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बन्द को लेकर संघटन आमने सामने

सिवनी – अशासकीय शैक्षणिक संगठन सिवनी की 5 अगस्त को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं को आने वाली कठिनाईयों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगमन के दौरान 7 अगस्त को 16 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा जावेगा। संगठन द्वारा अपनी मांगो को लेकर किसी प्रकार से ऐसा कार्य नही किया जा रहा जिससे प्रशासन को बाधा उत्पन्न हो और ना ही बंद का आव्हान किया जाये इस तिथी में सभी शैक्षणिक संस्थायें प्रतिदिन की भांति लगाई जावेगी एवं अशैस के सदस्य मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। उक्त बैठक में डॉ.केके चतुर्वेदी,आरपी रघुवंशी,अखिलेश तिवारी,संतोष चौबे,वायएस राणा,वाय ठाकरे, श्री पांडे, सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।

वही प्राइवेट स्कूल ऐशोशियन स्कुल बन्द करने के साथ ज्ञापन सोपने की जानकारी सार्वजनिक कर चुका है,पी एस ऐ के सचिव नरेश राजूपत ने बताया कि उनके सघटन से जुड़े सभी स्कुल कल बन्द रहेगे।

कुल मिलाकर देखा जाय तो कल के स्कुल बन्द व खुला रहने के समाचारों से पालक जरूर परेशान है जिनको अभी तक ये जानकारी नही है कि उनके बच्चे जिस स्कुल में पढ़ रहे हे वो बन्द है खुले रहेगे?

अंकित और ऋषभ के नेतृत्व में सेल्फी विथ कैम्पस से जगाई राष्ट्रवाद की अलख

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सिवनी द्वारा पूरे जिले में जिला संयोजक अंकित सिंह ठाकुर एवम सेल्फी विद कैंपस जिला प्रमुख ऋषभ कटरे के नेतृत्व में सेल्फी विथ कैंपस अभियान चलाया गया जिसमें जिले भर के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के प्रत्येक कैंपस में सेल्फी ली गई ।

ज्ञात हो कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह अभियान राष्ट्रव्यापी अभियान है जो की पूरे देश भर में एक साथ 30 जुलाई से 4 अगस्त तक चलाया गया इस सेल्फी विथ कैंपस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र छात्राओं को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ना एवं शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों का पाठ पढ़ाना है।

इस अभियान में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल समस्त शासकीय एवं अशासकीय डिग्री महाविद्यालय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय समस्त आईटीआई एवं अन्य शैक्षणिक संस्था नो मैं यह अभियान चलाया गया एवं सेल्फी ली गई। यह अभियान जिले के सभी विकास खंडो में ब्लॉक संयोजकों एवं सेल्फी विद कैंपस के ब्लॉक प्रमुखों के नेतृत्व में किया जा रहा है

इस अभियान में जिला संयोजक अंकित सिंह ठाकुर,जिला संगठन मंत्री देवी सिंह,जिला सह संयोजक आयुष चौहान, सेल्फी विद केंपस प्रमुख ऋषभ कटरे,नगर मंत्री खिरेश जरगे, विकासखंडों में बरघाट में अंकित सूर्यवंशी एवं विनय राहंगडाले,लखनादौन में आदित्य झारिया, छपारा में मोहित राजपूत एवं विकास सैयाम,केवलारी में मोहित उपाध्याय एवं अनिल गुमास्ता, कुरई में सागर अहिरवार एवं पीयूष चौरावार, घंसौर में सौरभ तिवारी के नेतृत्व में चलाया गया।

अशैस सौंपेगा ज्ञापन,शालायें नही रहेंगी बंद

सिवनी – अशासकीय शैक्षणिक संगठन सिवनी की 5 अगस्त को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं को आने वाली कठिनाईयों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आगमन के दौरान 7 अगस्त को 16 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा जावेगा। संगठन द्वारा अपनी मांगो को लेकर किसी प्रकार से ऐसा कार्य नही किया जा रहा जिससे प्रशासन को बाधा उत्पन्न हो और ना ही बंद का आव्हान किया जाये इस तिथी में सभी शैक्षणिक संस्थायें प्रतिदिन की भांति लगाई जावेगी एवं अशैस के सदस्य मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। उक्त बैठक में डॉ.केके चतुर्वेदी,आरपी रघुवंशी,अखिलेश तिवारी,संतोष चौबे,वायएस राणा,वाय ठाकरे, श्री पांडे, सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।

नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ हुई कार्यवाही

सिवनी- जिला मुख्यालय सिवनी के अकबर वार्ड बारापथर में सचालित प्रॉईवेट कोचिग सेंटरो के आस पास घूमने वाले मनचलों व नाबालिग छात्र छात्राओं के खिलाफ आज शाम 5 बजे से एक अभियान कोतवाली पुलिस द्वारा चलाया गया।

जिला पुलिस अधीक्षक विवेकराज सिंह के निरेदश अनुसार नगर कोतवाल अरविन्द जैन के नेतृव में आज 26 वाहनों के खिलाफ चालनी कार्यवाही की गई । इस दौरान नाबालिग बच्चो के पालको को बुलाकर समझाइश दी गई

कार्यवाही में ए एस आई

खेमेंद्र जेतवार,पी एस आई चित्रा कुमरे,आरक्षक अभिराज ठाकुर,परवेज खान,मनोज सूर्यवंशी,अवदेश बघेल शामिल थे।

महत्वपूर्ण सौगातों पर डाले जा रहे है अड़ंगे- रविंद्र

सिवनी-शासकीय विधि महाविद्यालय के निर्माण में रोक यह विषय कुछ दिनों से ज्यादा ही सुर्खी में है ,लोग अपने अपने तर्क रख रहे है जिन्हें मामले की ए बी सी डी भी नही पता वे भी इस मामले में यहां वहां की फेंककर राजनीतिक माहौल खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं । चिंतन ग्रुप द्वारा इस विषय को चर्चा में लाया गया ,दोनों पक्षो को समझा ओर समझाया गया तब जाकर जल्द हल निकलने की उम्मीद जताई गई है ।भैरोगंज में शासकीय बहुउद्देशीय शाला के इस मैदान पर कचरा फेका जाता रहा है इतने वर्षों में वहां काफी मात्रा में अतिक्रमण भी हो गया किसी भी खेल प्रेमियों को अथवा स्कूल प्रशासन को खेल मैदान बनवाने की याद नही रही संभवतः ऐसा प्रयास किया जाता होता तो आज यह स्थिति न खड़ी होती । उस खाली पड़े मैदान का किसी भी रूप से वर्षो प्रयोग नही किया जा रहा है तब ,2015 में कलेक्टर भरत यादव द्वारा इस जमीन को विधि महाविद्यालय हेतु आवंटित किया गया एवं 6 करोड़ 50 लाख रुपये निर्माण हेतु स्वीकृत भी कर दिए गए जिस पर कमिश्नर जबलपुर द्वारा स्वीकृति भी प्रदान की थी किन्तु तब तथाकथित खेल प्रेमी जाग गए ,ओर सिवनी को बामुश्किल मिलने वाली इस सौगात को नजर लगा दी गई

अडंगे प्रारम्भ ???

सिवनी को हमेशा से ही छल मिला है कोई भी योजना आने के पूर्व या समय पर कोई न कोई विघ्न अवश्य आ जाता है और वह योजना अगल बगल के जिलों में चली जाती है इसके जिम्मेदार जो भी है जनता अच्छे से जानती है ,विधि महाविद्यालय के निर्माण में जिन लोगो ने स्टे लगाया है में उनसे मात्र यही निवेदन करना चाहूंगा कि ,यह अहम करने का समय नही धैर्य से विचार का समय है ऐसा कोई काम आपके द्वारा न हो कि आने वाली पीडियां आपको धिक्कारें की आप लोगो के कारण सिवनी से यह सौगात छिनी ,आज हर उच्च शिक्षा के लिए सिवनी के विद्यार्थियों को शहर से बाहर जाना पड़ता है इस बात की पीड़ा को समझें खेल मैदान का कोई भी विरोधी नही । वहां इतनी जमीन है कि विधि महाबिद्यालय ओर खेल मैदान दोनों बहुत अच्छे से बन सकते है , वैसे भी उस मैदान से उत्कृष्ट स्कूल की काफी दूरी है फिर भी मैदान बनने में कोई भी दिक्कत नही अगर इस स्टे को जनहित में हटाया जाता है तो भविष्य में सभी का सहयोग खेल मैदान हेतु प्राप्त हो सकता है ,अतः जो भी निर्णय ले

सोच समझकर ले जिससे सिवनी का हित हो अहित नही ,क्योंकि बहुत मुश्किल से सिवनी को कुछ मिलता है .

VIDEO थाना परिसर में हुआ पौधरोपण

सिवनी- जिला मुख्यालय के बरघाट रोड में बने डुंडा सिवनी थाना प्रभारी दिलीप पंचेव्सर की नियुक्ति के बाद से पुलिसिंग के अलावा सामाजिक कार्य करने के लिये चर्चाओं में रहा है।

आज 5 अगस्त को इसी क्रम में थाना परिसर डुंडा सिवनी में हरियाली महाउसत्व के तहत पौधा रोपण किया गया,

इस अवसर पर एस डी ओ पी ( पुलिस) सिवनी एस .एन .पाठक थाना प्रभारी ,ए एस आई राजूपत सहित स्टाफ व स्थानीय गणमान्य नागरीक मौजूद रहे।

2 वाहनों में 4 मृत सहित 58 पशु जप्त

लखनादौन- गोकशी की लगातार सूचना मिलने के बाद लखनादौन नगर निरीक्षक महादेव नागोतिया गत दिवस मुखबिर की सूचना में घात लगाकर दो ट्रक ट्रकों में 58 वर्षों को पकड़ा जिसमें चार गाय मृत अवस्था में मिली ज्ञात रहे की गत दिनों लखनादौन थाना अंतर्गत ग्राम सहजपुरी के समीप ट्रक क्रमांक सी जी 04 जेबी 1465 में से 20 गाय,9 नाटा, 2 नग बैल तथा 1 सांड को पुलिस ने जप्त किया तथा दूसरे ट्रक एम एच 49, 0297 में से 14 गाय, 8 नाटा, दो बैल 2 सांड जप्त किए जिनमें से चार गाय मृत पाई गई इसके साथ ही दोनो ट्रकों के डीजल टैंक में मिट्टी तेल की भरपूर मात्रा पाई गई । इसके साथ ही ड्राइविंग के केबिन के पीछे की तरफ पांच-पांच लीटर की कैन मिट्टी तेल से भरी हुई जप्त की गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को जप्त कर म. प्र. गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 6अ/9 मध्य प्रदेश कृषक पशु परीक्षण अधिनियम 6(ग), 7, 10, पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 (7) , मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 66/192 भादवि के तहत मामला दर्ज कर दोनों ट्रकों पर राजसात की कार्यवाही की अनुशंसा की गई है। उक्त पूरी कार्यवाही में एसपी विवेक राज सिंह के दिशा निर्देश और एसडीओपी देवी सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महादेव नागोतिया, एएसआई ईश्वर पटले, प्रधान आरक्षक मनमोहन मिश्रा व संतोष बेन, आरक्षक अमित रघुवंशी, प्रियंका तिवारी, राहुल कुशवाहा, मोंटी गोखले,खेमचंद किरार प्रकाश उइके, सैनिक राजकुमार शामिल थे

ऐसे भी होते हैं पुलिसवाले

इंदौर- महिला एसआई ने कचरे में मिली नवजात को स्तनपान कराया जबकि पास में खड़ी महिलाओं ने उसे हाथ तक नहीं लगाया गुरुवार को इंदौर-महू रोड पर डिसेंट कॉलोनी के समीप कचरे के ढेर में दो दिन की नवजात बालिका मिली। सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची। आरक्षक सुभाष और एसआई अनिला पाराशर ने बच्ची को कचरे से निकाला और बेहद सावधानी के साथ अस्पताल पहुंचाया।

बच्ची के साथ अस्पताल पहुंची एसआई अनिला पाराशर ने आस पास खड़ी महिलाओं से उसे दूध पिलाने का अनुरोध किया। इस पर कोई उस बच्ची को हाथ तक लगाने को तैयार नहीं हुआ। अनिला खुद एक साल के बच्चे की मां है और उन्होंने बिना देर किए बच्ची को स्तनपान कराया। शुक्रवार को जब बच्ची को अस्पताल से इंदौर के चाइल्ड लाइन द्वारा संचालित छाया केंद्र पर लाया गया तब भी अनिला ने ही उसकी मां की भूमिका निभाई।

घटना बहुत छोटी सी है लेकिन इससे हमें यह भी पता चलता है कि पेशा कोई भी हो किसी का अच्छा या बुरा होना उसके व्यक्तित्व पर निर्भर करता है। जरूरी नहीं कि हर पुलिसवाला बुरा ही होता है या फिर हर साधु-संत अच्छा ही होता है.

भाजपा की मदद से चुनाव जीतने पर आमादा रजनीश

सिवनी- (नन्दन श्रीवात्री)जरा जरा सी बात पर सबसे आगे आकर मंच लूटने वाले जिले के बहुचर्चित विधायक आखिर अपने विधानसभा क्षेत्र में हुए एक गंभीर और आपराधिक मामले में कैसे चुप्पी साधे बैठे हैं। अपने ही विधानसभा क्षेत्र में घटित एक प्रदेश स्तरीय मुद्दे को ना भुना पाना कांग्रेसी विधायक का दोहरा चरित्र दर्शाता है। कभी खुद ही वाट्सअप ग्रुप में अश्लीलता परोसकर बहुचर्चित हुए विवादास्पद विधायक हर स्तर पर जाकर अपनी राजनीति को दिनोंदिन निखारते चले जा रहे हैं। अपनी विधानसभा से परे हटकर प्रदेश स्तरीय राजनीति में उछल कूद कर छोटी से छोटी बात को सोशल मीडिया पर लाकर वाहवाही लूटने वाले विधायक को अपनी ही पार्टी के लिए लाभकारी मुद्दा मिलने के बाद भी चुप्पी साधे रहना आखिर क्या दर्शाता है…? क्या विधायक रजनीश सिंह को अपनी पार्टी और वरिष्ठ जनों पर भरोसा नहीं रहा या फिर इतने गंभीर मुद्दे को ना उठाकर भाजपा को लाभ पहुंचाकर अपनी जीत सुनिश्चित करने की कोई गुप्त योजना है। अब स्पष्ट है कि ठाकुर रजनीश सिंह अपनी कांग्रेस पार्टी के भरोसे नहीं बल्कि भाजपा के कृपा पात्र बनकर आगामी चुनाव जीतने की जुगत में हैं !

अपने ही विधानसभा में घटित ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी साधे रखने वाले युवा जुझारू विधायक जहां एक नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ ऐसी घिनौनी हरकत वो भी एक जिम्मेदार और नामी व्यक्ति के द्वारा जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बार बार अपने प्रदेश के भांजे-भांजियों की सुरक्षा और उन पर आने वाली

कांग्रेस शासन काल में त्रिविभागीय मंत्री रह चुके स्व. हरवंश सिंह की राजनितिक विरासत को संभालने में नाकामयाब केवलारी विधानसभा क्षेत्र के युवा तुर्क विधायक ने बीतते पांच सालों के कार्यकाल में क्षेत्रीय जनता के हित और क्षेत्रीय विकास के लिए कभी भी सत्तारूढ़ भाजपा सरकार का विरोध तक नही किया क्योंकि वो जानते हैं कि विधानसभा चुनावों में भाजपा के कुछ स्थानीय नेता ही उनको अंदर से भरपूर समर्थन करते हैं। इसी एहसान के चलते कांग्रेस के विधायक रजनीश सिंह ने अपनी ही पार्टी और वरिष्ठजनों को भ्रम में रखकर इतने बड़े संवेदनशील मुद्दे को उठाने के बजाए अहसान का बदला चुकाकर इस मामले में कोई बयान या विज्ञप्ति ना तो सोशल मीडिया में और ना ही अखबारों के माध्यम से जारी किया। इससे प्रतीत होता है कि ठाकुर रजनीश सिंह का अपनी ही पार्टी और पार्टी के जिम्मेदार वरिष्ठजनों पर से विश्वास उठ गया है।

केवलारी का राजनितिक इतिहास गवाह है कि भाजपा के केंडिडेट भितरघात के कारण ही वर्षो से पराजित हो रहे है। इसी क्रम को आगे बढ़ाने के लिये रजनीश सिंह ने भाजपा की रीढ़ की हड्डी माने जाने संघ से जुड़े शिक्षक बाल गोविन्द दुबे के मामले पर मौन धारण कर रखा है। जबकि ऊक्त मुद्दा ना केवल नाबालिक बच्ची के साथ हुए मानसिक व दैहिक शोषण का था बल्कि ये एक ऐसा कृत्य था जिसका विरोध स्वयं भाजपा के पूर्व महामंत्री सन्तोष नगपुरे तक ने किया जबकि सत्ता में उनका ही दल सवालों के घेरे में आ गया था। इतना ही नहीं इश गंभीर मुद्दे को लेकर पूरे जिले में जमकर बयानबाजी होती रही और विरोध में विधानसभा मुख्यालय केवलारी कोना-कोना बंद रहा। सवाल यह है कि आखिर अपने ही विधानसभा क्षेत्र में घटित नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ हुए गंभीर मामले को लेकर केवलारी में बुलाये गये बन्द के दौरान क्यों विधायक रजनीश सिंह नदारद रहे…? यहाँ तक कि वो एक बयान तक प्रेस को नहीं दे पाए जो इस कृत्य का विरोध करता दिखाई देता…?

सूत्रों की मानें तो संघ कैडर की ताकत रजनीश सिंह भलि भांति जानते हैं। जबकि उनकी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लगातार प्रदेश में घटित हो रहे छेड़छाड़ बलात्कार जैसी घिनौनी हरकतों व घटनाओं को चुनावी मुद्दा बनाने में लगे हैं।

कुल मिलाकर एक बार फिर ठाकुर रजनीश सिंह ने पिछली विधानसभा चुनावों में संघ व भाजपा के उन कार्यकताओं का अहसान चुकया है जो भीतरघात कर उनकी मदद करते चले आ रहे हैं। अब देखना है कि भाजपा अपने इन भीतरघात करने वालों को किस तरह से सबक सिखाएगी।

जानवरो की तरह भेजी गई खो खो टीम

सिवनी – जिला शिक्षा विभाग के खेलकूद विभाग द्वारा खो-खो प्रतियोगिता की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता जबलपुर में आयोजित की गई है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिये सिवनी से 7 टीम भेजी गई है देखा गया कि इस टीम को पहुंचाने के दौरान खेलकूद प्रभारी जस्सी थामस द्वारा जानवरों की तरह बच्चों को बस में भरकर भेजा गया जबकि सिवनी से जबलपुर पहुंचने में लगभग 3 से 4 घंटे लगते है।

गौरतलब है कि प्रत्येक टीम में 12 खिलाड़ी होते है और कुल 7 टीम में 72 खिलाड़ी एवं 5 शिक्षक को शामिल किया जाता है इतने लोगों को पहुंचाने के लिये 30 सीटर बस की व्यवस्था खेलकूद प्रभारी द्वारा की गई थी और बच्चों को भी जाने के लिये सही समय ना बताने के कारण प्रात: 5 बजे से बच्चे कचहरी चौक में बस के इंतजार में घूमते दिखे जब उनसे चर्चा की गई तो इन बच्चों ने बताया कि पूरे जिले की 7 टीमें जबलपुर जा रही है और 4 एवं 5 अगस्त को हमारा मैच होगा।

प्रश्न इस बात का है कि जानवरों की तरह बच्चों को जबलपुर ले जाने के बाद तत्काल ही मैच खिलाये जाने पर बच्चे अपनी प्रतिभा को कैसे प्रदर्शित करेंगे यह चिंतन का विषय है इतना ही नही जब बच्चे जा रहे थे इस दौरान ना तो कचहरी चौक में शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी उपस्थित था और ना ही खेलकूद अधिकारी ऐसे में बच्चों की दरकार सुनने वाला भी कोई नही था यह पहली बार नही बल्कि शिक्षा विभाग द्वारा हर बार इसी तरह खिलाडियों को पहुंचाया जाता है जबकि खेलकूद के लिये विभाग द्वारा पर्याप्त राशि दी जाती है इसके बावजूद भी खेलकूद अधिकारी की उदासीनता लोगों की समझ से परे है।