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Samarsata Yatra: इंदौर, देवास, शिवपुरी, छतरपुर और जबलपुर में समरसता यात्रा के स्वागत के लिये उमड़ा जनसैलाब

Samarsata Yatra: संत रविदास के संदेश और जीवन मूल्यों के प्रति समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न स्थानों से निकाली जा रही समरसता यात्राएँ 12 अगस्त को सागर पहुँचेंगी, जहाँ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी संत रविदास मंदिर निर्माण का शिलान्यास करेंगे। यात्राओं ने 12वें दिन 5 अगस्त को इंदौर, देवास, शिवपुरी, छतरपुर और जबलपुर जिले में सद्भावना का संदेश दिया।

संत रविदास समरसता यात्राओं में प्रतिदिन जनसैलाब उमड़ रहा है। संत रविदास समरसता यात्रा रथ जहाँ-जहाँ से गुजर रहा है, वहाँ के लोग स्मारक निर्माण के लिये अपने क्षेत्र की मिट्टी तथा नदियों का जल देकर धन्य हो रहे हैं। सभी जगह विभिन्न समाज के लोगों द्वारा हर्षोल्लास के साथ समरसता यात्रा का भव्य स्वागत किया जा रहा है।

समरसता यात्रा के 12वें दिन जबलपुर में म.प्र. गोपालन और पशुधन संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि एवं सांसद श्री राकेश सिंह, इंदौर में सांसद श्री शंकर लालवानी, देवास में विधायक श्रीमती गायात्री राजे पवार, शिवपुरी में मध्यप्रदेश बांस शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया ने समरसता यात्रा का स्वागत किया।

Samarsata Yatra Dewas

रूट क्रमांक 1 की संत रविदास यात्रा ने 25 जुलाई को नीमच से प्रारंभ होकर शुक्रवार की रात 4 अगस्त को देवास के सोनकच्छ के पीपलरावां से जिले में प्रवेश किया। यात्रा ने देवास में 5 अगस्त को नगर भ्रमण कर समरसता का संदेश दिया। समरसता यात्रा में विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

Samarsata Yatra Indore

रूट क्रमांक 2 की संत रविदास यात्रा ने 25 जुलाई को धार जिले के माण्डव से प्रारंभ होकर 5 अगस्त को तीसरे दिन भी इंदौर के विभिन्न स्थानों पर सद्भावना संदेश दिया। संत रविदास समरसता यात्रा 3 अगस्त को इंदौर आई थी।

यात्रा, विधानसभा क्षेत्र इंदौर दो के विभिन्न मार्गों से होती हुई विधानसभा क्षेत्र इंदौर-3 में पहुंची। विधानसभा क्षेत्र इंदौर-3 के विभिन्न क्षेत्रों में भी इस यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। विधानसभा क्षेत्र इंदौर-3 में सांसद श्री शंकर लालवानी और विधायक श्री आकाश विजयवर्गीय भी इस यात्रा में शामिल हुए।

Samarsata Yatra Shivpuri

रूट क्रमांक 3 की संत रविदास समरसता यात्रा ने 25 जुलाई को श्योपुर जिले से प्रारंभ होकर 5 अगस्त को शिवपुरी में सद्भावना संदेश दिया। जन-संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिधियों ने संत रविदास के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश बांस शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया, नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

यहां जनप्रतिनिधियों सहित नागरिकों ने कलश यात्रा निकालकर एवं पुष्पवर्षा कर समरसता यात्रा का भव्य स्वागत किया। बडी संख्या में उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के जयकारे भी लगाए। इस मौके पर संत रविदास की चरण पादुका, कलश और ध्वज सौंपा गया। संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण व पूजन अर्चन किया गया।

Samarsata Yatra Jabalpur

बालाघाट से 25 जुलाई को प्रारंभ हुई रूट क्रमांक 4 की समरसता यात्रा ने 5 अगस्त को जबलपुर में समरसता का संदेश दिया। सांसद श्री राकेश सिंह शनिवार को ग्राम पंचायत चरगांव जिला जबलपुर में जन-संवाद में संत रविदास के दर्शन और संदेशों पर प्रकाश डाला। सांसद श्री सिंह ने कहा कि संत रविदास जी चित्तौड़गढ़ शासक राणा सांगा और मीरा बाई के गुरू भी थे। उन्होंने संत रविदास से ईश्वर भक्ति के संदेशों को आत्मसात कर समाज हित में जीवन अर्पण किया। संत रविदास के संदेश पूरे देश में सामाजिक समरसता के लिये प्रेरणा दायक है। इस अवसर पर जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र जामदार, महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद गिरी महाराज, परमपूज्य चीपेश्वर महाराज सहित जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

Samarsata Yatra Chhatarpur

सिंगरौली से 26 जुलाई को प्रारंभ हुई रूट क्रमांक 5 की समरसता यात्रा ने 5 अगस्त को छतरपुर पहुँचकर सद्भावना संदेश दिया। यहाँ जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने हर्षोल्लास से यात्रा का भव्य स्वागत किया। संत रविदास की पादुका एवं गंगा जल-कलश की पूजा की।

6 अगस्त की समरसता यात्रा का रूट

नीमच से प्रारंभ प्रथम रूट की समरसता यात्रा 13वें दिन 6 अगस्त को देवास, द्वितीय रूट की यात्रा धार से प्रारंभ होकर इंदौर, तृतीय रूट की श्योपुर से प्रारंभ यात्रा शिवपुरी, चतुर्थ रूट की बालाघाट से प्रारंभ यात्रा जबलपुर एवं पाँचवें रूट की सिंगरौली से प्रारंभ यात्रा छतरपुर में संत रविदास के संदेशों को जन-जन तक पहुँचायेगी।

MP NEWS: एमपी के इंदौर में दुग्ध संघ बनाएगा 3 गुना अधिक मिल्क पाउडर, अतिरिक्त दूध को दिलायेगा अतिरिक्त आय

इंदौर दुग्ध संघ द्वारा परिसर में प्रदेश का सबसे बड़ा 30 एमटीपीडी क्षमता का नवीन दुग्ध चूर्ण (मिल्क पाउडर) संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

लगभग 77 करोड़ रूपये से स्थापित होने वाले प्रदेश के इस सबसे बड़े संयंत्र में शुक्रवार को सबसे महत्वपूर्ण भाग ड्राइंग चेम्बर की स्थापना अत्यंत सावधानी और सुरक्षा के साथ सफलतापूर्वक की गई।

संयंत्र स्थापना का लगभग 27 करोड़ रूपये दुग्ध संघ स्वयं के स्त्रोत से और 50 करोड़ रूपये राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जीका (जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) परियोजना के ऋण से किया जा रहा है।

इंदौर दुग्ध संघ द्वारा वर्ष 1982 से 10 एमटीपीडी क्षमता के दुग्ध चूर्ण संयंत्र द्वारा मिल्क पाउडर का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान संयंत्र से एक किलो मिल्क पाउडर की लागत 28 से 30 रूपये प्रति किलोग्राम आती है।

वहीं विश्व स्तरीय कंपनी टेट्रापेक के इस नवीन संयंत्र की स्थापना से यह लागत मात्र 15 से 18 रूपये प्रति किलोग्राम तक कम हो जाएगी, साथ ही मिल्क पाउडर की गुणवत्ता और बेहतर हो जाएगी।

पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि इंदौर दुग्ध संघ के इस संयंत्र में मध्यप्रदेश डेयरी फेडरेशन के अन्य दुग्ध संघों के सरप्लस मिल्क (अतिरिक्त दुग्ध) से भी न्यूनतम लागत के गुणवत्तायुक्त दुग्ध चूर्ण का उत्पादन हो सकेगा।

पशुपालकों को इससे अतिरिक्त लाभ मिलेगा। किसानों से अधिक दूध खरीदा जाकर उन्हें उसका उचित दाम मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

Bageshwar Dham Sarkar LIVE In Chhindwara: यदि आप भी नहीं पहुँच पाए कथा सुनने तो यहां देखें श्री हनुमान कथा का सीधा प्रसारण | Hanuman Katha | Chhindwara (M.P)

Bageshwar Dham Sarkar LIVE In Chhindwara: यदि आप भी नहीं पहुँच पाए कथा सुनने तो यहां देखें श्री हनुमान कथा का सीधा प्रसारण | Hanuman Katha | Chhindwara (M.P)

Bageshwar Dham Sarkar LIVE In Chhindwara: यदि आप भी नहीं पहुँच पाए कथा सुनने तो यहां देखें श्री हनुमान कथा का सीधा प्रसारण | Hanuman Katha | Chhindwara (M.P)

सिवनी: वन विभाग की वरीयता सूची में गडबड़ी मामले में भोपाल से आए जांच के आदेश

सिवनी। जिले में बीते दिन सिवनी वन वृत्त कार्यालय में वरीयता सूची के छेडछाड के मामले में भोपाल से जांच के आदेश दिए गए हैं।

अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एचएस मोहन्ता ने शुक्रवार को कहा है कि सिवनी जिले का उक्त प्रकरण संज्ञान में आने के बाद मुख्य वनसंरक्षक सिवनी से जांच प्रतिवेदन बुलाया गया है।

इस प्रकरण के संबंध में पीसीसीएफ का पत्र भी प्राप्त हुआ है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

ये है पूरा मामला

वन वृत सिवनी अंतर्गत वरीयता सूची वर्ष 2006 में वरीयता देने की तिथि में 16 जनवरी 2003 में छेडछाड करते हुए 23 जुलाई 1994 कर दिया जो वनरक्षक हरवेन्द्र बघेल की शासकीय सेवा में नियुक्ति की दिनांक है तथा इसी तिथि को वरीयता देने की तिथि मानकर सिवनी वृत्त कार्यालय द्वारा वनरक्षक से वनपाल पर वर्ष 2009 पर पदोन्नति दी गई और विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा 05 अप्रैल 2016 को वनपाल से उपवनक्षेत्रपाल के पद पर प्रमोशन दे दिया गया। जहां एक अपात्र व्यक्ति लाभान्वित हो गया।

दक्षिण सामान्य वनमंडल के परिक्षेत्र सिवनी का प्रभार नियम विरूद्ध तरीके पदोन्नति प्राप्त कर चुके डिप्टी रेंजर हरवेन्द्र बघेल को दिये जाने की कवायद जोरो पर है, वहीं स्थानांतरण नीति 2023 के नियमों को दरकिनार वनसरंक्षक सिवनी ने सिवनी रेंज का हरवेन्द्र बघेल को देने के आदेश भी जारी कर रखे है। वहीं शिकवा -शिकायतों के चलते मौखिक आदेश पर कार्यभार न दिये जाने के निर्देश भी हुये है।

सक्षम अधिकारी दरकिनार

विभागीय सूत्रों की मानें तो किसी रेंज का प्रभार सक्षम अधिकारी को ही दिया जाता है, जब सक्षम अधिकारी न हो तो तब वरिष्ठ उपवनक्षेत्रपाल को यह कार्यभार सौंपा जाता है। सिवनी वन वृत्त अंतर्गत लगभग 55 वनक्षेत्रपाल हैं, जिनमें से 10 से 12 वनक्षेत्रपाल जिनके पास कोई काम नहीं है, उन्हें यह अवसर न देकर अपात्र व्यक्ति को लाभ देने के उद्देश्य से लाभान्वित किया गया है।

जानकारों की मानें तो रिक्त रेंज के प्रभार देने के लिए सीसीएफ से संबंधित वनमंडलाधिकारी ने निवेदन भी किया था, लेकिन वनमंडलाधिकारी की निवेदन और नियमों को दरकिनार करते हुए सीसीएफ द्वारा डिप्टी रेंजर को प्रभार देने संबंधी आदेश जारी किये हैं।

MP POLICE NEWS: एमपी के पुलिसकर्मियों के लिए खुशखबरी, अब सोमवार से मिलेगा साप्ताहिक अवकाश

MP Police Weekly Holiday NEWS: भोपाल। मध्य प्रदेश में सोमवार से पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM SHIVRAJ SINGH CHOUHAN) द्वारा दो दिन पहले की गई घोषणा के बाद शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सुधीर कुमार सक्सेना (Sudhir Kumar Saxsena) ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।

दरअसल, दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (CM Shivraj SIngh Chouhan) ने अपने निवास पर आयोजित पुलिस परिवार समागम में पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश दिए जाने की घोषणा करते हुए इसकी व्यवस्था बनाने के लिए डीजीपी को निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शुक्रवार को डीजीपी सुधीर सक्सेना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस विभाग के आला अफसरों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने सोमवार से ही साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए।

इसके लिए सभी जिलों में रोस्टर सिस्टम बनाया जाएगा। यह थानों में इस प्रकार तैयार किया जाए, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति में पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध हो। साथ ही पर्याप्त महिला पुलिस बल भी थानों में उपस्थित रहे, ताकि पीड़िताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रदेश में पुलिसकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। इसे लागू करने के प्रयास वर्ष 2000 में किए थे।

तत्कालीन गृह मंत्री बाबूलाल गौर के समय इसको लेकर आदेश भी जारी हुए थे, लेकिन क्रियान्वयन नहीं हुआ। अब डीजीपी ने मुख्यमंत्री चौहान के निर्देश का पालन करते हुए सोमवार से यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश मैदानी अधिकारियों को दिए हैं।

उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस आदर्श कटियार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन डी श्रीनिवास राव, पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन दीपिका सूरी, सभी जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिदेशक, इंदौर और भोपाल के पुलिस आयुक्त के साथ वीडियो कांफ्रेंस में कहा कि साप्ताहिक अवकाश से पुलिस अधिकारी और कर्मचारी स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ परिवार के लिए भी समय निकाल पाएंगे। व्यवस्था इस तरह से बनाएं कि थानों में पर्याप्त बल उपलब्ध रहे।

चमत्कार: भारी बारिश ने ढहा दिया मंदिर, हनुमानजी की प्रतिमा टस से मस नहीं हुई

Damoh Hanuman Ji Temple News: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में इन दिनों जोरदार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से जिले के सभी नदी-नाले उफान पर हैं। इस भयावह हालात के बीच शनिवार को एक अजीबो-गरीब वाकया देखने मिला है।

जिले के जबेरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रोहणी में गुरैया नदी में आई बाढ़ में पानी उफान मार रहा था, जिसमें हनुमानजी का मंदिर पूरा टूटकर जमींदोज हो गया, लेकिन मंदिर में स्थापित हनुमानजी की प्रतिमा अपनी जगह से हिली तक नहीं।

शनिवार को इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग इसे चमत्कार कह रहे हैं और शनिवार का दिन होने से इसे हनुमानजी की महिमा भी बता रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो 4 अगस्त का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मंदिर पूरी तरह टूटकर नष्ट हो चुका है, लेकिन हनुमानजी की प्रतिमा जस की तस है।

दरअसल, ग्राम रोहणी में गुरैया नदी के तट पर हनुमानजी का मंदिर है। नदी में पानी का वेग इतना अधिक था कि उसने पूरा मंदिर तहस-नहस कर दिया, लेकिन बजरंगबली की मूर्ति को हिला भी नहीं सका और बजरंगबली पानी की धार के बीच खड़े रहे। इस घटना को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।

छिंदवाड़ा पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, तीन दिवसीय रामकथा हुई शुरू; 2.5 लाख वर्गफीट में लगा पंडाल

Chhindwara News: छिंदवाड़ा। नगर में बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) की तीन दिवसीय रामकथा (Ramkatha) शनिवार शाम से शुरू हो रही है। कथा के लिए पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छिंदवाड़ा पहुंच गए हैं।

वहीं, रामकथा के लिए छिंदवाड़ा में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। करीब ढाई लाख वर्गफीट में वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है तथा बारिश को देखते हुए पंडाल में प्लाईवुड का फ्लोर लगाया गया है।

रामकथा के लिए पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार दोपहर में 12 बजे इमलीखेड़ा एयर स्ट्रिप पहुंचे। यहां कथा के मुख्य यजमान सांसद नकुलनाथ और उनके समर्थकों ने उनका स्वागत किया।

एयर स्ट्रिप से वे सीधे कमलनाथ के शिकारपुर स्थित आवास पहुंचे। यहां कमलनाथ और नकुलनाथ ने उनकी आरती की। पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार शाम 4 बजे से कथा करेंगे। रामकथा सिमरिया में 5 से 7 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 4 बजे शुरू होकर शाम 7 बजे तक चलेगी।

रामकथा के लिए ढाई लाख स्क्वायर फीट एरिया में वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है। 100×800 स्क्वायर फीट एरिया के तीन पार्ट बनाकर श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए कथास्थल पर ही चार दिन तक निशुल्क खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।

करीब दो लाख श्रद्धालुओं के कथा में आने का अनुमान है। कथा के लिए भव्य और आकर्षक स्टेज बनाया गया है। पीछे की तरफ थर्माकोल के मंदिर बनाए गए हैं। यहां हनुमान जी समेत अन्य देवी-देवता विराजित किए गए हैं।

छिंदवाड़ा एसपी विनायक वर्मा ने बताया कि कथा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1000 पुलिसकर्मी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कथास्थल के आसपास भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है।

टीकमगढ़ सर्किट हाऊस में सीएम शिवराज ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत माधवराव सिंधिया जी की प्रतिमा का किया अनावरण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि श्रीमंत माधवराव सिंधिया जी ने अपना पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित किया। वे रेल मंत्री रहे और उन्होंने भारत में शताब्दी एक्सप्रेस आरंभ कर एक नए युग की शुरूआत की।

नागरिक उड्डयन मंत्री, पर्यटन मंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में भी उन्होंने देश की अभूतपूर्व सेवा की। श्रद्धेय माधवराव सिंधिया जी के चरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने टीकमगढ़ सर्किट हाऊस में स्व. माधवराव सिंधिया जी की प्रतिमा अनावरण अवसर पर अपने संबोधन में यह बात कही।

कार्यक्रम में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री वीरेन्द्र कुमार, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत तथा अन्य मंत्री व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम यह संकल्प लेते हैं कि राजमाता से लोकमाता के रूप में प्रदेशवासियों के मन में वास करने वालीं श्रद्धेय विजयाराजे सिंधिया जी और बड़े महाराज स्व. माधवराव सिंधिया ने प्रदेश के विकास के लिए जो संकल्प लिए, उन्हें हम अधूरा नहीं रहने देंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिमा स्थापना में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों का आभार माना। उपस्थित जनसमुदाय ने भी श्रीमंत के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

BALAGHAT NEWS: राज्य मंत्री राम किशोर ‘नानो’ कावरे ने बालाघाट में 56 लाख रूपये के कार्यों का किया भूमि-पूजन/लोकार्पण

BALAGHAT NEWS: आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राम किशोर कावरे ‘नानो’ ने कहा है कि राज्य सरकार की योजना का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचाना हमारा लक्ष्य है।

उन्होंने स्थानीय जन-प्रतिनिधियों से इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया। राज्य मंत्री श्री कावरे शुक्रवार को बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र के हर्राभाट में 56 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करने के बाद विकास पर्व को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री ने कार्यक्रम के प्रारंभ में कन्या पूजन किया।

राज्य मंत्री श्री कावरे ने कहा कि परसवाड़ा क्षेत्र में विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई से प्रारंभ हुए विकास पर्व के दौरान जिले में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया जा रहा है।

इन सब को प्राथमिकता से पूरा समय पर किया जाएगा। राज्य मंत्री श्री कावरे ने ग्राम सहेजना, मरारीटोला, डूडगांव, हर्राभाटा में सभा मंच, स्टॉपडेम, उचित मूल्य दुकान, पुलिया निर्माण, सीएससी भवन का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया।

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए श्री कावरे ने कहा कि इस योजना से प्रदेश की महिलाएँ आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होगी। इस योजना का दायरा बढ़ाया गया है। अब 21 से 23 वर्ष की बहनों और जिन परिवार के पास ट्रेक्टर है, उन परिवारों की बहनों को भी इस योजना का लाभ‍दिया जाएगा।

Chandrayaan 3: आज चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा चंद्रयान-3, जानिए क्या है इसका मतलब और मिशन के लिए यह कदम कितना है महत्वपूर्ण

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ISRO Chandrayaan 3 Mission: लॉन्च के बाद से ही लोगों की दिलचस्पी चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3) के सफर में है और हर कोई इसकी मौजूदा स्थिति के बारे में जानना चाहता है कि अंतरिक्ष यान चंद्रमा के कितने करीब पहुंच चुका है. भारत अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अनुसार, चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3 ) आज शाम करीब 7 बजे चंद्र कक्षा में प्रवेश करेगा।

Chandrayaan 3 आज चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा चंद्रयान-3; इसका क्या मतलब है?

चंद्रयान-3 (Chandrayaan 3 ) आज शाम करीब 7 बजे चंद्र कक्षा में प्रवेश करेगा जिसका मतलब है कि यह चंद्रमा की गोलाकार कक्षा में चला जाएगा और पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह के चारों ओर चक्कर लगाना शुरू कर देगा।

बेंगलुरु में इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (ISTRAC) आज चंद्र कक्षा इंजेक्शन का प्रदर्शन करेगा जो अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करेगा। 

एक बार जब अंतरिक्ष यान चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा, तो मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शुरू हो जाएगा और एक बार फिर उस चरण को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा जो चंद्रयान 2 के लिए नहीं हो सका।

चंद्रयान 3 के चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने के बाद क्या होगा?

एक बार जब चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा या चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा, तो लैंडर अंतरिक्ष यान से अलग हो जाएगा और चंद्रमा की सतह पर उतरने का प्रयास करेगा। लैंडर का नाम “विक्रम” है – जो चंद्रयान -2 मिशन के लैंडर का भी नाम था – 23 अगस्त को शाम लगभग 5.47 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास धीरे से उतरने की कोशिश करेगा।

विक्रम लैंडर को लैंडिंग चरण में प्रवेश करने से पहले डीबूस्ट युद्धाभ्यास की श्रृंखला के बाद 17 अगस्त को अंतरिक्ष यान से अलग होना है, जो मिशन का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे कठिन हिस्सा है।

14 जुलाई को लॉन्च किया गया चंद्रयान-3 चंद्रमा की दो-तिहाई दूरी तय कर चुका है और अब मिशन एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है, जो मिशन पर लगातार काम कर रहे वैज्ञानिकों के दिलों को बेचैन कर देगा। पीटना।