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NEET PAPER LEAK BIHAR: नीट यूजी का पेपर परीक्षा के 24 घंटे पहले हुआ था लीक, कीमत 32 लाख रुपये; बिहार में आरोपी ने कबूला

NEET PAPER LEAK BIHAR NEWS: NEET परीक्षा विवाद से जुड़े ताजा घटनाक्रम में NEET परीक्षा में धांधली मामले के आरोपियों ने पेपर लीक की बात कबूल कर ली है। बिहार में गिरफ्तार आरोपियों के कबूलनामे की कॉपी सामने आई है। एबीपी न्यूज के पास मौजूद कबूलनामे की कॉपी के मुताबिक, NEET परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हुआ था।

कबूलनामे के अनुसार, पेपर लीक करने में 30 से 32 लाख रुपए खर्च हुए थे। बयान में आरोपी सिकंदर ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और कहा कि उसने नीतीश और अमित आनंद से पटना में अपने सरकारी कार्यालय में मुलाकात की थी, जहाँ वे एक साथ मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए थे।

सिकंदर ने यह भी कबूल किया कि वह कुछ NEET उम्मीदवारों के परिवारों के संपर्क में था। उसने दावा किया कि अमित और नीतीश ने 4 मई को प्रश्नपत्र हासिल किया और पटना के एक स्कूल में उम्मीदवारों को इकट्ठा किया। उम्मीदवारों से परीक्षा के प्रश्नपत्र के उत्तरों को संशोधित करने के लिए कहा गया।

अमित और नीतीश दोनों ने पुलिस को सौंपे गए अपने-अपने इकबालिया बयानों में प्रश्नपत्र लीक में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। 

एनटीए की ईमानदारी पर गंभीर सवाल: कांग्रेस

NEET परीक्षा से संबंधित विवाद के चलते कांग्रेस ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि क्या NEET परीक्षा भेदभावपूर्ण है। X पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा कि क्या गरीब पृष्ठभूमि के छात्रों को अवसरों से वंचित किया जा रहा है, उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों ने भी NEET के बारे में गंभीर संदेह व्यक्त किए हैं।

जयराम रमेश ने कहा, “मैं 2014 से 2019 के बीच स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर संसद की स्थायी समिति का सदस्य था और मुझे NEET के लिए व्यापक समर्थन याद है। लेकिन ऐसे सांसद थे, खासकर तमिलनाडु से, जिन्होंने चिंता जताई थी कि NEET CBSE छात्रों को विशेषाधिकार देगा और गैर-CBSE स्कूलों से आने वाले युवाओं को नुकसान पहुंचाएगा।

मुझे लगता है कि अब इस CBSE मुद्दे का उचित विश्लेषण करने की आवश्यकता है। क्या NEET भेदभावपूर्ण है? क्या गरीब पृष्ठभूमि के छात्रों को अवसरों से वंचित किया जा रहा है? महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों ने भी NEET पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की ईमानदारी और एनईईटी के डिजाइन और प्रशासन के तरीके पर भी गंभीर सवाल हैं। एनसीईआरटी ने पिछले दशक में सारी व्यावसायिकता खो दी है। उम्मीद है कि नई स्थायी समितियां जब गठित होंगी तो वे एनईईटी, एनटीए और एनसीईआरटी की गहन समीक्षा करेंगी। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।”

MP के BHOPAL में एक गार्ड ने वैज्ञानिक समेत 6 लोगों से ठगे 60 लाख रुपये, दोगुना रिटर्न देने का किया था वादा

भोपाल (मध्य प्रदेश): एक सुरक्षा गार्ड ने कथित तौर पर एक वैज्ञानिक समेत छह लोगों से 60 लाख रुपए ठग लिए। उसने चिटफंड कंपनी में पैसा लगाने पर दोगुना रिटर्न देने का वादा किया था। ह

बीबगंज थाने की टीआई सरिता बर्मन के मुताबिक, शिकायतकर्ता नवल सिंह लोधी कलियासोत डैम इलाके में चाय की दुकान चलाता है। उसकी जान-पहचान सुरक्षा गार्ड छोटू लोधी से थी। छोटू लोधी पहले बांसखेड़ी स्थित मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दफ्तर में काम करता था।

जनवरी 2024 में छोटू ने नवल से संपर्क किया और उसे चिटफंड कंपनी में निवेश करने पर उसके पैसे दोगुने करने का वादा किया। नवल ने जनवरी से मई 2024 तक 5 लाख रुपये का निवेश किया। पुलिस ने कहा कि छोटू ने वैज्ञानिक दुष्यत शर्मा सहित कई अन्य व्यक्तियों से भी संपर्क किया और उन्हें योजना में पैसा लगाने का प्रस्ताव दिया। वैज्ञानिक ने उसे 40 लाख रुपये दिए, जबकि अन्य लोगों ने उसे करीब 15 लाख रुपये दिए।

कुछ समय बाद छोटू ने नवल समेत पांच लोगों को कई चेक दिए और कहा कि चेक का इस्तेमाल कर बैंक से रकम निकाल लो और फिर गायब हो गया।

जब पीड़ितों ने चेक बैंक में ले गए तो उन्हें पता चला कि वे चेक नकली हैं। ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने कुछ दिन पहले पुलिस से संपर्क किया। जांच के बाद पुलिस ने शनिवार को छोटू के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी का मामला दर्ज किया है। उसकी तलाश की जा रही है।

RGPV Bhopal Scam: करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी मामले में पूर्व बैंकर की पत्नी रांची से गिरफ्तार

RGPV Bhopal Scam: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RDPV) में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच कर रही पुलिस टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम रश्मि मिश्रा है, जो निजी बैंक के पूर्व मैनेजर कुमार मयंक की पत्नी है। इसके साथ ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि रश्मि मिश्रा को रांची से गिरफ्तार किया गया है। मयंक ने अपनी पत्नी के नाम से 2 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) बनवाया था और उसके खाते में जमा करवा दिया था।

यह पैसा आरजीपीवी का था। उन्होंने बताया, “उसे शुक्रवार को रांची (झारखंड) से गिरफ्तार किया गया। आज उसे कोर्ट में पेश किया गया और वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।” उसकी न्यायिक हिरासत 19 जून तक जारी रहेगी।

RGPV Bhopal Scam: आरोप पत्र

अभियोजन अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि आरजीपीवी घोटाले में शामिल आरोपियों के खिलाफ 19 जून को आरोप पत्र पेश किया जाएगा। मामले के 90 दिन के भीतर आरोप पत्र पेश करना अनिवार्य है।

RGPV Bhopal Scam: जवाब प्रस्तुत किया गया

आरजीपीवी मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने आरजीपीवी के पूर्व रजिस्ट्रार प्रोफेसर आरएस राजपूत की अंतरिम जमानत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। जांच एजेंसी द्वारा जवाब दाखिल किए जाने तक राजपूत को अंतरिम राहत मिली है।

कनाडा के इतिहास में सबसे बड़ी चोरी में शामिल भारतीय मूल का आरोपी सरेंडर करने की तैयारी कर रहा है

कनाडा के इतिहास में सबसे बड़ी चोरी के मामले में भारतीय मूल के आरोपी सिमरन प्रीत पनेसर ने कनाडाई ब्रॉडकास्टिंग कॉर्प (CBC) को बताया कि वे खुद को अधिकारियों के हवाले करने की योजना बना रहे हैं। एयर कनाडा के पूर्व प्रबंधक पनेसर ने शुक्रवार को खुलासा किया कि वह न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि जांच पूरी होने के बाद वे किसी गलत काम में शामिल नहीं पाए जाएंगे। पनेसर के वकील ग्रेग लाफोंटेन ने बताया कि फिलहाल वे देश से बाहर हैं, लेकिन जल्द ही कनाडा लौटकर सरेंडर करेंगे।

चोरी का विवरण और पुलिस की कार्यवाही

यह चोरी 17 अप्रैल 2024 को हुई थी, जब चोरों ने 6,600 शुद्ध गोल्ड बार्स और 25 लाख कनाडाई डॉलर से भरे 400 किलो के कंटेनर को स्टोरेज फैसिलिटी से चुरा लिया था। यह कंटेनर स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख एयरपोर्ट से टोरंटो एयरपोर्ट लाया गया था और कड़ी सुरक्षा के बीच कार्गो से उतारकर रखा गया था। अगले दिन पुलिस को पता चला कि सोना और कैश गायब हैं।

कनाडा पुलिस ने इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है और तीन अन्य की तलाश जारी है। आरोपियों में एयर कनाडा के दो कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन पर स्विट्जरलैंड से आने वाले 6,600 सोने की छड़ें (करीब 400 किलो) चुराने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि चोरों ने एयरवे बिल में भी जालसाजी की थी, जिससे उन्हें यह चोरी करने में मदद मिली।

आरोपी सिमरन प्रीत पनेसर का बयान

सिमरन प्रीत पनेसर ने CBC को बताया कि वह इस मामले में खुद को निर्दोष मानते हैं और उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। उनके वकील ग्रेग लाफोंटेन ने कहा कि पनेसर फिलहाल देश से बाहर हैं, लेकिन वे जल्द ही कनाडा लौटकर सरेंडर करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पनेसर को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद वह किसी गलत काम में शामिल नहीं पाए जाएंगे।

पुलिस की जांच और अन्य गिरफ्तारियां

पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है और तीन अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एयर कनाडा के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने चोरी की इस घटना के लिए एयरवे बिल में जालसाजी की थी, जिससे उन्हें यह चोरी करने में मदद मिली। पुलिस ने यह भी बताया कि वे इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

सोने की चोरी का व्यापक असर

इस चोरी ने न केवल कनाडा में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियाँ बटोरी हैं। इस घटना ने एयरलाइन और एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयर कनाडा और अन्य संबंधित संस्थाओं ने इस घटना के बाद अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए और भी कठोर सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है।

कनाडा के न्याय प्रणाली में विश्वास

सिमरन प्रीत पनेसर के वकील ग्रेग लाफोंटेन ने यह स्पष्ट किया है कि पनेसर न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा रखते हैं और उन्हें उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी। वकील का कहना है कि पनेसर जल्द ही कनाडा लौटकर अधिकारियों के सामने सरेंडर करेंगे और न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे।

आने वाले कदम और कानूनी प्रक्रियाएँ

पनेसर के सरेंडर करने के बाद, उनकी गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ की जाएगी। पुलिस और न्यायिक अधिकारियों द्वारा इस मामले की गहन जांच की जाएगी ताकि चोरी की पूरी योजना और इसमें शामिल सभी लोगों का पता लगाया जा सके। कानूनी प्रक्रियाओं के तहत, पनेसर और अन्य आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

अमरवाड़ा विधानसभा के लिये नामांकन के दूसरे दिन एक नाम निर्देशन पत्र जमा हुआ – Amarwara News

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन ने बताया है कि छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा में उपचुनाव के लिए 14 जून 2024 से नाम निर्देशन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 

नाम निर्देशन पत्र जमा करने के दूसरे दिन 15 जून को एक अभ्यर्थी द्वारा नाम निर्देशन पत्र जमा किया गया। दिनांक 16 एवं 17 जून को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण नाम निर्देशन पत्र नहीं जमा किये जायेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने बताया है कि नाम निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तारीख 21 जून 2024 है। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 24 जून को की जायेगी। नाम वापसी की अंतिम तारीख 26 जून है। मतदान 10 जुलाई को होगा। मतगणना 13 जुलाई को होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने बताया कि नाम निर्देशन पत्र दाखिल किये गये अभ्यर्थियों के शपथ पत्र एवं अन्य जानकारियां भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट की लिंक https://affidavit.eci.gov.in/ पर देखी जा सकती हैं।

उज्जैन में मां शिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प ले रहा है मूर्तरूप : मुख्यमंत्री मोहन यादव

  • 600 करोड़ की लागत से बनेगा सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी डेम,मां शिप्रा का जल शिप्रा में ही रहेगा
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिप्रा शुद्धीकरण के अन्तर्गत कान्ह डक्ट परियोजना का भूमिपूजन किया
  • मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दी उज्जैन को अनेक सौगातें

भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि आज हमारे कई वर्षों का संकल्प मूर्तरूप लेने जा रहा है। हमने सभी सन्तों के साथ यह संकल्प लिया था कि शिप्रा नदी के जल को निर्मल और स्वच्छ बनायेंगे और कान्ह नदी का पानी शिप्रा में मिलने से रोकेंगे।

कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना के माध्यम से अब कान्ह का दूषित जल मां शिप्रा के किसी भी तट पर नहीं मिलेगा। कान्ह का पानी गंभीर नदी के निचले किनारे तक पहुंचाया जायेगा, जिसे भी शुद्धिकरण किया जायेगा और आसपास के किसानों को सिंचाई के लिये पानी मिलेगा।

600 करोड़ रुपये की लागत से आने वाले समय में सेवरखेड़ी में बैराज निर्मित कर शिप्रा का पानी लिफ्ट कर सिलारखेड़ी ले जाया जाएगा और वहां से पुन: शिप्रा में छोड़ा जाएगा। इससे शिप्रा का पानी शिप्रा में ही रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन के ग्राम डेंडिया स्थित शनि मन्दिर के पास आयोजित 817 करोड़ की लागत से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना एवं अन्य भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में लगभग 598.66 करोड़ की लागत से बनने वाली कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमिपूजन किया। इसके अतिरिक्त लगभग 217 करोड़ के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।

उज्जैन-जावरा मार्ग फोरलेन बनेगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 हजार करोड़ की लागत से उज्जैन-जावरा फोरलेन व्हाया नागदा का शीघ्र निर्माण पूरा होगा। वहीं उज्जैन-इन्दौर सिक्सलेन का शीघ्र भूमिपूजन किया जायेगा। विकास का यह क्रम सन्त समाजजनों के सहयोग से निरन्तर जारी रहेगा। विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि 16 जून को पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ किया जाएगा, जिसके माध्यम से श्रद्धालु कम समय में महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर जैसे तीर्थ स्थानों पर पहुंच सकेंगे। वहीं उज्जैन से पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा के माध्यम से यात्री उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, इन्दौर, सिंगरोली, खजुराहो की हवाई सेवा का लाभ भी ले सकेंगे।

आयुष्मान कार्ड धारियों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में निरन्तर विकास के कार्य चल रहे हैं तथा यहां के निवासियों को नित्य कई सौगातें मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पात्रता धारी अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवायें, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक की नि:शुल्क उपचार का लाभ प्राप्त हो सके।

एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से आयुष्मान कार्ड धारी गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को कम समय में मुम्बई, दिल्ली जैसे शहरों पर उपचार के लिये पहुंचाया जाएगा। यह सेवा आयुष्मान कार्ड धारियों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीमार व्यक्ति की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है।

भगवान कृष्ण और राम के लीला स्थलों का होगा विकास

उज्जैन और इन्दौर संभाग सहित प्रदेश के सभी देवस्थानों व सभी धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास किया जायेगा। भगवान महाकाल के महालोक का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किया गया। उसके बाद से उज्जैन की दशा बदली है। यहां के लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि महाकाल लोक में स्थित सप्तऋषियों की प्रतिमाएं जो क्षतिग्रस्त हो गई थी, उन्हें उज्जैन में ही कलाकारों द्वारा ठोस पत्थर तरासकर निर्मित किया जा रहा है। उन्हें शीघ्र ही महाकाल लोक में पुनर्स्थापित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भगवान राम और कृष्ण के समय के ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी रहे स्थलों का विकास किया जायेगा।

उज्जैन में लगेगा प्रतिमाएं बनाने का कारखाना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में प्रतिमाएं बनाने का कारखाना स्थापित किया जाएगा। यहां बनी प्रतिमाएं प्रदेश और देश के कोने-कोने तक पहुंचेंगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। पीतल से भी यहां प्रतिमाएं बनायी जायेंगी। पूजा-पाठ सामग्री, भगवान की पोशाक, पूजा के पात्र भी प्रदेश में तैयार कर देश के कोने-कोने में उपलब्ध कराये जायेंगे। शासन द्वारा विद्यालयों तथा महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में धार्मिक प्रसंगों को भी जोड़ा गया है।

कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना समय पर पूर्ण होगी: जलसंसाधन मंत्री श्री सिलावट

जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने कहा कि आज पुनीत अवसर है। मैं मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी का आभार व्यक्त करता हूं, कई वर्षों की साधना के बाद मां शिप्रा शुद्धिकरण का संकल्प पूरा हो रहा है। कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना समय पर पूर्ण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि उज्जैन की सिंचाई क्षमता को 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 4 लाख हेक्टेयर की जाएगी। मध्यप्रदेश में पहले जहां मात्र 5 से 6 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी उसे बढ़कर अब 47 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिसे 2025 तक 65 लाख हेक्टेयर किया जाएगा। उन्होंने जल संवर्धन अभियान के तहत जल स्त्रोत तालाबों के पुनर्जीवन और बावड़ियों के जीर्णोद्धार के लिए आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि इंदौर तथा सांवेर के सीवेज युक्त जल को कान्ह नदी के माध्यम से क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए जमालपुरा ग्राम के समीप कान्ह नदी पर बैराज का निर्माण करते हुए क्लोज डक्ट के माध्यम से जल का गंभीर नदी में गंभीर बांध के डाउन स्ट्रीम में डायवर्ट किया जायेगा।

साथ ही आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए प्रावधानों के अनुसार जल प्रवाह 40 क्यूसेक जल बहाव क्षमता के रूपांकन कार्य किया गया है। जिसमें इंदौर शहर तथा सांवेर शहरी क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या से आने वाले सीवेज एवं सांवेर जल उद्वहन परियोजना के कमाण्ड क्षेत्र मे होने वाली सिंचाई से जल के रि-जनरेशन, देवास एसटीपी से आने वाले जल को पंप कर कान्ह नदी में छोड़ते हुए डक्ट के माध्यम से व्यपवर्तित किया जाएगा।

उक्त परियोजना में 100 मीटर लम्बाई में एप्रोच चैनल 28.650 कि.मी. लम्बाई में 4.50 मीटर के डी-आकार में भूमिगत बाक्स तथा अंतिम 100 मीटर लम्बाई में ओपन चैनल निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। परियोजना में निर्माण कार्य की समय-सीमा 42 माह रखी गई है, जिसमें 15 वर्षों का संचालन तथा रखरखाव का प्रावधान किया गया है। डक्ट में शुरुआती तथा अंतिम छोर के अतिरिक्त 4 संख्या में पहुंच मार्ग प्रस्तावित हैं, जिसकी चौड़ाई डक्ट के समान ही 4.5 मी. रखी गई हैं। जिसके माध्यम से डक्ट के अंदर सफाई कार्य जाने हेतु हैवी मशीनरी का भी प्रवेश सुनिश्चित किया जायेगा।

उज्जैन को 816 करोड़ रु. के विकास कार्यों की दी सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 816 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत के कुल 41 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। जिनमें 598 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का निर्माण, 38 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से दताना से नागझिरी मार्ग का निर्माण, 24 करोड़ 08 लाख रुपए की लागत से तराना में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन/निर्माण, 21 करोड़ 07 लाख रुपए की लागत से तरण ताल से देवास रोड वाया कलेक्टोरेट एवं मंगलनाथ से चककमेड तक मार्ग निर्माण, 14 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से घटिया में नवीन शासकीय आईटीआई का निर्माण, 12 करोड़ 14 लाख रुपए की लागत से उज्जैन में 4 मार्गों का निर्माण, 9 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से सिंहस्थ अंतर्गत रत्नाखेड़ी, मंगरोला, चांदुखेड़ी, जलालखेड़ी, नागदा मार्ग का निर्माण, 9 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से जमालपुरा, कोकलाखेडी, नईखेडी सिलोदामोरी मार्ग का निर्माण, 7 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से चादमुख सिकंदरी गंगेडी ब्रजराज खेडी छायन मार्ग का निर्माण, 4 करोड़ रुपए की लागत से काल भैरव मंदिर पार्किंग बाउंड्रीवाल, शेड, रेलिंग आदि का निर्माण का भूमिपूजन किया गया।

इसके अतिरिक्त 22 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से पूर्ण किए गए 23 विकास कार्यों का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया। इनमें 8 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से 18 ग्रामों में नल-जल योजना निर्माण कार्य, 3 करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से उज्जैन में प्रशिक्षण केन्द्र के छात्रावास भवन निर्माण, 3 करोड़ 25 लाख की लागत से केन्द्रीय जेल उज्जैन परिसर में खुली जेल का निर्माण, 99 लाख रुपए की लागत से म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसरंचना विकास निगम के विभिन्न कार्यों का निर्माण, 73 लाख रुपए की लागत से आक्याजागीर में हायर सेकेन्डरी स्कूल का उन्नयन, 27 लाख रुपए की उज्जैन में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास भवन का निर्माण शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया हितग्राहियों को हितलाभ वितरण

मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों के द्वारा मंच से विभिन्न शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत लाभांवित होने वाले हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। इनमें बड़नगर के सिद्धिविनायक स्व-सहायता समूह व लक्ष्मी स्व-सहायता समूह तथा घट्टिया के महालक्ष्मी स्व-सहायता समूह को 225 लाख रुपये की राशि सीसीएल योजना के अन्तर्गत, घट्टिया के शिवशक्ति स्व-सहायता समूह, खाचरौद के जय हनुमान स्व-सहायता समूह, राम आजीविका स्व-सहायता समूह को 335.55 लाख रुपये की राशि सीसीएल योजना के अन्तर्गत, महिदपुर के बाबा रामदेव स्व-सहायता समूह, निर्मला स्व-सहायता समूह और तराना के श्री गणेश स्व-सहायता समूह को 340 लाख रुपये की राशि सीसीएल योजना के अन्तर्गत, उज्जैन के अरमान और जय महाकाली स्व-सहायता समूह को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत 25 लाख रुपये की राशि, समोन्नत मुर्रा पाड़ा योजना के अन्तर्गत जीवनलाल को पशुपालन विभाग द्वारा 77 हजार 456 रुपये, आचार्य विद्या सागर योजना के अन्तर्गत अजय मालवीय को 8 लाख 40 हजार रुपये, पीएम स्वनिधि योजना के अन्तर्गत आनन्दीलाल वर्मा और केवल जैन को 50-50 हजार रुपये तथा नीतेश जाटवा को 10 हजार रुपये के चेक वितरित किये गये।

शिवराज सिंह चौहान के आवास ‘मामा का घर’ के सामने युवक बना रहा था इंस्टाग्राम के लिए रील, मौके पर मौत, 2 घायल

Bhopal Madhya pradesh: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार तड़के एक किशोर की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। किशोर बाइक चलाते हुए अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के लिए रील बना रहा था। इस दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और उसका सिर सड़क पर जा लगा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पीछे बैठे उसके दो अन्य दोस्तों को मामूली चोटें आईं हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि यह हादसा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के सामने लिंक रोड पर हुआ। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर टीटी नगर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान शिवाजी नगर निवासी राज वर्मा के रूप में हुई है। वह एक कॉल सेंटर में टेलीकॉलर के रूप में काम करता था।

शनिवार की सुबह करीब 3 बजे वर्मा अपने दो दोस्तों तन्मय वर्मा और रंजीत के साथ राज वर्मा की दोपहिया गाड़ी से न्यू मार्केट गया था। वे कुछ देर अटल पथ के पास बैठे और फिर सुबह करीब 4 बजे घर के लिए निकल गए।

इसके बाद लड़के लिंक रोड पर पहुंचे और रील शूट करने का फैसला किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर के सामने रोड नंबर 1 पर बाइक चलाते समय उनकी बाइक फिसल गई और डिवाइडर से जा टकराई। राज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तन्मय वर्मा और रंजीत को मामूली चोटें आईं।

एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुली जेल कॉलोनी भैरवगढ़ का लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में खुली जेल कॉलोनी भैरवगढ़ का लोकार्पण किया। मध्य प्रदेश शासन द्वारा बंदियों के पुनर्वास की दिशा में की गई इस पहल के तहत 20 बंदी क्षमता की खुली जेल का निर्माण किया गया है, जिसमें बंदी अपने परिवार सहित निवास कर सकेंगे।

इस खुली जेल की निर्माण लागत 3 करोड़ 25 लाख 48 हजार रुपए है। खुली जेल में 20 दण्डित बंदी अपने परिवार के साथ रहकर अपने कौशल अनुरूप रोजगार प्राप्त कर समाज की मुख्य धारा से जुड़कर सामाजिक जीवन यापन कर सकेंगे।

कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, उज्जैन उत्तर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रदेश के जेल डी.जी. श्री गोविंद प्रताप सिंह, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता और डीआईजी जेल श्री एम.आर. पटेल उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि नवनिर्मित उज्जैन भैरवगढ़ खुली जेल प्रदेश की आठवी खुली जेल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की जेलों में कैदियों को संपूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन कृत संकल्पित है।

भैरवगढ़ की इस खुली जेल कॉलोनी का नियोजित ढंग से निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस दौरान नवनिर्मित खुली जेल कॉलोनी का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव को जेल सुरक्षा बल द्वारा सलामी दी गई।