Home Blog Page 203

इन झुलसते पेड़ों की कौन सुने? – राकेश सैन

शहर के बाहरी इलाके में कालोनी होने के कारण सड? के आसपास काफी जगह थी, जिस पर मैने आड़ू, कचनार, शरींह, डेक (बकायन), सहजन, आम बेलपत्री, अमलतास सहित कई तरह के पेड़ लगा दिए। कमर में दर्द होने के कारण जग और कमण्डल से पानी दे इन्हें पाला। नन्हें-नन्हें पेड़ों को जल ग्रहण करने में इतना आनन्द न आता होगा जितना कि मुझे इनकी कोमल जड़ों को सींचने में आता।

कभी लगता कि इस पानी से पितृ तृप्त हुए, तो दूसरे पल एहसास होता कि जैसे बालक मेरी अंजुली से अपनी प्यास बुझा रहे हों। समय बीता वृक्ष तरुण हुए तो इस पर तरह-तरह के पंछी बैठ कर गुनगुनाने लगे, लेकिन एक दिन मेरी सपनों की सारी दुनिया लुट गई। पास ही के खेत के किसान ने गेहूं काट कर बचे हुए अवशेषों को आग लगा दी, जिससे कई नवतरुण पेड़ झुलस गए।

जख्मी पेड़ों को देखा तो ऐसा लगा कि वे मुझे गाली दे रहे हों और पूछ रहे हों कि मुझे ऐसी जगह क्यों लगाया जहां किसी को मेरे गुणों व जान की कदर ही न हो। मैं बेबस था, जैसे अपनी आंखों के सामने कसाई के हाथों मेमना कटता हुआ देख कोई भेड़ असमर्थ हो व सिवाए गर्म-गर्म आंसू बहाने के अतिरिक्त कुछ और करने में असहाय हो।

पंजाब-हरियाणा में आजकल यही कुछ हो रहा है, गेहूं के अवशेषों (स्थानीय भाषा में नाड़) को दिल खोल कर जलाया जा रहा है और यही अग्नि झुलसा रही है आसपास के हरेभरे वृक्षों को। इस आग में केवल पेड़ ही नहीं जल रहे बल्कि साथ में जिन्दा ही स्वाह हो रहे हैं लाखों-करोड़ों पंछी, कीट-पतंगे और सरीसृप जो इस धरती माँ को उतने ही लाडले हैं जितना कि इंसान।

उत्तर भारत में बैसाख के महीने में गेहूं की कटाई हो जाती है और आषाढ़ में धान की बिजाई की जाती है। ज्येष्ठ के महीने में किसान गेहूं की फसल से फारिग हो नई बिजाई की तैयारी में लग जाते हैं। जब हाथ से कटाई होती थी तो गेहू्ं की नाड़ को चारे के रूप में पशुओं के लिए संरक्षित कर लिया जाता परन्तु खेती के मशीनीकरण के चलते फसल के बचे हुए हिस्से को जलाया जाने लगा है।

हालांकि समझदार किसान व कृषि विशेषज्ञ परामर्श देते हैं कि अगर बचे हुए डण्ठलों को खेत में ही जोत दिया जाए तो जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है और अगली फसल (धान, आलू, चारा, कपास) का झाड़ अच्छा होता है परन्तु कुछ लोगों की ये दबंगई ही है कि आज नाड़ जलाने का प्रचलन खतरनाक स्तर पर बढ़ रहा है। इसी वर्ष पंजाब में 11 हजार से अधिक खेतों को आग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं, हालांकि अभी पूरे राज्य में इसका पूरा निष्पादन भी नहीं हो पाया है। खेतों की यही आग अनियंत्रित हो पर्यावरण को जबरदस्त नुक्सान पहुंचा रही है और साथ में मौसम की तपिश में भी वृद्धि कर रही है।

पंजाब के गांवों में सुबह-सुबह गुरुद्वारा साहिबों के लाऊड स्पीकर से पवित्र गुरबाणी के श्लोक सुनने को मिल जाते हैं कि ‘पवनु गुरु पाणी पिता माता धरतु महतु’ अर्थात हवा गुरु, जल पिता और धरती माँ के समान है, परन्तु धरातल पर देखा जाए तो अब यह पवित्र सिद्धांत केवल तोतारटंत ही बनते जा रहे हैं, जिनको मीयां मि_ू की तरह रटते तो सभी हैं परन्तु अमल कोई-कोई करता है। हैरानी की बात है कि न तो सामाजिक संगठन और न ही धार्मिक संस्थाएं इस मुद्दे पर अपनी जुबान खोलने को तैयार हैं। गुरु साहिबानों के इन सिद्धांतों की बेअदबी करने वालों के सामने बोलने का कोई साहस नहीं जुटा पाता।

भारत के इस उत्तरी हिस्से में आषाढ़ व सावन महीने को पावस का मौसम माना जाता है, इस समय दौरान जीव जगत प्रसव काल से गुजरता है। बारिश की प्राणदायक बून्दें तपती धरती पर राहत बरसाती हैं जो प्राणी जगत में प्रेम व प्रजनन की कामना पैदा करता है। वर्तमान में चल रहा ज्येष्ठ माह पावस की तैयारी का माना जाता है, तभी तो देखा होगा कि इन दिनों चिडि?ा-बया जैसे पंछी वृक्षों व घरों की छतों पर घोंसले बनाना शुरू कर देते हैं। खेतों को लगाई जाने वाली आग इन आशियानों को आबाद होने से पहले ही बर्बाद कर रही है। पाताल के निवासी कहे जाने वाले सर्प, शशांक, केंचुए, साही जैसे जीव इस आग में भूने जाते हैं तो जमीन पर घोंसले बनाने वाली टटीहरी, तीतर, बटेर के अण्डे आग से आमलेट बन रहे हैं। 

नाड़ जलाने से केवल जीव-जन्तु ही नहीं बल्कि इसी मौसम में आधा दर्जन लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। खेत की आग के धुएं से सडक़ पर जा रहे राहगीरों को कुछ दिखाई नहीं पड़ता और वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। राजमार्गों पर चलने वाले कई वाहन खेतों की आग की भेंट चढ़ चुके हैं पठानकोट में तो पिछले दिनों एक रेल गाड़ी झुलसते-झुलसते बची। धान की पराली का निष्पादन सरल न होने की बात कह कर किसान धान की पराली खूब जलाते हैं परन्तु गेहंू की नाड़ का निपटारे तो कोई मुश्किल नहीं, इसके बावजूद इसे भी जलाने का प्रचलन खतरनाक स्तर पर बढ़ रहा है।

दिल्ली में चले किसान आन्दोलन के बाद जिस तरह से केन्द्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापिस लिए उसके बाद से पंजाब में किसान यूनियनों की मनमानी दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। आए दिन धरने-प्रदर्शन, सड?-रेल मार्ग रोकना, बाजार बन्द करवाना साधारण सी बात बन गई है। यह कहना अतिशयोक्ति न होगा कि पंजाब-हरियाणा के लोग इन्हीं किसान यूनियनों के रहमो-करम पर जीने को विवश हैं। जब सरकारें, प्रशासन व आम नागरिक इतना बेबस हंै तो जलते हुए इन असहाय पेड़-पौधों व मूक जीव-जन्तुओं की कौन सुने?

– राकेश सैन
32, खण्डाला फार्म कालोनी,
ग्राम एवं डाकखाना लिदड़ा,
जालन्धर।

सिवनी: पति अंकित और पत्नी अंजना मिश्रा पर चाकू से हमला, पति की मौत; हत्यारा राकेश यादव पुलिस की गिरफ्त में

सिवनी। हत्या का आरोपी 48 घंटे के अंदर पुलिस गिरफ्त में, दो दिन पूर्व दम्पति को चाकू मारकर किया था। घायल (एक किलोमीटर पीछा कर पकडा पुलिस टीम ने) दिनांक 24/05/24 को ज्यारत नाका में रात्रि को सूचना प्राप्त हुई कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा मिश्रा दम्पति को चाकू मारकर घायल कर दिया है जो आरोपी चाकू मारकर मौके से भाग गया है।

मौके पर तस्दीक उपरांत पाया गया कि अंकित मिश्रा नाम का व्यक्ति जो अपनी पत्नि अंजना मिश्रा के साथ ज्यारत नाके में दुकान लगाते वक्त एक व्यक्ति को धक्का लग जाने की बात पर से पति पत्नि दोनो को पेट में चाकू मार कर घायल कर दिया गया है। जो तत्परता से घायलो को उपचार हेतु जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

दौरान जांच के जानकारी प्राप्त हुई कि अंकित मिश्रा एवं उसकी पत्नि को राकेश यादव उर्फ पप्पू यादव उर्फ मद्दी नामक व्यक्ति ने पुराने विवाद पर से चाकू मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। दोनो घायलो को मेडीकल कालेज जबलपुर रिफर कर दिया गया था जो ईलाज दौरान अंकित मिश्रा की मृत्यु हो गई।

श्रीमान पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह द्वारा घटना को गंभीरता से लेकर आवश्यक निर्देश दिये गये जो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जी.डी. शर्मा एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस महोदय श्रीमति पूजा पाण्डे के महत्वपूर्ण मार्गदर्शन थाना प्रभारी कोतवाली के नेतृत्व में अलग अलग टीम बनाकर आरोपी की तलाश की गई

घटना वक्त से आरोपी लगातार भाग रहा था हर संभावित स्थानो पर उसकी तलाश की जा रही थी जो पुलिस की कई टीमे सक्रियता से तलाश में जुटी हुई थी जो सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी गंज तरफ देखा गया है जो सारी टीम एक साथ पहुंचकर आरोपी तलाश की जो आरोपी भागने लगा खेत में लगभग एक किलो मीटर पीछा कर आरोपी को पकडा गया जो आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा रहा है।

अपराधी की पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि आरोपी वर्ष 2019 में एक मोटर पंप चोरी के मामले में गिरफ्तार हुआ था जो थाना कोतवाली में अप.क्रं. 307/19 धारा 379 ताहि. में जेल भेजा गया था साथ ही वर्ष 2020 में सिवनी निवासी रवि यादव से मार पीट कर नेलकटर से चोट पहुंचाया था जिस पर थाना कोतवाली में अप. क्रं. 818/20 धारा 294,324,506 ताहि. पंजीबद्ध किया गया था

नाम पता आरोपीः- 1. राकेश यादव उर्फ पप्पू यादव उर्फ मद्दी पिता काशीराम यादव उम्र 27 वर्ष निवासी मालू पेट्रोल पंप के पीछे दलसागर चौपाटी सिवनी

विशेष भूमिका – निरीक्षक सतीश तिवारी, उनि. देवेन्द्र उईके, प्रधान आरक्षक रामअवतार डेहरिया, सुन्दरश्याम तिवारी, आरक्षक नितेश राजपूत, प्रतीक बघेल, विक्रम देशमुख, राजेन्द्र राजपूत, अभिषेक डेहरिया, विशाल भांगरे, सुधीर डेहरिया, रविन्द्र डेहरिया, इरफान खान आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही । जो पुलिस अधीक्षक  द्वारा सम्पूर्ण टीम को पुरूष्कृत करने की घोषणा की है।

भीषण गर्मी से त्वचा रोगों में अचानक हुई 25% की वृद्धि, बढ़ने लगी सनबर्न, फंगल संक्रमण से परेशानी

गर्मियों में होने वाली आम बीमारियों में हीट स्ट्रोक, शुष्क त्वचा, फटे होंठ, गर्मी से होने वाले चकत्ते, घमौरियां, सनबर्न और एलर्जी शामिल हैं, जिनमें वृद्धि देखी गई है और डॉक्टरों का दावा है कि हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति इन समस्याओं से पीड़ित है।

इंदौर (मध्य प्रदेश): गर्मी के मौसम में शहर के डॉक्टर त्वचा संबंधी बीमारियों में उल्लेखनीय वृद्धि देख रहे हैं। अस्पतालों ने विभिन्न त्वचा रोगों और सनबर्न से पीड़ित रोगियों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। गर्मी के मौसम में होने वाली आम बीमारियों में हीट स्ट्रोक, रूखी त्वचा, फटे होंठ, हीट रैश, घमौरियां, सनबर्न और एलर्जी शामिल हैं और डॉक्टरों का दावा है कि हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति इन समस्याओं से पीड़ित है।

कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. राहुल नागर ने बताया कि मरीजों में सबसे ज्यादा शिकायतें रूखी त्वचा और सनबर्न की हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस गर्मी में फंगल संक्रमण के मामले अपने चरम पर हैं, जो सभी आयु समूहों को प्रभावित कर रहा है, खासकर वे लोग जो अक्सर बाहर रहते हैं। 

वे इन त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करने और ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह देते हैं। इसी तरह, डॉ. संजय पंचोली ने गर्मी के मौसम को त्वचा के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बताया।

उन्होंने बताया कि अत्यधिक तापमान और नमी के कारण पसीना बढ़ जाता है, जो पसीने की ग्रंथियों को अवरुद्ध कर सकता है और घमौरियों या हीट रैश का कारण बन सकता है, साथ ही बार-बार मुंहासे और त्वचा का लाल होना भी हो सकता है। डॉ. पंचोली ने त्वचा को सीधे यूवी किरणों से बचाने और किसी भी लगातार त्वचा संबंधी समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श करने के महत्व पर जोर दिया।

त्वचा रोगों से बचाव के उपाय

  • सनस्क्रीन: सनबर्न और UV क्षति से बचाव के लिए नियमित प्रयोग
  • वस्त्र: गर्मी और पसीने को कम करने के लिए ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
  • हाइड्रेशन: त्वचा की नमी और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना
  • स्वच्छता: जीवाणु और फंगल संक्रमण को रोकने के लिए उचित स्वच्छता बनाए रखना  
  • चिकित्सा परामर्श: लगातार या गंभीर त्वचा की स्थिति के लिए तत्काल चिकित्सा सलाह लेना

नौतपा के पहले दिन मध्यप्रदेश को नहीं मिली राहत, रात भी कई सालों में सबसे गर्म

इंदौर (मध्य प्रदेश): इस साल गर्मी की मार झेल रहे लोगों को अभी से ही गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नौतपा के पहले दिन यानी साल के सबसे गर्म नौ दिनों में मौसम की सबसे गर्म रात आई और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।

इसके अलावा, अधिकारियों का दावा है कि शुक्रवार की रात कम से कम पांच साल में सबसे गर्म थी क्योंकि वे गर्मियों में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड नहीं रखते हैं, लेकिन उन्होंने कई सालों में इतनी वृद्धि नहीं देखी है।

हालांकि, दिन का तापमान थोड़ा कम होकर 44 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। क्षेत्रीय मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कोई नया सिस्टम न बनने के कारण कम से कम दो दिनों तक शहर में राहत की संभावना कम है।

उन्होंने कहा कि दिन और रात के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी और अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे शहर में लू चलने की संभावना है। 

मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा, “अगले तीन से चार दिन मौसम शुष्क और गर्म रहेगा क्योंकि मौसम प्रणाली में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर सिस्टम बनने की वजह से मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है।

“शनिवार को शहर में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक था। पिछले एक सप्ताह से मौसम गर्म और शुष्क बना हुआ है, जिससे निवासियों को गर्मी का एहसास हुआ, जिससे मौसम भी असहज हो गया।

श्रावण मॉस 2024 में बाबा महाकाल की सवारी: महाकाल की सवारी और दर्शन को सुगम बनाने के लिए – कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने दिए निर्देश

उज्जैन (मध्य प्रदेश): कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने शनिवार को कहा कि श्रावण मास में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के लिए दर्शन को सुगम बनाने तथा भगवान महाकाल की सवारी के आयोजन के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर सुधारों के क्रियान्वयन की कार्ययोजना महाकाल मंदिर के प्रशासक, अपर कलेक्टर तथा अपर एसपी द्वारा तैयार की जाए।

कलेक्टर प्रशासनिक परिसर भवन में आयोजित महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में बोल रहे थे। बैठक में एसपी प्रदीप शर्मा, प्रबंध समिति सदस्य राजेंद्र गुरु, प्रदीप शर्मा, आशीष शर्मा, राम शर्मा, जिला पंचायत सीईओ एवं प्रशासक श्री महाकालेश्वर मंदिर मृणाल मीना, यूडीए सीईओ संदीप सोनी, एडीएम अनुकूल जैन, अतिरिक्त एसपी गुरु प्रसाद पाराशर एवं जयंत सिंह राठौर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा मुख्य रूप से चर्चा का विषय श्रावण मास के पूरे 45 दिनों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक में 84 महादेव मंदिरों की दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, रस्सी नियंत्रण, सवारी मार्ग पर आवश्यक चौड़ीकरण एवं मरम्मत, बाबा महाकाल की सवारी के आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी तथा कावड़ यात्रियों के लिए समुचित व्यवस्था के संबंध में सुझाव दिए गए।

बाबा महाकाल की सवारी श्रावण मास में 5 बार तथा भादों मास में 2 बार सोमवार को निकाली जाएगी। पहली सवारी 22 जुलाई, दूसरी सवारी 29 जुलाई, तीसरी सवारी 5 अगस्त, चौथी सवारी 12 अगस्त, पांचवीं सवारी रक्षाबंधन पर्व पर 19 अगस्त, छठी सवारी कृष्ण जन्मोत्सव पर 26 अगस्त तथा शाही सवारी 2 सितम्बर को निकाली जाएगी।

इलाज के दौरान 9 हफ़्तों की प्रेग्नेंट पाई गई 13 साल की लड़की: पड़ोसी ने किया था बलात्कार, चुप रहने की धमकी दी गई

मुरैना (मध्य प्रदेश): एक चौंकाने वाली घटना में, मुरैना में एक 13 वर्षीय लड़की पेट दर्द की शिकायत के बाद गर्भवती पाई गई। बाद में उसने खुलासा किया कि उसके साथ बलात्कार किया गया था और पड़ोसी ने उसे घटना के बारे में चुप रहने की धमकी दी थी।

दो साल पहले भिंड में उनकी मां का निधन हो गया था, जिसके कारण वह मुरैना में अपनी दादी के पास रहती थीं। लड़की द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दो महीने पहले उसकी दादी के घर के पास एक शादी थी।

जहां प्रमोद नामक अपराधी मौजूद था। मौके का फायदा उठाकर उसने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया और उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे और उसकी दादी को जान से मार देगा।

पिछले महीने से लड़की के पेट में दर्द होने लगा था। जब मुरैना में इलाज से उसकी तकलीफ़ कम नहीं हुई तो उसे आगे की जांच के लिए ग्वालियर के एक अस्पताल में लाया गया।

अल्ट्रासाउंड करने पर डॉक्टरों को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि लड़की नौ सप्ताह की गर्भवती थी। जब उसके रिश्तेदारों ने उससे पूछताछ की तो लड़की टूट गई और उसने पूरी घटना बता दी।

इस खुलासे के बाद उसके परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ बलात्कार और पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

सिवनी मेडिकल कॉलेज के लिए 22 चिकित्सा शिक्षकों की हुई नियुक्ति, देखें पूरी लिस्ट

सिवनी। सिवनी जिले के कंडीपार में 220 करोड़ रुपये से बनकर तैयार मेडिकल कालेज में जल्द ही बैचलर आफ मेडिसिन एंड बैचलर आफ सर्जरी (MBBS) की कक्षाएं प्रारंभ होंगी जिसके लिएय तैयारियां पूरी हो चुकी है. मेडिकल कॉलेज सिवनी में प्रवेश लेने वाले एमबीबीएस छात्रों को प्रथम वर्ष में तीन विषय एनाटामी, फिजियोलाजी व बायोकैमिस्ट्री पढ़ाया जाएगा।

फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया के साथ ही उपकरण व अन्य संसाधन जुटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की मंजूरी के बाद सिवनी मेडीकल कालेज में डीन के तौर पर परवेज अहमद सिद्दिकी की नियुक्ति हो चुकी है।

प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद अक्टूबर माह से नये सत्र में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जाएंगे। जानकारी के अनुसार फैकल्टी के 30 से 40 प्रतिशत पदों पर भर्ती हो चुकी है. जिनकी ज्वाइनिंग की प्रक्रिया 24 मई से शुरू हो चुकी है. फैकल्टी के शेष खाली पदों में 15 दिन बाद फिर से भर्ती शुरू की जाएगी।

आवश्यक उपकरणों की खरीदी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मेडिकल कालेज भवन से जुड़े निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से सिवनी मेडिकल कालेज को मान्यता मिलने के बाद एमबीबीएस की 150 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होगी। कालेज प्रबंधन के अनुसार पहले साल एमबीबीएस छात्रों को मुख्य रूप से तीन विषय पढ़ाए जाएंगे। ऐसे में उपकरण, फैकल्टी अथवा अन्य किसी तरह की समस्या नहीं आएगी।

जून में आएंगे नीट का रिजल्ट, फिर सिवनी मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए शुरू होंगे एडमिशन 

जानकारी के अनुसार एमबीबीएस में प्रवेश के लिए आवश्यक नीट परीक्षा का परिणाम जून माह में जारी होने की संभवना है। राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के परिणाम जारी होने के बाद सिवनी मेडिकल कालेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के प्रवेश शुरु हो जाएंगे। मेडिकल कालेज के लिए फेज-1 का काम लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई ने लगभग पूरा करवा लिया है।

220 करोड़ रुपये से फेज-1 के निर्माण कार्य पूर्ण कराएं गए हैं। कालेज का मुख्य और आकर्षक भवन के अलावा 8-8 मंजिला गर्ल्स व बायज छात्रावास बनकर तैयार हो गए हैं। साथ ही डीन निवासी, लेक्चरर रूम, लाइब्रेरी, खेल परिसर व व्यवसायिक काम्पलैक्स का निर्माण पूर्ण हो गया है। मेडिकल परिसर में बैंक, पोस्ट आफिस, जनरल स्टोर, एटीएम आदि की सुविधा भी प्रारंभ होंगी। तमाम उपकरण सहित फेज-1 की कुल लागत 328 करोड़ रुपये आएगी।

निरीक्षण करने आएगी एनएमसी टीम – 

जानकारी के अनुसार सिवनी, नीमच और मंदसौर में इसी सत्र से मेडिकल कालेज प्रारंभ करने सरकार ने एनएमसी को आवेदन भेज दिया है। एनएमसी की टीम कभी भी कालेजों का निरीक्षण करने पहुंच सकती है। सिवनी, नीमच, मंदसौर, सिंगरौली, श्योपुर और सतना के लिए फैकल्टी (प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर) के 445 पदों में भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इनमें 160 पद मिले हैं। इनके पदस्थापना आदेश जारी होने के साथ ही ज्वाइनिंग की प्रक्रिया भोपाल स्तर से प्रारंभ होने वाली है। बचे पदों के लिए 15 दिन बाद फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

राज्य शासन एतद द्वारा मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भारती नियम, 2023 के प्रावधानों के अनुसार चयन समिति की अनुशंसा पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के अधीन निम्नलिखित चिकिस्ता शिक्षकों को सहायक प्राध्यापक के पद पर वेतनमान रुपए 68900 – 205500 (सांतवे वेतनमान में एकेडेमिक लेवल 11) में नियुक्त करता है. नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों को उनके सम्मुख कालम क्रमांक 4 में दर्शाए गए पदस्थापना स्थल पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यंत तक पदस्थ किया जाता है.

क्र.चिकित्सा शिक्षक का नामविभागपदस्थापना स्थल
1DR VIVEK KUMARएनाटॉमीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
2DR SWAPNESH SAGARएनाटॉमीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
3DR MILIND ABHIMANYU NISARGANDHAफिजियोलॉजीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
4DR ANJALI DUBEYपैथोलॉजीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
5DR ABHINAV JUNWALपैथोलॉजीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
6DR ABHA PATELपैथोलॉजीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
7DR JOSHNA THAKURई.एन.टी.GOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
8DR DIVYA RAMRAIKAनेत्र रोगGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
9DR KUMAR HEMANT SAURABHपीडियाट्रिक्सGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
10DR GAURAV KUMAR PRAJAPATIपीडियाट्रिक्सGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
11DR JAYANT KOTHALEअस्थि रोगGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
12DR RITU TARWAREप्रसूति एवं स्त्री रोगGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
13DR SANYOGITA SAHLAMप्रसूति एवं स्त्री रोगGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
14DR PRIYESH ROKDEजनरल सर्जरीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
15DR JUHI BISEN KHAREजनरल सर्जरीGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
16DR UMESH KUMAR PRAJAPATIजनरल मेडिसिनGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
17DR DINKAR DUBEYजनरल मेडिसिनGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
18DR HIMANSHU SINGHजनरल मेडिसिनGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
19DR ANUBHUTI KUJURकम्युनिटी मेडिसिनGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
20DR SHOBHANA YADAVकम्युनिटी मेडिसिनGOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
21DR DEEPAK KHAREएनेस्थीसिया (निश्चेतना)GOVT MEDICAL COLLEGE SEONI
22DR PAVAN SINGH RAHANGDALEएनेस्थीसिया (निश्चेतना)GOVT MEDICAL COLLEGE SEONI

मत पेटी देगी ममता जी को उनके अहंकार का उत्तर: आलोक कुमार

नई दिल्ली। मई 19, 2024। विश्व हिंदू परिषद ने आज कहा है कि यह लोकतंत्र में शर्म की बात है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी जी ने एक सार्वजनिक सभा में विश्व भर में सम्मान रखने वाली तीन आध्यात्मिक – धार्मिक संस्थाओं पर निशाना साधा है। यह संस्थाएं हैं, भारत सेवाश्रम संघ, श्री रामकृष्ण मिशन एवं इस्कॉन। ममता जी की शिकायत है कि यह तीनों संस्थाएं चुनाव में भाजपा की मदद कर रही हैं।

अपने एक वक्तव्य में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने कहा है कि ममता जी के अहंकार का उत्तर बंगाल की जनता मत पेटी के माध्यम से देगी।

उन्होंने कहा कि ममता जी के आरोप सच नहीं है। ये तीनो संस्थाएं राजनीति से परे व अपने चुने हुए आध्यात्मिक मार्ग पर चल रही है। बहरहाल, यदि यह मान भी लिया जाएं कि इन में से किसी ने या इनके किसी पदाधिकारी ने भाजपा की मदद की भी हो, तो भी, लोकतंत्र में इसकी शिकायत की क्या बात है! क्या चुनाव में किसी का समर्थन / विरोध करना, सब का सहज लोकतान्त्रिक अधिकार तथा कर्तव्य नहीं है?

विहिप अध्यक्ष ने आगे कहा कि इनमें से एक संगठन को उनकी सरकार ने 700 एकड़ जगह दी थी। हम विश्वास करते है सरकार ने यह काम कानून के अनुसार ही किया होगा। पर क्या इसके लिए, संस्था को जीवन भर ममता जी का ऋणी रह कर समर्थन करना पड़ेगा? एक आध्यात्मिक संस्था को उसके अच्छे कामों के लिए जमीन दी थी या उसके बदले ममता जी ने आजीवन अपनी पार्टी के लिए समर्थन का सौदा किया था?

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी की भाषा आक्रामक व अपमानजनक है। इसमें धमकी है। यह सनातन पर हमला है। आत्मवान संस्थाएं इस से विचलित नहीं होती। हम मुख्यमंत्री के कथन की निंदा करते है।

विश्व हिन्दू परिषद् (विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के धर्म प्रेमी हिन्दू समाज से) आग्रह करती है कि वह अपने धर्मगुरुओं व आध्यात्मिक संगठनों के पीछे दृढ़ता से बने रहे।

हम देश की जनता से आह्वान करते हैं कि ऐसी सनातन द्रोही पार्टियों व नेताओं को मत पेटी के रास्ते पराजित करें। लोकतंत्र में यह सर्वाधिक प्रभावी कदम होता है।