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सिवनी, मंदसौर और नीमच मेडिकल कॉलेज में MBBS की 100 सीटें बढीं

Seoni News: मध्य प्रदेश के तीन प्रमुख जिलों—सिवनी (SEONI MEDICAL COLLEGE) मंदसौर (MANDSAUR MEDICAL COLLEGE) और नीमच (NEEMUCH MEDICAL COLLEGE) में स्थित मेडिकल कॉलेजों को केंद्र सरकार से बड़ी सौगात मिली है।

अब इन जिलों में एमबीबीएस (MBBS) की 100-100 सीटों की वृद्धि की मंजूरी मिल चुकी है, जो राज्य में डॉक्टरों की कमी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निर्णय राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने और मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

शुरुआत में इन कॉलेजों में केवल 50-50 सीटें उपलब्ध थीं, लेकिन अब सीटों की संख्या 100 हो जाने से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षा की पहुंच और भी व्यापक हो जाएगी।

सिवनी, मंदसौर और नीमच जिलों के लिए ऐतिहासिक सफलता

इस निर्णय से सिवनी (SEONI) मंदसौर (MANDSAUR) और नीमच (NEEMUCH) के लोगों के लिए यह एक बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार और राज्य के वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने इस सफलता को डबल इंजन वाली सरकार का नतीजा बताया, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों की समान भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि इन सीटों की वृद्धि से राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी का सामना कर रहे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

नीमच मेडिकल कॉलेज के लिए संघर्ष: एक ऐतिहासिक आंदोलन

नीमच जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की स्थापना आसान नहीं थी। जिले की जनता ने लगभग 64 दिनों तक आंदोलन किया, जिसके बाद ही नीमच का नाम मेडिकल कॉलेज की सूची में शामिल किया गया। यह संघर्ष उस समय का है, जब कांग्रेस की कमलनाथ सरकार सत्ता में थी। उस समय नीमच और मंदसौर जिलों के लिए मेडिकल कॉलेज की मंजूरी मिली थी, लेकिन नीमच जिले की जनता को अपने अधिकार के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा।

नीमच मेडिकल कॉलेज के लिए आधिकारिक घोषणा और निर्माण कार्य की प्रगति

नीमच मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा के बाद, स्थानीय सांसद सुधीर गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज की प्राथमिकता मंदसौर में देने की इच्छा जताई थी। लेकिन जिले की जनता के आंदोलन और तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के हस्तक्षेप के बाद, नीमच का नाम भी इस सूची में जोड़ा गया। दिसंबर 2019 में नीमच को मेडिकल कॉलेज की आधिकारिक मंजूरी मिली, और इस समय से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।

प्रवेश प्रक्रिया और सीटों की स्थिति

नए सत्र से नीमच और मंदसौर दोनों मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डीन और अन्य स्टाफ की नियुक्तियाँ भी पूरी की जा चुकी हैं, जिससे सत्र को समय पर शुरू करने में मदद मिली है। यह कदम चिकित्सा शिक्षा को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। दोनों जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से राज्य के हजारों छात्रों को चिकित्सा शिक्षा की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।

नीमच मेडिकल कॉलेज की संरचना और लागत

नीमच मेडिकल कॉलेज का निर्माण 325 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस निर्माण में अब तक 17 यूनिट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कॉलेज में आधुनिक सुविधाएं, मॉड्यूलर ओटी, और बेहतर शिक्षा के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। यह कॉलेज भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करेगा।

मंदसौर मेडिकल कॉलेज: आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का केंद्र

मंदसौर मेडिकल कॉलेज का निर्माण 370 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। कॉलेज के प्रथम चरण का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस मेडिकल कॉलेज में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरऑक्सीजन भवन, और छात्रों व कर्मचारियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं की स्थापना की गई है। इस प्रकार, मंदसौर मेडिकल कॉलेज राज्य के मेडिकल कॉलेजों में से एक महत्वपूर्ण संस्थान बनकर उभरा है।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

इन तीन प्रमुख जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और सीटों की वृद्धि से मध्य प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। मेडिकल कॉलेजों की सीटों की वृद्धि से राज्य में चिकित्सकों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी, जिससे अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि होगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

सिवनी, मंदसौर और नीमच में एमबीबीएस सीटों की वृद्धि और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना ने राज्य में चिकित्सा शिक्षा को एक नया आयाम दिया है। यह कदम न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूती देगा। इन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता से राज्य की जनता को लाभ मिलेगा, और मेडिकल शिक्षा की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

MP GUEST TEACHER: भोपाल में अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण की मांग पर किया प्रदर्शन; EX CM शिवराज के वादे की याद दिलाई

MP GUEST TEACHER:: मंगलवार को राज्य भर से आठ हजार से अधिक अतिथि शिक्षक राजधानी भोपाल में एकत्र हुए और अंबेडकर मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। अतिथि शिक्षकों ने घोषणा की कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे तिरंगा यात्रा निकालेंगे और मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास का घेराव करेंगे। 

यह विरोध प्रदर्शन अतिथि शिक्षक संघ, मध्य प्रदेश के बैनर तले आयोजित किया गया था।

जानकारी के अनुसार उनकी पांच प्रमुख मांगों में नौकरी नियमित करना, अतिथि शिक्षक स्कोर कार्ड में अनुभव के लिए 10 अंक शामिल करना, 30 प्रतिशत से कम अंक आने पर शिक्षकों को दूसरा मौका देना, भर्ती के लिए अलग से विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित करना और सत्र 2024-2025 में वार्षिक अनुबंध लागू करना शामिल है। 

प्रदर्शन के दौरान अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक साल पहले पंचायत में दावा किया था कि अतिथि शिक्षकों को स्थाई पद दिया जाएगा और उन्हें बेहतर वेतनमान दिया जाएगा।

इसके अलावा, अतिथि शिक्षकों ने आरोप लगाया कि नौ महीने से अधिक समय हो गया है और वे अभी भी अपनी मांगें पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।

आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें अब भी पूरी नहीं की गईं तो वे तिरंगा यात्रा निकालेंगे और मुख्यमंत्री मोहन यादव के घर का घेराव करेंगे। इसे देखते हुए पुलिस ने अंबेडकर पार्क के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी है। किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल वाटर कैनन के साथ मौजूद है। 

MP: रेलवे ट्रैक पर आडा फंसा था ट्रेक्टर, लोको पायलट की समझदारी ने ट्रेन पटरी से उतरने से बचाया

भोपाल (मध्य प्रदेश): रेलवे सुरक्षा बल ने एक व्यक्ति को ट्रैक्टर से अवैध रूप से रेलवे ट्रैक पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह घटना सोमवार दोपहर मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में हुई। ट्रैक के दोनों ओर खेत रखने वाले एक किसान ने अवैध क्रॉसिंग से अपने ट्रैक्टर से ट्रैक पार करने की कोशिश की।

इस कारण ट्रैक्टर फंस गया और चालक को ट्रैक्टर वहीं छोड़कर भागना पड़ा। आरपीएफ ने चालक के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने, धारा 147 अवैध रूप से रेलवे ट्रैक पार करने और धारा 174 ट्रेनों के आवागमन में बाधा डालने के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, ड्राइवर धर्मेंद्र राजपूत जिले के अलाखेड़ी गांव का रहने वाला किसान है। गुरमाखेड़ी के पास इटारसी-जबलपुर रेलवे मार्ग के दोनों ओर उसकी खेती की जमीन है। अपने दूसरे खेत पर जाने के लिए उसने अपने ट्रैक्टर से ट्रैक पार करने की कोशिश की। शॉर्टकट के लिए उसने क्रॉसिंग पर न जाकर ऐसी क्रॉसिंग से जाने का फैसला किया जो वाहनों के लिए नहीं बनाई गई थी।

इस दौरान उसका ट्रैक्टर रेलवे ट्रैक के बीच में फंस गया। घबराकर उसने आगे-पीछे करके अपने ट्रैक्टर को निकालने की कोशिश की। लेकिन उसकी कोशिशें नाकाम रहीं और ट्रैक्टर और भी फंस गया।

लोको पायलट की समझदारी ने ट्रेन पटरी से उतरने से बचाया

उसी समय बाजू वाले ट्रैक से इटारसी से राजकोट-रीवा सोमनाथ एक्सप्रेस गुजरी, इस ट्रेन के लोको पायलट एमके झा ने सूझबूझ का परिचय देते हुए रेलवे कंट्रोल को ट्रैक पर फंसे ट्रैक्टर की सूचना दी और साथ ही लगभग एक किलोमीटर आगे सिग्नल क्रैकर लगाकर अन्य ड्राइवरों को भी सचेत किया।

जब दानापुर-उधना एक्सप्रेस नजदीक आई तो पटाखे फूटने लगे, जिससे पायलट सतर्क हो गया और उसने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे जबलपुर डिवीजन में बागरात्वा और गुरमखेड़ी के बीच संभावित पटरी से उतरने की घटना टल गई।

Bhopal Power Cut 11 September: भोपाल में 20 स्थानों में 11 सितंबर को गुल रहेगी बिजली

Bhopal Power Cut 11 September: भोपाल नगर निगम ने शहर के चार लेन सड़क निर्माण कार्य के कारण नियोजित बिजली कटौती की घोषणा की है। यह कटौती आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य के तहत की जा रही है।

नगर निगम ने 11 सितंबर को प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के लिए बिजली कटौती की सूची जारी की है। यह कदम भोपाल में बुनियादी ढांचे के विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे निवासियों को अस्थायी असुविधा हो सकती है।

बिजली कटौती का उद्देश्य और महत्व

भोपाल नगर निगम का उद्देश्य शहर की सड़कों के निर्माण और विकास के कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करना है। इसके साथ ही, बिजली की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए रखरखाव जरूरी है।

निर्धारित बिजली कटौती से न केवल निर्माण कार्य को गति मिलेगी, बल्कि भविष्य में बेहतर विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी। नगर निगम ने निवासियों से अनुरोध किया है कि वे इस अस्थायी कटौती के लिए पहले से योजना बनाएं और आवश्यक सावधानियां बरतें ताकि असुविधा से बचा जा सके।

प्रभावित क्षेत्र और बिजली कटौती का समय

1. बाबा नगर, सी सेक्टर, श्री राम कॉलोनी, स्नेह नगर, गायत्री विहार चरण 1 और निकटतम क्षेत्र

  • समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
    इस क्षेत्र के निवासियों से अनुरोध है कि वे बिजली कटौती के इस चार घंटे के अंतराल के दौरान अपने आवश्यक कामों की योजना पहले से बना लें।

2. लव कुश अपार्टमेंट, फिल्टर प्लॉट, महाजन बंगला, जज कॉलोनी, अमलतास कॉलोनी, ईदगाह और निकटतम क्षेत्र

  • समय: सुबह 09:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक
    इस क्षेत्र में पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। नगर निगम द्वारा इस अवधि के दौरान आवश्यक मरम्मत कार्य किया जाएगा, जिससे भविष्य में विद्युत व्यवस्था अधिक सुचारू हो सके।

3. पंजाबी बाग, गुरुनानक पुरा, बाग परतहाफजा, जनता क्वार्टर, अशोक गार्डन, प्रगति नगर और निकटतम क्षेत्र

  • समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
    इस क्षेत्र में ढाई घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। यह कदम विद्युत ग्रिड के अनुकूलन और मरम्मत कार्य के तहत उठाया गया है।

बिजली कटौती के दौरान अपनाने योग्य सावधानियां

नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सलाह दी है कि वे इस अस्थायी बिजली कटौती के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाएं ताकि असुविधा से बचा जा सके।

  1. महत्वपूर्ण उपकरणों को पहले से चार्ज कर लें: मोबाइल फोन, लैपटॉप, और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जो आपके दैनिक कार्यों में सहायक होते हैं, उन्हें पूरी तरह से चार्ज करें।
  2. वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत: यदि आपके पास बैटरी बैकअप या इन्वर्टर है, तो सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह से चार्ज और कार्यशील हैं।
  3. खाने-पीने की तैयारी: बिजली कटौती के समय के अनुसार, पहले से ही खाना बनाकर रखें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
  4. नागरिक सेवाओं पर असर: इस दौरान यदि जल आपूर्ति या अन्य नागरिक सेवाओं पर प्रभाव पड़ता है, तो उसके लिए भी वैकल्पिक योजनाएं बनाएं।

भोपाल नगर निगम द्वारा निवासियों के लिए विशेष सुझाव

भोपाल नगर निगम ने यह भी कहा है कि इस बिजली कटौती का मुख्य उद्देश्य शहर के भविष्य में बिजली आपूर्ति को और अधिक भरोसेमंद बनाना है। इसके तहत विद्युत ट्रांसफार्मर और लाइन अपग्रेडेशन के कार्य किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में अप्रत्याशित बिजली कटौती और फॉल्ट से बचा जा सके।

नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपनी ओर से सहयोग करें और इस अस्थायी असुविधा के लिए धैर्य रखें। नगर निगम जल्द से जल्द इन कार्यों को पूरा करने का प्रयास कर रहा है, ताकि भोपाल शहर में ऊर्जा आपूर्ति बेहतर हो सके।

भोपाल के निवासियों के लिए आगामी योजनाएं

भोपाल नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहर के विकास और रखरखाव के तहत और भी कई क्षेत्रों में आगामी महीनों में मरम्मत और निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसके लिए समय-समय पर सूचना दी जाएगी और बिजली कटौती की योजना पहले से जारी की जाएगी, ताकि निवासियों को पहले से तैयारी करने का अवसर मिल सके।

भोपाल नगर निगम द्वारा 11 सितंबर को निर्धारित बिजली कटौती एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शहर के चार लेन सड़क निर्माण और विद्युत व्यवस्था को उन्नत करने के लिए लिया जा रहा है। इस अस्थायी व्यवधान के दौरान निवासियों से अनुरोध है कि वे धैर्य बनाए रखें और निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस कटौती के बाद शहर की विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे भोपाल के नागरिकों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

सिवनी जिले में अब तक 1253 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, इस वर्ष पिछले वर्ष से अधिक हुई वर्षा

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Seoni News: सिवनी / भू-अभिलेख कार्यालय सिवनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में 1 जून से 10 सितम्बर 2024 तक की स्थिति में 1253 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है।

वहीं, 10 सितम्बर को जिले में कुल 285.6 मि.मी. वर्षा (35.7 मि.मी. औसत) दर्ज की गई है।

10 सितम्बर को विभिन्न स्थानों पर वर्षा की स्थिति इस प्रकार रही:

  • सिवनी: 44.8 मि.मी.
  • कुरई: 15.0 मि.मी.
  • बरघाट: 47.3 मि.मी.
  • केवलारी: 52.4 मि.मी.
  • छपारा: 15.0 मि.मी.
  • लखनादौन: 20.1 मि.मी.
  • धनौरा: 71.0 मि.मी.
  • घंसौर: 20.0 मि.मी.

01 जून से 10 सितम्बर 2024 तक जिले में कुल 10023.8 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई, जिसमें 8 विकासखंडों का औसतन 1253.0 मि.मी. वर्षा का योगदान रहा। अब तक की विकासखंडवार स्थिति इस प्रकार है:

  • सिवनी: 1366.3 मि.मी.
  • कुरई: 985.0 मि.मी.
  • बरघाट: 1325.6 मि.मी.
  • केवलारी: 1376.6 मि.मी.
  • छपारा: 1246.1 मि.मी.
  • लखनादौन: 1205.7 मि.मी.
  • धनौरा: 1106.5 मि.मी.
  • घंसौर: 1409.0 मि.मी.

विगत वर्ष 10 सितम्बर 2023 की स्थिति में कुल 8162.7 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की तुलना में कम है।

सिवनी में बाढ़ राहत कार्यों में मुस्तैद रहकर मैदानी अमले ने प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

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Seoni News: सिवनी जिले में सोमवार रात्रि से लगातार जारी अतिवर्षा के कारण जिला मुख्यालय सहित विभिन्न विकासखंडों के निचले स्थानों पर जल भराव की स्थिति निर्मित हुई।

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशन में राजस्व, नगरपालिका, होमगार्ड, पंचायत विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बाढ़ राहत कार्यों में मुस्तैद रहे। सभी क्षेत्रों में जल भराव वाले स्थानों पर तत्काल राहत दल द्वारा पहुंचकर जल निकासी की व्यवस्था बनाने के साथ-साथ प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया गया।

जिला मुख्यालय के विवेकानंद एवं तिलक वार्ड में जल भराव की स्थिति निर्मित होने पर क्विक रिस्पोंस टीम द्वारा रहवासियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्यवाही की।

इसके अतिरिक्त अतिवृष्टि के कारण नदी-नालों में आई बाढ़ के कारण डूब प्रभावी पुल-पुलियाओं से तत्काल आवागमन बंद करते हुए सभी ऐसी पुल-पुलियाओं में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। कलेक्टर सुश्री जैन ने लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहकर समय-समय पर उन्हें राहत कार्य संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

सिवनी जिले में 11 सितंबर को अवकाश घोषित: भारी बारिश की वजह से कलेक्टर ने लिया फैसला

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Seoni News: सिवनी जिले में शासकीय-अशासकीय स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के 11 सितंबर के लिए अवकाश घोषित. सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन ने जिले में लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 11 सितंबर 2024 को सामान्य अवकाश के आदेश जारी किए हैं। इस अवकाश का निर्णय लगातार हो रही बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

अति वर्षा के चलते 11 सितंबर को अवकाश घोषित

जिले में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में भी इसी दिन अवकाश घोषित किया गया है।

शिक्षक एवं कर्मचारी संस्था में उपस्थित रहेंगे

हालांकि, इस अवकाश के दौरान विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षकों और अन्य पदस्थ कर्मचारियों को संस्था में समय पर उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य विद्यालय के अन्य कार्यों को नियमित रूप से संचालित करना है, ताकि स्कूल पुनः खोलने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता

लगातार हो रही वर्षा के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे बच्चों का स्कूल जाना कठिन हो गया है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिले में सुरक्षा और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।

आंगनबाड़ी केंद्रों के अवकाश के आदेश

जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी 11 सितंबर को अवकाश की घोषणा की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्थानीय केंद्रों पर उपस्थित रहें और अवकाश के दौरान किसी भी प्रशासनिक कार्य को संचालित करें। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पोषण कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं का समय से संचालन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि बाद में इन सेवाओं में कोई बाधा न हो।

अवकाश के बाद के दिशा-निर्देश

अवकाश के बाद विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में पुनः कार्य शुरू होने पर सफाई और स्वास्थ्य मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्कूल खुलने पर साफ-सफाई और जलभराव जैसी समस्याओं का समाधान कर लिया जाए। इसके लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।

विभिन्न विभागों की समन्वय समिति सक्रिय

प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम विभाग से लगातार संपर्क में रहें और जिले में हो रही बारिश की स्थिति पर नजर बनाए रखें। इसके साथ ही, आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

जिला प्रशासन ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें। अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।

सार्वजनिक और निजी स्कूलों के प्रबंधन को निर्देश

जिले के सभी सार्वजनिक और निजी स्कूलों के प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि अवकाश के दौरान विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही, विद्यालय के भवनों की संरचनात्मक जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राहत और बचाव कार्यों पर विशेष ध्यान

लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी राहत कार्यों में सहायता करने के लिए कहा गया है।

सिवनी: भीमगढ़ के 6 गेट खुले, मोहल्ले में 4-4 फीट तक भरा पानी; रेस्क्यू टीम…

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Seoni News: मंगलवार को जिले में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया, और रुक-रुक कर हुई तेज बारिश से इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खासतौर पर लड़ाइया मोहल्ले में हालात काफी गंभीर हो गए, जहां निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

पिछले कुछ दिनों से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन तेज बारिश ने थोड़ी राहत पहुंचाई। हालांकि, बारिश के चलते नदी-नाले और तालाबों में जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे जनजीवन लडखडाता दिख रहा है.

लड़ाइया मोहल्ले में पानी भरने से प्रभावित लोग

लड़ाइया मोहल्ला का निचला इलाका इस बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहां के कई घरों के अंदर पानी भर गया है, और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पानी निकासी का काम शुरू कर दिया है, लेकिन भारी बारिश के चलते यह कार्य धीमी गति से हो रहा है। प्रशासन की ओर से लगातार अपील की जा रही है कि लोग सतर्क रहें और बारिश के दौरान खेतों या निचले इलाकों में जाने से बचें।

नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, कई इलाके जलमग्न

इस बारिश के चलते जिले की प्रमुख नदियां और नाले भी उफान पर हैं। वैनगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, और इसके चलते भीमगढ़ संजय सरोवर बांध के 6 गेट खोल दिए गए हैं। बांध से प्रति सेकंड 3700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी के किनारे बसे गांवों को सतर्क किया गया है। धनोरा, घंसौर, केवलारी, लखनादौन, छपारा, कुरई, और बरघाट जैसे क्षेत्रों में भी भारी बारिश के चलते पानी भर गया है।

प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य और प्रशासन की तैयारी

बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बचाव दलों को सक्रिय कर दिया है। विशेष रूप से उन इलाकों में जहां पानी भर गया है, वहां राहत और बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। जिन घरों में पानी भर गया है, उनके निवासियों को भी सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

इसके अलावा, शहर के कुछ स्थानों पर लगभग 4 फीट तक पानी भरने की खबरें भी आई हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमों को इन क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है।

तेज उमस के बाद बारिश ने दिलाई राहत, लेकिन बाढ़ का खतरा बरकरार

पिछले कुछ दिनों से जिले में उमस भरी गर्मी का अनुभव किया जा रहा था। हालांकि, मंगलवार को हुई इस तेज बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर पहुंचाई, लेकिन इसके साथ ही बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने पहले से ही चेतावनी जारी कर रखी है कि लोग सतर्क रहें और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

भीमगढ़ बांध के गेट खोलने से बढ़ी सतर्कता

वैनगंगा नदी के उफान पर आने के कारण भीमगढ़ संजय सरोवर बांध के 6 गेट खोलने पड़े। इस निर्णय से नदी का जलस्तर और भी बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बांध से प्रति सेकंड 3700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, और इस पानी का प्रवाह आसपास के इलाकों में चिंता का विषय बन गया है। प्रशासन ने बांध के आसपास के गांवों और क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

प्रशासन की अपील और सुझाव

जिला प्रशासन ने बारिश के मद्देनजर लोगों से अपील की है कि वे निचले इलाकों से दूर रहें और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। प्रशासन की ओर से लगातार यह भी कहा जा रहा है कि खेतों में काम करने वाले लोग सावधानी बरतें और मौसम साफ होने तक घरों में रहें।

साथ ही, प्रशासन ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के लिए अतिरिक्त टीमें भी तैनात की जा रही हैं। प्रभावित इलाकों में पानी की निकासी के लिए पंप लगाए जा रहे हैं, और आवश्यक खाद्य सामग्री और पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है।