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CHANDRAYAAN 3 UPDATE: चांद पर उतरने से पहले चंद्रयान-3 में होगा ‘ये’ बड़ा बदलाव; गाड़ी का वजन 3900 से 2100 किलोग्राम तक आएगा

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CHANDRAYAAN 3 UPDATE: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने बड़ी छलांग लगाई है. चंद्रयान-3 पृथ्वी की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया है। चंद्रयान-3 अब चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण कक्षा में स्थापित हो गया है। इसरो का चंद्रमा मिशन इतिहास रचने की दहलीज पर पहुंच गया है। चंद्रयान-3 23 या 24 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला है। 

यह चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने से पहले होगा. चंद्रयान-3 का वजन 3900 से घटकर 2100 किलोग्राम हो जाएगा. 
14 जुलाई को चंद्रयान-3 इसी दिशा में लॉन्च हुआ. भारत के चंद्रयान-3 मिशन पर पूरी दुनिया का ध्यान था. यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण था। 

चंद्रयान-3 मिशन भारत के लिए बेहद अहम है. अंतरिक्ष यान को मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स, इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क, बैंगलोर से लॉन्च और नियंत्रित किया गया था।

चंद्रयान-3 ने 5 अगस्त को शाम 7:15 बजे चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के तीसरे चंद्र मिशन का यह बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। 

चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले चंद्रयान की कक्षा कुल 4 बार बदली जाएगी। अब चंद्रयान-3 चंद्रमा की परिक्रमा करेगा और चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा। 

चंद्रयान-3 की स्पीड कम कर दी गई है

इसरो का मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क चंद्रयान की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। यहां से कमांड भेजकर चंद्रयान-3 की गति को नियंत्रित किया जा रहा है। अंतरिक्ष यान धीमी गति से चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ रहा है ताकि चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान कोई समस्या न हो और अंतरिक्ष यान चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित न हो। 

गाड़ी का वजन कम हो जाएगा

17 अगस्त को प्रोपल्शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अलग हो जाएंगे. चंद्रयान 23 अगस्त को शाम 5.47 बजे लैंड करेगा. सफल लैंडिंग के बाद रोवर प्रयोग के लिए लैंडर से बाहर आएगा। प्रोपल्शन मॉड्यूल, लैंडर और रोवर की वजह से चंद्रयान 3 का कुल वजन फिलहाल करीब 3 हजार 900 किलोग्राम है। 

हालांकि, चंद्रमा की सतह पर उतरते समय चंद्रयान 3 का वजन कम हो जाएगा। प्रोपल्शन मॉड्यूल का वजन सबसे भारी यानी 2148 किलोग्राम है। लैंडर मॉड्यूल का वजन 1752 किलोग्राम है। तो, रोवर प्रज्ञान का वजन केवल 26 किलोग्राम है। लैंडिंग से पहले चंद्रयान के प्रोपल्शन मॉड्यूल को अलग कर दिया जाएगा, यानी अंतरिक्ष यान का वजन 2100 किलोग्राम होगा। 

एमपी मौसम अपडेट: राज्य में 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना नहीं

MP WEATHER UPDATE: भोपाल (मध्य प्रदेश): मौसम विभाग ने 10 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश की संभावना से इनकार किया है। अगले 24 घंटों तक राज्य भर में खासकर दतिया, टीकमगढ़, ग्वालियर और शिवपुरी जिले में मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

विभाग के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 जून से अब तक 15 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11% ज्यादा बारिश हुई.

वर्तमान में, बंगाल की खाड़ी या अरब सागर पर कोई महत्वपूर्ण मौसम प्रणाली नहीं है। परिणामस्वरूप, देश के मध्य भागों विशेषकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश की घटना कम हो जाएगी। दो राज्यों में बारिश में धीरे-धीरे कमी आएगी।

विभाग के अधिकारियों ने कहा कि 9 अगस्त या 10 अगस्त के बाद मौसम लगभग शुष्क हो जाएगा। उसके बाद छिटपुट हल्की बारिश जारी रह सकती है लेकिन वह नगण्य होगी।

विकसित राष्ट्र की ओर कदम बढ़ा रहा है भारत : PM MODI

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आजादी के अमृत काल के प्रारंभ में ही भारत विकसित राष्ट्र होने की दिशा में नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नये संकल्प के साथ तेजी से कदम बढ़ा रहा है। भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नये अध्याय की शुरूआज हो रही है, जब 25 हजार करोड़ रूपये की लागत से भारत के 508 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकता के साथ विकास और पुनर्निमाण कार्य प्रारंभ हो रहा है।

“अमृत भारत रेलवे स्टेशनों योजना” में देश के 1300 स्टेशनों का विकास किया जाएगा। इस उपलब्धि के लिये मैं रेलवे मंत्रालय की सराहना करता हूँ और सभी देशवासियों को बधाई देता हूँ।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज अमृत भारत रेलवे स्टेशनों योजना अंतर्गत मध्यप्रदेश के विदिशा सहित देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्निमाण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधन दे रहे थे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इस योजना में भारत के सभी राज्य लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश में 1000 करोड़ रूपये की लागत से 34 रेलवे स्टेशनों का विकास और पुनर्निमाण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 4500 करोड़ रूपये की लागत से 55 रेलवे स्टेशनों का और महाराष्ट्र में 1500 करोड़ रूपये की लागत से 44 रेलवे स्टेशनों का विकास होगा। राजस्थान में 55 रेलवे स्टेशनों काविकास होगा। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और उत्तर पूर्व के राज्यों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि गत 9 वर्षों में भारतीय रेलवे के नेटवर्क में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इस दौरान भारत में साउथ अफ्रीका, यूक्रेन, पॉलेंड, यूके, स्वीडन में जितना रेलवे नेटवर्क है, उससे अधिक नेटवर्क बिछाया गया।

भारत में आधुनिक ट्रेन संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। आज भारतीय रेल विकास का प्रतीक बन गई है। भारत ने विश्व की चुनौतियों का स्थाई हल निकाला है। दुनिया भर में भारत की साख बढ़ी है। दुनिया का भारत के प्रति रवैया बदला है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि रेल में हर नागरिक के लिये सुलभ और सुखद यात्रा के साथ ही उसे रेलवे स्टेशन पर अच्छा अनुभव मिले, इसके लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। हर रेलवे स्टेशन पर अच्छी बैठक व्यवस्था, वेटिंग रूम, मुफ्त वाईफाई आदि सुविधाएँ दिलाई जा रही हैं।

भारतीय रेल, भारत की लाइफलाइन के साथ ही अब हमारे शहरों की पहचान भी बन रही है। रेलवे स्टेशन अब ‘हार्ट ऑफ दि सिटी’ बन रहे हैं। रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से विकास को लेकर नया माहौल बनेगा, पर्यटन बढ़ेगा और आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ योजना से हमारे रेलवे स्टेशन अब शहर और राज्यों की पहचान बन रहे हैं। स्टेशनों पर स्थानीय विरासत और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। यह आधुनिक आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ ही ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक भी बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारतीय रेल में विकास को रफ्तार देने की अपार संभावनाएँ हैं। यह विकास को नये अवसर दे रही है और युवा विकास को नये पंख लगा रहे हैं। गत दिनों डेढ़ लाख युवकों को रेलवे ने पक्की नौकरी दी। भारतीय रेल का आज ढाई लाख करोड़ से अधिक का बजट हो गया है, जो वर्ष 2014 की तुलना में 5 गुना अधिक है।

लोकोमोटिव के उत्पादन में 9 गुना वृद्धि हुई है और 13 गुना अधिक एचसीपी कोच बन रहे हैं। नॉर्थ-ईस्ट में रेलवे का विस्तार हो रहा है और शीघ्र की वहाँ की सारी राजधानियाँ इससे जुड़ जाएगी।

माल-गाड़ियों के लिये ‘डेडिकेटेड कॉरिडोर’ बना है। माल वाहन में कम समय लगने से किसानों को सर्वाधिक फायदा हो रहा है। तेज यातायात से विश्व बाजार में हमारे उत्पाद तेजी से बिक रहे हैं। वर्ष 2014 से पहले भोपाल में रेलवे ब्रिज 6000 से भी कम थे, आज 10000 से ज्यादा हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ‘नैट जीरो एमिशन’ पर चलेगी। जल्द ही शत-प्रतिशत रेलवे लाइन्स का विद्युतीकरण हो जाएगा। भारतीय रेल आधुनिकता के साथ पर्यावरण फ्रेंडली भी है। बीते 9 वर्षों में भारत के 1200 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर सोलर पैनल से बिजली व्यवस्था हुई है, 70 हजार एलईडी लाइट्स लगी हैं और बायो टॉइलेट्स में 28 गुना वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि अगस्त कई दृष्टियों से विशेष माह है। यह क्रांति, कृतज्ञता और कर्तव्य का महीना है। 7 अगस्त स्वदेशी आंदोलन का दिन है, इस दिन हम वोकल फॉर लोकल का संकल्प लें। स्थानीय उत्पादों को महत्व दें। गणेश चर्तुथी पर पर्यावरण फ्रेंडली मूर्तियों की स्थापना करें।

9 अगस्त क्विट इंडिया डे है, इस दिन हम “बुराई, भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण भारत छोड़ो” यह संकल्प लें। 14 अगस्त विभाजन की विभीषिका का दिन है, इस दिन हम उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करें, जिन्होंने कष्ट सहे। 15 अगस्त राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का दिन है, हर घर तिरंगा फहरायें। हर दिन, हर मन, हर मकान, हर सपना, हर संकल्प तिरंगा हो।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत के नागरिकों द्वारा चुकाए गए टेक्स की एक-एक पाई राष्ट्र के निर्माण में उपयोग की जा रही है। देश में निरंतर टेक्स पेयर्स की संख्या बढ़ रही है, गत दिनों यह 16 प्रतिशत बढ़ी है। मोदी की गारंटी है कि 7 लाख रूपये की आय तक अब इनकम टेक्स नहीं लिया जाएगा।

जनता का विकास के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। रेलवे का कायाकल्प, मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्टस, अस्पताल, स्कूल आदि विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। यह सब बच्चों के अच्छे भविष्य की गारंटी है। नये भारत का निर्माण हो रहा है। हम सब यह संकल्प लें कि अपने नागरिक के दायित्व का भी पालन करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को देश और प्रदेश में विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकसित करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा है कि केंद्र और मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार मध्यप्रदेश में विकास और समाज के सभी वर्गो के कल्याण के कार्यों से प्रदेश को विकसित बनाएगी।

आज देश और प्रदेश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गौरवशाली,प्रगतिशाली, समृद्धशाली और आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी विश्व स्तर के अनेक कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रहे हैं और दुनिया श्री मोदी और भारत का लोहा मान रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा आज प्रदेश के 34 स्टेशनों के कायाकल्प का शिलान्यास प्रदेश को समृद्ध और अधोसंरचनात्मक नया स्वरूप देगा। विदिशा के स्टेशन का 28 करोड़ रूपये से कायाकल्प होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार और सरकार में फर्क होता है। वर्ष 2014 में जहा मध्यप्रदेश के लिए रेल का बजट मात्र 632 करोड़ होता था, उसे प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में लगभग 21 गुना यानी 13 हजार 607 करोड़ रूपए किया गया है। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश का सड़क, हवाई और रेल यातायात बेहतर हुआ है।

विदिशा में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, अधोसंरचना के ऐतिहासिक कार्य हुए है। मुख्यमंत्री ने आमजनों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार प्रदेश के विकास, निर्माण और समाज कल्याण के कार्यों से प्रदेश को विकसित बनाएगी। उन्होंने विकसित मध्यप्रदेश के लिए आमजनों से सहभागिता की अपील की।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वी.सी. के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने जल, वायु, सड़क और रेल के अधोसंरचना विकास में शानदार काम किया है। आज रेलवे का बजट लगभग ढाई लाख करोड़ रूपए हो गया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 1300 स्टेशनों का कायाकल्प होना है और वर्तमान में 25000 करोड़ रुपए की राशि से देश के 508 रेलवे स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं के विकास के लिए निर्माण कार्य किए जाएंगे। उन्होंने आज के दिन को ऐतिहासिक दिन बताते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व का आभार माना और देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम को सांसद श्री रमाकांत भार्गव ने भी संबोधित किया। रेलवे बोर्ड के अपर महा प्रबंधक श्री रविशंकर सक्सेना ने स्वागत भाषण दिया। लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व वित्त मंत्री श्री राघव जी, विधायक श्री हरिसिंह सप्रे, अपर महाप्रबंधक रेलवे श्री रविशंकर सक्सेना, डी.आर.एम. श्री देवाशीष त्रिपाठी, जन-प्रतिनिधि और आमजन उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश के 34 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास: इस सौगात के लिए राज्यपाल ने PM MODI का माना आभार

MP NEWS : राज्यपाल मंगुभाई पटेल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा आभासी माध्यम से  अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास के स्थानीय कार्यक्रम में आज शामिल हुए।

कार्यक्रम का आयोजन संत हिरदा राम नगर भोपाल में किया गया था। स्थानीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना शिलान्यास कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।

प्रधानमंत्री के द्वारा आभासी माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के पुनर्विकास कार्यों का रिमोट का बटन दबा कर शिलान्यास किया गया। ऑनलाईन संबोधित किया गया।

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने स्थानीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आम-जन को रेलवे के कायाकल्प की छप्पर फाड़ सौगात दी है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में यह पहला प्रसंग है, जिसमें 25 हजार करोड़ रूपये के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के कार्यों का शिलान्यास हुआ है।

उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्यप्रदेश के 34 रेलवे स्टेशनों के शिलान्यास किये जाने के लिए मध्यप्रदेश की समस्त जनता के प्रतिनिधि के रूप में प्रधानमंत्री जी का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत समस्त कार्य उच्च गुणवत्ता और निश्चित समय सीमा में पूरे किए जाये।

अमृत भारत स्टेशन योजना में चयनित स्टेशनों के भवन सुधार और सौंदर्यीकरण में स्थानीय कला तथा संस्कृति के तत्वों का समावेश किया जाना चाहिए। पैदल पथ, पार्किंग तथा सुगम यातायात की सुविधा सुनिश्चित करने के साथ ही, यात्रियों की सुविधाओं की सतत निगरानी के प्रबंध अवश्य किए जाने चाहिए। रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए विशेष शौचालय, रैम्प इत्यादि के साथ ही उनके उचित देख भाल की व्यवस्था की जाए।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने एक के बाद एक ऐतिहासिक निर्णयों से बड़े बदलाव किए है। देश की विकास यात्रा को नई गति और दिशा दी है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लोकप्रिय और विश्व के अद्वितीय राजनेता के रूप में उनकी दुनिया में विशिष्ट पहचान बनी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत G-20 की अध्यक्षता में वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि मोदी जी के नेतृत्व में सरकार हर भारतीय परिवार के कल्याण और संतुष्टि के लिए कार्य कर रही है, यही कारण है कि आज सामान्य भारतीय परिवार की सवारी भारतीय रेल दुनिया का श्रेष्ठ रेल नेटवर्क है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित देश के 11 राज्यों में रेलवे ट्रेक का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो गया है, 6 हजार रेलवे स्टेशन वाई-फाई हैं। तकनीक का प्रयोग कर शिकायतों का निराकरण करने के साथ ही, रेल यात्री सुविधा को मेड इन इंडिया कवच प्रणाली से लैस किया है।

वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट योजना से देश में कारीगरों के कपड़े, कलाकृतियों, पेंटिंग्स, बर्तन इत्यादि के 600 से अधिक आउटलेट रेलवे स्टेशन पर खोल कर, लाखों लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा स्कूली बच्चों को पुरस्कृत किया गया।  

स्थानीय कार्यक्रम में विधायक श्री रामेशवर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आम आदमी की बहुत चिंता करते है। उनकी जरूरतों को पूरा करने के कार्य अभूतपूर्व गति से हो रहे है। भोपाल की व्यापारिक गतिविधियों के केन्द्रीय स्थल के रेलवे स्टेशन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने की सौगात के लिए आभार ज्ञापित किया है।

उन्होंने कहा कि मोदी जी की सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए, रेलवे स्टेशन का नाम संत हिरदा राम नगर किया है। रेलवे स्टेशन को रतलाम डिवीजन से हटा कर भोपाल डिवीजन में शामिल करा दिया गया है।

पश्चिम मध्य रेलवे के महा प्रबंधक श्री सुधीर कुमार गुप्ता ने अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास के कार्यों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत देश भर के 5 सौ आठ रेलवे स्टेशनों के विकास कार्यों का शिलान्यास किया जा रहा है। आभार प्रदर्शन अपर मंडल रेल प्रबंधक, श्रीमती रश्मि दिवाकर ने किया।     

MP Weather Update: रीवा में बाढ़ का खतरा, होम गार्ड-SDERF अलर्ट पर; मप्र के इन जिलों में मानसून की सक्रियता

MP Weather Update Today: भोपाल (मध्य प्रदेश): राज्य में लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश की नदियों और नालों में जलस्तर में वृद्धि जारी है। शनिवार को सतना में बकिया बैराज के 13 गेट खोलने पड़े। 

इससे रीवा के तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कलेक्टर प्रतिभा पाल ने होम गार्ड और एसडीईआरएफ की टीमें तैनात की हैं। जावा, त्योंथर और सोहागी में डीआरसी की टीमें पहले से ही तैनात हैं।

बुन्देलखण्ड की नदियों में पानी का उफान 

इसके अलावा, पिछले तीन दिनों से बुंदेलखंड में लगातार बारिश के कारण छतरपुर जिले की केन, धसान, उर्मिल और सिंगरी नदियाँ उफान पर हैं।

जबलपुर में बरगी बांध के अब तक 8 गेट खुले 

जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है. रविवार सुबह नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर नदी का जलस्तर 957 फीट को पार कर गया। अलार्म लेवल 964 फीट और खतरे का लेवल 967 फीट है.

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र रीवा और सतना के आसपास है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी एक ट्रफ सक्रिय है। गुजरात पर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इससे मानसून की सक्रियता बनी हुई है।

अगले 24 घंटों में रीवा संभाग में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है । भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन सहित अन्य जिलों में आसमान साफ ​​रहेगा। हल्की बारिश भी हो सकती है.

मप्र के पूर्वी हिस्से में 15% ज्यादा बारिश

मध्य प्रदेश में 1 जून से अब तक कुल मिलाकर सामान्य से 13% अधिक वर्षा हुई है। आईएमडी भोपाल के अनुसार, पूर्वी भाग में अभी भी 15% अधिक वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी भाग में 11% अधिक वर्षा हुई है।

सर्वाधिक वर्षा वाले जिले

नरसिंहपुर में 35 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। सिवनी-मंडला में आंकड़ा 32 इंच के पार। छिंदवाड़ा, डिंडोरी, जबलपुर, सागर, नर्मदापुरम, रायसेन में यह आंकड़ा 28 इंच या उससे अधिक है।

इंदौर, अनुपपुर, बालाघाट, कटनी, पन्ना, शहडोल, उमरिया, बैतूल, भिंड, देवास, हरदा, रतलाम, सीहोर और विदिशा में 24 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

आगर-मालवा, बुरहानपुर, राजगढ़, शाजापुर, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह और निवाड़ी में 20 इंच या उससे ज्यादा बारिश हुई है।

मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटों का मौसम

मध्यम से भारी बारिश: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और पन्ना।
गरज चमक के साथ स्थिति: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी।

हल्की बारिश: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच , गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर।

एमपी के 5 बड़े शहरों में मौसम का हाल

भोपाल: मौसम साफ रहेगा। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हो सकती है.
इंदौर: भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं। नमी के कारण कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है.
ग्वालियर: यहां बादल छाए रहेंगे। आकाशीय बिजली गिरने का भी अनुमान है.
जबलपुर: मौसम साफ रहेगा। संभाग में बारिश के आसार हैं।
उज्जैन: हो सकती है हल्की बारिश। जिले के महिदपुर, नागदा, तराना, बड़नगर में भी बूंदाबांदी हो सकती है।

Varanasi Gyanvapi ASI Survey: मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई? ‘ज्ञानवापी’ के इमाम ने औरंगजेब का जिक्र करते हुए कहा, ‘इस्लाम में…’

Varanasi Gyanvapi ASI Survey :   ज्ञानवापी क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एसएसआई) द्वारा चल रहे सर्वेक्षण को 2 दिन पूरे हो गए हैं। शनिवार को लगातार दूसरे दिन आईएएस की टीम ज्ञानवापी परिसर पहुंची और मस्जिद के सेंट्रल हॉल का निरीक्षण किया. 

ऐसा कहा जाता है कि सर्वेक्षण से इस बात का विवरण सामने आएगा कि 17वीं शताब्दी में मस्जिद के निर्माण से पहले उस स्थान पर कोई हिंदू मंदिर मौजूद था या नहीं। इस सर्वे के दौरान मुस्लिम पार्टी के 5 सदस्य भी मौजूद थे. सर्वेक्षण के लिए एएसआई अधिकारी रविवार को तीसरे दिन भी क्षेत्र में उतरे हैं। 

इस पूरे हालात पर बात करते हुए ज्ञानवापी महासचिव और मुख्य इमाम मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने औरंगजेब को लेकर अहम बयान दिया है.

क्या उस कमरे का सर्वेक्षण किया गया था?

मस्जिद के निचले हिस्से वाला कमरा इमाम मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने ‘आज तक’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि क्या मस्जिद मंदिर को तोड़कर बनाई गई है? क्या मस्जिदों में हिंदू प्रतीक पाए जाते थे? जैसे सवालों के जवाब दिए. मुस्लिम पक्ष के 5 लोगों की उपस्थिति में नीचे का कमरा खोला गया। 

इसमें एएसआई के अधिकारी भी गए थे. यहां एक सर्वे किया गया. इस कमरे के नीचे के क्षेत्र का भी सर्वेक्षण किया गया जहां मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती थी। इसके बाद उन्हें उन कमरों में जाने की इजाजत होगी जहां वे जांच करना चाहते हैं. इमाम मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि हम उनका पूरा समर्थन करेंगे.

क्या मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है?

क्या मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है? इमाम मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी से पूछा गया कि आप इस बारे में क्या सोचते हैं. उन्होंने जवाब दिया, “ऐसा नहीं हो सकता. इस्लाम में ऐसा कोई नियम नहीं है.

ये औरंगजेब की बनवाई हुई मस्जिद है. खास तौर पर औरंगजेब से ऐसा होगा, ये नहीं कहा जा सकता. औरंगजेब अलग था. वो बहुत धार्मिक था. वो होता तो एक मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई।” , “इमाम मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा।

क्या आपको मस्जिदों की दीवारों पर हिंदू प्रतीक मिले?

क्या मस्जिदों की दीवारों पर हिंदू प्रतीक पाए जाते हैं? यह बात इमाम मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी से पूछी गई। इमाम मुफ़्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा, “हम वहां हर शुक्रवार को नमाज़ पढ़ते हैं. हमने अब तक वहां ऐसा कोई निशान नहीं देखा है. तो हम क्यों मानें कि वहां ऐसी कोई चीज़ है?

तस्वीरों में हम त्रिशूल और स्वास्तिक जैसे निशान देख सकते हैं उन्होंने कहा, “जो मुगल यहां आए वे सभी धर्मों के थे। वह समतावादी थे। वह अपने हिंदू भाइयों को अपने साथ लेकर चलते थे। इसीलिए वह मुस्लिम होते हुए भी इस देश में आए और इतने बड़े देश पर 800 साल तक राज किया।” अपनी राय व्यक्त करते हुए. 

24470 करोड़ की योजना का उद्घाटन करते हुए मोदी का हुजूम! कहा, ‘विपक्षी दल प्रत्येक…’

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PM Modi While Talking On Amrit Bharat Station Scheme:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधा. ‘विपक्षी दल हर अच्छे काम का विरोध करते हैं. विपक्ष ने संसद की नई इमारत का विरोध किया. 

उन्होंने शहीदों के लिए युद्ध स्मारक भी नहीं बनवाया. विपक्षी दलों ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा नहीं किया। उन्होंने सरदार पटेल को सलाम नहीं किया. पीएम मोदी ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा, ‘वे (काम) नहीं करेंगे और न ही करने देंगे।’

24 हजार 470 करोड़ रुपए खर्च

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास योजना का शुभारंभ किया गया। इसी कार्यक्रम में मोदी ने ये तरकीब अपनाई. प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत देश के विभिन्न प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया। 

इस योजना के तहत कई रेलवे स्टेशनों की सूरत बदल जाएगी. कहा जा रहा है कि यह भारतीय रेलवे स्टेशनों का अब तक का सबसे बड़ा मेकओवर होगा। इसमें 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 508 रेलवे स्टेशन तोड़े जाएंगे. इन रेलवे स्टेशनों की बिक्री पर 24 हजार 470 करोड़ रुपये तक खर्च होंगे. 

पूर्वोत्तर भारत में रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा

“उत्तर पूर्व भारत में रेलवे के विस्तार को हमारी सरकार ने प्राथमिकता दी है। प्रत्येक अमृत स्टेशन शहर के आधुनिकीकरण, आशा और प्राचीन गौरव का प्रतीक होगा।

अब यात्रियों को ट्रेन से रेलवे स्टेशन तक एक अलग अनुभव होगा। आज पूरा विश्व की नजर भारत पर है. विश्व स्तर पर भारत का बहुत सम्मान है.. भारत विकास की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है. ये अमृतकाल की शुरुआत है. नई ऊर्जा हमारे साथ है. हम नई प्रेरणा के साथ काम कर रहे हैं.

जिसमें किस राज्य में कितने स्टेशन शामिल हैं

24,470 करोड़ रुपये की योजना में उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 55 स्टेशन शामिल हैं। इनमें बिहार में 49 स्टेशन, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22, गुजरात और तेलंगाना में 21-21 स्टेशन शामिल हैं। इसमें झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में 18-18, हरियाणा में 15 और कर्नाटक में 13 स्टेशन शामिल हैं।

रेलवे स्टेशन पर क्या बदलेगा?

> रेलवे स्टेशनों को सिटी सेंटर के रूप में विकसित करना
> शहरों के दोनों छोरों को जोड़ने का प्रयास
> रेलवे स्टेशनों पर अधिक सुविधाएं प्रदान करना
> अत्याधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देना
> बेहतर माल प्रबंधन और इंटरमॉडल एकीकरण
> ओरिएंटेशन सामग्री और सहायता
> रेलवे स्टेशनों की सजावट स्थानीय कला और संस्कृति को प्राथमिकता देना

पेट दर्द से पीड़ित 25 साल के युवक के पेट से निकाले गए दो स्टील के चम्मच; लेकिन कैसे निगलें?

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Bihar News Today: बिहार में एक शख्स के पेट में लगातार दर्द रहता था. पेट दर्द से परेशान एक शख्स अस्पताल पहुंचा. बिना कारण जाने सोनोग्राफी करने पर डॉक्टर भी हैरान रह गए। आख़िरकार, डॉक्टर ने उस व्यक्ति के पेट की सर्जरी करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने शख्स के पेट से दो बड़े चम्मच निकाले। यह घटना सिर्फ उत्तेजना व्यक्त कर रही है. 

दो चम्मच कैसे निगलें?

यह चौंकाने वाली घटना बिहार के लखीसराय में एक 25 साल के युवक के साथ घटी है. पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (IGIMS) के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर युवक के पेट से दो चम्मच निकाले. 

फिलहाल इस युवक की हालत स्थिर है और इस बात पर हैरानी जताई जा रही है. साथ ही डॉक्टर भी इस बात से हैरान हैं कि युवक ने दो फुलझड़ियां क्यों निगल लीं.

पेट दर्द से पीड़ित व्यक्ति

लखीसराय के रहने वाले एक शख्स ने शराब के नशे में दो चम्मच निगल लिया. कुछ दिन बाद उनके पेट में तेज दर्द हुआ. पेट दर्द से पीड़ित युवक को पटना के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने युवक की जांच की तो भी उन्हें इसका कारण पता नहीं चला। 

सोनोग्राफी के बाद डॉक्टरों को उनके पेट में दो चम्मच मिले। घटना की गंभीरता को समझते हुए आईडीआईएमएस अस्पताल भेजा गया. चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. मनीष मंडल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने उनका समुचित इलाज शुरू किया. 

चम्मच को शल्यचिकित्सा से हटाना

डॉ। मनीष मंडल की टीम ने एंडोस्कोपिक विधि से युवक के पेट से दो चम्मच निकाले हैं. सर्जरी तीन घंटे तक चली. डॉ। मंडल के अनुसार, सभी मेडिकल विकल्पों को देखने और अध्ययन करने के बाद, हमने एंडोस्कोपिक विकल्प के साथ जाने का फैसला किया। और आज सर्जरी सफल रही. 

24 घंटे बाद घर भेज दिया गया

सर्जरी के बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक डॉक्टर की देखरेख में रखा गया. देखा गया कि उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है. बाद में उन्हें शनिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस घटना से हैरानी जताई जा रही है. साथ ही डॉक्टरों को भी धन्यवाद दिया है. 

पेट से बड़ी वस्तु निकलने का यह तीसरा मामला है। इससे पहले एक आरोपी के पेट से मोबाइल फोन बरामद हुआ था. तो एक युवक के पेट से सोने का बिस्किट निकाला गया. 

बीजेपी में शामिल होंगे जयंत पाटिल? अमित शाह से हुई गुप्त मुलाकात? फड़णवीस का आह्वान, अजित पवार की मध्यस्थता और…

Jayant Patil Secret Meeting: मई की शुरुआत में एनसीपी के विभाजन के बाद, अजीत पवार के नेतृत्व वाला एक समूह राज्य में सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भारतीय जनता पार्टी सरकार में शामिल हो गया। 

लेकिन एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार अजित पवार गुट के इस रुख के खिलाफ हैं. इसीलिए NCP में 2 गुट हैं. शरद पवार के साथ रहने वाले नेताओं में एक नाम जयंत पाटिल का भी है. हालांकि, आज जयंत पाटिल के दौरे से उनकी भूमिका को लेकर उलटी चर्चा छिड़ गई है.

फड़णवीस का फोन, अजित पवार की मध्यस्थता

सूत्रों के मुताबिक, जयंत पाटिल ने आज महाराष्ट्र के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. आज सुबह जे. बताया जाता है कि शाह और जयंत पाटिल की मुलाकात डब्ल्यू मैरियट होटल में हुई थी।

बताया जा रहा है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री और बागी गुट के नेता अजित पवार ने दोनों नेताओं के बीच बैठक में मध्यस्थता की. राज्य के उपमुख्यमंत्री और राज्य में बीजेपी नेता देवेन्द्र फड़णवीस ने जयंत को पाताल कहा. इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि जयंत पाटिल बीजेपी में जा रहे हैं. 

बाद में शरद पवार से मुलाकात

अमित शाह से मुलाकात के बाद जयंत पाटिल मुंबई के लिए रवाना हो गए. उन्होंने सुबह पार्टी अध्यक्ष शरद पवार से मुंबई में उनके आवास ‘सिवर ओक’ पर मुलाकात की. इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस बैठक सत्र को लेकर अजित पवार अलग राजनीतिक रुख अपनाएंगे.

शिंदे गुट की पहली प्रतिक्रिया

शिंदे गुट के नेता उदय सामंत से जब पत्रकारों ने इस दौरे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अगर जयंत पाटिल उनके साथ आएंगे तो खुशी होगी. सामंत ने यह भी कहा, “असल में उन्हें (जयंत पटल) को शुरुआत में दादा (अजित पवार) के साथ जाना चाहिए था। लेकिन मुझे नहीं पता कि वह क्यों रुके।”

“अजित दादा के यहां आने के बाद उन्हें एक बार फिर से एहसास हुआ होगा कि यहां वाकई एक गतिशील सरकार है। शायद इसीलिए वह फैसला ले रहे हैं। हमें नहीं पता कि उन्होंने फैसला लिया है या नहीं, लेकिन अगर उन्होंने लिया है।” यह हमारे लिए अच्छा है,” उदय सामंत ने कहा।

15 दिन पढ़ाई की और फिर…

उन्होंने कहा, ”मैं इतने बड़े स्तर पर चर्चा नहीं कर रहा हूं। इस संबंध में अधिकार मुख्यमंत्री, देवेन्द्र जी और अजीत दादा का है। अजीत दादा के जाने के बाद उन्होंने (जयंत पटल) 15 दिनों तक अध्ययन किया होगा। उन्हें भी यह बात समझ में आ गई होगी।” सरकार गतिशील है और इस सरकार में शामिल होने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। हो सकता है कि वे राय बदलने के कारण निर्णय ले रहे हों,” उदय सामंत ने कहा।

Ujjain Baba Mahakal 5th Sawari: उज्जैन में बाबा महाकाल की पांचवी सवारी कल, बाबा महाकाल पांच स्वरूपों में देंगे दर्शन

Ujjain Baba Mahakal 5th Sawari: बाबा महाकाल (BABA MAHAKAL) की पांचवी सवारी सोमवार को धूमधाम से निकलेगी। बाबा महाकाल पांच स्वरूपों में दर्शन देंगे।

कार्यक्रम अनुसार सोमवार अपरांह 4 बजे कोटितीर्थ कुण्ड के समीप सभागृह में बाबा का अभिषेक पूजन होकर बाबा के चंद्रमौलेश्वर स्वरूप को पालकी में विराजीत किया जाएगा।

यहां से पालकी मंदिर के मुख्य द्वार पर लाई जाएगी। गार्ड ऑफ ऑनर पश्चात बाबा नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सवारी कोट मौहल्ल्ला चौराहा, गुदरी तिराहा, बक्षी बाजार, कहार वाड़ी होकर शिप्रा तट जाएगी।

यहां बाबा का शिप्रा के जल से अभिषेक पूजन होगा। वहीं मंदिर की ओर से मां शिप्रा का पूजन किया जाएगा। पश्चात सवारी पुन: मंदिर के निकलेगी।

सवारी शिप्रा तट से मोढ़ की धर्मशाला, खाती का मंदिर, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड़, टंकी चौक, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी तिराहा, कोट मौहल्ला चौराहा होकर पुन: मंदिर पहुंचेगी।