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Arvind Kejriwal Resigned: 24 घंटो में सीएम पद से स्तीफा देंगे अरविन्द केजरीवाल; कौन दिल्ली का अगला सीएम!

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Arvind Kejriwal Resigned: 24 घंटो के सीएम पद से स्तीफा देंगे अरविन्द केजरीवाल; कौन दिल्ली का अगला सीएम! अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि वे 24 घंटे में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जनता का फैसला आने के बाद ही पद पर लौटेंगे।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आम आदमी पार्टी (आप) में शीर्ष पद किसे मिलेगा। आप नेता मनीष सिसोदिया ने आज केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। जाते समय उन्होंने मीडिया से बात नहीं की। संभावना है कि दोनों नेताओं ने पार्टी के मुख्यमंत्री पद के बारे में बात की।   

दिल्ली में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी में होने हैं, हालांकि कल केजरीवाल ने मांग की थी कि चुनाव महाराष्ट्र के चुनावों के साथ ही नवंबर में कराए जाएं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने भी कहा है कि वे लोगों के बीच जाएंगे और दोबारा चुनाव जीतने के बाद ही शीर्ष पद पर लौटेंगे। इसका मतलब यह है कि आप के शीर्ष नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं।

यद्यपि मुख्यमंत्री पद का यह कार्यकाल कुछ महीनों का ही होगा, लेकिन आप नेतृत्व एक ऐसे प्रमुख नेता को चुनना चाहेगा जो प्रमुख मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट रूप से व्यक्त कर सके तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच व्यापक स्वीकार्य हो।

यहां पांच नेता हैं जो बन सकते है दिल्ली के सीएम

आतिशी: दिल्ली की मंत्री आतिशी, शिक्षा और पीडब्ल्यूडी जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रही हैं, प्रमुख दावेदारों में से एक हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा और रोड्स स्कॉलर, सुश्री आतिशी ने दिल्ली के स्कूलों में शिक्षा के सुधार के लिए AAP के प्रमुख अभियान में बड़े पैमाने पर काम किया है। कालकाजी से विधायक, 43 वर्षीय श्री सिसोदिया को दिल्ली की अब समाप्त हो चुकी शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद मंत्री बनाया गया था। जब श्री केजरीवाल और श्री सिसोदिया सलाखों के पीछे थे, तब आतिशी ने पार्टी की स्थिति को स्पष्ट किया। 15 अगस्त को, श्री केजरीवाल ने उन्हें दिल्ली सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के लिए चुना। जबकि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने योजना को विफल कर दिया, यह स्पष्ट था कि AAP नेतृत्व सुश्री आतिशी पर बहुत भरोसा करता है।

सौरभ भारद्वाज: श्री भारद्वाज ग्रेटर कैलाश से तीन बार विधायक रह चुके हैं और अरविंद केजरीवाल सरकार में सतर्कता और स्वास्थ्य जैसे विभाग संभाल रहे हैं। शराब नीति मामले में श्री सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी मंत्री बनाया गया था। श्री भारद्वाज, जो पहले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम कर चुके हैं, अरविंद केजरीवाल की 49 दिन की सरकार में भी मंत्री थे। वे आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं और पार्टी का पक्ष तब रख रहे थे जब उसके शीर्ष नेता भ्रष्टाचार के मामलों में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जेल में थे।

राघव चड्ढा: आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य, श्री चड्ढा पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं और इसके शीर्ष चेहरों में से एक हैं। श्री चड्ढा पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में काम कर चुके हैं और आप की स्थापना के समय से ही पार्टी में हैं। वे राजिंदर नगर से विधायक रहे हैं और 2022 के राज्य चुनावों में पंजाब में आप की शानदार जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 35 वर्षीय चड्ढा देश के सबसे प्रमुख युवा राजनेताओं में से एक हैं और संसद में प्रमुख मुद्दों पर आप की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए जाने जाते हैं।

कैलाश गहलोत: पेशे से वकील, श्री गहलोत दिल्ली में AAP सरकार के वरिष्ठ सदस्यों में से हैं और उनके पास परिवहन, वित्त और गृह मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग हैं। 50 वर्षीय नेता 2015 से दिल्ली के नजफगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। एक वकील जिन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों में अभ्यास किया है, उन्होंने 2005 और 2007 के बीच उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन में एक कार्यकारी सदस्य के रूप में कार्य किया है।

संजय सिंह: 2018 से राज्यसभा सांसद, संजय सिंह AAP के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं, जो संसद में अपने जोशीले भाषणों के लिए जाने जाते हैं। 52 वर्षीय नेता के पास माइनिंग इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है। वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से हैं और इसकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य हैं। वह प्रमुख मुद्दों पर पार्टी की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए पार्टी के मीडिया इंटरैक्शन में भी नियमित रूप से शामिल होते हैं। संजय सिंह को दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह श्री केजरीवाल और श्री सिसोदिया की तरह जमानत पर बाहर हैं। 

सिवनी: 960 करोड़ की लागत से बना साउंड एंड लाइट प्रूफ हाईवे क्षतिग्रस्त, 10 साल की थी गारंटी; 5 साल में उड़े परखच्चे!

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Seoni News: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में नेशनल हाईवे 44 (National Highway 44) पर स्थित एशिया के प्रसिद्ध साउंडप्रूफ पुल (India’s First Light & Sound Proof Highway) का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है।

यह पुल देश के सबसे महत्वपूर्ण हाईवे नेटवर्क का हिस्सा है, जो उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक फैला हुआ है। पुल के कई हिस्सों में दरारें आ गई हैं, जिससे संरचना कमजोर हो गई है। मरम्मत कार्य के चलते सड़क के एक तरफ का हिस्सा बंद कर दिया गया है, जिससे यातायात में भी बाधा आ रही है।

960 करोड़ रुपये की लागत से बना था पुल

यह साउंडप्रूफ पुल खवासा-मोहगांव खंड पर बना हुआ है, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह 29 किलोमीटर लंबा पुल एक निजी कंपनी द्वारा 960 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। निर्माण के दौरान कंपनी ने इसकी गुणवत्ता की गारंटी कम से कम 10 वर्षों तक दी थी, लेकिन भारी बारिश और जलभराव के कारण इसमें गंभीर नुकसान देखने को मिला है।

पेंच टाइगर रिजर्व के पास साउंड और लाइट प्रूफ हाईवे की विशेषता

इस पुल को विशेष रूप से पेंच टाइगर रिजर्व के पास वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। पुल का ध्वनिरोधी डिज़ाइन यह सुनिश्चित करता है कि पुल से गुजरने वाले वाहनों की आवाज नीचे जंगल तक न पहुंचे, जिससे वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, जानवरों के लिए 14 पशु अंडरपास और लाइट रिड्यूसर भी लगाए गए थे, ताकि उनका आवागमन सुरक्षित और बाधारहित हो सके।

एनएच 44: भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH-44) भारत का सबसे लंबा राजमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई 4,112 किलोमीटर है। यह राजमार्ग उत्तर में कश्मीर से दक्षिण में कन्याकुमारी तक फैला है। इस हाईवे के माध्यम से भारत के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने का काम किया जाता है। सिवनी और नागपुर के बीच स्थित इस पुल का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है।

भारी बारिश के कारण पुल की क्षति

यह पुल भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। वर्षा के पानी के जमाव और संरचना की कमजोरी के कारण पुल में दरारें आ गई हैं। निर्माण के केवल पांच वर्षों के भीतर ही यह पुल गंभीर क्षति का शिकार हो गया, जो निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव की प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इसके कारण संबंधित विभाग और एजेंसियां मरम्मत कार्य को तेज़ी से कर रही हैं, ताकि जल्द से जल्द यातायात को सुचारू किया जा सके।

मरम्मत कार्य और NHAI की प्रतिक्रिया

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस पुल की मरम्मत के कार्य को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि पुल के टूटे हुए पैनलों को बदला जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में इस तरह की क्षति न हो। इसके साथ ही नियमित रखरखाव के माध्यम से पुल की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है, ताकि इसकी संरचना की मजबूती बनी रहे।

पुल के निर्माण में इस्तेमाल की गई तकनीक और चुनौतियाँ

इस पुल के निर्माण में आधुनिक ध्वनिरोधी तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, जो एशिया के कुछ चुनिंदा पुलों में से एक है। इस तकनीक के माध्यम से पुल के ऊपर से गुजरने वाले वाहनों का शोर नीचे तक नहीं पहुंचता, जिससे आसपास के वन्यजीवों को कोई दिक्कत नहीं होती। हालांकि, बारिश और अन्य प्राकृतिक कारणों के चलते इस तकनीक के टिकाऊपन पर सवाल उठे हैं, और इसके रखरखाव में भी कई चुनौतियाँ सामने आई हैं।

नेशनल हाईवे 44 का राष्ट्रीय महत्व

एनएच 44 केवल एक राजमार्ग नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक धारा का हिस्सा है। यह NH-1A, NH-1, NH-2, NH-3, NH-75, NH-26 और NH-7 जैसे सात प्रमुख राजमार्गों को आपस में जोड़ता है। यह न केवल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ता है, बल्कि इससे सटे राज्यों के बीच भी व्यापार और यातायात का मुख्य साधन है।

भविष्य में पुल की स्थिति और समाधान

भविष्य में इस पुल की स्थिति को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुल की मरम्मत और रखरखाव का कार्य नियमित रूप से किया जाए, तो इसे भविष्य में और भी मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सकता है। इसके लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि इस पुल की गुणवत्ता और मजबूती को बनाए रखा जा सके।

Drones Banned In Indore: इंदौर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दो दिवसीय दौरे के दौरान ड्रोन पर प्रतिबंध

इंदौर (मध्य प्रदेश): पुलिस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की 18 सितंबर से शुरू हो रही दो दिवसीय यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश के इंदौर में कुछ क्षेत्रों में ड्रोन, पैराग्लाइडर और गर्म हवा के गुब्बारे उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

अधिकारी ने बताया कि शहर में देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे, एमजी रोड, रेजीडेंसी कोठी और भंवरकुआं चौराहे के तीन किलोमीटर के दायरे में ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून और अन्य वस्तुओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध 17 सितम्बर से 19 सितम्बर तक लागू रहेगा तथा इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक उड़ानों को इससे छूट दी गई है।

प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू 18 सितंबर को इंदौर पहुंचेंगे और राज्य सरकार के “मृगनयनी एम्पोरियम” में पारंपरिक बुनकरों के साथ चर्चा करेंगे।

उन्होंने बताया कि वह 19 सितंबर को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर जाएंगी और इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के हीरक जयंती दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। राज्य सरकार द्वारा 1964 में स्थापित यह विश्वविद्यालय इस वर्ष 60 वर्ष पूरे कर रहा है। 

DAVV हाई-प्रोफाइल दीक्षांत समारोह के लिए चार रिहर्सल आयोजित करेगा

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय आगामी दीक्षांत समारोह के लिए चार रिहर्सल करने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी। 

प्रेस विज्ञप्ति में विश्वविद्यालय ने बताया कि दीक्षांत समारोह अपने तय समय और तिथि पर ही होगा। डीएवीवी के मीडिया समन्वयक चंदन गुप्ता ने बताया कि दीक्षांत समारोह 19 सितंबर को दोपहर 3 बजे शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस उच्च स्तरीय आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर प्रबंध कर रहा है।

डीएवीवी 12, 14, 16 और 17 सितंबर को रिहर्सल करने जा रहा है। जिन छात्रों को पदक या पीएचडी की डिग्री मिलनी है, उन्हें 16 और 17 सितंबर को अनिवार्य रूप से रिहर्सल में शामिल होना होगा।

विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने दीक्षांत समारोह के लिए 60 लाख रुपए का बजट मंजूर किया है। समारोह से पहले जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

कुछ समाचार रिपोर्टों में दावा किया गया कि राष्ट्रपति भवन की सलाह के बाद दीक्षांत समारोह 18 सितंबर को आयोजित किया गया है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसी रिपोर्टों को खारिज कर दिया।

सिवनी में अवैध शराब का कारोबार: 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज, 1 लाख 20 हजार की अवैध शराब एवं महुआ लाहन जप्त

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Seoni News: सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन के नेतृत्व एवम् सहायक आबकारी आयुक्त सिवनी शैलेश जैन के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग के सिवनी मंडल की टीम के द्वारा रविवार15 सितंबर 2024 को प्रातः 06:00 बजे आबकारी उत्तर वृत्त के भोमा क्षेत्र के ग्राम डुंगरिया के पास जंगल में अवैध हाथभट्टी कच्ची शराब के अड्डों पर छापा मारकर उन्हें नष्ट किया गया।

आबकारी विभाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि भोमा क्षेत्र के जंगल में अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब बनाने के अड्डे चलाए जा रहे हैं और भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब बनाकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है ।

प्राप्त सूचना के आधार पर आबकारी विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्र में दबिश दी गई और अवैध कच्ची शराब बनाने के अड्डे नष्ट किए गए । जंगल में प्लास्टिक के अनेक डिब्बों में भारी मात्रा में सड़ा हुआ महुआ लाहन बरामद हुआ ।जिससे अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब बनाई जानी थी ।

आबकारी विभाग के द्वारा सभी डिब्बों में भरे महुआ लाहन को नष्ट किया गया है जिससे भारी मात्रा मे अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब बनाए जाने में रोक लगी है । विगत दो दिनों में भी आबकारी विभाग काफी सक्रियता से छापामार कार्यवाही कर रहा है और आबकारी सिवनी मंडल के उत्तर वृत्त एवम् दक्षिण वृत्त में कुल नौ आपराधिक प्रकरण कायम किए गए हैं ।

कार्यवाही में राजेंद्र कुमार राय आत्मज महेश कुमार उम्र 42 वर्ष निवासी गोपालगंज , लक्ष्मी ठाकुर आत्मज बाबूलाल उम्र 45 वर्ष निवासी गोंडेगांव , फूलसिंह पटले आत्मज भंगीलाल उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम मेहरा पिपरिया , दिनेश डहेरिया आत्मज रामकुमार उम्र 32 वर्ष निवासी जामुनटोला , पुरषोत्तम विश्वकर्मा आत्मज झामसिंग उम्र 43 वर्ष निवासी पिपरिया , मनोज दास आत्मज गिरानी दास उम्र 36 वर्ष निवासी गंगाटोला , राजकुमारी बाई पत्नी नेमीचंद उम्र 58 वर्ष निवासी मुंडापार एवम् शेरसिंह उइके आत्मज गोसाई उम्र 45 वर्ष निवासी चुरनाटोला के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम , 1915 की धारा 34,(1)(क) के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण कायम किया गया है।

कार्यवाही में आरोपियों के कब्जे से कुल 79 पाव देशी प्लेन शराब , 70 लीटर अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब एवम् लगभग 975 किलोग्राम सड़ा हुआ महुआ लाहन बरामद कर जप्त किया गया है । जप्त सामाग्रियों की अनुमानित कीमत लगभग एक लाख बीस हजार रूपए है । छापे की कार्यवाही में आबकारी सिवनी मंडल के उत्तर वृत्त एवम् दक्षिण वृत्त का कार्यपालिक स्टॉफ सम्मिलित रहा है।

सिवनी में स्वभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता थीम पर स्वच्छता ही सेवा अभियान 17 सितम्बर से

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Seoni News: स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “स्वभाव स्वच्छता -संस्कार स्वच्छता” थीम पर आधारित स्वच्छता ही सेवा राष्ट्रव्यापी अभियान का आयोजन संपूर्ण प्रदेश एवं सिवनी जिले में किया जाएगा।

अभियान अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनों एवं विभागों की सहभागिता से विभिन्न स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जाएगी।

कलेक्टर संस्कृति जैन द्वारा इस महत्वपूर्ण अभियान अंतर्गत आयोजित होने वाली स्वच्छता गतिविधियों को लेकर नगरीय विकास विभाग,पंचायत ग्रामीण विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, खाद्य विभाग सहित अन्य सभी संबंधित विभागों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई है।

जिले में 17 सितंबर को अभियान का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे बैनगंगा नदी उद्गम स्थल मुंडारा की साफ सफाई से होगा ।प्रातः 10:30 बजे मठ मंदिर तालाब सिवनी की साफ सफाई की जाएगी। प्रातः 11: 15 बजे को जन औषधि केंद्र का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इसी तरह 17 सितंबर से 30 सितंबर तक स्कूलों में शौचालय एवं कचरा प्रबंधन की कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी। 18 सितंबर को साइकिल रेडी मैराथन का आयोजन होगा। 19 सितंबर को स्कूली छात्र द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।

20 सितंबर को वार्ड बार मोहल्ला सभा का आयोजन होगा तथा 21-25 सितंबर तक एक पेड़ मां के नाम अभियान तथा शहडोल मॉडल पर पेड़ों की रक्षा कवच बनाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त स्वच्छता और अधोसंरचना के रखरखाव एवं सौंदर्यीकरण के लिए सफाई अभियान चलाया जाएगा।

इस अवधि में प्रसंस्करण इकाइयों का भ्रमण छात्राओं,युवा वर्ग तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। वही स्वच्छता जागरूकता को लेकर आम नागरिकों से होम विजिट, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी स्वच्छ स्ट्रीट फूड प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण की गतिविधियां आयोजित की जाएगी।

इसी तरह 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जाएगा तथा संपूर्ण स्वच्छता हेतु लक्षित इकाइयों पर स्वच्छता उत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से सफाई कर्मियों एवं स्वच्छता चैंपियन का सम्मान तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले निकाय, संस्थान, सहयोगियों का सम्मान किया जाएगा।जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से प्रसंस्करण इकाइयों,ठोस अवशिष्ट परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा।

सिवनी में सीएम मोहन यादव 17 सितंबर को करेंगे प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ

Seoni News: प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का शुभारंभ भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। 17 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सिवनी में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का शुभारंभ करेंगे.

सीएम मोहन यादव भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से इस योजना का उद्घाटन किया जाएगा। यह वर्चुअल शुभारंभ जिला चिकित्सालय सिवनी सहित अन्य जिलों में भी होगा, जिससे सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

सिवनी में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्देश्य

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। वर्तमान समय में, चिकित्सा सेवाएँ और दवाइयाँ महंगी होती जा रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य देखभाल करना कठिन हो रहा है। इस केंद्र के माध्यम से सरकार की योजना है कि सभी ज़रूरतमंद लोगों तक गुणवत्तापूर्ण और सस्ती दवाइयाँ पहुँचाई जा सकें।

राज्य स्तरीय शुभारंभ का महत्त्व

इस कार्यक्रम का आयोजन 17 सितंबर को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा। यह शुभारंभ सिवनी जिले के जिला चिकित्सालय में भी वर्चुअल तरीके से होगा, जिससे जिले के नागरिकों को आसानी से दवाइयाँ उपलब्ध हो सकेंगी। इस कार्यक्रम में जिले के सांसद, विधायकगण तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी।

सस्ती दवाइयों का लाभ और सुविधा

जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली दवाइयाँ ब्रांडेड दवाइयों के मुकाबले किफायती होती हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया जाता। इन दवाइयों को बनाने में वही सक्रिय तत्व (Active Ingredients) इस्तेमाल होते हैं जो ब्रांडेड दवाइयों में होते हैं, इसलिए यह दवाइयाँ पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी होती हैं। इन केंद्रों से दवाइयाँ खरीदने पर रोगियों को 50% से 90% तक की बचत हो सकती है।

विस्तृत लाभ: जन औषधि केंद्र का योगदान

  1. सस्ती दवाइयाँ: इस योजना के तहत मिलने वाली दवाइयाँ अन्य निजी स्टोर की दवाइयों की तुलना में काफी सस्ती हैं।
  2. गुणवत्ता की गारंटी: यह दवाइयाँ पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त होती हैं।
  3. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: इस योजना के कारण देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार मिलेगा।
  4. स्वास्थ्य बजट में कमी: इससे गरीब वर्ग के परिवारों का स्वास्थ्य बजट कम होगा और वे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

केंद्रों का वितरण और उपलब्धता

जन औषधि केंद्र देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में कम से कम एक जन औषधि केंद्र हो ताकि प्रत्येक व्यक्ति को इसके लाभ प्राप्त हो सकें। इन केंद्रों के माध्यम से ना सिर्फ शहरी क्षेत्रों में बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी सस्ती दवाइयाँ पहुँचाई जा सकेंगी।

डिजिटल भारत की ओर एक कदम

वर्चुअल माध्यम से जन औषधि केंद्रों का शुभारंभ डिजिटल भारत के दृष्टिकोण को भी साकार करता है। वर्चुअल तकनीक के माध्यम से न केवल कार्यक्रमों का संचालन आसानी से होता है, बल्कि इसका विस्तार भी बड़े पैमाने पर किया जा सकता है। इस डिजिटल पहल से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि देश के हर कोने में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने में मदद मिलेगी।

औषधि केंद्रों पर उपलब्ध सेवाएँ

इन औषधि केंद्रों पर ना सिर्फ़ दवाइयाँ मिलती हैं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधित सलाह, परामर्श सेवाएँ, और अन्य सुविधाएँ भी दी जाती हैं। इसके अलावा, दवाइयों की होम डिलीवरी जैसी सेवाएँ भी कई स्थानों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे रोगियों को और भी सुविधा हो रही है। इस प्रकार, जन औषधि केंद्र आम जनता के लिए एक संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है।

भविष्य की योजनाएँ और विस्तार

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाए। सरकार इस योजना के तहत न केवल दवाइयाँ बल्कि अन्य स्वास्थ्य उत्पाद जैसे सर्जिकल सामान, स्वास्थ्य उपकरण आदि भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, सरकार का ध्यान है कि इन केंद्रों की संख्या में वृद्धि कर हर व्यक्ति तक इन सेवाओं को पहुँचाया जा सके।

सिवनी जिला चिकित्सालय का विशेष योगदान

सिवनी जिला चिकित्सालय में स्थापित होने वाला जन औषधि केंद्र जिले के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा लाभ होगा। यह केंद्र ना सिर्फ़ दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि यहां के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ भी मिलेंगी। जिला चिकित्सालय का यह प्रयास सिवनी में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगा।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ न केवल एक योजना है, बल्कि यह एक सामाजिक बदलाव का प्रतीक भी है। यह केंद्र देश के प्रत्येक व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा। आने वाले समय में यह केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देगा और आम जनता के जीवन को बेहतर बनाएगा।

सिवनी: दलसागर तालाब के पास मिली अज्ञात व्यक्ति की लाश, कोतवाली पुलिस जांच में जुटी

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Seoni News: सिवनी शहर के दलसागर तालाब के पास एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, सुबह के समय स्थानीय निवासियों ने तालाब के किनारे देशी शराब दुकान के सामने तरफ एक व्यक्ति लेटा हुआ दिखा, शाम होते तक व्यक्ति उसी अवस्था में उसी स्थान पर दिखाई दिया जिसके बाद शाम को कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस जांच में जुटी हुई है और आसपास के क्षेत्रों में लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह घटना कैसे घटी, इसका पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है।

पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की पहचान हो सके। इसके साथ ही, पुलिस मृतक की पहचान की पुष्टि के लिए शहर और आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट की जांच कर रही है।

कोतवाली थाना प्रभारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शव की जानकारी लगते ही पुलिस की टीम जांच में जुटी हुई है, आगे जब शव का पोस्टमार्टम होगा उसके बाद ही रिपोर्ट आने पर मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई का पता लगाया जाएगा।

फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और घटना के पीछे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

सिवनी में अवैध कॉलोनी का निर्माण: कलेक्टर ने 5 लोगों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए

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Seoni News: सिवनी (बरघाट) – सिवनी जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरघाट द्वारा कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशानुसार तहसील अंतर्गत बिना कॉलोनाईजिंग लाइसेंस, विकास अनुमति, एवं नगर ग्राम निवेश द्वारा स्वीकृत नक्शे के बिना अवैध रूप से प्लॉट विक्रय और कॉलोनी निर्माण करने वाले 05 व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश पारित किए गए हैं।

इन 05 व्यक्तियों में अनावेदक अल्फाजुर्रहमान, निवासी बोरीकलां, ने ग्राम बोरीकलां के खसरा नंबर 649/2/1, रकबा 0.38 हेक्टेयर पर अवैध कॉलोनी निर्माण किया।

इसी प्रकार, अनावेदक सुनील अवधिया, निवासी बरघाट, ने ग्राम साल्हे कोसमी के खसरा नंबर 625 और 626, रकबा 0.46 हेक्टेयर और खसरा क्रमांक 202/2, रकबा 0.84 हेक्टेयर पर अवैध कॉलोनी निर्माण करने की पुष्टि की गई।

इसके अलावा, अनावेदक प्रदीप, निवासी उड़ेपानी, द्वारा ग्राम साल्हे कोसमी के खसरा नंबर 677/78, रकबा 0.40 हेक्टेयर पर अवैध कॉलोनी निर्माण किया गया।

प्रदीप कोष्ठा, निवासी बरघाट, ने ग्राम साल्हे कोसमी के खसरा क्रमांक 687/2, रकबा 0.30 हेक्टेयर पर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया।

इन सभी अनावेदकों के खिलाफ मध्यप्रदेश पंचायत राज्य एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अवैध कॉलोनी निर्माण और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिवनी कलेक्टर ने 42 शिक्षकों की रोकी वेतन वृद्धि, तिरंगा यात्रा से गायब थे शिक्षक; देखें लिस्ट

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Seoni News: सिवनी जिले में हाल ही में आयोजित वृहद तिरंगा यात्रा के दौरान अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

सिवनी कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संस्कृति जैन ने शासन के निर्देशानुसार यह आदेश जारी किए हैं।

तिरंगा यात्रा में अनुपस्थित और रैली की वापसी के समय निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर पाए गए 42 शिक्षकों की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है।

इस आदेश के अनुसार, ये 42 शिक्षक रैली की वापसी के समय निरीक्षण में उपस्थित नहीं पाए गए थे, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाया गया है।

जिन शिक्षकों पर यह कार्रवाई की गई है, उनके नाम इस प्रकार हैं: श्रीमती मेहतजबी कुरैशी, श्री मनीष पण्डया, श्रीमती संगीता सराठे, श्रीमती रूचि बिसेन, श्रीमती जयश्री साहू, श्रीमती एस उदासी, श्रीमती रश्मि शर्मा, श्रीमती प्रीति जंघेला, सुश्री साक्षी बोरकर, श्री ओपी अग्रवाल, श्रीमती सुधा शुक्ला, श्री शरद मिश्रा, श्री भूपेन्द्र गोल्हानी, श्री विकास जैन, श्रीमती दिप्ती गोल्हानी, श्रीमती गीता सनोडिया, श्रीमती ममता राहंगडाले, श्री नवीन कुमार नामदेव, श्रीमती अनीता भार्गव, श्रीमती डिलेश्वरी राहंगडाले, श्री संतोष कुमार नेमा, श्रीमती आशा आरमोती, श्री अश्वनी तिवारी, श्रीमती नीलम तिवारी, श्रीमती रूचि शर्मा, श्रीमती रूचि अवधिया, श्रीमती सीमा सोनी, श्रीमती काजमी बेगम, श्रीमती सफीना खान, मोहम्मद शकील, श्रीमती आसमा खातून, श्री तनवीरूल गनी, श्रीमती समीना खान, श्रीमती अंजुला भलावी, श्रीमती निशा परते, श्रीमती सलेहा खान, श्रीमती फरजाना खान, श्रीमती कविता राय, मोहम्मद शाबिर खान, श्री दुबे, श्री यदुराज उइके और श्री अनिल पलवार।

इसके अलावा, 21 अन्य शिक्षकों को चेतावनी भी जारी की गई है, जिन्हें भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह कदम जिला प्रशासन द्वारा शासकीय निर्देशों के पालन और सरकारी कर्मियों के अनुशासन में बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

टीकमगढ़: 24 घंटे से धसान नदी में फंसे 2 लोगों का किया गया रेस्क्यू

Tikamgarh News: मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM MOHAN YADAV) मध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य तथा अन्य व्यवस्थाओं पर सतत नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM MOHAN YADAV) ने आज उज्जैन के दताना हवाई पट्टी से टीकमगढ़ जिले के कलेक्टर अवधेश शर्मा (IAS Avdhesh Sharma) से वीडियो कॉलिंग पर चर्चा कर बाढ़ आपदा में फंसे 2 प्रभावितों के रेस्क्यू कार्य की जानकारी ली।

कलेक्टर टीकमगढ़ शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया कि टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ ब्लॉक के चंदेरीखास ग्राम पंचायत के महोबिया घाट गांव में धसान नदी के टापू पर 24 घंटे से श्री राममिलन यादव और श्री रामचरण रैकवार फंसे हुए थे।

दोनों को बचाने के लिए पहले हेलीकॉप्टर से लिफ्ट करने के प्रयास किए गए। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम द्वारा दोनों ग्रामीणों का सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरक्षित निकाले गए श्री राममिलन यादव और श्री रामचरण रैकवार से चर्चा कर उनकी कुशलक्षेम जानी। दोनों ने अपनी जान बचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ के जवानों को बधाई दी और एसपी टीकमगढ़ को बाढ़ राहत बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका के लिए इन जवानों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से भी चर्चा कर उन्हें अतिवर्षा की स्थिति में निरंतर सजग और सर्तक रहने की समझाइश भी दी।