बीच राह पत्नी और बच्चे को छोड़ जब पति हुआ फरार, तब सामने आई खाकी बनी दोनों की पालनहार
खाकी बनी पालनहार
एटा : जी हां एक ऐसा ही वाकया आज पुलिस कार्यालय एटा पर देखने को मिला, जहां एक गरीब महिला अपनी गोद में करीब एक साल के मासूम बच्चे को ले अपनी फरियाद लेकर पुलिस कार्यालय पहुंची। पुलिस कार्यालय की शाखा शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात महिला आरक्षी वर्षा पाल ने जब उस महिला की आंखों में आसूं देखे तो उससे उसकी समस्या पूछीं, महिला ने बताया कि उसका नाम विनीता है और उसके पति का नाम विनोद है, वह घंटाघर, थाना कोसीकलां, जनपद मथुरा की रहने वाली है,
आज उसका पति उसे मथुरा से अपनी मौसी के घर ले चलने की कहकर लाया था, एटा में किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया और उसका पति दोनों को यूं ही अकेला छोड़कर चला गया, उसके पास पैसे नहीं थे तो किसी राहगीर से मदद की गुहार लगाई तो उसने पुलिस कार्यालय का रास्ता दिखा दिया, उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने भूखे बच्चे को दूध भी पिला सके, भूख से रोते बच्चे को दूध की बोतल में पानी भरकर उसे चुप करा रही थी।
उस महिला की दर्द भरी दास्तां सुनकर महिला आरक्षी वर्षा पाल ने मानवीय संवेदनाओं से वशीभूत होकर पास की ही चाय की दुकान से उसके बच्चे के लिए दूध का प्रबंध कराया, तथा उसको वापस उसके घर तक जाने का किराया भी दिया।
सिवनी \\ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिवनी ने जिले में निजी चिकित्सा व्यवसाय करने वाले समस्त विधा जैसे एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस., बी.ए.एम.एस. एवं बी.एच.एम.एस. के चिकित्सक जिनके द्वारा निजी चिकित्सा व्यवसाय किया जा रहा है उसका म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 के तहत कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने निर्देश दिये हैं |
साथ ही उन्होने बताया कि जिले के जो भी शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सक अस्पताल/ क्लीनिक का बिना पंजीयन के अवैध रूप से संचालन कर रहे है जो कि नियम के विरुद्ध है एवं म.प्र. उपचर्यागृह रूजोपचार संबंधी स्थापनायें (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 का उल्लंघन है। अत: समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सक को निर्देशित किया जाता है कि म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 के तहत शीघ्र ही अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से एक माह के अंदर करायें अन्यथा आपके विरूद्व होने वाली कार्यवाही के लिये आप स्वंय जिम्मेदार होंगे।
उक्त संबंध में कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के निर्देशन में बिना पंजीयन के संचालित संस्थानों के लिये जांच दल का गठन किया गया है | दल के द्वारा निरीक्षण के दौरान चिकित्सा व्यवसाय पंजीयन न होने पर संबंधित चिकित्सक / संस्थान के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही की जाती है तो उसके लिये चिकित्सक / संस्थान प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिवनी ने उक्त संबंध में समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सा / संस्थानों को 15 दिवस के अंदर पंजीयन कराने की अंतिम चेतावनी दी है ।
साथ ही ब्ल्ड कलेक्शन सेन्टर चलाने वाले केन्द्र को भी चेतावनी दी गई है कि उनके द्वारा जिस संस्था से अथराईजेशन प्राप्त किया है, के समस्त दस्तावेज कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष दस्तावेज की जांच करायें अन्यथा संस्था बंद करने के निर्देश दिये हैं साथ अवगत कराया है कि उक्त संबंध में आपके विरूद्व किसी प्रकार की कार्यवाही की जाती है तो उसके लिये ब्ल्ड कलेक्शन सेन्टर केन्द्र स्वयं जिम्मेदार होंगे।
साथ ही समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विकासखंड में चल रहे अनाधिकृत चिकित्सा व्यवसाय करने वाले समस्त विधा के चिकित्सकों का निरीक्षण कर उन्हें पंजीयन कराने को निर्देशित करें नहीं कराने की स्थिति में गठित समिति के माध्यम से संस्था को बंद कराने की कार्यवाही कर दस्तावेज कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें।
भोपाल। वर्ग-1 और वर्ग-2 यानी उच्च माध्यमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के बाद अब वर्ग-3 यानी प्राथमिक शिक्षक के स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में लंबे समय बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इसके तहत विभाग ने प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी पीईबी को लिखित परीक्षा कराने के लिए पत्र भेज दिया है। इसके साथ ही प्रदेश भर के प्राथमिक स्कूलों में 10 हजार नए शिक्षक पदस्थ करने का रास्ता साफ हो गया है।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही पीईबी आवेदन पत्र आमंत्रित कर चयन प्रक्रिया शुरू कर देगा। हालांकि इस समय प्रदेश भर के प्राइमरी स्कूलों में 19 हजार से अधिक पद खाली हैं।
इसके बाद भी ठीक आधे यानी 10 हजार पदों पर के लिए भर्ती परीक्षा कराने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। पद भले ही कम निकले हों, लेकिन इस परीक्षा में उच्चतर और माध्यमिक शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों से दोगुना अभ्यर्थी शामिल होंगे।
वर्ग-1 में 2 लाख तो वर्ग-2 में 4.50 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। वर्ग-3 के लिए 2011-12 में हुई भर्ती परीक्षा में 8 लाख आवेदक बैठे थे।
ऐसे में छह साल के लंबे अंतराल के बाद होने वाली प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा में इस बार 10 लाख से अधिक आवेदकों के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है।
15 डॉक्टर अस्पताल से गायब थे, सबको कारण बताओ नोटिस जारी
बालाघाट। जिला चिकित्सालय बालाघाट की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कलेक्टर श्री दीपक आर्य द्वारा सतत जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री रोहित बम्होरे को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है और उन्हें हर दिन जिला चिकित्सालय में नियत समय पर उपस्थित चिकित्सकों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है।
नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री रोहित बम्होरे द्वारा 08 मई को जिला चिकित्सालय का प्रात: 8 बजे निरीक्षण करने पर पाया गया कि 15 चिकित्सक नियत समय पर अस्पताल में उपस्थित नहीं हुए थे।
यह 15 चिकित्सक प्रात: 9.30 बजे तक भी अस्पताल नहीं पहुंचे थे। नियत समय पर जिला चिकित्सालय नहीं पहुंचने वालों में डॉ राजरानी खरे, डॉ एस सी मेश्राम, डॉ जी आर ब्रम्हे, डॉ पी के पाराशर, डॉ अशोक लिल्हारे, डॉ आर के वर्मा, डॉ महेश चौधरी, डॉ नितेन्द्र रावतकर, डॉ गीता बोकड़े, डॉ अश्विनी भौतेकर, डॉ पंकज महाजन, डॉ रश्मि बाघमारे, डॉ आशुतोष सूर्यवंशी, डॉ अनिता तुरकने एवं डॉ राहुल बोरकर शामिल थे।
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बार-बार समझाईश व निर्देश देने के बाद भी इन चिकित्सकों द्वारा अपने नैतिक कर्त्तव्यों का निर्वहन न कर प्रतिदिन शासकीय कार्य में लापरवाही बरते जाने को कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने गंभीरता से लिया है
और इन 15 चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न इस कृत्य के लिए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाये।
इन चिकित्सकों को तीन दिनों के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर लिखित में जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है। समय सीमा में लिखित जवाब प्राप्त नहीं होने पर माना जायेगा उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और उनके विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी।
कलेक्टर श्री आर्य ने सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि वे जिला चिकित्सालय बालाघाट में प्रतिदिन निर्धारित समय पर उपस्थित होकर उपचार के लिए आये बाह्य एवं आंतरिक रोगी का उपचार कर अपने पदीय कर्त्तव्य एवं नैतिक दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना सुनिश्चित करें।
आरोपी श्यामलाल पिता कोदूलाल बोपचे उम्र 45 साल निवासी ग्राम रूमाल थाना,उगली
SEONI | दिनांक 07/05/2019 को थाना उगली के ग्राम जेवनारा के लोगों के द्वारा ग्राम जेवनारा की पहाड़ी टोला में ग्राम की ही एक 5 वर्षीय बच्ची के शव मिलने की सूचना प्राप्त होने पर थाना प्रभारी उगली उनि हेमंत बाबरिया एवं एसडीओपी केवलारी श्री के0आर0 कवरेती घटना स्थल ग्राम जेवनारा पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया तथा घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक एवं अति0 पुलिस अधीक्षक को दी ।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक श्री ललित शाक्यवार एवं अति0 पुलिस अधीक्षक श्री गोपाल खाण्डेल घटना स्थल पर तत्काल पहुंचे तथा घटना स्थल का निरीक्षण किया एवं मृतिका बालिका के परिजनों एवं ग्रामीणों से बातचीत किये । घटना पर थाना उगली में अप0क्र0 71/19 धारा 376 ए,बी, 366ए, 302 भादवि एवं 5,6 पाक्सो एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
पूछताछ में मृतिका के परिजनों ने उनके घर पर विगत 5 दिनां से सपरिवार रूके हुये मृतिका के फूफा के संबंध में जानकारी नहीं दिये तथा रूकने की बात को छिपाने का प्रयास किया किंतु ग्रामीणों के द्वारा इस बात की तस्दीक की गई कि मृतिका का फूफा विगत 5 दिनां से उनके घर पर सपरिवार रूका हुआ है ।
इस बात के संज्ञान में आने पर मृतिका के फूफा से पूछताछ की गई, पूछताछ के दौरान एफएसएल के ज्वाइंट डायरेक्टर श्री साहब सिंह के द्वारा भी वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई ।
बहुत समय तक मृतिका का फूफा घटना कारित करने से इंकार करता रहा किंतु वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से उससे पूछताछ करने पर अंततः उसके द्वारा घटना करना स्वीकार किया गया ।
इससे पूर्व पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि जब मृतिका का पिता रात्रि में गांव में हुये विवाह समारोह से भोजन कर अपने घर वापिस आया तब घर के बाहर उसकी चारपाई पर कोई नहीं था और बाजू वाली चारपाई पर मृतिका के फूफा का 8 वर्षीय लड़का सो रहा था ।
मृतिका के पिता ने सोचा कि उसकी बच्ची घर के अंदर अपनी मां के साथ सो रही होगी । यह सोचकर बाहर की चारपाई पर सो गया । वह सुबह करीब 5 बजे उठा और मजदूरी पर जाने के लिये अपने कपड़े बदला तथा अपनी पत्नि से पूछा कि बेटी कहां है तब उसकी पत्नि ने कहा कि वह बाहर सो रह थी ।
घर में ढूंढने पर बच्ची नहीं मिली तो बाहर भी ढूंढा, नहीं मिलने पर गांव के लड़कों ने पहाड़ी में तलाश किया तब उस बच्ची की लाश पहाड़ी में मिली।
पूछताछ में आरोपी श्यामलाल पिता कोदूलाल बोपचे उम्र 45 साल निवासी ग्राम रूमाल थाना उगली ने स्वीकार किया कि वह रात्रि में बारात से भोजन करके लौटा तब बच्ची बाहर अकेली सो रही थी ।
आरोपी बच्ची को नींद में से उठाकर पहाड़ी पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी तथा लाश को वहीं पहाड़ी पर छुपा दिया और मृतिका के घर पर आकर चुपचाप सो गया ।
उक्त अज्ञात हत्या एवं दुष्कर्म के अत्यंत गंभीर सनसनीखेज एवं अंधेकत्ल के मामले का खुलासा करने में पुलिस अधीक्षक श्री ललित शाक्यवार का सतत मार्गदर्शन एवं अति0 पुलिस अधीक्षक श्री गोपाल खाण्डेल के निर्देशन में एसडीओपी केवलारी श्री के0आर0 कवरेती, थाना प्रभारी केवलारी निरीक्षक के0के0 अवस्थी थाना थाना प्रभारी उगली उनि हेमंत बाबरिया एवं उनकी टीम एवं उनि कु0 श्रोति शर्मा का सराहनीय योगदान रहा ।
जिससे इस सनसनीखेज दुष्कर्म एवं अंधे कत्ल के प्रकरण का 24 घंटे के अंदर खुलासा हुआ ।
जल परिक्षण पंजी में गलत एवं मनगढंत प्रविष्टि करने पर निलम्बित
सिवनी – आज 8 मई को कलेक्टर सिवनी द्वारा श्रीवनी फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया गया ।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अमले से सिवनी नगर को प्रदाय किये जा रहे जल शुद्वीकरण प्रक्रिया एवं प्लांट की वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया ।
श्री कृपाल सिंह, प्रयोगशाला सहायक फिल्टर प्लांट द्वारा बिना जल के परीक्षण किये, जल परीक्षण पंजी में गलत एवं मनगढंत प्रविष्टि करना पाये जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया ।
फिल्टर प्लांट में विशेष साफ सफाई और उपकरणों की देखरेख करने, नार्मस के आधार पर ही शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए ।
सिवनी । रिजल्ट आने के पहले और बाद में आपका व्यवहार कैसा हो इसी बात पर बच्चों का तनाव निर्भर करता है। यदि बच्चों से ज्यादा परिजन तनाव लेंगे तो तय है कि बच्चे पहले ही होपलैस हो जायेंगे। इसलिये बेहतर है कि रिजल्ट वाले दिन को भी आम दिनों की तरह व्यतीत करें।
समय पर भोजन करें और
इंटरटेमेंट में कोई कमी न आने दें। कोशिश करें कि बच्चों को अकेला न छोड़ें, उन्हें सकारात्मक और एनर्जी से भरपूर बातें बतायें।
अपने बचपन के दिन शेयर करें। या फिर उन यादों के बारे में बतायें जब आपके रिजल्ट
एनाउंस होते थे। इससे बच्चों को तनाव से उभरने में मदद मिलेगी।
यदि बच्चे उम्मीदों के
अनुरूप रिजल्ट नही ला पाये हैं अथवा परीक्षा में कम अंक आये हैं या इससे भी बुरा
यदि वे फेल हो गये हैं तो पहली जिम्मेदारी है कि उन्हें आरोपी घोषित न करें। कम
अंक आना या फेल होना कोई अपराध नहीं है। इस बात को पहले खुद स्वीकार करें और फिर
बच्चों को मानसिक सहारा दें। ऐसे टाईम पर किसी अन्य बच्चे से तुलना करने से खुद को
रोकें। यदि परिवार के सदस्य, रिश्तेदार
या पड़ौसी दुःख जताने का प्रयास करते हैं तो उनके सामने खुद को सख्त रखते हुए
स्वीकार करें कि कुछ अंक आपके बच्चे का भविष्य तय नहीं करेंगे। बच्चे दोबारा मेहनत
करेंगे और अच्छे अंकों से पास होंगे। आपका व्यवहार ही बच्चों को तनाव से बाहर लाने
में कारगर होगा।
ऐसे दूर रखें तनाव : यदि
रिजल्ट बच्चों की अपेक्षानुसार नहीं है तो उन्हें पॉजीटिव रिस्पॉन्स देते हुए फिर
से मेहनत के लिये मोटिवेट करें। ऐसे लोगों के उदाहरण दें, जो लिखित परीक्षाओं में कई बार फेल हुए लेकिन जीवन
की परीक्षाओं में हमेशा सफल रहे। अन्य बच्चों के रिजल्ट से तुलना करने से बचें।
साथ ही पढ़ाई की प्लानिंग पर तत्काल कोई चर्चा न करें।
पड़ौसियों और रिश्तेदारों
के सामने ऐसा न महसूस करें कि बच्चे के खराब रिजल्ट के कारण आपको शर्मिंदगी हो रही
है। बच्चों को अकेला न छोड़ें, उन्हें
बेहतर भोजन और समय दें। ऐसा कोई भी सामान जिससे बच्चे खुद को कोई नुकसान पहुँचा
सकते हैं,
आसपास न छोड़ें।
यदि बच्चे ज्यादा तनाव में हैं तो तत्काल किसी काउंसलर से मिलें। ऐसे माहौल में आवश्यक है कि परिवार का हर सदस्य बच्चे से सकारात्मक व्यवहार करे और उम्मीदें न तोड़े। बच्चों को अपने दोस्तों से दूर न करें। उनके सोशल नेटवर्किंग पर डाले जाने वाले स्टेटस और मैसेज पर खास ध्यान दें।
सिवनी- आज दिनाँक 7 मई को ग्राम पिपरिया ग्रामपंचायत मैली सिवनी में सरिता सल्लाम पुत्री अतरुलाल को 17 मई को होने वाली शादी के विषय मे सूचना मिली कि इसमें लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है
इस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए तहसीलदार सिवनी प्रभात मिश्रा,परियोजना अधिकारी शशांक शेखर सिंह,पुलिस उपनिरीक्षक कोमल टोप्पो विभागीय अमले ने जांच कर पाया कि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है
अतः उचित समझाइस देकर माता पिता की लिखित सहमति ली गयी कि लड़की सरिता की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही विवाह कराया जावेगा.
सिवनी-विगत कई माह से जिला हॉस्पिटल सिवनी में व्याप्त अनियमिताओं को दुर्रस्त करने की कवायद में जुटे जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने आज 7 मई को पुनः हास्पिटल का अवलोकन कर उपस्तिथ सिविल सर्जन डॉ विनोद नावकर को जम कर फटकार लगाई।
विभिन्न वार्डो का निरीक्षण कर प्रवीण सिंह द्वारा भर्ती मरीजों से चर्चा की वही उनके द्वारा बायो वेस्ट सग्रहन केंद्र का भी अवलोकन किया जहा घातक वेस्ट मटीरियल पडा देख उह्नोने इस कार्य को देख रहे आर ऍम ओ डा पी सूर्या से कहा कि वेस्टज जल्द से जल्द उठाये।
अवलोकन के दौरान एस डी एम हर्ष सिंह,तहसीलदार प्रभात मिश्रा,सहित पी डब्लू डी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
सिवनी| हाल ही में सिवनी नगर में कुछ मनचले युवकों द्वारा एनफील्ड मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया जा कर चलती मोटर साइकिल से गोली चलने जैसी आवाज निकाली जाती है। सिवनी पुलिस द्वारा इस तरह के मोटरसाइकिल चालकों की पतासाजी एवम घेराबंदी की गई । कल दिनांक 6 मई को शाम 8:00 बजे बस स्टैंड से छिंदवाड़ा रोड की ओर इसी तरह से पटाखे और गोली की आवाज निकालते हुए पाया गया
एनफील्ड गाडी क्र. MP22 MF 4326 को तेज गति चलाते हुए कोतवाली T.I. अरविंद जैन सहायक उ.नि.सी एल सिंगमारे आरक्षक सुधीर द्वारा पीछा किया कर छिंदवाड़ा बाईपास के पास पकड़ा गया।मोटरसाइकिल चालक ललित पिता ओमप्रकाश सूर्यवंशी उम्र 21 साल , ग्राम बगलई पुलिस चौकी पलारी पलारी थाना केवलारी
सिवनी वर्तमान में सिवनी नगर में बारापत्थर इलाके में अशोक नगर में किराए से कमरा लेकर 12वीं की पढ़ाई कर रहा है इसके पूर्व भी इस तरह से न्यूसेंस करते हुए मोटरसाइकिल चलाते हुए देखे जाने की शिकायत मिली है। पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल चालक ललित के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
टीआई कोतवाली अरविंद जैन द्वारा जानकारी दी गई है कि इस तरह मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा कर तरह-तरह की तेज आवाज निकाल कर न्यूसेंस करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ।
ऐसे मोटरसाइकिल चालक अपने वाहन से मॉडिफाइड साइलेंसर निकाल दें साथ ही मोटर मैकेनिक का काम करने वाले दुकानदारों को आगाह किया गया है कि वह मोटरसाइकिल में इस तरह के मॉडिफाइड साइलेंसर ना लगाएं
जिससे आम लोगों को परेशानी हो। कोतवाली पुलिस के इस अभियान की आम नागरिकों के द्वारा सराहना की जा रही है।