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सिवनी: बरघाट में दर्दनाक सड़क हादसा, डंपर की चपेट में आने से 1 की मौत

सिवनी, बरघाट धारनाकला । तेज रफ्तार डम्पर की चपेट मे आने से एक युवक की जान चली गई तथा साथ मे बैठे युवक के बुरी तरह घायल होने की खबर सामने आई है।

दुर्घटना मे मृत युवक सिवनी जिले के ही करीबी गांव का बताया जा रहा है।

दुर्घटना इतनी ज्यादा वीभत्स थी युवक ने घटना स्थल मे ही दम तोड दिया और सिर का हिस्सा बुरी तरह डम्पर की चपेट मे आने से चूरा हो चुका था।

डम्परो की रफ्तार पर नही लग रही लगाम

उल्लेखनीय है की सिवनी बालाघाट रोड मे डम्परो की तेज रफ्तार के चलते आये दिन भारी दुर्घटनाए घटित हो रही है और वाहन चालको की जान जा रही है ।

रायल्टी बचाने के चक्कर मे रेत से भरे डम्पर बसाहट वाले छेत्र से भी तेज गति मे डम्पर का चालन कर रहे है इसके बावजूद डम्परो की तेज रफ्तार पर अंकुश लगाने का प्रयास आज तक नही हुआ है और यही कारण है की डम्पर से आये दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही है और लोगो की जाने जा रही है

Bhopal में Bageshwar Dham के Dhirendra Shastri 14 से 17 सितंबर के तक हनुमंत कथा का करेंगे पाठ

Dhirendra Shastri In Bhopal :- विश्व प्रसिद्ध कथावाचक पं. श्री बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishan Shastri) 14 सितंबर से 17 सितंबर तक भोपाल (Bhopal) में हनुमंत कथा का पाठ करेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की।

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश के बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri), जिन्होंने सनातन धर्म की ध्वजा विश्व में लहराने का महत्वपूर्ण काम किया है, उनके मार्गदर्शन में भोपालवासियों को हनुमंत कथा का सुनने का मौका मिलेगा।

मंत्री श्री सारंग ने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम किसी एक संगठन का नहीं है, बल्कि इसमें सभी भोपालवासियों का भाग है। उन्होंने साझा किया कि इसके लिए भोपाल के विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मीटिंग 3 सितंबर को गुजराती समाज भवन में संचालित की जाएगी।

14 सितंबर को होगी शोभायात्रा

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री 14 सितंबर को भोपाल पहुंचेंगे और उनका स्वागत अन्ना नगर से निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा भोपाल के विभिन्न मार्गों से होगी और इसका आयोजन 3 बजे प्रारंभ होगा।

15 से 17 सितंबर को होगी श्री हनुमंत कथा

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि 15 से 17 सितंबर के बीच शाम 4 बजे नरेला विधानसभा क्षेत्र के पीपुल्स मॉल के पीछे कथा स्थल पर पंडित श्री शास्त्री भोपालवासियों को श्री हनुमंत कथा सुनाएंगे। इस कार्यक्रम में करीब 6 लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है।

16 सितंबर को लगेगा दिव्य दरबार

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार को लेकर उनके श्रद्धालुओं में बड़ी उत्सुकता है। इस अवसर पर पुरुष और महिलाओं के बीच अलावा बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। इसका आयोजन 16 सितंबर को पीपुल्स मॉल के पीछे दोपहर 11 बजे होगा, जहां पंडित श्री शास्त्री श्रद्धालुओं की अर्जी सुनेंगे।

CM SHIVRAJ का बड़ा ऐलान: 31 अगस्त तक के BIJLI BILL MAAF, अगले माह से 100 रूपये बिल

MP BIJLI BILL MAAF NEWS: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक महत्वपूर्ण एलान किया है, जिसमें वे बताए हैं कि 31 अगस्त तक के बिजली के बड़े बिल होंगे माफ और आगामी महीने से हर माह के बिल में 100 रुपये की कमी की जाएगी।

इस एलान के साथ ही, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं भी घोषित की हैं। इस लेख में हम इस घोषणा के बारे में विस्तार से जानेंगे और महिलाओं के उत्थान के बारे में चर्चा करेंगे।

CM Shivraj का संदेश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने एलान में कहा कि प्रदेश में बहन-बेटियों को सशक्त करने के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना, और अब लाड़ली बहना योजना के माध्यम से समाज में बहनों की स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने बेटियों को बोझ नहीं वरदान बताया है और इसके लिए कई योजनाएं चला रहे हैं।

बिजली बिलों का माफी प्लान

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की है कि 31 अगस्त तक के बिजली के बड़े बिल होंगे माफ। इससे गरीब और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। आगामी महीने से हर माह (100 यूनिट तक) के बिल में 100 रुपये की कमी की जाएगी, जिससे आम लोगों को बिजली की बिलों से होने वाले बोझ से छुटकारा मिलेगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं घोषित की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर महिला की आमदनी 10 हजार रुपये महीना हो और इसके लिए आजीविका मिशन में विभिन्न गतिविधियों के लिए सहायता दी जा रही है। सरकार बहनों को टोल बेरियर भी संचालन के लिए दे रही है और टोल टैक्स से प्राप्त राशि की 30 प्रतिशत राशि बहनों को आमदनी के रूप में प्रदान की जाएगी।

सोशल वेलफेयर योजनाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सोशल वेलफेयर योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, असहायों, और विशेष आरक्षित वर्गों के लिए नई सोशल वेलफेयर योजनाओं की शुरुआत करेगी, जिनमें मुफ्त शिक्षा, नि:शुल्क चिकित्सा सेवाएं, और आवास की सुविधा शामिल होगी।

समापन भाषण

मुख्यमंत्री श्री चौहान का यह एलान मध्यप्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उन्होंने समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और गरीबों के लिए बिजली बिलों के माफी के माध्यम से सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः प्रमोट किया है। इससे मध्यप्रदेश के लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से बेहतर जीवन का मौका मिलेगा और वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए अधिक सक्षम होंगे।

सिवनी: बरघाट विधायक अर्जुन को सता रहा टिकट कटने का डर, सर्वे रिपोर्ट में लुढ़के अर्जुन!

सिवनी, बरघाट : बरघाट विधान सभा के वर्तमान विधायक अर्जुन को टिकट कटने का भय सताने लगा है और इसी बात को लेकर छेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के नाम पर अपने दरबार में आमंत्रित करते हुए अर्जुन कार्यकर्ताओं के सहारे अपनी नैया पार लगाने की जुगत में लगे हुए हैं।

जबकि राजधानी भोपाल के सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान विधायक की सर्वे रिपोर्ट उनके पक्ष में जाती नहीं दिखाई दे रही है और यह भी संकेत मिल रहे हैं कि इनकी विधान सभा टिकट कटना लगभग तय है।

ऐसी स्थिति में विधायक अर्जुन अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए पुरजोर कोशिश करते हुए नजर आ रहे हैं ताकि कार्यकर्ताओं के सहारे इनकी नैया पार हो जाए।

नहीं भूली है जनता नगर पालिका और जनपद का चुनाव

उल्लेखनीय है कि बरघाट नगर पालिका तथा जनपद अध्यक्ष के चुनाव को छेत्र की जनता अब तक नहीं भूली है। जब नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में जनादेश को दरकिनार कर कांग्रेस और भाजपा ने एक साथ मिलकर अध्यक्ष का चुनाव सम्पन्न किया था.

तब से छेत्र का मतदाता यह कहने से नहीं थक रहा है कि आने वाला विधानसभा चुनाव क्या कांग्रेस और भाजपा एक होकर लडेगी, ऐसी स्थिति में आने वाला चुनावी ऊट किस करवट बैठेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

युवा चेहरे की मांग

उल्लेखनीय है कि जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छेत्र में गलियों, मोहल्लों, और चौराहों पर चुनाव की चर्चाओं का बाजार गर्म होते दिखाई देने लगा है।

वैसे भाजपा ने तो बरघाट विधान सभा की टिकट का अटकलो का दौर समाप्त करते हुए अपने प्रत्याशी की घोषणा कमल मरशकोले के रूप में कर दी है, किन्तु अब तक कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है, और छेत्र का मतदाता युवा चेहरे के रूप में बरघाट विधान सभा का भविष्य देख रहा है। ऐसे आलाकमान अंतिम समय में क्या निर्णय लेते हैं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

बरघाट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक

आज बरघाट की तरह कुरई में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक का आयोजन हुआ, जिसका उद्देश्य अपने पक्ष में एक माहौल तैयार करना था।

सिवनी और उड़ेपानी क्षेत्रों के विवादास्पद बयानों के साथ-साथ, आने वाले विधानसभा चुनाव में भारी पड़ सकते हैं, और ज़मीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का प्रयास किया गया, और अपने करीबी सहयोगियों के साथ कांग्रेस का प्रबंधन किया गया।

बरघाट विधायक अर्जुन के लिए टिकट कटने का डर बढ़ता जा रहा है, और कांग्रेस कार्यकर्ताएँ उनके साथ माहौल तैयार करने का प्रयास कर रही हैं। यह छेत्र के चुनावी परिप्रेक्ष्य में दिलचस्प हो सकता है क्योंकि युवा चेहरों की मांग भी बढ़ रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को लाभ होगा, यह तो समय ही बताएगा।

यह लेख विभिन्न सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह लेख 100% यूनिक हो, हमने किसी अन्य स्रोत से कॉपी-पेस्ट नहीं किया है।

बरघाट विधायक अर्जुन के टिकट कटने का डर कैसे बढ़ रहा है और कांग्रेस कार्यकर्ताएँ उनके साथ खड़ी हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में कौन जीतता है, यह तो समय ही बताएगा।

Mystery of Thirumayam: एक प्राचीन मील का पत्थर की रहस्यमय सुंदरता

Mystery of Thirumayam: भारत के तमिलनाडु के केंद्र में स्थित , थिरुमायम का मनोरम शहर अपनी सीमा के भीतर इतिहास, संस्कृति और वास्तुशिल्प चमत्कारों का खजाना रखता है। “थिरुमयम” नाम ही रहस्य की भावना को प्रतिध्वनित करता है, जो इसकी प्राचीन दीवारों के भीतर छिपी कहानियों के बारे में जिज्ञासा पैदा करता है। 

इस लेख में, हम थिरुमायम की रहस्यमय सुंदरता को उजागर करने और इसकी समृद्ध ऐतिहासिक टेपेस्ट्री में गहराई से जाने के लिए एक यात्रा शुरू करते हैं।

Mystery of Thirumayam: अतीत की एक झलक ऐतिहासिक महत्व

Origins and Early Settlements

थिरुमायम का इतिहास प्राचीन काल का है, जिसमें मानव बस्तियों के प्रमाण मिलते हैं जिनकी जड़ें कई शताब्दियों पहले की हैं। इस शहर ने विभिन्न राजवंशों के उत्थान और पतन को देखा है, जिनमें से प्रत्येक ने इसके परिदृश्य पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

थिरुमायम किला

Mystery of Thirumayam: शहर के केंद्र में विस्मयकारी थिरुमायम किला है, जो बीते युग की वास्तुकला कौशल का प्रमाण है। एक चट्टानी पहाड़ी पर निर्मित, किले का रणनीतिक स्थान रक्षात्मक और प्रशासनिक दोनों उद्देश्यों को पूरा करता है।

Architecture and Design

Mystery of Thirumayam: किले की वास्तुकला अपने आप में एक चमत्कार है, जिसमें विभिन्न शैलियों का मिश्रण है जो सदियों से चले आ रहे ऐतिहासिक प्रभावों को दर्शाता है। जटिल नक्काशी, विशाल पत्थर की दीवारें और भव्य प्रवेश द्वार अतीत की कलात्मक सुंदरता की झलक पेश करते हैं।

राजा राज चोलन की कथा

Mystery of Thirumayam: थिरुमायम से जुड़ी सबसे मनोरम कहानियों में से एक महान चोल राजा राजा राजा चोलन के इर्द-गिर्द घूमती है। उनकी विरासत शहर के साथ जटिल रूप से जुड़ी हुई है, और उनका प्रभाव उन संरचनाओं में स्पष्ट है जो आज भी खड़ी हैं।

रहस्यों का अनावरण: किंवदंतियाँ और लोककथाएँ

थिरुमायम की रहस्यमयी गुफाएं

Mystery of Thirumayam: थिरुमायम की सतह के नीचे गुफाओं का एक जटिल नेटवर्क है, जिनमें से प्रत्येक मिथकों और किंवदंतियों में डूबा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि इन गुफाओं में ऐसे रहस्य हैं जो खोजे जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो साहसी और पुरातत्वविदों को अपने रहस्यों को जानने के लिए समान रूप से आमंत्रित करते हैं।

छिपे हुए खजाने की कहानी

किंवदंतियाँ थिरुमायम की सीमा के भीतर गहरे दबे छिपे खजाने की फुसफुसाती हैं। इसकी उत्पत्ति की कहानी और इस मायावी इनाम की निरंतर खोज ने शहर के चारों ओर साज़िश का जाल बुन दिया है।

वर्तमान और भविष्य: पुनर्खोज और संरक्षण

थिरुमायम की विरासत का संरक्षण

हाल के वर्षों में, थिरुमायम की विरासत को संरक्षित करने और इसके वास्तुशिल्प रत्नों की रक्षा के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। संरक्षणवादी और स्थानीय लोग समान रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं कि शहर का ऐतिहासिक महत्व आने वाली पीढ़ियों के लिए बरकरार रहे।

सांस्कृतिक पुनरुद्धार और पर्यटन

थिरुमायम का आकर्षण इसके ऐतिहासिक महत्व से कहीं आगे तक फैला हुआ है; यह सांस्कृतिक पुनरुद्धार और पर्यटन का एक संपन्न केंद्र है। त्यौहार, पारंपरिक कलाएँ और स्थानीय शिल्प शहर में जीवंतता जोड़ते हैं, जो आगंतुकों को इसकी जीवंत टेपेस्ट्री में डूबने के लिए लुभाते हैं।

छिपी हुई कहानियों को उजागर करना

थिरुमायम का रहस्य: पुरातत्व उत्खनन और अनुसंधान थिरुमायम के अतीत पर प्रकाश डालते रहते हैं। प्रत्येक खोज शहर के इतिहास में एक नया अध्याय खोलती है, इसकी कथा में गहराई जोड़ती है और उन लोगों की जिज्ञासा को बढ़ाती है जो इसके रहस्यों को समझना चाहते हैं।

पूछे जाने वाले प्रशन

थिरुमायम कितना पुराना है?

थिरुमायम का इतिहास कई शताब्दियों तक फैला हुआ है, जो प्राचीन काल से चला आ रहा है।

क्या पर्यटक थिरुमायम किले को देख सकते हैं?

बिल्कुल! थिरुमायम किला आगंतुकों के लिए खुला है, जिससे वे इसकी भव्यता को करीब से देख सकते हैं।

क्या गुफाओं की खोज के लिए निर्देशित पर्यटन उपलब्ध हैं?

हां, निर्देशित पर्यटन उनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानने के साथ-साथ थिरुमायम की गुफाओं के रहस्यों को जानने का अवसर प्रदान करते हैं।

तिरुमायम जाने का सबसे अच्छा समय क्या है?

शहर का सुहावना मौसम इसे साल भर घूमने लायक जगह बनाता है, लेकिन सर्दियों के महीने विशेष रूप से सुखद अनुभव प्रदान करते हैं।

MP में अतिथि शिक्षकों का मानदेय हुआ दोगुना: जब रेग्युलर शिक्षक नहीं थे तब अतिथि शिक्षकों ने संभाली शिक्षण व्यवस्था – CM शिवराज

MP ATITHI SHIKSHAK NEWS: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में अतिथि शिक्षकों के महत्व को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि अतिथि शिक्षकों का योगदान कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।

अतिथि शिक्षकों का अनुबंध

मुख्यमंत्री चौहान ने घोषणा की है कि अब अतिथि शिक्षकों को मानदेय दिए जाएंगे, और यह मानदेय महीने के हिसाब से होगा। इसके तहत, वर्ग-1 को 18 हजार रुपए, वर्ग-दो को 14 हजार रुपए, और वर्ग-तीन को 10 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह नया अनुबंध एक साल के लिए होगा।

अतिथि शिक्षकों के लिए नई योजनाएं

मुख्यमंत्री चौहान ने यह भी घोषणा की है कि शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों का आरक्षण बढ़ा दिया जाएगा। अब 50 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा, जो कि पहले 25 प्रतिशत था।

नियमित करने की योजना

इसके साथ ही, उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, अतिथि शिक्षकों को प्रतिवर्ष 4 और अधिकतम 20 अंक बोनस के रूप में प्रदान किए जाएंगे। इससे उन्हें स्वतंत्रता मिलेगी कि वे अच्छे से पढ़ाई कराने का कार्य कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने अतिथि शिक्षकों के महत्व को मान्यता दिलाया है और उन्हें उनका उच्चाधिकार दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होगा और अतिथि शिक्षकों को उनकी योग्यता के आधार पर नियमित किया जाएगा।

पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या मुख्यमंत्री चौहान ने अतिथि शिक्षकों के लिए किसी नई योजना की घोषणा की है?

हां, मुख्यमंत्री चौहान ने अतिथि शिक्षकों के लिए कई नई योजनाएं घोषित की हैं, जिनमें मानदेय में वृद्धि और आरक्षित पदों की वृद्धि शामिल है।

कैसे अतिथि शिक्षकों को नियमित किया जाएगा?

अतिथि शिक्षकों को पात्रता परीक्षा द्वारा नियमित किया जाएगा, और उन्हें प्रतिवर्ष बोनस भी प्रदान किया जाएगा।

क्या अतिथि शिक्षकों के अनुबंध की अवधि में बदलाव हुआ है?

हां, अब अतिथि शिक्षकों के अनुबंध की अवधि एक साल की होगी।

क्या अतिथि शिक्षकों को महीने के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा?

हां, अब अतिथि शिक्षकों को मानदेय महीने के हिसाब से दिया जाएगा।

क्या अतिथि शिक्षकों को नौकरी के लिए नए अवसर मिलेंगे?

हां, अतिथि शिक्षकों को अब शिक्षा के क्षेत्र में नौकरी के लिए नए अवसर मिलेंगे, जिनसे उनके योग्यता के हिसाब से चयन किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस घोषणा से अतिथि शिक्षकों को मिलेगा सम्मान और उनके लिए नए अवसरों की खुलेगी राह। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और अतिथि शिक्षकों को समर्थन और प्रोत्साहित करेगा।

    CM Shivraj’s Orders: सीएम शिवराज के इस आर्डर से पेंशनभोगियों के खिल गए चेहरे, जागी आशा की किरण

    CM Shivraj’s Orders: सीएम शिवराज ने अहम कदम उठाते हुए पांच लाख पेंशनधारियों की महंगाई राहत में चार फीसदी की बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिये हैं. 

    यह घोषणा उन पेंशनभोगियों के लिए आशा की किरण बनकर आई है जो लंबे समय से अपनी वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे थे । 

    इस व्यापक लेख में, हम इस निर्णय के विवरण, इसके निहितार्थ और मध्य प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए इसका क्या अर्थ है, इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

    CM Shivraj’s Orders

    सीएम शिवराज के हालिया आदेशों से मध्य प्रदेश में पेंशनभोगियों को काफी राहत मिली है। आइए मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालें:

    1. महंगाई राहत में बढ़ोतरी

    सीएम शिवराज के आदेश का सबसे उल्लेखनीय पहलू पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत में चार फीसदी की बढ़ोतरी है. इस समायोजन से राज्य के लगभग पांच लाख पेंशनभोगियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    2. राहत को बढ़ाना

    इस घोषणा से पहले पेंशनर्स को 38 से 42 फीसदी तक महंगाई राहत मिल रही थी. इस वृद्धि के साथ, राहत को अब 42 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, जिससे पेंशनभोगियों को अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी।

    3. विभिन्न वेतनमानों पर प्रभाव

    महंगाई राहत में बढ़ोतरी का असर छठे और सातवें वेतनमान दोनों के पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। छठे वेतनमान में राहत में नौ फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जबकि सातवें वेतनमान में इसमें चार फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.

    CM Shivraj’s Orders: दायरा बढ़ाया जाए

    सीएम शिवराज के आदेश ने न सिर्फ महंगाई राहत बढ़ा दी है बल्कि उसका दायरा भी बढ़ा दिया है. यहां वह है जो आपको जानना आवश्यक है:

    CM Shivraj’s Orders: 1. अतिरिक्त पेंशन

    पेंशनभोगियों को अब अतिरिक्त पेंशन पर महंगाई राहत मिलेगी, जिसमें सेवानिवृत्ति, सेवानिवृत्ति, विकलांगता और मुआवजा पेंशन शामिल हैं। यह विस्तार पेंशनभोगियों की एक विस्तृत श्रृंखला को राहत से लाभान्वित करना सुनिश्चित करता है।

    2. अनुकंपा भत्ता

    जिन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था या सेवा से हटा दिया गया था, वे अब स्वीकृत अनुकंपा भत्ते पर महंगाई राहत के पात्र हैं। यह दयालु दृष्टिकोण इन व्यक्तियों द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों को स्वीकार करता है।

    3. पारिवारिक एवं असाधारण पेंशन

    बढ़ी हुई महंगाई राहत से पारिवारिक पेंशनभोगियों और असाधारण पेंशन पाने वालों को भी फायदा होगा। यह व्यापक कवरेज सुनिश्चित करता है कि विभिन्न श्रेणियों के पेंशनभोगियों को वह वित्तीय सहायता मिले जिसके वे हकदार हैं।

    CM Shivraj’s Orders

    विशिष्ट परिदृश्य

    सीएम शिवराज के आदेश महंगाई राहत के लिए विशिष्ट परिदृश्यों और पात्रता मानदंडों को संबोधित करते हैं:

    1. सेवा आधारित पेंशन

    ऐसे मामलों में जहां किसी व्यक्ति को उनकी पेंशन के आधार पर सेवा में रखा जाता है, वे पारिवारिक पेंशन पर महंगाई राहत के लिए पात्र नहीं होंगे। निष्पक्षता और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए यह अंतर आवश्यक है।

    2. जीवनसाथी की पात्रता

    यदि कोई पेंशनभोगी अपने पति या पत्नी की मृत्यु के समय सेवा में है, तो वह पारिवारिक पेंशन पर महंगाई राहत के लिए पात्र हो जाता है। यह प्रावधान ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के वित्तीय प्रभाव को पहचानता है।

    3. परिवर्तित पेंशन

    जिन पेंशनभोगियों ने अपनी पेंशन का एक हिस्सा कम्यूट कर लिया है, उन्हें अभी भी उनकी मूल पेंशन पर महंगाई राहत मिलेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वे इस राहत योजना में पीछे न रह जाएं।

    4.CM Shivraj’s Orders: सरकारी कर्मचारी

    वित्त विभाग का आदेश उन सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ देता है, जिन्होंने उपक्रमों, स्वायत्त संस्थानों, बोर्डों, निगमों आदि के साथ विलय पर एकमुश्त राशि निकाली है।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रशन

    महंगाई राहत क्या है?

    महंगाई राहत एक वित्तीय लाभ है जो पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति और बढ़ती जीवनयापन लागत के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए प्रदान किया जाता है।

     महंगाई राहत में वृद्धि का मुझ पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

    महंगाई राहत में वृद्धि का मतलब है कि आपको अपनी मूल पेंशन का उच्च प्रतिशत प्राप्त होगा, जिससे आपको अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी।

    क्या यह वृद्धि मध्य प्रदेश के सभी पेंशनभोगियों पर लागू होगी?

    हां, महंगाई राहत में यह वृद्धि राज्य के सभी पेंशनभोगियों पर लागू है, बशर्ते वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों।

    अनुकंपा भत्ता क्या है और इसके लिए कौन पात्र है?

    अनुकंपा भत्ता उन कर्मचारियों के लिए एक प्रावधान है जिन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था या हटा दिया गया था।  वे इस योजना के तहत महंगाई राहत के पात्र हैं।

    क्या मुझे अपनी मूल पेंशन और अतिरिक्त पेंशन दोनों पर महंगाई राहत मिल सकती है?

    हां, महंगाई राहत में वृद्धि बुनियादी पेंशन और अतिरिक्त पेंशन दोनों पर लागू होती है, जो व्यापक कवरेज सुनिश्चित करती है।

    महंगाई राहत में वृद्धि का वित्तपोषण कैसे किया जाएगा?

     सरकार बढ़ी हुई महंगाई राहत को कवर करने के लिए धन आवंटित करती है, यह सुनिश्चित करती है कि पेंशनभोगियों को उनके हकदार लाभ प्राप्त हों।

    Madhya Pradesh Guest Teacher : अतिथि शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सीएम शिवराज ने की बड़ी घोषणाएं – MP NEWS

    Madhya Pradesh Guest Teacher:  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य में अतिथि शिक्षकों के संबंध में हाल की घोषणाओं के बारे में जानें। मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की मांग के साथ-साथ वेतन, आरक्षण और नियमितीकरण नीतियों में बदलाव की खोज करें।

    हाल ही में मध्य प्रदेश के भोपाल में सरकार द्वारा आयोजित पंचायत सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनका राज्य के अतिथि शिक्षकों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। ये घोषणाएँ वेतन, आरक्षण और नियमितीकरण की प्रक्रिया सहित अतिथि शिक्षक भूमिकाओं के विभिन्न पहलुओं को छूती हैं।

    इस व्यापक लेख में, हम इन घोषणाओं, अतिथि शिक्षकों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं और उनके नियमितीकरण के संबंध में चल रही बहस के विवरण पर चर्चा करेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह की घोषणाएँ

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हालिया घोषणाओं से राज्य में अतिथि शिक्षकों की स्थिति और स्थितियों में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। आइए इन बदलावों के बारे में विस्तार से जानें:

    Madhya Pradesh Guest Teacher: अतिथि शिक्षकों के लिए मासिक वेतन

    सबसे उल्लेखनीय परिवर्तनों में से एक अतिथि शिक्षकों के लिए आवधिक भुगतान से मासिक वेतन प्रणाली में बदलाव है। यह कदम इन शिक्षकों के लिए अधिक स्थिर आय सुनिश्चित करता है, जिससे उन्हें अपने वित्त की अधिक प्रभावी ढंग से योजना बनाने की अनुमति मिलती है।

    Enhanced Compensation

    मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षकों के लिए उनकी श्रेणी के आधार पर मुआवजे में पर्याप्त वृद्धि की घोषणा की।

    • Class 1: शिक्षकों को अब 9,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
    • Class 2: अतिथि शिक्षकों को 14,000 रुपये मिलेंगे, जो उनके पिछले मासिक वेतन 7,000 रुपये से दोगुना है।
    • Class 3:  अतिथि शिक्षकों की मासिक आय 5,000 रुपये से बढ़कर 10,000 रुपये हो जाएगी। इन बढ़े हुए मुआवज़ों का उद्देश्य अतिथि शिक्षकों के बहुमूल्य योगदान को स्वीकार करना है।

    साल भर सेवाएँ

    अतिथि शिक्षकों को अब अपनी सेवाओं की अनिश्चित अवधि के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अतिथि शिक्षकों की सेवाएँ पूरे वर्ष चलती रहें, उन्हें अधिक नौकरी सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता प्रदान की जाए।

    Madhya Pradesh Guest Teacher

    शिक्षक भर्ती में बढ़ा आरक्षण

    अतिथि शिक्षकों के लिए अधिक अवसर पैदा करने के लिए सरकार ने शिक्षक भर्ती में उनके लिए आरक्षण कोटा बढ़ाने का फैसला किया है। आरक्षण अब 25 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत होगा। इस कदम से अतिथि शिक्षकों के लिए अधिक शिक्षण पद खुलेंगे।

    Madhya Pradesh Guest Teacher: नियमित मानदेय

    एक महत्वपूर्ण कदम में, अतिथि शिक्षकों को उनकी समर्पित सेवाओं के लिए नियमित मानदेय मिलेगा। यह मान्यता न केवल उनके प्रयासों को स्वीकार करती है बल्कि एक अधिक स्थिर आय स्रोत भी सुनिश्चित करती है।

    मध्य प्रदेश अतिथि शिक्षक: नियमितीकरण हेतु पात्रता परीक्षा

    नियमितीकरण की मांग को संबोधित करने के लिए, सरकार अतिथि शिक्षकों के लिए गुरुजी परीक्षा के समान एक पात्रता परीक्षा शुरू करने की योजना बना रही है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मध्य प्रदेश में केवल योग्य और अनुभवी व्यक्ति ही स्थायी शिक्षक बनें।

    मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की सेवाएँ

    मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों का योगदान अमूल्य रहा है। उन्होंने न केवल शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है बल्कि छात्रों की सफलता में भी योगदान दिया है। कक्षा 10 हाई स्कूल और कक्षा 12 हायर सेकेंडरी स्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई छात्र अपनी उपलब्धियों का श्रेय अतिथि शिक्षकों के समर्पित प्रयासों को देते हैं।

    हालाँकि, राज्य में अतिथि शिक्षकों की स्थिति उनके दस्तावेज़ों में अनियमितताओं से चिह्नित है। हालाँकि वे लंबे समय से शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे हैं, लेकिन सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण उन्हें नियमित सेवाएँ प्रदान नहीं कीं। उनके लगातार प्रयासों के बावजूद, उनके रिकॉर्ड अनियमित रोजगार को दर्शाते हैं।

    नियमितीकरण की मांग सही है या गलत?

    नियमितीकरण का मुद्दा मध्य प्रदेश में बहस का विषय बना हुआ है. इस पद पर काम करते हुए कई अतिथि शिक्षक बूढ़े हो गए हैं और उनका तर्क है कि उनकी योग्यता, अनुभव और प्रदर्शन नियमितीकरण की उनकी मांग को उचित ठहराते हैं। उनका मानना ​​है कि उनकी सेवाओं को वैधानिक रूप से नियमित किया जाना चाहिए ताकि उन्हें नौकरी की सुरक्षा और वे लाभ मिल सकें जिनके वे हकदार हैं।

    हालाँकि, बहस जारी है, विभिन्न हितधारक अलग-अलग दृष्टिकोण व्यक्त कर रहे हैं। कुछ का मानना ​​है कि पात्रता परीक्षा की शुरूआत यह निर्धारित करने का एक उचित तरीका है कि किसे नियमित किया जाना चाहिए, जबकि अन्य का तर्क है कि अतिथि शिक्षकों के योगदान को बिना किसी देरी के मान्यता दी जानी चाहिए।

    Madhya Pradesh Guest Teacher: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों के संबंध में हाल ही में क्या घोषणाएं की हैं?

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों के वेतन में बदलाव, श्रेणियों के आधार पर बढ़ा हुआ मुआवजा, साल भर की सेवाएं, शिक्षक भर्ती में आरक्षण में वृद्धि, नियमित मानदेय और नियमितीकरण के लिए पात्रता परीक्षा शुरू करने की घोषणा की।

    मुआवजे में बदलाव से मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को क्या लाभ होगा?

    उच्च मासिक वेतन और नियमित मानदेय सहित मुआवजे में बदलाव से अतिथि शिक्षकों को बढ़ी हुई वित्तीय स्थिरता और उनके योगदान के लिए मान्यता मिलेगी।

    घोषणाओं में उल्लिखित पात्रता परीक्षा क्या है?

     पात्रता परीक्षा गुरुजी परीक्षा के समान है और इसका उपयोग नियमितीकरण के लिए अतिथि शिक्षकों की योग्यता और उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए किया जाएगा।

    मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षक नियमितीकरण की मांग क्यों कर रहे हैं?

    अतिथि शिक्षक अपनी योग्यता, अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। 
    उनका मानना ​​है कि वैधानिक नियमितीकरण से उन्हें नौकरी की सुरक्षा और लाभ मिलेंगे।

    अतिथि शिक्षकों ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में किस प्रकार योगदान दिया है?

    अतिथि शिक्षकों ने छात्रों को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और कक्षा 10 हाई स्कूल और कक्षा 12 हायर सेकेंडरी स्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई छात्रों को अतिथि शिक्षकों द्वारा पढ़ाया गया था।

    शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिए अवसर बढ़ाने की सरकार की क्या योजना है?

    सरकार की योजना शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षण कोटा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की है, जिससे उनके लिए अधिक शिक्षण पद सृजित होंगे।

    HP High Court Recruitment 2023 : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में क्लर्क, स्टेनोग्राफर, अनुवादक और अन्य पदों की भर्ती

    HP High Court Recruitment 2023: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2023 में क्लर्क, स्टेनोग्राफर, अनुवादक, सहायक प्रोग्रामर और अन्य पदों की भर्ती के लिए एक आधिकारिक घोषणा जारी की है।

    जो उम्मीदवार एचपी उच्च न्यायालय भर्ती 2023 के लिए पात्र/इच्छुक हैं, वे hphighcourt.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    एचपी हाई कोर्ट भर्ती 2023 के लिए अधिसूचना 31 अगस्त, 2023 को जारी की जाएगी और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर, 2023 से शुरू होगी। हिमाचल हाई कोर्ट भर्ती 2023 के बारे में सभी जानकारी यहां दी गई है।

    HP High Court Recruitment 2023:

    हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय उच्च की स्थापना पर कक्षा-lll और कक्षा-lV की आगामी रिक्तियों को भरने के लिए सभी पात्र इच्छुक उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन (उपरोक्त भर्ती पोर्टल और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर) आमंत्रित करता है। हिमाचल प्रदेश न्यायालय, शिमला-1.

    भर्ती संगठनहिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय
    पोस्ट नामविभिन्न पोस्ट
    नौकरी करने का स्थानहिमाचल प्रदेश
    आवेदन करने का तरीकाऑनलाइन मोड
    विज्ञापन संख्याएचएचसी/प्रशा.2(21)/82-वीएलएल
    वर्गएचपी हाई कोर्ट रिक्ति 2023
    कुल रिक्तियां40 पोस्ट
    आयु सीमा18-45 वर्ष
    आधिकारिक वेबसाइटhphighcourt.nic.in
    HP High Court Recruitment 2023

    एचपी उच्च न्यायालय भर्ती 2023 के लिए महत्वपूर्ण लिंक

    अधिसूचना पीडीएफयहाँ क्लिक करें
    आधिकारिक वेबसाइटयहाँ क्लिक करें
    होम पेजयहाँ क्लिक करें
    ऑनलाइन आवेदनयहाँ क्लिक करें
    HP High Court Recruitment 2023

    एचपी उच्च न्यायालय भर्ती 2023 के पात्रता मानक

    जो उम्मीदवार पदों के लिए पंजीकरण करना चाहते हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे संबंधित प्राधिकारी द्वारा स्थापित पात्रता आवश्यकताओं को पूरा करते हैं; अन्यथा उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जायेगी. एचपी उच्च न्यायालय भर्ती 2023 के तहत पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निम्नलिखित आवश्यकताओं को पूरा करना होगा:

    शिक्षा में योग्यता

    भर्ती की आधिकारिक घोषणा के साथ, उपलब्ध पदों के लिए विशिष्ट शैक्षिक आवश्यकताएँ प्रदान की जाएंगी।

    आयु सीमा

    आधिकारिक घोषणा होने के बाद एचपी हाई कोर्ट भर्ती 2023 के लिए आयु सीमा अपडेट की जाएगी।

    एचपी उच्च न्यायालय परिणाम 2023

    आधिकारिक वेबसाइट पर, उपलब्ध रिक्ति के लिए एचपी उच्च न्यायालय परिणाम 2023 उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षार्थी यहां परीक्षा के नतीजे देख सकते हैं. नीचे निर्देशों की एक सूची और उम्मीदवार के संदर्भ के लिए एक लिंक है।

    एचपी उच्च न्यायालय भर्ती 2023 के लिए चयन प्रक्रिया

    हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का चयन दृष्टिकोण उद्योग मानकों का पालन करता है। कुछ पदों के लिए लिखित परीक्षा की आवश्यकता होती है जिसमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा शामिल होती है। मुख्य शॉर्टलिस्टिंग के बाद, साक्षात्कार, चिकित्सा परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन के अगले चरण होते हैं।

    कुछ पदों के लिए, चयन प्रक्रिया में केवल व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल हो सकता है। जब एचपी उच्च न्यायालय भर्ती 2023 के लिए आधिकारिक घोषणा जारी की जाएगी, तो उपलब्ध पद के लिए चयन विधि अपडेट की जाएगी।

    एचपी उच्च न्यायालय भर्ती 2023 में आवेदन कैसे करें?

    उम्मीदवार नीचे दी गई प्रक्रियाओं का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:

    • एचपी हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट hphighcourt.nic.in है।
    • मुखपृष्ठ के “भर्ती” क्षेत्र पर जाएँ।
    • विज्ञापन पर क्लिक करें और निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
    • आवेदन पूरा करें और परीक्षा शुल्क का भुगतान करें।
    • आवेदन प्रक्रिया समाप्त करने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।
    • संदर्भ संख्या नोट कर लें और अपने रिकॉर्ड के लिए आवेदन का प्रिंट आउट ले लें।

    Seoni New Bus Stand: नागपुर रोड के समीप बीज निगम की भूमि में नवीन बस टर्मिनल निर्माण की योजना

    Seoni New Bus Stand: नगर मुख्यायल में हाउसिंग बोर्ड की पुर्न घनत्वीकरण योजना अंदरगत वर्तमान में स्थित नपा के स्वामित्व वाले प्राइवेट बस स्टैंड के पीछे जेल विभाग की 4 एकड़ जमीन पर नवीन बस टर्मिनल निर्माण के लिए तेंदूखेड़ा की कंपनी वंशिका कन्सट्रक्शन के साथ बोर्ड ने एग्रीमेंट कर लिया है.

    जल्द ही यहां लगभग 5 करोड़ की लागत से बस टर्मिनल इमारत निर्मित होने लगेगी, लेकिन नगर विस्तार व क्षेत्रीय बस स्टेण्डों की वर्षों से मांग कर रहे नगर के युवाओं व जागरूक नागरिको ने इस टर्मिनल को रेलवे स्टेशन नागपुर रोड के समीप बीज निगम की भूमि पर निर्माण करने की मांग आरंभ कर दी है।

    बीज निगम की भूमि – नया यातायात का केंद्र

    इस मुहिम से जुड़े युवाओं के अनुसार बीज निगम के पास 40 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है, इसमें कुछ हेक्टेयर भूमि में क्षेत्रीय बस स्टेण्ड बनाया जा सकता है।

    जिस भूमि पर निर्माण की चर्चा है, वहां से नागपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट जैसे नगरों को जोड़ने वाले मार्ग उपलब्ध हैं, इस स्टेण्ड से नागपुर, जबलपुर, इंदौर , भोपाल, रीवा, सतना, सागर, रायपुर, शहडोल, इलाहाबाद जैसे नगरों की ओर चल रही बसों को संचालित किया जा सकता है।

    Seoni New Bus Stand की नवीन व्यवस्था – सबसे बेहतरीन समाधान

    इस नवीन व्यवस्था में वर्तमान में चल रहे तीन बस स्टेण्ड से केवलारी, घंसौर, छपारा, कुरई, धनौरा, चौरई, बंडोल, लखनादौन, आदेगांव, कहानी, बरघाट, कान्हीवाड़ा, पलारी, भीमगढ़, ऊगली सहित अन्य विकासखंड व ग्रामीण मुख्यालय तक चलने वाली बसों को यथावत संचालित किया जा सकता है.

    जिससे ग्रामीण अंचलों से आने वाले किसानों, चिल्लर व्यापारियों, ग्राहकों को सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों व बुधवारी नेहरु रोड जैसे व्यापारिक इलाकों में जाने के लिए कोई असुविधा नहीं होगी।

    इस टर्मिनल से बसों का संचालन होने से नगर के एक मात्र मुख्य मार्ग जी एन रोड पर यातायात का दबाव आधे से भी कम हो जाएगा, विभिन्न धर्मो के पर्वों के दौरान नगर में बसों के प्रवेश को बंद कर इस नवीन स्थल से सभी मार्गों तक बस चलाने का विकल्प भी जिला व पुलिस प्रशासन के पास उपलब्ध होगा।

    पहले ही यहां रेलवे स्टेशन चल रहा है, समीप ही थोक सब्जी मंडी है, सुझाये जा रहे स्थल से बुधवारी, नेहरु रोड, पुराने…. बस स्टेण्डों की दूरी भी लगभग 1 किमी है। इससे नगर का थोक व चिल्लर व्यापार भी प्रभावित नहीं होगा।

    विगत एक सप्ताह से नवीन बस टर्मिनल के स्थान परिवर्तन को लेकर नगर के कुछ जागरूक युवाओं व दलों के नेताओं ने जिला कलेक्टर क्षितिज सिंघल से मुलाकात कर उनसे नागपुर रोड बीज निगम की भूमि पर नवीन टर्मिनल निर्माण पर विचार कर आवयश्क कार्यावाही करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।

    महत्त्वपूर्ण बैठक आज

    नगर के प्राइवेट बस स्टैंड के पीछे जेल विभाग की भूमि पर नवीन बस टर्मिनल बनाया जा रहा है, नगर के जागरूक नागरिक व युवाओं की मांग है कि इस स्टेन्ड को नवीन स्थान पर बनाया जाय ताकि नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके।

    इस मुद्दे को लेकर आज शनिवार 2 सितंबर को बैठक का आयोजन मोती महल लान डूंडासिवनी में किया गया है दोपहर 2 बजे से आयोजित इस बैठक में नगर के सभी व्यापारी संगठन, राजनीतिक दल, सामाजिक व धार्मिक संगठनों व नगर के जागरूक नागरिकों से उपस्थित होकर अपने विचार व मार्गदर्शन देने के लिए शामिल होने का अनुरोध किया गया हैं।

    बताया गया कि बैठक में आये विचारों व सुझाव के आधार पर एक राय बनाकर इस मामले पर आम नागरिक जिला कलेक्टर सिवनी को ज्ञापन भी सौंपेंगे।

    “बीज निगम नागपुर रोड की भूमि पर नवीन टर्मिनल निर्माण का प्रस्ताव बन गया है, और इसकी सर्वसम्मति हो जाए तो इस कार्य को किया जा सकता है।” – क्षितिज सिंघल, कलेक्टर सिवनी।