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गणपति को आकर्षक आकार देने में जुटे : दिनेश ठाकुर

मूर्तिकार : दिनेश ठाकुर प्रतिमाओ को तैयार करते हुए

सिवनी । गणेश चतुर्थी पर शहर सहित गाँवों में गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसकी तैयारी में शह के मूर्तिकार जुटे हुए हैं। इस बार भी कई मुद्राओं में भगवान विघ्नहर्ता नजर आयेंगे। शहर के साथ आसपास गाँव में मूर्तिकार प्रतिमा बनाने में जुटे हैं।

नगर के दादू धर्मशाला में प्रतिमाओ को आकार देने वाले मूर्तिकार श्री दिनेश ठाकुर ने बताया कि पहला पर्व पोला और इसके बाद गणेश उत्सव पर्व के चलते बैल नादिया समेत गणेश प्रतिमा बनाने का कार्य शुरू है।

वही नन्हे कलाकार विधान ठाकुर ने बताया की मूर्ति बनाने के लिये सबसे अट्टछी मिट्टी बरघाट क्षेत्र हिर्री नदी के आसपास की मानी जाती है। उक्त मिट्टी के उपयोग से मिट्टी के सूखने के बाद मिट्टी में दरार नहीं आती है। वहीं उन्होंने शासन-प्रशासन से माँग की है कि कुम्हारों को आसानी से मिट्टी मिल सके इसके लिये व्यवस्था बनाने की माँग की है। कई बार मिट्टी की खुदाई के दौरान विभाग के लोग मिट्टी नहीं खोदने देते हैं इससे कुम्हार व मूर्तिकारों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

पर्यावरण की दृष्टि से पीओपी मूर्ति बनाने, बेचने पर कार्यवाही के चलते अब जिले भर के मूर्तिकार मिट्टी की प्रतिमा बनाने लगे हैं। इस मामले में मूर्तिकारों का कहना है कि पीओपी की मूर्तियां बाहर से बनकर आती हैं। वहीं सांचे से बनाई जाने वाली मूर्तियों में उतनी सफाई नहीं होती जितनी कि हाथ से बनाने में।

विधान ने यह भी बताया कि मूर्ति की कीमत में बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन इस बार निर्माण सामग्री की कीमत जरूर बढ़ी है। बड़ी मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकारों ने बताया कि बांस भी डिपो से नहीं मिलते हैं इससे बांस अन्य जगह से खरीदना पड़ रहा है। इससे परेशानी बढ़ गयी है। मूर्तिकार पोला पर्व के चलते मिट्टी के बैल नादिया, लक्ष्मी दहथिया) पूजा के लिये मिट्टी के हाथी भी गणेश प्रतिमाओं के साथ-साथ बना रहे हैं। मूर्तिकार श्री दिनेश ठाकुर ने बताया कि इस साल गणेश पूजा 2 सितम्बर से शुरू होगा। गणेश प्रतिमा शहर समेत गाँव में अधिकांश घरों में बिठाई जाती है जिसके चलते अभी से मूर्तिकार गणेश की प्रतिमा में जुट गये हैं।

Seoni कलेक्टर की पहल पर रक्तदान शिविर 1 अगस्त को

सिवनी- दस्तक अभियान में 00 से 05 वर्ष के बच्चों की विभिन्न तरह की जांच एवं टीकाकरण के दौरान चिन्हित हिमोग्लोबिन की कमी (शरीर में रक्त) वाले बच्चों को अपने घर से चिकित्सालय लाकर रक्त चढ़ाये जाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की व्यवस्था बिगत 10 दिनों से अनवरत जारी है ।

इसके लिए आवश्यक रक्त की व्यवस्था दिनांक 23/07/2019 को राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पुलिस, होम गार्ड्स, आबकारी, पीएचई, पीडब्ल्यूडी, मंडी, आयुष, तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी संघ सहित सामाजिक संगठनों द्वारा वृहद रक्तदान शिविर में सहभागिता के कारण 352 यूनिट रक्तदान हुआ जिससे उक्त कार्य लगभग 80% पूर्ण हो चुका है ।

जिले में कम हिमोग्लोबिन वाले चिन्हित शेष रहे बच्चों को रक्त चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) हेतु दिनांक 01 अगस्त 2019 को जिला चिकित्सालय सिवनी में वन एवं आदिम जाति कल्याण विभाग सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित है ।

जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि आप स्वयं, आपके अधिनस्थ अमला या अन्य इच्छुक लोग आगे आकर जरूरतमंद 5 साल से कम उम्र के बच्चों के ब्लड ट्रांसफ्यूजन में सहयोगी बने।

नाबालिग के साथ बलात्कार के आरोपी को जीवनपर्यन्त कारावास

सिवनी- माननीय विशेष न्यायाधीश के द्वारा बलात्कार के अपराध में अभियुक्त को उसके जीवन की अंतिम सांस तक के सश्रम कारावास से दंडित करने की सजा सुनाई है ।

घटना के बारे मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम द्वारा बताया गया कि थाना कान्हीवाड़ा के ग्राम की यह घटना दिनांक 06-12-16 के करीब 10 बजे रात्रि की है । कक्षा 9 वी की छात्रा के नाना का स्वर्गवास हो जाने से उसके माता पिता दूसरे ग्राम गये हुए थे ।

और पीड़ित छात्रा अकेली थी और पढ़ाई कर रही थी , तभी आरोपी प्यारेलाल कुमरे पिता रुकदेव कुमरे निवासी ग्राम नादखेड़ा का, उसके घर का दरवाजा खटखटाया और पीने के लिए पानी मांगा और जब पीड़िता पानी लेने घर के अंदर गयी तो आरोपी भी घर मे घुस गया और उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया और धमकी भी दिया कि यह बात किसी को बताई तो उसे स्कूल आते जाते समय में मारकर कर नाले में फेंक देगा ।

दो दिन बाद जब उसके माता पिता घर पर आये तो उसने घटना की सारी बात बताई । घटना की रिपोर्ट पर अभियुक्त के विरूद्ध बलात्कार का मामला कायम कर अन्वेषण पूर्ण पश्चात चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था ।

जिसकी सुनवाई माननीय न्यायाधीश श्री संदीप कुमार श्रीवास्तव , विशेष न्यायाधीश (पोस्को एक्ट ) सिवनी की न्यायालय में सुनवाई की गई जिसमें शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक – श्री नवल किशोर सिंह तथा अपर लोक अभियोजक श्री नेतराम चौरसिया के द्वारा गवाहों और सबूतों के आधार पर अभियुक्त को दोषी साबित कराया ।

जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त प्यारेलाल को धारा-376 (2)(i) भा0द0वी0के अपराध में दोषी पाते हुये जीवनभर कठोर कारावास की सजा भुगतवाये जाने की सजा सुनाई है ।

सागर नदी पहुचे जिला कलेक्टर

सिवनी- आज जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह एवं पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक द्वारा सागर नदी पलारी में बने भराव क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, मौके पर मौजूद थाना प्रभारी पलारी ओर केवलारी को समझाइश दी गई कि स्टॉपर लगाकर पुल पर पानी होने की दशा में वाहनों का आवागमन रोक दें ।

जल भराव के कारण कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।

सबसे शांत रहने वाला मप्र का सीनियर शिक्षक गहरे आक्रोश में क्यों है ?

भोपाल। शिक्षकों की 1 दिनी हड़ताल के बाद शुक्रवार को विधिवत शिक्षा व्यवस्था पटरी पर जरूर लौट आई किन्तु एलआईव्ही और जनसंपर्क विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षकों की 1 दिन की हड़ताल ने शिक्षा और जनजातीय विभाग अन्तर्गत संचालित प्रदेश के लगभग 35 हजार से अधिक स्कूलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इसका सीधा मतलब जितने शिक्षक हड़ताल पर राजधानी में मौजूद थे, उससे अधिक शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर घर भी बैठे थे, वजह आवागमन की असुविधा, बीमारी, आयु की अधिकता कुछ भी रही हो।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 11 हजार से अधिक स्कूल जहां सिर्फ नियमित संवर्ग के शिक्षक  प्रधानपाठक, शिक्षक, सहायक शिक्षक पदस्थ थे, सामूहिक अवकाश के चलते पूरी तरह बंद रहे। सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कभी न हड़ताल करने वाले प्रदेश के पुराने नियमित शिक्षकों को आंदोलन में कूदने की नौबत आ गई? ऐसी कौन सी वजह है कि विभाग का सबसे शांत रहने वाला सीनियर शिक्षक गहरे आक्रोश में है? 

इस सम्बन्ध में भोपाल के प्रसिद्द शिक्षाविद और शिक्षा मामलों के जानकार डॉ द्वारिका सिंदे का कहना है कि मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में जितने संवर्ग है और जितनी असमानताएं है, उतना देश के किसी भी राज्य में नहीं है, 1994 के पूर्व ऐसी स्थिति नहीं थी, लेकिन दिग्विजय शासनकाल में पंचायत अधिनियम लागू होने तथा शिक्षकों के पद डाइंग कैडर घोषित करने बाद से ये स्थिति निर्मित हुई है, सर्व शिक्षा अभियान के आने के बाद भौतिक रूप से स्कूलों की व्यवस्था जरूर बदली है, लेकिन छात्रों के जनरल प्रमोशन और निजी स्कूलों को बेधड़क मान्यता देने से जो सरकारी स्कूलों की जो दिशा दशा बिगड़ी है वो आज तक पटरी पर नहीं आ पाई है। 

इसके लिए भी सिर्फ शिक्षको को ही दोषी ठहराया जाता है जबकि वास्तविक कारण कुछ और ही है, दिखावटी प्रयोगों के दौर में आज शिक्षक अपनी प्रभावी भूमिका तय नहीं कर पा रहा है, वर्ष 1994 से विभाग के पुराने शिक्षकों के पदोन्नति के रूप में मिलने वाले प्रोत्साहन के अवसर लगभग बन्द हो गए है, वर्ष 1977 में सेवा आरंभ करनेवाला बी एस सी, एम एस सी की योग्यता रखनेवाला शिक्षक प्राचार्य का वेतन लेने के बाद भी प्रदेश के प्राइमरी स्कूल में अ अनार का अध्यापन करा रहा है, शिक्षक,प्रधानपाठक, व्याख्याता सभी के पदोन्नति के अवसर गॉड हो गए, नियमानुसार पुराने शिक्षकों की सेवा शर्तों पर आर टी ई का विषय बंधन लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन प्रदेश लेकिन अफसरशाही की नासमझी ने यह बंधन लागू कर शिक्षको के अधिकारों पर कैंची चलाने का काम किया है, प्रदेश में आज लगभग 90% प्राचार्यो के पद रिक्त है, नियमित संवर्ग की स्वीकृत पद संरचना प्रदेश के स्कूलों से विलोपित सी हो गई है। 

तमाम वेतन विसंगतियों के चलते प्रदेश का शिक्षक अन्य राज्यो की तुनला में औसतन 15 हजार कम वेतन प्राप्त कर रहा है, दूसरी ओर अन्य संवर्ग में अध्यापकों को ही ले ले तो इस संवर्ग को पदोन्नति के अवसर जरूर मिले है लेकिन पेंशन और बीमा जैसी सुविधाओं से वो आज भी मोहताज है, प्रदेश में अनुभव को कुचलकर अपमानित किया जा रहा है,सर्वशिक्षा की प्रतिनियुक्ति देश के किसी भी राज्य में आयु का बंधन लागू नहीं है, लेकिन मध्यप्रदेश में है, जो घरे असंतोष का कारण है, निश्चित है कि जब प्रदेश का शिक्षादाता असंतुष्ट रहेगा तो शिक्षा व्यवस्था कैसे पटरी पर आएगी! ऐसे में असमानाओ की लंबी खाई तुलनात्मक रूप से परस्पर संवर्ग संघर्ष का कारण बन रही है, जो भविष्य के लिए ठीक नहीं है, सर्जा को इस पर विचार करना होगा।

SEONI T.I. होंगे मनोज गुप्ता

अरविंद जैन घंसौर तो अमित दाणी होंगे डूण्डा सिवनी थाना प्रभारी

सिवनी । जिला पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने पुलिस विभाग में निरीक्षकों के तबादला आदेश जारी किये हैं। इसके तहत मनोज गुप्ता सिवनी के नये कोतवाल होंगे।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सोमवार की शाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय के द्वारा निरीक्षकों के तबादले की सूची जारी कर दी गयी है।

सूत्रों ने बताया कि इस सूची में लोकायुक्त में प्रतिनियुक्ति पर गये मनोज गुप्ता को वापस पुलिस विभाग में पदस्थ किये जाने के बाद उनका तबादला सिवनी किया गया था। फिलहाल वे पुलिस लाईन में तैनात थे। मनोज गुप्ता को कोतवाली का प्रभार दिया गया है। वे इसके पहले बण्डोल थाने में भी अपने सेवाएं दे चुके हैं।

सूत्रों की मानें तो इसके अलावा नरसिंहपुर से स्थानांतरित होकर आये अमित विलास दाणी को डूण्डा सिवनी का थाना प्रभारी बनाया गया है। अमित दाणी पूर्व में कोतवाली, बरघाट, केवलारी आदि थानों के प्रभारी रह चुके हैं। सिवनी के नगर कोतवाल अरविंद जैन को घंसौर का थाना प्रभारी बनाया गया है।

सूत्रों ने बताया कि डूण्डा सिवनी से हटाये गये गणपत उईके को कुरई, के.एस. मरावी को बरघाट, नीलेश परतेती को छपारा एवं राजन उईके को यातायात थाना प्रभारी बनाया गया है।

खबर सत्ता से चर्चा के दौरान मनोज गुप्ता ने बताया कि वे मंगलवार 30 जुलाई को नगर कोतवाल का प्रभार ग्रहण करेंगे। इधर सूत्रों ने बताया कि सोमवार की रात में अमित दाणी ने डूण्डा सिवनी थाने का प्रभार ग्रहण कर लिया है।

रिश्वतखोर लिपिक को हुई सजा

चार साल पहले चाय पान की दुकान वाले से रिश्वत लेने वाले स्वास्थ्य विभाग के लिपिक को माननीय न्यायालय ने सजा सुनायी है।

सिवनी । दुकान के लाईसेंस के नाम पर रिश्वत माँगने वाले स्वास्थ्य विभाग के जिन लिपिक को लोकायुक्त की टीम ने जिला चिकित्सालय के मुख्य गेट के पास की एक चायपान की दुकान के पास 10 हजार रुपये लेते हुए 23 जून 2015 को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी को जिला सिवनी के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के न्यायालय ने जिले के एक और भ्रष्टाचार के मामले में सजा सुनायी है।

मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम ने बताया कि संदीप शर्मा निवासी लखनादौन द्वारा 29 मई 2015 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर में लिखित शिकायत की गयी थी कि उनकी लखनादौन पेट्रोल पंप के पास दवाई की दुकान है। सन 2014 में दुकान खोलने के लिये खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सिवनी द्वारा लाईसेंस जारी किया गया था।

संदीप शर्मा ने बताया था कि उक्त लाईसेंस को जारी रखने के लिये विभाग के औषधि निरीक्षक अजीत जैन एवं नीलकण्ठ कहाते (नमूना सहायक) उन्हें डरा धमका कर 30,000 की रिश्वत की माँग कर रहे थे। इस पर उनके द्वारा अजीत जैन औषधि निरीक्षक एवं नीलकण्ठ कहाते (नमूना सहायक) को रिश्वत के 20,000 रूपये पूर्व में दिये जा चुके थे, शेष 10,000 रूपये न देने के कारण अजीत जैन औषधि निरीक्षक द्वारा 23 मई 2015 को आदेश जारी कर उनकी दुकान 10 दिन के लिये बंद करवा दी गयी थी। इसके बाद वे अजीत जैन एवं नीलकण्ठ कहाते से मिले थे तब वे लोग शेष 10,000 रुपये की माँग कर रहे थे। लोकायुक्त पुलिस जबलपुर द्वारा प्राथमिक अपराध दर्ज कर आरोपी गणों को रंगे हाथ पकड़ने के लिये अग्रिम कार्यवाही की गयी।

अस्पताल के मेन गेट के पास खड़ी थी लोकायुक्त की टीम : ट्रेप दल द्वारा 23 जून 2015 को जिला अस्पताल सिवनी के मुख्य द्वार के पास चाय दुकान के सामने प्रार्थी संदीप शर्मा से नीलकण्ठ कहाते द्वारा रिश्वत की राशि 10,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर बताया गया कि रिश्वत की राशि अजीत जैन के लिये ली गयी थी। लोकायुक्त पुलिस द्वारा मौके पर समस्त कार्यवाही कर नीलकण्ठ कहाते तथा अजीत जैन को गिरफ्तार किया गया था।

संपूर्ण विवेचना पश्चात लोकायुक्त पुलिस जबलपुर द्वारा न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था जिस पर न्यायालय द्वारा आरोपी अजीत जैन के विरूद्ध शासन द्वारा अभियोजन स्वीकृति प्रदान न किये जाने पर उसके विरूद्ध आरोप विरचित नहीं किया गया केवल नीलकण्ठ कहाते के विरूद्ध आरोप विरचित किये गये।

इसकी सुनवायी राजर्षि श्रीवास्तव विशेष सत्र न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) सिवनी की न्यायालय में की गयी। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दीपा मर्सकोले जिला अभियोजन अधिकारी सिवनी के द्वारा गवाह और सबूत पेश किये गये जिस पर न्यायालय द्वारा आरोपी नीलकण्ठ कहाते को दोषी पाते हुए धारा-7 में तीन वर्ष एवं 5000 रुपये जुर्माना तथा धारा -13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार अधिनियम में 04 वर्ष के कारावास एवं 5000 रुपये जुर्माना की सजा से दण्डित किया गया है।

दिघौरी में स्थापित है एशिया का सबसे बड़ा स्फटिक शिवलिंग

सिवनी । जिला मुख्यालय से लगभग 24 किलो मीटर दूर दिघौरी में स्थित श्री गुरुरत्नेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित एशिया के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंग के दर्शन करने के लिये दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं। सावन में यहाँ विशेष अनुष्ठान के साथ काँवड़िये गंगाजल से अभिषेक करने पहुँचते हैं। मान्यता है कि स्फटिक शिवलिंग के दर्शन करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है।

17 साल पहले हुई थी स्थापना : 17 साल पहले वर्ष 2002 में गुरूधाम दिघौरी में एशिया के सबसे बड़े स्फटिक शिवलिंग की स्थापना धर्माचार्यों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई थी। जिस स्थान पर स्फटिक शिवलिंग की स्थापना हुई है उसी स्थान पर द्विपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का जन्म हुआ था।

वर्ष 2002 में 15 से 22 फरवरी तक एक सप्ताह तक विशाल मेले का आयोजन स्फटिक शिवलिंग की स्थापना के अवसर पर किया गया था। इस दौरान चारों पीठों के शंकराचार्य सहित सभी धर्मों के धर्माचार्य यहाँ पहुँचे थे। दिघौरी के इस शिवलिंग की स्थापना जगतगुरु शंकराचार्य महाराज ने करवायी थी।

बताया जाता है कि गुरूधाम दिघौरी में स्थापित स्फटिक शिवलिंग को कश्मीर से यहाँ लाया गया था। बर्फ की चट्टानों के बीच कई वर्षों तक पत्थर के बीच दबे रहने के बाद ऐसा शिवलिंग निर्मित होता है। ऐसे शिवलिंग के पूजन का धर्मग्रंथों में बहुत महत्व बताया गया है। स्फटिक शिवलिंग के दर्शन और पूजन से समस्त पापों का नाश होता है। यही वजह है कि स्फटिक शिवलिंग के दर्शन और पूजन करने अन्य जिलों और प्रदेशों से भी श्रद्धालु पहुँचते हैं।

दक्षिण शैली में बना मंदिर : शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज की जन्म स्थली दिघौरी गाँव में मंदिर का निर्माण दक्षिण शैली में किया गया है। मंदिर में सीढ़ी चढ़ने के बाद एक हॉल में विशाल नंदी विराजित हैं। इसके बाद एक गर्भगृह में स्फटिक शिवलिंग स्थापित है। मुख्यालय से 24 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में सिर्फ सड़क मार्ग से ही पहुँचा जा सकता है। जबलपुर मार्ग पर राहीवाड़ा से लगभग 08 किलोमीटर अंदर मंदिर स्थापित है। यहाँ पहुँचने के लिये कम साधन हैं। आमतौर पर स्वयं के साधन से ही मंदिर तक पहुँचा जाता है।

वन कर्मचारियों को वन्यप्राणी सुरक्षा एवं रेस्क्यू का मिला प्रशिक्षण

सिवनी- दिनांक 29 जुलाई 2019 को राजीव गाँधी वानकी प्रशिक्षण संस्थान लखनादौन में श्रीमान मुख्य वन संरक्षक महोदय शशि मलिक जी एवं श्रीमान वनमंडल अधिकारी महोदय उत्तर सिवनी सामान्य सु .श्री संध्या जी के निर्देनुसार प्रशिक्षण संस्थान में कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

अनुदेशक वन विद्यालय एन. एस कोरचे जी के समक्ष आयोजन में 2019 सत्र 39 प्रशिक्षण में विभिन्न व्रतों से आए वनरक्षकों को मुख्य वन संरक्षक उड़न दस्ता दल में पदस्थ अर्पित मिश्रा द्वारा वन्यप्राणी सुरक्षा, वन्य प्राणियों को सुरक्षित संसाधनों एवं उपकरणों से सुरक्षित रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में सुरक्षित पुनर्स्थापित करने हेतु विशेष प्रशिक्षण दिया ।

अक्सर वन्यप्राणी वन क्षेत्रों के किनारे खेतों के खुले हुए कुओं में गिर जाते है ,सड़क पर दुर्घटना, या घरों में घुस जाने पर तत्काल पहुंच कर रेस्क्यू करना, साथ ही सरीसृपों का आवासीय स्थानों से सुरक्षित रेस्क्यू कर – सुरक्षित छोड़ने की विधियों से अवगत कराया गया । साथ ही सर्पदंश प्रबंधन स्नेक रेसक्यू हैंडलिंग , कार्य का प्रशिक्षण भी दिया गया।

अर्पित मिश्रा द्वारा पूर्व में दिये गए प्रशिक्षण उपरांत मध्यप्रदेश के विभिन्न वृतों से प्रशिक्षित वनरक्षकों ने रेस्क्यू कार्य प्रारंभ किया है जिसके चलते संकट में फंसे वन्यप्राणियों को रेस्क्यू करने का कार्य उत्कृष्टता से निरंतर किया जा रहा है।

कार्यशाला में वनपाल नेतराम सनोडिय ,गणेश प्रसाद सनोडिया,प्रवीण यादव ,राजेन्द्र पन्द्रे,संजय नामदेव,भी खान ,प्रशिक्षण में शामिल हुए। संकट में फंसे वन्यप्राणियों की सूचना तत्काल वन विभाग को दे.| वन क्षेत्र के समीप सभी ग्रामीण अपने कुँए की मेड़ो को जरूर बनवाए।

दिल्ली पावरलिफ्टिंग में सिवनी की बेटी अनमोल बनी विजेता : सिवनी को किया गौरान्वित

सिवनी ।।दिल्ली में 27 जुलाई को आयोजित पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिवनी निवासी अनमोल सच्चानी ( Anmol Sachchani ) ने ओवरआल विनर बनकर अपना व जिले का नाम गौरान्वित किया है।

अनमोल ने इस प्रतियोगिता में 200 किग्रा. डेड लिफ्ट, 150 किग्रा. सकाट्स, और 90 किग्रा. बेंच प्रेस टोटल 440 किग्रा. वजन उठाने के साथ ओवरआल विजेता बानी । वहीं ऐसा उन्होंने 5वी बार दिल्ली में विजेता के रूप में अपना ओर जिले का नाम रोशन किया ।

अनमोल ने बताया ये उनका 5वी बार पॉवरलिफ्टिंग में विजेता के रूप में अपना प्रदर्शन किया । इससे पहले भोपाल इंदौर नसरुल्लागंज बहुत से स्टेट और नेशन लेवल पॉवरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओ में अनेकों मेडल्स सर्टिफिकेट्स और ट्रॉफी जीतकर सिवनी जिले का नाम नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओ में बढ़ाया है ।

अनमोल ने बताया कि अब तक ट्रॉफी ओर मेडल्स जीते है पर आगे उनका विचार वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड लाने का है। यदि उन्हें ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेने का मौका मिलता है तो वह कभी इस मौके के अपने हाथों से नही जाने देंगी जिसके लिए वो अभी से बहुत तैयारियां कर रही है ।