Home Blog Page 1952

सिवनी : जिले में हुई चोरियों के शातिर चोर गिरफ्तार

सिवनी। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है जिनके द्वारा थाना छपारा, लखनादौन एवं घंसौर क्षेत्र में हुई चोरी में शामिल होने की बात स्वीकारी गई है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने एवं आरोपियों को गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। लखनादौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टोरिया की पहाड़ी में बीते दिवस चोरी का समान बंटवारा करते हुये 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है,

जिसमें एक युवक जिला रायसेन एवं चार युवक नरसिंहपुर जिले के निवासी है। लखनादौन थाना के ग्राम बुढ़वानी में 29 जनवरी 2020 को, लखनादौन में 26 जनवरी 20 को, घंसौर के ग्राम मेहता में 13 जनवरी 20 को एवं छपारा में 7 जनवरी 20 को इन शातिर चोरों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था।

लखनादौन पुलिस ने उपरोक्त घटनाक्रमों में आरोपियों को गिरफ्तार कर आज चोरी का खुलासा किया है, बताया जा रहा है कि आरोपियों से नगदी राशि व सामग्रियां भी बरामद की गई है।

सिवनी : अर्जुन काकोडिय़ा के क्षेत्र में कांगे्रस सरकार ने की कटौती

सिवनी । सिवनी के बरघाट विकासखंड मुख्यालय में वर्षों से 30 बिस्तरों वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है, जिसे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा उन्नयन कर सिविल अस्पताल में परिवर्तित करने हेतु 17 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई थी। सिवनी कलेक्टर के रूप में अपनी सेवायें देने वाले धनराजू एस स्वास्थ्य सेवा विभाग में संचालक के पद पर रहते हुये व्यक्तिगत रूचि लेकर उक्त राशि स्वीकृत करायी थी।

लेकिन वर्तमान कांगे्रस सरकार द्वारा ना केवल बरघाट को मिलने वाली सिविल अस्पताल की सौगात वापस ले ली गई, बल्कि आम मतदाताओं को भ्रमित करने के लिये 50 बिस्तर वाला नया भवन बनाने का कार्यादेश जारी भी कर दिया है। विगत दिनों स्थानीय कांगे्रसी विधायक अर्जुन काकोडिय़ा द्वारा वर्तमान में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर का निरीक्षण कर दावा किया था कि अब बरघाट में ज्यादा अच्छे तरीके से स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध हो जायेंगी, क्योंकि बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

यहां यह बताना आवश्यक है कि स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देशों के अनुसार केवल चार श्रेणी के अस्पतालों का संचालन ही किया जाता है, जहां प्राथमिक, सामुदायिक, सिविल एवं जिला अस्पताल की श्रेणी सूचीबद्ध है।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार अगर बरघाट में सिविल अस्पताल स्वीकृत होता तो ना केवल बिस्तरों की संख्या 100 होती बल्कि उसी आधार पर 16 विभिन्न तरह के चिकित्सीय सेवायें देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाती, जिसके बाद अस्पताल में ही छोटे-बड़े ऑपरेशन सहित प्रसव प्रक्रिया के लिये ऑपरेशन थिऐटर भी स्वीकृत करना स्वास्थ्य विभाग की मजबूरी हो जाती।

Umang Helpline : बच्चो से संबंधित समस्याओं हेतु ‘‘उमंग हेल्पलाईन‘‘ का प्रारंभ : SEONI

सिवनी : जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश शासन द्वारा छात्र-छात्राओं में परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षाओं से विद्यार्थियों के मन में होने वाले भय, घबराहट, किसी कार्य में मन न लगना, असमंजस की स्थिति, व्यक्तिगत समस्यायें, दूसरे से कमजोर महसूस करना, नशे की लत से परेशान, स्वयं को नुकसान पहुंचाने का विचार आना तथा  विषय के चयन में कठिनाई उत्पन्न होना।

ऐसे सभी परिस्थितियों से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु जिले में ‘‘उमंग हेल्पलाईन” (Umang Helpline) प्रारंभ की गई है। जिसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 14425 पर कॉल करके समस्याओं से निजात पाने में मदद या मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

उमंग हेल्पलाईन (Umang Helpline) की विशेषताऐं – प्रशिक्षित परामर्शदाता द्वारा सेवायें, परामर्शदाताओं का मित्रवत, पूर्वाग्रह रहित व्यवहार, गोपनीयता एवं निजता का विश्वास, नाम तथा व्यक्तिगत विवरण के बिना भी सेवा का लाभ ,आवश्यकता होने पर फॉलोअप कॉल जैसी सुविधायें टोल फ्री नंबर – 14425 के माध्यम से ली जा सकेंगी। जिले के विद्यार्थी उक्त उमंग हेल्पलाईन के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपने भय को दूर कर अपने परीक्षा परिणाम में वृद्धि कर सकेंगे।

जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के समस्त प्राचार्य शासकीय/अशासकीय हाईस्कूल/उच्च माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने विद्यालयों में समस्त विद्यार्थियों को उक्त हेल्पलाईन संबंधी जानकारी से अवगत करावें। उमंग हेल्पलाईन संबंधी जानकारी विद्यालय के परीसर में तीन- चार जगह चस्पा की जावें। उमंग हेल्पलाईन (Umang Helpline) का अधिक- अधिक से प्रचार- प्रसार करें जिससे कि अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभांवित हो सकें।

प्रदेश शासन द्वारा छात्र-छात्राओं में परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षाओं से विद्यार्थियों के मन में होने वाले भय, घबराहट, किसी कार्य में मन न लगना, असमंजस की स्थिति, व्यक्तिगत समस्यायें, दूसरे से कमजोर महसूस करना, नशे की लत से परेशान, स्वयं को नुकसान पहुंचाने का विचार आना तथा  विषय के चयन में कठिनाई उत्पन्न होना।

सिवनी : घर में बैठे बैठे करें नगरपालिका करो का भुगतान

संपत्ति कर एप से घर से ही किया जा सकता है अपने करों का भुगतान
nagar-palika-seoni

सिवनी : सिवनी कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के निर्देशन में नगरपालिका सिवनी क्षेत्र के विकास कि दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। जिसके लिए नगरवासियों से अपने बकाया टैक्स समय में भरने की अपील की गई है।

नगरवासी संपत्ति कर एप के माध्यम से अपनी सुविधानुसार घर से ही अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। इस एप को गूगल प्लेस्टोर से MPeNagarPalika Citizen app पर जा कर डाउनलोड कर सकते हैं या नगरपालिका की वेबसाइट www.mpenagarpalika.gov.in  से भी संपत्ति करों का भुगतान किया जा सकता है।

मुख्य लिंक

MP eNagarPalika Citizen Appयहाँ क्लिक करें
MP eNagarPalika Websiteयहाँ क्लिक करें
खबर सत्ता एंड्राइड एप्पयहाँ क्लिक करें

सिवनी : मेडिकल ऑफिसर को स्पष्टीकरण तथा फार्मासिस्ट को कारण बताओ नोटिस

पी.एच.सी.धूमा के मेडिकल ऑफिसर को स्पष्टीकरण तथा फार्मासिस्ट को कारण बताओ नोटिस

सिवनी : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.आर.शाक्य द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धूमा का औचक निरिक्षण किया गया। निरिक्षण के दौरान अस्पताल में साफ सफाई का अभाव पाया गया। उपस्थिति पंजी का अवलोकन करने पर पाया गया कि आयुष चिकित्सक डॉ. निधि धुर्वे एवं फार्मासिस्ट कैलाश डहेरिया द्वारा एक दिवस पूर्व के हस्ताक्षर किए जाना।

सफाई कर्मी कंचन लगातार अनुपस्थित रहना एवं कार्य नहीं करना तथा उक्त कर्मचारी का वेतन पत्रक नियमित रूप से जारी किये जाने पर प्रभारी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अश्विन आर्य को अपने कार्य में लापरवाही एवं स्वास्थ्य केन्द्र में अनियमित्ता बरतने के कारण स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया।

इसी प्रकार दवा भंडार एवं दवाई वितरण कक्ष में गंदगी एवं अव्यवस्था होने के साथ-साथ रिकार्ड का संधारण सही ढंग से नहीं पाया गया। स्टोर में कंडम योग्य उपकरण एवं सामग्री बहुत अधिक मात्रा में पाई गई जिसका समय पर अपलेखन की कार्यवाही नहीं की गई थी स्टोर में उपलब्ध दवा की सूची तैयार कर प्रदर्शित नहीं करने एवं ई.डी.एल. औषधियों के बारे में जानकारी न बता पाने के कारण फार्मासिस्ट केदार डहेरिया कारण बताओं नोटिस जारी किया गया।

प्रसव कक्ष में आटोक्लेव मशीन खराब पाई गई तथा दवाईयों एवं उपकरणों के निर्धारित ट्रे आधे अधूरे पाये गये पूछने पर स्टाफनर्स मोनिका विश्वकर्मा एवं ममता सहगल द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया तथा कहा कि हमें प्रोटोकॉल अनुसार प्रसव कराने हेतु प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.आर.शाक्य ने जिला चिकित्सालय से मेटर भेजकर उन्हें प्रशिक्षित कराने के निर्देश दिये तथा भविष्य में विषय की पुनर्रावृत्ति न हो इस बाबत सभी अधिकारी कर्मचारियों को सचेत किया गया।

WEB GIS CELL : सिवनी कलेक्टर ने जिले में वेब जीआईएस सेल का किया शुभारंभ

सिवनी : कलेक्‍टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा 5 फरवरी को राजस्‍व विभाग के अंतर्गत विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों को तकनीकी/ व्‍यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर विभिन्‍न तकनीकी कार्यों एवं योजनाओं के सफल क्रियान्‍वयन एवं कार्यों में आने वाली तकनीकी व व्‍यवहारिक समस्‍याओं के निराकरण हेतु जिला स्‍तर पर कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख सिवनी में WEB GIS CELL का शुभारंभ किया गया।

उक्‍त अवसर पर श्री सुनील दुबे CEO जिला पंचायत सिवनी, श्रीमति रानी बाटड अपर कलेक्‍टर सिवनी, श्री जे.पी. सैयाम अ.वि.अ.(रा.) सिवनी, श्री कामेश्‍वर चौबे, अ.वि.अ. (रा.) कुरई, श्री हुनेन्‍द्र कुमार घोरमारे, अ.वि.अ. (रा.) बरघाट, श्री अमित कुमार बम्‍हरोलिया, अ.वि.अ. (रा.) केवलारी, श्री अंकुर मेश्राम, अ.वि.अ. (रा.) लखनादौन, श्रीमति सोनल मरावी, डिप्‍टी कलेक्‍टर सिवनी, श्री प्रभात मिश्रा तहसीलदार सिवनी, श्री संदीप मिश्रा जिला प्रबंधक लोक सेवा सिवनी एवं WEB GIS CELL के जिला स्‍तरीय समिति के सदस्‍यगण उपस्थित रहे।

जिला स्‍तर पर स्‍थापित WEB GIS CELL के प्रभारी अधिकारी श्री शनिपाल शाह परतेती, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा अवगत कराया गया कि उक्‍त ‘’सेल’’ के माध्‍यम से विभागीय कार्यों का क्रियान्‍वयन हेतु विभागीय पोर्टल/एप्‍लीकेशन/ऑनलाईन व ऑफलाईन यूटिलिटी में आने वाली तकनीकी समस्‍यों का निराकरण व विविध तकनीकी कार्यों का समय-समय पर अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशिक्षण आदि प्रदाय करने की कार्यवाही की जावेगी। जिसके अंतर्गत राजस्‍व विभाग के निम्‍न महत्‍वपूर्ण कार्यों को सम्मिलित किया जावेगा।

  • WEB GIS एप्‍लीकेशन के माध्‍यम से भू-अभिलेखों को ऑनलाईन मॉडिफिकेशन एवं कृषकों को डिजीटल हस्‍ताक्षरित नकलें प्रदाय करने की योजना का क्रियान्‍वयन।
  • Saara mobile app के माध्‍यम से विभाग के विभिन्‍न कार्यों का सम्‍पादन।
  • मोबाईल एप के माध्‍यम से फसल गिरदावरी कार्य का सम्‍पादन।
  • फसल कटाई प्रयोगों के अंतर्गत प्राप्‍त परिणामों को मोबाईल एप के माध्‍यम से ऑनलाईन दर्ज कराया जाना।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आगामी वर्ष के लिये आच्‍छादित प्रमुख फसलों के लिये पटवारी हल्‍कों को अधिसूचित कराया जाना।
  • WEB GIS के माध्‍यम से विभागीय यूजर का पंजीयन व उनकी समस्‍याओं का निराकरण।
  • मॉडर्न रिकॉर्ड रूम के माध्‍यम से पुराने भू-अभिलेखों का डिजीटाईजेशन एवं कृषकों को डिजीटल हस्‍ताक्षरित नकलों का प्रदाय किया जाना।

सिवनी : देश में यादव रेजीमेंट बनाने की मांग : राष्ट्रीय अध्यक्ष

सिवनी- अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश यादव की उपस्थिति में वृन्दावन होटल में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने बताया कि सन 1924 के पूर्व सेना में यादव समाज के व्यक्ति रहा करते थे.

और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की टीम में भी समाज के अनेक लोगों ने आजादी के आंदोलन में योगदान दिया। लेकिन वर्तमान में इस समाज को राजनैतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उपेक्षित किया जा रहा है।

हमारी मांग है कि शासन यादव रेजीमेंट बनाये। और इस समाज को समाजसेवा के क्षेत्र में आगे लायें। उन्होंने आगे बताया कि प्रथम विश्व युद्ध में यादव रेजीमेंट थी लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध में अंग्रेजों के साथ होने के कारण यह रेजीमेंट शामिल नही हुई.

अगर हमें अधिकार नही मिला तो हम सामाजिक रूप से निर्णय लेते हुए अपने प्रतिनिधी को राजनैतिक क्षेत्र में भी लाने का मन बना रहे है।

मप्र में 30 प्रतिशत यादव समाज के लोग निवास करते है। जबकि पूरे भारत में सर्वाधिक जनसंख्या यादव समाज की है। इसके बावजूद भी इन्हें उपेक्षित किया जा रहा है.

इसी तारतम्य में जिले के अध्यक्ष को हटाये जाने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने यह कहकर बात समाप्त कर दी कि यह हमारा अंधरूनी मामला है। और हमने अपने अनुसार जो योग्य लगा उसे स्थान दिया।

इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष जगदीश यादव एवं वरिष्ठ सदस्य अखिलेश यादव,विपिन यादव, विकास यादव,विनोद यादव सहित आदि उपस्थित थे।
मार्च माह में यादव समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन विदिशा में आयोजित किया जायेगा। जिसमें पूरे देश के समाज के लोग शामिल होंगे।

30 नगर परिषदो के गठन निरस्त करने का प्रस्ताव निरस्त | MP NEWS

सिवनी : शिवराज सरकार में गठित तीस नगर परिषदों को निरस्त करने के मुद्दे पर कैबिनेट में दो राय सामने आई। कुछ मंत्रियों ने जहां इन परिषदों की अधिसूचना को निरस्त करने का पक्ष लिया तो कुछ ने प्रस्ताव पर सहमति जताई।

मंत्रियों की अलग-अलग राय होने के कारण मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस विषय पर और विचार करने का कहकर प्रस्ताव लौटा दिया। वहीं, रहवासी क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियों को मान्य करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आपत्ति उठाते हुए वापस कर दिया।

जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के नगर परिषद और रहवासी क्षेत्रों में वाणिज्यिक गतिविधियों को मान्य करने संबंधी प्रस्तावों पर अभी और विचार किया जाएगा।

मंत्रियों का स्वेच्छानुदान बढ़ाने के बाद अब उन्हें प्रति प्रकरण 20 की जगह 40 हजार रुपए तक एक बार में सहायता करने का अधिकार होगा।

Coronavirus : कोरोना वायरस के लक्षण एवं बचाव

0

क्या है कोरोना वायरस (What is coronavirus)

कोरोना वायरस एक विषाणुओं का समुह है जो जानवरों और इंसानों को बीमार कर सकता है। ये एक RNA वायरस है, जिसका मतलब है कि यह एक शरीर के अंदर कोशिकाओं में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद की पुन: उत्पन्न करने के लिये करता है। चीन के वुहान में फैल रहा कोरोना वायरस पहले कभी नहीं देखा गया। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन WHO के अनुसार यह वायरस सी- फूड से जुडा है और इसकी शुरूआत चीन के हुवई प्रात के वुहान शहर से एक सी फूड बाजार से ही हुई मानी जा रही है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड रहे है। यह वायरस ऊंट, बिल्ली और चमगादड सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन WHO के अनुसार यह वायरस एक व्यक्ति के दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।

कोरोना वायरस कैसे फैलता है (How the coronavirus spreads)

– यह वायरस सिर्फ खांसी और छींक के जरिये लोगों में फैल सकता है, इसका मतलब यह वायरस बेहद आसानी से किसी को भी संक्रमित कर सकता है। यह वायरस लार के जरिए निकट संपर्क, चुंबन या फिर बर्तन शेयर करने से भी फैल सकता है। यह वायरस फेफडो को संक्रमित करता है, इसलिये खांसते वक्त मुंह से निकलने वाली बूंदे भी सामने मौजूद व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, जिन व्यक्तियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उनके लिये यह वायरस प्राणघातक हो सकता है।

कोरोना वायरस के लक्षण (Symptoms of coronavirus) –

इस वायरस से संक्रमित होने वाले व्यक्ति में कम से कम 14 दिनों के बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते है। संक्रमित व्यक्ति में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, बुखार जैसे शुरूआती लक्षण दिखाई देते है। यह लक्षण बाद में फेफडों में निमोनिया और किडनी को क्षति पहुंचाते हैं।

कोरोना वायरस का उपचार (Treatment of coronavirus)

– अब तक इस वायरस का कोई ईलाज व टिका नहीं बना है इस प्रकार की बीमारी की जानकारी ही बचाव है, व्यक्ति को आमतौर पर लक्षण आधारित उपचार दिया जाना है मरीज को आराम करने की सलाह दी जाती है खाने में तरल पदार्थ के उपयोग की सलाह दी जाती है तथा जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, बुखार जैसे शुरूआती लक्षण दिखाई देते ही चिकित्सक से परामर्श करें अथवा स्वास्थ्य संस्था में उपचार करायें।

कोरोना वायरस से बचाव हेतु सावधानियां (Precautions to protect against coronavirus)

– इस वायरस से बचाव हेतु व्यक्ति अपने हाथ साबुन-पानी या अल्कोहल युक्त हैड रब से जब भी किसी से मिलते है या सार्वजनिक स्थल पर अन्य लोगों से टच होते है या किसी सामान को छुते है हर बार हाथ साफ करें। खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुडी हुई कोहनी से ढकें। जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हो उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचे। मीट व अंडों को खाने से पहले अच्छे से पकाऐं। भीड-भाड वाली जगह पर न जाये व मास्क पहने, खासतौर पर चीन से सफर कर लौटे व्यक्ति से दूर रहे।   

म0प्र0 : बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिए दिशानिर्देश : MP NEWS

बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश

भोपाल : प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बोर्ड परीक्षा के संचालन के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि परीक्षा के पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें। इस मौके पर आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्रीमती आइरिन सिंथिया जेपी भी उपस्थित थीं।

प्रमुख सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि कमजोर बच्चों की नियमित रूप से रेमेडियल और एक्सट्रा क्लासेस लगाई जायें। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाये। नकल रोकने के लिये पुख्ताश इंजताम हों। उन्होंने कहा कि नकल किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिये। मिशन- 1000 के तहत चिन्हित स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाये। राज्य शिक्षा केन्द्र के माड्यूल एवं निर्देश अनुसार बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करायें।

बच्चों को प्रतिदिन अभ्यास कराया जाये। किसी भी दिन अवकाश नहीं दिया जाये। श्रीमती शमी ने बताया कि इस बार पांचवी और आठवीं बोर्ड के बच्चों को प्रश्न-पत्र लिखने की तैयारी कराने के लिए दो बार प्री-बोर्ड परीक्षा कराई जा रही है, ताकि बच्चे समय प्रबंधन के साथ उत्तर दे सकें। प्री-बोर्ड में पेपर के दिन ही शिक्षक सेकण्ड हाफ में बच्चों को बैठाकर पेपर साल्व करायेंगे।

परीक्षा केन्द्रों की होगी मेपिंग : इस बार बच्चों् के एडमिट कार्ड से लेकर रिजल्ट तक सभी जानकारी ऑनलाईन उपलब्ध रहेगी। परीक्षा के दिन परीक्षा केन्द्र पर बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ऑनलाईन रहेगी। सभी परीक्षा केन्द्रों की मेपिंग होगी। एक्जाम वेल्यूएशन भी आनलाईन दर्ज होगा। बहुत दूर स्थित केन्द्रों पर बच्चों को लाने-ले-जाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

विद्यार्थियों के लिये टोल-फ्री नम्बर 14425 : प्रमुख सचिव ने सभी स्कूलों में उमंग माड्यूल एवं एस्पायर पोर्टल की जानकारी चस्पा कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को टोल फ्री नंबर 14425 की जानकारी हो ताकि परीक्षा के तनाव अथवा अन्य समस्या के समाधान के लिये विद्यार्थी परामर्श ले सकें। कोई भी बच्चा समग्र आई.डी. से एस्पायर पोर्टल पर लॉग-इन कर सकता है। एस्पायर पोर्टल पर स्नातक के लिए सभी विषयों एवं संबंधित संस्थाओं तथा छात्रवृत्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ है।

परीक्षा बाद स्कूलों में होगा केरियर मेला : परीक्षा के बाद प्रत्येक स्कूल में कैरियर मेला भी आयोजित किया जाएगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि 12वीं कक्षा के बाद 50-50 छात्र-छात्राओं को लक्ष्य योजना के तहत ट्रेनिंग दिलाने के लिये अभी से चिन्हित कर लें ताकि उन्हें पैरा-मिलिट्री, पुलिस तथा अन्य परीक्षाओं के लिए फिजिकल ट्रेनिंग दी जा सकें। उन्होंने निर्देश दिये कि स्कूलों में शिक्षकों की रिक्तियों की सटीक जानकारी दी जाये ताकि वर्ग 1 और 2 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने पर चयनित शिक्षकों की पदस्थापना दूरस्थ स्कूलों, मॉडल एवं उत्कृष्ठ स्कूलों में की जा सके।