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Sainik School Admit Card 2025-26: सैनिक स्कूल एडमिट कार्ड 2025-26, एग्जाम डेट 5 अप्रैल 2025

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Sainik School Admit Card 2025-26: भारत के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूलों में प्रवेश लेना कई छात्रों का सपना होता है, खासकर उन छात्रों के लिए जो भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। इन स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE 2025) उत्तीर्ण करनी आवश्यक होती है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा AISSEE 2025 परीक्षा 5 अप्रैल 2025 को आयोजित की जाएगी।

Sainik School Admit Card 2025-26: सैनिक स्कूल एडमिट कार्ड 2025-26: परीक्षा तिथि, पात्रता, पाठ्यक्रम और महत्वपूर्ण निर्देश

AISSEE 2025 का एडमिट कार्ड मार्च 2025 में जारी होने की संभावना है। यह परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसके बिना परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस लेख में, हम AISSEE 2025 एडमिट कार्ड, परीक्षा तिथि, पात्रता, पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न, महत्वपूर्ण निर्देश और परीक्षा के बाद की प्रक्रियाओं पर विस्तृत जानकारी देंगे।

Sainik School Admit Card 2025-26 से जुड़ी मुख्य तिथियां

घटनातिथिविवरण
एडमिट कार्ड जारी होने की तिथिजल्द उपलब्धआधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा
AISSEE परीक्षा तिथि5 अप्रैल 2025संपूर्ण भारत में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी
परिणाम घोषणामई 2025 (संभावित)मेरिट लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी

AISSEE 2025 के लिए पात्रता मानदंड

AISSEE 2025 के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है:

कक्षा 6 के लिए पात्रता:

  • उम्मीदवार की आयु 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए (31 मार्च 2025 तक)।
  • किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से कक्षा 5 उत्तीर्ण होनी चाहिए।
  • लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं

कक्षा 9 के लिए पात्रता:

  • उम्मीदवार की आयु 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए (31 मार्च 2025 तक)।
  • उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से कक्षा 8 उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • केवल लड़के ही आवेदन कर सकते हैं

सैनिक स्कूल प्रवेश के लिए आरक्षण नीति

AISSEE 2025 परीक्षा में आरक्षण निम्नलिखित आधार पर दिया जाता है:

  • 67% सीटें उस राज्य के छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं जहां सैनिक स्कूल स्थित है।
  • 33% सीटें अन्य राज्यों के छात्रों के लिए खुली होती हैं।
  • 15% सीटें अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं
  • 7.5% सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित होती हैं
  • 27% सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC – Non-Creamy Layer) के लिए आरक्षित होती हैं
  • 25% सीटें रक्षा कर्मियों एवं भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं

AISSEE 2025 परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम

AISSEE परीक्षा में सफल होने के लिए परीक्षा पैटर्न को समझना अत्यंत आवश्यक है।

कक्षा 6 परीक्षा पैटर्न

विषयप्रश्नों की संख्याप्रश्न प्रति अंककुल अंक
गणित503150
बौद्धिक क्षमता25250
भाषा25250
सामान्य ज्ञान25250
कुल125300

कक्षा 9 परीक्षा पैटर्न

विषयप्रश्नों की संख्याप्रश्न प्रति अंककुल अंक
गणित504200
बौद्धिक क्षमता25250
अंग्रेजी25250
सामान्य विज्ञान25250
सामाजिक विज्ञान25250
कुल150400

AISSEE 2025: Sainik School Admit Card 2025-26 DOWNLOAD करने के चरण

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएंexams.nta.ac.in/AISSEE
  2. “AISSEE 2025 एडमिट कार्ड” लिंक पर क्लिक करें
  3. अपने लॉगिन क्रेडेंशियल (आवेदन संख्या और पासवर्ड) दर्ज करें
  4. एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और इसका प्रिंट आउट लें

परीक्षा दिवस के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

ले जाने योग्य दस्तावेज़:

  • AISSEE 2025 एडमिट कार्ड (प्रिंटेड कॉपी)।
  • कोई मान्य पहचान पत्र (आधार कार्ड, स्कूल आईडी, पासपोर्ट आदि)।
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो
  • ब्लैक/ब्लू बॉलपॉइंट पेन

प्रतिबंधित वस्तुएं:

  • मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, किताबें और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस।

AISSEE 2025 परीक्षा के बाद की प्रक्रिया

1. परिणाम घोषणा

AISSEE 2025 के परिणाम मई 2025 में घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर अपने रोल नंबर और जन्म तिथि की मदद से परिणाम देख सकते हैं।

2. मेरिट लिस्ट और कटऑफ

AISSEE 2025 में कटऑफ स्कोर से अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करेंगे

3. चिकित्सा परीक्षण

सफल उम्मीदवारों को सैनिक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। मेडिकल टेस्ट में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

4. अंतिम प्रवेश प्रक्रिया

मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद, उम्मीदवारों को सैनिक स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: AISSEE 2025 एडमिट कार्ड कब जारी होगा?

ANS: एडमिट कार्ड मार्च 2025 में जारी होने की संभावना है।

Q2: एडमिट कार्ड में त्रुटि होने पर क्या करें?

ANS: तुरंत NTA हेल्पलाइन 011-40759000 पर संपर्क करें या aissee@nta.ac.in पर ईमेल करें।

Q3: क्या परीक्षा केंद्र में बदलाव संभव है?

ANS: नहीं, एडमिट कार्ड जारी होने के बाद परीक्षा केंद्र बदला नहीं जा सकता।

Q4: AISSEE 2025 में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम अंक कितने चाहिए?

ANS: सामान्य वर्ग के लिए प्रत्येक विषय में 25% और कुल मिलाकर 40% अंक आवश्यक हैं। SC/ST के लिए छूट उपलब्ध है।

Q5: AISSEE 2025 का परिणाम कब घोषित होगा?

ANS: मई 2025 में परिणाम घोषित होने की संभावना है

सिवनी में MP BOARD की 10वीं एवं 12वीं परीक्षा की उत्तरपुस्तिका के मूल्‍यांकन कार्यों में लापरवाही, 51 शिक्षकों को नोटिस जारी

सिवनी: जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी ने हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने पर सख्त कदम उठाते हुए कुल 51 शिक्षकों को नोटिस जारी किया है।

अधिकारियों के अनुसार, मूल्यांकन कार्य के लिए नियुक्त शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था, जिससे परीक्षाफल की समय पर घोषणा में बाधा उत्पन्न हो सकती थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत उत्तर समाधानकारक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

सरकार परीक्षाओं के निष्पक्ष एवं समयबद्ध मूल्यांकन को लेकर गंभीर है, और इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने की हिदायत दी है।

MP WEATHER: मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज: सात जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट, तेज़ आंधी और बारिश का अलर्ट

आगामी 21 मार्च को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओलावृष्टि, गरज-चमक और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्टजबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, दमोह, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा में आंधी और हल्की बारिश और 22 मार्च को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की संभावना

मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में बदलते तापमान, तेज़ हवाएं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखी जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के सात जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जबकि अन्य कई जिलों में तेज़ आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इस बदलते मौसम का प्रभाव कृषि, यातायात और जनजीवन पर भी पड़ सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव दो प्रमुख कारणों से हो रहा है:

  1. पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना – यह एक प्रकार की मौसमी प्रणाली होती है, जो उत्तरी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरती है और मैदानी इलाकों में बारिश व आंधी लाती है।
  2. चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली – इस प्रणाली के कारण राज्य के कई हिस्सों में हवाओं का प्रवाह तेज़ हो गया है, जिससे गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।

इन सात जिलों में ओलावृष्टि की संभावना

मौसम विभाग ने 21 और 22 मार्च को मंडला, बालाघाट, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इन इलाकों में तेज़ आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में तेज़ आंधी और बारिश का अनुमान

इसके अलावा, भोपाल, विदिशा, सीहोर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी और अनुपपुर जिलों में तेज़ हवाएं और हल्की बारिश होने की संभावना है।

तापमान में गिरावट के संकेत

  • पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में दिन के तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
  • रात के तापमान में भी 1-2 डिग्री की कमी देखी गई है, जिससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ गई है।
  • हालांकि, मार्च के अंत तक गर्मी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, और अप्रैल से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।

अगले दो दिनों का पूर्वानुमान

21 मार्च:

  • मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओलावृष्टि, गरज-चमक और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट
  • जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, दमोह, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा में आंधी और हल्की बारिश

22 मार्च:

  • सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की संभावना

मौसम परिवर्तन का प्रभाव

कृषि पर असर

  • ओलावृष्टि और बारिश के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है, खासकर गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
  • जिन इलाकों में तेज़ आंधी के साथ बारिश हो रही है, वहां फलों के बागानों को भी क्षति हो सकती है।

सावधानी और बचाव के उपाय

  1. किसानों को सलाह – अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए ओलावृष्टि से पहले ढकने की व्यवस्था करें और अनाज भंडारण को सुरक्षित रखें।
  2. सामान्य जनता के लिए सुझाव
    • तेज़ हवाओं के दौरान खुले में न निकलें और सुरक्षित स्थान पर रहें
    • बिजली गिरने की संभावना हो तो पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें
    • अनावश्यक यात्रा से बचें और खराब मौसम में वाहन सावधानी से चलाएं

मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण लगातार मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। कई जिलों में ओलावृष्टि, आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। आगामी दिनों में तापमान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ सकता है। किसानों और आम जनता को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए और सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाने चाहिए

नागपुर हिंसा अपडेट: जो चादर जलाई गई उस चादर में कुरान की आयत नहीं थी – सीएम देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस घटना में झूठी अफवाहें फैलाई गईं और चादर पर कुरान की आयत लिखी होने की बात पूरी तरह से गलत है। साथ ही, उन्होंने हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

क्या है नागपुर हिंसा का पूरा मामला?

नागपुर में कुछ दिनों पहले एक धार्मिक आयोजन के दौरान हिंसा भड़क उठी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यह दावा किया गया था कि धार्मिक स्थल पर रखी गई चादर पर कुरान की आयत लिखी थी, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुईं। इसके बाद दो गुटों में टकराव हुआ और हालात बिगड़ गए।

हालांकि, प्रशासन ने इस दावे को झूठा करार दिया और कहा कि यह केवल अफवाह फैलाने का प्रयास था।

मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान: “हिंसा करने वाले नहीं बचेंगे”

विधानसभा में बोलते हुए सीएम फडणवीस ने स्पष्ट किया कि:

  • हिंसा फैलाने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
  • अगर अपराधी कब्र में भी छिपे होंगे, तो उन्हें वहां से भी निकाला जाएगा
  • धार्मिक उन्माद फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
  • सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी

अफवाहों पर कैसे फैली हिंसा?

सोशल मीडिया पर फैले गलत दावों के कारण यह हिंसा भड़की। लोग बिना किसी सत्यापन के इन खबरों पर यकीन करने लगे और माहौल गर्मा गया।

प्रशासन ने बाद में जांच कर यह स्पष्ट किया कि:

  • चादर पर कोई भी कुरान की आयत नहीं लिखी थी
  • धार्मिक भावनाएं आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था
  • अराजक तत्वों ने अफवाह फैलाकर हिंसा भड़काई

नागपुर पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

नागपुर पुलिस ने इस हिंसा के संबंध में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह भी कहा कि:

  • हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
  • सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने वालों की पहचान कर उन पर केस दर्ज किया जा रहा है।
  • सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल एविडेंस के जरिए असली गुनहगारों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर अफवाहों का असर

आज के डिजिटल युग में फेक न्यूज और अफवाहों का असर तेजी से फैलता है। इस मामले में भी झूठी खबरों ने आग में घी डालने का काम किया। इसलिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:

  • बिना सत्यापन किसी भी खबर पर भरोसा न करें
  • अफवाह फैलाने वालों की तुरंत रिपोर्ट करें
  • शांति और सौहार्द बनाए रखें

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

इस घटना पर राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा सरकार ने दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया।

कांग्रेस का आरोप:

  • सरकार दंगों को रोकने में नाकाम रही।
  • पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए।

भाजपा की प्रतिक्रिया:

  • हिंसा के पीछे साजिश होने का दावा।
  • दोषियों को सख्त सजा देने की मांग।

समाज के लिए संदेश

नागपुर हिंसा जैसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि फेक न्यूज और अफवाहें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए हमें चाहिए कि:

  • किसी भी खबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
  • सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों को रिपोर्ट करें
  • कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें

नागपुर में हुई इस हिंसा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया अफवाहें कितना बड़ा खतरा बन सकती हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अगर कोई कब्र में भी छिपा होगा, तो उसे भी बाहर निकाला जाएगा

केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai के परिवार में आपसी विवाद से गोलीबारी: एक भांजे की मृत्यु, दूसरा घायल

20 मार्च 2025 को बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल के जगतपुर गांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के दो भांजों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में एक भांजे की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

सुबह लगभग 6:30 बजे, जगतपुर गांव में स्थित गुल्लों यादव के घर में पानी के उपयोग को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि घर के नौकर ने जयजीत यादव को पानी देते समय अपनी हथेली पानी में डुबो दी, जिससे बड़े भाई विश्वजीत यादव नाराज हो गए। इस मामूली बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी होने लगी, जो जल्द ही हिंसक झगड़े में बदल गई।

विवाद का बढ़ना और गोलीबारी

विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना गंभीर हो गया कि विश्वजीत यादव ने घर के अंदर से पिस्तौल निकालकर जयजीत यादव के मुंह पर गोली चला दी। गोली लगने से जयजीत घायल होकर गिर पड़ा, लेकिन उसने हिम्मत जुटाकर विश्वजीत से पिस्तौल छीन ली और उस पर गोली चला दी। इस गोलीबारी में विश्वजीत यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि जयजीत यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।

मां हिना देवी भी घायल

इस घटना के दौरान दोनों भाइयों की मां हिना देवी बीच-बचाव करने आईं, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके हाथ में भी गोली लग गई। उन्हें तुरंत भागलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। भागलपुर पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पानी के विवाद से जुड़ा है, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से एक खोखा और एक कारतूस बरामद किया गया है।

मृतक विश्वजीत यादव और घायल जयजीत यादव, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के भांजे हैं। दोनों भाई खेती-बाड़ी का कार्य करते थे और एक ही मकान में साथ रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच पहले से भी कुछ मतभेद थे, जो इस घटना का कारण बने।

गांव के निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि यह परिवार बहुत ही सम्मानित था और इस तरह की घटना की किसी ने उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा, “हम लोग बाहर थे। हमें घटना की जानकारी दूसरे लोगों से मिली। सबसे बड़ी बात यह है कि बहुत बढ़िया परिवार है। भाई-भाई में नल को लेकर कुछ विवाद हुआ था, जिसके बाद गोलीबारी हुई।”

यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक मामूली विवाद भी गंभीर परिणाम ला सकता है। परिवारों में आपसी समझ और संवाद की कमी से इस प्रकार की घटनाएं होती हैं, जो समाज के लिए चिंताजनक हैं। पुलिस की जांच जारी है, और उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में सच्चाई सामने आएगी।

IPL 2025: राजस्थान रॉयल्स के कार्यवाहक कप्तान बने Riyan Parag, संजू सैमसन की सर्जरी के कारण लिया गया निर्णय

IPL 2025: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में राजस्थान रॉयल्स (RR) ने बड़ा निर्णय लेते हुए अपने स्टार ऑलराउंडर रियान पराग (Riyan Parag) को शुरुआती तीन मैचों के लिए कार्यवाहक कप्तान नियुक्त किया है। यह फैसला टीम के नियमित कप्तान संजू सैमसन की अनुपस्थिति में लिया गया है, जो अपनी उंगली की सर्जरी के कारण कुछ समय के लिए मैदान से दूर रहेंगे।

संजू सैमसन की चोट और सर्जरी का कारण

राजस्थान रॉयल्स के प्रमुख बल्लेबाज और कप्तान संजू सैमसन को इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। यह चोट तब हुई जब इंग्लिश तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की तेज रफ्तार गेंद उनकी उंगली पर जा लगी। चोट गंभीर होने के कारण, बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी थी, जो पिछले महीने सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

मेडिकल टीम ने सैमसन को शुरुआती कुछ हफ्तों तक विकेटकीपिंग से बचने की सलाह दी है ताकि उनकी उंगली पूरी तरह से ठीक हो सके। इसका मतलब है कि वे शुरुआत में केवल एक बल्लेबाज के रूप में उपलब्ध रहेंगे और ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ की भूमिका निभा सकते हैं।

रियान पराग को कार्यवाहक कप्तान बनाने का कारण

23 वर्षीय असम के ऑलराउंडर रियान पराग को राजस्थान रॉयल्स ने उनके डोमेस्टिक क्रिकेट में कप्तानी के अनुभव और टीम के प्रति उनकी समझ को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।

राजस्थान रॉयल्स की टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि पराग का चयन पूरी रणनीति के तहत किया गया है। टीम के अधिकारी ने कहा:

“रियान पराग हमारे सेटअप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। उन्होंने असम के लिए घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन कप्तानी की है। हमें विश्वास है कि वे इस भूमिका को अच्छे से निभाएंगे और टीम को सही दिशा में आगे बढ़ाएंगे।”

आईपीएल 2025 के शुरुआती मैचों का कार्यक्रम

रियान पराग को कार्यवाहक कप्तान नियुक्त किए जाने के साथ ही राजस्थान रॉयल्स के शुरुआती तीन मैचों का कार्यक्रम भी तय हो चुका है:

  1. 23 मार्च – राजस्थान रॉयल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच)
  2. 26 मार्च – राजस्थान रॉयल्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर)
  3. 30 मार्च – राजस्थान रॉयल्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके)

ये मुकाबले राजस्थान के लिए बेहद अहम होंगे क्योंकि टीम को अपने अभियान की सशक्त शुरुआत करनी होगी।

सबसे युवा आईपीएल कप्तानों की सूची में शामिल हुए पराग

रियान पराग के कार्यवाहक कप्तान बनने के साथ ही वे आईपीएल इतिहास के सबसे युवा कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं। अभी तक सबसे कम उम्र में कप्तानी करने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है, जिन्होंने 22 साल की उम्र में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की कप्तानी की थी।

पराग अब महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, डेविड वॉर्नर और श्रेयस अय्यर जैसे दिग्गजों की लिस्ट में शामिल हो चुके हैं, जिन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व किया है।

क्या राजस्थान रॉयल्स सही फैसला ले रही है?

कई विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स को इस स्थिति में यशस्वी जायसवाल या किसी अनुभवी खिलाड़ी को कप्तानी सौंपनी चाहिए थी। लेकिन टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि पराग को यह जिम्मेदारी उनकी रणनीतिक सोच और टीम की बेहतर समझ के कारण दी गई है।

क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान रॉयल्स की टीम प्रबंधन द्वारा लिया गया यह फैसला कई पहलुओं पर निर्भर करता है:

  • पराग की घरेलू कप्तानी में शानदार रिकॉर्ड
  • टीम के युवा खिलाड़ियों में उनके द्वारा बनाए गए बेहतरीन तालमेल
  • राजस्थान रॉयल्स के लिए लगातार कई सीजन खेलने का अनुभव
  • टीम का अच्छा बैलेंस बनाए रखने की रणनीति

रियान पराग के लिए एक सुनहरा अवसर

रियान पराग के लिए यह कप्तानी करियर की सबसे बड़ी चुनौती होगी। यह उनके लिए अपनी नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा मौका है। अगर वे इन शुरुआती मैचों में राजस्थान रॉयल्स को शानदार जीत दिलाते हैं, तो भविष्य में उन्हें और भी बड़े अवसर मिल सकते हैं।

टीम के सीनियर खिलाड़ियों जैसे जोस बटलर, ट्रेंट बोल्ट, रविचंद्रन अश्विन और युजवेंद्र चहल से भी उन्हें मार्गदर्शन मिलेगा। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से पराग को टीम को संभालने में मदद मिलेगी।

क्या राजस्थान रॉयल्स खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है?

आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स बेहतरीन खिलाड़ियों से सजी टीम के साथ मैदान में उतर रही है। टीम में शामिल प्रमुख खिलाड़ी इस प्रकार हैं:

  • बल्लेबाज: संजू सैमसन, जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल
  • गेंदबाज: ट्रेंट बोल्ट, युजवेंद्र चहल, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप सेन
  • ऑलराउंडर: रियान पराग, रविचंद्रन अश्विन, जेसन होल्डर

राजस्थान रॉयल्स के पास संतुलित टीम है और यदि वे अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं, तो वे खिताब जीतने की प्रबल दावेदार हो सकते हैं।

राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2025 के पहले तीन मैचों के लिए रियान पराग को कार्यवाहक कप्तान नियुक्त कर एक साहसी निर्णय लिया है। संजू सैमसन की चोट और उनकी अनुपस्थिति टीम के लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन पराग के नेतृत्व में राजस्थान रॉयल्स की टीम नए जोश के साथ खेलेगी।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान रॉयल्स आईपीएल 2025 के अपने अभियान की शुरुआत किस तरह करती है और रियान पराग अपनी कप्तानी कौशल से टीम को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं।

सिवनी: पुलिसकर्मी पर फायरिंग से हेड कांस्टेबल राकेश ठाकुर की हुई थी मौत; कुख्यात बदमाश भिंड पुलिस की गिरफ्त में

सिवनी, भिण्ड। मध्यप्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिवनी जिले में हेड कॉन्स्टेबल राकेश ठाकुर और अपने चाचा की हत्या के साथ ही पत्नी की हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में फरार कुख्यात अपराधी रामनरेश गुर्जर उर्फ सद्दाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 65,000 रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।

गोहद थाना क्षेत्र से गिरफ्तार हुआ इनामी बदमाश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिण्ड जिले की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोहद थाना क्षेत्र से कुख्यात अपराधी को धर-दबोचा। पुलिस ने इस कार्रवाई में कई थानों की संयुक्त टीम की मदद ली।

इस संबंध में एसपी भिण्ड डॉ. असित यादव ने बताया कि रामनरेश गुर्जर उर्फ सद्दाम उर्फ सरदार, भिण्ड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 2023 से हत्या, लूट, हत्या के प्रयास समेत कई मामलों में फरार चल रहा था। भिण्ड के साथ-साथ मुरैना, ग्वालियर और दतिया जिलों में भी उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

19 जनवरी 2024 की यह खबर भी पढ़ें : सिवनी: पुलिसकर्मी पर फायरिंग, हेड कांस्टेबल राकेश ठाकुर की मौत

हत्या और अपराधों की लंबी फेहरिस्त

आरोपी रामनरेश गुर्जर का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है। पुलिस के अनुसार—

  • 22 मई 2023 को भिण्ड जिले के सिरसौद गांव में अपने चाचा जवान सिंह की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
  • नवंबर 2022 में ग्वालियर में अपनी पत्नी को करंट लगाकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गई। इस मामले में भी वह फरार था।
  • सिवनी-मंडला क्षेत्र में अपनी गैंग बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देता था।
  • जनवरी 2024 को सिवनी में एक चोरी की घटना को ट्रेस करने के दौरान जब पुलिस ने जबलपुर-नागपुर हाईवे पर उसकी गाड़ी रोकी, तो उसने हेड कॉन्स्टेबल राकेश ठाकुर को गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया।

मंगलवार को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस लगातार इस अपराधी की तलाश में थी। आखिरकार, मंगलवार शाम को मुखबिर से सूचना मिली कि रामनरेश गुर्जर गोहद क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की कार्रवाई जारी

भिण्ड पुलिस के अनुसार, रामनरेश गुर्जर से पूछताछ की जा रही है और उसके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से कई और संगीन मामलों का खुलासा हो सकता है।

इस गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और आम जनता ने राहत की सांस ली है।

सिवनी के जम्बो सीताफल को मिलेगा GI टैग

सिवनी: जिले का प्रसिद्ध जम्बो सीताफल अब जल्द ही GI (Geographical Indication) टैग प्राप्त करने वाला है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो जिले के इस अद्वितीय फल की पहचान को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ करेगा।

GI टैग के मिलने से सिवनी के इस विशेष सीताफल की मार्केटिंग और बिक्री में वृद्धि हो सकती है और जिले के सीताफल उत्‍पादक किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

कलेक्‍टर सुश्री संस्‍कृति जैन के मार्गदर्शन एवं सहायक संचालक उद्यान सिवनी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार के निर्देशन में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्‍करण विभाग द्वारा GI टैग प्राप्त करने के लिए आवेदन किया गया था, जिस पर आज भोपाल में महानियंत्रक (पेटेंट, डिजाईन एवं ट्रेड मार्कस) एवं रजिस्‍ट्रार (भौगोलिक संकेत) की अध्‍यक्षता में जी आई रजिस्‍ट्री चैन्‍नई द्वारा जी आई की सुनवाई (हियरिंग) रखी गई है।

इस सुनवाई में जिले से सहायक संचालक उद्यान सिवनी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार के नेतृत्‍व में आवेदक किसान उत्पादक संगठन (FPO) भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री सदम सिंह बरकडे एवं श्री राजकुमार भलावी भाग लेंगे एवं सिवनी जम्बो सीताफल की विशिष्टता तथा इसकी महत्वता के बारे में अपनी बात रखेंगे।

GI टैग मिलने से सिवनी जिले के सीताफल के उत्पादन और विपणन में नई दिशा मिलेगी, जिससे स्थानीय सीताफल उत्‍पादक किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, साथ ही यह #सीताफल देशभर और विदेशों में अपनी विशेष पहचान बनाने में भी सक्षम होगा।

सिवनी जम्बो सीताफल अपनी बड़े आकार, विशिष्‍ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। यह सीताफल अन्य स्थानों पर पाए जाने वाले सीताफलों से कहीं अधिक बड़ा और अधिक मीठा होता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

सिवनी के जंबो सीताफल विशाल आकारः-

सिवनी जिले के सीताफल का आकार अन्य स्‍थानों के सीताफल की तुलना में बहुत बडा होता है, जिले का सीताफल 400 ग्राम से कोई-कोई सीताफल 1 कि.ग्रा. तक भी होता है। दूसरे जिले का सीताफल जहां 100 से 150 ग्राम का होता है सिवनी जिले का सबसे छोटा सीताफल भी 200 ग्राम से ज्यादा वजन का ही होता है। विशिष्ट स्वाद-सिवनी जिले के सीताफल का स्वाद सबसे हटके है। सिवनी जिले का सीताफल बहुत मीठा होता है अन्य स्‍थानों के सीताफल पनीले पानी के स्वाद का होता है।

सिवनी के जंबो सीताफल का प्राकृतिक रूप से उत्पादन-

सिवनी जिले का सीताफल प्राकृतिक रूप से पैदावार होने के कारण पूर्णतः जैविक होता है, किसी भी प्रकार का खाद, उर्वरक का उपयोग नही किया जाता है।

पल्प अधिक मात्रा- सिवनी जम्बो सीताफल को GI (Geographical Indication) टैग प्राप्त करने की प्रक्रिया में इन विशेषताओं के कारण यह अन्य स्‍थानों के सीताफल से अलग और विशेष पहचान बना रहा है। सिवनी जिले के सीताफल को GI (Geographical Indication) टैग मिलने से सीताफल उत्पादकों को कई फायदे हो सकते है।

GI (Geographical Indication) टैग मिलने से जिले के सीताफल की एक खास पहचान बनेगी जिससे बाजार में इसकी मांग बढ़ सकती है, कीमत में वृद्धि होने से किसानों की आय में भी बढोत्तरी होगी, स्थानीय रोजगार के अवसर बढने के साथ-साथ निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे।

इस तरह सिवनी जम्बो सीताफल को GI (Geographical Indication) टैग प्राप्त होने से किसानों को अधिक आर्थिक लाभ होगा एवं उनकी मेहनत का उचित मूल्य भी मिलेगा। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh Department of Horticulture, Madhya Pradesh #seoni