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Railway News: भारतीय रेलवे 7-8 दिसंबर को रीवा-मुंबई स्पेशल ट्रेन चलाएगा

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भोपाल (मध्य प्रदेश): यात्रियों की मांग को देखते हुए, रेलवे प्रशासन 7 दिसंबर, 2025 को रीवा से एक ट्रिप के लिए और 8 दिसंबर, 2025 को सीएसएमटी से एक ट्रिप के लिए विशेष ट्रेन संख्या 02185/02186 रीवा – छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी)-रीवा का संचालन करेगा।

यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे के सतना, कटनी, जबलपुर, पिपरिया और इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरेगी.

आउटबाउंड यात्रा (रीवा से मुंबई):

ट्रेन 02185, 7 दिसंबर को 15:50 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी, और निम्नलिखित स्थानों पर रुकेगी:

  • सतना – 17:00 बजे
  • कटनी – 18:10 बजे
  • जबलपुर – 19:50 बजे
  • पिपरिया – 21:55 बजे
  • इटारसी – 23:30 बजे

अगले दिन यह यहां पर रुकेगी:

  • खंडवा – 02:07 बजे
  • भुसावल – 04:05 बजे
  • मनमाड – 06:55 बजे
  • नासिक रोड – 07:55 बजे
  • कल्याण – 11:03 बजे

यह ट्रेन 12:20 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई) पहुंचेगी।

वापसी यात्रा (मुंबई से रीवा):

ट्रेन 02186 8 दिसंबर 2025 को 13:30 बजे सीएसएमटी से प्रस्थान करेगी और निम्नलिखित स्थानों पर रुकेगी:

  • कल्याण – 14:28 बजे
  • नासिक रोड – 15:55 बजे
  • मनमाड – 17:55 बजे
  • भुसावल – 20:25 बजे
  • खंडवा – 23:10 बजे

अगले दिन यह यहां पर रुकेगी:

  • इटारसी – 03:00 बजे
  • पिपरिया – 04:02 बजे
  • जबलपुर – 06:25 बजे
  • कटनी – 07:55 बजे
  • सतना – 09:05 बजे
  • अंततः 10:40 बजे रीवा पहुंचे।

ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • 1 एसी प्रथम श्रेणी
  • 1 एसी टू टियर
  • 4 एसी थ्री टियर
  • 12 स्लीपर क्लास
  • 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी
  • 2 एलएसएलआरडी कोच

SEONI: किसानों की मेहनत पर ‘नीति का प्रहार’? मक्का–धान की गिरती कीमतों के बीच 10 दिसंबर को सिवनी में बड़ा आंदोलन

Seoni, Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में ख़रीफ़ सीज़न की मक्का और धान की फसलें इस समय मंडियों में पहुंच रही हैं, लेकिन किसानों का दर्द दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। किसानों की उपज का उचित मूल्य न मिल पाने ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा विदेशों से बड़े पैमाने पर मक्का आयात की नीति ने घरेलू बाज़ार को गहराई से प्रभावित किया है। नतीजा यह कि प्रदेश का किसान मजबूर होकर अपनी मक्का केवल ₹1200–₹1400 प्रति क्विंटल तक बेच रहा है—जबकि सरकार का घोषित MSP ₹2400 प्रति क्विंटल है।

मक्का: वह फसल जो सबके खेत में उगती है, लेकिन आज सबसे कम दाम पर बिक रही है

किसान बताते हैं कि मक्का ऐसी फसल है जिसे लंबे समय तक भंडारित करना मुश्किल होता है। एक एकड़ पर ₹20,000–₹25,000 तक की लागत आने के बाद भी किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में किसानों को न सिर्फ पूरा MSP मिल रहा है, बल्कि परिवहन भत्ता ₹283 भी दिया जा रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश के किसान सवाल उठा रहे हैं—“हमारे साथ ही भेदभाव क्यों?”

“किसानों की आय दोगुनी” केवल वादा, हकीकत में आधी आय?

किसानों का आरोप है कि

  • यूरिया और डीएपी की किल्लत हर मौसम में बनी रहती है,
  • समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया जटिल बना दी गई है,
  • और सरकार की नीतियाँ लगातार किसान-विरोधी साबित हो रही हैं।

स्थानीय नेताओं ने याद दिलाया कि कुछ महीने पहले मूंग खरीदी में “जहरीली मूंग” का बहाना बनाकर रुकावट डाली गई थी, और किसानों के दबाव में ही सरकार को पीछे हटना पड़ा था।

“आज नहीं बोले तो कल और नुकसान होगा” – किसानों में बढ़ता गुस्सा

किसान संगठनों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में मक्का 2000–2200 रुपये क्विंटल तक महंगी हो सकती है, लेकिन उस समय फायदा किसानों को नहीं, बल्कि व्यापारियों की भरी हुई गोदामों को होगा।

10 दिसंबर को बड़ा आंदोलन – किसानों से की गई एकजुट होने की अपील

जिला कांग्रेस कमेटी सिवनी ने किसानों की समस्याओं को लेकर 10 दिसंबर, बुधवार, दोपहर 12 बजे कचहरी चौक पर एक बड़े आंदोलन की घोषणा की है।

कांग्रेस नेता राजकुमार पप्पू खुराना, पूर्व जिला अध्यक्ष, ने कहा: “हमारे प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलना उनका हक है। जब नमक तक छपे दाम पर मिलता है, तो किसानों की मेहनत की कीमत क्यों नहीं? सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह MSP दिलाए और किसानों की पीड़ा दूर करे।”

उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हों, ताकि सरकार पर दबाव बने और उनके परिश्रम का सही मूल्य मिल सके।

Ruk Jana Nahi Admit Card: रुक जाना नहीं 10वीं और 12वीं परीक्षा 15 दिसंबर से

Ruk Jana Nahi Admit Card: मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (MPSOS), भोपाल ने दिसंबर 2025 में होने वाली ‘रुक जाना नहीं’, परंपरागत ओपन, मदरसा बोर्ड, ‘अब लौट चलें’, कक्षा 10वीं, 12वीं, और पूर्व प्राथमिक 5वीं, पूर्व माध्यमिक 8वीं परीक्षाओं की समय-सारणी (Time Table) आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है।

परीक्षा की इस नवीन घोषणा के बाद विद्यार्थियों में उत्साह और तैयारी का जोश और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह परीक्षा हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को तय करती है।

कब से शुरू होंगी परीक्षाएँ?

MPSOS द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएँ 15 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होंगी। सभी परीक्षाओं का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक तय किया गया है।

यह समय-सारणी उन विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो नियमित स्कूली शिक्षा से किसी कारणवश वंचित रह गए थे और अब पुनः अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं।

एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) कैसे डाउनलोड करें?

विद्यार्थी अपने एडमिट कार्ड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट
👉 mpsos.nic.in
से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

वेबसाइट पर ‘Admit Card/Time Table’ सेक्शन में जाकर विद्यार्थी अपना रोल नंबर दर्ज कर प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

अधिक जानकारी कहाँ मिलेगी?

यदि किसी विद्यार्थी को परीक्षा या प्रवेश पत्र संबंधी अधिक जानकारी चाहिए, तो वे अपने संकलन केंद्र – EFA शासकीय नेताजी सुभाषचंद्र बोस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिवनी से संपर्क कर सकते हैं। यहाँ विद्यार्थियों को सभी आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे।

क्यों खास है यह परीक्षा?

  • रुक जाना नहीं’ योजना उन विद्यार्थियों के लिए जीवन बदलने वाला अवसर है जो किसी कारण परीक्षा में असफल हो जाते हैं।
  • ओपन स्कूल की परीक्षाएँ उन सभी अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं जो अपनी शिक्षा को लचीलापन के साथ पूरा करना चाहते हैं।
  • मदरसा बोर्ड और अब लौट चलें योजना सामाजिक और शैक्षिक समावेशिता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

MPSOS हर साल लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने का अवसर उपलब्ध कराता है, और इस बार दिसंबर 2025 की परीक्षा भी उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।

MPSOS द्वारा दिसंबर 2025 की परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किए जाने के साथ ही विद्यार्थियों की तैयारियाँ अब तेज हो चुकी हैं। जो भी विद्यार्थी इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे समय-सारणी को ध्यान से पढ़ें, एडमिट कार्ड समय पर डाउनलोड करें और अपनी पढ़ाई की रणनीति तैयार रखें।

Wash on Wheels (WoW) APP Download: मध्यप्रदेश में सफाई का ‘स्मार्ट मॉडल’ बना ग्रामीण बदलाव की नई मिसाल

Wash on Wheels (WoW) APP Download: मध्यप्रदेश ने स्वच्छता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए “Wash on Wheels MP (WoW)” सेवा की शुरुआत की है। वाश ऑन व्हील्स एप्प डाउनलोड (Wash on Wheels (WoW) APP Download) ग्रामीण इलाकों में टॉयलेट सफाई को आसान, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने वाला यह मॉडल आज देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बस मोबाइल ऐप डाउनलोड करें, बुकिंग करें और कुछ ही मिनटों में आपकी दहलीज़ पर पहुंचेगा प्रशिक्षित Swachhata Saathi आधुनिक मशीनों के साथ!

यह पहल न सिर्फ ODF स्टेटस को मजबूत करती है बल्कि स्वच्छता को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ाती है। WoW ऐप ने ग्रामीण स्वच्छता को पहली बार ‘एक क्लिक पर मिलने वाली प्रोफेशनल सर्विस’ में बदल दिया है।

WoW क्या है? ग्रामीण स्वच्छता का नया टेक-ड्रिवन मॉडल

“Wash on Wheels MP (WoW)” एक मोबाइल-ऐप आधारित सफाई सेवा है जिसे स्वच्छ भारत मिशन (SBM-G) के तहत शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य है:

  • ग्रामीण घरों, स्कूलों और सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई
  • ODF+ लक्ष्य को बनाए रखना
  • रोजगार सृजन और समुदाय को स्वच्छता से जोड़ना

इस सेवा की सबसे खास बात है क्लस्टर-आधारित मैनेजमेंट, जिसके तहत कई ग्राम पंचायतों का एक साथ संचालन किया जाता है ताकि व्यवस्था सुचारू रहे।

ऐप लॉन्च हुआ MP Foundation Day पर – बना बड़ी घोषणा का केंद्र

यह सेवा 1 नवंबर 2025, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च की गई।m तेजी से जिला-जिला पहुंची इस सेवा को ग्रामीणों ने हाथों-हाथ अपनाया।

Wash on Wheels (WoW) APP Download – कैसे काम करता है ‘WoW’ मॉडल? एक क्लिक… और सफाई शुरू!

बुकिंग: मोबाइल ऐप से आसान प्रक्रिया

यूज़र गूगल प्ले स्टोर से “Wash on Wheels (WoW), SBM-G, MP” ऐप डाउनलोड करके सिर्फ कुछ स्टेप्स में सफाई सेवा बुक कर सकते हैं।

👉 ऐप लिंक: https://play.google.com/store/apps/details?id=wow.swachh.mp.gov.in

Wash on Wheels (WoW) APP Download के बाद मिनटों में पहुंचेगा Swachhata Saathi

प्रशिक्षित सफाई कर्मी दो-पहिया वाहन से आपके घर पहुंचते हैं। उनके पास होता है:

  • प्रेशर मशीन
  • सुरक्षा किट
  • डिसइंफेक्टेंट
  • आधुनिक सफाई उपकरण

हाई-प्रेशर मशीन से टॉयलेट की पूर्ण सफाई

WoW टीम ग्रामीण इलाकों में ‘शहरी स्तर’ की सफाई उपलब्ध कराती है—जिससे टॉयलेट चमचमाने लगते हैं और दुर्गंध भी खत्म हो जाती है।

मॉनिटरिंग और फीडबैक सिस्टम

  • हर सेवा जियो-टैग्ड होती है
  • यूज़र ऐप के जरिए फीडबैक दे सकते हैं
  • अधिकारी रियल टाइम में सेवा की मॉनिटरिंग कर सकते हैं

यह पारदर्शिता WoW को अन्य सर्विस मॉडलों से अलग बनाती है।

WoW के बड़े फायदे: ग्राम स्तर पर स्वच्छता का आधुनिक रूप

ग्रामीण स्वच्छता को मजबूत करता है

टॉयलेट उपयोग को बढ़ावा मिलता है और बीमारियों का खतरा कम होता है।

रोजगार के नए अवसर

Swachhata Saathis को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका मिलती है।

तेज़, सस्ती और भरोसेमंद सेवा

सिर्फ एक क्लिक और आपका टॉयलेट प्रोफेशनल तरीके से साफ!

समुदाय की भागीदारी बढ़ती है

लोग स्वच्छता को सेवा की तरह अपनाने लगे हैं।

Wash on Wheels (WoW) APP Download – WoW ऐप क्यों करें डाउनलोड?

  • आसान बुकिंग
  • तेज सफाई सेवा
  • तय दरें और भरोसेमंद टीम
  • सरकारी निगरानी, 100% पारदर्शिता
  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पहली बार ‘Doorstep Toilet Cleaning Service’

Wash on Wheels (WoW) MP” ने स्वच्छता को सिर्फ योजना नहीं, बल्कि लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बना दिया है। तकनीक, सफाई और रोजगार—तीनों का अनोखा मेल यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है।

MP में शुरू हुई WOW सेवा: सिवनी में अब शौचालय चमकेगा सिर्फ एक क्लिक में-जानिए कैसे मिल रही नई सौगात

The WOW Service Has Been Launched In Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा एक ऐसी पहल की शुरुआत की गई है, जो न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की नई मिसाल पेश करेगी, बल्कि हजारों स्वच्छता साथियों के लिए रोजगार के नए दरवाजे भी खोलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल का नाम है—“वॉश ऑन व्हील (WOW)” सेवा।

क्या है WOW SERVICE और क्यों है यह खास?

जिला पंचायत सिवनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह व्यवस्था पूरे मध्यप्रदेश में लागू कर दी गई है और इससे जुड़े स्वच्छता साथियों को स्थायी एवं सम्मानजनक रोजगार मिलेगा।

SS–WOW: स्वच्छता का डिजिटल समाधान

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा “स्वच्छता साथी–वॉश ऑन व्हील (SS-WOW)” नामक ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की गई है, जो मांग और पूर्ति के सिद्धांत पर कार्य करती है।

कैसे करेगा काम?

  • ग्रामीणजन मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने घरेलू या संस्थागत शौचालय की सफाई के लिए अनुरोध दर्ज कर सकते हैं।
  • अनुरोध प्राप्त होते ही संबंधित ग्राम का स्वच्छता साथी सेवा प्रदान करेगा।
  • सेवा शुल्क
    • घरेलू शौचालय: ₹50
    • संस्थागत शौचालय: ₹200

यह डिजिटल मॉडल न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ाता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं को आसान, सुलभ और त्वरित बनाता है।

ग्रामीण स्वच्छता को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम

SS-WOW सेवा को लागू करने के लिए जनपद पंचायतों द्वारा स्वच्छता साथियों का चयन कर लिया गया है तथा उन्हें ग्राम पंचायतों के आधार पर क्लस्टर में विभाजित किया गया है।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में

  • नियमित शौचालय सफाई सुनिश्चित करेगी
  • स्वच्छता से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करेगी
  • रोजगार के अवसर बढ़ाएगी
  • ग्रामीण जीवन को hygienic और dignified बनाएगी

WOW सेवा क्यों बदलेगी मध्यप्रदेश के गांवों की तस्वीर?

  • ✔ पहली बार स्वच्छता सेवाएं ऑन-डिमांड उपलब्ध
  • ✔ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार
  • ✔ हर घर और संस्थान में साफ-सुथरा शौचालय
  • ✔ ग्रामीण स्वास्थ्य और स्वच्छता में बड़ा सुधार
  • ✔ डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम

WOW (Wash On Wheel) सेवा ग्रामीण स्वच्छता को व्यवस्थित, आधुनिक और मानकीकृत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामीण भारत की ओर बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम है।

सिवनी: कातिलाना बका लेकर सड़कों पर दहशत फैलाने निकला था आरोपी, मिशन स्कूल के पास से कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

Seoni, Madhya Pradesh: सिवनी शहर में बढ़ती चाकूबाज़ी और अवैध हथियारबाज़ी को रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को पकड़कर शहर में राहत की सांस दिलाई है, जो हाथ में धारदार लोहे का बका लेकर बेधड़क लोगों को डराता-धमकाता घूम रहा था।

🔥  कैसे हुआ खुलासा?

दिनांक 04/12/2025 को पुलिस को सूचना मिली कि मिशन स्कूल के पास एक व्यक्ति हाथ में धारदार लोहे का बका लेकर राहगीरों को धमका रहा है। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना सिवनी की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची।

जैसे ही आरोपी ने पुलिस को देखा, वह भागने लगा। लेकिन पुलिस टीम ने गवाहों के सहयोग से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

🔍 आरोपी कौन है?

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम बताया—

  • रविशंकर नंदनवार
  • पिता: हरिप्रसाद नंदनवार
  • उम्र: 60 वर्ष
  • निवासी: कबीर वार्ड, थाना डुण्डासिवनी, जिला सिवनी

आरोपी के पास से एक अवैध धारदार लोहे का बका (कीमत लगभग 200 रुपये) बरामद हुआ। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

🚓  एसपी ने दिया था कड़ा निर्देश, पुलिस लगातार अभियान में सक्रिय

श्रीमान पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री सुनील मेहता ने जिले में बढ़ रही हथियारबाज़ी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्देश जारी किए थे।

उनके मार्गदर्शन में एएसपी श्री दीपक मिश्रा और एसडीओपी श्रीमती श्रद्धा सोनकर के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस लगातार अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान चला रही है।

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इन अधिकारियों और जवानों की रही अहम भूमिका

इस सफल कार्रवाई में निम्न पुलिसकर्मियों की विशेष भूमिका रही—

  • थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी
  • प्र.आर. नवीन तिवारी
  • आर. सिद्धार्थ दुबे
  • प्रतीक बघेल
  • सतीश इनवाती
  • सुधीर डहेरिया
  • संतोष साहू
  • इरफान खान

उनकी त्वरित कार्रवाई के चलते शहर में संभावित अनहोनी टल गई।

🛡️ पुलिस की इस कार्रवाई ने शहरवासियों में भरोसा बढ़ाया

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है। इस कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि सिवनी पुलिस अवैध हथियार लेकर लोगों में दहशत फैलाने वालों के खिलाफ हर पल सतर्क है और त्वरित एक्शन के लिए तैयार है।

सिवनी: अल्लाह हु अकबर के नारे लगवाने वाली महिला प्राचार्य DEO कार्यालय अटैच, जांच दल गठित

सिवनी, मध्यप्रदेश — जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अरी में गीता जयंती कार्यक्रम के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। आरोप है कि विद्यालय की महिला प्राचार्या ने हिंदू बच्चों से 16 बार ‘अल्लाह हु अकबर’ के नारे लगवाए, जिसके बाद पालक, स्थानीय लोग और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी स्कूल पहुंच गए और जमकर विरोध जताया।

बच्चों ने लगाया गंभीर आरोप: ‘जबरन नारे लगवाए गए’

घटना के सामने आने के बाद बच्चों ने अपने पालकों और जिला शिक्षा अधिकारी को बताया कि गीता पाठ पूरा होने के बाद, प्राचार्या ने उन पर दबाव डालते हुए धार्मिक नारे लगवाए। बच्चों का दावा है कि उन्हें बार-बार नारे लगाने को कहा गया और इस दौरान वे असहज महसूस कर रहे थे।

पालकों का कहना है कि धार्मिक भावना से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में दूसरी धार्मिक विचारधारा थोपना न केवल गलत है बल्कि बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को भी प्रभावित करता है।

विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में, 4 सदस्यीय जांच समिति गठित

बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया और चार सदस्यीय जांच दल का गठन कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी। जांच दल स्कूल स्टाफ, बच्चों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगा।

विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि यह घटना किसी अनजाने में हुई गलती नहीं, बल्कि धार्मिक विवाद उत्पन्न करने का प्रयास है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

स्कूल में बढ़ा तनाव, पालकों ने मांगी कड़ी कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पालकों में गहरा आक्रोश है। कई पालकों ने मांग की है कि—

  • प्राचार्या को निलंबित किया जाए
  • जांच पूरी होने तक उन्हें स्कूल से दूर रखा जाए
  • बच्चों की धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो

कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि बच्चों को सुरक्षित व निष्पक्ष माहौल देना स्कूल की जिम्मेदारी है, और ऐसे विवाद शैक्षणिक वातावरण को नुकसान पहुंचाते हैं।

जांच के परिणाम पर सभी की नज़रें

हालांकि प्राचार्या का पक्ष अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि “मामला अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।” इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था, धार्मिक सद्भाव और स्कूलों में आचार संहिता पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

सिवनी के इस स्कूल विवाद ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है। गीता जयंती जैसे धार्मिक कार्यक्रम में मजहबी नारे लगवाए जाने का आरोप पहली बार सामने आया है, जिसकी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और समाज दोनों बेहद सतर्क हैं। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

SEONI: गीता जयंती पर स्कूल में प्राचार्य ने 16 बार लगवाए अल्लाह हु अकबर के नारे, हिंदू संगठनों में तीखा विरोध

सिवनी। जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरी, तहसील बरघाट से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है। स्कूल की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती प्रतीक्षा मानगढ़े पर गीता जयंती के अवसर पर छात्रों से जबरन 16 बार “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगवाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद से विश्व हिंदू परिषद (VHP) सहित कई हिंदू संगठनों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

इस मामले को लेकर VHP कार्यकर्ताओं ने अरी थाना पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। थाने में पदस्थ एएसआई शैलेंद्र तिवारी ने ज्ञापन प्राप्त कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 दिसंबर (सोमवार) को स्कूल परिसर में गीता जयंती समारोह आयोजित किया गया था। इसी दौरान प्रभारी प्राचार्य द्वारा कथित रूप से हिंदू छात्रों पर दबाव डालते हुए 16 बार “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगवाए गए। इस आरोप के सामने आने के बाद स्थानीय हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं।

वहीं, शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य सोशल मीडिया पर लगातार हिंदू विरोधी पोस्ट साझा करती हैं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो रहा है।

FIR की मांग, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

विश्व हिंदू परिषद के प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख ने अरी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि—

  • आरोपी प्रभारी प्राचार्य श्रीमती प्रतीक्षा मानगढ़े के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए
  • इस घटना की निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए

VHP ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो संगठन को उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

अब पूरा मामला पुलिस के पास है और स्थानीय लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि
क्या—
➡️ आरोप सच हैं या राजनीतिक/सामाजिक तनाव का परिणाम?
➡️ क्या स्कूल प्रशासन के अन्य कर्मचारी भी इस घटना के गवाह हैं?
➡️ क्या जांच में नए तथ्य सामने आएंगे?

फिलहाल पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

सामाजिक सौहार्द पर पड़ सकता है असर

शिक्षण संस्थान वह स्थान होते हैं जहां बच्चों में एकता, विविधता और सम्मान की भावना विकसित की जाती है, लेकिन जब इसी जगह से इस तरह की विवादित घटनाएं सामने आती हैं, तो समाज में धार्मिक तनाव गहरा हो सकता है। स्थानीय समुदाय और अभिभावकों ने प्रशासन से त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग की है।

यह मामला सिर्फ एक स्कूल या एक प्राचार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक संवेदनशीलता और शिक्षा के मूल्यों से जुड़ा है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई इस विवाद का भविष्य तय करेगी।
हम इस खबर पर आगे भी नज़र बनाए रखेंगे।

SEONI: मासूम स्कूल बच्चों पर चढ़ाई थी कार, बच्ची की हुई मौत; लापरवाह शिक्षक को 4 साल की सजा

SEONI NEWS: मध्य प्रदेश के जिला सिवनी में साल 2019 में गणतंत्र दिवस के दिन घटी एक दर्दनाक घटना का फैसला आखिरकार सामने आ गया है। तेजी और लापरवाही से कार चलाने वाले शिक्षक को अदालत ने 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। फैसला आने के बाद क्षेत्र में न्याय मिलने की चर्चा तेज है।

क्या हुआ था उस दिन?

26 जनवरी 2019 की सुबह करीब 9:45 बजे, जब पूरे देश में गणतंत्र दिवस का उत्साह चरम पर था, तब ग्राम जुरतरा (थाना बंडोल) के पंचायत भवन के पास स्कूल के बच्चे कार्यक्रम के बाद भोजन वितरण की कतार में खड़े थे

इसी दौरान अभियुक्त कृष्ण कुमार बिन्हेरिया, पिता घुरो सिंह, निवासी ग्राम दुकली—जो कि शिक्षक थे—अपनी कार एमपी 22 सीए 5103 से तेज रफ्तार में पहुंचे। गवाहों के अनुसार अभियुक्त को यह पता था कि वहां बच्चे मौजूद हैं, फिर भी उसने:

  • बेहद लापरवाही व खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाई
  • भोजन लेने के लिए खड़े छोटे-छोटे बच्चों पर सीधे कार चढ़ा दी
  • पास रखे सब्जी और भोजन के बर्तनों में भी टक्कर मार दी

इस दर्दनाक टक्कर में 12 वर्षीय एक छात्रा के ऊपर गर्म सब्जी गिरने से गंभीर जलन हुई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसके अलावा 8 अन्य बच्चों को भी चोटें आईं, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हुए।

पुलिस की विवेचना और अदालत में सुनवाई

घटना के बाद थाना बंडोल पुलिस ने तत्परता से विवेचना करते हुए मामला अदालत पहुंचाया।
शासन की ओर से एडीपीओ श्रीमती उमा चौधरी ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया।

अदालत ने सुनाई कठोर सजा

माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, सिवनी ने अभियुक्त को निम्न दंडों से दंडित किया:

  • धारा 304 भादवि4 वर्ष का कारावास
  • धारा 308 भादवि2 वर्ष का कारावास
  • धारा 184 मोटर व्हीकल एक्ट1 माह का कारावास
  • धारा 3/181 मोटर व्हीकल एक्ट (बिना लाइसेंस वाहन चलाना)1 माह का कारावास
  • कुल जुर्माना: ₹19,500

अदालत ने टिप्पणी की कि यह घटना अत्यंत लापरवाही और असावधानी का परिणाम है, जिसने मासूमों की जान जोखिम में डाल दी।

परिजनों व ग्रामीणों में न्याय की भावना

फैसला आने के बाद मृत छात्रा के परिवार सहित पूरे गांव में न्याय मिलने की राहत दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी घटनाएं भविष्य में रोकने के लिए कठोर सजा जरूरी है।

सिवनी पुलिस की मानवीय मिसाल: ठिठुरती रात में बचाई विक्षिप्त महिला की जान

Seoni Police News। कड़की ठंड की उस रात जब शहर गहरी नींद में था, जिला अस्पताल सिवनी में एक दिल को छू लेने वाली घटना देखने को मिली। पुलिसकर्मियों का यह मानवीय कदम न केवल इंसानियत का उदाहरण बना, बल्कि यह भी साबित कर गया कि वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता की ढाल भी है।

रात 3 बजे जिला अस्पताल में दिखी दु:खद तस्वीर

बीती रात लगभग 3:00 बजे, सिवनी पुलिस एक चाकूबाज़ी के मामले में घायल व्यक्तियों का हालचाल लेने जिला अस्पताल पहुंची। ठंड अपने चरम पर थी और पूरा परिसर सिहरन भरी हवा से कांप रहा था।

इसी बीच, पुलिस की नजर एक विक्षिप्त और असहाय महिला पर पड़ी, जो खुले आसमान के नीचे ठंडी जमीन पर बेसहारा पड़ी थी। उसके आसपास न कोई परिजन था, न ही अस्पताल कर्मियों की तत्काल मदद।

स्ट्रेचर का इंतजाम, खुद उठाकर अस्पताल के अंदर ले गए

अस्पताल स्टाफ से लगातार अनुरोध के बाद जब स्ट्रेचर उपलब्ध हुआ, तो पुलिसकर्मियों ने—

  • दो से तीन लोगों की मदद ली,
  • खुद जमीन से महिला को उठाया,
  • स्ट्रेचर पर सुरक्षित रखा,
  • और उसे अस्पताल के अंदर पहुंचाया।

यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे, क्योंकि इतनी ठंडी रात में किसी बेसहारा को संभालना वास्तव में मानवता का बड़ा उदाहरण है।

भोजन कराया, इलाज कराया — इंसानियत की खूबसूरत मिसाल

महिला को अस्पताल के अंदर लाने के बाद पुलिस टीम ने न केवल प्राथमिक उपचार सुनिश्चित किया बल्कि उसे भोजन भी उपलब्ध कराया, ताकि वह ठंड और भूख से कमजोर न पड़े।

इस पूरे मानवीय प्रयास ने सिवनी पुलिस की छवि को और भी मजबूत किया है। जहां पुलिस अक्सर कठोर छवि के साथ जोड़ी जाती है, वहीं यह घटना यह बताती है कि वर्दी के भीतर भी दिल धड़कता है—भावनाओं, संवेदनाओं और करुणा से भरा हुआ।

स्थानीय लोग बोले—“ऐसी पुलिस हर जिले को मिले”

घटना तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी और लोग सिवनी पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि हर जिले में ऐसे संवेदनशील पुलिसकर्मी हों, तो समाज में कई जीवन समय रहते बचाए जा सकते हैं।

सिवनी पुलिस की इस पहल ने साबित कर दिया कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। कड़ाके की ठंड, रात का सन्नाटा, और अस्पताल की उदास हवा—इन सबके बीच पुलिस ने वह किया, जिसकी उम्मीद अक्सर लोग नहीं करते।

यह सिर्फ मदद नहीं… यह एक संदेश है—कि मानवता अभी जिंदा है।