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सिवनी: मयूर दुबे, जितेन्द्र बघेल, मयंक दुबे गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का आरोप, चाकू, तलवार और बेसबॉल डंडा बरामद

सिवनी। शहर में बढ़ती चाकूबाजी और अपराध की घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में एएसपी गुरुदत्त शर्मा और सीएसपी पूजा पांडेय के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से चाकू, तलवार और बेसबॉल का डंडा भी बरामद किया है।

घटना का विवरण

मामला 17 मार्च 2025 का है, जब पुलिस को सूचना मिली कि गणेश चौक के पास मयूर दुबे अपने साथियों के साथ मिलकर सूरज जंघेला के साथ विवाद कर रहा है। सूचना पर तत्काल कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि सूरज जंघेला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मयूर दुबे के घर के सामने पड़ा हुआ था। पुलिस ने घायल को तत्काल जिला चिकित्सालय भिजवाया।

पुरानी रंजिश में दिया घटना को अंजाम

पुलिस द्वारा घायल सूरज जंघेला से पूछताछ की गई, जिसमें पता चला कि पुराने विवाद को लेकर मयूर दुबे ने अपने साथी जितेन्द्र बघेल, मयंक दुबे और अतुल रैकवार के साथ मिलकर उसे घर के सामने रोक लिया। इसके बाद चारों ने मिलकर तलवार, चाकू और बेसबॉल डंडे से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

आरोपियों पर केस दर्ज, अभी तक तीन गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

आरोपियों के खिलाफ दर्ज धाराएँ:

  • धारा 109(1), 126(2), 296, 115(2), 118(1), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज
  • तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, एक की गिरफ्तारी बाकी

गिरफ्तार आरोपी:

  1. मयूर दुबे पिता मुकेश दुबे (उम्र 33 वर्ष) निवासी केवटी वार्ड, गणेश चौक, सिवनी
  2. मयंक दुबे पिता मुकेश दुबे (उम्र 35 वर्ष) निवासी केवटी वार्ड, गणेश चौक, सिवनी
  3. जितेन्द्र उर्फ बड्डा बघेल पिता भूपसिंह बघेल (उम्र 35 वर्ष) निवासी महाराज बाग, भैरोगंज, सिवनी

गिरफ्तारी से बाहर आरोपी:

4. अतुल रैकवार पिता मुन्नालाल रैकवार (उम्र 31 वर्ष) निवासी मिशन स्कूल के पीछे, केवटी वार्ड, सिवनी

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।

  • मयूर दुबे के खिलाफ 6 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, मारपीट और लोक शांति भंग करने के अपराध शामिल हैं। मयूर दुबे का नाम कोतवाली सिवनी की गुंडा बदमाश सूची में दर्ज है।
  • मयंक दुबे के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा और मारपीट का 1 मामला दर्ज है।
  • जितेन्द्र उर्फ बड्डा बघेल पर 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें बलवा, मारपीट और लोक शांति भंग करने के आरोप शामिल हैं।
  • अतुल रैकवार के खिलाफ मारपीट और अन्य 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस की सख्ती जारी

पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने साफ कर दिया है कि शहर में अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कोतवाली पुलिस फरार आरोपी अतुल रैकवार की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जप्ती सामाग्री- एक चाकू, एक तलवार, बेसबॉल का डंडा, घटना में प्रयुक्त एक बुलेट गाड़ी,

विशेष भूमिकाः- निरी. सतीश तिवारी, निरी. किशोर वामनकर, निरी. सी. के. सिरामें, उ.नि.राहुल ककोड़िया, उ.नि. देवेन्द्र उइके, उ.नि. जयशंकर उइके, उ.नि. अशोक बघेल, स.उ.नि. जयदीप सेंगर, स.उ.नि. दिनेश रघुवंशी, सउनि. संतोष बेन, स.उ.नि., रामअवतार डहेरिया, प्र.आर. मुकेश विश्वकर्मा, मनोज पाल, नवीन तिवारी, चंद्रप्रकाश अड़में, विशाल भांगरे, तिलक धुर्वे, आर. नितेश राजपूत, अमित रघुवंशी, प्रतीक बघेल, शिवम बघेल, सिध्दार्थ दुबे, अरविंद मण्डराह, अजेन्द्र पाल, हेमराज बघेले, अनिल सोमकुंवर, चीता मोबाईल स्टाफ, अजय धुर्वे, अजय मिश्रा, सुधीर डेहरिया, प्रदीप चौधरी, इरफान खान एवं रक्षित केन्द्र सिवनी, थाना डुण्डा सिवनी तथा थाना लखनवाड़ा के पुलिस बल की विशेष भूमिका रही।

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में 19 और 20 मार्च को बारिश और तूफान के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया

MP WEATHER ALERT: मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में 19 और 20 मार्च को बारिश और तूफान के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में 19 और 20 मार्च को भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश के इन जिलों में ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में मौसम का बड़ा असर रहेगा।

  • 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।
  • कुछ जिलों में बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश हो सकती है।
  • ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

मौसम में बदलाव क्यों आया?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा, अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में मौसम परिवर्तन हुआ है।

  • 18 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे अगले 2 दिनों तक बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी।
  • मध्य भारत में नमी अधिक होने के कारण बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।

अगले दो दिन का पूर्वानुमान

18 मार्च 2025: हल्की बारिश के संकेत

  • इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभागों में बादल छाए रहेंगे।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

19 मार्च 2025: आंधी और बारिश का अलर्ट

  • भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर और शहडोल संभागों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश होगी।
  • कुछ स्थानों पर तेज बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है।
  • हवाओं की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।

20 मार्च 2025: ऑरेंज अलर्ट जारी

  • पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।
  • बिजली गिरने और आंधी का खतरा बना रहेगा।

मार्च के अंत तक फिर बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के अंत तक प्रदेश में फिर गर्मी का असर देखने को मिलेगा।

  • दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
  • कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना भी है।
  • अचानक तापमान में वृद्धि होने से हीट वेव का खतरा रहेगा।

रविवार को दर्ज किए गए मौसम के बदलाव

  • भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बादल छाए रहे।
  • कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई।
  • तापमान में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, 19 और 20 मार्च को मध्य प्रदेश में बारिश, तूफान और तेज हवाओं के कारण अलर्ट जारी किया गया है। मौसम के इन बदलावों का असर आम जनजीवन और किसानों पर पड़ सकता है। सभी को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।

सिवनी में सोलुशन का नशा बर्बाद कर रहा बचपन: पंचर बनाने से 10 गुना ज्यादा नशे के लिए हो रहा इस्तेमाल

सिवनी: शहर में नशे की बढ़ती लत अब मासूम बचपन को बर्बाद कर रही है। सिवनी जिले के शुक्रवारी बाज़ार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बारापत्थर जैसे इलाकों में छोटे-छोटे बच्चों को खुलेआम सोलुशन (गोंद) का नशा करते देखा जा सकता है, जिसे सिलोचन (Silochan) के नाम से भी जाना जाता है। यह वही सोलुशन है, जिसका उपयोग पंचर जोड़ने के लिए किया जाता है, लेकिन अब इसका उपयोग नशे के लिए 10 गुना ज्यादा हो रहा है।

भीख मांगने और नशे की लत में फंसे बच्चे

बच्चों का एक समूह दिनभर सड़कों और बाजारों में घूमते हुए नशा करता है और भीख मांगकर अपना गुजारा करता है। यह चिंता का विषय है कि क्या ये बच्चे खुद नशे की लत में फंसकर भीख मांग रहे हैं, या फिर कोई गिरोह इन्हें नशे का आदि बनाकर भीख मांगने पर मजबूर कर रहा है?

प्रशासन और समाज की चुप्पी चिंता का विषय

स्थानीय लोग इस समस्या से परिचित तो हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। यदि प्रशासन इन बच्चों पर कड़ी नजर रखे और सख्ती से जांच करे, तो यह पता लगाया जा सकता है कि इस अवैध नशे के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।

समाज और प्रशासन को मिलकर करनी होगी कार्रवाई

अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो यह बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल सकता है। पुलिस, प्रशासन और समाज के लोगों को मिलकर इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस योजना बनानी होगी। साथ ही, इन बच्चों को पुनर्वास केंद्रों में भेजकर सही मार्गदर्शन देने की जरूरत है, ताकि वे नशे की गिरफ्त से बाहर निकल सकें और एक स्वस्थ जीवन जी सकें।

GANGAUR POOJA 2025: गणगौर पूजन विधि और शुभ मुहूर्त एवं कथा- Gangaur Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Katha

GANGAUR POOJA 2025: गणगौर पूजन विधि और शुभ मुहूर्त एवं कथा- GANGAUR PUJA VIDHI, SHUBH MUHURAT, KATHA :- गणगौर (GANGAUR) का त्योहार राजस्थान में तो बड़े धूम धाम से मनाया ही जाता है पर राजस्थान के साथ साथ मध्यप्रदेश में भी गणगौर (GANGAUR) का त्यौहार बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। गणगौर (GANGAUR) के त्यौहार की कुछ ख़ास बाते सबसे पहले आपको बताते है इस त्यौहार में महिलाएं पति की सलामती और लंबी उम्र  के लिए गणगौर (GANGAUR) का व्रत रखती हैं।

गणगौर (GANGAUR) का त्योहार राजस्थान में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा, यह मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात में भी विशेष रूप से मनाया जाता है। यह पर्व माता पार्वती और भगवान शिव के मिलन का प्रतीक माना जाता है। गणगौर व्रत मुख्य रूप से सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना हेतु किया जाता है।

गणगौर (GANGAUR) का अर्थ है,’गण’ और ‘गौर’। गण का तात्पर्य है शिव और गौर का अर्थ है पार्वती। वास्तव में गणगौर पूजन (GANGAUR PUJAN) माँ पार्वती और भगवान शिव की पूजा का दिन है। शिव-पार्वती की पूजा का यह पावन पर्व आपसी स्नेह और साथ की कामना से जुड़ा हुआ है।

इसे शिव और गौरी की आराधना का मंगल उत्सव भी कहा जाता है। प्रत्येक वर्ष चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज (GANGAUR TEEJ) मनाई जाती है। इस दिन सुहागन महिलाएं सौभाग्यवती की कामना के लिए गणगौर माता (GANGAUR MAATA) यानि माता गौरा की पूजा करती हैं। इस बार गणगौर तीज (GANGAUR TEEJ) 31 मार्च 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। 

GANGAUR POOJAN 2025 Shubh Muhurat / गणगौर पूजा 2025 शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, गणगौर तीज 2025 में 31 मार्च, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

गणगौर 2025 की तिथि31 मार्च 2025
तृतीया तिथि प्रारंभ31 मार्च 2025, सुबह 9:11 मिनट
तृतीया तिथि समापन1 अप्रैल 2025, सुबह 5:42 मिनट
उदय तिथि के अनुसार व्रत 31 मार्च 2025

गणगौर पूजा का महत्व

पौराणिक मान्यता के अनुसार गणगौर तृतीया या तीज (GANGAUR TEEJ) का व्रत करने से माता गौरी सौभाग्यवती होने का वरदान देती हैं, इसलिए इस दिन को सौभाग्य तीज (TEEJ) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं माता गौरी की पूजा करके गणगौर के गीत गाती हैं।

विवाहित स्त्रियां इस दिन व्रत और पूजन करके अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। राजस्थान में गणगौर पर्व विवाह (GANGAUR VIVAAH) के बाद का बहुत महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। यह पर्व चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ही आरंभ हो जाता है और चैत्र माह की शुक्ल, तृतीया तक चलता है। नवविवाहित महिलाएं प्रतिपदा से तृतीया तक तीनों दिन गणगौर माता (GANGAUR MATA KI POOJA) की पूजा करती हैं।

गणगौर पूजा विधि (GANGAUR POOJA VIDHI)

  • गणगौर तृतीया के दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने के बाद लाल रंग के वस्त्रों को धारण करना चाहिए।
  • अब एक चौकी को गंगाजल से शुद्ध करके लाल रंग का आसन बिछाएं।
  • चौकी पर एक तरफ जल से भरा हुआ कलश रखें। 
  • कलश में  गंगाजल, सुपारी, हल्दी, चावल और एक रूपये का सिक्का डालें और उसके मुख पर कलावा बांधे।
  • कलश में आम के पत्ते लगाकर उसके ऊपर मौली बांधकर नारियल रख दें।
  • इसके बाद चौकी पर माता गौरा और भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। 
  • अब घी की दीपक प्रज्वलित करें।
  • हाथों में फूल और पूजा की सुपारी लें और व्रत का संकल्प करने के पश्चात उसे अर्पित कर दें।
  • इसके बाद मिट्टी या फिर बेसन से छः गौर बनाएं और इनपर हल्दी एवं कुमकुम लगाएं।
  • माता गौरी को सिंदूर, अक्षत पुष्प अर्पित करके थोड़ा सा सिंदूर अपने माथे पर लगाएं।
  • इसके बाद माता गौरा और भगवान शिव को फल मिष्ठान आदि चीजों का भोग अर्पित करें। 
  • एक कागज लेकर उसके ऊपर 16 मेहंदी, 16 कुमकुम और 16 काजल की बिंदी लगाएं और माता को अर्पित कर दें।

पूजा पूर्ण होने के बाद एक कटोरी में जल और दूध, एक सिक्का, कौड़ी और सुपारी डालकर उसे अपने हाथ में रखकर माता गौरी की कथा सुनें। कथा पूर्ण होने पर कटोरी को माता गौरी के समक्ष रख दें और उनसे अखंड सौभाग्यवती की प्रार्थना करें। पूजा के बाद अर्पित किया गया प्रसाद लोगों में बांटे।

स्नान और वस्त्र धारण

  • प्रातः काल स्नान करके लाल, पीले या हरे रंग के वस्त्र धारण करें।
  • सुहागिन स्त्रियां सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी लगाकर संपूर्ण श्रृंगार करती हैं।

पूजन स्थल की तैयारी

  • किसी पवित्र स्थान पर गंगाजल छिड़ककर एक चौकी रखें।
  • चौकी पर माता गौरी और भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • मिट्टी से गौरा-गणेश की प्रतिमा बनाकर उन्हें सजाया जाता है।
  • एक कलश में गंगाजल, सुपारी, हल्दी, चावल और सिक्का डालकर उसके मुख पर नारियल रखें।

पूजन और अर्पण विधि

  • गणगौर माता को हल्दी, कुमकुम, चावल और फूल अर्पित करें।
  • सोलह मेहंदी, सोलह कुमकुम और सोलह काजल की बिंदियां बनाकर माता को समर्पित करें।
  • घी का दीपक जलाकर शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं।
  • पूजा के बाद गणगौर की कथा सुनें और परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद बांटें।

गणगौर तीज व्रत कथा / गणगौर व्रत कथा / GANGAUR TEEJ VRAT KATHA

एक बार भगवान शिव तथा माता पार्वती, नारदजी के साथ भ्रमण को निकले। चलते-चलते वे एक गाँव में पहुँच गए। उनके आगमन का समाचार सुनकर गांव की श्रेष्ठ कुलीन स्त्रियाँ उनके स्वागत के लिए स्वादिष्ट भोजन बनाने लगी। भोजन बनाते-बनाते उन्हें काफी विलंब हो गया। तब तक साधारण कुल की स्त्रियां श्रेष्ठ कुल की स्त्रियों से पहले ही थालियों में हल्दी तथा अक्षत लेकर पूजन हेतु पहुंच गई।

पार्वतीजी ने उनके पूजा भाव को स्वीकार करके सारा सुहाग रस उन पर छिड़क दिया जिससे वे सभी स्त्रियां अखंड सुहाग का वर प्राप्त करके वापस आई। तत्पश्चात उच्च कुल की स्त्रियां भी अनेक प्रकार के पकवान लेकर माता गौरा और भगवान शिव की पूजा करने के लिए पहुंच गई। तब भगवान शिव नें माता पार्वती से कहा कि सारा सुहाग रस तो तुमने साधारण कुल की स्त्रियों को ही दे दिया। अब इन्हें क्या दोगी?

तब पार्वतीजी ने उत्तर दिया- ‘प्राणनाथ! आप इसकी चिंता मत कीजिए। उन स्त्रियों को मैंने केवल ऊपरी पदार्थों से बना रस दिया है। इसलिए उनका रस धोती से रहेगा। परंतु मैं इन उच्च कुल की स्त्रियों को अपनी उंगली चीरकर अपने रक्त का सुहाग रस दूंगी।

यह सुहाग रस जिसके भाग्य में पड़ेगा, वे मेरे ही समान सौभाग्यवती हो जाएगीं। जब सभी स्त्रियों का पूजन पूर्ण हो गया, तब पार्वती जी ने अपनी उंगली चीरकर उन पर छिड़क दी। जिस पर जैसा छींटा पड़ा, उसने वैसा ही सुहाग पा लिया। 

तत्पश्चात भगवान शिव की आज्ञा लेकर पार्वतीजी नदी तट पर स्नान करने चली गई और बालू से भगवान शिव की प्रतिमा बनाकर पूजन करने लगी। पूजन के बाद बालू के पकवान बनाकर शिवजी को भोग लगाया। प्रदक्षिणा करके नदी तट की मिट्टी से माथे पर तिलक लगाकर दो कण बालू का भोग लगाया।

इसके बाद उस पार्थिव लिंग से भगवान शिव प्रकट हुए और माता पार्वती को वरदान दिया की जो कोई भी इस दिन पूजन और व्रत करेगा उसका पति चिरंजीवी होगा। यह सब करते-करते पार्वती जी को काफी समय लग गया। जब वे वापस उस स्थान पर आई जहां शिव जी और नारद जी को छोड़कर गई थी। 

शिव जी ने पार्वती जी से देर से आने का कारण पूछा। तो माता पार्वती ने कहा की वहां पर मेर भाई भाभी आदि पीहर के लोग मिलने आए थे, उन्हीं से बाते करने में विलंब हो गया। उन्होंने मुझ दूध भात खाने को दिया। भगवान शिव को भलिभांति सब ज्ञात था। तब दूध भात खाने के लिए शिव जी भी नदी की तट की ओर चल दिए।

माता पार्वती ने मन ही मन भोलेशंकर से ही प्रार्थना की। कि है प्रभु यदि मैं आपकी अनन्य दासी हूँ तो आप इस समय मेरी लाज रखिए। उन्हें दूर नदी के तट पर माया का महल दिखाई दिया। उस महल के भीतर पहुँचकर वे देखती हैं कि वहाँ शिवजी के साले तथा सलहज आदि सपरिवार उपस्थित हैं।

उन्होंने गौरी तथा भगवान शंकर का भाव-भीना स्वागत किया। वे दो दिनों तक वहाँ रहे। जब तीसरा दिन आया तो पार्वती जी ने शिव जी से चलने के लिए कहा, पर शिवजी तैयार न हुए। वे अभी यहीं रूकना चाहते थे। तब पार्वती जी रूठकर अकेली ही चल दी। ऐसे में शिव जी को पार्वती जी के साथ चलना पड़ा। नारदजी भी साथ-साथ चल दिए। चलते-चलते वे बहुत दूर निकल आए। उस समय संंध्या होने वाली थी।

भगवान सूर्य पश्चिम की ओर जा रहे थे। तभी अचानक भगवान शंकर पार्वतीजी से बोले कि मैं तुम्हारे मायके में अपनी माला भूल आया हूं।

भगवान शिव की बात सुनकर पार्वती जी ने कहा कि ठीक है, मैं ले आती हूँ, परंतु भगवान ने उन्हें जाने की आज्ञा न दी और इस कार्य के लिए नारद जी को वहां भेज दिया। जब नारद जी वहां पहुंचते है तो देखते हैं कि चारो ओर जंगल ही जंगल है और वहां कोई महल नहीं है।

तब वे मन ही मन विचार करते हैं कि कही मैं रास्ता तो नहीं भटक गया कि तभी बिजली चमकती है और नारदजी को शिवजी की माला एक पेड़ पर टंगी हुई दिखाई देती है। तब वे माला लेकर शिव जी के पास पहुंचते हैं और सारा हाल कह सुनाते हैं।

तब शिवजी ने हंसकर कहा- ‘नारद! यह सब पार्वती की ही लीला है। इस पर माता पार्वती बोली- ‘मैं किस योग्य हूं। ये सब तो आपकी ही कृपा है। तब नारदजी ने सिर झुकाकर कहा- ‘माता! आप पतिव्रताओं में सर्वश्रेष्ठ हैं।

यह सब आपके पतिव्रत का ही प्रभाव है, और इस तरह से नारद जी ने मुक्त कंठ से माता पार्वती की प्रशंसा करते हुए कहा, मैं आशीर्वाद रूप में कहता हूं कि जो स्त्रियां इसी तरह गुप्त रूप से पति का पूजन करके मंगलकामना करेंगी, उन्हें महादेवजी की कृपा से दीर्घायु वाले पति का संसर्ग मिलेगा, इसलिए गणगौर पर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजन किया जाता है।

गणगौर तीज 2025: विशेष परंपराएं

  • कच्चा भोजन: व्रतधारी महिलाएं गणगौर व्रत के दिन केवल फल, दूध या कच्चा भोजन ग्रहण करती हैं।
  • सजावट और गीत: महिलाएं गणगौर के पारंपरिक लोकगीत गाती हैं और हाथों में मेंहदी लगाती हैं।
  • शोभायात्रा: राजस्थान में गणगौर पर्व पर विशेष झांकियां और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं।

गणगौर तीज का समापन

गणगौर तीज का समापन व्रत खोलने और माता गौरी की प्रतिमा विसर्जन के साथ किया जाता है। इस दौरान महिलाएं जलाशय या नदी के किनारे जाकर गणगौर माता का विसर्जन करती हैं और सौभाग्य एवं सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं।

सिवनी: जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, शहडोल और ग्वालियर संभाग में बूंदा बांदी: MP के तापमान में होगी गिरावट

Seoni News: मध्य प्रदेश में गर्म मौसम का दौर जारी है, लेकिन जल्द ही इसमें बदलाव देखने को मिलेगा। 16-17 मार्च को मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हलकी बारिश/ बूंदा बांदी की वजह से दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, 18-19 मार्च को जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, शहडोल और ग्वालियर संभागों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद

प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रातें भी गर्म बनी हुई हैं। हालांकि, पिछले तीन दिनों से प्रदेश के कुछ शहरों में मौसम बदलता हुआ नजर आया है। कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई तो कहीं तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो दिनों तक तापमान में गिरावट जारी रहेगी और 18-19 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम में बदलाव का कारण

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के झाबुआ, रतलाम, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। यह सिस्टम जल्द ही कमजोर हो जाएगा, लेकिन 18-19 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिका लाइन के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

किन जिलों में होगी बारिश?

मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार 18-19 मार्च को जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर, शहडोल और ग्वालियर संभागों में हल्की बारिश की संभावना है। खासकर, 19 मार्च को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बादल छाने के साथ हल्की बारिश दर्ज हो सकती है।

बारिश होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।

अप्रैल-मई में पड़ेगी प्रचंड गर्मी

मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल और मई 2025 के सबसे गर्म महीने होने की संभावना है। इन महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है।

इसके अलावा, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में भी तापमान काफी ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को लू चलने का खतरा रहेगा।

गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय

चूंकि आगामी महीनों में भीषण गर्मी पड़ने वाली है, इसलिए हमें गर्मी से बचने के लिए कुछ आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर जाने से बचें।
  • हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें।
  • गर्मी में बाहर जाते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करें।
  • तेज धूप में ज्यादा देर तक न रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।

मध्य प्रदेश में 16-17 मार्च को तापमान में गिरावट और 18-19 मार्च को हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद अप्रैल और मई में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

चौरई के पास सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार और पिकअप की जोरदार टक्कर

छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई के पास आज दोपहर करीब 03 बजे एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे में एक तेज रफ्तार कार और पिकअप वाहन की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे कई लोग घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन कार सवार को मामूली चोटें आई हैं।

हादसे की पूरी जानकारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर हुई, जहां एक तेज गति से आ रही कार और एक लोडेड पिकअप वाहन की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ही वाहन तेज गति में थे, जिससे यह भीषण हादसा हुआ।

घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी

दुर्घटना होते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तुरंत 108 एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

मौके पर पहुंची चौरई पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को बहाल किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि हादसा लापरवाही, तकनीकी खराबी, या सड़क की स्थिति की वजह से हुआ।

स्थानीय प्रशासन की अपील

प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करें, स्पीड लिमिट का ध्यान रखें और ओवरटेकिंग से बचें ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सड़क सुरक्षा को लेकर क्या कहती हैं रिपोर्ट्स?

  • तेज रफ्तार के कारण भारत में हर साल हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, ओवरस्पीडिंग सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में से एक है।
  • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने से इस तरह के हादसों से बचा जा सकता है।

चौरई के पास हुए इस सड़क हादसे ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे वाहन चालक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं? इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए वाहन चालकों को सतर्क रहना होगा और प्रशासन को सड़क सुरक्षा नियमों को और सख्त करना होगा।

किसान पंजीयन स्लॉट बुकिंग: सिवनी में किसानों को छोड़कर किसे मिल रहा लाभ और कैसे हो रहे उपार्जन केंद्र प्रभावित?

सिवनी, बरघाट (एस. शुक्ला): किसान पंजीयन स्लॉट बुकिंग प्रणाली धान एवं गेहूं खरीद के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। इस प्रणाली के माध्यम से किसानों को उनके अनाज की बिक्री की सुविधा मिलती है और उन्हें निर्धारित समय में भुगतान भी प्राप्त होता है। लेकिन क्या वास्तव में इस योजना का लाभ किसानों को मिल रहा है या फिर कुचिया व्यापारी और ठेकेदार इसका ज्यादा फायदा उठा रहे हैं? यह जांच और विचार का विषय है।

कुचिया व्यापारियों को अधिक लाभ

शासन की इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ कुचिया व्यापारी और ठेकेदार उठा रहे हैं। पोर्टल पर बेचे गए अनाज के रिकॉर्ड को देखने पर पता चलता है कि कई बार किसानों के नाम पर दूरस्थ उपार्जन केंद्रों में अनाज की बिक्री दिखाई जाती है, जो वास्तविकता में संदिग्ध प्रतीत होती है।

कई मामलों में किसानों के पंजीयन पर अनाज बेचा जाता है, लेकिन वे खुद यह अनाज बेचने नहीं जाते। यह स्थिति दर्शाती है कि किसान के नाम पर कोई और व्यक्ति, खासकर कुचिया व्यापारी, इस प्रक्रिया का लाभ उठा रहा है।

उपार्जन केंद्रों पर प्रभाव

स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया लागू होने के बाद से उपार्जन केंद्रों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखा गया है। कुचिया व्यापारी और खरीदी प्रभारी की सांठगांठ से कई केंद्रों पर अनाज बिक्री के रिकॉर्ड अचानक बढ़ गए हैं। उदाहरण के लिए, जहां पहले 30-35 हजार क्विंटल अनाज खरीदा जाता था, वहीं अब यह आंकड़ा 80 हजार से 1 लाख क्विंटल तक पहुंच चुका है।

कई मामलों में यह भी देखा गया है कि सौ से दो सौ किलोमीटर दूर के किसानों के नाम पर भी स्लॉट बुकिंग हो रही है और उनकी धान बिक्री पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। यह संदेह उत्पन्न करता है कि कहीं यह पूरी प्रक्रिया केवल कागजों पर ही तो नहीं हो रही?

मिलर्स को प्रदाय धान डिलीवरी ऑर्डर (आरो) में अनियमितताएँ

धान की मिलिंग के लिए मिलर्स को जारी किए जाने वाले डिलीवरी ऑर्डर (आरो) में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ देखी गई हैं। यदि किसी किसान के पंजीयन पर बेचा गया अनाज वास्तव में केंद्र पर उपलब्ध नहीं होता, तो मिलर्स को नगद राशि देकर आरो जारी कर दिया जाता है।

इसका तात्पर्य यह है कि कुचिया व्यापारी किसानों के नाम पर धान बेचते हैं और जब धान केंद्र में नहीं पहुंचता, तो मिलर्स को 2150 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नगद राशि दी जाती है। इस तरह, सरकारी योजना का लाभ वास्तविक किसानों की बजाय व्यापारियों को मिल रहा है।

खाली बारदाना वितरण और मजदूरों का शोषण

धान उपार्जन प्रक्रिया के दौरान 2024-25 के सीजन में यह भी देखा गया कि खरीदी प्रभारी के इशारे पर खाली बारदाने (बोरियाँ) खुलेआम वितरित कर दी गईं। इसके कारण कई मामलों में धान का तौल किसानों के घरों में ही कर दिया गया और सिलाई के बाद केंद्र पर डंप कर दिया गया।

इस प्रक्रिया में उपार्जन केंद्र पर काम करने वाले मजदूरों और हम्मालों का भारी शोषण हुआ। कुछ केंद्रों में जाँच की गई, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों की राय

कई किसानों ने इस नई व्यवस्था के बारे में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। जनपद सदस्य गजानंद हरिनखेड़े, बसंत राहगड़ाले, हेमंत राहगंडाले सहित कई किसानों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था एक अच्छा कदम है, लेकिन इसका लाभ वास्तविक किसानों से अधिक कुचिया व्यापारियों को मिल रहा है।

उनका यह भी सुझाव है कि सहकारी समितियों और उपार्जन केंद्रों को पहले की तरह सीमित दायरे में ही अनाज खरीदने की अनुमति दी जाए, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके और उपार्जन केंद्रों की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

किसान पंजीयन स्लॉट बुकिंग प्रणाली का उद्देश्य किसानों को उनके अनाज की बिक्री में सुविधा देना था, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसका अधिकतर लाभ व्यापारी और मिलर्स उठा रहे हैं। सरकार को इस प्रणाली की गहराई से जाँच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों के हक पर किसी और का कब्जा न हो। उपार्जन प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए उपाय अपनाने की आवश्यकता है।

ये सिवनी है दोस्त यहां किराना दुकान में मिल जाती है शराब, आबकारी विभाग नींद में; ग्रामीण परेशान

सिवनी: सीवी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। ग्राम मडवा के निवासी इस समस्या से अत्यधिक परेशान हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई बार प्रयास करने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार बंद नहीं हो रहा है, जिससे गांव के लोग हताश हो चुके हैं।

गांव में बढ़ती अवैध शराब की समस्या

ग्राम मडवा में अवैध शराब बिक्री खुलेआम हो रही है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ता जा रहा है। गांव के लोगों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार:

  • अवैध शराब की बिक्री से युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं।
  • गुंडागर्दी और अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है।
  • गांव के लोगों को धमकियां दी जाती हैं, जिससे वे शिकायत करने से डरते हैं।
  • पुलिस प्रशासन को कई बार सूचित किया गया, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर संकट

गांव की महिलाएं और बुजुर्ग इस स्थिति से सबसे अधिक परेशान हैं। नशे की लत के कारण घरों में झगड़े बढ़ रहे हैं और घरेलू हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने कई बार इस अवैध कारोबार को बंद करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपराधियों द्वारा धमकाया जाता है ग्राम मडवा के लोग अब संगठित होकर मंगलवार के दिन कलेक्टर महोदया से मिलने जा रहे हैं। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द सख्त कदम उठाएगा। ग्रामीणों की मांगें हैं:

  1. अवैध शराब बिक्री को तुरंत रोका जाए।
  2. शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
  3. गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि अपराधियों पर नजर रखी जा सके।
  4. जो भी व्यक्ति अवैध शराब बेचता है, उसके खिलाफ सख्त सजा दी जाए।

ग्रामीणों की एकजुटता और संघर्ष

गांव के सभी लोग इस लड़ाई में एकजुट हैं और अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की अपील की है। इस संबंध में ग्रामवासियों ने संगठित रूप से हस्ताक्षरित आवेदन पत्र भी तैयार किया है, जिसे वे प्रशासन को सौंपने वाले हैं।

अवैध शराब का धंधा न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह समाज के ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण:

  • परिवार टूट रहे हैं और घरेलू हिंसा बढ़ रही है।
  • युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
  • गांव में अपराध और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
  • सरकारी राजस्व की भी हानि हो रही है, क्योंकि यह कारोबार अवैध रूप से चल रहा है।

सरकार और प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत

यदि प्रशासन ने समय रहते इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो स्थिति और भी खराब हो सकती है। सरकार को चाहिए कि वह:

  • अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए विशेष टीम गठित करे।
  • गांव में शराब विरोधी अभियान चलाए।
  • जो लोग इस कारोबार में लिप्त हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
  • जनता को जागरूक करने के लिए पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित करे।

ग्रामीणों को प्रशासन से न्याय की उम्मीद

गांव के लोग प्रशासन से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार उनकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई होगी। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो सकते हैं। ग्राम मडवा में अवैध शराब बिक्री एक विकराल समस्या बन गई है। इसने न केवल ग्रामीणों की शांति भंग की है, बल्कि अपराध और असुरक्षा का माहौल भी बना दिया है। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस मुद्दे पर कठोर कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

सिवनी: डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना घर से बिक रही अल्प्राजोलम, नशे के लिए युवा कर रहे उपयोग

सिवनी। जिला मुख्यालय के शुक्रवारी बाज़ार में एक घर से अल्प्राजोलम टेबलेट बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खुलेआम बेची जा रही है, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि शहर के युवा इस दवा का नशे के रूप में उपयोग कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने किया खुलासा

भाजपा नेता भुनेश कुल्हाड़े ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से लाइव आकर इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवारी स्थित गुप्ता मिठाईवाले के आसपास स्थित एक घर से यह दवा बेची जा रही है, जहां से युवा इसे खरीदकर नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

भुनेश कुल्हाड़े को सूचना मिली कि एक युवक ने इस स्थान से अल्प्राजोलम टेबलेट खरीदी है, जिसे नशे के लिए उपयोग किया जाता है। इस जानकारी के बाद कुल्हाड़े ने युवक को पकड़कर उसी स्थान पर ले जाकर इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से पूरे मामले को जनता के सामने रखा।

जिला प्रशासन की जिम्मेदारी

इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर वाकई में बिना डॉक्टर की अनुमति के अल्प्राजोलम जैसी दवा खुलेआम बेची जा रही है, तो यह एक गंभीर अपराध है। जिला प्रशासन को तुरंत इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

हालांकि, सिवनी में अक्सर देखा जाता है कि प्रशासन पहले शिकायत दर्ज होने का इंतजार करता है, और फिर ही जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। ऐसे में यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रशासन को बिना किसी देरी के कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि युवाओं को इस खतरनाक नशे की लत से बचाया जा सके।

क्या है अल्प्राजोलम?

अल्प्राजोलम एक स्ट्रॉन्ग बेंजोडायजेपाइन ड्रग है, जिसका उपयोग डॉक्टर चिंता (Anxiety) और अनिद्रा (Insomnia) के इलाज के लिए करते हैं। लेकिन बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के इस दवा का सेवन नशे और लत का कारण बन सकता है। इसका अत्यधिक उपयोग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है।

प्रशासन को तुरंत करनी होगी कार्रवाई

यदि सिवनी में इस तरह की नशीली दवाएं खुलेआम बेची जा रही हैं और युवा इनका सेवन कर रहे हैं, तो यह समाज के लिए गंभीर खतरा है। प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेकर न सिर्फ इस मामले की जांच करनी चाहिए, बल्कि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई भी करनी चाहिए।

सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन का संदेश: यह रंग बहुत पवित्र होता है, जिसको रंग से दिक्कत हो वो अपने घर में रहें

सिवनी: होली के रंगों से सराबोर माहौल में, सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने अपने अंदाज में होली मनाते हुए एक बड़ा संदेश दिया। रंगों से खेलते हुए उन्होंने कहा, “यह रंग बहुत पवित्र होता है, जिसको रंग से दिक्कत हो वो अपने घर में रहें।”

होली के रंगों में डूबा सिवनी

सिवनी जिले में होली का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश देते नजर आए। इस अवसर पर विधायक दिनेश राय मुनमुन भी जनता के बीच पहुंचे और रंगों की बारिश के साथ होली का आनंद लिया।

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विधायक का संदेश: रंगों से परहेज क्यों?

विधायक मुनमुन ने कहा कि होली भाईचारे और आनंद का पर्व है। यह रंग किसी जाति, धर्म या संप्रदाय का नहीं होता, बल्कि प्रेम और उल्लास का प्रतीक होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को रंगों से दिक्कत है, तो वे अपने घर में ही रहें, लेकिन इस उत्सव में खलल न डालें।

होली का महत्व और सामाजिक सौहार्द

होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द, समरसता और आपसी प्रेम को बढ़ावा देने का अवसर भी है। विधायक दिनेश राय मुनमुन ने अपने संदेश में यही बात दोहराई कि होली हमें नफरत मिटाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है।

जिले में शांति पूर्ण रही होली

सिवनी में इस वर्ष होली का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटी। लोग रंगों से सराबोर होकर एक-दूसरे को गले लगाकर, मिठाइयां खिलाकर और डीजे की धुनों पर नाचकर होली का आनंद लेते नजर आए।

विधायक मुनमुन का जनता को धन्यवाद

होली के समापन पर विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सिवनी की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने मिलकर एकजुटता और प्रेम के साथ इस पर्व को मनाया, यही सिवनी की पहचान है।

होली का पर्व हमें मिलजुल कर रहने, सभी भेदभाव मिटाने और खुशियों को साझा करने की प्रेरणा देता है। सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन का यह संदेश कि “रंग पवित्र होता है, इससे परहेज करने वाले अपने घर में रहें,” इस त्योहार की भावना को और मजबूत करता है।