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सिवनी: प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केवलारी एवं छपारा नगरपरिषद सम्मानित

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Seoni News: प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस योजना के अंतर्गत, जिले की नगर परिषद केवलारी एवं छपारा ने प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को आर्थिक मदद प्रदान करना और उन्हें अपने व्यवसाय को सुदृढ़ करने का अवसर देना है। इस संदर्भ में केवलारी और छपारा नगर परिषद की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें विशेष सम्मानित किया गया है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का परिचय

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, जिसे “प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना” के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी के ऋण प्रदान करना है, जिससे वे अपना व्यवसाय बढ़ा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के अंतर्गत वेंडर्स को ₹10,000 तक का प्रारंभिक ऋण दिया जाता है, जिसे 12 महीनों में बिना ब्याज के चुकाया जा सकता है। यह योजना न केवल छोटे व्यापारियों को वित्तीय मदद देती है, बल्कि उनके व्यापार के विस्तार के लिए नए अवसर भी प्रदान करती है।

केवलारी नगर परिषद का उत्कृष्ट प्रदर्शन

केवलारी नगर परिषद ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि केवलारी की नगर परिषद के समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। नगर परिषद ने योजना के तहत छोटे व्यापारियों को न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें समुचित मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता भी प्रदान की। इसके परिणामस्वरूप, केवलारी के सैकड़ों वेंडर्स ने योजना का लाभ उठाकर अपने व्यापार को सुदृढ़ किया और आत्मनिर्भर बने। नगर परिषद ने व्यापारियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया, जिससे वे योजना का पूरा लाभ उठा सके और अपने व्यापार में उन्नति कर सके।

छपारा नगर परिषद का योगदान और सम्मान

छपारा नगर परिषद ने भी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता दिखाई है। छपारा नगर परिषद ने प्रदेश स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है, जो नगर परिषद के नेतृत्व और टीम वर्क का प्रमाण है। छपारा के छोटे व्यापारियों को योजना के अंतर्गत ऋण प्रदान करने के साथ-साथ उनके व्यापार को उन्नति की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। छपारा के व्यापारियों ने नगर परिषद के सहयोग से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाया और अपने व्यापार को एक नई दिशा दी।

स्वनिधि योजना के तहत नगर परिषद की भूमिका

नगर परिषदों की भूमिका इस योजना के सफल कार्यान्वयन में अत्यधिक महत्वपूर्ण रही है। केवलारी और छपारा नगर परिषदों ने व्यापारियों के बीच योजना के बारे में जागरूकता फैलाने, आवश्यक दस्तावेजीकरण में सहायता करने, और ऋण वितरण प्रक्रिया को तेज और सुचारु बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। नगर परिषदों ने योजना को लागू करने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया। इस प्रयास से व्यापारियों को योजना के लाभों के बारे में जागरूक किया गया और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

योजना का व्यापारियों पर प्रभाव

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने केवलारी और छपारा के व्यापारियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। व्यापारियों को ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक बनाई गई है, जिससे वे बिना किसी वित्तीय दिक्कत के अपने व्यापार को बढ़ा पाए। योजना ने व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और उनके व्यापार को न केवल स्थिरता दी, बल्कि विकास के नए रास्ते भी खोले। छोटे व्यापारियों को आर्थिक मदद मिलने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है और उनका सामाजिक दर्जा भी बढ़ा है।

आर्थिक उन्नति की दिशा में बड़ा कदम

केवलारी और छपारा नगर परिषदों की सफलता न केवल इन नगर परिषदों के नेतृत्व का परिणाम है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो उसका सीधा लाभ जनता को मिलता है। इन नगर परिषदों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता मिल सके। इन प्रयासों ने न केवल व्यापारियों को सशक्त किया, बल्कि उनकी आर्थिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त किया।

सफलता की कुंजी: पारदर्शिता और सहयोग

केवलारी और छपारा नगर परिषदों की सफलता के पीछे पारदर्शिता, सटीक योजना, और व्यापारी समुदाय के साथ सहयोग की भावना है। इन नगर परिषदों ने व्यापारियों के साथ एक मजबूत संवाद स्थापित किया और योजना के लाभों को सही तरीके से उन तक पहुंचाया। इससे योजना का व्यापक लाभ उठाया जा सका और प्रदेश में इन नगर परिषदों को उच्च स्थान प्राप्त हुआ।

Jan Aushadhi Kendra Seoni: सिवनी में यहां मिलेगी सबसे सस्ती सभी दवाइयां

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Jan Aushadhi Kendra Seoni: जिला चिकित्सालय सिवनी में जन औषधि केन्द्र सिवनी (Jan Aushadhi Kendra Seoni) का हुआ शुभारंभ. आम नागरिकों को रियायती दरों पर मिल सकेगी सभी दवाइयां. मंगलवार 17 सितम्बर को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से महामहिम राज्यपाल मंगूभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों में जन औषधि केन्द्रों का लोकार्पण किया।

Jan Aushadhi Kendra Seoni – जन औषधि केन्द्र सिवनी

जिला चिकित्सालय सिवनी (Govt. Hospital Seoni) में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर सांसद डॉ. भारती पारधी, विधायक दिनेश राय, नगरपालिका अध्यक्ष शफीख खान, प्रदेश युवामोर्चा अध्यक्ष वैभव पवार, जिला भाजपा अध्यक्ष आलोक दुबे, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी सहित कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन, पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता, सीईओ जिला पंचायत श्री नवजीवन विजय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही।

सांसद डॉ. पारधी, विधायक श्री राय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिला चिकित्सालय सिवनी के गेट क्रमांक 02 में स्थापित जन औषधि केन्द्र का फीता काटकर शुभारंभ किया। मंचीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. भारती पारधी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य दोनों ही सरकारें अपनी जनता के विकास की चिंता करती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर प्रत्येक जिला चिकित्सालय में जन औषधि केन्द्र की स्थापना होने से आम नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा। इन केन्द्रों के माध्यम से आमजनों को ब्रांडेड दवांइयों से बहुत ही कम कीमत पर गुणवत्ता पूर्ण दवांइयां मिलने से बडी राहत मिलेगी। उन्होंने जिला चिकित्सालय में जन औषधि केन्द्र के प्रारंभ होने से जिले वासियों को बधाई दी।

कार्यक्रम को संबोधित कर विधायक श्री दिनेश राय ने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रत्येक जिला चिकित्सालय में जन औषधि केन्द्र प्रारंभ हो जाने से गरीब तबके के जरूरतमंद व्यक्तियों को रियायती दरों पर दवांइयां उपलब्ध हो सकेगी। जिससे गरीब परिवारजनों को बडी राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि जन औषधि केन्द्रों में सभी आवश्यक दवाइयां अनिवार्य रूप से मिले यह सुनिश्चित किया जाए ताकि मरीजों एवं जरूरतमंदों को दवाइयों के लिए भटकना न पड़े।

विधायक दिनेश राय ने शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज सिवनी की सीटें बढ़ाकर कुल 100 सीटें करने की जिले वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ने तथा डॉक्टरों एवं अन्य चिकित्सकीय कर्मियों की पदस्थापना होने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं में सुधार होगा तथा इसका लाभ आमनागरिकों को मिल सकेगा। उन्होंने नगर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी नगरपालिका के अधिकारियों को कार्य करने वाले सफाई कर्मियों को प्रोत्साहित करने तथा कार्य न करने वाले कर्मियों पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

Arvind Kejriwal Resigned: 24 घंटो में सीएम पद से स्तीफा देंगे अरविन्द केजरीवाल; कौन दिल्ली का अगला सीएम!

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Arvind Kejriwal Resigned: 24 घंटो के सीएम पद से स्तीफा देंगे अरविन्द केजरीवाल; कौन दिल्ली का अगला सीएम! अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि वे 24 घंटे में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जनता का फैसला आने के बाद ही पद पर लौटेंगे।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आम आदमी पार्टी (आप) में शीर्ष पद किसे मिलेगा। आप नेता मनीष सिसोदिया ने आज केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। जाते समय उन्होंने मीडिया से बात नहीं की। संभावना है कि दोनों नेताओं ने पार्टी के मुख्यमंत्री पद के बारे में बात की।   

दिल्ली में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी में होने हैं, हालांकि कल केजरीवाल ने मांग की थी कि चुनाव महाराष्ट्र के चुनावों के साथ ही नवंबर में कराए जाएं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने भी कहा है कि वे लोगों के बीच जाएंगे और दोबारा चुनाव जीतने के बाद ही शीर्ष पद पर लौटेंगे। इसका मतलब यह है कि आप के शीर्ष नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं।

यद्यपि मुख्यमंत्री पद का यह कार्यकाल कुछ महीनों का ही होगा, लेकिन आप नेतृत्व एक ऐसे प्रमुख नेता को चुनना चाहेगा जो प्रमुख मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट रूप से व्यक्त कर सके तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच व्यापक स्वीकार्य हो।

यहां पांच नेता हैं जो बन सकते है दिल्ली के सीएम

आतिशी: दिल्ली की मंत्री आतिशी, शिक्षा और पीडब्ल्यूडी जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रही हैं, प्रमुख दावेदारों में से एक हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा और रोड्स स्कॉलर, सुश्री आतिशी ने दिल्ली के स्कूलों में शिक्षा के सुधार के लिए AAP के प्रमुख अभियान में बड़े पैमाने पर काम किया है। कालकाजी से विधायक, 43 वर्षीय श्री सिसोदिया को दिल्ली की अब समाप्त हो चुकी शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद मंत्री बनाया गया था। जब श्री केजरीवाल और श्री सिसोदिया सलाखों के पीछे थे, तब आतिशी ने पार्टी की स्थिति को स्पष्ट किया। 15 अगस्त को, श्री केजरीवाल ने उन्हें दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के लिए चुना। जबकि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने योजना को विफल कर दिया, यह स्पष्ट था कि AAP नेतृत्व सुश्री आतिशी पर बहुत भरोसा करता है।

सौरभ भारद्वाज: श्री भारद्वाज ग्रेटर कैलाश से तीन बार विधायक रह चुके हैं और अरविंद केजरीवाल सरकार में सतर्कता और स्वास्थ्य जैसे विभाग संभाल रहे हैं। शराब नीति मामले में श्री सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी मंत्री बनाया गया था। श्री भारद्वाज, जो पहले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम कर चुके हैं, अरविंद केजरीवाल की 49 दिन की सरकार में भी मंत्री थे। वे आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं और पार्टी का पक्ष तब रख रहे थे जब उसके शीर्ष नेता भ्रष्टाचार के मामलों में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जेल में थे।

राघव चड्ढा: आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य, श्री चड्ढा पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं और इसके शीर्ष चेहरों में से एक हैं। श्री चड्ढा पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में काम कर चुके हैं और आप की स्थापना के समय से ही पार्टी में हैं। वे राजिंदर नगर से विधायक रहे हैं और 2022 के राज्य चुनावों में पंजाब में आप की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 35 वर्षीय चड्ढा देश के सबसे प्रमुख युवा राजनेताओं में से एक हैं और संसद में प्रमुख मुद्दों पर आप की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए जाने जाते हैं।

कैलाश गहलोत: पेशे से वकील, श्री गहलोत दिल्ली में AAP सरकार के वरिष्ठ सदस्यों में से हैं और उनके पास परिवहन, वित्त और गृह मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग हैं। 50 वर्षीय नेता 2015 से दिल्ली के नजफगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। एक वकील जिन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों में अभ्यास किया है, उन्होंने 2005 और 2007 के बीच उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन में एक कार्यकारी सदस्य के रूप में कार्य किया है।

संजय सिंह: 2018 से राज्यसभा सांसद, संजय सिंह AAP के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं, जो संसद में अपने जोशीले भाषणों के लिए जाने जाते हैं। 52 वर्षीय नेता के पास माइनिंग इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है। वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से हैं और इसकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य हैं। वह प्रमुख मुद्दों पर पार्टी की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए पार्टी के मीडिया इंटरैक्शन में भी नियमित रूप से शामिल होते हैं। संजय सिंह को दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह श्री केजरीवाल और श्री सिसोदिया की तरह जमानत पर बाहर हैं। 

सिवनी: 960 करोड़ की लागत से बना साउंड एंड लाइट प्रूफ हाईवे क्षतिग्रस्त, 10 साल की थी गारंटी; 5 साल में उड़े परखच्चे!

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Seoni News: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में नेशनल हाईवे 44 (National Highway 44) पर स्थित एशिया के प्रसिद्ध साउंडप्रूफ पुल (India’s First Light & Sound Proof Highway) का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है।

यह पुल देश के सबसे महत्वपूर्ण हाईवे नेटवर्क का हिस्सा है, जो उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक फैला हुआ है। पुल के कई हिस्सों में दरारें आ गई हैं, जिससे संरचना कमजोर हो गई है। मरम्मत कार्य के चलते सड़क के एक तरफ का हिस्सा बंद कर दिया गया है, जिससे यातायात में भी बाधा आ रही है।

960 करोड़ रुपये की लागत से बना था पुल

यह साउंडप्रूफ पुल खवासा-मोहगांव खंड पर बना हुआ है, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह 29 किलोमीटर लंबा पुल एक निजी कंपनी द्वारा 960 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। निर्माण के दौरान कंपनी ने इसकी गुणवत्ता की गारंटी कम से कम 10 वर्षों तक दी थी, लेकिन भारी बारिश और जलभराव के कारण इसमें गंभीर नुकसान देखने को मिला है।

पेंच टाइगर रिजर्व के पास साउंड और लाइट प्रूफ हाईवे की विशेषता

इस पुल को विशेष रूप से पेंच टाइगर रिजर्व के पास वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। पुल का ध्वनिरोधी डिज़ाइन यह सुनिश्चित करता है कि पुल से गुजरने वाले वाहनों की आवाज नीचे जंगल तक न पहुंचे, जिससे वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, जानवरों के लिए 14 पशु अंडरपास और लाइट रिड्यूसर भी लगाए गए थे, ताकि उनका आवागमन सुरक्षित और बाधारहित हो सके।

एनएच 44: भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) भारत का सबसे लंबा राजमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई 4,112 किलोमीटर है। यह राजमार्ग उत्तर में कश्मीर से दक्षिण में कन्याकुमारी तक फैला है। इस हाईवे के माध्यम से भारत के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने का काम किया जाता है। सिवनी और नागपुर के बीच स्थित इस पुल का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है।

भारी बारिश के कारण पुल की क्षति

यह पुल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। वर्षा के पानी के जमाव और संरचना की कमजोरी के कारण पुल में दरारें आ गई हैं। निर्माण के केवल पांच वर्षों के भीतर ही यह पुल गंभीर क्षति का शिकार हो गया, जो निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव की प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इसके कारण संबंधित विभाग और एजेंसियां मरम्मत कार्य को तेज़ी से कर रही हैं, ताकि जल्द से जल्द यातायात को सुचारू किया जा सके।

मरम्मत कार्य और NHAI की प्रतिक्रिया

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस पुल की मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि पुल के टूटे हुए पैनलों को बदला जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में इस तरह की क्षति न हो। इसके साथ ही नियमित रखरखाव के माध्यम से पुल की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है, ताकि इसकी संरचना की मजबूती बनी रहे।

पुल के निर्माण में इस्तेमाल की गई तकनीक और चुनौतियाँ

इस पुल के निर्माण में आधुनिक ध्वनिरोधी तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, जो एशिया के कुछ चुनिंदा पुलों में से एक है। इस तकनीक के माध्यम से पुल के ऊपर से गुजरने वाले वाहनों का शोर नीचे तक नहीं पहुंचता, जिससे आसपास के वन्यजीवों को कोई दिक्कत नहीं होती। हालांकि, बारिश और अन्य प्राकृतिक कारणों के चलते इस तकनीक के टिकाऊपन पर सवाल उठे हैं, और इसके रखरखाव में भी कई चुनौतियाँ सामने आई हैं।

नेशनल हाईवे 44 का राष्ट्रीय महत्व

एनएच 44 केवल एक राजमार्ग नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक धारा का हिस्सा है। यह NH-1ANH-1NH-2NH-3NH-75NH-26 और NH-7 जैसे सात प्रमुख राजमार्गों को आपस में जोड़ता है। यह न केवल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ता है, बल्कि इससे सटे राज्यों के बीच भी व्यापार और यातायात का मुख्य साधन है।

भविष्य में पुल की स्थिति और समाधान

भविष्य में इस पुल की स्थिति को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुल की मरम्मत और रखरखाव का कार्य नियमित रूप से किया जाए, तो इसे भविष्य में और भी मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सकता है। इसके लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि इस पुल की गुणवत्ता और मजबूती को बनाए रखा जा सके।

Drones Banned In Indore: इंदौर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दो दिवसीय दौरे के दौरान ड्रोन पर प्रतिबंध

इंदौर (मध्य प्रदेश): पुलिस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की 18 सितंबर से शुरू हो रही दो दिवसीय यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश के इंदौर में कुछ क्षेत्रों में ड्रोन, पैराग्लाइडर और गर्म हवा के गुब्बारे उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

अधिकारी ने बताया कि शहर में देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे, एमजी रोड, रेजीडेंसी कोठी और भंवरकुआं चौराहे के तीन किलोमीटर के दायरे में ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून और अन्य वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध 17 सितम्बर से 19 सितम्बर तक लागू रहेगा तथा इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक उड़ानों को इससे छूट दी गई है।

प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू 18 सितंबर को इंदौर पहुंचेंगे और राज्य सरकार के “मृगनयनी एम्पोरियम” में पारंपरिक बुनकरों के साथ चर्चा करेंगे।

उन्होंने बताया कि वह 19 सितंबर को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर जाएंगी और इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के हीरक जयंती दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। राज्य सरकार द्वारा 1964 में स्थापित यह विश्वविद्यालय इस वर्ष 60 वर्ष पूरे कर रहा है। 

DAVV हाई-प्रोफाइल दीक्षांत समारोह के लिए चार रिहर्सल आयोजित करेगा

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय आगामी दीक्षांत समारोह के लिए चार रिहर्सल करने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी। 

प्रेस विज्ञप्ति में विश्वविद्यालय ने बताया कि दीक्षांत समारोह अपने तय समय और तिथि पर ही होगा। डीएवीवी के मीडिया समन्वयक चंदन गुप्ता ने बताया कि दीक्षांत समारोह 19 सितंबर को दोपहर 3 बजे शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस उच्च स्तरीय आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर प्रबंध कर रहा है।

डीएवीवी 12, 14, 16 और 17 सितंबर को रिहर्सल करने जा रहा है। जिन छात्रों को पदक या पीएचडी की डिग्री मिलनी है, उन्हें 16 और 17 सितंबर को अनिवार्य रूप से रिहर्सल में शामिल होना होगा।

विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने दीक्षांत समारोह के लिए 60 लाख रुपए का बजट मंजूर किया है। समारोह से पहले जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

कुछ समाचार रिपोर्टों में दावा किया गया कि राष्ट्रपति भवन की सलाह के बाद दीक्षांत समारोह 18 सितंबर को आयोजित किया गया है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसी रिपोर्टों को खारिज कर दिया।

सिवनी में अवैध शराब का कारोबार: 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज, 1 लाख 20 हजार की अवैध शराब एवं महुआ लाहन जप्त

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Seoni News: सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन के नेतृत्व एवम् सहायक आबकारी आयुक्त सिवनी शैलेश जैन के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग के सिवनी मंडल की टीम के द्वारा रविवार15 सितंबर 2024 को प्रातः 06:00 बजे आबकारी उत्तर वृत्त के भोमा क्षेत्र के ग्राम डुंगरिया के पास जंगल में अवैध हाथभट्टी कच्ची शराब के अड्डों पर छापा मारकर उन्हें नष्ट किया गया।

आबकारी विभाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि भोमा क्षेत्र के जंगल में अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब बनाने के अड्डे चलाए जा रहे हैं और भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब बनाकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है ।

प्राप्त सूचना के आधार पर आबकारी विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्र में दबिश दी गई और अवैध कच्ची शराब बनाने के अड्डे नष्ट किए गए । जंगल में प्लास्टिक के अनेक डिब्बों में भारी मात्रा में सड़ा हुआ महुआ लाहन बरामद हुआ ।जिससे अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब बनाई जानी थी ।

आबकारी विभाग के द्वारा सभी डिब्बों में भरे महुआ लाहन को नष्ट किया गया है जिससे भारी मात्रा मे अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब बनाए जाने में रोक लगी है । विगत दो दिनों में भी आबकारी विभाग काफी सक्रियता से छापामार कार्यवाही कर रहा है और आबकारी सिवनी मंडल के उत्तर वृत्त एवम् दक्षिण वृत्त में कुल नौ आपराधिक प्रकरण कायम किए गए हैं ।

कार्यवाही में राजेंद्र कुमार राय आत्मज महेश कुमार उम्र 42 वर्ष निवासी गोपालगंज , लक्ष्मी ठाकुर आत्मज बाबूलाल उम्र 45 वर्ष निवासी गोंडेगांव , फूलसिंह पटले आत्मज भंगीलाल उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम मेहरा पिपरिया , दिनेश डहेरिया आत्मज रामकुमार उम्र 32 वर्ष निवासी जामुनटोला , पुरषोत्तम विश्वकर्मा आत्मज झामसिंग उम्र 43 वर्ष निवासी पिपरिया , मनोज दास आत्मज गिरानी दास उम्र 36 वर्ष निवासी गंगाटोला , राजकुमारी बाई पत्नी नेमीचंद उम्र 58 वर्ष निवासी मुंडापार एवम् शेरसिंह उइके आत्मज गोसाई उम्र 45 वर्ष निवासी चुरनाटोला के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम , 1915 की धारा 34,(1)(क) के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण कायम किया गया है।

कार्यवाही में आरोपियों के कब्जे से कुल 79 पाव देशी प्लेन शराब , 70 लीटर अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब एवम् लगभग 975 किलोग्राम सड़ा हुआ महुआ लाहन बरामद कर जप्त किया गया है । जप्त सामाग्रियों की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख बीस हजार रूपए है । छापे की कार्यवाही में आबकारी सिवनी मंडल के उत्तर वृत्त एवम् दक्षिण वृत्त का कार्यपालिक स्टॉफ सम्मिलित रहा है।

सिवनी में स्वभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता थीम पर स्वच्छता ही सेवा अभियान 17 सितम्बर से

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Seoni News: स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “स्वभाव स्वच्छता -संस्कार स्वच्छता” थीम पर आधारित स्वच्छता ही सेवा राष्ट्रव्यापी अभियान का आयोजन संपूर्ण प्रदेश एवं सिवनी जिले में किया जाएगा।

अभियान अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनों एवं विभागों की सहभागिता से विभिन्न स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएगी।

कलेक्टर संस्कृति जैन द्वारा इस महत्वपूर्ण अभियान अंतर्गत आयोजित होने वाली स्वच्छता गतिविधियों को लेकर नगरीय विकास विभाग,पंचायत ग्रामीण विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, खाद्य विभाग सहित अन्य सभी संबंधित विभागों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई है।

जिले में 17 सितंबर को अभियान का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे बैनगंगा नदी उद्गम स्थल मुंडारा की साफ सफाई से होगा ।प्रातः 10:30 बजे मठ मंदिर तालाब सिवनी की साफ सफाई की जाएगी। प्रातः 11: 15 बजे को जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इसी तरह 17 सितंबर से 30 सितंबर तक स्कूलों में शौचालय एवं कचरा प्रबंधन की कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी। 18 सितंबर को साइकिल रेडी मैराथन का आयोजन होगा। 19 सितंबर को स्कूली छात्र द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।

20 सितंबर को वार्ड बार मोहल्ला सभा का आयोजन होगा तथा 21-25 सितंबर तक एक पेड़ मां के नाम अभियान तथा शहडोल मॉडल पर पेड़ों की रक्षा कवच बनाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त स्वच्छता और अधोसंरचना के रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण के लिए सफाई अभियान चलाया जाएगा।

इस अवधि में प्रसंस्करण इकाइयों का भ्रमण छात्राओं,युवा वर्ग तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। वही स्वच्छता जागरूकता को लेकर आम नागरिकों से होम विजिट, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी स्वच्छ स्ट्रीट फूड प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण की गतिविधियां आयोजित की जाएगी।

इसी तरह 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जाएगा तथा संपूर्ण स्वच्छता हेतु लक्षित इकाइयों पर स्वच्छता उत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से सफाई कर्मियों एवं स्वच्छता चैंपियन का सम्मान तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले निकाय, संस्थान, सहयोगियों का सम्मान किया जाएगा।जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से प्रसंस्करण इकाइयों,ठोस अवशिष्ट परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा।

सिवनी में सीएम मोहन यादव 17 सितंबर को करेंगे प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ

Seoni News: प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का शुभारंभ भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। 17 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सिवनी में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का शुभारंभ करेंगे.

सीएम मोहन यादव भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से इस योजना का उद्घाटन किया जाएगा। यह वर्चुअल शुभारंभ जिला चिकित्सालय सिवनी सहित अन्य जिलों में भी होगा, जिससे सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

सिवनी में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्देश्य

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। वर्तमान समय में, चिकित्सा सेवाएँ और दवाइयाँ महंगी होती जा रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य देखभाल करना कठिन हो रहा है। इस केंद्र के माध्यम से सरकार की योजना है कि सभी ज़रूरतमंद लोगों तक गुणवत्तापूर्ण और सस्ती दवाइयाँ पहुँचाई जा सकें।

राज्य स्तरीय शुभारंभ का महत्त्व

इस कार्यक्रम का आयोजन 17 सितंबर को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा। यह शुभारंभ सिवनी जिले के जिला चिकित्सालय में भी वर्चुअल तरीके से होगा, जिससे जिले के नागरिकों को आसानी से दवाइयाँ उपलब्ध हो सकेंगी। इस कार्यक्रम में जिले के सांसद, विधायकगण तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी।

सस्ती दवाइयों का लाभ और सुविधा

जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली दवाइयाँ ब्रांडेड दवाइयों के मुकाबले किफायती होती हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाता। इन दवाइयों को बनाने में वही सक्रिय तत्व (Active Ingredients) इस्तेमाल होते हैं जो ब्रांडेड दवाइयों में होते हैं, इसलिए यह दवाइयाँ पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी होती हैं। इन केंद्रों से दवाइयाँ खरीदने पर रोगियों को 50% से 90% तक की बचत हो सकती है।

विस्तृत लाभ: जन औषधि केंद्र का योगदान

  1. सस्ती दवाइयाँ: इस योजना के तहत मिलने वाली दवाइयाँ अन्य निजी स्टोर की दवाइयों की तुलना में काफी सस्ती हैं।
  2. गुणवत्ता की गारंटी: यह दवाइयाँ पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त होती हैं।
  3. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: इस योजना के कारण देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार मिलेगा।
  4. स्वास्थ्य बजट में कमी: इससे गरीब वर्ग के परिवारों का स्वास्थ्य बजट कम होगा और वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

केंद्रों का वितरण और उपलब्धता

जन औषधि केंद्र देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में कम से कम एक जन औषधि केंद्र हो ताकि प्रत्येक व्यक्ति को इसके लाभ प्राप्त हो सकें। इन केंद्रों के माध्यम से ना सिर्फ शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी सस्ती दवाइयाँ पहुँचाई जा सकेंगी।

डिजिटल भारत की ओर एक कदम

वर्चुअल माध्यम से जन औषधि केंद्रों का शुभारंभ डिजिटल भारत के दृष्टिकोण को भी साकार करता है। वर्चुअल तकनीक के माध्यम से न केवल कार्यक्रमों का संचालन आसानी से होता है, बल्कि इसका विस्तार भी बड़े पैमाने पर किया जा सकता है। इस डिजिटल पहल से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि देश के हर कोने में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने में मदद मिलेगी।

औषधि केंद्रों पर उपलब्ध सेवाएँ

इन औषधि केंद्रों पर ना सिर्फ़ दवाइयाँ मिलती हैं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधित सलाहपरामर्श सेवाएँ, और अन्य सुविधाएँ भी दी जाती हैं। इसके अलावा, दवाइयों की होम डिलीवरी जैसी सेवाएँ भी कई स्थानों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे रोगियों को और भी सुविधा हो रही है। इस प्रकार, जन औषधि केंद्र आम जनता के लिए एक संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है।

भविष्य की योजनाएँ और विस्तार

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाए। सरकार इस योजना के तहत न केवल दवाइयाँ बल्कि अन्य स्वास्थ्य उत्पाद जैसे सर्जिकल सामान, स्वास्थ्य उपकरण आदि भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, सरकार का ध्यान है कि इन केंद्रों की संख्या में वृद्धि कर हर व्यक्ति तक इन सेवाओं को पहुँचाया जा सके।

सिवनी जिला चिकित्सालय का विशेष योगदान

सिवनी जिला चिकित्सालय में स्थापित होने वाला जन औषधि केंद्र जिले के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा लाभ होगा। यह केंद्र ना सिर्फ़ दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि यहां के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ भी मिलेंगी। जिला चिकित्सालय का यह प्रयास सिवनी में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगा।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ न केवल एक योजना है, बल्कि यह एक सामाजिक बदलाव का प्रतीक भी है। यह केंद्र देश के प्रत्येक व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा। आने वाले समय में यह केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देगा और आम जनता के जीवन को बेहतर बनाएगा।