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खाद्य विक्रेताओं के खिलाफ जारी है अभियान, कई होटल और रेस्टॉरेंट को नोटिस जारी

Seoni News : खाद्य विक्रेताओं के खिलाफ जारी है अभियान, कई होटल और रेस्टॉरेंट को नोटिस जारी
Seoni News : खाद्य विक्रेताओं के खिलाफ जारी है अभियान, कई होटल और रेस्टॉरेंट को नोटिस जारी

सिवनी- कलेक्टर प्रवीण सिंह के निर्देशन में जिले में खाद्य पदार्थो के मानक गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एवं राजस्व विभाग के सँयुक्त दल द्वारा बुधवार 31 जुलाई को रजवाड़ा होटल, वैशाली राजपुरोहित ,अभिनदंन होटल, नटराज मिष्ठान , वृन्दावन रेस्टोरेंट एवं नेमा मिष्ठान के प्रतिष्ठानों एवं कारखानों का औचक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं साफ सफाई आदि की जांच की गयी।

जिसमे रजवाड़ा होटल में किये गए खाद्य एवं राजस्व दल के निरीक्षण में होटल के किचन एवं स्टोर में गंदगी पाई गई। जिसके लिए होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 की तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उपयोग किये जा रहे पनीर एवं दही के सेम्पल को जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।

इसी तरह वैशाली राजपुरोहित प्रतिष्ठान के कारखाने के निरीक्षण में दल द्वारा मौके में प्राप्त लगभग पांच किलो दूषित मिठाई को नष्ट करवाया गया। वृन्दावन रेस्टोरेंट के निरीक्षण में 10 एक्सपाइरी डेट के मसला पैकेट पाए गए। जिसे नष्ट करवाया गया।

अभिनदंन होटल, नटराज मिष्ठान एवं नेमा मिष्ठान के कारखाने मे मिठाई एवं अन्य खाद्य सामग्री बनाने में साफ सफाई नही पायी गयी।

सभी प्रतिष्ठानों के प्रबंधको को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 की तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी प्रतिष्ठानों को मानक अनुसार खाद्य पदार्थ बनाने तथा कार्यरत सभी कर्मचारियों द्वारा एप्रोन क्लॉथ एवं केप उपयोग करने के निर्देश दिए गए।

पानी के तेज बहाव में बहे युवक की खोज जारी

सिवनी- सिवनी जिले के धूमा थाना अंतर्गत सनाईकछार (बुडवानी) निवासी 32 वर्षीय चमन सिंह पिता लिक्खु मरावी अपनी दो पहिया वाहन क्रमांक mp20mv6158 से अपनी बहन के यहाँ से बापिस लौटते रहा था ।

मिली जानकारी के अनुसार उसी समय तेज बारिश के दौरान रात्रि लगभग आठ बजे हटूआ नाला उफान पर था जहा पुल के ऊपर से बह रहे पानी को पार करने के दौरान पानी के तेज़ बहाओ में बह जाने की सूचना परिजनों द्वारा धूमा थाना पर दी जहाँ नवआगंतुक थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया द्वारा मामला पंजीबद्ध करते हुऐ विवेचना प्रारम्भ कर दी ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए पड़ताल कर घटना स्थल का मुआवना किया जहां से उक्त युवक की दो पहिया बाहन बरामद की जिसकी गुम इंसान की खोजबीन धूमा पुलिस सहित परिजनों व ग्रामीणों द्वारा सतत जारी है ।

समाचार लिखे जाने तक काफी मसक्कत के बाद भी कोई सफलता हासिल नही हुई ।

Delhi lady Police Tik Tok Video : दिल्ली Lady पुलिस का Tik Tok वीडियो वायरल

दिल्ली / दिल्ली लेडी पुलिस टिक टॉक वीडियो (Delhi lady Police Tik Tok Video) का इतनी तेजी से चलन बढ़ता जा रहा है कि…

दिल्ली / दिल्ली लेडी पुलिस टिक टॉक वीडियो (Delhi lady Police Tik Tok Video) का इतनी तेजी से चलन बढ़ता जा रहा है कि इसका असर वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों पर भी पड़ रहा है। पुलिसकर्मी भी वीडियो के मोह में फर्ज और ड्यूटी की मर्यादा भूल रहे हैं। दिल्ली पुलिस की दो महिला कॉन्स्टेबल का टिक टॉक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है।.

वायरल हो रहे इस वीडियो में दोनों वीआईपी रूट पर ड्यूटी के दौरान हंसी-मजाक करती नजर आ रही हैं। वीडियो में दिखाई देने वाली ये दोनों महिला पुलिसकर्मियों की साल 2018 में बतौर सिपाही भर्ती हुई थी। फिलहाल दिल्ली पुलिस का ये वीडियो छाया हुआ है। इस वीडियो में दोनों महिला पुलिस कर्मी किसी हरियाणवी गाने पर अदाकारी करते हुए देखी जा सकती हैं।

वीडियो में पीछे जो जगह दिख रही है, उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह किसी वीवीआईपी रूट के दौरान नई दिल्ली इलाके में बनाया गया है। ये दोनों महिला पुलिसकर्मी उस वक्त ड्यूटी पर तैनात हैं।

मामले की जांच की जा रही : इस मामले में पुलिस एडिशनल पीपीआरओ अनिल मित्तल का कहना है कि जांच की जा रही है कि ये वीडियो कब बनाया गया और उस वक्त क्या इन पुलिसकर्मियों की तैनाती कहां थीं। 

बहरहाल, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इन पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले गुजरात में पुलिस अफसरों द्वारा बनाया गया एक टिक टॉक वीडियो काफी वायरल हुआ था और चर्चा में था। 

https://youtu.be/bA3VGqqAdMU

नीलामी की राह देखता शापिंग काम्प्लेक्स

जनप्रतिनिधियो की उदासीनता के चलते अघोषित मूत्रालय में हुआ तब्दील..

सिवनी / कान्हीवाड़ा एक ऐसा गाव है जहां शासन द्वारा अनेको सौगातें दी गई किन्तु यहां के जनप्रतिनिधियो की उदासीनता ओर अर्थलिप्सा के चलते अनेको ऐसी सौगातें है जो अधर में लटकी हुई हैं और जो सौगातों को अमलीजामा पहनाया जा चुका है वह अपने आप मे आंसू बहा रही है यहां यू कहे वह खण्डर में तब्दील होते हुए बदहाली का शिकार हो रही हैं |

कान्हीवाड़ा में एक ऐसा ही शापिंग काम्प्लेक्स है जो विगत 4 वर्षों से बनकर तैयार है किन्तु वह अपनी नीलामी की राह में अघोषित मूत्रालय ओर शराब खोरी के अड्डे में तब्दील होते जा रहा है किंतु यंहा के जनप्रतिनिधियो की आंखों में ना जाने कोनसी कांच के चश्मे लगे हुये हैं जो वह इस ओर ध्यान नही दे पाते स्थानीय बाज़ार चौक के मध्य में जनपद पंचायत द्वारा 60 लाख रुपये की लागत से शापिंग काम्प्लेक्स बनवा गया किन्तु आज तक उस कॉम्प्लेसक की नीलामी नही हो पाई जानकारी ली गई तो बताया गया कि जनपद पंचायत द्वारा 2 बार नीलामी की तारीख तय की गई .|

किन्तु किसी ने यह कॉम्प्लेसक कि नीलामी में भाग नही लिया जनपद के उच्च पदस्थ सूत्रों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने हमे जानकारी देते बताया कि जनपद द्वारा इसकी 6 लाख रुपये की सरकारी बोली रखी गई है और किराया 2500 रुपये प्रति महीना फिक्स किया गया था सरकारी बोली ज्यादा महंगी होने के चलते ओर महीने का किराया भी ज्यादा होने के चलते लोगो द्वारा इस नीलामी में अपनी रुचि नही दिखाई गई जनपद के अधिकारियों द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि जनपद की सामान्य सभा की एक बैठक में प्रस्ताव पास करते हुए अनुविभागीय अधिकारी सिवनी को पत्र लिखा और उस पत्र में उलेख किया गया कि काम्प्लेक्स की नीलामी की जो कीमत है उसे कम की जाए जिस पर तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी ने साफ इनकार करते हुए जनपद को निर्देशित किया कि जो नियम अनुसार नीलामी की कीमत रखी गई है

उस आधार पर ही नीलामी की जाए यदि उस कीमत को कम किया जाता है तो शासन को राजस्व की नुकसानी होगी उलेखनिय बात यह है कि शासन को अपनी नुकसानी की चिंता सता रही है वही विगत 4 वर्षों से इस काम्प्लेक्स का निर्माण हो चुका है जिससे इन 4 वर्षों में शासन को राजस्व का कितना नुकसान हुआ होगा उसकी चिंता करने वाला कोई नही है |

कान्हीवाड़ा के जनप्रतिनिधि अपनी अर्थलोलुप्ता के चलते निरन्तर अपने घर भरने में लगे हुए है उन्हें भी कोई चिंता नही है अब देखना यह है कि अपनी हालत में आंसू बहाते इस शापिंग काम्प्लेक्स के अच्छे दिन कब आते हैं,या उपरोक्त शापिंग काम्प्लेक्स अघोषित मूत्रालय ओर शराब खोरी के अड्डे में ही पूर्णतः तब्दील होते रह जायेगा।

गणपति को आकर्षक आकार देने में जुटे : दिनेश ठाकुर

मूर्तिकार : दिनेश ठाकुर प्रतिमाओ को तैयार करते हुए

सिवनी । गणेश चतुर्थी पर शहर सहित गाँवों में गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसकी तैयारी में शह के मूर्तिकार जुटे हुए हैं। इस बार भी कई मुद्राओं में भगवान विघ्नहर्ता नजर आयेंगे। शहर के साथ आसपास गाँव में मूर्तिकार प्रतिमा बनाने में जुटे हैं।

नगर के दादू धर्मशाला में प्रतिमाओ को आकार देने वाले मूर्तिकार श्री दिनेश ठाकुर ने बताया कि पहला पर्व पोला और इसके बाद गणेश उत्सव पर्व के चलते बैल नादिया समेत गणेश प्रतिमा बनाने का कार्य शुरू है।

वही नन्हे कलाकार विधान ठाकुर ने बताया की मूर्ति बनाने के लिये सबसे अट्टछी मिट्टी बरघाट क्षेत्र हिर्री नदी के आसपास की मानी जाती है। उक्त मिट्टी के उपयोग से मिट्टी के सूखने के बाद मिट्टी में दरार नहीं आती है। वहीं उन्होंने शासन-प्रशासन से माँग की है कि कुम्हारों को आसानी से मिट्टी मिल सके इसके लिये व्यवस्था बनाने की माँग की है। कई बार मिट्टी की खुदाई के दौरान विभाग के लोग मिट्टी नहीं खोदने देते हैं इससे कुम्हार व मूर्तिकारों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

पर्यावरण की दृष्टि से पीओपी मूर्ति बनाने, बेचने पर कार्यवाही के चलते अब जिले भर के मूर्तिकार मिट्टी की प्रतिमा बनाने लगे हैं। इस मामले में मूर्तिकारों का कहना है कि पीओपी की मूर्तियां बाहर से बनकर आती हैं। वहीं सांचे से बनाई जाने वाली मूर्तियों में उतनी सफाई नहीं होती जितनी कि हाथ से बनाने में।

विधान ने यह भी बताया कि मूर्ति की कीमत में बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन इस बार निर्माण सामग्री की कीमत जरूर बढ़ी है। बड़ी मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकारों ने बताया कि बांस भी डिपो से नहीं मिलते हैं इससे बांस अन्य जगह से खरीदना पड़ रहा है। इससे परेशानी बढ़ गयी है। मूर्तिकार पोला पर्व के चलते मिट्टी के बैल नादिया, लक्ष्मी दहथिया) पूजा के लिये मिट्टी के हाथी भी गणेश प्रतिमाओं के साथ-साथ बना रहे हैं। मूर्तिकार श्री दिनेश ठाकुर ने बताया कि इस साल गणेश पूजा 2 सितम्बर से शुरू होगा। गणेश प्रतिमा शहर समेत गाँव में अधिकांश घरों में बिठाई जाती है जिसके चलते अभी से मूर्तिकार गणेश की प्रतिमा में जुट गये हैं।

Seoni कलेक्टर की पहल पर रक्तदान शिविर 1 अगस्त को

सिवनी- दस्तक अभियान में 00 से 05 वर्ष के बच्चों की विभिन्न तरह की जांच एवं टीकाकरण के दौरान चिन्हित हिमोग्लोबिन की कमी (शरीर में रक्त) वाले बच्चों को अपने घर से चिकित्सालय लाकर रक्त चढ़ाये जाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की व्यवस्था बिगत 10 दिनों से अनवरत जारी है ।

इसके लिए आवश्यक रक्त की व्यवस्था दिनांक 23/07/2019 को राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पुलिस, होम गार्ड्स, आबकारी, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, मंडी, आयुष, तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी संघ सहित सामाजिक संगठनों द्वारा वृहद रक्तदान शिविर में सहभागिता के कारण 352 यूनिट रक्तदान हुआ जिससे उक्त कार्य लगभग 80% पूर्ण हो चुका है ।

जिले में कम हिमोग्लोबिन वाले चिन्हित शेष रहे बच्चों को रक्त चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) हेतु दिनांक 01 अगस्त 2019 को जिला चिकित्सालय सिवनी में वन एवं आदिम जाति कल्याण विभाग सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित है ।

जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि आप स्वयं, आपके अधिनस्थ अमला या अन्य इच्छुक लोग आगे आकर जरूरतमंद 5 साल से कम उम्र के बच्चों के ब्लड ट्रांसफ्यूजन में सहयोगी बने।

नाबालिग के साथ बलात्कार के आरोपी को जीवनपर्यन्त कारावास

सिवनी- माननीय विशेष न्यायाधीश के द्वारा बलात्कार के अपराध में अभियुक्त को उसके जीवन की अंतिम सांस तक के सश्रम कारावास से दंडित करने की सजा सुनाई है ।

घटना के बारे मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम द्वारा बताया गया कि थाना कान्हीवाड़ा के ग्राम की यह घटना दिनांक 06-12-16 के करीब 10 बजे रात्रि की है । कक्षा 9 वी की छात्रा के नाना का स्वर्गवास हो जाने से उसके माता पिता दूसरे ग्राम गये हुए थे ।

और पीड़ित छात्रा अकेली थी और पढ़ाई कर रही थी , तभी आरोपी प्यारेलाल कुमरे पिता रुकदेव कुमरे निवासी ग्राम नादखेड़ा का, उसके घर का दरवाजा खटखटाया और पीने के लिए पानी मांगा और जब पीड़िता पानी लेने घर के अंदर गयी तो आरोपी भी घर मे घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया और धमकी भी दिया कि यह बात किसी को बताई तो उसे स्कूल आते जाते समय में मारकर कर नाले में फेंक देगा ।

दो दिन बाद जब उसके माता पिता घर पर आये तो उसने घटना की सारी बात बताई । घटना की रिपोर्ट पर अभियुक्त के विरूद्ध बलात्कार का मामला कायम कर अन्वेषण पूर्ण पश्चात चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था ।

जिसकी सुनवाई माननीय न्यायाधीश श्री संदीप कुमार श्रीवास्तव , विशेष न्यायाधीश (पोस्को एक्ट ) सिवनी की न्यायालय में सुनवाई की गई जिसमें शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक – श्री नवल किशोर सिंह तथा अपर लोक अभियोजक श्री नेतराम चौरसिया के द्वारा गवाहों और सबूतों के आधार पर अभियुक्त को दोषी साबित कराया ।

जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त प्यारेलाल को धारा-376 (2)(i) भा0द0वी0के अपराध में दोषी पाते हुये जीवनभर कठोर कारावास की सजा भुगतवाये जाने की सजा सुनाई है ।

सागर नदी पहुचे जिला कलेक्टर

सिवनी- आज जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह एवं पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक द्वारा सागर नदी पलारी में बने भराव क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, मौके पर मौजूद थाना प्रभारी पलारी ओर केवलारी को समझाइश दी गई कि स्टॉपर लगाकर पुल पर पानी होने की दशा में वाहनों का आवागमन रोक दें ।

जल भराव के कारण कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।

सबसे शांत रहने वाला मप्र का सीनियर शिक्षक गहरे आक्रोश में क्यों है ?

भोपाल। शिक्षकों की 1 दिनी हड़ताल के बाद शुक्रवार को विधिवत शिक्षा व्यवस्था पटरी पर जरूर लौट आई किन्तु एलआईव्ही और जनसंपर्क विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षकों की 1 दिन की हड़ताल ने शिक्षा और जनजातीय विभाग अन्तर्गत संचालित प्रदेश के लगभग 35 हजार से अधिक स्कूलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इसका सीधा मतलब जितने शिक्षक हड़ताल पर राजधानी में मौजूद थे, उससे अधिक शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर घर भी बैठे थे, वजह आवागमन की असुविधा, बीमारी, आयु की अधिकता कुछ भी रही हो।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 11 हजार से अधिक स्कूल जहां सिर्फ नियमित संवर्ग के शिक्षक  प्रधानपाठक, शिक्षक, सहायक शिक्षक पदस्थ थे, सामूहिक अवकाश के चलते पूरी तरह बंद रहे। सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कभी न हड़ताल करने वाले प्रदेश के पुराने नियमित शिक्षकों को आंदोलन में कूदने की नौबत आ गई? ऐसी कौन सी वजह है कि विभाग का सबसे शांत रहने वाला सीनियर शिक्षक गहरे आक्रोश में है? 

इस सम्बन्ध में भोपाल के प्रसिद्द शिक्षाविद और शिक्षा मामलों के जानकार डॉ द्वारिका सिंदे का कहना है कि मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में जितने संवर्ग है और जितनी असमानताएं है, उतना देश के किसी भी राज्य में नहीं है, 1994 के पूर्व ऐसी स्थिति नहीं थी, लेकिन दिग्विजय शासनकाल में पंचायत अधिनियम लागू होने तथा शिक्षकों के पद डाइंग कैडर घोषित करने बाद से ये स्थिति निर्मित हुई है, सर्व शिक्षा अभियान के आने के बाद भौतिक रूप से स्कूलों की व्यवस्था जरूर बदली है, लेकिन छात्रों के जनरल प्रमोशन और निजी स्कूलों को बेधड़क मान्यता देने से जो सरकारी स्कूलों की जो दिशा दशा बिगड़ी है वो आज तक पटरी पर नहीं आ पाई है। 

इसके लिए भी सिर्फ शिक्षको को ही दोषी ठहराया जाता है जबकि वास्तविक कारण कुछ और ही है, दिखावटी प्रयोगों के दौर में आज शिक्षक अपनी प्रभावी भूमिका तय नहीं कर पा रहा है, वर्ष 1994 से विभाग के पुराने शिक्षकों के पदोन्नति के रूप में मिलने वाले प्रोत्साहन के अवसर लगभग बन्द हो गए है, वर्ष 1977 में सेवा आरंभ करनेवाला बी एस सी, एम एस सी की योग्यता रखनेवाला शिक्षक प्राचार्य का वेतन लेने के बाद भी प्रदेश के प्राइमरी स्कूल में अ अनार का अध्यापन करा रहा है, शिक्षक,प्रधानपाठक, व्याख्याता सभी के पदोन्नति के अवसर गॉड हो गए, नियमानुसार पुराने शिक्षकों की सेवा शर्तों पर आर टी ई का विषय बंधन लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन प्रदेश लेकिन अफसरशाही की नासमझी ने यह बंधन लागू कर शिक्षको के अधिकारों पर कैंची चलाने का काम किया है, प्रदेश में आज लगभग 90% प्राचार्यो के पद रिक्त है, नियमित संवर्ग की स्वीकृत पद संरचना प्रदेश के स्कूलों से विलोपित सी हो गई है। 

तमाम वेतन विसंगतियों के चलते प्रदेश का शिक्षक अन्य राज्यो की तुनला में औसतन 15 हजार कम वेतन प्राप्त कर रहा है, दूसरी ओर अन्य संवर्ग में अध्यापकों को ही ले ले तो इस संवर्ग को पदोन्नति के अवसर जरूर मिले है लेकिन पेंशन और बीमा जैसी सुविधाओं से वो आज भी मोहताज है, प्रदेश में अनुभव को कुचलकर अपमानित किया जा रहा है,सर्वशिक्षा की प्रतिनियुक्ति देश के किसी भी राज्य में आयु का बंधन लागू नहीं है, लेकिन मध्यप्रदेश में है, जो घरे असंतोष का कारण है, निश्चित है कि जब प्रदेश का शिक्षादाता असंतुष्ट रहेगा तो शिक्षा व्यवस्था कैसे पटरी पर आएगी! ऐसे में असमानाओ की लंबी खाई तुलनात्मक रूप से परस्पर संवर्ग संघर्ष का कारण बन रही है, जो भविष्य के लिए ठीक नहीं है, सर्जा को इस पर विचार करना होगा।

SEONI T.I. होंगे मनोज गुप्ता

अरविंद जैन घंसौर तो अमित दाणी होंगे डूण्डा सिवनी थाना प्रभारी

सिवनी । जिला पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने पुलिस विभाग में निरीक्षकों के तबादला आदेश जारी किये हैं। इसके तहत मनोज गुप्ता सिवनी के नये कोतवाल होंगे।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सोमवार की शाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय के द्वारा निरीक्षकों के तबादले की सूची जारी कर दी गयी है।

सूत्रों ने बताया कि इस सूची में लोकायुक्त में प्रतिनियुक्ति पर गये मनोज गुप्ता को वापस पुलिस विभाग में पदस्थ किये जाने के बाद उनका तबादला सिवनी किया गया था। फिलहाल वे पुलिस लाईन में तैनात थे। मनोज गुप्ता को कोतवाली का प्रभार दिया गया है। वे इसके पहले बण्डोल थाने में भी अपने सेवाएं दे चुके हैं।

सूत्रों की मानें तो इसके अलावा नरसिंहपुर से स्थानांतरित होकर आये अमित विलास दाणी को डूण्डा सिवनी का थाना प्रभारी बनाया गया है। अमित दाणी पूर्व में कोतवाली, बरघाट, केवलारी आदि थानों के प्रभारी रह चुके हैं। सिवनी के नगर कोतवाल अरविंद जैन को घंसौर का थाना प्रभारी बनाया गया है।

सूत्रों ने बताया कि डूण्डा सिवनी से हटाये गये गणपत उईके को कुरई, के.एस. मरावी को बरघाट, नीलेश परतेती को छपारा एवं राजन उईके को यातायात थाना प्रभारी बनाया गया है।

खबर सत्ता से चर्चा के दौरान मनोज गुप्ता ने बताया कि वे मंगलवार 30 जुलाई को नगर कोतवाल का प्रभार ग्रहण करेंगे। इधर सूत्रों ने बताया कि सोमवार की रात में अमित दाणी ने डूण्डा सिवनी थाने का प्रभार ग्रहण कर लिया है।