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सिवनी /छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक पर POCSO ACT के तहत मामला दर्ज

मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की छपारा विकासखंड का
छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक पर POCSO ACT के तहत मामला दर्ज

सिवनी जिले की छपारा विकासखंड के ग्राम सागर में माध्यमिक शाला के पदस्थ एक शिक्षक पर शाला में ही अध्ययनरत नाबालिग छात्रा ने छेड़छाड़ के आरोप लगाया है । छपारा पुलिस में शिकायत पर आरोपी शिक्षक पर कार्यवाही है।

छपारा पुलिस के अनुसार 29 फरवरी दिन शनिवार के दिन ग्राम सागर के माध्यमिक शाला में अध्ययनरत छात्रा विद्यालय में किसी विषय की पुस्तक लेने के लिए पुस्तक संग्रहालय में पहुंची। तभी आरोपी शिक्षक अखिलेश डेहरिया वहां पहुंचकर छात्र को अकेला पाकर वहां के कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और अशीभनिय हरकत करने लगा।

नाबालिग छात्रा किसी तरह से उस शिक्षक से छूट कर घर पहुंची। जहां उसने अपने साथ घटित घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों के द्वारा छपारा थाने में पहुंचकर उस शिक्षक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसकी शिकायत के आधार पर छपारा पुलिस ने आरोपी शिक्षक अखिलेश डहेरिया के विरुद्ध धारा 354 एवं पास्को एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की है ओर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है ।।

सिवनी /कुल्हाड़ी से हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास

मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की धनोरा विकासखंड का
कुल्हाड़ी से हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास

सिवनी : जिला सिवनी थाना धनौरा का मामला इस प्रकार है कि प्रार्थीया हेमवती बाई, पति रमेश सिंगारे उम्र 55 वर्ष, दिनांक 6/12/2014 को दोपहर में अपने मुख्यालय धनौरा मिटींग में गई थी।

उसका बेटा राजेंद्र व बहु शांति धनौरा गये थे। घर में उसका पति राजेश सिंगारे था। करीब 2.30-3 बजे के बीच उसकी सहायिका वीना पटेल ने उसके बेटे राजेंद्र को फोन कर बताई कि आरोपी प्रदीप उम्र 28 वर्ष, पिता हिम्मत सिंह कवरेती, निवासी थावरी कंचन धनौरा, के साथ तुम्हारे पिता जी रमेश का झगड़ा हो गया है, तुम्हारे पिता के सिर में चोट लगी है और खून निकल रहा है.

उसी समय उसका बेटा राजेंद्र आया और अपने पिता रमेश को मोटरसाइकिल में बिठाकर धनौरा ले गया था, उसके पति के सिर में बाएं तरफ चोंट आई थी, जिससे खून निकल रहा था उसके पति ने अपने बेटे राजेंद्र व बहु शांति को बताया कि आरोपी प्रदीप कवरेती ने उसे जमीन की बात को लेकर सिर में कुल्हाड़ी से मारा है उक्त घटना की रिपोर्ट प्रार्थीया हेमवती बाई ने अपने बेटा राजेंद्र के साथ जाकर थाना धनौरा में दर्ज कराई, थाना धनौरा द्वारा अपराध क्रमांक 292/ 14 पंजीबद्ध कर धारा 302, 450 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही की गई, विवेचना उपरांत उक्त धारा के अधीन अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

श्रीमान मोहित दिवान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लखनादौन के न्यायालय में विचारण में पाया गया कि आरोपी प्रदीप कवरेती द्वारा मृतक रमेश सिंगारे के साथ जमीन विवाद को लेकर दिनांक 6/12/2014 को करीब 2 बजे थावरी कंचन मंदिर के पास मृतक के घर के पीछे कुल्हाड़ी से मारकर उसकी हत्या कर दी गई, जिसमें शासन की ओर से A.G.P. श्री k.c. निगम द्वारा पैरवी की गई, एवं अंतिम तर्क नवीन दृष्टांतो का हवाला देते हुए व्यक्त किया गया की आरोपी को धारा 302 भा0द0वि0 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं10,000 रूपयें अर्थदंड, और धारा 450 भा0द0वि0 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपयें के अर्थदंड से दंडित किया गया।।

सिवनी /यहाँ चल रहा था रेल्वे टिकट का काला कारोबार, महाराष्ट्र से आई टीम ने की छापेमार कार्यवाही

सिवनी जिले में नागपुर महाराष्ट्र से आई स्पेशल रेलवे पुलिस टीम ने की छापेमार कार्यवाही

singh travels seoni

सिवनी : मध्यप्रदेश के सिवनी जिला मुख्यालय के बारापत्थर स्थित सिंह ट्रेवल्‍स (Singh Travels) के यहां बीती शाम शाम रेल्वे पुलिस नागपुर (महाराष्‍ट्र) ने दबिश दी रेलवे पुलिस की कारवाही लगभग सिंह ट्रेवल्स में 5 से 6 घंटो तक लगातार चली जिसके बाद रेलवे पुलिस ने ट्रेवल्‍स संचालक संजय प्रताप सिंह को अपने साथ ले गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिंह ट्रेवल्स के संचालक संजय प्रताप सिंह को सिवनी जिला मुख्यालय से गिरफ्तार कर ले जाया गया है.

सूत्रों ने बताया की बारापत्थर स्थित सिंह ट्रेवल्स में अवैध रूप से बनाई गयी अनेको टिकट छापेमारी के दौरान भारी मात्र में पाई गयी इसके अलावा भी पु‍लिस ने प्रदेश के अन्‍य जिलों में भी मंगलवार धरपकड़ की है, जिसकी अभी अधिकारिक पुष्‍टि‍ होना अभी बाकी है। इसी तरह सिवनी जिले में अनेको ट्रेवल्स एजेंसीज और आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वरा Authorized एजेंट संचालको के यहाँ भी सर्च करने की प्रक्रिया चलती रही.

रेल्वे स्टेशन रोड पर स्थित शुभम टेलिकॉम जो की आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वरा Authorized एजेंट संचालक है यहाँ भी रेल्वे पुलिस सर्च किया जहाँ उन्हें कुछ भी गलत नहीं मिला जिसमे लगभग 2 घंटो तक रेलवे पुलिस ने शुभम टेलिकॉम में कंप्यूटर ईमेल मोबाइल सभी चीजो में लगातार सर्च करती रही जिसके बाद रेलवे पुलिस ने शुभम टेलिकॉम संचालक दिनेश शर्मा को क्लीन चिट देकर “कंप्यूटर सर्च निरंक” पंचनामा में हस्ताक्षर कर दिए गए. इसी तरह सिवनी जिले में अनेको स्थानों में रेल्वे पुलिस ने छापा मारा है जिसके अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.

इस संबंध में अधिकारिक जानकारी के अनुसार रेल्वे के आईआरटीसी के रिजर्वेशन अनरजिस्टर्ड व अवैध तरीके से बुक करने वालों के विरूद्ध यह कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सिवनी ने जानकारी दी कि आज रेल्वे पुलिस नागपुर की टीम आई थी जो सिवनी जिले में अनरजिस्टर्ड , अवैध तरीके से आईआरटीसी के रिजर्वेशन करते हैंं, उनके विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु यह दल आया था।

जिला दंडाधिकारी ने एक अनावेदक को किया गया जिला बदर

मध्य प्रदेश के छिंदवाडा जिले में एक अनावेदक एक वर्ष के लिये किया गया जिला बदर

छिंदवाडा : कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.श्रीनिवास शर्मा द्वारा पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन और अनावेदक के विरूद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के दृष्टिगत अनावेदक के समाज विरोधी क्रियाकलापों की वजह से जिला बदर किया गया

जैसे सामाजिक अपराध की रोकथाम तथा जनहित में शांति और लोक व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से म.प्र.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) के प्रावधानों के अनुसार एक अनावेदक जिले के थाना लोधीखेड़ा के ग्राम खैरीतायगांव जिला छिन्दवाड़ा के निवासी शुभम ऊर्फ पुंगी पिता प्रदीप पुनेकर के विरूद्ध जिला छिन्दवाडा की राजस्व सीमा और छिन्दवाडा जिले के समीवर्ती जिलों सिवनी, नरसिंहपुर, होशंगाबाद और बैतूल जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष की कालावधि के लिये बाहर रहने का आदेश पारित किया गया है ।

यह आदेश 26 फरवरी 2020 से एक वर्ष की कालावधि के लिये प्रभावशील रहेगा तथा इस अवधि में अनावेदक वर्णित जिलों की राजस्व सीमा के भीतर न तो रहेगा और न ही प्रवेश करेगा एवं पूर्व अनुमति के बिना वापस नहीं लौटेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित अनावेदक के विरूद्ध म.प्र.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14 के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी।  

मध्य प्रदेश /विधानसभा कार्यवाही के सीधे प्रसारण पर मंथन जारी

भोपाल। संसद की तरह ही प्रदेश में भी विधानसभा की कार्रवाही के सीधे प्रसरण की एक बार फिर से कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए सरकार स्तर पर मंथन का दौर चल रहा है। बताया जा रहा है कि कार्यवाही के सीधे प्रसारण को लेकर संसदीय कार्यमंत्री डॉ. गोविंद सिंह की मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच चर्चा हो चुकी है।

अब मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा के बाद कोई फैसला लेंगे। दरअसल अभी इस पर होने वाले खर्च का भी आंकलन किया जाना है। प्रदेश सरकार इसके लिए छत्तीसगढ़ में लागू व्यवस्था को अपनाने पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान सदन की कार्रवाही के सीधे प्रसारण का वचन दिया था, यही वजह है कि सरकार अपने इस वचन को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।

इसको लेकर संसदीय कार्य विभाग द्वारा विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर इस मामले में की गई अब तक की कार्रवाही का ब्यौरा भी मांगा है। वहीं विधानसभा सचिवालय भी अपने स्तर पर अन्य राज्यों से सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की पूरी जानकारी जुटा रही है।

अभी कराई जाती है रिकार्डिंग
वर्तमान व्यवस्था के तहत विधानसभा सचिवालय सदन की कार्यवाही की पूरी रिकार्डिंग करता है। आंतरिक व्यवस्था के तहत उसका सचिवालय के विभिन्न कक्षों में सीधा प्रसारण भी होता है। इसके लिए सचिवालय में टीवी स्क्रीन लगाई गई है लेकिन इसके ऑन एयर या फिर अन्य माध्यम से सचिवालय के बाहर प्रसारण की व्यवस्था नहीं है।

अभी विशेष मौके पर होता है सीधा प्रसारण
अभी विधानसभा कार्यवाही को सीधे प्रसारित किए जाने के लिए विधानसभा सचिवालय का अभी अपना कोई नेटवर्क नहीं है, लेकिन सचिवालय समय-समय पर मीडिया को कार्यवाही के सीधे प्रसारण की अनुमति देता है। इसमें राज्यपाल का अभिभाषण, राज्य का बजट, सदन में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष इत्यादि के जवाब इत्यादि की कार्यवाही शामिल है। इसके अलावा विधानसभा सचिवालय अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर भी सीधे प्रसारण की अनुमति देता है।

भाजपा सरकार में भी हो चुके हैं प्रयास
लोकसभा और राज्यसभा की तर्ज पर सदन की कार्यवाही के सीधा प्रसारण को लेकर भाजपा सरकार में भी प्रयास हो चुके हैं। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा के कार्यकाल में तो केन्द्र को प्रस्ताव भी भेजा गया। इसके अलावा दूरदर्शन केन्द्र से भी तकनीकी प्रस्ताव मांगा गया था। लेकिन बजट और खर्चों को लेकर मामला अटक गया था। भाजपा शासनकाल में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने विधानसभा कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने की बात सदन में रखी थी। वर्ष 2010 में राज्यसभा सदस्य प्रभात झा ने भी तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी को पत्र लिखा था।

इन पर हो रहा है विचार
लोकसभा और राज्य सभा की तर्ज पर विधानसभा का अपना न्यूज चैनल हो। इसी के माध्यम से सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण हो। जब सदन की कार्यवाही न चल रही हो तब अन्य कार्यक्रम प्रसारित किए जाएं। सदन की पूरी कार्यवाही या फिर सिर्फ प्रश्नकाल का ही सीधा प्रसारण किया जाए। सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण न करते हुए उसके संपादित अंशों का ही प्रसारण किया जाए।

इनका कहना है
विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किए जाने पर विचार हो रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। सीएम चाहते हैं कि अध्यक्ष और अन्य लोगों की राय के बाद अंतिम निर्णय होगा। डॉ. गोविंद सिंह, संसदीय कार्यमंत्री
विधानसभा कार्यवाही के सीधे प्रसारण के मामले में अन्य राज्यों से जानकारी मांगी गई है। तकनीकी पहलुओं पर भी विचार होगा। एपी सिंह, प्रमुख सचिव विधानसभा

मध्य प्रदेश /MP में कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की मुख्य सचिव ने

भोपाल : कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की मुख्य सचिव ने

मुख्य सचिव श्री सुधि रजंन मोहन्ती ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये किये गये उपायों की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि विदेशों से आये यात्रियों, विशेषकर चीन से आये यात्रियों का मेडिकल चेकअप जरूर करवाया जाये। डॉक्टरों की टीम बनाने में विशेषज्ञता का ध्यान रखा जाये। मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। मेडिकल किट्स हर समय उपलब्ध रहे। श्री मोहन्ती ने जिला कलेक्टरों को जागरूकता के लिये मीडिया वर्कशाप आयोजित करने के निर्देश दिये।

प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल ने कोरोना वायरस से बचाव की तैयारी एवं उसकी रोकथाम के उपाय बताये । उन्होंने बताया कि चीन से आने वाले यात्रियों की जाँच के लिये एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था है। कोरोना वायरस बीमारी को लेकर मध्यप्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है तथा चीन के अन्य हिस्सों से आये यात्रियों को घर पर आईसोलेट किया जा रहा है तथा लक्षण होने पर सेम्पल लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 420 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 66 निगरानी में हैं। राज्य स्तर पर जानकारी के लिये हेल्पलाईन टोल फ्री नम्बर 104 स्थापित किया गया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, सचिव जनसम्पर्क तथा संभागीय कमिश्नर एवं पुलिस महानिरीक्षक तथा जिलों में कलेक्टर और नगर निगम, नगर पालिका एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सिवनी /तेंदुआ शावक मौत के मामले में एक आरोपी पहुंचा जेल

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में तेंदुआ शावक मौत के मामले में एक आरोपी पहुंचा जेल

सिवनी – जिले के पेंच टाईगर रिजर्व के रूखड बफर जोन अंतर्गत ग्राम गंडाटोला (निर्माणाधीन फोरलेन मार्ग) में 02 मार्च 2020 की देर शाम फोरलेन सड़क पार कर रहे तेंदुआ शावक के ट्रक की चपेट में आने से मौत गई थी। इस घटनाक्रम में आरोपी वाहन चालक को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सोमवार की देर शाम पेंच टाइगर रिजर्व के रूखड़ बफर रेंज अंतर्गत मोहगांव खवासा फोरलेन सड़क में नागपुर से जबलपुर की ओर जा रहे ट्रक ने सडक पार कर रहे तेंदुआ शावक को टक्कर मार दी जिससे तेंदुए शावक के सिर में गंभीर चोट लगने व मौके पर खून बहने के कारणघटना स्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी लगते ही बीती रात को पेंच नेशनल पार्क सिवनी के डिप्टी डायरेक्टर एमबी सिरसैया व वन्य प्राणी पशु चिकित्सक डॉ अखिलेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और मृत शावक को अपने कब्जे मे लिया।

बताया गया कि तेंदुआ शावक की मौत के लिए जिम्मेदार ट्रक ड्रायवर नागभूषण पिता नरसिमअप्पा (24) निवासी ग्राम नायकखट्टी , जिला ढुमकुर (कर्नाटक) को वन विभाग के अमले ने गिरफ्तार कर वाहन को जब्त किया गया तथा आज माननीय न्यायालय के समक्ष आरोपी नागभूषण को माननीय न्यायालय सिवनी के समक्ष पेश किया

सिवनी /चिकित्सक एवं मेडिकल स्टोर संचालक ध्यान से पढ़े, इन डॉक्टर्स और मेडिकल स्टोर का पंजीयन होगा निरस्त

सिवनी जिले के निजि चिकित्सा व्यवसाय करने वाले जिले के चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टोर संचालकों को बाहर से आने वाले चिकित्सकों की जानकारी देना अनिवार्य

सिवनी : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सिवनी द्वारा जिले में निजी चिकित्सा व्यवसाय करने के लिये समस्त विधा जैसे MBBS , BDS , BAMS, BHMS के बाहर से आने वाले निजी चिकित्सक को सूचित किया गया है कि आपके द्वारा जिस चिकित्सा विद्धा से शिक्षा प्राप्त की है और आपके द्वारा निजी चिकित्सा व्यवसाय सिवनी में आकर किया जा रहा है जिसका म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं रजिस्टीकरण तथा अनुज्ञापन नियम 1997 के तहत कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पंजीयन अनिवार्य है।

प्राय देखा जा रहा है कि जिले में चिकित्सा व्यवसाय करने के लिये मेडिकल स्टोर एवं निजी चिकित्सालय एवं क्लीनिक संचालन करने वाले शासकीय चिकित्सक/अशासकीय चिकित्सक अपनी संस्था में बुलाकर अनाधिकृत रूप चिकित्सा व्यवसाय कर मरीजों का इलाज कराया जा रहा है जो कि नियम के विरूद्ध है एवं म.प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनायें रजिस्टीकरण तथा अनुज्ञापन नियम 1997 का उल्लंघन है।

अत: समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सक एवं मेडिकल स्टोर एवं निजी चिकित्सालय एवं क्लीनिक संचालक को निर्देशित किया जाता है कि बाहर से आने वाले चिकित्सकों का प्र. उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनायें रजिस्टीकरण तथा अनुज्ञापन नियम 1997 के तहत अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से 15 दिवस के अंदर अवश्यक करायें अथवा यह प्रमाणित करें कि उनकी संस्था में नागपुर अथवा अन्य किसी राज्य के चिकित्सक आकर अपनी सेवायें नहीं दे रहे हैं।

अन्यथा आप की संस्था के विरूध्द होने वाली कार्यवाही के लिये आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। पालन न करने पर का पंजीयन भी निरस्त किया जा सकता है।   

Madhya Pradesh /1200 पदों पर अतिथि विद्वानों के आमंत्रण की प्रक्रिया आरंभ,जारी हुआ भर्ती कैलेण्डर

Madhya Pradesh /1200 पदों पर अतिथि विद्वानों के आमंत्रण की प्रक्रिया आरंभ,जारी हुआ भर्ती कैलेण्डर

उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लगभग 1200 पदों पर अतिथि विद्वानों की चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। यह प्रक्रिया 4 से 6 मार्च 2020 बीच संपन्न होगी।

श्री पटवारी ने बताया कि मेरिट सूची का प्रकाशन 9 मार्च को किया जाएगा। चयनित अतिथि विद्वानों को महाविद्यालयों द्वारा आमंत्रण और अतिथि विद्वानों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि 11 से 13 मार्च निर्धारित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों, ग्रंथपालों और क्रीड़ा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया निरन्तर है। अत: इसे अद्यतन करते हुए अगले चरण के लिये रिक्त पदों की गणना की गई है।

इसके अलावा 450 नवीन पदों के महाविद्यालयवार, विषयवार सृजन का आदेश प्रसारित होने की प्रक्रिया भी प्रचलन में है। इस प्रकार अगले चरण में लगभग 1200 पदों पर चॉइस फिलिंग के लिये कैलेण्डर जारी कर दिया है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग में वर्तमान में लगभग 4 हजार 193 अतिथि‍विद्वान हैं, जिनमें से 2 हजार 529 महाविद्यालयों में कार्यरत हैं जबकि एक हजार 664 नवीन नियुक्तियों अथवा स्थानांतरण के फलस्वरूप फॉलेन आउट हैं। फॉलेन आउट अतिथि विद्वानों के लिये रिक्त पदों के विरूद्ध चॉइस फिलिंग कराकर मेरिट सूची के अनुसार महाविद्यालय आवंटन प्रक्रिया लगातार जारी है।

राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार यदि कोई अतिथि विद्वान आवंटित महाविद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं करता तो उसे आगामी प्रक्रिया से बाहर कर दिया जायेगा। श्री पटवारी ने बताया कि कुछ ऐसे अतिथि विद्वान भी हैं, जो निर्धारित समय-सीमा के बाद महाविद्यालयों में उपस्थित हुए हैं अथवा अग्रणी महाविद्यालयों के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों द्वारा एक महाविद्यालय में पद भरने के कारण दूसरे महाविद्यालयों में भेजे गये हैं। ऐसे प्रकरणों का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि रिक्त पदों की सही स्थिति स्पष्ट हो सके। सत्यापन का दायित्व आयुक्त उच्च शिक्षा ने प्राचार्यों को दिया है।

क्रविवरणनिर्धारित तिथि /अवधि
1.नई नियुक्ति/स्थानांतरण के फलस्वरूप फॉलेन आउट अतिथि विद्वानों के विकल्प भरने का अवसर4 मार्च, 2020 से 6 मार्च, 2020
2.मेरिट अनुसार अतिथि विद्वानों को महाविद्यालय का आवंटन9 मार्च, 2020
3.अतिथि विद्वानों द्वारा संबंधित महाविद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने हेतु अवसर11 मार्च, 2020 से 13 मार्च, 2020
4.महाविद्यालयों द्वारा अतिथि विद्वानों की ज्वाईनिंग का पोर्टल पर अपडेशन14 मार्च, 2020

मध्य प्रदेश /कृषि के क्षेत्र में लाएंगे क्रान्ति : मुख्यमंत्री कमल नाथ

आगर-मालवा जिले के 9448 किसानों के 135 करोड़ के फसल ऋण माफ
मुख्यमंत्री द्वारा 865 करोड़ के कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आगर-मालवा जिला मुख्यालय पर आयोजित जय किसान फसल ऋण माफी कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में पिछले 14 महीनों में कृषि के क्षेत्र में भारी परिवर्तन आया है। राज्य सरकार ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना लागू कर पहले चरण में ही 21 लाख से अधिक पात्र किसानों के ऋण माफ कर अपनी नेकनीयती का सशक्त प्रमाण दिया है। श्री कमल नाथ ने बताया कि इस योजना के तृतीय चरण में आगर-मालवा जिले के 9448 किसानों के करीब 135 करोड़ के फसल ऋण माफ किये गये है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में किसान फफ्फू बाई, धर्मराज, मेहरबान सिंह, प्रताप सिंह, रामदयाल, हीरालाल, जोरालाल और तिलक सिंह को ऋण माफी के सम्मान पत्र प्रदान किये।

नौजवान और किसान राज्य सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि नौजवान और किसान राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा काम चाहता है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये हम प्रदेश में निवेश लाने में काफी हद तक सफल रहे हैं। उन्होने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में भी राज्य सरकार ने कारगर पहल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में जल्द ही क्रांति लाएंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि आगर-मालवा जिले में विकास का नया इतिहास लिखा जायेगा।

आगर-मालवा में जल्द स्थापित होगी फूड प्रोसेसिंग यूनिट

श्री कमल नाथ ने विधायक श्री राणा विक्रम सिंह की मांग पर घोषणा की कि आगर-मालवा जिले में शीघ्र ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जायेगी। उन्होने कहा कि हमारी संस्कृति लोगों को जोड़कर एक-साथ रखने की है। अनेकता में एकता हमारे देश की पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत के अलावा दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जहां विभिन्न धर्म, भाषा और त्यौहार हों। श्री कमल नाथ ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और इतिहास को सुरक्षित रखना है।

604 करोड़ की हर घर-नल जल योजना

मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा जिले के ग्रामीण इलाकों में हर घर-नल जल योजना से पेय जल पहुँचाने के लिये 604 करोड़ की योजना का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा जिले में कुल 865 करोड़ रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें 686 करोड़ लागत के कार्यो का भूमि-पूजन और 180 करोड़ की लागत के कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इसमें जिले के ग्रामीण अंचलों में हर घर-नल से जल पहुँचाने के लिये 604 करोड़ की योजना भी शामिल है। आगर-मालवा जिला प्रदेश का पहला जिला है, जहां इतने बड़े पैमाने पर नल-जल योजना के लिये धनराशि स्वीकृति की गई है।

अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को 150 करोड़ मुआवजा राशि वितरित

जिले के प्रभारी नगरीयविकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश में पिछले 14 महीनों में जनकल्याण के जितने काम हुए हैं, उतने पिछले 15 वर्षों में नहीं हुए। उन्होंने बताया कि आगर-मालवा जिले के अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई के लिये 150 करोड़ रूपये मुआवजा राशि का वितरण किया जा चुका है। श्री सिंह ने कहा कि जिले में 30 आधुनिक गौ-शालाएँ स्थापित की गई हैं। आने वाले दिनों में 50 और नई गौ-शालाएँ स्थापित की जाएंगी।

छिन्दवाड़ा मॉडल की तर्ज पर होगा आगर-मालवा जिले का विकास

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि कुण्डलिया डेम से पानी लाकर उसे शुद्ध किया जायेगा और आगर-मालवा जिले के 480 गाँव के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से प्रदाय किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस काम का टेंडर हो चुका है और अगले तीन वर्षों में यह योजना मूर्त रूप ले लेगी।

कार्यक्रम को किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी और ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री कुणाल चौधरी, अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित थे।

नव-निर्मित संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आगर-मालवा जिले के प्रथम आगमन पर जिला मुख्यालय पर 21 करोड़ रूपये लागत के नव-निर्मित संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का लोकार्पण किया।

बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आगर-मालवा जिले के प्रथम प्रवास के दौरान आगर स्थित बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। श्री कमल नाथ ने इस मौके पर प्रदेश की तरक्की एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। श्री कमल नाथ ने कहा कि मंदिर परिसर में 5 करोड़ के विकास कार्य कराए जाएंगे।