भोपाल । वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में आज वयोवृद्ध तेंदुआ नैना की मृत्यु हो गई। नैना संभवत: देश की सबसे उम्रदराज तेंदुआ थी। आमतौर पर तेंदुआ की औसत आयु 18 से 20 वर्ष होती है। नैना को फरवरी 2005 में नीमच वन मंडल से 13 वर्ष की आयु में वन विहार लाया गया था। वन विहार प्रबंधन की विशेष देखभाल के कारण नैना ने अपनी औसत उम्र से अधिक जीवन प्राप्त किया।
संचालक श्रीमती समीता राजौरा ने बताया कि वृद्धावस्था के कारण तेंदुआ नैना का शरीर काफी कमजोर हो गया था। वन्य प्राणी चिकित्सक की देख रेख में इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा था। नैना को किसी भी प्रकार की कोई बीमारी नहीं थी। कमजोरी के चलते उसे विटामिन और मिनरल्स दिये जा रहे थे। उसने दो दिन से खाना-पीना छोड़ दिया था।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उगली के 3 कर्मचारी अनुपस्थित पाए जाने पर निलंबित
सिवनी । सिवनी कलेक्टर द्वारा आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उगली का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं पाया गया ।
तब सिवनी कलेक्टर ने उगली ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से मरीज बनकर फोन लगाकर बातचीत की , बातचीत में मरीज (सिवनी कलेक्टर) ने चिकित्सालय में कोई भी चिकित्सक, नर्स एवं अन्य अमला उपस्थित नहीं होने के बारे में बताया तो बी एम ओ केवलारी ने कहा कि यहीं कहीं आस पास होंगे मैं दिखाता हूं। जिसके बाद सिवनी कलेक्टर ने संबंधित अमले को कर्त्तव्य अवधि के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर निलंबित किया ।
सिवनी – अपना कार्य तो सभी करते है लेकिन वह लोग महान होते है जो राष्ट्र के लिये कुछ सोचते है और राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिये प्रयास करते है ।
वर्तमान में जिले के मुखिया जिला कलेक्टर द्वारा नगर को स्वच्छता के क्षेत्र में नम्बर-1 बनाने के लिये योगदान दिया जा रहा है जिसमें छात्राओं ने भी इस कड़ी में अपनी शाला को स्वच्छ बनाने के लिये ना केवल झाडू लेकर सफाई की बल्कि उस कचरे को नष्ट करने के लिये आग भी लगाई और संकल्प लिया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी।
उल्लेखनीय है कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कन्या महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना दल प्रभारी डॉ.श्रीमती अर्चना चंदेल द्वारा शाला में व्याप्त कचरे को एकत्र कर डस्टबीन में एकत्र कर और एकता का परिचय दिया।
इस अवसर पर आरती साहू, भारती सराठे, संध्या परते, प्रिया श्रीवास, चांदनी मालवी, रातरानी भलावी, दिपाली विश्वकर्मा, प्रज्ञा मेश्राम, सोनम सूर्यवंशी, दीपिका परते, प्रीति सनोडिया, कीर्ति यादव, नीलू सनोडिया, शांति यादव, अनुपमा डोंगरे, रामकली सिनवेदी, साक्षी चन्द्रवंशी, डिलेश्वरी पारधी, प्रज्ञा बघेल, अंजली डहेरिया, रोशनी मर्सकोले, ममता भगत आदि शामिल थे।
सिवनी । इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित ब्लड बैंक में रक्त की आपूर्ति को निरंतर बनाये रखने के लिये जिले की सामाजिक, धार्मिक, स्वयं सेवी एवं राजनैतिक संगठन समय-समय पर रक्तदान शिविर का आयोजन करते है ताकि चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को समय पर उचित गु्रप का रक्त आसानी से उपलब्ध हो।
इसी क्रम में आज प्रात: 10 बजे नगर में सक्रिय महिलाओं के संगठन उष: चेतना मंच द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जहां सर्वप्रथम उपस्थित महिलाओं को श्रीमति मनीषा चौहान द्वारा रक्तदान से होने वाले लाभ के संबंध में जानकारी दी गई। ब्लड बैंक में पदस्थ कर्मचारियों की मदद से दोपहर 1 बजे तक 25 यूनिट रक्त का संग्रहण शिविर के माध्यम से एकत्र हो चुका था।
सिवनी-छपारा से गुजरने वाली बैनगंगा नदी में अज्ञात शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। बीते दिनों में नदी में कई ऐसे शव मिले हैं जिनकी शिनाख्त नहीं हो पायी है।
गुरूवार को भी एक बुजुर्ग का शव नदी किनारे मिलने से सनसनी फैल गयी। सुबह लगभग नौ बजे बैनगंगा नदी के पुल वाले घाट पर स्थानीय लोगों ने पानी के अंदर सिर डूबे हुए एक वृद्ध का शव देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस के द्वारा तुरंत ही घाट पर पहुँचकर शव को निकलवाया गया और फिर शिनाख्त के लिये स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिये बुलाया गया।
बताया जाता है कि पुलिस को स्थानीय निवासियों ने बताया कि मृतक अक्सर अस्पताल के आसपास देखा गया था। पुलिस के द्वारा मृतक के संबंध में सामुदायिक चिकित्सा केंद्र के चिकित्सकों से पूछा गया तो जानकारी लगी कि मृतक पलंग नंबर छः पर छः जनवरी से इलाज हेतु भर्त्ती था।
बताया जाता है कि मरीज का नाम ज्वार सिंह (लगभग 55 साल) पिता मानसिंह निवासी ग्राम देवरी था, उसके साथ उसका कोई परिजन नहीं था। पुलिस के द्वारा मृतक की शिनाख्त के प्रयास किये गये पर इन पंक्तियों के लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पायी थी। वृद्ध मृतक के पास से प्लास्टिक के काले जूते, सफेद रंग की पछिया, शाल, बण्डी, कुर्त्ता और बनियान पहने हुए है।
कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच ने किया शिक्षकों को निलंबित
सिवनी- 9 जनवरी कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच द्वारा आज केवलारी विकासखंड पहुंचकर विभिन्न ग्रामों में शासकीय स्कूलों, धान उपार्जन केंद्रों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया | श्री प्रवीण सिंह सर्वप्रथम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उगली पहुंचे | जहां प्रातः 10.40 को प्राचार्य श्रीमति डी. बिसेन सहित अध्यापक श्रीमति आशा ठाकुर, श्रीमति तेजेश्वरी पारधी, कु. रंजना महले, श्रीमति अंजना घासले तथा श्री सुरेन्द्र कुमार पटले एवं लेखा प्रभारी राजेश ठाकुर व सहायक ग्रेड-2 फूलचंद उईके अनुपस्थित पाए गए | जिस पर कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा संबंधित शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश देने के साथ ही संबंधित बीआरसी तथा बीओ को अधीनस्थ अमले पर नियंत्रण ना कर पाने तथा पदेन दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न उनकी एक वेतन वृद्धि तत्काल से रोक दी जाए |
उपार्जन केंद्र उगली का किया निरीक्षण…
इसके उपरांत कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह उपार्जन केंद्र उगली पहुंचे | परिवहन प्रक्रिया धीमी पाई गई | जिस पर कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा जिला प्रबंधक | नागरिक आपूर्ति निगम को तत्काल 10 अतिरिक्त वाहन उपार्जन केंद्र में लगाए जाने के निर्देश दिये | इसके अतिरिक्त जिला खाद्य अधिकारी को अपने अधिनस्थ अमले को उपार्जन केंद्र की व्यवस्था में लगाने के निर्देश दिये | प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उगली के निरीक्षण में पदस्थ अमला नदारत मिला जिन पर आनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये |
माध्यमिक शाला सोनखार, चुरनाटोला एवं अन्य शालाओं का किया निरीक्षण….
कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह अढ़ायच अपने दौरा कार्यक्रम में माध्यमिक शाला सोनखार, प्राथमिक शाला बगलई, माध्यमिक शाला चुरनाटोला पहुँचे | जहाँ उन्होने बच्चों से चर्चा कर उनका प्रोत्साहन किया एवं गणित, विज्ञान विषयों के प्रश्न बच्चों से किए तथा बच्चों को आगामी परीक्षा को लेकर अच्छे से पढ़ाई करने की बात कही | कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह अढ़ायच ने कक्षा मे बैठकर कर शिक्षकों की अध्यापन शैली का अवलोकन भी किया तथा शैली में वांछित सुधार के बारे में शिक्षक को निर्देशित करने के साथ ही बच्चों की शिक्षा में विशेष ध्यान देने की बात कही |
सहकारी बैंक एवं समिति का निरीक्षण कर ऋण माफी योजना अंतर्गत की जा रही कार्यवाही का किया अवलोकन….
कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह अढ़ायच ने सहकारी बैंक एवं सहकारी समिति केवलारी पहुँचकर मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना अंतर्गत कृषकों के ऋण खाते में आधार सीडिंग प्रक्रिया का अवलोकन कर अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने की बात कही |
उन्होने समिति में उपस्थित कृषकों को योजना के बारे में संपूर्ण जानकारी देकर अन्य कृषक साथियों को बताने की अपील की | कृषकों की यूरिया उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता ना होने की शिकायत को लेकर उन्होने प्रबंधक म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ को 2 दिवस के भीतर पर्याप्त उर्वरक समिति मे उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
सिवनी- वन अपराध से सम्बंधित यह मामला वर्ष- 2018 का है । जिला सिवनी के दक्षिण सिवनी सामान्य वनमंडल परिक्षेत्र कुरई ,बीट धंतोली व्रत जामयपानी के अंतर्गत में आने वाले ग्राम मिलवा से जिलावार की यह घटना है । दिनांक 19-01-18 को रात्रि लगभग 08: बजे विनायक राव पटले वनरक्षक को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भिलवा एवं जिलापुर के बीच राजस्व छेत्र में वन्य प्राणियों के शिकार हेतु ग्राम जिलावार निवासी राजकुमार उर्फ सुदामा पिता रामसिंह भलावी द्वारा स्वयं के खेत मे विद्युत करंट फैलाया गया था जो अभी भी करंट लगा हुआ चालू है ।
इस सूचना पर बीट गार्ड विनायक राव पटले द्वारा छेत्र से सम्बंधित बीटगॉर्ड , परिछेत्र सहायक , सुरक्षा श्रमिक व स्थानीय विद्युत लाइनमैन को साथ लेकर ग्राम भिलवा से जिलापुर विद्युत लाइन को चेक करने गए चेकिंग के दौरान रात्री करीब 9:30 बजे विद्युत लाइन बंद चालू हुई तब सभी स्टाफ द्वारा लाइन को चेक करते हुये रामसिंह भलावी के खेत मे पहुचे वहाँ बास की खूंटी गड़ी हुई थी जिसमे जी0आई0 तार लगा हुआ था तथा खेत के मेड पर लगी खुटियों के बीचो बीच जी0आई0 तारों के नीचे एक वन्यप्राणी तेंदुआ विद्युत करेंट लगने से मृत पड़ा हुवा था । जिस पर खेत के मालिक रायसिंह भलावी और आरोपी राजकुमार से पूछताछ की गई ,पूछताछ पर यह सिद्ध हुआ की आरोपी राजकुमार ने कि घटना स्थल पर उसके द्वारा जंगली सुअर का शिकार के उद्देश्य से खेत मे खूटियों की सहायता से लोहे की जी0आई0 तारों को लगाकर करेंट चालू किया था जिससे तेंदुआ को करेंट लगने और उस तार में फसने से उसकी म्रत्यु हुई । वन विभाग द्वारा अपराध पर मामला बनाकर सम्पूर्ण कार्यवाही और विवेचनापूर्ण पश्चात आरोपी के विरुद्ध परिवाद न्यायालय में पेश किया था ।
जिस पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट – श्रीमती सुमन उइके , की न्यायालय में सुनवाई की गई थी जिस पर शासन की और से सहायक जिला अभीयोजन अधिकारी सिवनी – नवल किशोर सिंह के द्वारा गवाहों और पंचनामो को न्यायालय में प्रस्तुत कराया एव महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत कर मामले को साबित कराया गया। जिस पर उपरोक्त माननीय न्यायालय ने आरोपी राजकुमार भलावी को तेंदुए के शिकार के अपराध में 02- साल के सश्रम कारवास एवं 2000 रुपये जुर्माने से दण्डित करने का निर्णय सुनाया .
घंसौर – नगर घंसौर में शासकीय भूमि पर फैले अतिक्रमण को हटाने आखिरकार प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाते हुए विगत 9 जनवरी बुधवार को भारी पुलिस बल के बीच अतिक्रमण हटाना शुरू किया जहां एसडीएम सुश्री रजनी वर्मा और तहसीलदार अमृतलाल धुर्वे राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे सबसे पहले दोपहर लगभग 12:00 बजे तहसील कार्यालय के आसपास वर्षों से जमे अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाए गए कच्चे एवं पक्के निर्माण कार्य ध्वस्त किए गए। अपना आशियाना टूटते देख कई अतिक्रमणकारियों ने भारी हंगामा मचाया। इस बीच पुलिस शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वाली कुछ लोगों को उठाकर पुलिस थाना भी लेकर आई।
प्रशासन के सख्त रवैया के आगे अतिक्रमणकारी बेवस नजर आए घंसौर के इतिहास में शायद पहली बार प्रशासन ने इतनी सख्ती से अतिक्रमण हटाया इस बीच कुछ लोगों ने अतिक्रमण कारियों को हाथ में लेकर सुर्खियां बटोरने का काम जरूर किया वहीं घंसौर के स्थानीय जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के प्रमुख पदाधिकारियों ने प्रशासन की इस मुहिम से दूरी बनाकर रखी। घंसौर का कोई भी बड़ा नेता या जनप्रतिनिधी अतिक्रमणकारियों की पैरवी करते नजर नहीं आया।
अतिक्रमण विरोधी मुहिम से आहत फूट-फूट कर रो रहे कुछ लोगों ने प्रशासन पर भेदभाव के आरोप भी लगाये। बताया जा रहा है कि विगत दिनों कोयतूर गोंडवाना महासभा घंसौर द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की मांग शासन प्रशासन के समक्ष रखते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी वहीं जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर ने घंसौर में फैले अतिक्रमण के मामले में विशेष रूचि लेते हुए निर्देश भी जारी किये जिनके सतत मार्गदर्शन में स्थानीय अमले द्वारा सिलसिलेवार अतिक्रमण हटाया गया अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही दिनभर चलती रही।
तहसील कार्यालय के आसपास से अतिक्रमण हटाने के बाद आर आई कार्यालय के बाजू में मुख्य सड़क पर भी निर्माण कार्य सहित चाय पान के ठेला हटाए गये प्रशासन की इस कार्रवाई को जहां कुछ लोग अलग ही रंग दे रहे हैं.
वही लोग इसे नगर विकास की दृष्टि से जोड़कर भी देख रहे हैं घंसौर में दिनोंदिन बसाहट बढ़ती जा रही है ऐसे में बाहर से आकर दुकानदारी सहित अन्य रोजगार में संलग्न है लोग यहां स्थाई ठिकाना बनाना चाहते हैं जिसके चलते रिक्त पड़ी शासकीय भूमि पर किसी न किसी बहाने कब्जा कर स्थाई रूप से पक्के निर्माण कार्य करा लेते हैं प्रशासन द्वारा चलाई जा रही अतिक्रमण विरोधी मुहिम से एक तरफ अतिक्रमणकारियों की नींद उड़ चुकी है वहीं इस कार्रवाई से बेघर हुए कुछ लोग अपना ठिकाना ढूंढ रहे हैं प्रशासन की यह कार्रवाई तीन दिनों तक संचालित हो सकती है।
भोपाल- आज 9 जनवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर हो सकती है चर्चा, नामांकन के बाद कल होगा उपाध्यक्ष का चुनाव विधानसभा की परंपरा के अनुसार अब तक उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दे दिया जाता था,
भोपाल नवगठित 15वीं विधानसभा के तीसरे दिन बुधवार को उपाध्यक्ष पद के कांग्रेस से हिना कांवरे और भाजपा से जगदीश देवड़ा ने नामांकन दाखिल कर दिया है। विधानसभा की परंपरा के अनुसार अबतक ये पद विपक्ष को दे दिया जाता था।
लेकिन विधानसभा में मंगलवार को अध्यक्ष पद के चुनाव के समय हुए घटनाक्रम के बाद अब कांग्रेस उपाध्यक्ष पद के लिए अपना प्रत्याशी खड़ा किया है। कांग्रेस ने बालाघाट जिले की लांजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हिना कांवरे को उपाध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है।
बालाघाट जिले की लाजी विधायक हिना को कुछ दिन पहले पार्टी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनाया है।
नई दिल्ली :सवर्णों को आरक्षण देने के लिए सरकार ने लोकसभा की लड़ाई जीत ली है. लोकसभा में मंगलवार को संविधान संशोधन बिल पेश कर दिया है. इस मुद्दे पर बहस के बाद रात 9.55 बजे वोटिंग हुई. वोटिंग में 326 सांसदों ने हिस्सा लिया. इसमें संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में 323 वोट पड़े. 3 सांसदों ने इसका विरोध किया. बिल लोकसभा में पास हो गया. शाम 5 बजे से शुरू हुई बहस के बाद रात 9.55 बजे इस विधेयक पर वोटिंग हुई.
अब कल इसके राज्यसभा में जाने की संभावना है जहां उच्च सदन की बैठक एक दिन और बढ़ा दी गयी है. लोकसभा में विपक्ष सहित लगभग सभी दलों ने ‘‘संविधान (124 वां संशोधन) , 2019’’ विधेयक का समर्थन किया. साथ ही सरकार ने दावा किया कि कानून बनने के बाद यह न्यायिक समीक्षा की अग्निपरीक्षा में भी खरा उतरेगा क्योंकि इसे संविधान संशोधन के जरिये लाया गया है.
लोकसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सरकार बनने के बाद ही गरीबों की सरकार होने की बात कही थी और इसे अपने हर कदम से उन्होंने साबित भी किया. उनके जवाब के बाद सदन ने 3 के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को पारित कर दिया. चर्चा का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि बहुत सारे सदस्यों ने आशंका जताई है कि 50 फीसदी आरक्षण की सीमा है तो यह कैसे होगा? जो पहले के फैसले किए गए वो संवैधानिक प्रावधान के बिना हुए थे.
उन्होंने कहा कि नरसिंह राव की सरकार को संवैधानिक प्रावधान के बिना 10 फीसदी आरक्षण का आदेश जारी किया था, जो नहीं करना चाहिए था। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीति और नीयत अच्छी है. इसलिए संविधान में प्रावधान करने के बाद हम आरक्षण देने का काम करेंगे. ऐसे में इस तरह की (उच्चतम न्यायालय में निरस्त होने की) शंका निराधार है.
इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृह मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे. सदन में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मौजूद दें. गहलोत ने कहा कि पूरे विचार-विमर्श के बाद यह कदम उठाया गया है. हम देर से लाए, लेकिन अच्छी नीयत से लाए. इसलिए आशंका करने की जरूरत नहीं है. मंत्री के जवाब के बाद सदन ने 3 के मुकाबले 323 मतों से विधेयक को मंजूरी दे दी.
इस बिल पर चर्चा करते हुए एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, मैं इस बिल का विरोध करता हूं. क्योंकि ये बिल एक धोखा है. इस बिल के माध्यम से बाबा साहब आंबेडकर का अपमान किया गया है. आप इस बिल को सुप्रीम कोर्ट में पास नहीं करा सकते. ये वहां गिर जाएगा.
अन्नाद्रमुक के एम थंबिदुरै, आईयूएमएल के ई टी मोहम्मद बशीर और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध किया था. इससे पहले विधेयक पर हुई चर्चा में कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा इस विधेयक का समर्थन करने के बावजूद न्यायिक समीक्षा में इसके टिक पाने की आशंका जतायी गयी और पूर्व में पी वी नरसिंह राव सरकार द्वारा इस संबंध में लाये गये कदम की मिसाल दी गयी. कई विपक्षी दलों का आरोप था कि सरकार इस विधेयक को लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लायी है.
Lok Sabha passes Constitution (124 Amendment) Bill, 2019. The bill will provide reservation for economically weaker section of the society in higher educational institutions pic.twitter.com/XkAwKYx62R
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने विधेयक में हुई चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए इस संबंध में विपक्ष के आरोपों को निर्मूल करार देते हुए कहा कि यह न्यायिक समीक्षा में इसलिए टिकेगा क्योंकि इस विधेयक के जरिये संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 में संशोधन किया गया है. उन्होंने कहा कि संविधान की मूल प्रस्तावना में सभी नागरिकों के विकास के लिए समान अवसर देने की बात कही गयी है और यह विधेयक उसी लक्ष्य को पूरा करता है.
जेटली ने कहा कि कांग्रेस सहित विभिन्न दलों ने अपने घोषणापत्र में इस संबंध में वादा किया था कि अनारक्षित वर्ग के गरीबों को आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने विपक्षी दलों को शिकवा-शिकायत छोड़कर ‘‘बड़े दिल के साथ’’ इस विधेयक का समर्थन करने को कहा.
कांग्रेस नेता के वी थामस ने इस विधेयक को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जल्दबाजी में लाने की कवायद करार दिया और कहा कि इसमें कानूनी त्रुटियां हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी विधेयक की अवधारणा का समर्थन करती है.
केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि विधेयक को संविधान की नौवीं अनुसूची में डाला जाना चाहिए ताकि यह न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर हो जाए. उल्लेखनीय है कि इस विधेयक के तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रस्ताव किया गया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को ही इसे मंजूरी प्रदान की है.
विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि वर्तमान में नागरिकों के आर्थिक रूप से दुर्बल वर्ग, ऐसे व्यक्तियों से, जो आर्थिक रूप से अधिक सुविधा प्राप्त है, से प्रतिस्पर्धा करने में अपनी वित्तीय अक्षमता के कारण उच्चतर, शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश और सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार पाने से अधिकांशत: वंचित रहे हैं.
अनुच्छेद 15 के खंड 4 और अनुच्छेद 16 के खंड 4 के अधीन विद्यमान आरक्षण के फायदे उन्हें साधारणतया तब तक उपलब्ध नहीं होते हैं जब तक कि सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं.
संविधान के अनुच्छेद 46 के अंतर्विष्ट राज्यों के नीति निर्देश तत्वों में यह आदेश है कि राज्य, जनता के दुर्बल वर्गो के विशिष्टतया अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की विशेष सावधानी से अभिवृद्धि करेगा और सामाजिक अन्याय एवं सभी प्रकार के शोषण से उनकी संरक्षा करेगा. संविधान का 93वां संशोधन अधिनियम 2005 द्वारा संविधान के अनुच्छेद 15 खंड 5 अंत:स्थापित किया गया था जो राज्य को नागरिकों के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गो की उन्नति के लिये या अनुसूचित जातियों के संबंध में विशेष उपबंध करने के लिये समर्थ बनाता है.
इसमें कहा गया है कि फिर भी नागरिकों के आर्थिक रूप से दुर्बल वर्ग आरक्षण का फायदा लेने के पात्र नहीं थे. संविधान 124वां संशोधन विधेयक 2019 उच्चतर शैक्षणिक संस्थाओं में, चाहे वे राज्य द्वारा सहायता पाती हों या सहायता नहीं पाने वाली हों, समाज के आर्थिक रूप से दुर्बल वर्गो के लिये आरक्षण का उपबंध करने तथा राज्य के अधीन सेवाओं में आरंभिक नियुक्तियों के पदों पर उनके लिये आरक्षण का उपबंध करता है.Tags: