गृहमंत्री बाला बच्चन के बहनोई की लाश गड्ढे में पड़ी मिली, चुनाव ट्रेनिंग से लौट रहे थे
मानसिक विक्षिप्त महिला को मिला परिवार

सिवनी-उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग सिवनी द्वारा जानकारी देते हुए बताया की विगत 04 मई को कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान मानसिक विक्षिप्त महिलाओ एवं पुरूषो के पुनर्वास एवं ईलाज हेतु निर्देशित किया गया था।
वीरेश सिंह बघेल उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण सिवनी द्वारा अवगत कराया गया है कि कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के निर्देशानुसार सभी मानसिक विक्षिप्तो से लगातार चर्चा की गई जा रही है एवं इन्हे ईलाज हेतु दवाईयॉ दी जा रही है।
इसी तारतम्य में बातचीत के दौरान एक महिला ने अपना नाम सुरवती बाई तथा छिन्दवाड़ा जिले के ग्राम उरदान बताया। उरदान के सचिव श्री जगदीश प्रसाद के मोबाईल पर चर्चा करने पर उनके पुत्र धनपाल के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। धनपाल को मोबाईल पर उसकी माँ के बारे में जानकारी दी गई |
श्री धनपाल सहयोगियो के साथ गुरुवार 9 मई को सिवनी पहुँचकर लगभग दो वर्ष से जिला चिकित्सलय सिवनी में रह रही अपनी मॉ को लेकर चले गये |
उन्होने अपनी माँ के 2 साल बाद मिलने पर कलेक्टर सिवनी का आभार माना। इस कार्य में सायकोलाजिस्ट मनीषा श्रीवास्तव, सोनम विनोदिया, श्री सनोडिया एवं नरोत्तम सोनी सहयोगी रहे |
उपसंचालक सामाजिक न्याय सिवनी ने यह भी अवगत कराया कि जिला चिकित्सालय सिवनी में रह रहे शेष मानसिक विक्षिप्तों की जानकारी एकत्र की जाकर ईलाज तथा पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।
फोरलेन निर्माण में पेड़ो की अनुमति ना होने से काम की गति प्रभावित

सिवनी -फोरलेन सड़क निर्माण कार्य की जो गति हेै उससे स्पष्ट है कि इस वर्षाकाल में भी कुरई घाटी और मोहगाँव के बीच वाहनों की रफ्तार सुचारू ढंग से नहीं हो सकेगी और आये दिन जाम की स्थिती बनी रहेगी । लंबे संघर्ष के पश्चात जैसे तैसे इस सड़क निर्माण की अनुमति हुई है तो काम करने वाली एजेंसी और वन विभाग की आधी अधूरी अनुमति समय पर काम ना करने की मानसिकता परेशानी का कारण बन रहा है वहीं ब्राडगेज का काम भी मंदगति से चलने सिवनी के व्यापार और यात्रियों के लिये मुसीबत बन रहा है।
पेंच नेशनल पार्क के बीच से गुजरने वाले फोरलेन मोहगांव से खवासा तक निर्माण के कार्य की रफ्तार धीमी हो गई है। जानकारी के अनुसार कुरई घाटी के बफर क्षेत्र में करीब 2700 पेडों की कटाई के लिए अनुमति का इंतजार हो रहा है।हालांकि वनक्षेत्र को छोडकर अन्य हिस्से में फोरलेन निर्माण का कार्य चल रहा है।
खवासा से कुरई के बीच एक हिस्से में फोरलेन सडक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि दूसरे हिस्से का काम प्रगतिशील है। 750 करोड रूपए की लागत से बन रही 28 किमी फोरलेन सडक निर्माण का ठेका भोपाल की दिलीप बिल्डकॉन कंस्ट्रक्शन कंपनी कोा दिया गया है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक कंपनी द्वारा निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। निर्माणधीन सडक में पानी की सिंचाई न किए जाने से क्षेत्रवासियो व वाहन चालको को धूल और मिट्टी के गुबार से होकर गुजरना पड रहा है। शिकायतो को कंपनी के कर्मचारी व एनएचएआई विभाग अनदेखा कर रहे है।
रफ मटेरियल का इस्तेमाल
कंपनी पुरानी सडक के ऊपरी हिस्से से निकाली गई डम्पर की रफ लेयर व मटेरियल को अर्धवर्क कार्य में इस्तेमाल कर रही है। सडक के बेस में रफ मटेरियल को बिछाकर कंपनी ने रोलिंग करवा दी है। हालांक अधिकारियो का कहना है कि नई सडक में रफ मटेरियल का इस्तेमाल कंपनी द्वारा नही किया जा रहा है। डायवर्सन सडक बनाने के लिए पुरानी सडक के रफ मटेरियल का इस्तेमाल हो रहा है। तकनीकि अधिकारियो के मुताबिक पुरानी सडक से निकले डम्पर व मटेरियल का इस्तेमाल अर्धवर्क कार्य में नही किया जा सकता है।
सर्वे में छूटे पेड
मोहगांव से खववासा के बीच फोरलेन सडक निर्माण के लिए पेंच बफर, दक्षिण सामान्य वनमण्डल, राजस्व व निजी जमीन पर स्थित करीब 9 हजार पेडों को काटा जा चुका है। पुराने सर्वे के मुताबिक वन मंंत्रालय ने फोरलेन के लिए 9200 पेडो की कटाई की अनुमति एनएचएआई को दी थी। लेकिन सर्वे में छूट गए करीब 2700 पेड सडक निर्माण में बाधा बन रहे है। सडक का बडा हिस्सा पहाडी व गहरी खाई में होने के कारण मेजरमेंट में छूटे पेडों की कटाई कराने प्रस्ताव तैयार कर वन विभाग भोपाल को अनुमति के लिए भेजा गया है। इसमें पेंच बफर क्षेत्र के करीब 2700 पेंड शामिल है। इस पर अनुमति मिलने के बाद कटाई का काम शुरू हो सकेगा।
सरकारी लकड़ी का मनमाना उपयोग
फोरलेन निर्माण के दौरान कंपनी को एनएच 7 पर चला रहे यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए मार्किंग और बैरीकेटिंग करना होता है। कंपनी द्वारा मोहगांव से खवासा के बीच घाटी व खतरनाक मोडो पर बैरीकेटिंग करने के लिए सडक किनारे से काटे गए पेडों की लकडी का बडे पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। पेडो से काटी गई लकडी की बल्लियां बनाकर इसमें रंग पेंट और रेडियम पट्टी लगाकर सडक के किनारे कतारबद्ध तरीके से लगा दिया गया है। कंपनी द्वारा सुरक्षा व मार्किंग पर होने वाला खर्च बचाने के लिए सरकारी लकडी बगैर वनविभाग की अनुमति के इस्तेमाल किया जा रहा है। नियमानुसासर सडक किनारे लगाई गई इस सरकारी लकडी को उत्पादन वनमण्डल द्वारा परिवहन कर डिपो में जमा कराना था। लेकिन अधिकारी भी कंपनी के रूतबे के आगे बेबस दिखाई दे रहे है। उत्पादन वनमण्डल की डीएफओ ने इस मामले में वन अमले को फोरलेन सडक के किनारे इस्तेमाल सरकारी लकडी डिपो में जमा कराने के निर्देश दिए है।
गुणवत्ता पर सवाल
खवासा के नजदीक पचधार नदी से बगैर अनुमति पानी लेने और पुल निर्माण ठीक तरह से नही करने के मामले में आपत्ति दर्ज कराते हुए क्षेत्र के ग्रामीणो ने फोरलेन सडक का निर्माण कार्य रूकवा दिया था। ग्रामीणो का कहना है कि सडक का निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त कराया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को मुश्किलो का सामना ना करना पडे। पेंच नेशनल पार्क के बीच से गुजरने वाले एनएच 7 के इस हिस्से में 14 साऊंडप्रूफ अंडरपासेस बनाए जा रहे है।
दक्षिण वनमंडल के अधिकारियों का कहना है कि फोरलेन सडक में करीब 9 हजार पेडो की कटाई का कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचे 2700 पेडो की कटाई की अनुमति लेने के लिए प्रस्ताव भोपाल भेजा जा रहा है। अनुमति मिलने के बाद इस पर आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
फोर्लेन निर्माण करने वाली एजेंसी के इंजीनियर के अनुसार फोरलेन सडक का निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त कराया जा रहा है। रफ मटेरियल का इस्तेमाल डायवर्सन सडक बनाने के लिए किया गया है। ताकि आवागमन बाधित न हो। शेष बचे पेडो की कटाई की अनुमति मिलना बाकी है। निर्माण कार्य तय समय में पूरा कराने की कोशिश की जा रही है।
सिवनी कलेक्टर ने किया सोशल मीडिया को लेकर आदेश जारी! 07 जून तक़ संभलकर करे उपयोग

आपत्तिजनक टिप्पणी पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
सिवनी । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रवीण सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(2) के अंतर्गत आदेश पारित करते हुए सोशल मीडिया पर व्यक्ति एवं व्यक्ति के समूह पर आपत्ति जनक टिप्पणी तथा भ्रामक प्रचार को प्रतिबंधित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार व्हाटसएप, फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके व्यक्ति या व्यक्तियों के समूहों के संदर्भ में अनर्गल, अशोभनीय एवं तथ्यों से परे टिप्पणी जो समाज में विद्वेष की भावना उत्पन्न करती है, को पूर्णतः प्रतिबंधित करते हुए दण्ड का प्रावधान किया गया है।
यह आदेश 07 जून तक लागू रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।
महिला ने लगायी दलसागर में छलांग

सिवनी । घर में उपजे तनाव के कारण एक महिला ने सिवनी स्थित दलसागर में छलांग लगा दी जिसे मौके पर उपस्थित लोगों की तत्परता के चलते बचा लिया गया। महिला का उपचार जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है।
घटना के संबंध में पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिवनी स्थित गुरूनानक वार्ड निवासी जमीला बी का विवाद उनके पति शेख हुसैन के साथ बुधवार की शाम को किसी बात पर हो गया। बताया जाता है कि उनका विवाद गुरूवार को एक बार फिर हुआ जिसके बाद तनाव में आकर जमीला बी ने शाम को लगभग छः बजे दलसागर तालाब के समीप जाकर उसमें छलांग लगा दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जमीला बी को तालाब में कूदते हुए वहाँ उपस्थित कुछ लोगों ने देख लिया जिसके बाद उन्हें तत्काल तालाब से बाहर निकाल लिया गया। जमीला बी को डायल 100 के माध्यम से जिला चिकित्सालय में दाखिल करवा दिया गया है जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है।
सिवनी न्यूज़ : ट्रक की टक्कर से एक की मौत

सिवनी- जिले से छिन्दवाड़ा मार्ग पर स्थित ग्राम फुलारा में आज दोपहर लँगभग 4 बजे ट्र्क की टक्कर से मोटर साइकिल सवार की मौत हो गई है,
वही एक अन्य घायल बताया जा रहा है,मृतक की पहचान निरोत्तम सनोडिया निवासी चंदोरी के रूप में हुई है।
खाकी बनी पालनहार
बीच राह पत्नी और बच्चे को छोड़ जब पति हुआ फरार, तब सामने आई खाकी बनी दोनों की पालनहार

एटा : जी हां एक ऐसा ही वाकया आज पुलिस कार्यालय एटा पर देखने को मिला, जहां एक गरीब महिला अपनी गोद में करीब एक साल के मासूम बच्चे को ले अपनी फरियाद लेकर पुलिस कार्यालय पहुंची। पुलिस कार्यालय की शाखा शिकायत प्रकोष्ठ में तैनात महिला आरक्षी वर्षा पाल ने जब उस महिला की आंखों में आसूं देखे तो उससे उसकी समस्या पूछीं, महिला ने बताया कि उसका नाम विनीता है और उसके पति का नाम विनोद है, वह घंटाघर, थाना कोसीकलां, जनपद मथुरा की रहने वाली है,
आज उसका पति उसे मथुरा से अपनी मौसी के घर ले चलने की कहकर लाया था, एटा में किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया और उसका पति दोनों को यूं ही अकेला छोड़कर चला गया, उसके पास पैसे नहीं थे तो किसी राहगीर से मदद की गुहार लगाई तो उसने पुलिस कार्यालय का रास्ता दिखा दिया, उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने भूखे बच्चे को दूध भी पिला सके, भूख से रोते बच्चे को दूध की बोतल में पानी भरकर उसे चुप करा रही थी।
उस महिला की दर्द भरी दास्तां सुनकर महिला आरक्षी वर्षा पाल ने मानवीय संवेदनाओं से वशीभूत होकर पास की ही चाय की दुकान से उसके बच्चे के लिए दूध का प्रबंध कराया, तथा उसको वापस उसके घर तक जाने का किराया भी दिया।
चिकित्सा व्यवसाय करने वाले चिकित्सकों को 15 दिवस के अंदर पंजीयन कराना अनिवार्य

सिवनी \\ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिवनी ने जिले में निजी चिकित्सा व्यवसाय करने वाले समस्त विधा जैसे एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस., बी.ए.एम.एस. एवं बी.एच.एम.एस. के चिकित्सक जिनके द्वारा निजी चिकित्सा व्यवसाय किया जा रहा है उसका म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 के तहत कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने निर्देश दिये हैं |
साथ ही उन्होने बताया कि जिले के जो भी शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सक अस्पताल/ क्लीनिक का बिना पंजीयन के अवैध रूप से संचालन कर रहे है जो कि नियम के विरुद्ध है एवं म.प्र. उपचर्यागृह रूजोपचार संबंधी स्थापनायें (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 का उल्लंघन है। अत: समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सक को निर्देशित किया जाता है कि म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम 1997 के तहत शीघ्र ही अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से एक माह के अंदर करायें अन्यथा आपके विरूद्व होने वाली कार्यवाही के लिये आप स्वंय जिम्मेदार होंगे।
उक्त संबंध में कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के निर्देशन में बिना पंजीयन के संचालित संस्थानों के लिये जांच दल का गठन किया गया है | दल के द्वारा निरीक्षण के दौरान चिकित्सा व्यवसाय पंजीयन न होने पर संबंधित चिकित्सक / संस्थान के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही की जाती है तो उसके लिये चिकित्सक / संस्थान प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिवनी ने उक्त संबंध में समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सा / संस्थानों को 15 दिवस के अंदर पंजीयन कराने की अंतिम चेतावनी दी है ।
साथ ही ब्ल्ड कलेक्शन सेन्टर चलाने वाले केन्द्र को भी चेतावनी दी गई है कि उनके द्वारा जिस संस्था से अथराईजेशन प्राप्त किया है, के समस्त दस्तावेज कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष दस्तावेज की जांच करायें अन्यथा संस्था बंद करने के निर्देश दिये हैं साथ अवगत कराया है कि उक्त संबंध में आपके विरूद्व किसी प्रकार की कार्यवाही की जाती है तो उसके लिये ब्ल्ड कलेक्शन सेन्टर केन्द्र स्वयं जिम्मेदार होंगे।
साथ ही समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विकासखंड में चल रहे अनाधिकृत चिकित्सा व्यवसाय करने वाले समस्त विधा के चिकित्सकों का निरीक्षण कर उन्हें पंजीयन कराने को निर्देशित करें नहीं कराने की स्थिति में गठित समिति के माध्यम से संस्था को बंद कराने की कार्यवाही कर दस्तावेज कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें।
मप्र प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए तैयारियां पूरी | PEB MPTET- 3 EXAM

भोपाल। वर्ग-1 और वर्ग-2 यानी उच्च माध्यमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के बाद अब वर्ग-3 यानी प्राथमिक शिक्षक के स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में लंबे समय बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इसके तहत विभाग ने प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड यानी पीईबी को लिखित परीक्षा कराने के लिए पत्र भेज दिया है। इसके साथ ही प्रदेश भर के प्राथमिक स्कूलों में 10 हजार नए शिक्षक पदस्थ करने का रास्ता साफ हो गया है।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही पीईबी आवेदन पत्र आमंत्रित कर चयन प्रक्रिया शुरू कर देगा। हालांकि इस समय प्रदेश भर के प्राइमरी स्कूलों में 19 हजार से अधिक पद खाली हैं।
इसके बाद भी ठीक आधे यानी 10 हजार पदों पर के लिए भर्ती परीक्षा कराने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। पद भले ही कम निकले हों, लेकिन इस परीक्षा में उच्चतर और माध्यमिक शिक्षक परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों से दोगुना अभ्यर्थी शामिल होंगे।
वर्ग-1 में 2 लाख तो वर्ग-2 में 4.50 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। वर्ग-3 के लिए 2011-12 में हुई भर्ती परीक्षा में 8 लाख आवेदक बैठे थे।
ऐसे में छह साल के लंबे अंतराल के बाद होने वाली प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा में इस बार 10 लाख से अधिक आवेदकों के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है।
15 डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी
15 डॉक्टर अस्पताल से गायब थे, सबको कारण बताओ नोटिस जारी

बालाघाट। जिला चिकित्सालय बालाघाट की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कलेक्टर श्री दीपक आर्य द्वारा सतत जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की उपस्थिति एवं सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री रोहित बम्होरे को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है और उन्हें हर दिन जिला चिकित्सालय में नियत समय पर उपस्थित चिकित्सकों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा है।
नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री रोहित बम्होरे द्वारा 08 मई को जिला चिकित्सालय का प्रात: 8 बजे निरीक्षण करने पर पाया गया कि 15 चिकित्सक नियत समय पर अस्पताल में उपस्थित नहीं हुए थे।
यह 15 चिकित्सक प्रात: 9.30 बजे तक भी अस्पताल नहीं पहुंचे थे। नियत समय पर जिला चिकित्सालय नहीं पहुंचने वालों में डॉ राजरानी खरे, डॉ एस सी मेश्राम, डॉ जी आर ब्रम्हे, डॉ पी के पाराशर, डॉ अशोक लिल्हारे, डॉ आर के वर्मा, डॉ महेश चौधरी, डॉ नितेन्द्र रावतकर, डॉ गीता बोकड़े, डॉ अश्विनी भौतेकर, डॉ पंकज महाजन, डॉ रश्मि बाघमारे, डॉ आशुतोष सूर्यवंशी, डॉ अनिता तुरकने एवं डॉ राहुल बोरकर शामिल थे।
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बार-बार समझाईश व निर्देश देने के बाद भी इन चिकित्सकों द्वारा अपने नैतिक कर्त्तव्यों का निर्वहन न कर प्रतिदिन शासकीय कार्य में लापरवाही बरते जाने को कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने गंभीरता से लिया है
और इन 15 चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न इस कृत्य के लिए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाये।
इन चिकित्सकों को तीन दिनों के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर लिखित में जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है। समय सीमा में लिखित जवाब प्राप्त नहीं होने पर माना जायेगा उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और उनके विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी।
कलेक्टर श्री आर्य ने सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि वे जिला चिकित्सालय बालाघाट में प्रतिदिन निर्धारित समय पर उपस्थित होकर उपचार के लिए आये बाह्य एवं आंतरिक रोगी का उपचार कर अपने पदीय कर्त्तव्य एवं नैतिक दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना सुनिश्चित करें।

