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सिवनी: ड्रीम लैंड सिटी हुई जलमग्न; प्राकृतिक नाले पर अवैध पुलिया बनी जलभराव का कारण !

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Seoni News: सिवनी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शहर के कई इलाके जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। कटंगी रोड स्थित मोक्षधाम से पहले बसे ड्रीम लैंड सिटी इलाके में जलभराव की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है।

इस क्षेत्र के निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, और इसका मुख्य कारण इलाके में बने अवैध पुलिया को बताया जा रहा है, जो एक प्राकृतिक नाले के प्रवाह को बाधित कर रहा है।

सिवनी जिले में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

भारी बारिश के चलते ड्रीम लैंड सिटी पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। सड़कों पर कई फुट तक पानी भर गया है, जिससे वहां आवागमन ठप हो गया है। स्थानीय निवासियों को अपने घरों से बाहर निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कई मकानों के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में पानी भर गया है, जिससे घरों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और भी विकट हो गई है। बच्चों और बुजुर्गों को इस जलभराव से खासतौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अवैध पुलिया बनी समस्या का मुख्य कारण

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जलभराव का मुख्य कारण इलाके में बने अवैध पुलिया है, जो एक प्राकृतिक नाले पर बना हुआ है। इस नाले के प्रवाह को बाधित कर दिया गया है, जिससे बारिश का पानी आसानी से बह नहीं पा रहा है और ड्रीम लैंड सिटी के आसपास जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और अवैध पुलिया को हटाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

ड्रीम लैंड सिटी के निवासियों के लिए यह समय बेहद कठिन है। लगातार हो रही बारिश और अवैध पुलिया की वजह से जलभराव की समस्या ने उनके जीवन को प्रभावित कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इस समस्या का समाधान करता है और निवासियों को राहत प्रदान करता है।

Seoni Weather: सिवनी जिले में नदी-नाले उफान अपर, आवागमन बंद

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Seoni News: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में जारी लगातार मूसलाधार वर्षा ने जनजीवन को काफी हद तक प्रभावित किया है। जिले के नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ने के कारण कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर कई पुलों और रपटों पर आवागमन को बंद कर दिया है।

नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण संकट

सिवनी जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण वर्धा नदीबैनगंगा नदी, और कई अन्य छोटे नालों में जलस्तर सामान्य से काफी अधिक बढ़ गया है। इस वर्षा से जिले की कई प्रमुख और छोटे पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे इन मार्गों पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है।

प्रभावित क्षेत्र:

  • वर्धा नदी के आस-पास के गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
  • कई छोटे नाले, जिनमें चंदन नदीबजरंग नाला और अन्य शामिल हैं, भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं।

प्रशासनिक चेतावनी और निर्देश

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। प्रशासन का कहना है कि ऐसे समय में पुलों, पुलियों और रपटों पर से पानी गुजरने के दौरान इन्हें पार करना बेहद खतरनाक हो सकता है।

प्रमुख निर्देश:

  1. नदी-नाले पार न करें: जलस्तर बढ़ने के कारण कई पुल और रपटे डूब गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में इन मार्गों को पार न करें।
  2. अनावश्यक यात्रा से बचें: मौसम की अस्थिरता के कारण मार्गों पर यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन ने सभी से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
  3. सुरक्षा पर ध्यान दें: अपने आस-पास की स्थिति पर ध्यान दें और बाढ़ के संभावित खतरों से सतर्क रहें।

वर्षा से जनजीवन पर प्रभाव

लगातार हो रही बारिश ने जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में फसलें बर्बाद हो रही हैं और शहरी क्षेत्रों में यातायात ठप पड़ गया है।

मुख्य प्रभाव:

  • फसलों को नुकसान: लगातार बारिश के कारण जिले में खेती पर भी गहरा असर पड़ा है। धान और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
  • यातायात बाधित: कई प्रमुख सड़कें और मार्ग बंद होने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक को भी नियंत्रित किया है।
  • बिजली और पानी की समस्या: बारिश के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, वहीं पानी की निकासी में भी दिक्कतें आ रही हैं।

आपातकालीन सेवाओं की तैयारी

प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना के दौरान तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। राजस्व विभागपुलिस विभाग, और स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से तैनात किया गया है।

प्रमुख कदम:

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों के फैलने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीमों को तैनात किया है।
  • संपर्क मार्गों की निगरानी: प्रमुख सड़कों और पुलों की निगरानी की जा रही है ताकि जैसे ही जलस्तर कम हो, यातायात को बहाल किया जा सके।

बचाव और राहत के लिए नागरिकों की जिम्मेदारी

बाढ़ और भारी वर्षा की स्थिति में नागरिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें और स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

मुख्य सावधानियां:

  • सड़क पर जलभराव होने पर वाहन न चलाएं: अगर किसी सड़क पर पानी जमा है, तो उसे पार करने का प्रयास न करें। यह जानलेवा साबित हो सकता है।
  • बिजली की लाइनों से दूर रहें: जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली के तार गिर सकते हैं, इसलिए बिजली की लाइनों से दूर रहें।
  • पानी जमा न होने दें: अपने आस-पास के इलाकों में पानी के ठहराव को रोकने की कोशिश करें ताकि मच्छरों और बीमारियों का प्रसार न हो।

जल संकट के दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता

बारिश के कारण हर साल उत्पन्न होने वाली बाढ़ की समस्याओं को देखते हुए सिवनी जिले में दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्थाजल संग्रहण की योजनाएं, और आपातकालीन सेवाओं की त्वरित व्यवस्था इस समस्या से निपटने के लिए आवश्यक हैं।

प्रमुख सुझाव:

  • जल निकासी के लिए विशेष प्रबंध: जिले के सभी क्षेत्रों में सटीक जल निकासी प्रणाली होनी चाहिए ताकि बाढ़ जैसी स्थितियों से बचा जा सके।
  • पानी का संग्रहण: बारिश के पानी का संग्रहण और पुन: उपयोग किया जाना चाहिए ताकि जल संकट का समाधान किया जा सके।
  • आपदा प्रबंधन: आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए जिले में आपदा प्रबंधन की टीमों को सदैव तैयार रहना चाहिए।

सिवनी में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, जलभराव क्षेत्र में क्विक रिपॉन्स टीम ने की मदद

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Seoni News: जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जल स्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत कार्य किए जा रहे हैं। इसके तहत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी डूब प्रभावी क्षेत्रों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए जल निकासी के कार्यों में जुटे हुए हैं। जलभराव वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देते हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की सक्रियता

लगातार हो रही अतिवृष्टि के चलते जिले के नदी-नालों का जल स्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है। छोटे पुल पुलियों के ऊपर से पानी जाने के कारण कुछ मार्गों को बंद करना पड़ा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी बंद मार्ग, पुल, पुलिया या नाले को पार करने का प्रयास न करें।

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन किया है, जो लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने का है।

जल निकासी की त्वरित व्यवस्था

प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जल निकासी की त्वरित व्यवस्था की जा रही है। जिन स्थानों पर अधिक जलभराव हो रहा है, वहां पर पंप सेट लगाए गए हैं ताकि पानी को निकालकर सामान्य स्थिति बनाई जा सके।

नागरिकों की सुरक्षा के लिए जारी निर्देश

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। नदी-नालों के समीप न जाएं, और विशेष रूप से उन क्षेत्रों से बचें जहां पानी का बहाव तेज है। प्रशासन द्वारा सतत निगरानी की जा रही है और राहत दल पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।

इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय पुलिस बल भी पूरी तरह से तैयार हैं, और जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।

स्थानीय निवासियों के लिए राहत शिविर

जिन क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर है, वहां पर प्रशासन द्वारा राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है। इन शिविरों में नागरिकों को खाद्य सामग्रीपीने का पानी और चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा रही है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने यह सुनिश्चित किया है कि राहत शिविरों में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलें।

राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन स्वयं इन कार्यों की मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां कहीं भी किसी प्रकार की कमी हो, उसे तुरंत दूर किया जा रहा है। राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।

स्थानीय संगठनों की सहायता

प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। ये संगठन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरित कर रहे हैं और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।

MPOX In India: भारत में मंकीपॉक्स की पुष्टि, केंद्र सरकार ने जारी की एडवाइजरी

MPOX In India: भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला सोमवार को पुष्टि हुआ, जिसमें इस बीमारी के लक्षणों के साथ एक अलग किए गए मरीज में लक्षणों का पता चला। केंद्रीय सरकार ने यह साफ किया है कि यह मंकीपॉक्स का मामला वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का हिस्सा नहीं है, जिसमें एमपॉक्स के क्लेड 1 से संबंधित मामला है। सरकार ने इसे पहले से स्थापित प्रोटोकॉल के तहत संभाला जा रहा मामला बताया।

सरकार के बयान के अनुसार, संपर्क अनुरेखण और निगरानी जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। फिलहाल, जनता के लिए किसी बड़े खतरे का कोई सबूत नहीं है, जिससे जनसाधारण को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

केंद्र सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी और सावधानियाँ

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने इस मामले के बारे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मंकीपॉक्स के एहतियाती उपायों, लक्षणों और इसके कारणों के बारे में एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि मंकीपॉक्स के मामलों पर निगरानी और संपर्क ट्रेसिंग को और सख्त किया जाए।

इसके अलावा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे एनसीडीसी द्वारा जारी मंकीपॉक्स पर सीडी-अलर्ट को प्रसारित करें। इस अलर्ट में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • महामारी विज्ञान मामलों की परिभाषा और संपर्क ट्रेसिंग की रणनीति।
  • परीक्षण प्रयोगशालाओं की सूची।
  • नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल
  • संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण प्रथाओं का विवरण।
  • जोखिम संचार रणनीतियों की रूपरेखा।

मंकीपॉक्स के लक्षण और प्रमुख रूप से प्रभावित जनसंख्या

मंकीपॉक्स मुख्य रूप से 34 वर्ष की औसत आयु वाले युवा पुरुषों को प्रभावित करता है, जहां इसका सबसे आम संचरण यौन संपर्क के माध्यम से होता है। इसके बाद व्यक्ति-से-व्यक्ति गैर-यौन संपर्क के मामलों की भी पुष्टि हुई है।

जिन व्यक्तियों की एचआईवी स्थिति ज्ञात है, उनमें लगभग आधे मामलों में मंकीपॉक्स के लक्षण देखे गए हैं। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  • चकत्ते (विशेष रूप से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर)।
  • बुखार
  • शारीरिक कमजोरी और अन्य सामान्य लक्षण।

मंकीपॉक्स के अन्य गंभीर लक्षणों में जननांग दाने और चर्म रोग भी देखे जाते हैं। इन लक्षणों के आधार पर जल्दी पहचान और उपचार आवश्यक है ताकि संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके।

स्वास्थ्य मंत्रालय की तैयारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्थिति की निगरानी लगातार जारी है। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का वादा किया है, ताकि मंकीपॉक्स के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

राज्यों और जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है, विशेष रूप से उन अस्पतालों में जहां संदिग्ध और पुष्ट मामलों के लिए आइसोलेशन सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएं, जिससे लोग मंकीपॉक्स के लक्षणों और इससे बचाव के तरीकों को समझ सकें। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि अनावश्यक घबराहट पैदा करने से बचना चाहिए और केवल सटीक जानकारी का प्रसार करना चाहिए।

वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स के आंकड़े

1 जनवरी 2022 से, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को छह विभिन्न क्षेत्रों के 121 सदस्य राज्यों से मंकीपॉक्स के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, 31 जुलाई 2024 तक कुल 102,997 प्रयोगशाला-पुष्टि मामले और 223 मौतों सहित 186 संभावित मामले रिपोर्ट किए गए हैं।

जुलाई 2024 में, वैश्विक स्तर पर 1,425 मामले और छह मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से सबसे अधिक मामले अफ्रीकी क्षेत्र (55%) से थे, उसके बाद अमेरिकी क्षेत्र (24%) और यूरोपीय क्षेत्र (11%) से रिपोर्ट किए गए।

दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र (SEAR) ने कुल मामलों का केवल 1 प्रतिशत रिपोर्ट किया है, जो यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र में मंकीपॉक्स का प्रसार अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम है।

भारत में मंकीपॉक्स के लिए सरकार की तत्परता

भारत सरकार ने मंकीपॉक्स के संदर्भ में तैयारियों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राज्यों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे संदिग्ध मामलों की त्वरित पहचान करें और संक्रमण की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाएं।

इसके अलावा, केंद्र सरकार ने राज्यों को मंकीपॉक्स के मामलों के परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं की सूची और नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि अस्पतालों में संदिग्ध और पुष्ट मामलों के लिए आइसोलेशन सुविधाओं की पूरी व्यवस्था हो।

MP के 2 सगे भाई की दिल्ली वाली एक GF: महंगे मेकअप की डिमांड की वजह से लगातार की चोरियां

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां दो भाइयों को अपने प्यार की महंगी मांगों को पूरा करने के लिए लगातार चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है! इससे भी अजीब बात यह है कि दोनों भाई एक ही लड़की से प्यार करते थे!

जानकारी के अनुसार, दोनों भाई भिंड के मेहगांव इलाके के रहने वाले हैं। उन्हें ग्वालियर में कई चोरियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने अपनी महंगी ‘दिल्लीवाली’ गर्लफ्रेंड के खर्चे पूरे करने के लिए चोरी की थी।

एक शराब का आदी, दूसरा स्मैक का

एक ही लड़की से प्यार करने वाले भाइयों ने बताया कि उन्होंने उसकी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपराध किए, जिसमें महंगे मेकअप, कपड़े और महंगी आदतें शामिल हैं। भाइयों में से एक शराब का आदी है, जबकि दूसरा स्मैक (हेरोइन का एक रूप) का आदी है।

हस्तिनापुर पुलिस ने अपने क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच के बाद रवि धानुक और विशाल धानुक नामक भाइयों को पकड़ लिया।

पुलिस ने नकदी और मोबाइल फोन समेत 2.75 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है। बड़ा भाई स्मैक का आदी है और छोटा भाई शराब का आदी है। दोनों रात में नशा करके चोरी करते थे।

लड़की दिल्ली में रहती है और उसकी मांग बढ़ने पर उन्होंने और अधिक चोरी करना शुरू कर दिया।

हस्तिनापुर एसएचओ राजकुमार राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 31 अगस्त को दर्ज की गई चोरी की जांच की, जिसमें डबका के बजरंग कॉलोनी में एक घर से 16,000 रुपये नकद, सोने और चांदी के गहने और तीन मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। उसी रात, सौंसा गाँव में एक घर में चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई, जहाँ नकदी और एक मोबाइल फोन चोरी हो गया।

एसडीओपी संतोष पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस ने मुखबिरों के अपने नेटवर्क को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। साइबर सेल और मुखबिरों की मदद से टीम ने रवि और विशाल धानुक को गिरफ्तार कर लिया। दोनों भाइयों ने हस्तिनापुर में एक और उतैला में दो चोरियों सहित तीन चोरियों को कबूल किया।

दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस अब उनसे अन्य संभावित चोरियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

Bhooth Bangla Movie: 14 साल बाद अक्षय कुमार फिर प्रियदर्शन के साथ

Akshay Kumar New Movie Bhooth Bangla: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार, जो सोमवार (9 सितंबर) को अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं, ने फिल्म निर्माता प्रियदर्शन के साथ अपनी आगामी फिल्म भूत बंगला की घोषणा की। अभिनेता-निर्देशक ने पहले भी कई बार साथ काम किया है और इस फिल्म के लिए उन्होंने 14 साल बाद साथ काम किया है।

भूत बांग्ला एक हॉरर कॉमेडी है जिसे एकता कपूर प्रोड्यूस करेंगी। फिल्म जल्द ही फ्लोर पर आने वाली है और 2025 में बड़े पर्दे पर आएगी।

अक्षय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म का पहला मोशन पोस्टर शेयर किया है। वीडियो में अक्षय का किरदार दूध का कटोरा पकड़े हुए नज़र आ रहा है। उनके कंधे पर एक काली बिल्ली बैठी हुई नज़र आ रही है।

मोशन पोस्टर के साथ, अभिनेता ने लिखा, “साल दर साल मेरे जन्मदिन पर आपके प्यार के लिए धन्यवाद! इस साल ‘भूत बांग्ला’ के पहले लुक के साथ जश्न मना रहा हूँ! मैं 14 साल बाद फिर से प्रियदर्शन के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूँ।”

उन्होंने कहा, “यह स्वप्निल सहयोग लंबे समय से आ रहा था… इस अविश्वसनीय यात्रा को आप सभी के साथ साझा करने के लिए इंतजार नहीं कर सकता। जादू के लिए तैयार रहें।”

उसी मोशन पोस्टर को साझा करते हुए, प्रियदर्शन ने एक्स पर लिखा, “14 साल बाद, मैं अपने पुराने दोस्त @akshaykumar के साथ एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म के लिए फिर से जुड़ रहा हूं, जो @EktaaRKapoor के साथ मेरा पहला सहयोग है। कुछ वाकई खास के लिए तैयार हो जाओ! #BhoothBangla।”

अक्षय कुमार और प्रियदर्शन का सहयोग

उनका सहयोग 2000 में हेरा फेरी से शुरू हुआ, जो जल्द ही एक कल्ट क्लासिक बन गई। फिल्म की अनोखी कहानी और यादगार संवादों के साथ अक्षय की कॉमिक टाइमिंग ने इसे तुरंत हिट बना दिया।

प्रियदर्शन और अक्षय का सहयोग ‘भूल भुलैया’ के साथ जारी रहा, जो उनकी साझेदारी की एक और उत्कृष्ट फिल्म है। उन्होंने खट्टा मीठा, दे दना दन, भागम भाग और गरम मसाला जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया है।

MP WEATHER TODAY: एमपी में अगले चार दिनों में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

MP WEATHER TODAY: भोपाल में हल्की बारिश शुरू, मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी. भोपाल में मौसम का मिजाज बदल चुका है, और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी चार दिनों में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

भोपाल के कुछ इलाकों में हल्की बारिश शुरू हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

आईएमडी के अनुसार, मध्य प्रदेश के चार जिलों – अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में 24 घंटों के भीतर 8 इंच तक बारिश होने की उम्मीद है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

मध्य प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में भारी बारिश की संभावना

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि मानसून की द्रोणिका मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है, जिससे राज्य में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान, कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने राज्य के 25 से अधिक जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

राज्य में कहां हो रही है बारिश

रविवार को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल के साथ-साथ छतरपुर जिले के खजुराहो, उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, बैतूल, धार, गुना, पचमढ़ी, रतलाम और उज्जैन में भी बारिश का दौर जारी रहा।

इसके अलावा, राजगढ़ जिले के सारंगपुर और नर्मदापुरम के इटारसी में भी बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विभाग ने यह भी बताया कि मानसून की ट्रफ लाइन उत्तरी भारत से होकर गुजर रही है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है।

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से मौसम पर असर

बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में ओडिशा के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 से 48 घंटों में और मजबूत हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि यह दबाव राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का कारण बन सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

मध्य प्रदेश में अब तक हुई बारिश का विवरण

अब तक के मौसम में, मध्य प्रदेश में औसतन 36.4 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो मौसमी औसत का 98% है। राज्य में सामान्य बारिश 37.3 इंच होती है, जिसका मतलब है कि राज्य में सामान्य स्तर तक पहुंचने के लिए केवल 1 इंच और बारिश की आवश्यकता है। राज्य के 28 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसमें श्योपुर जिले में सबसे अधिक 169% बारिश हुई है।

इंदौर, उज्जैन और रीवा संभागों में कम बारिश

हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। इंदौर, उज्जैन और रीवा संभागों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। विशेष रूप से, रीवा जिले में केवल 60% (23.3 इंच) बारिश हुई है, जो सामान्य से काफी कम है।

मंडला और सिवनी में सबसे अधिक बारिश

अब तक के आंकड़ों के अनुसार, मंडला जिले में सबसे अधिक 48.18 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सिवनी में 47.87 इंच, श्योपुर में 45.89 इंच, और डिंडोरी में 44 इंच बारिश हुई है। भोपाल में अब तक 43 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो राज्य में पांचवें स्थान पर है। इसके अलावा, सीधी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर और राजगढ़ जैसे जिलों में भी 40 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

मुख्य बांधों में जलस्तर में वृद्धि

जुलाई और अगस्त में हुई भारी बारिश के कारण, भोपाल के कोलार, कलियासोत, केरवा और भदभदा के साथ-साथ नर्मदापुरम के तवा और अन्य बड़े बांधों में जल स्तर बढ़ गया है। इसके अलावा, बाणसागर, कुंडलिया, बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, जोहिला, परसडोह और चंदौरा जैसे प्रमुख बांधों में भी जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। आने वाले चार दिनों में संभावित भारी बारिश के कारण इन बांधों के गेट फिर से खोले जा सकते हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है।

Kisan Nyay Yatra: एमपी में कांग्रेस 10 सितंबर से शुरू करेगी किसान न्याय यात्रा

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को घोषणा की कि वह 10 सितंबर से राज्य में किसान न्याय यात्रा निकालेगी और किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं करने को लेकर भाजपा नीत राज्य सरकार के खिलाफ 20 सितंबर को प्रदर्शन करेगी।

Kisan Nyay Yatra In MP – एमपी में किसान न्याय यात्रा

पत्रकारों से बात करते हुए, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि भाजपा फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के वादे को पूरा करने में विफल रही है।

पटवारी ने कहा कि वह मंगलवार को मंदसौर से किसान न्याय यात्रा शुरू करेंगे और इसी तरह की यात्राएं 13 सितंबर को होशंगाबाद और 15 सितंबर को आगर मालवा में आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी हर जिले में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव और विरोध प्रदर्शन करेगी।

पटवारी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, नेता प्रतिपक्ष उमा सिंह सिंघार और अन्य नेता विभिन्न जिलों में यात्रा में हिस्सा लेंगे।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय लगभग एक लाख गुना करने का वादा किया था, जबकि भाजपा ने गेहूं और धान के लिए क्रमश: 2,700 रुपये और 3,100 रुपये एमएसपी देने का वादा किया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अभी तक एमएसपी घोषित क्यों नहीं किया गया।

पटवारी ने बताया कि इस वर्ष किसानों को सोयाबीन के लिए वही कीमत दी गई जो उन्हें दस साल पहले मिली थी और कहा कि खेती की लागत लगभग 4,000 रुपये प्रति क्विंटल थी, लेकिन फसल का मूल्य 3,800 रुपये था।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सोयाबीन फसल की कीमत स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि किसानों की आय दोगुनी करने का भाजपा का वादा झूठा है।’’ उन्होंने दावा किया कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भाजपा ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सोयाबीन फसल की खरीद की घोषणा की है।