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3 दिन के सामुहिक अवकाश पर गए तहसीलदार व नायब तहसीलदार

सिवनी- सरकार द्वारा नामांतरण एवं अन्य राजस्व मामलो को समय सीमा में पूर्ण ना करने वाले तहसीलदार व नायब तहसीलदार को अर्थ दण्ड लगाने के आदेश को वापस लेने के विरोध में आज जिला सिवनी सहित सारे मध्यप्रदेश के उपरोक्त अधिकारी 3 दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए है।।

आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौप सभी अधिकारी 9 जनवरी से 11 जनवरी तक के आसकमिक अवकाश पर चले गए है।

संस्कृत की रक्षा के बिना भारतीय संस्कृति की रक्षा असम्भव -जगद्गुरु

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साहित्य समाज का दर्पण होता है इसलिए संस्कृतियां साहित्य पर अवलम्बित होती हैं । भारत का वह समग्र साहित्य जिस पर भारतीय संस्कृति अवलम्बित है वह संस्कृत में संरक्षित है अतः संस्कृत के बिना भारतीय संस्कृति की रक्षा असम्भव है ।

उक्त उद्गार पूज्यपाद अनन्तश्री विभूषित उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर व पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ने

आज काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन को अपना पावन सान्निध्य प्रदान करते हुए कही

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज ने आगे कहा कि काशी के विद्वान् सदा से ही इस ओर सचेष्ट रहे हैं और अपना तन-मन-धन सब कुछ न्यौछावर करके भी उन्होंने संस्कृत विद्या की रक्षा की है । इसके लिए वे अभिनन्दन के पात्र हैं ।

शंकराचार्य जी ने नवागन्तुक विद्यार्थियों से कहा कि आप यह न सोचें कि आप गरीब घर के थे इसलिए अंग्रेजी नहीं पढ पाए और मजबूरन संस्कृत पढना पडा । बल्कि आप यह सोचें कि आपका कोई पूर्वकृत पुण्य था जो आप भारत में उत्पन्न होकर भारत की ही आत्मा को स्थापित करने वाली संस्कृत के अध्येता बने हैं ।

नोबल प्राइज विनर महान वैज्ञानिक डॉ हरगोविंद खुराना का जन्मदिन आज, गूगल ने डूडल बनाकर किया याद, जानिए खास बातें

रायपुर। आज जब आप गूगल खोज में जाते हैं, तो आपको डूडल के रूप में लैबोरेट्री में काम करते हुए एक शख्स दिखाई देते हैं, साथ ही दाहिनी ओर उनकी एक तस्वीर भी दिखाई देती है. आप सोच रहे होंगे कि आखिर आज गूगल ने डूडल बनाकर किसे याद किया है, ये डूडल किसे समर्पित है, तो हम आपको बता देंगे कि ये महान शख्सियत हैं डॉ हरगोविंद खुराना, जो एक महान वैज्ञानिक थे. इन्होंने नोबल प्राइज भी जीता था और देश-दुनिया को कई महान अविष्कार दिए.डॉ हरगोविंद खुराना के बारे में खास बातें

भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ हरगोविंद खुराना का आज 96वां जन्मदिन है. इनका जन्म 9 जनवरी 1922 को अविभाजित भारत के रायपुर, जो पंजाब के मुल्तान जिले में आता था, वहां हुआ था. पटवारी पिता के 4 बेटों में ये सबसे छोटे थे. पढ़ाई-लिखाई में बचपन से ही हरगोविंद बहुत होशियार थे. स्थानीय स्कूल के बाद उन्होंने मुल्तान के डीएवी हाई स्कूल में पढ़ाई की. वे बचपन से ही एक होशियार और समझदार छात्रों में गिने जाते थे.

12 साल की उम्र में पिता का निधन हो जाने के बाद बड़े भाई ने उन्हें पढ़ाया-लिखाया. उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से साल 1943 में बीएससी (ऑनर्स) और साल 1945 में एमएससी (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की. वे भारत सरकार से छात्रवृत्ति पाकर इंग्लैंड गए. यहां लिवरपूल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ए रॉबर्टसन के अंडर इन्होंने रिसर्च किया और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की.

स्वर्ण पदक और ‘Merck Award’ से हुए सम्मानित

साल 1960 में डॉ हरगोविंद खुराना ‘Professor Institute of Public Service’ स्वर्ण पदक से सम्मानित हुए. साथ ही उन्हें कनाडा की केमिकल इंस्टीट्यूट से ‘Merck Award’ भी मिला. साल 1960 में डॉ खुराना अमेरिका के University of Wisconsin के Institute of Science Research में प्रोफेसर पद पर नियुक्त हुए. इसके बाद वे इसी संस्था के निदेशक भी बने.

साल 1960 में ही डॉ खुराना ने नीरबर्ग की इस खोज की पुष्टि की. इस खोज के मुताबिक, डीएनए अणु के घुमावदार ‘सोपान’पर चार अलग-अलग तरह के न्यूक्लिओटाइड्स के विन्यास का तरीका नई कोशिका की रासायनिक संरचना और कार्य को निर्धारित करता है.

इस सफलता से ऐमिनो अम्लों की संरचना और आनुवांशकीय गुणों का संबंध समझना संभव हो गया और वैज्ञानिक अब कई अनुवांशिक रोगों के कारण को समझने और उनके इलाज में सफल हो रहे हैं.

जब डॉ हरगोविंद खुराना को मिला नोबल प्राइज

डॉ हरगोविंद खुराना ने जीन इंजीनियरिंग की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जेनेटिक कोड की भाषा समझने और उसकी प्रोटीन संश्लेषण में भूमिका प्रतिपादित करने के लिए नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

डॉ हरगोविंद खुराना को साल 1968 में प्रोटीन संश्लेषण में न्यूक्लिटाइड की भूमिका का प्रदर्शन करने के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था. उन्हें ये पुरस्कार साझा तौर पर दो और अमेरिकी वैज्ञानिकों के साथ दिया गया था. चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाले वे भारतीय मूल के पहले वैज्ञानिक थे.

साल 1966 में उन्होंने अमेरिका की नागरिकता ग्रहण कर ली थी.  9 नवंबर 2011 में उनका देहांत हो गया और एक महान वैज्ञानिक हमारे बीच से चला गया. लेकिन आनुवांशिकी विज्ञान में उनकी खोजों ने चिकित्सा विज्ञान में एक क्रांति ला दी और कई बीमारियों का इलाज संभव हुआ. उनके योगदान को दुनिया हमेशा याद रखेगी.

आज फिर नही हुई मंडी में खरीदी, आक्रोशित है किसान

सिवनी- मुख्यालय से 5 किमी दूर नगझर कृषि उपज मंडी समिति का प्रभधन किसानों दवारा लायी गयी फसलों की बोली करवाने में नाकाम साबित हो रहा है।

गत 8 जनवरी को भी व्यापारियों की मनमानी के चलते भावन्तर योजना का लाभ लेने आये किसानों की मक्का नही खरीदी गई थी।

वादविवाद के बीच आज 9 जनवरी को पुनः अभी तक बोली आरभ नही हो पाई है।

यदि आपके बच्चे खटारा बसों में सफर कर रहे है तो उपयोग करे Seoni police ऐप

सिवनी- इंदौर के डीपीएस स्कूल में हुई बस दुर्घटना के बाद जिले में ऎसे पालक चिंतित है जिनके बच्चे भारी भरकम फीस देकर उन स्कूली बसो में सफर कर रहे है जिनमे मानक सुरक्षा उपकरण तक उपलब्ध नही है।

छमता से अधिक बच्चों को स्कूल तक ले जारी बसो में अक्मसिक द्वार, फस्ट ऐड बॉक्स तक उपलब्ध नही है,यहाँ तक लगाए गए स्पीड गवर्नर कार्य रहे है या नही इसकी जानकारी किसी को नहीं है।।

पालक सही में यदि अपने बच्चो की चिता कर रहे है तो वो ऐसी बसो की फोटोज,बस नम्बर सहित पुलिस अधिकछ तरुण नायक द्वारा बनाये गए

Seoni police

ऐप पर दे।

ताकि उन बस मालिको व स्कूल प्रबंधन पर कार्यवाही कर सके।

E- मेल से की गई थी डी पी एस बस की शिकायत

सिवनी–इन्दौर मे एक छात्र के पिता द्वारा 15 जून 2016 को डीपीएस प्रबंधन को किया गया ईमेल जिसमे बस की कंडम हालत का उल्लेख है।बीस सीटर बस मे बत्तीस बच्चे बिठाना,बस मे शार्ट सर्किट होना और स्टेयरिन्ग का हाथ मे आ जाना जैसी गङबङिया मेल मे लिखी है।यह भी लिखा है कि बस मैनेजर पान्डेय लाख कहने पर भी सुनता नही है

परसू साहू ने महिला को दी जान से मारने के धमकी

घर में घुसकर महिला से की मारपीट

धूमा थाना बंधा ग्राम निवासी एक महिला के साथ उसके घर में घुसकर कुछ लोगों के द्वारा मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गाँव के ही परसू साहूभागचंद साहूदिनेश साहू एवं अरविंद साहू के द्वारा गाँव की नेमती बाई पति जमना प्रसाद साहू व उनके भतीजे सुनील साहू के साथ जमकर गाली गलौच करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। इन आताताईयों के द्वारा महिला के साथ जमकर मारपीट भी की गयी बतायी जाती है।

बताया जाता है कि घायल महिला को पीड़ित के परिवार के द्वारा किसी तरह पुलिस थाने तक ले जाया गया। थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने मामले में तत्परता दिखाते हुए घायलों का मुलाहजा कराया और आरोपियों के खिलाफ धारा 45229432332450634 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।

इसके साथ ही बताया जाता है कि पुलिस के द्वारा परसू साहूभागचंद साहूदिनेश साहू एवं अरविंद साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। मारपीट का कारण इन पंक्तियों के लिखे जाने तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

सिक्के ना लेने से पहले व्यापारी रखे ध्यान

सिवनी–भारतीय मुद्रा का बहिस्कार अधिनियम की धारा के अंतर्गत व उपभोक्ता कानून का उलंघन करने के मामले में मुक़दमा भी दर्ज किया जा सकता हैअगर आप के भी शहर या कसबे में ऐसा हो रहा हो तो कृपया वीडियो या ऑडियो बना कर अपने जिले के कलेक्टर या संबंधित थाने में सूचना दें ।इस तरह से भारतीय मुद्रा का बहिस्कार करने वाले पर 7 साल से 12 साल की सजा या रुपये 20,000 का जुर्माना या फिर दोनों के साथ सजा दी जा सकती है।