सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि न्यायालय
परिसर में चाकूबाजी, धमकी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात कुछ समय के लिए इतने तनावपूर्ण हो गए कि वहां मौजूद वकील, पक्षकार और आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे। हालांकि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के चलते एक बड़ा खूनी संघर्ष टल गया।
जमानत के दौरान शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 5 बजे वाशु नामक युवक की जमानत के सिलसिले में उसके मित्र अमन झंझोड और अन्य साथी जिला न्यायालय परिसर पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामूली लगने वाला यह विवाद कुछ ही देर में उग्र रूप धारण कर गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।
चाकू लहराते हुए दौड़ा युवक, मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान एक युवक ने अचानक चाकू निकाल लिया और विरोधी पक्ष के लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ा। न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटना से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
दोनों पक्षों में हुआ जमकर पथराव
स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। न्यायालय परिसर में फेंके गए पत्थरों से वहां खड़ी कई मोटरसाइकिलें और अन्य दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर रणक्षेत्र जैसा दिखाई देने लगा।
पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस बल और न्यायालय सुरक्षा कर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों की तत्परता के कारण किसी बड़ी जनहानि या गंभीर हादसे की नौबत नहीं आई।
दो हिरासत में, पांच आरोपियों पर मामला दर्ज
कोतवाली पुलिस ने मामले में अमन झंझोड और एक नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं दूसरे पक्ष के कुछ लोग घटना के बाद मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार फरियादी योगेश जाशोरिया की शिकायत पर अमन झंझोड, अंकित वेन, यशवंत, देबू सनकत और आरव सनकत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 296(बी), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
जिला न्यायालय परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर कानून और न्याय की प्रक्रिया संचालित होती है, वहां खुलेआम चाकू लहराना और पथराव होना सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर चुनौती माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
