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सिवनी: नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन वार्डों में जाकर की जा रही SAMAGRA E-KYC

सिवनी नगर पालिका सीएमओ विशाल सिंह मस्कोले ने नागरिकों से ई केवायसी कराने का किया आग्रह: मध्य प्रदेश शासन द्वारा चलाये जा रहे KYC महाअभियान अंतर्गत नगर पालिका परिषद सिवनी द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2025 से से लगातार निकाय अंतर्गत समग्र ई-केवायसी अभियान चलाया जा रहा हैं जिसमें नगर के 24 वार्डो में वार्ड प्रभारियों एवं सहयोगियो द्वारा घर घर जाकर आम नागरिकों की ई-केवायसी की जा रही हैं जिससे शहर के नागरिको को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने में कठिनाई ना हो।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी विशाल सिंह मस्कोले ने नगर वासियों से अपील की है कि सभी अपने परिवार का ई-केवायसी कराये. उन्होंने बताया कि समग्र ई.केवाईसी नहीं होने पर आपको निम्लिखित लाभ नहीं मिलेगा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

प्रधानमंत्री फसल बिमा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आय प्रमाण पत्र के आवेदन नहीं कर पाएंगे। जाति प्रमाण पत्र के आवेदन नहीं कर पाएंगे। स्थाई निवासी प्रमाण पत्र के आवेदन नहीं कर पाएंगे। लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। छात्रवृति पोर्टल पर पंजीयन नहीं होगा। राशन मिलना बंद हो जायेगा। संबल योजना का लाभ नहीं मिलेगा। रोजगार पंजीयन नहीं होगा। अतः सभी अपने पूरे परिवार कि समग्र ई-केवाईसी जरुर करवायें।

सिवनी नगर पालिका द्वारा दुकानों के सामने गंदगी फैलाने पर दुकान संचालकों पर की गई चालानी कार्यवाही

सिवनी: दिनांक 22 मई 2025 को मुख्य नगरपालिका अधिकारी विशाल सिंह मस्कोले के निर्देशन में नगर पालिका स्वास्थ्य विभाग अमले के द्वारा दादू धर्मशाला, भगत सिंह वार्ड सिवनी स्थित दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि दुकानदार द्वारा दुकानों के सामने पालीथिन व अन्य सामग्री फेंकी गई है।

जिस पर स्वास्थ्य विभाग के अमले स्वच्छता पर्यवेक्षक श्री अभय बघेल, संबंधित वार्ड के प्रभारी रितेश डागोर और योगेश लाहोरिया द्वारा सफाई का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों जिसमें प्रतीक सदाफल, नीरज किराना दुकान, राजेश किराना, निखिल हिन्दुजा एवं जय गणेश किराना दुकान के उपर सड़को में गंदगी फैलाने पर 100-100 का जुर्माना लगाया गया कुल 500 रूपये की चालानी कार्यवाही की गई।

वहीं सायं के समय चौपाटी क्षेत्र में स्वच्छता पर्यवेक्षक सुंशात पांडे, प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक राज पवमें, वार्ड प्रभारी नीरज गोदरे, पन्ना बघेले एवं तुलसी करोसिया द्वारा दुकानों का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान दुकानों के सामने गंदगी पाये जाने पर 19 दुकानदारों पर कुल 1900 रूपये की चालानी कार्यवाही की गई एवं उन्हे गंदगी न करने की समझाईश भी दी गई। इस प्रकार जोन 01 एवं जोन 02 में कुल 2400 रूपये की चालानी कार्यवाही की गई।

सीएमओ विशाल सिंह मस्कोले ने नगर वासियों एवं दुकानदारों से अपील की है कि सड़को में गंदगी न फैलाये नगर को स्वच्छत एवं सुंदर बनाने में सहयोग प्रदान करें सफाई का उल्लंघन करने पर यह चालानी कार्यवाही की जावेगी।

मोगली थीम पर बना सिवनी रेलवे स्टेशन: पीएम मोदी ने 103 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का किया लोकार्पण

Seoni Railway Station News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM NARENDRA MODI) ने देशभर के 103 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करते हुए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सिवनी (SEONI) जिले में स्थित रेलवे स्टेशन को नया जीवन प्रदान किया है।

सिवनी का यह स्टेशन अब न सिर्फ एक यात्रा का माध्यम है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और प्रकृति की अनोखी झलक प्रस्तुत करता है। 14.46 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्टेशन को ‘द जंगल बुक’ के पात्र मोगली की थीम पर विकसित किया गया है, जिससे सिवनी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना प्रबल हुई है।

सिवनी रेलवे स्टेशन: अब एक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र

सिवनी रेलवे स्टेशन को अब सिर्फ एक ट्रांजिट प्वाइंट नहीं, बल्कि एक पर्यटन आकर्षण के रूप में देखा जाएगा। स्टेशन का पूरा ढांचा और डिज़ाइन स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जैव विविधता, और पेंच टाइगर रिजर्व की महत्ता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

पेंच टाइगर रिजर्व, जो रुडयार्ड किपलिंग की “द जंगल बुक” की प्रेरणा स्थली है, के पास स्थित यह स्टेशन आज एक थीम आधारित रेलवे हब बन चुका है।

बच्चों की कला और लोक संस्कृति का संगम

इस अवसर पर सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इस स्टेशन को खास बनाने में स्थानीय बच्चों की कला का विशेष योगदान रहा। उन्होंने “जंगल जंगल बात चली है…” गीत की थीम पर चित्रकारी कर स्टेशन की दीवारों को जीवंत कर दिया। इससे सिवनी को एक नयी पहचान मिली है और यह अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस नया स्टेशन

सिवनी रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे यात्रियों को एक सुविधाजनक और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।

प्रमुख सुविधाएँ:

  • प्रवेश द्वार का विस्तार: यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्य गेट को चौड़ा और सुंदर बनाया गया है।
  • नई पार्किंग सुविधा: दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग का निर्माण।
  • स्वचालित लिफ्ट और एस्केलेटर: बुजुर्ग और विकलांग यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए।
  • वातानुकूलित प्रतीक्षालय: गर्मी और बरसात में आरामदायक इंतजार के लिए सुविधाजनक वेंटिलेशन।
  • LED प्रकाश व्यवस्था: रात में उजाले के साथ ऊर्जा की बचत।
  • सीसीटीवी कैमरे और हाई मास्ट लाइटिंग: सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली।

हरित क्षेत्र और जैव विविधता की झलक

रेलवे स्टेशन के परिसर में हरित क्षेत्र और बगीचों का भी विकास किया गया है। यहाँ लगाए गए पौधे और झाड़ियाँ न सिर्फ पर्यावरण की रक्षा करते हैं बल्कि स्टेशन को एक आकर्षक लुक भी प्रदान करते हैं। साथ ही पेंच टाइगर रिजर्व की प्रेरणा से टाइगर थीम आधारित भित्ति चित्र दीवारों को सजाते हैं, जो यात्रियों के लिए एक दृश्यात्मक अनुभव बनाता है।

विकास और परंपरा का संगम: रेलवे प्रबंधन की भूमिका

मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि सिवनी रेलवे स्टेशन का यह नया रूप विकास और परंपरा का अद्वितीय संगम है। इस परियोजना में स्थानीय कलाकारों, अभियंताओं और वास्तुविदों की रचनात्मक भूमिका रही है। उन्होंने स्थानीय पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक टेक्नोलॉजी का बेहतरीन उपयोग किया है।

सिवनी: जंगल बुक से लेकर पर्यटन हब तक का सफर

सिवनी जिला, जो वर्षों से केवल ‘द जंगल बुक’ के संदर्भ में जाना जाता था, अब एक राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। सिवनी रेलवे स्टेशन का यह कायाकल्प ना केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प, और शिक्षा क्षेत्र में भी योगदान करेगा।

यात्रियों के लिए सेल्फी प्वाइंट और इंफो सेंटर

स्टेशन पर यात्रियों के लिए सेल्फी पॉइंट्स, डिजिटल सूचना केंद्र, और इंटरैक्टिव डिस्प्ले बोर्ड्स लगाए गए हैं, जो न सिर्फ स्टेशन की जानकारी देंगे बल्कि सिवनी के इतिहास, संस्कृति और पर्यटन स्थलों की भी जानकारी प्रदान करेंगे।

स्वच्छता और सौंदर्य का ध्यान

रेलवे स्टेशन पर विशेष ध्यान स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं पर दिया गया है। स्टेशन में स्वच्छ शौचालय, डस्टबिन, साफ-सफाई के लिए स्मार्ट उपकरण और बायो टॉयलेट्स का निर्माण किया गया है। स्टेशन का वातावरण पूर्णत: पर्यावरण-अनुकूल और यात्री-मित्र बनाया गया है।

एक नई शुरुआत, एक नया सिवनी

सिवनी रेलवे स्टेशन का यह थीम आधारित परिवर्तन न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन चुका है कि कैसे एक स्टेशन पर्यटन, संस्कृति, आधुनिकता और स्वच्छता का आदर्श बन सकता है।

यह पहल निश्चित ही स्थानीय जनता के गर्व, यात्रियों के अनुभव और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मानसून में ऑयली स्किन से पाना चाहते हो छुटकारा तो अपनाये ये 5 आसान और जरूरी टिप्स

मानसून का मौसम जहां एक तरफ सुकून और ठंडक लाता है, वहीं दूसरी ओर यह त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी लेकर आता है, खासकर ऑयली स्किन (Oily Skin) वालों के लिए। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे त्वचा चिपचिपी और तैलीय हो जाती है।

इससे मुंहासे (Acne), ब्लैकहेड्स (Blackheads) और पोर्स (Pores) में गंदगी भरने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यदि आप भी मानसून के दौरान तैलीय त्वचा से परेशान हैं, तो इस लेख में दिए गए 5 असरदार उपाय (5 Essential Tips) आपकी त्वचा को साफ (Clear), फ्रेश (Fresh) और हेल्दी (Healthy) बनाए रखने में मदद करेंगे।

हल्के और जेल-बेस्ड क्लींजर से करें चेहरा साफ

ऑयली स्किन को साफ और ऑयल-फ्री बनाए रखने के लिए सबसे जरूरी है एक अच्छे क्लींजर का इस्तेमाल। मानसून में दिन में कम से कम दो बार चेहरा धोना जरूरी होता है ताकि त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी हट सके। ऐसे क्लींजर चुनें जिनमें सैलिसिलिक एसिड, टी ट्री ऑयल या नीम जैसे तत्व हों। ये त्वचा के रोमछिद्रों को बंद होने से रोकते हैं और मुंहासों की संभावना को कम करते हैं।

सुझाव:

  • सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले चेहरा जरूर धोएं।
  • अत्यधिक झाग वाले या हार्श क्लींजर से बचें, ये त्वचा को रूखा बना सकते हैं जिससे और अधिक तेल बनता है।

ऐस्ट्रिंजेंट टोनर से करें पोर्स को टाइट

टोनर का इस्तेमाल स्किनकेयर रूटीन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए, खासकर मानसून में। टोनर चेहरे के पोर्स को टाइट करता है और बचे हुए ऑयल और धूल को हटा देता है। ऐसे टोनर का चयन करें जो एल्कोहल-फ्री हो और जिसमें विच हेज़ल, गुलाब जल या ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट मौजूद हो। ये त्वचा को सॉफ्ट बनाते हैं और जलन भी नहीं करते।

सुझाव:

  • हर फेसवॉश के बाद टोनर का प्रयोग करें।
  • कॉटन पैड की मदद से टोनर को चेहरे पर लगाएं ताकि यह अच्छी तरह से अवशोषित हो सके।

ऑयल-फ्री मॉइश्चराइज़र का करें सही चुनाव

अक्सर लोग मानते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइश्चराइज़र की ज़रूरत नहीं होती, जो कि एक आम ग़लतफ़हमी है। वास्तव में, त्वचा को हाइड्रेटेड रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे मॉइश्चराइज़र का चुनाव करें जो नॉन-कॉमेडोजेनिक और ऑयल-फ्री हो। जेल-बेस्ड या वॉटर-बेस्ड मॉइश्चराइज़र त्वचा को ताजगी देते हैं और बिना तैलीय बनाए हाइड्रेशन प्रदान करते हैं।

सुझाव:

  • मॉइश्चराइज़र में एलोवेरा, हयालुरोनिक एसिड या ग्लिसरीन जैसे तत्व खोजें।
  • स्किन को मॉइस्चराइज करने के बाद तुरंत सनस्क्रीन लगाना न भूलें।

4. ब्लॉटिंग पेपर्स रखें हमेशा अपने पास

मानसून की उमस भरी गर्मी में तैलीय त्वचा दिनभर चमकती रहती है। ऐसे में बार-बार चेहरा धोना संभव नहीं होता। ब्लॉटिंग पेपर्स इस स्थिति में बहुत काम आते हैं। ये चेहरे से अतिरिक्त तेल को तुरंत सोख लेते हैं और मेकअप को खराब किए बिना स्किन को फ्रेश बनाते हैं।

सुझाव:

  • ब्लॉटिंग पेपर्स को हैंडबैग में हमेशा रखें।
  • दिन में दो से तीन बार इनका प्रयोग करें, विशेषकर माथे, नाक और ठुड्डी पर।

खानपान में करें सकारात्मक बदला

त्वचा की देखभाल सिर्फ बाहरी नहीं होती, अंदरूनी पोषण भी उतना ही जरूरी है। मानसून के दौरान तैलीय और तली-भुनी चीज़ें खाने से बचें क्योंकि ये शरीर में तेल की मात्रा को बढ़ाती हैं। इसके बजाय अपनी डाइट में फाइबर युक्त फल-सब्जियां, सलाद, दही, ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे कि अखरोट और अलसी के बीज शामिल करें।

सुझाव:

  • रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
  • ग्रीन टी का सेवन करें, जो त्वचा से टॉक्सिन हटाने में मदद करता है।
  • विटामिन A, C और E से भरपूर आहार त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखता है।

मानसून में स्किन केयर को और प्रभावी कैसे बनाएं

  • हफ़्ते में दो बार स्क्रबिंग करें ताकि डेड स्किन सेल्स हट सकें।
  • फेस मास्क का इस्तेमाल करें जैसे कि मुल्तानी मिट्टी, चंदन या क्ले मास्क जो त्वचा से अतिरिक्त तेल को निकालने में सहायक होते हैं।
  • त्वचा को छूने से बचें, क्योंकि इससे बैक्टीरिया स्थानांतरित हो सकते हैं और मुंहासे हो सकते हैं।
  • नेचुरल फेस मिस्ट का उपयोग करें जो दिनभर फ्रेशनेस बनाए रखे।

मानसून में तैलीय त्वचा से छुटकारा पाना है आसा

मानसून में तैलीय त्वचा एक आम समस्या है, लेकिन थोड़ी सी जागरूकता और सही स्किनकेयर रूटीन अपनाकर आप इसे पूरी तरह नियंत्रित कर सकते हैं। ऊपर बताए गए 5 मुख्य उपाय—सॉफ्ट क्लींजर, टोनर, ऑयल-फ्री मॉइश्चराइज़र, ब्लॉटिंग पेपर और हेल्दी डाइट को अपने दैनिक जीवन में शामिल करें और देखें कि कैसे आपकी त्वचा चमकदार, फ्रेश और साफ बनी रहती है।

तैलीय त्वचा का इलाज बाहरी और अंदरूनी दोनों स्तरों पर आवश्यक है। अगर आपकी स्किन बहुत अधिक ब्रेकआउट कर रही है या पिगमेंटेशन हो रहा है, तो किसी त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श ज़रूर लें।

HOSTEL KAAND वाली नेहा सिंह राठौर पर FIR दर्ज: PM नरेंद्र मोदी को ‘जनरल डायर’ कहने का आरोप

वाराणसी से आई एक बड़ी खबर के मुताबिक, कथित होस्टल काण्ड से जाने जानी वाली यूट्यूबर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में श्री हनुमान सेना नामक सामाजिक संगठन की शिकायत पर दर्ज हुआ है। इस लेख में हम इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी देंगे, साथ ही इससे जुड़े कानूनी पक्ष, राजनीतिक प्रतिक्रिया और पूर्व घटनाओं का भी उल्लेख करेंगे।

शिकायत के अनुसार, नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “कायर” और “जनरल डायर” कहा, जिसे अत्यंत आपत्तिजनक माना गया है। यह पोस्ट देश विरोधी भावना और जातिगत विद्वेष फैलाने की आशंका के तहत दर्ज की गई है।

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की धारा 197 (1)(a), 197 (1)(d) और 353(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं विशेष रूप से सरकारी अधिकारियों के खिलाफ असम्मानजनक व्यवहार, सार्वजनिक सेवा में बाधा, और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने से संबंधित हैं।

शिकायतकर्ता कौन हैं और उनकी मांग क्या है

यह मामला श्री हनुमान सेना के अध्यक्ष द्वारा दर्ज कराया गया है। उनकी शिकायत है कि नेहा सिंह राठौर की सोशल मीडिया पोस्ट न केवल प्रधानमंत्री का अपमान करती है, बल्कि इससे सामाजिक शांति भंग हो सकती है। उन्होंने त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस तरह की भड़काऊ पोस्टों पर नियंत्रण लगाया जा सके।

वाराणसी के अलावा अन्य स्थानों पर भी शिकायतें

केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि काशी के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी नेहा सिंह राठौर के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। ये सभी शिकायतें इसी प्रकार के आरोपों पर आधारित हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और इससे जनता की भावनाएं आहत हुई हैं।

पहले भी विवादों में रह चुकी हैं नेहा सिंह राठौर

यह पहली बार नहीं है जब नेहा सिंह राठौर किसी कानूनी विवाद में फंसी हैं। अप्रैल महीने में भी हजरतगंज थाना, लखनऊ में उनके खिलाफ एक गंभीर मामला दर्ज किया गया था। उस समय का मामला पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार पर धार्मिक और जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया था।

उनका बयान था:

“पुलवामा की तरह पहलगाम का भी इस्तेमाल वोट बटोरने के लिए किया जाएगा।”

इस बयान पर कवि अभय प्रताप सिंह ने हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि नेहा सिंह राठौर के ऐसे बयान देश विरोधी हैं और इससे सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंचती है।

नेहा सिंह राठौर की पहचान और उनके विचार

नेहा सिंह राठौर एक लोकगायिका, कवयित्री और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के रूप में जानी जाती हैं। उनके द्वारा बनाए गए कई गाने और वीडियो सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर व्यंग्य करते हैं। उन्हें एक विवादास्पद हस्ती माना जाता है, जो लगातार सत्ता पक्ष के खिलाफ खुलकर बोलती हैं।

उनके समर्थक उन्हें सच्चाई की आवाज़ कहते हैं, वहीं विरोधी उन्हें साजिशकर्ता और भ्रामक प्रचारक कहते हैं। इस बार का मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसमें देश के प्रधानमंत्री पर सीधा निशाना साधा गया है।

कानूनी विश्लेषण: BNS की धाराएं क्या कहती हैं

इस मामले में जिन धाराओं का इस्तेमाल किया गया है, वे निम्नलिखित हैं:

  • धारा 197 (1)(a) – सरकारी अधिकारी के प्रति अपमानजनक वक्तव्य।
  • धारा 197 (1)(d) – जानबूझकर सार्वजनिक भावनाएं भड़काने का प्रयास।
  • धारा 353(2) – सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना।

इन धाराओं के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है और यदि दोष सिद्ध होता है, तो नेहा सिंह राठौर को लंबी अवधि तक जेल हो सकती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जनभावना

इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। बीजेपी समर्थक इसे देश के प्रधानमंत्री का अपमान मानते हैं, वहीं विपक्षी दलों के कुछ नेता इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला कह रहे हैं।

सोशल मीडिया पर दो वर्ग बन गए हैं – एक वर्ग नेहा के समर्थन में है तो दूसरा उनके खिलाफ। #IStandWithNeha और #ArrestNehaSinghRathore जैसे ट्रेंड्स ट्विटर पर छाए हुए हैं।

सोशल मीडिया पर प्रभाव और यूजर्स की प्रतिक्रिया

नेहा सिंह राठौर की सोशल मीडिया उपस्थिति काफी मजबूत है। उनके यूट्यूब चैनल और ट्विटर पर लाखों फॉलोवर्स हैं। उनकी हर पोस्ट पर हजारों की संख्या में प्रतिक्रियाएं आती हैं। यह मामला भी इंटरनेट पर वायरल हो गया है और इससे जुड़ी क्लिप्स तेजी से शेयर की जा रही हैं।

क्या कहती हैं नेहा सिंह राठौर

अब तक नेहा सिंह राठौर की तरफ से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, उनके कुछ समर्थकों ने दावा किया है कि नेहा ने जो भी कहा वह व्यंग्यात्मक शैली में था और उसका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम देशहित

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं तय होनी चाहिए? जब कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर जनता के प्रतिनिधियों के खिलाफ तीखी टिप्पणी करता है, तो वह सत्य की आवाज़ है या विघटनकारी सोच?

नेहा सिंह राठौर का मामला भारत में सार्वजनिक अभिव्यक्ति और कानून की सीमाओं के बीच के संघर्ष को उजागर करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस कानूनी लड़ाई का अंत किस रूप में होता है।

2025 में धमाका मचाने वाली Kia Clavis EV, Maruti e Vitara के साथ TOP 5 इलेक्ट्रिक कार

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य 2025 में एक नया मोड़ लेने जा रहा है। जैसे-जैसे सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही है, वैसे-वैसे कार निर्माता कंपनियां भी अपने ईवी पोर्टफोलियो को मजबूत कर रही हैं। Tata Motors, Mahindra, Hyundai, MG, और Kia जैसी कंपनियों ने पहले ही बाज़ार में अपनी पकड़ बना ली है। अब Maruti Suzuki भी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e Vitara के साथ इस दौड़ में उतरने जा रही है।

2025 में जिन प्रमुख इलेक्ट्रिक कारों का लॉन्च होना तय है, वे न केवल रेंज के मामले में दमदार होंगी बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजाइन और फीचर्स के मामले में भी बेहद उन्नत होंगी। आइए जानते हैं 2025 में भारत में लॉन्च होने वाली टॉप इलेक्ट्रिक कारों के बारे में।

Tata Harrier EV – टाटा की पावरफुल एसयूवी का इलेक्ट्रिक अवतार

  • लॉन्च डेट: 3 जून 2025
  • रेंज: 500+ किलोमीटर (अपेक्षित)

Tata Harrier EV का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था और अब इसकी लॉन्च डेट तय हो चुकी है। यह इलेक्ट्रिक SUV मौजूदा ICE Harrier की तुलना में अधिक तकनीकी सुविधाओं और पावर के साथ आएगी। इसमें Tata की Gen 2 EV आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया गया है जिससे इसकी परफॉर्मेंस और रेंज में सुधार होगा।

Tata Harrier EV के मुख्य फीचर्स:

  • ADAS (Advanced Driver Assistance Systems)
  • Panoramic Sunroof
  • Fast Charging सपोर्ट
  • Connected Car टेक्नोलॉजी
  • डुअल मोटर ऑल-व्हील ड्राइव ऑप्शन

Kia Clavis EV – स्टाइलिश डिज़ाइन और दमदार रेंज का कॉम्बिनेशन

  • रेंज: 400–500 किलोमीटर (अनुमानित)
  • लॉन्च: 2025 के मध्य तक

Kia Clavis का ICE वर्जन पहले ही लॉन्च हो चुका है और अब कंपनी इसका इलेक्ट्रिक वर्जन लाने की तैयारी कर रही है। यह कॉम्पैक्ट एसयूवी शहरी ग्राहकों के लिए आदर्श विकल्प बन सकती है। किआ की ओर से यह एक प्रीमियम ईवी होने वाली है जिसमें डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और एडवांस इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलने की उम्मीद है।

Kia Clavis EV के मुख्य फीचर्स:

  • किआ की सिग्नेचर Tiger Nose ग्रिल
  • LED हेडलैंप्स और DRLs
  • रियर डिस्क ब्रेक
  • वायरलेस चार्जिंग
  • OTA अपडेट्स सपोर्ट

Mahindra XUV 3X0 EV – सबसे किफायती इलेक्ट्रिक SUV

  • रेंज: 456 किलोमीटर तक
  • लॉन्च: 2025 के अंत तक

Mahindra XUV 3X0 EV, XUV400 का इलेक्ट्रिक उत्तराधिकारी होगा। यह कंपनी की सबसे सस्ती ईवी होगी लेकिन फीचर्स और परफॉर्मेंस में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसे Born EV Platform पर नहीं बल्कि मौजूदा प्लेटफॉर्म पर आधारित रखा जाएगा ताकि लागत कम रहे।

Mahindra XUV 3X0 EV के मुख्य फीचर्स:

  • रीजेनरेटिव ब्रेकिंग
  • 10.25-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
  • डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर
  • लेवल-2 ADAS फीचर्स
  • 50kW DC फास्ट चार्जिंग

Maruti Suzuki e Vitara – मारुति की पहली इलेक्ट्रिक SUV

  • लॉन्च: सितंबर 2025
  • बैटरी ऑप्शन: 48.8kWh और 61.1kWh

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki भी अब EV सेगमेंट में कदम रखने जा रही है। e Vitara को Bharat Mobility Global Expo 2024 में पहली बार शोकेस किया गया था। यह गाड़ी भारत में कंपनी की पहली मास-मार्केट EV होगी।

Maruti Suzuki e Vitara में उपलब्ध बैटरी वैरिएंट्स:

  • 48.8kWh बैटरी पैक – रेंज लगभग 400 km
  • 61.1kWh बैटरी पैक – रेंज 550 km तक

Maruti Suzuki e Vitara के मुख्य फीचर्स:

  • ऑल-इलेक्ट्रिक आर्किटेक्चर
  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल
  • ड्यूल-टोन एक्सटीरियर डिजाइन
  • रियर पार्किंग कैमरा
  • वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट

Hyundai Creta EV – भारत में ह्युंडई की सबसे प्रतीक्षित EV

  • लॉन्च: दिवाली 2025
  • रेंज: 450 किलोमीटर तक

Hyundai Creta EV भारत में कंपनी की सबसे बड़ी हिट ICE SUV का इलेक्ट्रिक वर्जन होगा। इस EV में E-GMP प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा जिससे इसकी ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में जबरदस्त सुधार मिलेगा। इसकी कीमत ₹15 लाख से ₹20 लाख के बीच रहने की उम्मीद है।

Hyundai Creta EV के मुख्य फीचर्स:

  • ADAS फीचर्स (लेन असिस्ट, ऑटो ब्रेकिंग आदि)
  • वेंटिलेटेड सीट्स
  • वायरलेस चार्जिंग
  • फुली डिजिटल डिस्प्ले क्लस्टर
  • ब्लूलिंक कनेक्टिविटी

MG Cloud EV – स्टाइल और टेक्नोलॉजी का बेहतरीन मेल

  • लॉन्च: जुलाई 2025
  • रेंज: 460 किलोमीटर तक

MG Motor अपनी अगली इलेक्ट्रिक कार “Cloud EV” को भारत में लॉन्च करने वाली है। यह एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक हैचबैक होगी जो खासतौर पर युवाओं और शहरी ग्राहकों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। इसमें स्मार्ट AI फीचर्स और क्लाउड-बेस्ड कनेक्टिविटी दी जाएगी।

MG Cloud EV के मुख्य फीचर्स:

  • AI वॉयस असिस्टेंट
  • ऑटोमेटिक हेडलैंप्स और वाइपर्स
  • रियल-टाइम बैटरी मैनेजमेंट
  • रिमोट स्टार्ट/स्टॉप
  • सिंगल पेडल ड्राइविंग

इलेक्ट्रिक कारें क्यों बन रही हैं पहली पसंद?

2025 में भारत का EV मार्केट सिर्फ विस्तार नहीं कर रहा, बल्कि तेजी से मेच्योर हो रहा है। निम्नलिखित कारण हैं कि क्यों ग्राहक अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं:

  • कम ऑपरेशनल कॉस्ट – पेट्रोल/डीजल की तुलना में चार्जिंग सस्ती पड़ती है।
  • सरकारी सब्सिडी – FAME-II जैसी योजनाओं के तहत सब्सिडी दी जा रही है।
  • ज्यादा ड्राइविंग रेंज – नई टेक्नोलॉजी से अब 400+ km की रेंज आम हो गई है।
  • एनवायरनमेंट-फ्रेंडली – कार्बन उत्सर्जन न के बराबर होता है।

2025 में इलेक्ट्रिक कारों की क्रांति

2025 भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा। Tata से लेकर Maruti और Mahindra से लेकर Kia तक, हर कंपनी अपनी नई इलेक्ट्रिक कारों के साथ तैयार है। यदि आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 2025 की ये आगामी इलेक्ट्रिक कारें निश्चित रूप से आपके लिए उपयुक्त विकल्प हो सकती हैं। चाहे आपको लंबी रेंज चाहिए, एडवांस टेक्नोलॉजी, या किफायती विकल्प — इस साल सब कुछ मिलेगा।

MP WEATHER ALERT: मध्य प्रदेश में इन 40 जिलों में भीषण गर्मी के साथ दिखेगा बारिश का संगम

MP WEATHER ALERT: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी और बारिश का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में आंधी और बारिश का कहर भी जारी है। मौसम में इस अचानक बदलाव ने लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर डाला है। आइए जानते हैं, राज्य के प्रमुख जिलों में क्या स्थिति बनी हुई है और मौसम विभाग की क्या चेतावनी है।

मौसम विभाग का अलर्ट – आज भी बारिश और आंधी का असर: मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 40 से अधिक जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

अलर्ट जिलों की सूची: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच।

खजुराहो में पारा 46 डिग्री, नौगांव और टीकमगढ़ में भी गर्मी का कहर

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है।
छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो कि इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री और शिवपुरी में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

अन्य प्रमुख तापमान इस प्रकार रहे:

  • सतना: 43.2 डिग्री
  • ग्वालियर: 43.1 डिग्री
  • दमोह: 43.0 डिग्री
  • सीधी: 42.8 डिग्री
  • गुना: 42.7 डिग्री
  • सागर: 41.7 डिग्री
  • रीवा: 41.4 डिग्री
  • मंडला: 41.0 डिग्री
  • शाजापुर: 40.8 डिग्री
  • उमरिया: 40.5 डिग्री
  • रतलाम: 40.4 डिग्री
  • नर्मदापुरम: 40.2 डिग्री

तेज आंधी और बारिश ने कई जिलों में मचाई तबाही

जहां एक ओर गर्मी का पारा चढ़ा हुआ है, वहीं प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को इंदौर, भोपाल, देवास, दमोह, गुना, रायसेन, बड़वानी, रतलाम, बीना जैसे शहरों में बारिश और आंधी ने दस्तक दी।

सीधी में 1.25 इंच बारिश हुई, जबकि शिवपुरी में आधा इंच पानी गिरा।
बड़वानी के सेंधवा ब्लॉक में तेज आंधी से कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं, मंदिरों में लगी गुमटियां भी हवा में उड़ गईं।
एक मकान की दीवार गिरने की खबर भी सामने आई है।

महू (इंदौर) में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की टिनें उड़ गईं और कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।

मौसम विभाग का अलर्ट – आज भी बारिश और आंधी का असर

मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 40 से अधिक जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

अलर्ट जिलों की सूची:

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच।

बड़े शहरों में गर्मी का स्तर

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी गर्मी ने अपने रिकॉर्ड तोड़े हैं। कुछ प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:

  • भोपाल: 40.2 डिग्री
  • इंदौर: 38.6 डिग्री
  • उज्जैन: 40.5 डिग्री
  • जबलपुर: 40.7 डिग्री

इन शहरों में तेज धूप के साथ उमस और गर्म हवा का प्रकोप भी जारी रहा। सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा है।

साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता का असर

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की एक्टिविटी जारी है।
इन्हीं कारणों से आगामी कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा।
यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी और मध्य क्षेत्रों से होते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी हिस्सों में भी असर देखा जाएगा।

MP के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित

सिवनी। राज्य के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन की समयावधि में वृद्धि की गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, सिवनी द्वारा जानकारी दी गई है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षक पुरस्कार हेतु आवेदन की निर्धारित तिथि में 15 दिनों की वृद्धि की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अब शिक्षक राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए विमर्श पोर्टल के माध्यम से 15 अप्रैल से 30 मई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन, नामांकन एवं शिक्षक द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों तथा पिछले पाँच वर्षों के परीक्षा परिणामों को अपलोड कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि यह निर्णय उन शिक्षकों के लिए राहत भरा है जो अब तक आवेदन नहीं कर सके थे। साथ ही, उन्होंने जिले के समस्त संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे ऐसे शिक्षक/शिक्षिकाएं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्य किए हैं, उन्हें इस संशोधित तिथि की जानकारी दें और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।

यह पुरस्कार उन शिक्षकों को मान्यता देता है, जिन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, नवाचार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ऐसे में योग्य शिक्षक इस अवसर का लाभ उठाकर अपने कार्यों को राज्य स्तर पर प्रस्तुत कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां:

  • आवेदन प्रारंभ तिथि: 15 अप्रैल 2025
  • आवेदन की अंतिम तिथि (संशोधित): 30 मई 2025

आवेदन माध्यम: विमर्श पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन।

शिक्षकों को समय सीमा का ध्यान रखते हुए सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं सूचनाओं के साथ आवेदन पूर्ण करने की सलाह दी जाती है।

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार न केवल शिक्षकों को सम्मानित करता है, बल्कि अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करता है कि वे शैक्षिक गुणवत्ता और नवाचार की दिशा में उत्कृष्टता प्राप्त करें

MP के अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर: EKYC में सुधार कार्य शुरू, वेरिफिकेशन की डेट बढ़ी

मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। शिक्षा विभाग द्वारा GFMS पोर्टल पर अतिथि शिक्षकों के आवेदन, दस्तावेज़ सत्यापन, तथा ई-केवाईसी प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों में वृद्धि की गई है। यदि आप भी अतिथि शिक्षक के रूप में आवेदन कर रहे हैं, तो इस विस्तृत लेख में दी गई जानकारी आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

MP के अतिथि शिक्षकों के राहत भरी खबर: EKYC में सुधार कार्य शुरू, वेरिफिकेशन की डेट बढ़ी- GFMS पोर्टल के माध्यम से अतिथि शिक्षक पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाया गया है। यदि आप इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं, तो उपरोक्त सभी तिथियों एवं निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करें। अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने हेतु सभी कार्य समय रहते पूर्ण करें।

GFMS पोर्टल क्या है?

GFMS (Guest Faculty Management System) मध्यप्रदेश सरकार का एक ऑनलाइन पोर्टल है, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में अतिथि शिक्षकों के पंजीकरण, दस्तावेज़ अपलोड, ई-केवाईसी सत्यापन, एवं प्राचार्य द्वारा सत्यापन कार्य को डिजिटल रूप से निष्पादित किया जाता है।

ई-केवाईसी अनलॉक और प्रोफाइल लॉक – अंतिम तिथि 23 मई 2025

कई बार आवेदकों की जानकारी में त्रुटियाँ रह जाती हैं, जैसे – नाम की स्पेलिंग, जन्म तिथि, या दस्तावेज़ मेल नहीं खाना। ऐसे में आवेदक को ई-केवाईसी अनलॉक कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा दी गई है।

🔸 प्रक्रिया:

  1. GFMS पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. “Unlock e-KYC” विकल्प चुनें।
  3. आवश्यक सुधार करें।
  4. अपनी प्रोफाइल पुनः लॉक करें।
  5. संकुल प्राचार्य से दस्तावेज़ सत्यापन पुनः करवाएं।

संकुल प्राचार्य द्वारा सत्यापन कार्य – अंतिम तिथि 24 मई 2025

आवेदकों द्वारा दर्ज की गई जानकारी एवं अपलोड दस्तावेज़ों का सत्यापन संबंधित संकुल प्राचार्य द्वारा किया जाएगा। यह सत्यापन प्रक्रिया 24 मई 2025 तक पूरी कर ली जानी चाहिए।

🔹 प्राचार्य द्वारा सत्यापित किए जाने वाले मुख्य बिंदु:

  • दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता
  • E-KYC की पुष्टि
  • शैक्षणिक योग्यता की वैधता
  • आवेदन की पूर्णता

मोबाइल नंबर परिवर्तन की सुविधा – अंतिम तिथि 23 मई 2025

कई आवेदकों के पुराने मोबाइल नंबर अब चालू नहीं हैं, जिससे OTP प्राप्त करने और सूचना प्राप्त करने में समस्या हो रही है। ऐसे में, GFMS पोर्टल पर मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा दी गई है, जिसकी अंतिम तिथि 23 मई 2025 है।

🔸 मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया:

  1. पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. प्रोफाइल सेक्शन में जाएं।
  3. “Update Mobile Number” विकल्प पर क्लिक करें।
  4. नया मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP के माध्यम से सत्यापन करें।

महत्वपूर्ण तिथियों – GFMS LAST DATE

प्रक्रियाअंतिम तिथि
दस्तावेज़ अपलोड23 मई 2025
ई-केवाईसी अनलॉक/प्रोफाइल लॉक23 मई 2025
मोबाइल नंबर परिवर्तन23 मई 2025
संकुल प्राचार्य द्वारा सत्यापन24 मई 2025

बरघाट में शासकीय ज़मीन की लूट! भूमाफिया करोड़ों का खेल रहे खेल, प्रशासन बना दर्शक

धारनाकला (बरघाट), जिला सिवनी | बरघाट विकासखंड के अंतर्गत धारनाकला गांव में शासकीय जमीन की आड़ में चल रहा भू-माफियाओं का लंबा खेल अब एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा बन चुका है। जहां एक ओर भूमाफिया शासकीय जमीन से सटी खेतिहर ज़मीन को खरीद कर कृत्रिम भाववृद्धि कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग को करोड़ों की चपत लगाई जा रही है।

इस खेल में स्टाम्प ड्यूटी की चोरी, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और अनधिकृत क्रय-विक्रय जैसे कई गंभीर अपराध खुलेआम हो रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि प्रशासन और राजस्व अमला चुप्पी साधे बैठा है।

शासकीय जमीन के नाम पर महंगी ज़मीन बेचकर लाखों की कमाई

सूत्रों के अनुसार, सिवनी-बालाघाट रोड से लगी धारनाकला की शासकीय ज़मीन से सटी खेतिहर ज़मीन को भूमाफियाओं द्वारा करोड़ों के दामों में खरीदा और बेचा जा रहा है। इन जमीनों की कीमत चार करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है, जो कि आम ग्रामीण या जरूरतमंद किसान के लिए पूरी तरह से असंभव बन गया है।

इन भूमाफियाओं द्वारा शासकीय ज़मीन को यह कहकर बेचा जा रहा है कि “यह जमीन तो वैसे भी मुफ्त में साथ में मिल रही है”, जिससे निजी ज़मीन के साथ शासकीय भूमि भी गुपचुप तरीके से हड़प ली जा रही है।

स्टाम्प ड्यूटी की चोरी, राजस्व विभाग को लाखों का नुकसान

धारनाकला में जो ज़मीनें बेची जा रही हैं, उनमें से अधिकांश पर स्टाम्प ड्यूटी केवल खेतिहर जमीन के नाम पर अदा की जा रही है, जबकि वास्तविक उपयोग और क्षेत्रफल अधिक है। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तो साफ हो जाएगा कि किस प्रकार से राजस्व विभाग को लगातार भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों का प्रयास सराहनीय

ग्राम पंचायत घीसी के सरपंच ने खसरा नंबर 354 की शासकीय ज़मीन का सीमांकन कराने के लिए तहसीलदार बरघाट को आवेदन प्रस्तुत किया है। इस भूमि का रकबा 0.24 हेक्टेयर है और पंचायत यहां पर सुगम कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना बना रही है।

जनपद सदस्य ने भी सरपंच के प्रयास की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि इस परिसर के बनने से क्षेत्र के गरीबों को रोजगार भी मिलेगा।

जनपद पंचायत की जमीन भी असुरक्षित, अतिक्रमण जारी

सिवनी-बालाघाट रोड से सटी जनपद पंचायत बरघाट की कीमती शासकीय ज़मीन भी अब तक सुरक्षित नहीं हो सकी है। रिकॉर्ड में यह ज़मीन पूर्व में जनपद सभा सिवनी के नाम दर्ज थी, जिसे बाद में जनपद पंचायत बरघाट के नाम कर दिया गया। लेकिन कई बार सीमांकन और नापजोख होने के बावजूद भी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया सिर्फ नोटिस तक सीमित रह गई है।

इस जमीन की कीमत अब 5 से 6 हजार रुपये प्रति वर्गफुट तक पहुंच गई है, फिर भी प्रशासन की निष्क्रियता चौंकाने वाली है।

प्रशासन की ढील बनी भू-माफियाओं के लिए वरदान

यह सबसे बड़ा सवाल है कि जब शासकीय ज़मीन के चारों ओर भूमाफिया लाखों-करोड़ों का खेल खेल रहे हैं, तो प्रशासन इसे सुरक्षित करने के प्रयास क्यों नहीं कर रहा है?

इन जमीनों पर सुगम कॉम्प्लेक्स, सरकारी स्कूल, हेल्थ सेंटर जैसे कई उपयोगी निर्माण संभव हैं, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी ने भू-माफियाओं को खुली छूट दे दी है।

क्या जिला प्रशासन जागेगा?

धारनाकला में भूमाफियाओं द्वारा शासकीय जमीन पर किए जा रहे खेल से न केवल शासन को आर्थिक क्षति हो रही है बल्कि गरीब जनता को भी जमीन के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

अब समय आ गया है कि जिला प्रशासन, विशेषकर जिला कलेक्टर, इस मामले में संवेदनशीलता दिखाएं और शासकीय जमीन की सुरक्षा के लिए ठोस और त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही, राजस्व विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच की जाए ताकि भूमाफियाओं के इस बड़े नेटवर्क को उजागर किया जा सके।