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MP में घरेलू रसोई गैस मिलेगी मात्र 450 रुपए में : सीएम शिवराज ने भरे मंच से की घोषणा

MP में घरेलू रसोई गैस मिलेगी मात्र 450 रुपए में : सीएम शिवराज ने भरे मंच से की घोषणा – मध्यप्रदेश में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले है जिसकी तैयारी में सभी राजनितिक पार्टियाँ लग गयी है. चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में लगातार ही भाजपा का जनसंपर्क जारी है.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार ही मध्यप्रदेश की विधानसभा का दौरा कर रहे है और कुछ न कुछ तोहफा हर विधानसभा को दे भी रहे है. इसी बीच सीएम शिवराज ने एक ऐसी घोषणा कर दी जिससे मध्यप्रदेश की लाडली बहनों के चहरे पर अलग ही मुस्कान छा गयी.

सबसे पहले तो लाडली बहना योजना में मिलने वाली राशि को बढ़ाने की घोषणा की और उसके बाद सीएम शिवराज ने मध्यप्रदेश की लाडली बहनों को घरेलू रसोई गैस मात्र 450 रुपयों में दिलाने की घोषणा कर दी. इस घओंसा के बाद से मानो लाडली बहनों की खुशी का ठिकाना ही नहीं था.

MP की लाड़ली बहनों की आय प्रतिमाह 10,000 तक करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लाड़ली बहनाएं आजीविका मिशन के अंतर्गत आ जाएंगी तो उन्हें सभी आवश्यक लाभ मिलेंगे। पथ विक्रेता योजना के अंतर्गत लाभ मिलेगा। छोटे मोटे उद्योग के लिए इंडस्ट्रियल स्टेट में भूखंड मिलेगा। प्रदेश में बहनों के नाम स्टाम्प शुल्क अब एक प्रतिशत कर दिया गया है। लक्ष्य यह है कि बहनों की मासिक आमदनी कम से कम 10 हजार रुपए हो जाए।

यह भी पढ़ें: Ladli Behna Yojana : MP की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी, शिवराज भैया अक्टूबर से देंगे 1250 रूपये

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बहनों को 450 रूपये में रसोई गैस मिलेगी। बाद में स्थायी व्यवस्था की जाएगी ताकि बहनें परेशान न हों। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी उज्जवला गैस योजना लागू करने के लिए अभिनंदन के पात्र हैं। श्री चौहान ने कहा कि गाँवों में निःशुल्क भूखंड और शहरों में अतिक्रमण से मुक्त जमीन पर भूखंड बहनों को दिये जाएंगे।

मुख्यमंत्री आवास योजना में भी लाभ दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सितंबर तक बढ़े हुए बिजली बिल की वसूली नहीं होगी। सिर्फ सौ रूपए तक बिल आएगा। मजरों-टोलों में जिनके घर बिजली नहीं है, वहां बीस घर की बस्ती में भी बिजली दी जाएगी। बिजली देने के लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

  • शासकीय विभागों में अन्य पदों पर भी 35 प्रतिशत नियुक्तियाँ महिलाओं की होगी। बहनों को प्रतिनिधित्व देने का काम करेंगे।
  • लाड़ली बेटियों को मामा पढ़ाएगा। उनकी फीस भरवाई जाएगी, ताकि बेटियाँ भी ठीक से पढ़ सकें।
  • जितनी भी लाड़ली बहना हैं वे सभी आजीविका मिशन के अंतर्गत आएंगी, उन्हें लोन भी मिलेगा जिससे वे अपना काम शुरू कर सकें। इस लोन का ब्याज मध्यप्रदेश की सरकार भरेगी।
  • इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में बहनों को उद्यमिता के लिए प्लॉट प्राथमिकता से दिए जाएंगे।
  • गांवों में बहनों को रहने के लिए भू-खंड दिया जाएगा। शहर में माफिया से छीनी गई भूमि पर बहनों के रहने के लिए प्लॉट दिया जाएगा।
  • बढ़े हुए बिजली बिलों की वसूली बहनों से नहीं की जाएगी, बड़े बिजली बिलों से बहनों को मुक्ति मिलेगी।

Ladli Behna Yojana : MP की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी, शिवराज भैया अक्टूबर से देंगे 1250 रूपये

Ladli Behna Yojana: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन पर आज बहनों के खाते में सिंगल क्लिक से 312.64 करोड़ रुपए की राशि अंतरित कर उन्हें विशेष उपहार दिया।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में बहनों को प्रतिमाह दी जा रही राशि  एक हजार रूपए के स्थान पर अब अक्टूबर माह से 1250 रूपये की राशि दी जाएगी।

राखी पर्व पर आज  प्रत्येक बहन को उपहार के रुप में 250 रूपये दिए जा रहे हैं।  बहनों के खाते में दस सितंबर को योजना के एक हजार रुपए डाले जाएंगे।

इसके पश्चात अक्टूबर माह से 1250 रुपए की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ रक्षाबंधन के अवसर पर जंबूरी मैदान भोपाल में विशाल लाड़ली बहना सम्मेलन में महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

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बहनों के जीवन को बदलने का संकल्प बना योजनाओं का आधार

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज प्रदेश में नारी शक्ति की आवाज गूंज रही है। आज यहां भाई बहन के पवित्र रिश्‍ते को प्रणाम करने आया हूँ। बहनों के बिना दुनिया आगे नहीं बढ़ सकती। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पैतृक ग्राम में ही बहनों के साथ भेदभाव के प्रसंग देखे।

समाज में बेटों की संख्या ज्यादा होने लगी थी। महिलाओं के जीवन को सम्मानजनक बनाने के लिए तभी संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री बनने के पहले विधायक और सांसद के रूप में भी अभावग्रस्त परिवारों की बेटियों के विवाह करवाने का कार्य किया।

बहनों के जीवन को संवारने के संकल्प को बाद में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रकट किया है। यह संकल्प महिला कल्याण योजनाओं का आधार बना। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा‍कि वे बेटियों और बहनों की आंखों में आंसू नहीं देख सकते। बहनों की जिंदगी बदलना जीवन का संकल्प है।

पुलिस सहित अन्य भर्तियों में 30 के स्‍थान पर 35 प्रतिशत आरक्षण देंगे, अन्य क्षेत्रों में भी मिलेंगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुलिस सहित अन्य भर्तियों में 35  प्रतिशत बहनों को नियुक्तियां दी जायेगी। शिक्षकों के पदों पर 50 प्रतिशत बहनें नियुक्त होंगी। स्थानीय निकायों में एल्डरमैन और अन्य पदों पर महिलाओं को प्राथमिकता दी जायेगी।

बहनों और बेटियों को बेहतर शिक्षा का प्रावधान करते हुए बहनों की शिक्षण फीस शासन द्वारा दी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बहनों का सम्मान सर्वोपरि है। यदि बहनें नहीं चाहेंगी तो किसी क्षेत्र में मदिरा  की दुकान नहीं खुलेगी। इसके लिए आबकारी नीति में परिवर्तन किए जाएंगे।

बहनों की आय प्रतिमाह 10,000 तक करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लाड़ली बहनाएं आजीविका मिशन के अंतर्गत आ जाएंगी तो उन्हें सभी आवश्यक लाभ मिलेंगे। पथ विक्रेता योजना के अंतर्गत लाभ मिलेगा। छोटे मोटे उद्योग के लिए इंडस्ट्रियल स्टेट में भूखंड मिलेगा। प्रदेश में बहनों के नाम स्टाम्प शुल्क अब एक प्रतिशत कर दिया गया है। लक्ष्य यह है कि बहनों की मासिक आमदनी कम से कम 10 हजार रुपए हो जाए।

अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बहनों को 450 रूपये में रसोई गैस मिलेगी। बाद में स्थायी व्यवस्था की जाएगी ताकि बहनें परेशान न हों। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी उज्जवला गैस योजना लागू करने के लिए अभिनंदन के पात्र हैं। श्री चौहान ने कहा कि गाँवों में निःशुल्क भूखंड और शहरों में अतिक्रमण से मुक्त जमीन पर भूखंड बहनों को दिये जाएंगे।

मुख्यमंत्री आवास योजना में भी लाभ दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सितंबर तक बढ़े हुए बिजली बिल की वसूली नहीं होगी। सिर्फ सौ रूपए तक बिल आएगा। मजरों-टोलों में जिनके घर बिजली नहीं है, वहां बीस घर की बस्ती में भी बिजली दी जाएगी। बिजली देने के लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

  • शासकीय विभागों में अन्य पदों पर भी 35 प्रतिशत नियुक्तियाँ महिलाओं की होगी। बहनों को प्रतिनिधित्व देने का काम करेंगे।
  • लाड़ली बेटियों को मामा पढ़ाएगा। उनकी फीस भरवाई जाएगी, ताकि बेटियाँ भी ठीक से पढ़ सकें।
  • जितनी भी लाड़ली बहना हैं वे सभी आजीविका मिशन के अंतर्गत आएंगी, उन्हें लोन भी मिलेगा जिससे वे अपना काम शुरू कर सकें। इस लोन का ब्याज मध्यप्रदेश की सरकार भरेगी।
  • इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में बहनों को उद्यमिता के लिए प्लॉट प्राथमिकता से दिए जाएंगे।
  • गांवों में बहनों को रहने के लिए भू-खंड दिया जाएगा। शहर में माफिया से छीनी गई भूमि पर बहनों के रहने के लिए प्लॉट दिया जाएगा।
  • बढ़े हुए बिजली बिलों की वसूली बहनों से नहीं की जाएगी, बड़े बिजली बिलों से बहनों को मुक्ति मिलेगी।

महिला कल्याण पर व्यय राशि का विवरण

मुख्यमंत्री चौहान ने बहनों को संबोधित करते हुए प्रदेश में महिला कल्याण पर खर्च की गई राशि का विवरण भी दिया। मुख्य रूप से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश की सवा करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में 3 किश्तों में कुल 3 हजार 628 करोड़ 85 लाख से अधिक की राशि हुई अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में व्यय राशि

  • जबलपुर से जारी हुई पहली किश्त- 1 हजार 209 करोड़ 64 लाख 47 हजार रुपए
  • इंदौर से जारी हुई दूसरी किश्त- 1 हजार 209 करोड़ 62 लाख 19 हजार रुपए
  • रीवा से जारी हुई तीसरी किश्त – 1 हजार 209 करोड़ 59 लाख 22 हजार रुपए
  • भोपाल में 27 अगस्त को रुपये 250/- के मान से कुल राशि 312 करोड 64 लाख 1 हजार 250 रुपये।
  • योजना में राशि एक हजार रुपए से क्रमश: बढ़ाकर 3 हजार रुपए की जाएगी।

लाड़ली बहना सेनाएं

  • प्रदेश में 60 हजार 460 ग्रामों और नगरीय वार्डों में लाड़ली बहना सेना का गठन किया जा चुका है।
  • प्रत्येक लाड़ली बहना सेना में 11 से 21 महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
  • प्रदेश में कुल 8 लाख महिलाएं लाड़ली बहना सेना में शामिल हैं।

बेटियां बनी लखपति

  • प्रदेश में 45.72 लाख से अधिक बेटियां लखपति बनीं हैं।
  • अब तक 13 लाख 30 हजार से अधिक लाड़ली बेटियों को 366 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
  • लाड़ली बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए 25 हजार रुपए तक की सहायता दी जाती है।

गांव की बेटी योजना

  • गाँव की बेटी योजना- अब तक गांव की पाठशाला से 12 वीं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाली छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 09 लाख 60 हजार छात्राओं को 544 करोड़ रु से अधिक की शिक्षा प्रोत्साहन सहायता दी जा चुकी है।

प्रतिभा किरण योजना

  • प्रतिभा किरण योजना में अब तक शहरी क्षेत्र की गरीब परिवार की 67 हजार 600 से अधिक छात्राओं को 30 करोड़ रु से अधिक की शिक्षा प्रोत्साहन सहायता प्रदाय की जा चुकी है।

बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण के अन्य महत्वपूर्ण कदम

  • स्थानीय निकाय चुनावों में 2 लाख से अधिक बहनें चुनकर आईं।
  • स्थानीय निकाय चुनावों में स्व-सहायता समूहों की 17 हजार से अधिक बहनें चुनाव जीतीं।
  • 4 लाख 50 हजार से अधिक स्व सहायता समूहों से 53 लाख से अधिक महिलाएँ जुड़ीं।
  • 5 हजार 800 करोड़ रूपए से अधिक का क्रेडिट लिंकेज दिलवाया गया।
  • प्रदेश की हर बहन को लखपति बनाने का लक्ष्य है।
  • जमीन या मकान की रजिस्ट्री घर की महिला सदस्य के नाम पर कराने पर या फिर महिला को संपत्ति पट्टे पर प्राप्त होने पर पंजीयन शुल्क हमने 3% से घटाकर एक प्रतिशत किया गया।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बने 52% और शहरी क्षेत्रों में बने 70% से अधिक घरों का मालिकाना हक महिलाओं को।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश, देश में नंबर वन है। अब तक गर्भवती महिलाओं को 1500 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।
  • संबल योजना में प्रसव पूर्व एवं पश्चात महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए प्रत्येक महिला को 16 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
  • आहार अनुदान योजना- बैगा, सहरिया, भारिया परिवारों की महिलाओं को 300 करोड़ प्रतिवर्ष की सहायता दी गई है। अब तक 1 हजार 460 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
  • कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली बेटियों को लैपटॉप के लिए 25 हजार की राशि का प्रावधान किया गया है। स्कूल में टॉप करने वाले बालिका को स्कूटी प्रदान की जा रही है।
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह कल्याणी विवाह, नि:शक्तजन विवाह योजनाओं में अब तक 6 लाख 10 हजार से अधिक बेटियों को 1592 करोड़ से अधिक के हितलाभ प्रदान किए गए।

World Championships Final में नीरज चोपड़ा आज फिर रचेंगे इतिहास, जानिए कब और कहां Live देख पाएंगे ‘गोल्डन बॉय’ का मैच?

Javelin Throw Neeraj Chopra World Championships Final: भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने की ओर अग्रसर हैं। इसका फाइनल राउंड आज यानी रविवार (27 अगस्त) को होगा। इस टूर्नामेंट में नीरज की नजरें पहली बार स्वर्ण पदक पर होंगी। 

ओलंपिक, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और डायमंड लीग में चैंपियन, एथलीट ने न केवल विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। रविवार को फाइनल जीतकर नीरज एक और स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगे.

टोक्यो ओलंपिक चैंपियन पोस्टर बॉय नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को एक ही थ्रो में न केवल पेरिस ओलंपिक के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया, बल्कि विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। 

देर से वीजा मिलने के कारण अंतिम समय में बुडापेस्ट पहुंचे किशोर जेना और डीपी मनु ने भी भाला फेंक फाइनल में जगह बना ली। 

यह पहली बार है कि विश्व एथलेटिक्स में एक ही स्पर्धा में तीन भारतीय एक साथ फाइनल में पहुंचे हैं। नीरज ने पहले थ्रो में 88.77 मीटर भाला फेंका। यह इस सीज़न का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

फाइनल में पहुंचने वाले शीर्ष 12 थ्रोअर में स्थान बनाया गया

फाइनल में जगह बनाने वाले 12 थ्रोअर में नीरज शीर्ष पर रहे। फाइनल में पहुंचने के लिए व्यक्तिगत क्वालीफाइंग मानक 83 मीटर था, जबकि पेरिस ओलंपिक के लिए 85.50 मीटर क्वालीफाइंग मानक था। नीरज ने एक ही थ्रो में दोनों निशाने क्लीयर कर लिए।

नीरज के साथ इन तीनों ने 83 मीटर से अधिक दूर तक भाला फेंका

फाइनल में पहुंचने वाले 12 थ्रोअरों में से केवल तीन ने 83 मीटर के व्यक्तिगत क्वालीफाइंग मानक को पार किया। इसमें नीरज चोपड़ा के अलावा पाकिस्तान के अरशद नदीम (86.79) और टोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के जैकब वाडलेजे (83.50 मीटर) शामिल हैं।

शेष नौ थ्रोअरों ने 83 मीटर से कम के प्रदर्शन के साथ फाइनल में प्रवेश किया। क्वालिफिकेशन राउंड में तीन भाला फेंकने वालों को अनुमति है। डिफेंडिंग चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स क्वालीफाइंग राउंड में हार गए। उन्होंने 78.49 मीटर थ्रो किया.

फाइनल राउंड में पाकिस्तान के अरशद नीरज को चुनौती देंगे

जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले पाकिस्तान के अरशद नदीम लंबे समय से घायल थे। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 90 मीटर भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले अरशद ने इस सीज़न में किसी भी बड़े इवेंट में भाग नहीं लिया है, लेकिन यहां उन्होंने 70.63 मीटर के थ्रो के साथ शुरुआत की और 86.79 मीटर के शानदार थ्रो के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। ग्रुप बी में शीर्ष पर रहने वाले नीरज के बाद यह सबसे अच्छा थ्रो था। अंतिम राउंड में नीरज और अरशद के बीच दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है.

नीरज एक और स्वर्ण पदक के लिए पूरी तरह तैयार हैं

2016 जूनियर विश्व चैंपियनशिप – स्वर्ण
2016 दक्षिण एशियाई खेल – स्वर्ण
2018 एशियाड – स्वर्ण
2018 राष्ट्रमंडल खेल – स्वर्ण
2020 टोक्यो ओलंपिक – स्वर्ण
2022 डायमंड लीग – गोल्ड

हम आपको यहां वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़ी सारी जानकारी दे रहे हैं:

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाला फेंक फाइनल कब खेला जाएगा ?

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप का भाला फेंक फाइनल 27 अगस्त (रविवार) को होगा।

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाला फेंक फाइनल कहाँ आयोजित किया जाता है ?

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप का भाला फेंक फाइनल हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के राष्ट्रीय एथलेटिक्स केंद्र में आयोजित किया जाएगा।

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाला फेंक का फाइनल कितने बजे शुरू होगा ?

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाला फेंक फाइनल भारतीय समयानुसार रात 11:45 बजे शुरू होगा।

मैं विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाला फेंक फाइनल कहाँ देख सकता हूँ ?

प्रशंसकों के लिए दुर्भाग्य से, फाइनल मैच का भारत में किसी भी टीवी चैनल पर सीधा प्रसारण नहीं किया जाएगा।हालांकि, वह नीरज चोपड़ा का मैच ऑनलाइन देख सकते हैं। प्रशंसक इस इवेंट को जियो सिनेमा ऐप और वेबसाइट पर लाइव देख सकते हैं।

MP: Shivraj Cabinet Expansion- शिवराज मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, तीन नवनियुक्त मंत्री राजेंद्र शुक्ला, गौरीशंकर बिसेन, राहुल लोधी ने ली शपथ

MP NEWS:- Shivraj Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश में विधानसभा के चुनावों का समय नजदीक आ रहा है और इससे पहले ही शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने मंत्रिमंडल में विस्तार की घोषणा की है।

यह विस्तार राज्य की राजनीतिक मानसिकता को दरकिनार कर सकता है और आने वाले चुनावों में भाजपा की प्रतिस्पर्धा को भी मजबूती प्रदान कर सकता है।

इस खबर में, हम इस विस्तार के बारे में विस्तार से बात करेंगे और नवनियुक्त मंत्रियों के बारे में भी जानकारी प्रस्तुत करेंगे।

Shivraj Cabinet Expansion – नवनियुक्त मंत्रियों का परिचय

1. गौरीशंकर बिसेन

गौरीशंकर बिसेन को शिवराज सिंह चौहान की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। उन्हें बालाघाट विधानसभा सीट से सात बार का विधायक चुना गया है और वे विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

2. राजेंद्र शुक्ला

राजेंद्र शुक्ला रीवा विधानसभा सीट से चार बार के विधायक चुने गए हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री के पद का भी कार्यभार संभाला है। उनकी लगातार जीत है और वे अपने क्षेत्र में प्रिय हैं।

3. राहुल सिंह लोधी

राहुल सिंह लोधी को राज्य मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया है। वे टीकमगढ़ की खरगापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे हैं।

Shivraj Cabinet Expansion – मंत्रिमंडल का विस्तार

शिवराज सिंह चौहान की सरकार में पहले 31 सदस्यों की कैबिनेट थी, जो अब विस्तारित होकर 34 हो गई है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा अपने नेतृत्व में विश्वास रखती है और चुनावों के आगामी मुकाबले के लिए तैयार है।

विधानसभा चुनाव पर दिशा-निर्देश

चुनाव से पहले शिवराज सरकार ने विंध्य, महाकौशल, और बुदेलखंड अंचल से विधायकों को मंत्री बनाकर उन्हें समर्थन दिखाने का प्रयास किया है। इससे वे जातिगत और भौगोलिक समीकरण साधने का उद्देश्य प्रकट करते हैं।

नये मंत्रियों का योगदान

नवनियुक्त मंत्रियों के योगदान से शिवराज सरकार की कठिनाइयों का समाधान हो सकता है। गौरीशंकर बिसेन के विशेषज्ञता क्षेत्र में उनका सहयोग सरकार को उनके उद्देश्यों की प्राप्ति में मदद कर सकता है। राजेंद्र शुक्ला के उद्यमिता और कार्यशीलता से प्रेरित होकर उनके क्षेत्र में सुधार किया जा सकता है। राहुल सिंह लोधी के पारिश्रमिकता और नेतृत्व से प्रेरित होकर वे अपने विधायक क्षेत्र के विकास में मदद कर सकते हैं।

समारोह और शपथ

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नवनियुक्त मंत्रियों को शनिवार को राजभवन में शपथ दिलाई। इस समारोह में कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व शामिल थे जैसे कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, और अन्य।

इस मंत्रिमंडल के विस्तार से स्पष्ट होता है कि भाजपा चुनावों के लिए तैयार है और उन्हें राज्य के विकास में नए मंत्रियों की मदद करने का उद्देश्य है। इसके साथ ही, यह मंत्रिमंडल विस्तार राजनीतिक मानसिकता को भी प्रकट करता है और आने वाले चुनावों में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

Gaurishankar Bisen Biography: आज मिली शिवराज कैबिनेट में जगह, गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन “सफल राजनेता का जीवन परिचय”

Gaurishankar Bisen Biography: गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन (Gaurishankar Charurbhuj Bisen Biography) एक सफल राजनेता का जीवन परिचय – भारतीय राजनीति ने हमें कई महान नेताओं को प्रस्तुत किया है, जिन्होंने अपने कार्यों और सेवाओं से समाज को सशक्त बनाने का काम किया है।

इनमें से एक महत्वपूर्ण नाम है – श्री गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज में अपनी पहचान बनाई है।

गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन की जीवनी

बचपन और शिक्षा

श्री गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन का जन्म 1 जनवरी 1952 को ग्राम लेन्डेझरी, जिला बालाघाट में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल से प्राप्त की और फिर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

सामाजिक सेवा की दिशा में सक्रिय

श्री बिसेन कृषि, मत्स्य-पालन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और उनकी समाज सेवा में विशेष रूचि है। उन्होंने अपने जीवन के सभी पहलुओं में सामाजिक उत्थान के लिए काम किया है।

राजनीति में करियर की शुरुआत

श्री बिसेन छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1971 में ग्राम हितकारिणी समिति के अध्यक्ष के रूप में काम किया और वर्ष 1978 से 1980 तक जिला सहकारी बैंक और भूमि विकास बैंक बालाघाट के संचालक रहे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की बालाघाट जिला इकाई के उपाध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दी।

विधान सभा और लोकसभा के सदस्य

उनका पूरा उत्कृष्टता से भरा परिप्रेक्ष्य उनके विधान सभा और लोकसभा के सदस्य बनने के बाद आया। उन्होंने वर्ष 1985 में आठवीं, 1990 में नौवीं, 1993 में दसवीं और वर्ष 2003 में बारहवीं विधान सभा के सदस्य के रूप में योगदान किया।

योगदान राजनीति में

श्री बिसेन ने विधान सभा की अनेक समितियों में सदस्य और सभापति के रूप में भी सेवाएं दी। उन्होंने लोकसभा में भी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया और विभागीय समितियों में सदस्यता ग्रहण की।

मंत्री के रूप में सेवा

उनका योगदान राजनीति के साथ ही मंत्री के रूप में भी था। वर्ष 2008 में वे तेरहवीं विधान सभा के सदस्य निर्वाचित हुए और उन्हें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और सहकारिता मंत्री का आदरणीय पद सौंपा गया। इसके बाद, उन्होंने कृषि विकास विभाग का प्रभार संभाला और उस दिशा में भी अपने योगदान की गरिमा बढ़ाई।

श्री गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन ने अपने लम्बे और सफल राजनीतिक करियर में समाज की सेवा को महत्वपूर्ण रूप से बनाया है। उनका योगदान विभागीय और सामाजिक माध्यम से दोनों तरह से महत्वपूर्ण रहा है।

FAQ About Gaurishankar Bisen

श्री गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन का जन्म कब हुआ था?

उनका जन्म 1 जनवरी 1952 को हुआ था।

उन्होंने अपनी शिक्षा कहाँ प्राप्त की थी?

उन्होंने स्थानीय स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और फिर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

उनकी समाज सेवा में कैसे योगदान रहा है?

उन्होंने कृषि और मत्स्य-पालन व्यवसाय से जुड़कर समाज सेवा में अपनी भूमिका निभाई है।

उन्होंने राजनीति में किस पद पर सेवा की है?

उन्होंने तेरहवीं विधान सभा के सदस्य बनकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और सहकारिता मंत्री का पद संभाला था।

उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्री मंडल में कौन-से पद की शपथ ग्रहण की?

उन्होंने 26 अगस्त 2023 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्री-मण्डल में केबिनेट मंत्री का पद ग्रहण किया।

श्री गौरीशंकर चतुर्भुज बिसेन एक प्रेरणास्त्रोत है, जिन्होंने अपने निरंतर प्रयासों से समाज को सशक्त बनाने का काम किया है। उनका योगदान राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में समान रूप से महत्वपूर्ण है, और उनकी सेवाएं हमें प्रेरित करती हैं कि हम भी अपने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का काम करें।

सिवनी वासियों के लिए खुशखबरी: रामभद्राचार्य जी महाराज सिवनी में सुनाएंगे राम कथा

Rambhadracharya Ram Katha In Seoni: श्री चित्रकूट तुलसीपीठाधीश्वर पद्मविभूषण जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज द्वारा सिवनी जिलेवासियों को आगामी 9 सितंबर से 17 सितंबर तक श्री राम कथा सुनाई जाएगी. समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार सिवनी जिले के पॉलीटेक्निक ग्राउंड में यह आयोजन होने जा रहा है.

Rambhadracharya Ram Katha In Seoni

धार्मिक और आध्यात्मिक विचारधारा के प्रमुख, श्री चित्रकूट तुलसीपीठाधीश्वर पद्मविभूषण जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज, द्वारा सिवनी जिलेवासियों को राम कथा के साथ साथ अपने उपदेशों द्वारा जीवन के मार्गदर्शन में मदद करेंगे.

आपका आमंत्रण

सभी धार्मिक और आध्यात्मिक उत्सवों में भाग लेने का यह अवसर है। हम आपको 9 सितंबर से 17 सितंबर के दौरान पॉलीटेक्निक ग्राउंड सिवनी में आपका स्वागत करने की सादर आमंत्रण देते हैं।

इस उपन्यासिक कथा में हमने देखा कि राम कथा का महत्व क्या है और कैसे यह हमारे जीवन को प्रभावित कर सकता है। स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में राम कथा सुनने से हम आध्यात्मिक और आत्मिक सुधार प्राप्त कर सकते हैं।

आपका आमंत्रण

सभी धार्मिक और आध्यात्मिक उत्सवों में भाग लेने का यह अवसर है। हम आपको 9 सितंबर से 17 सितंबर के दौरान पॉलीटेक्निक ग्राउंड सिवनी में आपका स्वागत करने की सादर आमंत्रण देते हैं।

इस उपन्यासिक कथा में हमने देखा कि राम कथा का महत्व क्या है और कैसे यह हमारे जीवन को प्रभावित कर सकता है। स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में राम कथा सुनने से हम आध्यात्मिक और आत्मिक सुधार प्राप्त कर सकते हैं।

Rambhadracharya In Seoni: रामभद्राचार्य जी महाराज सिवनी में सुनाएंगे राम कथा. Ram Katha | Seoni News

राम कथा: धार्मिक महत्व और मार्गदर्शन

सिवनी में आयोजित राम कथा का आयोजन

9 सितंबर से 17 सितंबर के बीच, पॉलीटेक्निक ग्राउंड सिवनी में भगवान श्री राम की कथा का आयोजन होने जा रहा है। इस महोत्सव में संत महाराज अपने उपदेशों द्वारा जीवन के मार्गदर्शन में मदद करेंगे।

आध्यात्मिक उद्देश्य

राम कथा का मुख्य उद्देश्य धर्म, सदाचार, और परमात्मा के प्रति भक्ति को प्रोत्साहित करना है। स्वामी रामभद्राचार्य जी के उपदेश से जीवन को संजीवनी मिलेगी और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर नया प्रकार का परिपेक्ष्य दिखेगा।

राम कथा के अनुष्ठानिक लाभ

राम कथा के सुनने से भक्तों को आध्यात्मिक और मानसिक शांति मिलती है। यह उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है और उन्हें उनके जीवन के उद्देश्य की पहचान करने में मदद करता है।

आपका आमंत्रण

सभी धार्मिक और आध्यात्मिक उत्सवों में भाग लेने का यह अवसर है। हम आपको 9 सितंबर से 17 सितंबर के दौरान पॉलीटेक्निक ग्राउंड सिवनी में आपका स्वागत करने की सादर आमंत्रण देते हैं।

इस उपन्यासिक कथा में हमने देखा कि राम कथा का महत्व क्या है और कैसे यह हमारे जीवन को प्रभावित कर सकता है। स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में राम कथा सुनने से हम आध्यात्मिक और आत्मिक सुधार प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना से 1920 कल्याणियों, 5000 नि:शक्तजन को 137 करोड़ की मिली सहायता

Mukhyamantri Kalyani Vivah Sahayata Yojana: मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना (Mukhyamantri Kalyani Vivah Sahayata Yojana) ने पिछले 5 सालों में 1920 कल्याणियों को 38 करोड़ 40 लाख रुपये और 5000 नि:शक्तजनों को 98 करोड़ 75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस योजना के माध्यम से विभिन्न वर्गों के लोगों को आर्थिक सहारा मिला है और उनके जीवन में नई उम्मीद की किरन जगाई गई है।

पुर्नविवाह कल्याणियों को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना (Mukhyamantri Kalyani Vivah Sahayata Yojana) ने पिछले 5 सालों में पुर्नविवाह करने वाली 1920 कल्याणियों को आर्थिक सहायता प्रदान की है।

इसके अंतर्गत, उन्हें विवाह की खर्चों की आर्थिक सहायता मिली है, जिससे उनके नए जीवन की शुरुआत में उनका साथ हो सके। यह योजना उन कल्याणियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई है जिनके जीवन में पुनः विवाह का समर्थन आवश्यक था।

उपयोगी आर्थिक सहायता

इस योजना के अंतर्गत पुर्नविवाह कल्याणियों को 38 करोड़ 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह आर्थिक सहायता उनके नए जीवन की शुरुआत में उनके और उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण है, जो विवाह की खर्चों को संभालने में मदद करती है।

नि:शक्तजनों को विवाह सहायता

नि:शक्तजन विवाह सहायता योजना (Mukhyamantri Kalyani Vivah Sahayata Yojana) के अंतर्गत, पिछले 5 सालों में 5000 हितग्राहियों को 98 करोड़ 75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह योजना नि:शक्तजनों के लिए एक आर्थिक सहारा साबित हो रही है जो विवाह की आर्थिक बोझ में होने के कारण उसे संभालने में मुश्किलों का सामना करते हैं।

समाज में समाहिति की दिशा में कदम

नि:शक्तजनों को विवाह सहायता योजना ने उनके जीवन को संघटित और समाज में समाहिति की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने में मदद की है। इससे उनके परिवार में आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और उन्हें विवाह की चिंता से राहत मिली है।

Mukhyamantri Kalyani Vivah Sahayata Yojana के बारे में जानकारी

अगस्त महीने में होने वाली दिव्यांग पंचायत में कल्याणी योजना हितग्राही श्रीमती रामवती यादव, श्रीमती चिया बमन को 2 लाख रुपये, नि:शक्तजन विवाह सहायता योजना में श्री शिवचरण प्रजापति एवं श्रीमती प्रीति कुमारी 2-2 लाख रुपये और श्री मुरलीधर एवं श्रीमती गीता मूरजानी को एक लाख रुपये दिए जाएंगे।

इसके साथ ही, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना में दिव्यांग कुमारी कविता सिंह और प्रमोद को प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

Mukhyamantri Kalyani Vivah Sahayata Yojana पर लोगों की राय

“भैया श्री शिवराज सिंह चौहान की जितनी भी तारीफ करे कम है।” यह कहना है भोपाल की श्रीमती रामवती यादव का। उन्होंने बताया कि उनके जीवन में अचानक पति की मौत हो गई थी और उन्हें एक छोटे से बच्चे की देखभाल करनी थी। मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दिलाई और उन्हें आर्थिक मदद प्रदान की, जिससे उन्होंने अपने बच्चे की शिक्षा और उनके भविष्य की सुरक्षा की।

Mukhyamantri Kalyani Vivah Sahayata Yojana

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना ने विभिन्न वर्गों के लोगों को विवाह के आर्थिक बोझ से राहत प्रदान की है और उनके जीवन में नया आशीर्वाद दिया है। इस योजना ने नि:शक्तजनों और पुर्नविवाह कल्याणियों को एक माध्यम दिया है जिसके माध्यम से वे समाज में समाहित हो सकते हैं और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या है मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना?

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना एक आर्थिक सहायता योजना है जिसका उद्देश्य पुर्नविवाह कल्याणियों और नि:शक्तजनों को विवाह के आर्थिक बोझ से राहत प्रदान करना है।

योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है?

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के तहत पुर्नविवाह कल्याणियों को 38 करोड़ 40 लाख रुपये और नि:शक्तजनों को 98 करोड़ 75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

कौन-कौन से वर्ग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं?

इस योजना का लाभ पुर्नविवाह कल्याणियों और नि:शक्तजनों को मिलता है, जो विवाह के आर्थिक बोझ से पीड़ित हैं।

कैसे आवेदन किया जा सकता है?

योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासनिक निकायों के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से की जा सकती है।

क्या यह योजना समाज में समाजिक समाहिति को बढ़ावा देगी?

हां, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के माध्यम से पुर्नविवाह कल्याणियों और नि:शक्तजनों को समाज में समाहिति की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

योजना का सारांश

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना ने आर्थिक रूप से पीड़ित पुर्नविवाह कल्याणियों और नि:शक्तजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनके जीवन में नया उत्थान किया है। यह योजना उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहायक है जो समाज के अधिकांश के लिए आपूर्ति नहीं कर पाते हैं।

मध्यप्रदेश बनेगा देश का स्पोर्ट्स हब: हर विधानसभा क्षेत्र में होगा खेल का बुनियादी ढांचा

Madhya Pradesh will become the sports hub of the country: खेल एक ऐसा माध्यम है जो समाज को स्वस्थ और एकत्रित रखने का आदर्श तरीका हो सकता है।

मध्यप्रदेश, जो पूरे देश में अपने खिलाड़ियों की महान पहचान के लिए जाना जाता है, अब देश के स्पोर्ट्स हब के रूप में उभर रहा है। इस लेख में, हम देखेंगे कैसे मध्यप्रदेश खेल के क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर बढ़ रहा है।

नई खेल अधोसंरचना के साथ देश का स्पोर्ट्स हब

मध्यप्रदेश के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी के साथ, यह देश के स्पोर्ट्स हब के रूप में उभर रहा है। नाथूबरखेड़ा में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर में ऐथलेटिक और हॉकी स्टेडियम का निर्माण चल रहा है, जो खिलाड़ियों को उनकी प्रैक्टिस और प्रदर्शन की सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा, एक मल्टीपर्पस इंडोर स्टेडियम और अन्य खेल सुविधाएँ भी जल्द ही मध्यप्रदेश में उपलब्ध होंगी।

“ब्रेक डांस” और “ई-स्पोर्ट्स” अकादमी की शुरुआत

खेल के क्षेत्र में उन्नति के साथ, मध्यप्रदेश में दो “ब्रेक डांस” और “ई-स्पोर्ट्स” अकादमियाँ शुरू की गई हैं। यहाँ के खिलाड़ियों को ओलम्पिक और एशियन गेम्स जैसे बड़े प्रतियोगितात्मक प्लेटफ़ॉर्म मिलेगा, जो उन्हें अपने क्षेत्र में अग्रणी बनने का अवसर प्रदान करेगा।

खेल के लिए बुनियादी ढांचा

मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री खेल योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में खेल के बुनियादी ढांचा बनाने का प्रोत्साहन दिया है। इससे खिलाड़ियों को उनकी प्रैक्टिस करने और अपनी कौशल में सुधार करने का अवसर मिलेगा।

स्थानीय खेलों का प्रोत्साहन

मध्यप्रदेश के स्थानीय खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रोग्राम और प्रोत्साहन योजनाएं चल रही हैं। यह स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पहचान बनाने में मदद करेगा और उन्हें आगे बढ़ने का साहस प्रदान करेगा।

खेल का बजट और विकास

मध्यप्रदेश सरकार ने खेल के विकास के लिए अधिक बजट आवंटित किया है। इससे खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की मौजूदा स्थिति में सुधार होगा और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।

मध्यप्रदेश अब देश के स्पोर्ट्स हब के रूप में उभर रहा है। खेल के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हो रही है और खिलाड़ियों को अपनी प्रौद्योगिकी और क्षमताओं में सुधार करने का अवसर मिल रहा है। मध्यप्रदेश की यह पहचान न केवल राज्य के बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

सिवनी: जनपद सभा सिवनी की बिना सहमति के कैसे हो गई बेशकीमती जमीन संसोधित

सिवनी, धारनाकला (एस. शुक्ला): धारनाकला जनपद सभा सिवनी की बिना सहमति के कैसे हो गई बेशकीमती जमीन संसोधित? जनपद सभा सिवनी के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज भूमि का मुख्य मार्ग से लगा बेशकीमती हिस्सा कैसे संसोधित हो गया, यह जांच का विषय है।

जबकि इस संदर्भ में जनपद पंचायत सिवनी का कहना है कि उन्होंने भूमि की संसोधन के लिए किसी भी प्रकार की सहमति नहीं दी है, फिर ऐसी स्थिति में लाखों करोड़ रुपये की मूल्यवान भूमि कैसे संसोधित हो गई.

जिसके संबंध में जनपद पंचायत सिवनी ने भी इस मामले में उठापटक करते हुए तहसीलदार और एस डी एम बरघाट को पत्र जारी किया है।

बिक चुकी है बेशकीमती जमीन

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज भूमि का संसोधित क्षेत्र लाखों करोड़ में पहले ही बेच दिया गया था, और आजकी स्थिति में उपरोक्त भूमि पर आलीशान भवन और दुकानों का निर्माण हो चुका है, और वर्तमान में भी निर्माण प्रारंभ है।

इस स्थिति में शासकीय भूमि की सुरक्षा क्या क्रियान्वित करता है, यह आने वाला समय ही बताएगा, क्योंकि जनपद पंचायत सिवनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने धारनाकला पहुंचकर जनपद सभा सिवनी की भूमि का जाँच करके कार्रवाई की बात कही है।

सांसद ने लिखा पत्र भूमि हस्तांतरण के लिए

उल्लेखनीय है कि सिवनी बालाघाट के सांसद डॉ. बिसेन ने भी जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज भूमि को ग्राम पंचायत धारनाकला के नाम पर दर्ज करने के संदर्भ में एस डी एम और तहसीलदार बरघाट को पत्र लिखा है।

यहां इसका उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत धारनाकला के सरपंच ने ग्राम के विकास को सर्वोपरि प्राथमिकता के आधार पर उसी भूमि पर आवागमन के उद्देश्य से सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण किया था, जिसे जनपद पंचायत सिवनी ने रोक दिया था।

इसी परिस्थिति में पंचायत की आय और विकास को ध्यान में रखते हुए सांसद से निवेदन किया गया था। धारनाकला गांव में स्थित जमीन जो वर्तमान में राजस्व रिकॉर्ड में जनपद सभा सिवनी के नाम पर दर्ज है, उस जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत धारनाकला के नाम पर दर्ज किया जाना चाहिए। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सांसद जी ने भी पत्र जारी किया है।

बन्दोबस्त में हुआ फेरबदल

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 1988-89 में जनपद सभा सिवनी के नाम पर दर्ज भूमि का क्षेत्रफल 0.59 एकड़ था और इस भूमि का खसरा नंबर 960 था, किन्तु इसके पश्चात्, इसी भूमि का क्षेत्रफल 0.57 एकड़ में संशोधित हो गया और जनपद सभा सिवनी के खसरा नंबर भी 596/960/1 में परिवर्तित हो गया, और इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि इसी खसरा नंबर के साथ शासकीय भूमि की बिक्री हो गई और खसरा नंबर के कलम 12 में वर्ष संकिर्ण 24 आदि 18/15/2012 के साथ राजस्व भूमि की बिक्री भी हो गई।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मूल खसरा नंबर 960 परिवर्तित होने के बाद, 596/961/1 और 596/960/2 के पश्चात्, सीधे खसरा नंबर 596/960/5, 596/960/6 और 596/960/7 राजस्व रिकॉर्ड में है, किन्तु क्रमशः 596/960/3 और 596/960/4 के बारे में उल्लेख नहीं है।

इस संदर्भ में जनपद अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी ने इस मामले की जाँच करवाने के लिए प्रतिष्ठान किया है, और यह भी कहा गया है कि हमने जिला कलेक्टर और तहसीलदार बरघाट को भूमि सुरक्षित करने के लिए पत्र लिखा है।

सीमांकन होगा

वैसे तो इसके पूर्व भी जनपद सभा सिवनी की भूमि का कई बार सीमांकन हो चुका है, किन्तु वर्तमान में जनपद पंचायत सिवनी ने तहसीलदार बरघाट को सीमांकन के लिए आवेदन कर भूमि की सुरक्षा के लिए पत्र जारी किया है।

इस स्थिति में, अनेक विसंगतियों के साथ, यहां अवैध कब्जों का जाल फैला हुआ है, और पंचायत द्वारा भी निर्माण कार्य किए जा चुके हैं, और शासकीय भूमि भी बेच चुकी है, इस स्थिति में जनपद पंचायत सिवनी इन चुनौतियों का सामना कैसे करेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।

इनका कहना है कि हमने सीमांकन और अवैध कब्जों के हटाने की कार्रवाई की जा रही है, और जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर विकास की भी कई कार्रवाईयाँ की जा रही हैं।
श्रीमती किरण भलावी जनपद अध्यक्ष, सिवनी

सिवनी: डूंडासिवनी थाने से थोड़ी दूरी पर आवारा तत्वों का डेरा, दिन भर झगड़े और गाली गलोंच से परेशान वार्डवासी

सिवनी (Seoni News): सिवनी जिला मुख्यालय के डूंडासिवनी थाना अंतर्गत डूंडासिवनी चौक के पास स्थित एक दुकान के सामने दिन भर आवारा तत्वों का डेरा जमा रहता है।

वहां से निकलने वाले राहगीर और वार्डवासियों के लिए हमेशा ही ये तय है कि यदि वह वहां से गुजर रहे है तो उन्हें उस आवारा तत्वों के मुह से गालिया सुनाई देंगी ही और आए दिन वहां लड़ाई झगड़े की खबर भी मिलती ही रहती है।

वार्डवासियों से मिली जानकारी के अनुसार यहां ऐसा माहौल वर्षों से देखा जाता रहा है, डूंडासिवनी क्षेत्र में थाना बनने के बाद से वार्डवासियों को उम्मीद थी कि अब उन्हें अब इन आवारा तत्वों से निजात मिल सकेगी पर ऐसा कुछ भी ना हुआ।

स्कूल कॉलेज कोचिंग आने जाने वाली लड़कियों के साथ कई बार यहां कमेंट पास करने जैसी घटनाएं भी सुनने मिली है, कई बार वार्डवासियों ने उन लोगों को समझाया पर उनपर किसी प्रकार का कोई असर नहीं पड़ा।

दिन भर बीड़ी सिगरेट और गांजे का धुआं, रात में चलती है शराब पार्टी

वार्डवासियों की माने तो सिर्फ दिन भर ही नहीं बल्कि रात के समय भी यहां आवारा तत्व शराब के नशे में हंगामा करते दिखाई देते है।

नवागत थाना प्रभारी उमेश्वर ठाकरे से वार्डवासियों को उम्मीद

वार्डवासियों का कहना है कि अभी डूंडासिवनी थाने में जो नए टीआई उमेश्वर ठाकरे (Umeshwar Thakre) आए है उनके द्वारा इस पर ध्यान दिया जाए तो शायद यहां का माहौल ठीक हो सके।

इस मामले को लेकर टीआई उमेश्वर ठाकरे (Umeshwar Thakre) से संपर्क करने की कोशिश की गयी जिससे उनतक इस मामले की जानकारी पहुँच सके और उनका इस मामले में क्या कहना है यह जाना जाए परन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया. डूंडासिवनी थाने का लैंडलाइन नंबर स्थाई रूप से बंद बतया जा रहा है.