्वीपाल सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में ठाकुर का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिवनी नियत किया गया है।

क्या था मामला

केवलारी ब्लॉक में हायर सेकेंडरी स्कूल खैररांजी में शिक्षिका ने अपने ही स्कूल के प्राचार्य पर गंभीर रूप से आरोप लगाए थे कि प्राचार्य के द्वारा शिक्षिका के सर पर हाथ मारा गया इतना ही नहीं अपशब्द भी बोले गए. शिक्षिका ने आगे आरोप लगाते हुए अपने बयान दिए हैं कि पूर्व में भी अशोभनीय शब्दों के माध्यम से ऐसे कई बार प्राचार्य की बातों को मर्यादा के रूप में सहन की लेकिन इस बार की घटना से मैं बेहद आहत हुई इसलिए मैंने अपने से उच्च अधिकारी जिसमे जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से शिकायत की है एवं पुलिस थाना केवलारी में शिकायत लिखवाने पहुंची थी।

इस पूरे मामले को डिटेल में समझने के लिए यहां क्लिक करें: सिवनी: प्राचार्य ने शिक्षिका के सिर पर मारा तमाचा, FIR दर्ज; जांच दल गठित – VIDEO

सिवनी की रोशनआरा के गाने “Senti Akhiyaan” ने मचाया धमाल: Youtube पर 2M दर्शकों ने दिया प्यार

सिवनी: रोशनआरा कुरेशी (Roshanara Qureshi) एक नाम जो सिवनी (Seoni) शहर की मिट्टी से निकला है और संगीत की दुनिया में अपना विशेष स्थान बना रहा है। उनके गाने और संगीत की शैली में एक अलगा जोश है, जो सुनने वालों को उत्साहित करता है और मनोरंजन का अनुभव प्रदान करता है।

बचपन से ही संगीत का जुनून

रोशनआरा कुरेशी (Roshanara Qureshi) का संगीत में प्रेम बचपन से ही था। उन्होंने अपने जीवन के इस सफर में संगीत के प्रति अपनी रुचि को बनाए रखा। बचपन में ही रोशनआरा के दिल में संगीत के प्रति प्यार और उत्साह का संगम था, जो उन्हें अपने सपनों की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।

Roshanara Qureshi के संगीत का सफर

रोशनआरा कुरेशी का संगीत का सफर अद्वितीय और प्रेरणादायक है। उनका पहला स्वरचित गाना “बेवकूफियां” ने संगीत इंडस्ट्री में धमाल मचा दिया। उन्होंने अपनी खुद की आवाज और गायन के जरिए लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया और संगीत के जगत में अपना विशेष स्थान बनाया।

Senti Akhiyaan Music Video – Sona Mohapatra | Ram Sampath | New Hindi Song 2024 | Omgrown Music

Roshanara Qureshi की Sona Mohapatra के साथ कलाकारिता

रोशनआरा कुरेशी की योग्यता ने उन्हें सोना महापात्रा के साथ सहयोग का मौका दिलाया। उनका गाना “सेंटी अखियां” सोना महापात्रा के साथ एक अद्वितीय और मनोरंजक संगीत अनुभव प्रदान करता है। इस गाने ने सोना महापात्रा की आवाज और रोशनआरा कुरेशी द्वारा लिखी एक लाइन ने जुगलबंदी का संचार किया है, जिसने लोगों के दिलों में स्थान बना लिया है।

Senti Akhiyaan Song की लोकप्रियता

रोशनआरा कुरेशी द्वारा लिखे गए इस गाने की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। उनका गाना “सेंटी अखियां” यूट्यूब पर 2 मिलियन से अधिक दर्शकों की तादाद को दर्शाता है। इस गाने ने सोना महापात्रा और रोशनआरा कुरेशी को संगीत की दुनिया में एक नया मील का पत्थर रखा है।

रोशनआरा कुरेशी एक ऐसी गायिका और लेखिका है जिनकी आवाज और लेखन ने संगीत के जगत में एक नई ध्वनि पैदा की है। उनके गाने और संगीत की भावनाओं से भरी आवाज लोगों के दिलों को छू रही है और उन्हें संगीत के माध्यम से अपनी कहानी सुनाने का मौका दे रही है।

मोदी ने जबरन लगवा दी खून का थक्का जमाने वाली वैक्सीन! आपने भी लगवाई है कोविशील्ड तो घबराएं नहीं, प्रोपगेंडा से बचने के लिए यह वीडियो देखें

मोदी ने जबरन लगवा दी खून का थक्का जमाने वाली वैक्सीन! आपने भी लगवाई है कोविशील्ड तो घबराएं नहीं, प्रोपगेंडा से बचने के लिए यह वीडियो देखें. चुनाव आते ही गोरी चमड़ी के देश के अखबार की एक कतरन में तीन वर्ष पहले की ही उपलब्ध जानकारी दिखाकर आपको वापस पैनिक में भेजा जा रहा है. हालाँकि इसमें हमारे देश के कुछ अनपढ़ पत्रकारों और संपादकों द्वारा पब्लिश सनसनी वाली हेडलाइन पढ़कर लोगों में काफी दर का माहौल बन गया है.

खबरें मीडिया में आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर और ज्यादा दर का माहौल बनाया जाने लगा है कि सरकार ने जबरदस्ती गाँव गाँव और शहर शहर सरकारी कर्मचारियों को भेजकर कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई थी.

आसान भाषा में समझिए की कोविशील्ड के कारण रक्त का थक्का जमना होता भी तो वैक्सीन लगने के चार से बयालीस दिनों के भीतर जम चुका होता टी टी एस (TTS) में रक्त का थक्का जमने और प्लेटलेट्स कम बनने का संकट अति दुर्लभ होता है वह भी बयालीस दिन तक ही होता है.

भारत में अब तक लगभग पौने दो अरब टीके लगे हैं जिसमें केवल अठारह लोगों को यह समस्या आई थी चुनाव के समय आपको गोरी चमड़ी के देश के अखबार की एक कतरन में तीन वर्ष पहले की ही उपलब्ध जानकारी दिखाकर आपको वापस पैनिक में भेजा जा रहा है.

जिम करने वाले स्वस्थ युवकों को हार्ट अटैक आने के पीछे ऐसी कोई स्टडी नहीं है जो इसे वैक्सीन से जोड़ सके आप जो बुखार के लिए पैरासिटामोल लेते हैं, उसके कारण भी लिवर फैल हो सकता है. सड़क पर चलने मात्र से आपकी अकाल मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है इसका मतलब यह नहीं है कि आप घर से बाहर ना निकले

एलोपैथी की कोई दवा ऐसी नहीं है जिसके दुष्प्रभाव की संभावना नहीं होती, सामान्य दवाइयां भी कुछ लोगों में रियेक्ट करती है. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन से लेकर रेमडेसिविर के बीच मरते बचते लोगों को वैक्सीन देकर जीवित बचाने और ना देकर मरने के लिए छोड़ने के बीच इस सरकार ने आपका जीवन चुना है. तो जानकारी रखिए और प्रोपागंडा से बचिए

सिवनी: शोपीस बनकर रह गया बरघाट का बाबासाहेब आंबेडकर “नवीन बस स्टैंड”

सिवनी, बरघाट: दो वर्ष से एक यात्री बस तक नहीं पहुंच पाई है। नगर परिषद बरघाट द्वारा निर्माणाधीन नवीन बस स्टैंड दो वर्षों से सिर्फ शो पीस बनकर खड़ा है। इस नवीन बस स्टैंड में दो वर्षों के अंतराल में किसी भी यात्री बस ने नहीं रुका है। आज भी बरघाट का बस स्टैंड पुराने स्थान पर ही संचालित हो रहा है, जहां मनमाने तरीके से यात्री बसें खड़ी रहती हैं। कभी-कभी तो यात्री बसें मुख्य रोड पर ही खड़ी की जाती हैं, जिससे आने वाले दिनों में आवागमन में बाधा होने का खतरा है।

बैल बाजार के स्थान पर हुआ नवीन बस स्टैंड का निर्माण

नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रंजीत वासनिक द्वारा नगर परिषद टीम के साथ डॉ. बाबा अम्बेडकर के नाम पर निर्मित बस स्टैंड का उद्घाटन किया गया था। इसी स्थान पर सुगम काम्प्लेक्स के रूप में अनेक कमरों का निर्माण भी किया गया है, जहां अब अनेक बेरोजगार युवा अपनी दुकानें चला रहे हैं।

विकास की गति को लगा विराम

नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर रहते हुए रंजीत वासनिक ने बरघाट में कई विकास कार्य किए। लेकिन विकास की गति में अब विराम आ गया है। नगर परिषद की बागडोर अब भाजपा के हाथों में है, लेकिन नगर की जनता को विकास से जुड़ी कोई उपलब्धि नहीं दिख रही है।

नगर की जनता से मिला था अच्छा समर्थन

बरघाट नगर परिषद के चुनावों में भाजपा के पांच और कांग्रेस के तीन पार्षद चुने गए थे, लेकिन विकास मोर्चा के नाम पर रंजीत वासनिक के सात पार्षदों को जनता ने समर्थन दिया था। लेकिन अध्यक्ष के रूप में बिठाए गए कांग्रेस-भाजपा के पार्षद ने नगर परिषद की गतिविधियों में विकास को ध्यान में रखने में कोई गति नहीं दिखाई।

आवागमन को सुदृढ़ कर पाएगी नगर परिषद

हाल ही में नगर परिषद बरघाट द्वारा मेन रोड से 45 फुट की दूरी को लेकर नाप-जोख किया गया है, क्योंकि रोड के किनारे अतिक्रमण का मामला बढ़ रहा है। वर्तमान में नगर परिषद की बागडोर में डिवाइडर रोड का निर्माण भी है, जो कि वर्षों से रुका हुआ है। क्या नगर परिषद बरघाट इसे पूरा कर पाएगी, यह जानने के लिए समय ही बताएगा।

Delhi NCR School Bomb News: दिल्ली के लगभग 1000 स्कूलों को बम की धमकी, ‘काफिरों का बुरा हाल होगा…’ वाला ईमेल; एंटी बम स्क्वॉड मौके पर

Delhi NCR School Bomb News: दिल्ली के द्वारका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल समेत करीब 100 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बच्चों को स्कूल से बाहर निकाला गया. पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है. जानकारी के मुताबिक, स्कूल में बम होने की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस, एंटी बम स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं. स्कूल परिसर को खाली कराकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है.

बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी और नोएडा के लगभग 1000 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दहशत फैल गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मयूर विहार में मदर मैरी स्कूल, द्वारका में दिल्ली पब्लिक स्कूल, चाणक्यपुरी में संस्कृति स्कूल, वसंत कुंज में दिल्ली पब्लिक स्कूल और साकेत में एमिटी स्कूल ऐसे कुछ स्कूल हैं जिन्हें ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिली थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय पुलिस को ईमेल के बारे में सूचित करने के बाद सभी स्कूलों को खाली करा लिया गया है। “हमें जानकारी मिली कि एक ही ईमेल कई स्कूलों को सुबह लगभग 4:15 बजे भेजा गया था। हमने कार्रवाई की और स्कूलों को बंद करने और छात्रों को घर वापस भेजने का निर्णय लिया।

सभी स्कूलों में जांच चल रही है और हमारी तकनीकी शाखा है ईमेल की जांच से ऐसा लगता है कि यह एक सामूहिक ईमेल है…मैं छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध करना चाहता हूं कि वे शांत रहें और घबराएं नहीं। हम प्रत्येक स्कूल की जांच करा रहे हैं और संपर्क में हैं स्कूल प्रशासन…” डीसीपी साउथ वेस्ट रोहित मीना ने कहा

कई स्कूलों को खाली कराए जाने के बाद गृह मंत्रालय और एलजी सक्सेना ने बयान जारी किया. एमएचए ने अपने बयान में कहा, “एमएचए (गृह मंत्रालय) का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह फर्जी कॉल प्रतीत होती है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ​​प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक कदम उठा रही हैं।” व

हीं एलजी सक्सेना ने बुधवार को मिली बम की धमकी पर रिपोर्ट मांगी है. सक्सेना ने एक पत्र में कहा, “पुलिस आयुक्त से बात की और दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में बम की धमकियों पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी। दिल्ली पुलिस को स्कूल परिसरों में गहन तलाशी लेने, दोषियों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई चूक न हो।”

शुरुआती जांच में पुलिस ने जानकारी दी है कि धमकी भरा मेल कल से कई जगहों पर भेजा गया है. स्कूलों को मिली बम की धमकी पर दिल्ली पुलिस ने कहा, “मेल में डेट लाइन का जिक्र नहीं है और बीसीसी का जिक्र है, जिसका मतलब है कि एक मेल कई जगहों पर भेजा गया है. फिलहाल जांच की जा रही है.”

“हमें स्कूल से संदेश मिला कि अपरिहार्य स्थिति के कारण, स्कूल आज बंद रहेगा। हमें स्थिति की जानकारी नहीं थी लेकिन बाद में हमें पता चला कि स्कूल में बम होने की धमकी दी गई है। हाल ही में, कुछ स्कूलों को एक संदेश मिला था बम की धमकी वाला ईमेल लेकिन यह अफवाह निकला…” डीपीएस द्वारका के एक छात्र के माता-पिता प्रवीण ने कहा।

इससे पहले, कथित तौर पर आतंकवादी 111 के रूप में पहचाने जाने वाले एक समूह की ओर से एक खतरनाक ईमेल ने देश भर में सुरक्षा उन्माद पैदा कर दिया था, जिससे देश भर के 24 हवाई अड्डों और टर्मिनलों पर सतर्कता बढ़ा दी गई थी।

सिवनी: किराना दुकान में आबकारी विभाग की रेड, 80 पाव देशी मसाला, 100 पाव देशी प्लेन और 48 बोतल पॉवर-10000 बीयर बरामद; अंकित बघेल को भेजा जेल

सिवनी: सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल के निर्देशानुसार आबकारी विभाग द्वारा जिले में लगातार अवैध शराब के भंडारण, निर्माण तथा परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में प्राप्त सूचना के आधार पर सिवनी शहर के निकट ग्राम कंडीपार में बघेल किराना दुकान में आबकारी विभाग की टीम द्वारा छापा मारा गया और भारी मात्रा में अवैध शराब जप्त की गई है।

आबकारी टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम कंडिपार में बघेल किराना दुकान से अवैध शराब बेची जा रही है और किराना दुकान में बहुत अधिक मात्रा में शराब का स्टॉक रखा गया है। आबकारी विभाग की टीम ने तत्काल ग्राम कंडीपार में मौके पर पहुँचकर बघेल किराना दुकान में छापा मारा और भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद कर जप्ती की कार्यवाही की गई।

मौके से 80 पाव देशी मसाला मदिरा, 100 पाव देशी प्लेन मदिरा एवं 48 बोतल पॉवर-10000 बीयर बरामद कर जप्त किये गए हैं। जप्त शराब की कुल मात्रा 56.4 लीटर है। मौके पर उपस्थित युवक अंकित बघेल आत्मज बालकृष्ण बघेल वर्ष निवासी ग्राम कंडीपार को मौके से गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) क एवं 34(2) के अंतर्गत आबकारी शहर वृत सिवनी में आपराधिक प्रकरण अपराध क्रमांक 52 /24 कायम किया गया है।

आरोपी अंकित बघेल को मंगलवार 30 अप्रैल 2024 को माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिवनी के समक्ष पेश कर रिमांड लिया गया और माननीय न्यायालय के आदेश से आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। कार्यवाही में प्रणय श्रीवास्तव, सहायक जिला आबकारी अधिकारी के साथ राजेश सिंघल आबकारी उप निरीक्षक, खुशबू प्रिया मरावी आबकारी उप निरीक्षक, आरक्षक सुरेंद्र तिवारी, संतराम मरावी एवं आनंद सिंह मरावी का सराहनीय योगदान रहा है।

सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल ने किये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी: अब खुले बोर एवं नलकूप में नहीं रही सुरक्षा व्यवस्था तो इस धरा के तहत होगी कार्यवाही

सिवनी: सिवनी कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी क्षितिज सिंघल ने व्यक्तिगत या सार्वजनिक भूमि पर किए गए नलकूप एवं बोरवेल में सुरक्षा व्यवस्था के इंतेजाम को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक भूमि पर नलकूप खनन एवं बोरवेल का निमार्ण करने के उपरांत उसकी सुरक्षा का इंतेजाम न करने पर संबंधित के विरूद्ध धारा 144 द.प्र.सं. के अधीन प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जाएगी।

जारी आदेशानुसार भूमि/परिसर के मालिक को बोरवेल / कुएं के निर्माण के लिए कोई भी कदम उठाने से पहले क्षेत्र के संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) / मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत/मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर पालिका/परिषद / पंचायत या ग्राम पंचायत के सरपंच/पार्षद को कम से कम 15 दिन पहले लिखित रूप में सूचित किया जाना होगा। सभी ड्रिलिंग एजेंसियों को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से अपना पंजीयन करवाना होगा।

बोर/कुएं के मालिक को निर्माण दौरान साईन बोर्ड लगाना होगा। जिसमें बोर/कुएं के मालिक का नाम एवं पता एवं ड्रिलिंग एजेंसी का नाम एवं पता उल्लेखित करना होगा। इसी तरह बोर/कुएं के निर्माण के दौरान भूमि के मालिक को चारों ओर कांटेदार तार की बाड़ या कोई अन्य उपयुक्त अवरोध खड़ा करना करना होगा। बोर/कुएं के आवरण के चारों ओर भूमि के मालिक को निम्नतम (0.50×0.50×0.60 मीटर (जमीनी स्तर से 0.30 मीटर उपर जमीन के स्तर से 0.30 मीटर नीचे) मापने वाले सीमेंट / कंक्रीट प्लेटफार्म का निर्माण करना होगा।

इसी तरह बोर/कुएं के निर्माण पश्चात् भूमि मालिक / ड्रिलिंग एजेंसी को स्टील प्लेट को वेल्डिंग करके या बोल्ट और नट के साथ केसिंग पाईप पर एक मजबूत कैंप लगाकर वेल असेंबली की कैपिंग करनी होगी। कुएं या बोर के मालिक को पंप की मरम्मत के मामले में ट्यूबवेल को खुला नहीं छोडा जाए। मरम्मत का कार्य पूर्ण होने के पश्चात् मिटटी के गडडों और नालियों को भरना सुनिश्चित करेगें।

अनुपयोगी बोर/कुएं को को मिटटी/रेत/बोल्डर/कंकड़/ ड्रिल कटिंग आदि से भरना सुनिश्चित करेगें। ड्रिलिंग होने के पश्चात् जमीन की स्थिति पूर्ववत् किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामवार बोर / कुएं के निर्माण पश्चात् उपयोग में आने वाले बोर/कुओं की संख्या एवं अनुपयोगी बोर / कुओं की निगरानी / दस्तावेजीकरण ग्राम पंचायत / कृषि विभाग के माध्यम से किया जायेगा। शहरी क्षेत्रों में में उपरोक्त निगरानी / दस्तावेजीकरण नगरपालिका/परिषद / पंचायत द्वारा किया जावेगा जिसकी संख्यात्मक जानकारी उचित माध्यम से जिला स्तर पर भी प्रेषित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्र यदि कोई बोर/कुआं किसी भी स्तर पर अनुपयोगी हो जाता है तो इसका एक प्रमाण-पत्र ग्राम पंचायत/कृषि विभाग को एवं शहरी क्षेत्र में नगरपालिका/परिषद/पंचायत को देना होगा। जिसमें इस आशय का स्पष्ट उल्लेख होगा कि परित्यक्त/अनुपयोगी बोरवेल को जमीनी स्तर तक ठीक प्रकार से भर दिया गया है।

कार्यकारी एजेंसी/विभाग द्वारा परित्यक्त/अनुपयोगी बोरवेल का आकस्मिक निरीक्षण किया जाकर दस्तावेज संधारित किया जाएगा। उक्त दिशा-निर्देशों का पालन कुएं / बोर निर्माण किए जाने वाले सभी भूमि मालिक / ग्राम पंचायत एवं संबंधित विभागों द्वारा अनिवार्य रूप से किया जावेगा। उपरोक्त के अनुक्रम में राज्य शासन द्वारा सुरक्षात्मक उपायों को लागू किए जाने हेतु निम्नानुसार दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जिसका विवरण निम्नानुसार है:-

नलकूप खनन कार्य के पंजीयन एवं मॉनीटरिंग हेतु पोर्टलः विभिन्न विभागों / संस्थाओं/निजी व्यक्तियों द्वारा शासकीय/अशासकीय उपयोग हेतु खनित कराए जाने वाले नलकूपों की मॉनीटरिंग हेतु नलकूपों, नलकूप खनन करने वाली एजेंसी, मशीन तथा नलकूप खनन कराने वाले विभाग / संस्थाओं / व्यक्तियों की जानकारी को ट्रैक करने हेतु पोर्टल का निर्माण एम.पी.एस.ई.डी.सी. के माध्यम से कराया जा रहा है। इस पोर्टल पर नलकूप खनन मशीन, खनन एजेंसी को पंजीयन कराना आवश्यक होगा तथा इस पोर्टल पर नलकूप खननकर्ता/एजेंसी द्वारा नलकूप खनन संबंधी जानकारी दर्ज की जावेगी। पोर्टल का अनुश्रवण एवं उपयोग जिला कलेक्टर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा किया जाएगा।

नगरीय निकायों तथा जिला/जनपद / ग्राम पंचायतों को नलकूप खनन से संबंधित जानकारी को पोर्टल पर नियमित अनुश्रवण करना होगा। नलकूप खनन की सूचना पोर्टल पर प्राप्त होने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खनन उपरांत संबंधित व्यक्ति / संस्था / विभाग द्वारा नलकूप के उपर हैंडपंप / सबमर्सिबल पंप स्थापित कर दिया गया है तथा यदि नलकूप में जल आवक क्षमता प्राप्त नहीं होती है / जल आवक क्षमता कम प्राप्त होती है तो नलकूप की केसिंग के उपर स्टील प्लेट का कैंप लगाकर कैप को नट बोल्ट लगाकर केसिंग में फिक्स कर नलकूप के चारो ओर (0.50×0.50×0.60 meter 0.30 meter above ground level and 0.30 meter below ground level) के साईज का सीमेंट कांकीट ब्लॉक बनाया जाना होगा।

यदि किन्हीं कारणों से नलकूप abandoned होता है, तो नलकूप को संबंधित नलकूप खननकर्ता एजेंसी/व्यक्ति द्वारा मिट्टी/रेत/मुरम आदि से जमीन की सतह तक भरने की कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी। खुले / बंद बोरवेल के केसिंग की कैपिंग का तकनीकी विवरण संलग्नक-01 अनुसार होगा ।

यदि भवन निर्माण अथवा अन्य कारणों के लिए नलकूप/पाइल का खनन किया जाता है, तो खनन की अवधि के दौरान कार्यस्थल की सुरक्षा/बैरिकेटिंग इस प्रकार की जाए, जिससे स्थल के आस-पास कोई बच्चा न पहुँचे सके ।

नगरीय निकायों, जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों से संबंधित जन प्रतिनिधियों एवं अभियंताओं तथा अन्य शासकीय अमले को नलकूप खनन के पश्चात उसकी सुरक्षा एवं नलकूप के खुले होने की स्थिति में सुरक्षात्मक कार्यवाही के संबंध में समुचित प्रशिक्षण दिया जाए एवं ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में इस संबंध में पर्याप्त प्रचार प्रसार भी किया जाए। ग्रामसभाओं तथा नगरीय निकायों की बैठकों में भी इसका प्रचार प्रसार किया जाए ।

राज्य शासन द्वारा उपरोक्तानुसार सुरक्षात्मक उपायों को लागू किए जाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों / संस्थाओं/एजेंसी / व्यक्तियों की होगी।

यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(2) के तहत एक पक्षीय आदेश पारित किया किया गया है। आदेश से व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(5) के अन्तर्गत कलेक्टर न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी

सिवनी: ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत! कान्हीवाड़ा के पास ट्रैक पर मिला परासिया का यात्री, रेलवे ट्रैक के पास गैंगमैन को दिखा था…

सिवनी: सिवनी ज़िले के कान्हीवाड़ा क्षेत्र में बीते शनिवार की सुबह ट्रेन से गिरने की वजह से यात्रा कर रहे एक यात्री की इलाज के दौरान मौत हो गई.

समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार कान्हीवाड़ा से लगभग एक कि.मी. की दूरी पर गैंगमैन ने एक व्यक्ति को पटरी के पास घायल अवस्था में देखा. जिसके बाद गैंगमैन ने तुरंत ही कॉल कर एम्बुलेंस की मदद से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

घायल व्यक्ति का इलाज चल रहा था उसी समय इलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई। मौत के पहले तक हुई बातचीत में घायल व्यक्ति ने पारसिया में घर होना बताया था। शनिवार शाम तक व्यक्ति की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। जिसके बाद पुलिस ने शव को मर्चुरी में सुरक्षित रख दिया था।