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सिवनी की सना अंजुम खान को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया सम्मानित

सिवनी: भोपाल के रविन्द्र भवन में 11 अगस्त को आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी के छपारा की कुमारी सना अंजुम खान को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। कुमारी सना, स्वर्गीय याकूब खान की पुत्री, नगर के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान मिशन स्कूल छपारा में अध्ययनरत हैं। उन्होंने शैक्षणिक वर्ष 2023-24 की बोर्ड परीक्षा में जीव विज्ञान संकाय में राज्य की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे राज्य का मान बढ़ाया है।

कुमारी सना की उपलब्धि: एक प्रेरणादायक कहानी

कुमारी सना अंजुम खान की यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय मिशन स्कूल छपारा के लिए बल्कि पूरे छपारा और सिवनी जिले के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है, जिसमें उन्होंने कठिन परिश्रम, समर्पण और अनुशासन के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उत्कृष्ट उपलब्धि से विद्यालय ही नहीं, अपितु पूरा जिला गौरवान्वित हुआ है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

कुमारी सना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मिशन स्कूल छपारा से ही प्राप्त की। उनकी प्रारंभिक शिक्षा के दौरान ही उनकी मेहनत और लगन स्पष्ट दिखाई देने लगी थी। कुमारी सना ने शुरू से ही अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अपने शिक्षकों और सहपाठियों के बीच एक प्रेरणा स्रोत बनीं।

शैक्षणिक यात्रा

कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में जीव विज्ञान संकाय में राज्य की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के लिए कुमारी सना ने बहुत मेहनत की और अपने सभी विषयों में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए। उनकी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुकाम को हासिल किया है।

विद्यालय और शिक्षकगण का योगदान

मिशन स्कूल छपारा के शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन ने कुमारी सना की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विद्यालय ने सना को सभी आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे वह अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकीं। शिक्षकों ने सना की प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

विद्यालय की शुभकामनाएं

मिशन स्कूल छपारा परिवार ने कुमारी सना को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने सना की सफलता को सराहा और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। विद्यालय ने कहा कि सना की यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अगले कदम और भविष्य की योजनाएं

कुमारी सना अंजुम खान की यह सफलता केवल एक शुरुआत है। वह अपनी आगे की शिक्षा के लिए भी समर्पित हैं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की इच्छुक हैं। उनकी इस सफलता से प्रेरित होकर, वह भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छूने की योजना बना रही हैं।

सना की प्रेरणा

कुमारी सना का कहना है कि उनकी प्रेरणा उनके माता-पिता और उनके शिक्षक रहे हैं। उन्होंने हमेशा सना को प्रोत्साहित किया और उनकी पढ़ाई में हर संभव सहयोग दिया। सना ने अपने शिक्षकों और माता-पिता का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं होती।

समारोह में प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति

रविन्द्र भवन भोपाल में आयोजित इस समारोह में कई प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अलावा, शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी, विद्यालय के प्रमुख और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस समारोह में उपस्थित थे। सभी ने कुमारी सना को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि कुमारी सना की यह सफलता राज्य के सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा छात्रों को प्रोत्साहित करने और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने सना की सफलता को सराहा और उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

समारोह की विशेषताएं

समारोह के दौरान, कुमारी सना को एक विशेष पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा, समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियाँ दीं। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने कुमारी सना की सफलता को सराहा और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

कुमारी सना अंजुम खान की यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय और नगर के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह सफलता सभी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। हम कुमारी सना को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

Ayodhya Ram Mandir: अब तक श्रीराम के चरणों में 5,500 करोड़ का दान, ₹11 करोड़ विदेशी दान सिर्फ 10 महीनों में: रिपोर्ट

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में भव्य राम मंदिर को अब तक 5,500 करोड़ रुपये का दान मिल चुका है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में ऐतिहासिक राम मंदिर की आधारशिला 2020 में पीएम नरेंद्र मोदी ने रखी थी और इस साल जनवरी में इसका उद्घाटन किया गया था।

अयोध्या में भव्य राम मंदिर को अब तक 5,500 करोड़ रुपये का दान मिला है, जिसमें पिछले 10 महीनों में 11 करोड़ रुपये विदेशी दान के रूप में मिले हैं। हिंदी समाचार प्रकाशन अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में अयोध्या राम मंदिर को सोने और चांदी सहित विभिन्न दानों के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिला है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में ऐतिहासिक राम मंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में रखी थी। मंदिर निर्माण के लिए 2021 में चलाए गए निधि संग्रह अभियान के दौरान 3,500 करोड़ रुपये जमा हुए। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने देश के हर वर्ग के लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं की 10,000 से अधिक रसीदें छापी हैं। इस विशाल मंदिर का उद्घाटन इसी साल जनवरी में हुआ था।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई थी और 24 फरवरी तक ही नवनिर्मित मंदिर के लिए 25 किलो सोने और चांदी के आभूषण सहित लगभग 25 करोड़ रुपये का दान आ चुका था।

रामलला के लिए भक्तगण शिलान्यास समारोह के बाद से ही दान कर रहे हैं। हालांकि, मंदिर के उद्घाटन के दौरान और उसके बाद दान की गति और मात्रा में वृद्धि हुई है। मंदिर को प्रतिदिन लाखों का दान मिलता है। भक्तगण अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा स्थापित ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के माध्यम से धन दान करते हैं, साथ ही सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान धातुओं के रूप में भौतिक दान भी करते हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने कहा था कि ट्रस्ट को दान पेटी में जमा राशि के अलावा चेक, ड्राफ्ट और नकद दान सहित सभी रूपों में दान प्राप्त होता है।

Shravan 2024: श्रावण के अंतिम सोमवार को बाबा महाकाल उमा महेश स्वरूप में देंगे दर्शन

उज्जैन (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के उज्जैन में चौथी श्रावण सोमवार (12 अगस्त) को शाम 4 बजे चौथी महाकाल सवारी निकाली जाएगी. 

इस शोभायात्रा में भगवान महाकालेश्वर बैलगाड़ी पर सवार होकर उमा महेश के रूप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देंगे। पालकी में भगवान महाकाल के दूसरे रूप भगवान चंद्रमौलेश्वर होंगे। इसके अलावा हाथी पर भगवान मनमहेश, गरुड़ रथ पर भगवान शिव तांडव और नंदी रथ पर उमा महेश के चेहरे प्रदर्शित किए जाएंगे।

जुलूस से पहले महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप (मुख्य हॉल) में पारंपरिक पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसमें भगवान चंद्रमौलेश्वर की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद जुलूस की शुरुआत होगी, जिसमें मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल भगवान चंद्रमौलेश्वर को सलामी देगा।

मुंबई के एक भक्त ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में 2.05 किलोग्राम चांदी का मुकुट दान किया

मुंबई के सायन के एक भक्त अनंत प्रदीप जोशी ने भगवान महाकालेश्वर को 2046.5 ग्राम (2.05 किलोग्राम) वजन का चांदी का मुकुट भेंट किया।

मंदिर के पुजारी आकाश शर्मा की प्रेरणा से यह दान दिया गया और महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जुनवाल ने औपचारिक रूप से इसे स्वीकार किया, जिन्होंने आधिकारिक रसीद प्रदान की और दानकर्ता को सम्मानित किया। यह जानकारी महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के कोटरी मनीष पांचाल ने दी।

महाकालेश्वर मंदिर में सभी कार्य दान के माध्यम से किए जाते हैं। भक्त मंदिर के निःशुल्क भोजन वितरण, गौशाला और चिकित्सा सुविधाओं सहित विभिन्न सेवाओं में योगदान देते हैं, जिनका प्रबंधन महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा किया जाता है। मंदिर के अधिकारी, पुजारी और समिति के सदस्य नियमित रूप से भक्तों को मंदिर के रख-रखाव और धर्मार्थ गतिविधियों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

अनुपयोगी वस्तुओं से निर्मित महादेव की प्रतिमा: सिवनी मठ मंदिर में विक्की कश्यप का अद्भुत प्रयास – VIDEO

सिवनी, मध्यप्रदेश – सिवनी जिला मुख्यालय में स्थित प्रसिद्ध मठ मंदिर में युवाओं ने एक अद्वितीय पहल की है। उन्होंने अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग करके देवाधिदेव महादेव की 15 फीट ऊँची प्रतिमा का निर्माण किया है। यह पहल न केवल कलात्मक उत्कृष्टता का परिचायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

प्रेरणा और उद्देश्य

इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य था पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना और समाज को यह संदेश देना कि अनुपयोगी वस्तुओं को सही तरीके से पुनः उपयोग में लाकर कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सकता है। युवाओं की इस टीम ने विभिन्न प्रकार की अनुपयोगी वस्तुओं का संग्रह किया, जिनमें प्लास्टिक की बोतलें, लोहे के टुकड़े, पुराने टायर और अन्य बेकार सामग्री शामिल थी।

निर्माण प्रक्रिया

महादेव की इस भव्य प्रतिमा का निर्माण एक जटिल और मेहनतपूर्ण प्रक्रिया थी। सिवनी जिला मुख्यालय के ऋषभ विक्की कश्यप ने सबसे पहले एक रूपरेखा तैयार की और फिर उसे आकार देने के लिए बेकार वस्तुओं का चयन किया। हर वस्तु को ध्यानपूर्वक साफ और तैयार किया गया ताकि उसे संरचना में सही ढंग से फिट किया जा सके।

अनुपयोगी वस्तुओं से निर्मित महादेव की प्रतिमा: Math Mandir Seoni में विक्की कश्यप का अद्भुत प्रयास

कला और तकनीक का संगम

इस प्रतिमा में न केवल कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है, बल्कि तकनीकी दक्षता का भी उपयोग किया गया है। युवाओं ने यह सुनिश्चित किया कि प्रतिमा मजबूत और स्थायी हो, इसके लिए उन्होंने मेटल फ्रेमवर्क और कड़ी जोड़ तकनीकों का प्रयोग किया।

समाज का समर्थन

इस पहल को समाज का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। मंदिर के प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्य को प्रोत्साहित किया और आवश्यक सहयोग प्रदान किया। मंदिर में प्रतिमा के उद्घाटन के समय बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस प्रयास की सराहना की।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम

युवाओं की इस पहल ने साबित कर दिया है कि यदि हमारे पास सकारात्मक दृष्टिकोण और रचनात्मकता हो, तो हम बेकार वस्तुओं का पुनः उपयोग करके पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह प्रतिमा आने वाले समय में सिवनी के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और अन्य स्थानों पर भी इस तरह की पहल को प्रोत्साहित करेगी।

सिवनी जिला मुख्यालय के मठ मंदिर में युवाओं द्वारा तैयार की गई महादेव की यह अनुपयोगी वस्तुओं से निर्मित 15 फीट ऊँची प्रतिमा न केवल कला और पर्यावरण संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी प्रतीक है। इस पहल से प्रेरित होकर हम सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग और सक्रिय रहना चाहिए।

बालाघाट: भरवेली खदान में बड़ा हादसा, पत्थर की प्लेट गिरने से 2 मजदूरों की मौत

Balaghat Bharveli Khadan News: मध्य प्रदेश के बालाघाट में शनिवार को भरवेली खदान (Bharveli Mine) में पत्थर की बड़ी प्लेट ढहने से दो मजदूरों की दबकर मौत हो गई। हादसा शुक्रवार देर रात हुआ, जब मजदूर खदान में ड्रिलिंग कर रहे थे। दोनों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मृतकों की पहचान खिलेश उइके और मज़हर बेग के रूप में हुई है। वे बालाघाट में भरवेली खदान की 13वीं परत पर काम कर रहे थे, जिसे भारत में मैंगनीज की सबसे बड़ी खदान माना जाता है।

परिवारों ने एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की

शनिवार को जिला अस्पताल में मजदूरों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने पीड़ित परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और मृतकों के बच्चों की शिक्षा की मांग की। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया, जिसके बाद बालाघाट के एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, भरवेली, कोतवाली और एसडीएम बालाघाट गोपाल सोनी मौके पर पहुंचे और मामले का संज्ञान लिया।

बालाघाट विधायक ने खदान अधिकारियों की लापरवाही की निंदा की

बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने जिला अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से बात की। उन्होंने खदान अधिकारियों और सुपरवाइजर पर लापरवाही का आरोप लगाया।

सिवनी ब्रेकिंग: 23 विद्यालय को नोटिस जारी, अधिक फीस वसूली के मामले में कलेक्टर का एक्शन

सिवनी: जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित अशासकीय स्कूलों में ली जा रही शुल्क के संबंध में जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशों के परिपालन में जानकारी प्राप्त की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित अशासकीय स्कूलों में ली जा रही शुल्क के संबंध में जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशों के परिपालन में जानकारी प्राप्त की गई है। जिसमें 25 अशासकीय विद्यालयों के द्वारा शुल्क की जानकारी नहीं देने के कारण मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के नियम के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं.

23 विद्यालय ऐसे हैं, जिनके द्वारा सत्र 2022-23 की तुलना में सत्र 2023-24 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि किया जाना पाया गया हैं। इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।

इसी तरह 14 ऐसे विद्यालय जिनके द्वारा सत्र 2023-24 की तुलना में सत्र 2024-25 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि की गई,इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। साथ ही 10 विद्यालय जिनके द्वारा ली जा रही शुल्क अधिक हैं, उन विद्यालयों भी अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया।

उन्होंने बताया कि सभी नोटिसों के जवाब दिनांक 13.08.2024 तक विद्यालयों से जबाब चाहा गया है, तदुपरांत प्राप्त जबाब के आधार पर मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के नियम के आधार पर जिला प्रशासन की ओर से कार्यवाही की जावेगी

अशासकीय विद्यालयों के खिलाफ नोटिस

25 विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस

जिले के 25 अशासकीय विद्यालयों ने निर्धारित शुल्क की जानकारी नहीं दी, जिसके चलते मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि पर 23 विद्यालयों को नोटिस

23 विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने सत्र 2022-23 की तुलना में सत्र 2023-24 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि की है। इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

2023-24 की तुलना में 2024-25 में शुल्क वृध्दि पर 14 विद्यालयों को नोटिस

14 विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने सत्र 2023-24 की तुलना में सत्र 2024-25 में 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृध्दि की है। इन विद्यालयों को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

अधिक शुल्क वसूलने पर 10 विद्यालयों को नोटिस

10 विद्यालय ऐसे हैं, जो निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क वसूल रहे हैं। इन विद्यालयों को भी अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया है।

नोटिसों के जवाब की अंतिम तिथि

उत्तर देने की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2024

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी नोटिसों के जवाब दिनांक 13.08.2024 तक विद्यालयों से मांगा गया है।

नोटिस के जवाबों के आधार पर कार्यवाही

प्राप्त जवाबों के आधार पर कार्यवाही

प्राप्त जवाबों के आधार पर मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 के नियमों के तहत जिला प्रशासन की ओर से कार्यवाही की जाएगी।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती

अशासकीय विद्यालयों पर प्रशासन की नजर

इस प्रकार की कार्यवाही से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा। अशासकीय विद्यालयों को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

शुल्क संबंधी शिकायतों का निपटारा

अभिभावकों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इससे अभिभावकों को भी राहत मिलेगी और विद्यालयों में पारदर्शिता बनी रहेगी।

विद्यालयों की जिम्मेदारी

विद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे सभी नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें।

अशासकीय विद्यालयों में पारदर्शिता का महत्व

शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता

शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता बहुत महत्वपूर्ण है। इससे अभिभावकों और छात्रों दोनों को लाभ होता है।

अधिनियम का पालन अनिवार्य

मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) विधेयक 2020 का पालन करना सभी विद्यालयों के लिए अनिवार्य है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होगा।

विद्यालयों की छवि पर प्रभाव

नियमों का पालन न करने पर विद्यालयों की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे उनकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान हो सकता है।

युवा कांग्रेस सिवनी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस का 64 वाँ स्थापना दिवस” कार्यक्रम संपन्न

सिवनी: युवा कांग्रेस सिवनी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस का “64 वाँ स्थापना दिवस” कार्यक्रम गरिमामय रूप में मनाया गया ,सर्वप्रथम जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर द्वारा बताया गया कि प्रातः 10:00 बजे युवा कांग्रेस ध्वज का ध्वजारोहण कार्यक्रम श्रीमती चित्रलेखा नेताम एवं शांताबाई ससरयाम के द्वारा संपन्न कराया गया.

इसके उपरांत जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर द्वारा युवा कांग्रेस शपथ-अपने देश एवं अपने कर्तव्यों व दायित्वों के प्रति संकल्पित होने हेतु शपथ उपस्थित सभी को दिलाई गई, इस कार्यक्रम में विशेष रूप से केवलारी विधानसभा के लोकप्रिय विधायक रजनीश सिंह की विशेष उपस्थिति रही एवं ठाकुर रजनीश सिंह द्वारा भारतीय राष्ट्रीय युवा कांग्रेस की स्थापना दिवस पर सभी लोगों को उद्बोधन के माध्यम से शुभकामनाएं अर्पित की गई.

इसके उपरांत मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देश पर 9 अगस्त आदिवासी दिवस के उपलक्ष पर “आदिवासी गौरव पर्व” आदिवासी समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों को श्याल, श्रीफल एवं पीले गमछे से सम्मानित कर मनाया गया, इसके उपरांत युवा कांग्रेस द्वारा “एक पेड़ भारत के भविष्य के लिए” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया.

जिला युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम मैं विशेष रूप से जिला संगठन मंत्री पंकज शर्मा , जिला महामंत्री बृजेश सिंह लालू बघेल ,श्री अतुल मालू , नरेश मरावी , श्री मोहन चंदेल जी, श्री विनोद यादव ,श्री अनीश खान , विष्णु करोसिया , श्री देवी सिंह चौहान , श्री तेज सिंह रघुवंशी, श्री मनोज राहंगडाले ,श्रीमती गीता ठाकुर , राहुल उईके, हर्षित बघेल सिवनी, सुरेंद्र साहू केवलारी, तबरेज पटेल, विपिन यादव ,शक्ति जडेजा, सुनील पंचेश्वर सरपंच, अभिलाष गोलू मालवीय पार्षद, आकाश जांगड़े,के के इनवाती ,अभिषेक राजपूत,लक्की बघेल धनोरा, नरेश नामदेव,ओम उपाध्याय, आदित्य मोंटू भूरा, प्रवेश भालोटिया, सुरेश परते, विजय उईके अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस,इमरान खान भीमगढ़,राजेश माना ठाकुर, सेवादल टिकेंद्र देशमुख, सेवादल जय प्रकाश यादव, दिलीप राहंगडाले, विनोद नामदेव ,तरुण हरिनखेडे, हुकुमचंद सनोडिय, फैसल खान, सुमित मिश्रा, दयालु मरकाम एवं सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ता गणों की उपस्थिति में गरिमामय में कार्यक्रम संपन्न हुआ!

MP BREAKING: 15 अगस्त से पहले पुलिस कर रही थी जांच, MP के बैतूल में कबाड़खाने में जिंदा बम और 15 खोखे मिले

मध्य प्रदेश के बैतूल में शुक्रवार को एक कबाड़खाने में जिंदा बम बरामद हुआ। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस की जांच के दौरान बम के अलावा 15 खोखे भी मिले।

घटना बैतूल के मुर्गी चौक इलाके की है। एहतियात के तौर पर इलाके को सील कर दिया गया है और खजनापुर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है।

दैनिक भास्कर के अनुसार, नईम का स्क्रैप यार्ड खजनापुर के पास स्थित है। 15 अगस्त को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और 12 अगस्त को मुख्यमंत्री का भैंसदेही दौरा था, इसलिए पुलिस हाई अलर्ट पर थी। एसपी के निर्देश के बाद शुक्रवार को अधिकारियों ने स्क्रैप यार्ड का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्हें 15 बम के खोल और एक जिंदा बम मिला। इस आशंका के चलते कि और भी विस्फोटक हो सकते हैं, पूरे इलाके को सुरक्षित कर दिया गया। नईम के परिवार को भी वहां से निकाल दिया गया। स्थिति को संभालने के लिए नर्मदापुरम से बम निरोधक दल को बुलाया गया है। पुलिस जबलपुर से किसी भी संभावित लिंक की भी जांच कर रही है।

एएसपी कमला जोशी ने बताया कि सभी संदिग्ध स्थलों की जांच की जा रही है। टीआई देवकरण डेहरिया ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण के दौरान एक बोरे में विस्फोटक जैसी वस्तु पाई। इनमें से एक की पहचान जिंदा बम के रूप में हुई, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते को तत्काल बुलाया गया।

डीबी के अनुसार, स्क्रैप यार्ड मुर्गी चौक से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। टीआई डेहरिया ने बताया कि जबलपुर में इसी तरह की घटनाओं के बाद, वे बैतूल में स्क्रैप यार्ड की बारीकी से निगरानी कर रहे थे, क्योंकि वहां वायुसेना से संबंधित संस्थान मौजूद हैं। पुलिस संभावित विस्फोटकों के लिए अन्य स्क्रैप यार्ड की जांच जारी रखेगी।

सिवनी: लबालब भरा भीमगढ़ बांध, 2 बजे खोले जाएंगे गेट; 25,000 घन फीट प्रति सेकंड से होगी निकासी

सिवनी: कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार, संजय सरोवर जलाशय (भीमगढ़) बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से जल की आवक हो रही है। इस कारण बांध के जल स्तर को निर्धारित स्तर पर बनाए रखने के लिए बांध के जल द्वार खोले जाएंगे।

विभाग ने सूचित किया है कि 08 अगस्त 2024 को दोपहर 2:00 बजे से बांध के जल द्वार खोले जाएंगे। इसके माध्यम से 25,000 घन फीट प्रति सेकंड (708 क्यूमेक्स) जल की निकासी की जाएगी।

इस प्रक्रिया के दौरान जलाशय क्षेत्र और उसके आस-पास के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जल द्वार खोलने से जल स्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना भी हो सकती है। इसलिए, विभाग ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता को इस समय विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है।

जल संसाधन विभाग ने यह भी कहा है कि वे स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे। बारिश के इस मौसम में बांध की सुरक्षा और जल स्तर को नियंत्रित रखना विभाग की प्राथमिकता है।

जलाशय के जल द्वार खोलने की इस घोषणा के साथ ही स्थानीय प्रशासन ने भी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति का त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

संजय सरोवर जलाशय (भीमगढ़) बांध के जल द्वार खोलने की इस महत्वपूर्ण सूचना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभाग ने विभिन्न संचार माध्यमों का उपयोग करने का निर्णय लिया है, ताकि सभी लोग समय रहते सतर्क हो सकें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सिवनी कलेक्टर ने बरघाट की उचित मूल्य दुकानों की कराई जांच, वसूली के आदेश जारी

सिवनी, बरघाट: जांच में ऑनलाईन एवं ऑफलाईन खाद्यान्न में अंतर वाली दुकानों के विक्रेताओं से वसूली के आदेश जारी

अनुविभागीय अधिकारी बरघाट द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशानुसार कनिष्ठ सहायक, सहकारिता निरीक्षक एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आदि के संयुक्त जांच दल से तहसील बरघाट की कुल 88 शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच करायी गयी।

जांच दल के प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कुल 78 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में ऑनलाईन एवं ऑफलाईन खाद्यान्न का मिलान नहीं होने से विक्रेता/प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस जारी किया जाकर जवाब लिया गया।

उपरोक्त दुकानों में से 37 दुकानों के विकेता/प्रबंधकों के द्वारा ऑनलाईन एवं ऑफलाईन खाद्यान्न की पूर्ति किये जाने हेतु अपने जवाब के साथ अपना नोटराईज शपथ पत्र प्रस्तुत कर दो से तीन माह का समय चाहा गया, उक्त शासकीय उचित मूल्य के विक्रेता / प्रबंधकों को खाद्यान्न की पूर्ति किये जाने हेतु समय देते हुए आदेश पारित किया गया एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी बरघाट को निर्देशित किया गया कि वह समय-सीमा का ध्यान रखते हुए उक्त 37 दुकानों की पुनः जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में 10 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में कोई अंतर नहीं पाये जाने पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।

इनके अतिरिक्त शेष दुकानों के विक्रेता/प्रबंधकों द्वारा कारण बताओं नोटिस का कोई समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर उनके विरूद्ध राजस्व बकाया की भांति राशि वसूली किये जाने हेतु तहसीलदार बरघाट को निर्देशित किया गया है, कि यह उक्त दुकानों से ऑनलाईन एवं ऑफलाईन के अंतर के खाद्यान्न की राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा कराएंगे।