सीमा पर शहीदों को सलाम: सिवनी कलेक्टर शीतला पटले की मौजूदगी में सिवनी में धूमधाम से मनाया गया सशस्त्र झंडा दिवस, भावनाओं से भरा पूरा सभागार!

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सीमा पर शहीदों को सलाम: सिवनी कलेक्टर शीतला पटले की मौजूदगी में सिवनी में धूमधाम से मनाया गया सशस्त्र झंडा दिवस, भावनाओं से भरा पूरा सभागार!

सिवनी। सशस्त्र बलों के शौर्य, त्याग और अदम्य साहस को समर्पित सशस्त्र झंडा दिवस को जिला कलेक्टर सभागार में बेहद गरिमामय और भावनात्मक वातावरण में मनाया गया। कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की, बल्कि सभागार देशभक्ति की भावनाओं से गूंज उठा।

कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, अपर कलेक्टर श्री सी.एल. चनाप, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल ए.के. दास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर देश की सुरक्षा में लगे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ते हुए भावुक हुईं कलेक्टर पटले

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती पटले ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश पढ़ा।
उन्होंने कहा—

“देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में तैनात हमारे वीर सैनिक ही असली राष्ट्र-रक्षक हैं। शहीदों के परिवारों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की मदद करना हर नागरिक का कर्तव्य है।”

उनकी यह बात सुनते ही सभागार में बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों ने सैनिकों के अद्वितीय बलिदान को याद करते हुए तालियों से वातावरण को गूंजा दिया।

अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर दिया योगदान, झंडा दिवस के महत्व पर डाला प्रकाश

इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती पटले, जिला अधिकारियों एवं उपस्थित अतिथियों ने भारतीय सशस्त्र बलों के कल्याण कोष के लिए व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। यह दृश्य देखते ही कार्यक्रम में मौजूद लोग भावुक हो उठे, मानो हर किसी के दिल में सैनिकों के प्रति सम्मान और भी गहरा हो गया हो।

कलेक्टर ने बताया कि—

“सशस्त्र झंडा दिवस सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शहीदों और सैनिकों के योगदान को याद करने और उनके परिवारों की मदद करने का संकल्प है।”

देशभक्ति से भरा आयोजन, सभी के दिलों को छू गया

कार्यक्रम का समापन सैनिकों की वीरता को सलाम करते हुए किया गया। यह आयोजन न सिर्फ सरकारी कार्यक्रम साबित हुआ, बल्कि एक भावनात्मक और प्रेरक क्षण भी बना, जिसने सभी को सैनिकों के सम्मान और देश सेवा की ऊर्जा से भर दिया।

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