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सिवनी: सरकारी जमीन पर दबंगों का कब्जा! कोर्ट के आदेश भी बेअसर, विरोध करने पर फर्जी केस का आरोप – सिवनी से चौंकाने वाला मामला

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Seoni News। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के भोमा तहसील अंतर्गत ग्राम किरकिरंजी (पोस्ट हिनोतिया, थाना कन्हीवाड़ा) में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जा और निर्माण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

ग्राम निवासी धर्मराज साहू (पिता श्री राम साहू) ने इस संबंध में प्रशासन से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि से सटी शासकीय रास्ता भूमि (खसरा नंबर 34/1, रकबा 0.03 हेक्टेयर) पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण किया जा रहा है।

आवागमन बाधित, ग्रामीणों को हो रही परेशानी

आवेदक के अनुसार, उक्त शासकीय भूमि वर्षों से आम रास्ते के रूप में उपयोग में रही है। लेकिन अब पुसूलाल बोनिया (पिता लक्ष्मण बोनिया) एवं उनके पुत्र राकेश बोनिया द्वारा इस जमीन पर मकान निर्माण कर लिया गया है, जिससे न केवल आवेदक बल्कि पूरे गांव के लोगों के आने-जाने में भारी दिक्कतें उत्पन्न हो रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह कब्जा नहीं हटाया गया तो भविष्य में रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है।

कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना!

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अवैध कब्जा हटाने के लिए पहले ही न्यायालय आदेश जारी कर चुका है।

  • राजस्व न्यायालय तहसीलदार सिवनी (भोमा) द्वारा
    • प्रकरण क्रमांक 2/अ-68/2013-14
    • प्रकरण क्रमांक 16/अ-70/2015-16
  • सिविल न्यायालय (षष्ठम व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड, जिला सिवनी)
    • प्रकरण क्रमांक RCS 13A/2018

इन सभी मामलों में अवैध कब्जा हटाने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे, लेकिन आरोप है कि इन आदेशों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

विरोध करने पर झूठे केस का आरोप

धर्मराज साहू का आरोप है कि जब भी वे इस अवैध निर्माण का विरोध करते हैं, तो उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठी शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

यह आरोप यदि सही साबित होता है, तो यह कानून के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा।

प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठे सवाल

आवेदक ने स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—

  • थाना कन्हीवाड़ा
  • राजस्व विभाग
  • ग्राम पंचायत (सरपंच-सचिव)

सभी को जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे प्रशासनिक उदासीनता और संभावित संरक्षण की आशंका जताई जा रही है।

आवेदक की मांग: तुरंत हटे अवैध कब्जा

धर्मराज साहू ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • शासकीय भूमि से तत्काल अवैध कब्जा हटाया जाए
  • न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
  • झूठे मामलों की निष्पक्ष जांच हो

क्या कहते हैं जानकार?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा होता है और न्यायालय द्वारा आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो यह न केवल कानून की अवहेलना है बल्कि प्रशासनिक विफलता भी मानी जाती है।

सिवनी का यह मामला अब प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल बन चुका है। एक ओर न्यायालय के आदेश हैं, तो दूसरी ओर उनका पालन न होना गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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