Chandra Grahan 2022, 8 Nov, Sutak Kal : साल का अंतिम चन्द्र ग्रहण: सूर्य ग्रहण के बाद अब देव दीपावली 8 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण की छाया रहेगी। 15 दिनों में यह दूसरा ग्रहण दृश्य मान होगा। एक पक्ष में 2 ग्रहण के प्रभाव हमेशा नकारात्मक होते हैं। जिससे प्राकृतिक आपदाओं के साथ मौसम में बड़़े बदलाव, भूकंप और आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं।
बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी के अनुसार वर्षों बाद दो ग्रहण के बाद मंगल, शनि, और सूर्य तथा राहु आमने सामने आएंगे।
भारतवर्ष की कुंडली में तुला राशि पर सूर्य, चंद्र, बुध और शुक्र की युति बनेगी। इसके साथ ही शनि कुंभ राशि में पंचम में मिथुन राशि में नवम पर मंगल की युति विनाशकारी योग बना रही है। वहीं शनि ,मंगल के आमने सामने होने से षडाष्टक योग, नीच राज भंग योग और प्रीति योग का निष्पादन हो रहा है। चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा।
चंद्रग्रहण का आरंभ दोपहर 2.39 से ग्रहण का मध्य 4.29 बजे ग्रहण समाप्ति 6.19 पर होगा। ग्वालियर में सूर्यास्त 5.30 पर होगा। पर्व काल आरंभ सूर्य अस्त से 6.19 ग्रहण मोक्ष तक मंत्र जाप गुरु दीक्षा के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। यह चंद्रग्रहण मेष राशि में घटित होगा। और सूतक प्रात: 5.53 भारतीय समय अनुसार लगेगा।
कुछ इस तरह रहेगा चन्द्र ग्रहण का प्रभाव
डॉ.सोनी ने बताया यदि 15 दिन में 2 ग्रहण होते हैं। तो प्राकृतिक आपदाएं अक्सर आती हैं। पर्यावरण प्रदूषित होता है। तथा जनमानस में और रोग के प्रकोप बढ़ते हैं। वही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सीमा पर तनाव के साथ औद्योगिक विकास के कार्यों में गिरावट भी आएगी।
ग्रहण का राशि पर प्रभाव
मेष, वृषभ , कन्या, मकर राशि के लिए अशुभ
मिथुन, कर्क, वृश्चिक, कुंभ राशि के लिए शुभ
सिंह राशि, धनु राशि, मीन राशि, तुला राशि के लिए सामान्य फल प्रदान करेगा।
जब रमा का विवाह एक प्रतिष्ठित और सम्पन्न परिवार में तय हुआ तब मन में अजीब सी कशमकश थी कि मेरी उम्र तो छोटी है। इतना बड़ा संयुक्त परिवार है। मैं कैसे सामंजस्य बैठा पाऊँगी। अभी तो किसी भी कार्य में दक्षता नहीं है।
पारिवारिक रिश्ते-नाते, रीति-रिवाजों की पर्याप्त समझ आने में तो बहुत समय लगेगा। उसके मन भी बड़ी उलझन थी, पर विवाह उपरांत जब घर में गई तो सारी स्त्रियाँ केवल स्त्रियाँ ही थी। वे धौंस, रोब और अकड़ से परे थी।
उन्होंने रमा से कहा कि सारे रिश्ते बाद में आते है, हम सबसे पहले स्त्री है; तुम्हारी सास, जैठानी और ननंद बाद में। तुम सबसे पहले इस घर में सहज हो जाओ। यहाँ पर कोई भी तुम्हें किसी तराजू में नहीं तौलने वाला है।
वह अपनी हर छोटी से छोटी समस्या परिवार में रहने वाली स्त्रियों को बताती और सभी मिलजुलकर उस समस्या का समाधान करते। वहाँ पर सभी का सबसे बड़ा गुण माफ करना था। पुरानी बातों को छोड़कर कुछ नया सोचना था। सभी अपने कार्यों में व्यस्त रहते थे।
रमा अपनी माँ से कहती है कि मेरे ससुराल में सुंदरता, गुणों और अवगुणों को तौलने के लिए कोई तराजू नहीं है। सास अपनी पुरानी कहानियाँ नहीं सुनाती कि मेरे जमाने में ऐसा होता था, मैंने यह किया था, मैंने वह किया था। जेठानी अपनी श्रेष्ठता नहीं सिद्ध करती कि मैंने इस घर को संभालने में इतने वर्ष झोंक दिए।
ननंद हर समय मान-सम्मान की दुहाई नहीं देती। हर कोई मुझे सहज महसूस कराने में लगा रहता है। माँ यदि हर परिवार में ऐसी ही परम्परा स्थापित हो जाए तो हर लड़की अपने परिवार को आसानी से अपना लेगी। माँ वहाँ की एक और विशेषता है कि वहाँ पर दोषों पर चर्चा करना स्वीकार नहीं है।
दोषों पर ध्यान केन्द्रित करने से उन्नति रुक सकती है, पर समाधान और चिंतन करने से हमारी दृष्टि विकसित होती है। वहाँ पर अपनी गलती को स्वीकार करके हल्का महसूस करने पर भी बल दिया जाता है। माँ मैं भी अब अपने ससुराल के सहयोग के साथ आगे बढ़ना चाहती हूँ। अपनी सोच को उदार बनाना चाहती हूँ।
माँ रमा के वाक्य सुनकर मन-ही-मन उस परिवार के प्रति धन्यवाद और मन से दुआएँ दे रही थी, जिस परिवार ने उसकी बेटी की जिंदगी आसान कर दी। कभी-कभी दुआएँ भी बरकत पैदा करने में सहयोगी होती है। शायद रमा के ससुराल की भी यही खासियत थी।
रमा की माँ मन-ही-मन ईश्वर को धन्यवाद दे रही थी कि बेटी की सोच और परिवार की सोच में कितना अच्छा तालमेल दिखाई दे रहा है। भविष्य में मेरा होना या न होना मेरी बच्ची की खुशहाली के लिए जरूरी नहीं होगा। वह आगे की यात्रा अपनी सकारात्मक सोच और पारिवारिक सहयोग से तय कर लेगी।
इस लघुकथा से यह शिक्षा मिलती है कि यदि परिवार में स्त्री यदि अपनी सोच विस्तृत कर ले तो समाज में बड़ा बदलाव हो सकता है और मानवीयता के मस्तक से कलंक का बोझ हमेशा के लिए हट सकता है।
रमा के परिवारवालों की अच्छी सोच की वजह से वह खुशहाली की ओर बढ़ रही थी। सारे रिश्तों से सर्वोपरि स्त्री बनने का रिश्ता है। हमेशा पुराने संघर्ष या कठिनाइयों को जताकर भावी पीढ़ी को अपनी श्रेष्ठता बताने का प्रयास न करें बल्कि उन्हें सहज बनाकर अपने परिवार में शामिल करें।
टी20 वर्ल्ड कप 2022 का 34वां मैच भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जा रहा है. इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 185 रनों का लक्ष्य दिया है. इस बीच जब तस्कीन अहमद की गेंद पर हसन महमूद ने रोहित शर्मा को कैच थमा दिया तो तस्कीन अहमद उन पर भड़क गए। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
यह घटना भारतीय पारी के तीसरे ओवर में हुई। तस्कीन अहमद के ओवर की चौथी गेंद पर रोहित शर्मा ने पुल शॉट खेला। गेंद सीधे हसन महमूद के पास गई जो बाउंड्री पर फील्डिंग कर रहे थे। यह एक आसान कैच हो सकता था, लेकिन हसन ने कैच छोड़ कर सभी को निराश किया. यह सब देखकर तस्कीन काफी गुस्से में थी और काफी गुस्से में नजर आ रही थी।
बांग्लादेश के गेंदबाज की एक गलती बहुत महंगी पड़ सकती थी। लेकिन हसन महसूद ने अगले ही ओवर में अपनी गलती सुधार ली। बांग्लादेशी गेंदबाज ने चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर हिटमैन और यासिर अली को पवेलियन भेजा. यहां हसन ने न सिर्फ रोहित का विकेट लिया, बल्कि तस्कीन अहमद ने भी जवाब दिया।
खराब फॉर्म में है हिटमैन-
टी20 वर्ल्ड कप 2022 हिटमैन रोहित शर्मा के लिए कुछ खास नहीं रहा। टूर्नामेंट में अब तक रोहित के आंकड़े काफी औसत दर्जे के रहे हैं। भारतीय कप्तान रोहित ने नीदरलैंड के खिलाफ 29 गेंदों में 53 रन बनाए, लेकिन उन्होंने तीन मैचों में 4, 15 और 2 भी बनाए हैं। उन्होंने 4 मैचों में केवल 74 रन बनाए हैं। ये आंकड़े हिटमैन के खराब प्रदर्शन को उजागर करते हैं।
सिवनी, बरघाट, धारनाकला (एस.शुक्ला): बचत बैक खाते की राशि पाने के लिये एक असहाय महिला लगातार बैंक के चक्कर लगा रही है परन्तु सम्बन्धित अधिकारियो के कानो मे जू तक नही रेंग रही है.
गुमराह करने में नंबर 1
उल्लेखनीय है बृहताकार सहकारी समिति आष्टा मे आवेदक महिला के पति का बचत खाता वर्ष 2005 से संचालित था जिस खाते मे बकायदा नॉमिनी के तौर पर पत्नि का नाम अंकित है, खातेदार की मृत्यु माह मार्च मे हो चुकी है जिसमे बैक नियमानुसार बचत खाते मे जमा राशि पाने के लिये महिला नॉमिनी के तौर पर हकदार और अधिकार रखती है किन्तु समिति के आला अधिकारी और समिति प्रबंधक की हिटलर नीति के चलते असहाय महिला दर दर की ठोकरे खाने मजबूर है
नियमों को भी ठेंगा दिखा रहा है समिति प्रबंधक
बैंक के नियम की बात करे तो जिस बैक मे बैक अकाउंट है और बैंक अकाउंट मे नॉमिनी का नाम रजिस्टर्ड है तो अकाउंट होल्डर की डेथ मृत्यू होने के बाद खाते से रकम निकालने का अधिकार नॉमिनी का होता है चूंकि मृतक के बाद नॉमिनी ही बैक अकाउंट मे रखे पैसे का कस्टोडियन माना जाता है.
नॉमिनी वास्तव मे मृतक के बाद बैक इस अकाउंट से रकम निकालकर अकाउंट होल्डर के कानूनी उत्तराधिकारी उत्तर रकम पहुचाने के लिये जिम्मेदार होता है
अगर बैक मे नॉमिनी रजिस्टर्ड नही है और यह सिंगल अकाउंट है तब बैक मृतक के कानूनी उत्तराधिकारीयो को खाते मौजूद रकम दे सकता है किन्तु यहा तो नॉमिनी का नाम रजिस्टर्ड होने के बाद भी समिति प्रबंधक उसे पाच माह से दर दर की ठोकरे खिलवा रहा है
लगा है अनियमितताओ का अम्बार
यहा यह भी उल्लेखनीय है यहा पदस्थ कर्मचारियों की अनियमितताओ के चलते किसानो से जुडी यह समिति डूबने की कगार पर पहुंच गई है जहा कर्मचारीयो ने इस समिती को गर्त मे ले जाने मे तो कोई कसर बाकि नही छोडी किन्तु स्वय मालामाल होकर जरूर बैठै है आज इस समिति का यह हाल है की किसानो और खाता धारक द्वारा जमा की गई राशि के भुगतान के लिये समिति के सेविंग अकाउंट मे तक राशि नही है.
किसानो ने किया था चक्काजाम
यहा यह भी उल्लेखनीय है दो माह पूर्व ही इस समिति मे व्याप्त अनियमितताओ के चलते किसानो ने आष्टा मे चक्काजाम भी किया था जिसमे मौके पर पहुंचे उपायुक्त पंजीयक शाखा सि वनी के द्वारा जनता और किसानो के आक्रोश को देखते हुए समिति प्रबंधक को तत्काल पद से हटाने की कार्रवाई करते हुए समिति के आपरेटर को समिति प्रबंधक बनाया गया है किन्तु वर्तमान मे पद पर आसीन समिति प्रबंधक भी पूर्व की तरह ही अपना राग अलापने और लोगो को परेशान करने से बाज नही आ रहे है.
आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला पहुची थाने
उल्लेखनीय है की आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला ने त्रस्त होकर बरघाट पुलिस थाने मे भी आवेदन प्रस्तुत करते हुए कारवाई की माग की है चूंकि इसके पूर्व महिला ने सारे डाक्यूमेंट शपथ पत्र सहित समिति एव सम्बन्धित अधिकारियो को प्रस्तुत कर दिये किन्तु समिति के प्रबंधक असहाय बीमार एव आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला की गुहार की अनदेखी करते आ रहे है
जांच मै होगा लाखो का भ्रष्टाचार उजागर
यह यह भी उल्लेखनीय है कि इस समिति मे अगर निस्पक्ष जाच हो जाये तो लाखो रूपये के हेर फेर एव अनियमितताओ की कल ई खुलेगी की किस तरह समिति मे पदस्थ कर्मचारीयो और जवाब दारो ने समिती को डुबाने मे कोई कसर बाकि नही छोडी है और इसका खामियाजा खातेदार और किसानो को भुगतना पड रहा है.
समिति के सामने ही नॉमिनी महिला करेगी अनशन
इस सम्बध्द मे पीडित और आर्थिक तंगी से त्रस्त महिला ने कहा है की मै अत्यधिक परे शान हो चुकी हू और आर्थिक रूप से टूट चुकी हू जिसके चलते मै मजबूर होकर समिति के सामने ही अनशन कर न्याय की गुहार करूगी.
दर्जनों मजदूर और चौकीदारी करने वाले लगा रहे भुगतान के लिये चक्कर
यहा यह भी उल्लेखनीय है की बृहताकार सहकारी समिति आष्टा के द्वारा धान खरीदी का कार्य भी किया गया था जिसमे लाखो रूपये की हेराफेरी तो की गई किन्तु मजदूरो और हममालो तथा चौकीदार गरीब को लाखो रूपये का भुगतान आज तक नही किया गया है
जिसमे धान खरीदी प्रभारी और समिति के कर्ता धर्ताओ ने अपनी जेब तो गर्म कर ली परन्तु समिति की लूटिया डुबाने मे कोई कसर नही छोडी है जिसका आक्रोश भी समिति से जुडे तेरह ग्रामो मे देखा जा सकता है किन्तु अधिकारियो के द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नही की गई.
जनपद सदस्य से किसानो के द्वारा ठोस कार्रवाई की माग जन हित मे की गई है चूंकि समिति मे पदस्थ कर्मचारियों का काला चिट्ठा समिति की आम सभा मे भी खुला था और आम सभा भी सम्पन्न नही हुई थी किन्तु समिति के रिकार्ड मे आम सभा को पूर्ण बता दिया आम सभा मे समिति की अनियमितताओ की कहानी जैसे ही सामने आई जनसमुदाय ने आम सभा का भी बहिष्कार कर दिया था.
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गिलगित और बाल्टिस्तान पर नियंत्रण करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी के बाद, चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एडीएस औजला ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।
“अगर कोई आदेश दिया जाता है तो सेना कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। हम अपनी क्षमताओं को और बढ़ा रहे हैं। औजला ने कहा कि अगर उन्हें आदेश मिल गया तो वह पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे।
औजला के पास 15 कोर हैं। उन्होंने यह बयान श्रीनगर में कोर मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के बाद पिछले 20 महीनों में भारतीय सेना की समग्र रक्षा तैयारियों को भारी बढ़ावा मिला है।
क्या कहा राजनाथ सिंह ने?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगित और बाल्टिस्तान इलाकों में पहुंचने के बाद ही कश्मीर के पूर्ण विकास का लक्ष्य हासिल किया जाएगा.
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नागरिकों को पाकिस्तान द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है और इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने यह बयान पाकिस्तान के अवैध नियंत्रण वाले क्षेत्रों की वसूली के संबंध में 1994 में संसद द्वारा पारित प्रस्ताव के संबंध में दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी जब आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं तो मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में रोते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से कश्मीरी लोगों के साथ अन्याय दूर हुआ है।
Twitter Blue Tick Chargeable: ट्विटर का मालिकाना हक हासिल करने के बाद अरबपति एलोन मस्क ने कंपनी के कुछ नियमों में बदलाव किया है। ट्विटर यूजर्स को अपना अकाउंट वेरिफाई करने के बाद ‘ब्लू टिक’ प्राप्त करने के लिए आठ डॉलर यानी लगभग 661 रुपये प्रति माह का भुगतान करना होगा।
उन्होंने यह भी ट्वीट किया कि ट्विटर का ‘ब्लू टिक’ पाने का मौजूदा सिस्टम बकवास है। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि यह शुल्क प्रत्येक देश की क्रय शक्ति के अनुसार बदल जाएगा।
मस्क ने कहा है कि ट्विटर की ‘ब्लू टिक’ सर्विस के कई फायदे होंगे। नई नीति के अनुसार “उत्तर”, “उल्लेख” और “खोज” सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यह स्पैम और घोटालों से बचने में मदद करेगा।
इसके अलावा यूजर्स बड़े वीडियो और ऑडियो भी पोस्ट कर सकेंगे। उपयोगकर्ताओं को आधे से अधिक विज्ञापनों से भी छुटकारा मिलेगा”, मस्क ने बताया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जो प्रकाशक ट्विटर के साथ काम करने के इच्छुक हैं, उन्हें ‘पेवॉल बायपास’ मिलेगा। इस बीच कंपनी कैरेक्टर लिमिट में बड़ा बदलाव कर सकती है।
ट्विटर की वर्तमान में 280 शब्द सीमा है। मस्क ने ‘कंटेंट मॉडरेशन’ नीति की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का फैसला किया है।
ट्विटर का स्वामित्व लेने के बाद, एलोन मस्क ने कुछ शीर्ष प्रबंधन अधिकारियों के साथ सीईओ पराग अग्रवाल को बाहर का रास्ता दिखाया है।
इसमें कानूनी विभाग की प्रमुख विजया गड्डे, मुख्य वित्तीय अधिकारी नेड सहगल शामिल हैं। सात हजार ट्विटर कर्मचारियों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ सकता है।
सिवनी: सिवनी में दिनांक 02 नवम्बर 2022 को सिवनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिनेश राय मुनमुन के आतिथ्य मे लाडली लक्ष्मी वाटिका का उदघाटन किया गया.
सिवनी जिला मुख्यालय के कंपनी गार्डन कचहरी चौक के सामने प्रातः 10:30 बजे से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित लाडली लक्ष्मी वाटिका का उदघाटन विधायक दिनेश राय मुनमुन के आतिथ्य में संपन्न हुआ।
लाडली लक्ष्मी वाटिका के उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद ढालसिंह बिसेन, भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक दुबे एवं कलेक्टर डा. राहुल हरिदास फटिंग आतिथि के रुप मे उपस्थित थे।
सीएम शिवराज भी हुए शामिल
लाडली लक्ष्मी वाटिका के उद्घाटन के बाद विधायक दिनेश राय मुनमुन के आतिथ्य में 11:00 बजे से दलसागर चौपाटी से काल भैरव मंदिर जिसे अब लाडली लक्ष्मी पथ के नाम से जाना जाएगा उसका उदघाटन भी किया, इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान भी वर्चुअल रूप से कार्यक्रम मे शामिल हुए।
इस अवसर पर अजय पांडे जी, श्रीमती श्वेता मिश्रा , श्रीमती पार्वती जंघेला , श्रीमती पुष्पा मेंहदीरत्ता , अंजू दीदी श्रीमती कविता शर्मा, दिलीप अग्रवाल , संजू मिश्रा , जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिजीत पचौरी , महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व महिलाओं की गरिमामय उपस्थिति रही।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कल हैदराबाद में चारमीनार के सामने तिरंगा झंडा फहराया। करीब 32 साल पहले उनके पिता और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गांधी ने भी इसी जगह से सद्भावना यात्रा शुरू की थी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, दिग्विजय सिंह, तेलंगाना प्रेस कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी उस समय मौजूद थे जब राहुल गांधी ने कल राष्ट्रीय ध्वज फहराया। भारत जोड़ी के नारे लगाने और सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ के बीच राहुल गांधी चारमीनार पहुंचे.
इस बाबत राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर कहा है कि ’32 साल पहले मेरे पिता ने चारमीनार से सद्भावना यात्रा शुरू की थी. उन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिया। सद्भावना मावता का सबसे अनूठा मूल्य है। मैं और कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी अलगाववादी ताकत के सामने नहीं गिरने देंगे।’
32 साल पहले, पापा ने चारमीनार से सद्भावना यात्रा की शुरुआत की थी। भारत की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपनी जान की क़ुर्बानी दी थी।
सद्भावना मानवता का सबसे अनुपम मूल्य है। मैं, और कांग्रेस पार्टी, इसे किसी विभाजनकारी ताक़त के सामने टूटने नहीं देंगे। pic.twitter.com/yrZU39BYpt
इस मौके पर पार्टी के झंडे के साथ चारमीनार की ओर जाने वाली सड़कों पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे. इस मौके पर राहुल गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसे मंच पर रखा गया था.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि उनके पिता राजीव गांधी ने अपनी सद्भावना यात्रा 19 अक्टूबर 1990 को उसी स्थान से शुरू की थी, जहां राहुल गांधी ने तिरंगा झंडा फहराया था। कांग्रेस हर साल इस जगह पर तिरंगा झंडा फहराती है। इस साल हम यहां 19 अक्टूबर को तिरंगा नहीं फहरा सके, इसलिए हमने मंगलवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया है।
फिल्म निर्माता और अभिनेत्री पूजा भट्ट ने बुधवार को हैदराबाद में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ी’ यात्रा में भाग लिया। तेलंगाना कांग्रेस ने ट्विटर पर भट्ट की तस्वीरें शेयर की हैं। भट्ट इस यात्रा में सांसद राहुल गांधी और तेलंगाना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उत्साह से भाग लेते नजर आ रहे हैं।
यह हुसैनी आलम, चारमीनार, मदीना सर्कल से आईमैक्स सर्कल तक इंदिरा गांधी की प्रतिमा के दर्शन के बाद आठ किलोमीटर की पैदल दूरी पर था। यात्रा के 56वें दिन बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस की यह पदयात्रा 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हो गई है. यात्रा ने तेलंगाना पहुंचने से पहले तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश से होते हुए यात्रा की है।
Warthquake In MP: मध्यप्रदेश के 6 जिलों (जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट और उमरिया) में मंगलवार सुबह भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए, जानकारी के अनुसार इस भूकंप का केंद्र मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
मध्यप्रदेश के 6 जिलों (जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट और उमरिया) में महसूस हुआ यह भूकंप सुबह 8 बजकर 43 मिनट 50 सेकेंड पर था, भूकंप का झटका महसूस होते ही लोग घबराकर अपने घरों से बाहर आ गये।
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 दर्ज हुई, भूकंप के झटके डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट और उमरिया जिले में महसूस हुए। हालांकि फिलहाल कहीं से भी किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
जबलपुर में भूकंप के झटके सबसे ज्यादा पाटन और रानी दुर्गावती समाधि स्थल के आस-पास महसूस किए गए। इसके अलावा रांझी में भी कुछ जगह पर हलचल हुई।
रांझी में रहने वाले राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि वह सो रहा था, तभी अचानक ऐसा महसूस हुआ, जैसे बेड हिला हो। वह उठकर बाहर आया तो देखा बहुत से लोग घरों के बाहर निकल आए हैं। भूकंप करीब 8.44 बजे आया था। भूकंप का केंद्र बिंदु जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर डिंडौरी जिले की ओर था।
क्लास से निकालकर खुले में ले गए बच्चों को
जिस वक्त भूकंप आया, उस दौरान स्कूल लग चुके थे। झटके महसूस होते ही स्कूल मैनेजमेंट ने तुरंत बच्चों को बाहर निकाला और खुले मैदान में ले गए। रांझी स्थित सेंट गेब्रियल स्कूल मैनेजमेंट ने तो तत्काल सभी बच्चों को क्लास से बाहर निकालकर ग्राउंड पर लेकर जाने के निर्देश दिए।
टीचरों ने तत्काल सभी को मैदान पर पहुंचाया। मेडिकल एरिया की रहने वाली एक महिला ने बताया कि धरती हिली तो मैं घबरा गई। बहुत जोर से धरती थर-थर कांप रही थी। जबलपुर कलेक्टर डॉक्टर इलैयाराजा टी का कहना है कि जबलपुर में 4.5 तीव्रता का भूकंप जरूर आया था, लेकिन इससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
Child Hair Care Tips: अगर बच्चे के बाल घुंघराले हैं तो आपके उनके बालों का विशेष ख्याल रखना पड़ता है। बच्चों के बाल कटवाना बहुत कठिन काम है, क्योंकि वे बाल कटाने के लिए तैयार नही होते हैं।
लेकिन बच्चों के बाल समय-समय पर कटाना चाहिए। छोटे बालों की देखभाल करने में आसानी होती है और वे उलझते भी नही।
बच्चे ज्यादातर बाहर खेलते हैं जिसके कारण बालों में जमा धूल-मिट्टी और प्रदूषण बालों को उलझा देते हैं। इसलिए बालों को शैंपू करने से पहले एक बार कंघी जरूर कीजिए, इससे बालों की उलझन दूर होगी और धुलते समय बाल गिरेंगे भी नहीं। यदि कंघी से बालों की उलझन खतम न हो रही हो तो स्प्रे का प्रयोग कीजिए।
Child Hair Care Tips: ठण्ड में बच्चों के बालों की ऐसे करें देखभाल
नियमित रूप से बच्चों के बालों को शैंपू कीजिए। इसके लिए माइल्ड शैंपू का प्रयोग कीजिए जो कि आंखों को नुकसान ना पहुंचाये। शैंपू आराम बच्चे के सिर पर लगाइए, इसके लिए अपनी उंगलियों का प्रयोग कीजिए ताकि शैंपू पूरे बालों में अच्छे से लग जाये। यादि आपके बच्चे के बाल लंबे हैं तो कंडीशनर का प्रयोग कीजिए। शैंपू करने के बाद बालों को अच्छी तरह सुखा दीजिए।
शैंपू करने से आपके बच्चे के बाल गीले हो जाते हैं और अगर गीले बालों पर कंघी की जाये तो वह टूटने लगते हैं। आमतौर पर घुंघराले बालों को में टूटने की समस्या ज्याद होती है। इसलिए बालों को धुलने के बाद सुखाना जरूरी है।
अपने बच्चे को भी इसकी जानकारी दीजिए और उसे बालों को सुखाने का तरीका भी बताइए। बालों को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर का प्रयोग कम कीजिए, मुलायम तौलिये का प्रयोग इसके लिए अच्छा रहेगा।
उलझे बालों को सुलझाने के लिए कंघी या फिर हेयर ब्रश का प्रयोग कीजिए। गीले बालों पर कंघी न करें, बालों को अच्छे से सुखाने के बाद ही उनपर कंघी कीजिए। नियमित रूप से बालों में कंघी कीजिए, कंघी नही करने से बाल उलझ जायेंगे जो बालों के गिरने का कारण बनेंगे।
बालों को बांधने के लिए आप क्लिप और टाई का प्रयोग करते हैं। ध्यान रहे कि आप जो क्लिप प्रयोग कर रहे हैं वह नुकीला न हो, नही तो वह आपके बच्चे के सिर पर नुकसान पहुंचा सकता है। हमेश अच्छी गुणवत्ता के ब्रश और कंघी का ही प्रयोग कीजिए।