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सिवनी: कांग्रेस नेता राजा बघेल से बदसलूकी करने वाले तीन नाबालिग आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। कांग्रेस कमेटी के सचिव और वरिष्ठ नेता राजा बघेल तथा उनके परिवार के साथ हुई बदसलूकी, छेड़छाड़ और गाली-गलौज की घटना में बड़ा अपडेट सामने आया है। डूंडासिवनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार दुर्व्यवहार करने वाले तीनो नाबालिगों को मौके पर मौजूद राजा बघेल एवं अन्य लोगों द्वारा ही साथ में डूँडासिवनी थाने लाया गया था और FIR दर्ज करवाई गई| यह कार्रवाई घटना के तुरंत बाद की गई।

जानकारी के अनुसार बदसलूकी करने वाले तीनों नाबालिग आरोपी को सिवनी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार शाम राजा बघेल अपनी पत्नी के साथ बाबरिया रोड पर टहलने निकले थे, तभी कुछ बाइकर्स ने उन्हें निशाना बनाते हुए अभद्र टिप्पणी, छेड़छाड़ और गाली-गलौज की थी। स्थिति को बिगड़ते देख, वहां मौजूद राहगीरों ने बीच-बचाव किया और कुछ लोगों ने आरोपियों की पिटाई भी कर दी थी।

थाना डूँडासिवनी पुलिस द्वारा इन नाबालिगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।

राजा बघेल ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में अनुशासन और कानून का भय बनाए रखना बेहद जरूरी है। वहीं इस घटना ने सिवनी में युवाओं के बिगड़ते रवैये और असामाजिक गतिविधियों को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।

सिवनी: कांग्रेस नेता राजा बघेल और उनके परिवार से बाइकर्स ने की बदसलूकी, मामला पहुंचा थाने!

सिवनी। शहर के बाबरिया रोड पर शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब कांग्रेस कमेटी के सचिव और वरिष्ठ नेता राजा बघेल के साथ कुछ अराजक बाइकर्स ने बदसलूकी, छेड़छाड़ और गाली-गलौज की घटना को अंजाम दिया। इस घटना से न केवल बघेल परिवार आहत हुआ, बल्कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम राजा बघेल अपनी पत्नी के साथ नियमित इवनिंग वॉक पर निकले थे। तभी कुछ युवकों ने, जो बाइक पर सवार थे, उन्हें रास्ते में रोककर पहले अभद्र टिप्पणी की और फिर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार पर उतर आए।

राजा बघेल ने घटना के दौरान अपना परिचय देते हुए शांति बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन आरोपी युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। उल्टे उन्होंने और अधिक उग्र व्यवहार दिखाना शुरू कर दिया।

स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों ने हस्तक्षेप किया और बाइकर्स को रोका। जनता की फटकार और मारपीट के बाद बाइकर्स मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये युवक जनता नगर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।

समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार राजा बघेल ने इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी और थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

इस घटना के बाद सिवनी में आम लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल बन गया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। वहीं, राजा बघेल ने अपने बयान में कहा कि “हम सब कानून के दायरे में रहकर काम करते हैं, लेकिन अगर आम नागरिक और जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं तो यह बेहद चिंता का विषय है।”

सिवनी: बाघ ने 17 साल के बालक को बनाया शिकार, ग्रामीणों ने NH 44 सड़क कर दी जाम

सिवनी : सिवनी ज़िले के कुरे क्षेत्र अंतर्गत बावनथड़ी गांव के जंगलों में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक बाघ ने कथित रूप से एक किशोर लड़के पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो देर शाम तक जारी रहा।

पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनेश सिंह ने बताया कि मृतक किशोर की पहचान सुमित पांद्रे के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 16 से 20 वर्ष बताई जा रही है। सुमित अपने गांव बावनथड़ी से मवेशी चराने के लिए जंगल गया था, तभी एक बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसकी जान ले ली

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया NH-44 जाम

इस भयावह हमले की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की स्थिति देर शाम तक बनी रही और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने की सुरक्षा की मांग

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि यह कोई पहली घटना नहीं है। वन विभाग की लापरवाही के चलते बाघ अक्सर आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं, जिससे ग्रामीणों की जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बाघ को तत्काल किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाने की मांग की।

4-5 घंटे चला विरोध प्रदर्शन, दिया गया आश्वासन

हालांकि, मौके पर पहुंचे प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बाघ को जल्द ही रेस्क्यू कर किसी अन्य स्थान पर भेजा जाएगा, इसके बावजूद प्रदर्शन लगभग 4 से 5 घंटे तक चलता रहा। इसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और जाम हटाया गया।

सिवनी: बरघाट में केंद्रीय विद्यालय संचालन को मिली मंजूरी, इसी सत्र से शुरू होगा स्कूल

भारत सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 से केंद्रीय विद्यालय, बरघाट (सिवनी) एवं केंद्रीय विद्यालय, तिरोड़ी (बालाघाट) में शिक्षण प्रारंभ करने की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। यह निर्णय डॉ. ढालसिंह बिसेन जी के सतत प्रयासों का प्रतिफल है, जिन्होंने संसद में अपने कार्यकाल के दौरान इन विद्यालयों की स्वीकृति हेतु लगातार संवाद और पत्राचार किया।

केंद्रीय विद्यालय बरघाट : सिवनी जिले के लिए शिक्षा में नया अध्याय

बरघाट (जिला सिवनी) में केंद्रीय विद्यालय के संचालन की स्वीकृति एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है। विद्यालय का संचालन “उत्कृष्ट विद्यालय कैंपस, वार्ड क्रमांक 11, मूंडापार, बरघाट” में अस्थायी भवन से किया जाएगा। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) को आधिकारिक रूप से स्थल सौंपा जा चुका है।

इस विद्यालय में प्रारंभिक तौर पर कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई शुरू होगी। भविष्य में स्थायित्व और संसाधन उपलब्धता के अनुसार उच्च कक्षाओं की भी शुरुआत की जाएगी। इससे न केवल सिवनी जिले के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी, बल्कि माता-पिता को अपने बच्चों को दूरस्थ नगरों में भेजने की बाध्यता से भी मुक्ति मिलेगी।

संसदीय कार्यकाल में डॉ. ढालसिंह बिसेन की दूरदृष्टि और प्रयास

केंद्रीय विद्यालय खोलने की दिशा में डॉ. ढालसिंह बिसेन जी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र बालाघाट और उससे लगे सिवनी जिले के लिए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग को माननीय केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा।

उनके द्वारा किए गए लगातार संवाद, प्रतिनिधिमंडल के साथ भेंट और पत्राचार के माध्यम से यह प्रयास आज रंग लाया है। यह निर्णय न केवल शिक्षा की दिशा में प्रगति का प्रतीक है बल्कि एक राजनीतिक प्रतिबद्धता और जनसेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

भविष्य के लिए योजना : सीपीडब्ल्यूडी द्वारा डीपीआर निर्माण

केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) बनाने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं।

  • बरघाट (जेवनारा) एवं तिरोड़ी दोनों स्थलों पर भवन निर्माण की योजना तैयार की जा रही है।
  • इसमें प्रशिक्षण भवन, प्रयोगशालाएं, खेल मैदान, पुस्तकालय, एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया जाएगा।
  • भवन निर्माण की प्रक्रिया भूमि हस्तांतरण और स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत शीघ्र शुरू कर दी जाएगी।

कैबिनेट की स्वीकृति : 6 दिसंबर 2024 का ऐतिहासिक निर्णय

6 दिसंबर 2024 को हुई कैबिनेट बैठक में दोनों विद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई थी। यह एक ऐसा निर्णय था जिसका इंतजार वर्षों से क्षेत्र की जनता कर रही थी। इस निर्णय से न केवल शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

केंद्रीय विद्यालय : गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का आश्वासन

केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा संचालित विद्यालयों को देश में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और समग्र विकास के लिए जाना जाता है। इन विद्यालयों में:

  • सीबीएसई पाठ्यक्रम का पालन होता है
  • कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, लाइब्रेरी, और खेल गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं
  • शिक्षकों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार की जाती है

बरघाट और तिरोड़ी जैसे अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में इन विद्यालयों की स्थापना से वहां के छात्र भी अब प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

स्थानीय जनता की सराहना और भावनात्मक जुड़ाव

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में इस घोषणा के बाद से उत्साह और संतोष की भावना देखी जा रही है। उन्होंने लंबे समय तक केंद्रीय विद्यालयों की मांग की थी और अब उनके बच्चों को घर के पास ही केंद्रीय विद्यालय में अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा।

यह निर्णय खासतौर पर उन परिवारों के लिए वरदान साबित होगा जो संबंधित जिलों के ग्रामीण या पिछड़े क्षेत्रों में निवास करते हैं और सीमित संसाधनों में अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का सपना देखते थे।

शिक्षा में समावेशी विकास की ओर बढ़ता कदम

बरघाट और तिरोड़ी में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि यह समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा की दिशा में एक सशक्त कदम है। यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की समानता लाने और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

यदि समयबद्ध ढंग से निर्माण कार्य और संसाधनों की व्यवस्था पूरी की जाती है, तो ये दोनों विद्यालय आगामी वर्षों में राज्य और देश के श्रेष्ठ विद्यालयों की श्रेणी में स्थान प्राप्त कर सकते हैं।

सिवनी: असफाक खान, भुरू, शमशेर और सरीफा पर FIR दर्ज, बारापत्थर क्षेत्र में हुए खूनी संघर्ष की मुख्य वजह आई सामने

दिनांक 19 जून 2025 को शाम के समय लगभग 5:45 बजे, सिवनी जिले के सी.व्ही. रमन वार्ड, आशा विला-2 कॉलोनी निवासी एक मेडिकल व्यवसायी के साथ न्यू भारती मेडिकल स्टोर्स, शास्त्री वार्ड, प्रशांत गैस एजेंसी के पास गंभीर मारपीट एवं धमकी की घटना घटित हुई। यह हमला न सिर्फ अचानक था, बल्कि योजनाबद्ध प्रतीत होता है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब मेडिकल स्टोर्स पर एक व्यक्ति और दो महिलाएं डॉक्टर ज्योति झारिया द्वारा लिखी गई दवाओं की पर्ची लेकर दुकान पर पहुँचे। दवाइयों की जानकारी पूछने पर जब दुकान संचालक ने उत्तर दिया कि विस्तृत जानकारी डॉक्टर से प्राप्त करें, तब उस व्यक्ति ने बेहद अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए कहा – “क्या माँ चुदवाने के लिए मेडिकल खोला है?”

दुकानदार को धमकी और दुकान पर हमला

दुकानदार ने जब आपत्तिजनक भाषा का विरोध किया और दवाइयाँ देने से मना किया, तो वह व्यक्ति गाली-गलौच करने लगा। विवाद बढ़ता देख दुकान मालिक अतुल मिश्रा ने हस्तक्षेप करते हुए दवा देने को कहा, लेकिन दवाइयाँ लेते समय ही वह व्यक्ति गंभीर धमकी देता है – “पूरे मोहल्ले में आग लगा दूँगा।” इस पर पुनः दवाइयाँ देने से मना कर दिया गया, जिसके बाद वह व्यक्ति “देख लेने” की धमकी देता हुआ वहाँ से चला गया।

दूसरे हमले की योजना और क्रियान्वयन

शाम लगभग 5:45 बजे, पीड़ित और उसका सहयोगी नीलेश झारिया दुकान में मौजूद थे कि वही व्यक्ति दो अन्य व्यक्तियों के साथ दुकान में घुस आया। साथ में पहले आई महिला सरीफा भी थी। महिला ने जैसे ही दुकान मालिक को देखा, उसने कहा – “यही है दुकान का मालिक, इसको खींचो।”

इसके बाद सरीफा ने झापड़ मारा, और तीनों व्यक्ति हाथ-मुक्कों, लाठी और कैंची से दुकानदार पर हमला करने लगे। बचने की कोशिश में वह गिर पड़े, लेकिन हमलावरों ने उन्हें गिराकर पीटना जारी रखा।

हमले में घायल हुए तीन लोग – गंभीर चोटें

इस बर्बर हमले में दुकानदार को बाँये कान, छाती, पीठ, कलाई और दोनों घुटनों में गंभीर चोटें आईं। साथी कर्मचारी नीलेश झारिया को कैंची से दाहिनी भुजा में चोट पहुँची जबकि अतुल मिश्रा को बांयी कोहनी के नीचे गंभीर घाव लगा।

हमलावरों ने जाते-जाते धमकी दी – “हमसे मत उलझना, वरना जान से खत्म कर देंगे।”

सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से हमलावरों की पहचान

घटना के तुरंत बाद दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज निकालकर परिचितों को दिखाया गया। फुटेज और जानकारी के आधार पर हमलावरों की पहचान असफाक खान, भुरू, शमशेर और महिला सरीफा के रूप में हुई। घटना को अजय मिश्रा, दिलीप राय, रतन राय और टिंकू खरे ने भी प्रत्यक्ष रूप से देखा। प्राप्त जानकारी के अनुसार हमलावरों पर BNS की धारा 296, 115 (2), 118(1), 351 (2), 3 (5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है.

पीड़ितों का जिला अस्पताल में उपचार और थाने में रिपोर्ट दर्ज

घटना के तुरंत बाद तीनों पीड़ित जिला अस्पताल सिवनी गए और इलाज कराया। तत्पश्चात अतुल मिश्रा के साथ थाना जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। हमलावरों की गिरफ्तारी एवं दंडात्मक कार्रवाई की माँग की गई है।

यह भी पढ़ें: सिवनी: बारापत्थर क्षेत्र में धारदार हथियार से हमला, तीन घायल – VIDEO VIRAL

घटना पर स्थानीय समुदाय में आक्रोश – सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस प्रकार की दिनदहाड़े हिंसक घटना ने स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश पैदा किया है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि मेडिकल जैसे जनसेवा से जुड़े व्यवसाय पर इस तरह खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस प्रकार के हमलावरों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा जाएगी

मांग – हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और मेडिकल व्यवसायियों की सुरक्षा

पीड़ित पक्ष एवं स्थानीय व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि:

  • सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए
  • मेडिकल दुकानों की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस गश्त का प्रबंध हो।

यह मामला केवल एक व्यक्ति या दुकान का नहीं, बल्कि सिवनी जैसे शांतिप्रिय नगर में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों का प्रतीक बन गया है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह दूसरे व्यवसायियों के लिए भी खतरे की घंटी हो सकती है। हम प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार का दुस्साहस न कर सके।

सिवनी: बारापत्थर क्षेत्र में धारदार हथियार से हमला, तीन घायल – VIDEO VIRAL

सिवनी। शहर के बारापत्थर क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक क्लीनिक के सामने कुछ अज्ञात युवकों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। यह घटना ज्योति झरिया डॉक्टर के घर के सामने स्थित क्लीनिक के बाहर हुई, जिसमें तीन लोगों के घायल होने की खबर है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर अचानक क्लीनिक के बाहर आए और बिना किसी पूर्व चेतावनी के हमला कर दिया। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए हैं|

पीड़ित पक्ष ने घटना की सूचना तुरंत कोतवाली थाने को दी और FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। समाचार लिखे जाने तक विवाद का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, जिससे तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और घटनास्थल की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि FIR दर्ज होते ही मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

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सिवनी: महामाया वार्ड में 10 मिनिट की बारिश से बना वार्ड के अन्दर तालाब; नगरपालिका की खुली पोल

सिवनी– सिवनी जिले में आज शाम करीब 10 मिनट तक हुई तेज़ बारिश ने नगरपालिका सिवनी की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। महामाया वार्ड की हालत इस बारिश के बाद बद से बदतर हो गई। टूटी और अव्यवस्थित नालियों की वजह से सड़कों से लेकर लोगों के घरों तक में गंदा पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि महामाया वार्ड, जो नगरपालिका सिवनी के अंतर्गत आता है, वहां की नालियों की दशा पहले से ही जर्जर स्थिति में है। मात्र 10 मिनट की बारिश में ही पूरा मोहल्ला जलमग्न हो गया और नालियों का गंदा पानी घरों में घुस गया. महामाया वार्ड में यह आलम सिर्फ इस बारिश में नहीं है बल्कि हर वर्ष बारिश में यहाँ यही हाल होता है.

स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूर्व में अनेकों बार पार्षद और नगर पालिका अध्यक्ष से शिकायत दर्ज की जा चुकी है। वार्डवासियों ने बार-बार नालियों के निर्माण व मरम्मत की मांग की है, लेकिन आज तक न तो वार्ड पार्षद ने और न ही नगरपालिका प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया।अब जबकि मानसून ने दस्तक दे दी है, लोगों को हर बार बारिश होने पर इसी समस्या से दो-चार होना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन हैं।

एक निवासी ने बताया, “हमने कई बार शिकायत की, पार्षद से लेकर नगरपालिका तक सभी को अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हमें डर है कि बरसात का पूरा मौसम इसी तरह बीतेगा और गंदा पानी घरों में घुसता रहेगा।”

इस स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सिवनी नगरपालिका की व्यवस्था सिर्फ कागजों पर ही सक्रिय है, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। यदि जल्द कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो बारिश का यह मौसम गांधी वार्ड के नागरिकों के लिए नरक समान हो सकता है।

प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र नालियों की मरम्मत और जल निकासी की समुचित व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

सिवनी नगरपालिका बनी नरकपालिका: 10 मिनिट की बारिश ने खोल दी पोल; गांधी वार्ड के हाल बेहाल

सिवनी, 19 जून – सिवनी जिले में आज शाम करीब 10 मिनट तक हुई तेज़ बारिश ने नगरपालिका सिवनी की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। गांधी वार्ड की हालत इस बारिश के बाद बद से बदतर हो गई। टूटी और अव्यवस्थित नालियों की वजह से सड़कों से लेकर लोगों के घरों तक में गंदा पानी भर गया, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि गांधी वार्ड, जो नगरपालिका सिवनी के अंतर्गत आता है, वहां की नालियों की दशा पहले से ही जर्जर स्थिति में है। मात्र 10 मिनट की बारिश में ही पूरा मोहल्ला जलमग्न हो गया और नालियों का गंदा पानी घरों में घुस गया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूर्व में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज की जा चुकी है। वार्डवासियों ने बार-बार नालियों के निर्माण व मरम्मत की मांग की है, लेकिन आज तक न तो वार्ड पार्षद ने और न ही नगरपालिका प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया।अब जबकि मानसून ने दस्तक दे दी है, लोगों को हर बार बारिश होने पर इसी समस्या से दो-चार होना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन हैं।

एक निवासी ने बताया, “हमने कई बार शिकायत की, पार्षद से लेकर नगरपालिका तक सभी को अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हमें डर है कि बरसात का पूरा मौसम इसी तरह बीतेगा और गंदा पानी घरों में घुसता रहेगा।”

इस स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सिवनी नगरपालिका की व्यवस्था सिर्फ कागजों पर ही सक्रिय है, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। यदि जल्द कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो बारिश का यह मौसम गांधी वार्ड के नागरिकों के लिए नरक समान हो सकता है।

प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र नालियों की मरम्मत और जल निकासी की समुचित व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।