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सिवनी के किसानों के लिए अच्छी खबर: ग्रीष्मकालीन फसल मूँग एवं उड़द के उपार्जन हेतु रजिस्ट्रेशन हुआ प्रांरभ

सिवनी: कलेक्‍टर श्री क्षितिज सिंघल द्वारा दिये गये निर्देशानुसार भारत सरकार की प्राईससपोर्ट स्‍कीम अन्‍तर्गत वर्ष 2024 (विपणन वर्ष 2024-25) में ग्रीष्‍मकालीन फसल मूंग एवं उड़द को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर उपार्जन के लिये पंजीयन का कार्य दिनांक 20 मई 2024 से 05 जून 2024 तक पंजीयन किये जाने हेतु निर्देश प्राप्‍त हुये है।

उक्‍त निर्देशों के परिपालन में जिला सिवनी में समिति स्‍तर पर 11 पंजीयन केन्‍द्रों क्रमश: सिवनी तहसील में सेवा सहकारी समिति बंडोल में , सिवनी नगर तहसील हेतु सहकारी प्रक्रिया विपणन संस्‍था मर्यादित सिवनी स्‍थान नरेला, बरघाट तहसील हेतु वृहत्‍ताकार सेवा सहकारी समिति स्‍थान बरघाट, केवलारी तहसील हेतु वृहत्‍ताकार सेवा सहकारी समिति केवलारी.

साथ ही कुरई तहसील हेतु आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मोहगांव सड़क, छपारा तहसील हेतु आदिम जाति सेवा सहकारी समिति छपारा एवं चमारी खुर्द, लखनादौन तहसील हेतु आदिम जाति सेवा सहकारी समिति धूमा एवं मार्केटिंग सोसायटी लखनादौन, धनौरा तहसील हेतु आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कुड़ारी, घंसौर तहसील हेतु आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कहानी को पंजीयन केन्‍द्र निर्धारित किया गया है।

इन पंजीयन केन्‍द्रों के अलावा पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, जनपद पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, एम.पी.किसान ऐप पर एवं पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था, एम.पी.ऑनलाईन की व्यवस्था पर, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क पर, लोक सेवा केन्द्र एवं निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर पंजीयन केन्द्र की स्‍थापना की गई है ।

उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ द्वारा कृषक भाईयों से अपील है कि वे दिनांक 05 जून 2024 तक ग्रीष्‍मकालीन फसल मूँग एवं उड़द के उपार्जन हेतु अपना पंजीयन कराये।

सिवनी: मौके का फर्द बंटवारा तैयार करने में पटवारी ने लगा दिये महिनो, न्यायालय के आदेश दिखाया ठेंगा

सिवनी, धारनाकला: सिवनी जिले के बरघाट तहसील के अन्तर्गत आने वाले ग्राम डुंगरिया की बुजुर्ग महिला हल्का पटवारी के कारण महिनो से परेशान है. जिसके चलते महिला की जमीन का विधिवत बटवारा नही हो पा रहा है.

उल्लेखनीय है की ग्राम डुंगरिया निवासी 70 वर्षीय कस्तुरा बाई पति चमरा के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरघाट के न्यायालय मे अपील प्रस्तुत करते हुए भूमि खसरा न 490/1 एवं 495 /3 रकबा 0.61 0.52 हेक्टेयर, भूमि का बटवारा किये जाने की अपील की है.

किन्तु हल्का पटवारी की मनमानी और स्वार्थ लिप्सा के चलते आवेदित महिला कस्तुरा बाई तथा उसका परिवार महिनो से परेशान है किन्तु पटवारी के कानो मे जू तक नही रेंग रही है.

न्यायालय के आदेश को भी दिखा रहा ठेंगा

उल्लेखनीय है की हल्का पटवारी न 68 राजस्व नि. म. गगेरूआ को न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बरघाट से दिनाक 13/2/2024 को मौके का फर्द बटवारा तैयार कर प्रस्तुत करने के आदेश प्राप्त होने के बाद भी हल्का पटवारी के द्वारा अब तक दुखित महिला का मौके का फर्द बटवारा तैयार कर न्यायालय मे प्रस्तुत नही किया गया है.

जिसके कारण पीडित महिला का बटवारा महिनो से हल्का पटवारी की रिपोर्ट मे अटका हुआ है इससे अन्दाजा लगाया जा सकता है की जब न्यायालय का आदेश भी पटवारी के लिये मायने नही रखता ऐसी स्थिति मे ग्रामीण जनमानस की क्या स्थिति होगी अन्दाजा लगाया जा सकता है.

नक्शा नही कटा है

जब इस संबंध मे हल्का पटवारी से बात की गई तो बताया गया की आवेदित भूमि का नक्शा नही कटा है अब प्रश्न यह उठता है की किसानो की जमीन अथवा आवेदक के आवेदन पर जमीन का नक्शा कौन काटेगा जबकि नक्शा काटने का काम हल्का पटवारी राजस्व का होता है. ऐसी स्थिति मे पटवारी का तर्क कितना न्याय संगत है समझा जा सकता है किन्तु यह बात राजस्व के आला अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी इस पर कडाई न होना समझ से परे है यहा सिर्फ यही कहा जा सकता है की पटवारी की हठधर्मिता के चलते बुजुर्ग महिला कस्तुरा बाई जरूर परेशान है.

सिवनी मौसम अपडेट: सिवनी में तापमान पहुंचा 41 डिग्री सेल्सिस, कल से नौतपा बरपाएगा कहर

सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में आज 24 मई को पारा 41 डिग्री तक पहुँच गया. पारा 41 डिग्री पहुँचते ही आज सुबह से ही भीषण गर्मी का अनुभव लोगों ने किया। इस भीषण गर्मी में लोगों को अत्यधिक ध्यान देने योग्य सावधानियों रखनी चाहिए

पारा 41 डिग्री पहुँचते ही आज सुबह से ही भीषण गर्मी का अनुभव लोगों ने किया। इस भीषण गर्मी में लोगों को अत्यधिक ध्यान देने योग्य सावधानियों रखनी चाहिए. कल यानी 25 मई से नौतपा भी शुरू होगा।

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“नौतपा” के नौ दिन आमतौर पर साल के सबसे गर्म दिनों में से होते हैं, और इस साल भी कोई अपवाद नहीं है। ऐसा अनुमान है कि इस अवधि के दौरान तापमान आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। आज, तापमान में और वृद्धि होने की उम्मीद है, जो संभवतः 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

जैसे-जैसे नौतपा आगे बढ़ेगा, गर्मी और भी बढ़ेगी, जिससे राज्य में सबसे ज़्यादा तापमान का रिकॉर्ड टूट सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शहर का सबसे ज़्यादा तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस साल यह रिकॉर्ड भी पार कर सकता है।

सुरक्षा के उपाय

तापमान के इस स्तर पर, लोगों को संवेदनशील होना चाहिए। धूप से बचाव के लिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। भीषण गर्मी के खिलाफ सुरक्षा उपायों का पालन करना आवश्यक है, जैसे कि धूप में आवागमन से बचना, ठंडा पानी पीना, और अधिक से अधिक आराम करना।

किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल तथा इसके परिणाम का प्रकाशन या प्रचार करना एक जून की शाम 6:30 बजे तक पूर्णत: प्रतिबंधित है

लोकसभा निर्वाचन-2024 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विगत 28 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार आदर्श आचार संहिता के दौरान 1 जून 2024 की शाम 6:30 बजे तक निर्वाचन के संबंध में किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का आयोजन तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसके परिणाम का प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से इसका प्रचार-प्रसार करना पूर्णत: प्रतिबंधित है।

उन्होंने बताया कि आयोग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार के ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामलों के प्रदर्शन पर भी पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा।

उल्लेखनीय है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126क में यह प्रावधानित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति, कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा और किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम का ऐसी अवधि के दौरान, जो निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचित की जाए, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति से प्रसार भी नहीं करेगा।

यदि कोई व्यक्ति इस प्रावधान का उल्लंघन करेगा, तो वह ऐसी अवधि के कारावास से, जो दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से, दण्डनीय होगा।

Nautapa: कल से शुरू होगा ‘नौतपा’, एसी और कूलर नहीं आएंगे काम, MP के ज्यादातर जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार

भोपाल (मध्य प्रदेश): राज्य में भीषण गर्मी का कहर जारी है। गुरुवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। शनिवार से नौतपा शुरू होने के साथ ही भीषण गर्मी के और बढ़ने की आशंका है, जिससे लोगों को अभी से भीषण गर्मी का अहसास होने लगा है।

सुबह से ही गर्मी असहनीय थी और सूरज निकलने से पहले ही लोग पसीने से तरबतर हो रहे थे। दोपहर तक, बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया, सड़कें और बाजार सुनसान हो गए। कई लोगों ने एयर कंडीशनर और कूलर में राहत की तलाश की, लेकिन इससे भी अपेक्षित आराम नहीं मिला।

मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में और भी वृद्धि होने की संभावना है, जो संभवतः 30 मई तक 46 डिग्री या उससे अधिक तक पहुंच जाएगा।

कल से शुरू होगा ‘नौतपा’

“नौतपा” के नौ दिन आमतौर पर साल के सबसे गर्म दिनों में से होते हैं, और इस साल भी कोई अपवाद नहीं है। ऐसा अनुमान है कि इस अवधि के दौरान तापमान आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। आज, तापमान में और वृद्धि होने की उम्मीद है, जो संभवतः 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

जैसे-जैसे नौतपा आगे बढ़ेगा, गर्मी और भी बढ़ेगी, जिससे राज्य में सबसे ज़्यादा तापमान का रिकॉर्ड टूट सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शहर का सबसे ज़्यादा तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस साल यह रिकॉर्ड भी पार कर सकता है।

बारिश की कोई संभावना नहीं

मौसम विशेषज्ञ ने पुष्टि की कि गुरुवार इस मौसम का अब तक का सबसे गर्म दिन था, रात में भी तापमान अधिक दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में तापमान में गिरावट या बारिश के कोई संकेत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान 46 या 47 डिग्री तक पहुंच सकता है। मौसम में किसी भी तरह के संभावित बदलाव का अंदाजा 31 मई के बाद ही लगाया जा सकता है। तब तक लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

बाबा केदार ने बचाया: तीर्थयात्रियों को ले जा रहे हेलीकॉप्टर में खराबी; डराने वाला वीडियो

देहरादून: तीर्थयात्रियों सहित सात लोगों को ले जा रहे एक हेलीकॉप्टर को शुक्रवार सुबह तकनीकी खराबी आने के बाद उत्तराखंड के केदारनाथ में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी।

एक अधिकारी ने बताया कि हेलीकॉप्टर हिमालय मंदिर के हेलीपैड से कुछ मीटर की दूरी पर उतरा। इसमें छह तीर्थयात्री और पायलट समेत सात लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि सभी सुरक्षित हैं।

रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट सौरभ गहरवार ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने शुक्रवार सुबह सिरसी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी।

उन्होंने प्रारंभिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि विमान के पिछले मोटर में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण पायलट को केदारनाथ में हेलीपैड से कुछ मीटर की दूरी पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी।

गहरवार ने कहा कि पायलट ने धैर्य बनाए रखा और त्वरित निर्णय लिया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने कहा कि सभी लोग सुरक्षित हैं और तीर्थयात्री मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौट गए हैं। गहरवार ने बताया कि घटना सुबह करीब सात बजे हुई और आगे की जांच जारी है।

ठाणे की केमिकल फैक्ट्री में हुआ विस्फोट: अब तक 9 लोगों की मौत, मालिकों पर ‘हत्या’ का मामला दर्ज

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रासायनिक फैक्ट्री में हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, क्योंकि घटनास्थल से एक और शव बरामद हुआ है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने डोंबिवली एमआईडीसी के फेज 2 में स्थित अमुदन केमिकल्स नामक इकाई के मालिकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

कल्याण के तहसीलदार सचिन शेजल ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि उन्हें संदेह है कि तबाह हो चुकी फैक्ट्री के परिसर में और शव पड़े हैं। अधिकारी ने कहा, “मलबा हटाया जा रहा है।”

उन्होंने बताया कि आसपास के कारखानों में काम करने वाली कई महिलाओं सहित 64 लोग घायल हो गए, जिनका कम से कम छह विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि डोंबिवली स्थित एम्स अस्पताल में दो दर्जन मरीजों का इलाज चल रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार दोपहर को फैक्ट्री में बॉयलर फट गया और विस्फोट तथा उसके परिणामस्वरूप लगी आग से आस-पास की फैक्ट्रियां और घर प्रभावित हुए। आग पर काबू पाने के लिए दस दमकल गाड़ियों को लगाया गया और गुरुवार रात 11 बजे तक आग बुझाने का काम जारी रहा।

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के कैलाश निकम ने कहा, “अब, शीतलन कार्य चल रहा है।” उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र जले हुए रसायनों की तीखी गंध से भरा हुआ है।

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पंचनामा (मूल्यांकन) का कार्य शुरू किया जाएगा और आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

डोंबिवली में मानपाड़ा पुलिस ने फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 ए (गैर इरादतन हत्या) और विस्फोटक पदार्थों और खतरनाक रसायनों से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

तहसीलदार शेजल ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा, “शव जल चुके थे और पहचान से परे थे।”

ठाणे पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि अनुमति देने और निरीक्षण करने के लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों की जांच की जाएगी।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने गुरुवार को बताया कि प्रभावित रासायनिक फैक्ट्री में खाद्य रंग बनाए जाते थे और पेरोक्साइड का उपयोग किया जाता था, जो अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और अस्थिर रसायन हैं, जो कुछ स्थितियों में भयंकर विस्फोट का कारण बन सकते हैं।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विस्फोट इतना जोरदार था कि एक किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनी गई. अधिकारियों ने बताया कि आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूट गए तथा आसपास के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए।

कृष्ण जन्मभूमि – शाही ईदगाह विवाद पर वक्फ अधिनियम नहीं होगा लागू – हिंदू पक्ष

प्रयागराज: मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मुस्लिम पक्ष की दलील का विरोध करते हुए हिंदू पक्ष ने मंगलवार को कहा कि वक्फ अधिनियम के प्रावधान उस पर लागू नहीं होंगे, क्योंकि विवादित संपत्ति वक्फ संपत्ति नहीं है।

न्यायालय ने कहा कि यह वाद स्वीकार्य है और इसके अस्वीकार्य होने का निर्णय केवल साक्ष्य प्रस्तुत होने के बाद ही किया जा सकता है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन द्वारा मुस्लिम पक्ष द्वारा मुकदमे की स्वीकार्यता के संबंध में दायर आवेदनों पर की जा रही है।

हिंदू पक्ष के वकील राहुल सहाय ने मुस्लिम पक्ष की दलीलों का जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के प्रावधान लागू नहीं होंगे। उन्होंने दलील दी कि पूजा स्थल अधिनियम में स्थान या संरचना के धार्मिक चरित्र को परिभाषित नहीं किया गया है।

इसका धार्मिक चरित्र केवल साक्ष्य द्वारा ही तय किया जा सकता है, जिसका निर्णय केवल सिविल न्यायालय द्वारा ही किया जा सकता है। सहाय ने ज्ञानवापी मामले में पारित एक निर्णय भी प्रस्तुत किया जिसमें न्यायालय ने कहा था कि धार्मिक चरित्र का निर्णय केवल सिविल न्यायालय द्वारा ही किया जा सकता है।

हिन्दू पक्ष ने यह भी कहा कि वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधान उस पर लागू नहीं होंगे, क्योंकि विवादित संपत्ति वक्फ संपत्ति नहीं है। विवादित संपत्ति एक मंदिर थी और उस पर बलपूर्वक कब्जा करने के बाद, उन्होंने (मुसलमानों ने) नमाज अदा करना शुरू कर दिया।

लेकिन इस तरह से भूमि का चरित्र नहीं बदला जा सकता, ऐसा तर्क दिया गया। आगे दलील दी गई कि चूंकि विचाराधीन संपत्ति वक्फ संपत्ति नहीं है, इसलिए इस अदालत को मामले की सुनवाई करने का अधिकार है।

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। मुस्लिम पक्ष बाद में हिंदू पक्ष के तर्कों के जवाब में अपना दृष्टिकोण रखेगा।