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सिवनी: अल्लाह हु अकबर के नारे लगवाने वाली महिला प्राचार्य DEO कार्यालय अटैच, जांच दल गठित

सिवनी, मध्यप्रदेश — जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अरी में गीता जयंती कार्यक्रम के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। आरोप है कि विद्यालय की महिला प्राचार्या ने हिंदू बच्चों से 16 बार ‘अल्लाह हु अकबर’ के नारे लगवाए, जिसके बाद पालक, स्थानीय लोग और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी स्कूल पहुंच गए और जमकर विरोध जताया।

बच्चों ने लगाया गंभीर आरोप: ‘जबरन नारे लगवाए गए’

घटना के सामने आने के बाद बच्चों ने अपने पालकों और जिला शिक्षा अधिकारी को बताया कि गीता पाठ पूरा होने के बाद, प्राचार्या ने उन पर दबाव डालते हुए धार्मिक नारे लगवाए। बच्चों का दावा है कि उन्हें बार-बार नारे लगाने को कहा गया और इस दौरान वे असहज महसूस कर रहे थे।

पालकों का कहना है कि धार्मिक भावना से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में दूसरी धार्मिक विचारधारा थोपना न केवल गलत है बल्कि बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को भी प्रभावित करता है।

विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में, 4 सदस्यीय जांच समिति गठित

बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया और चार सदस्यीय जांच दल का गठन कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी। जांच दल स्कूल स्टाफ, बच्चों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगा।

विश्व हिंदू परिषद के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि यह घटना किसी अनजाने में हुई गलती नहीं, बल्कि धार्मिक विवाद उत्पन्न करने का प्रयास है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

स्कूल में बढ़ा तनाव, पालकों ने मांगी कड़ी कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पालकों में गहरा आक्रोश है। कई पालकों ने मांग की है कि—

  • प्राचार्या को निलंबित किया जाए
  • जांच पूरी होने तक उन्हें स्कूल से दूर रखा जाए
  • बच्चों की धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो

कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि बच्चों को सुरक्षित व निष्पक्ष माहौल देना स्कूल की जिम्मेदारी है, और ऐसे विवाद शैक्षणिक वातावरण को नुकसान पहुंचाते हैं।

जांच के परिणाम पर सभी की नज़रें

हालांकि प्राचार्या का पक्ष अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि “मामला अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।” इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था, धार्मिक सद्भाव और स्कूलों में आचार संहिता पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

सिवनी के इस स्कूल विवाद ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है। गीता जयंती जैसे धार्मिक कार्यक्रम में मजहबी नारे लगवाए जाने का आरोप पहली बार सामने आया है, जिसकी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और समाज दोनों बेहद सतर्क हैं। पूरे क्षेत्र की निगाहें अब जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

SEONI: गीता जयंती पर स्कूल में प्राचार्य ने 16 बार लगवाए अल्लाह हु अकबर के नारे, हिंदू संगठनों में तीखा विरोध

सिवनी। जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरी, तहसील बरघाट से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है। स्कूल की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती प्रतीक्षा मानगढ़े पर गीता जयंती के अवसर पर छात्रों से जबरन 16 बार “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगवाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद से विश्व हिंदू परिषद (VHP) सहित कई हिंदू संगठनों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

इस मामले को लेकर VHP कार्यकर्ताओं ने अरी थाना पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। थाने में पदस्थ एएसआई शैलेंद्र तिवारी ने ज्ञापन प्राप्त कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 दिसंबर (सोमवार) को स्कूल परिसर में गीता जयंती समारोह आयोजित किया गया था। इसी दौरान प्रभारी प्राचार्य द्वारा कथित रूप से हिंदू छात्रों पर दबाव डालते हुए 16 बार “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगवाए गए। इस आरोप के सामने आने के बाद स्थानीय हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं गहरी आहत हुई हैं।

वहीं, शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य सोशल मीडिया पर लगातार हिंदू विरोधी पोस्ट साझा करती हैं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो रहा है।

FIR की मांग, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

विश्व हिंदू परिषद के प्रांत धर्म प्रसार प्रमुख ने अरी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि—

  • आरोपी प्रभारी प्राचार्य श्रीमती प्रतीक्षा मानगढ़े के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए
  • इस घटना की निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए

VHP ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो संगठन को उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

अब पूरा मामला पुलिस के पास है और स्थानीय लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि
क्या—
➡️ आरोप सच हैं या राजनीतिक/सामाजिक तनाव का परिणाम?
➡️ क्या स्कूल प्रशासन के अन्य कर्मचारी भी इस घटना के गवाह हैं?
➡️ क्या जांच में नए तथ्य सामने आएंगे?

फिलहाल पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

सामाजिक सौहार्द पर पड़ सकता है असर

शिक्षण संस्थान वह स्थान होते हैं जहां बच्चों में एकता, विविधता और सम्मान की भावना विकसित की जाती है, लेकिन जब इसी जगह से इस तरह की विवादित घटनाएं सामने आती हैं, तो समाज में धार्मिक तनाव गहरा हो सकता है। स्थानीय समुदाय और अभिभावकों ने प्रशासन से त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग की है।

यह मामला सिर्फ एक स्कूल या एक प्राचार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक संवेदनशीलता और शिक्षा के मूल्यों से जुड़ा है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई इस विवाद का भविष्य तय करेगी।
हम इस खबर पर आगे भी नज़र बनाए रखेंगे।

SEONI: मासूम स्कूल बच्चों पर चढ़ाई थी कार, बच्ची की हुई मौत; लापरवाह शिक्षक को 4 साल की सजा

SEONI NEWS: मध्य प्रदेश के जिला सिवनी में साल 2019 में गणतंत्र दिवस के दिन घटी एक दर्दनाक घटना का फैसला आखिरकार सामने आ गया है। तेजी और लापरवाही से कार चलाने वाले शिक्षक को अदालत ने 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। फैसला आने के बाद क्षेत्र में न्याय मिलने की चर्चा तेज है।

क्या हुआ था उस दिन?

26 जनवरी 2019 की सुबह करीब 9:45 बजे, जब पूरे देश में गणतंत्र दिवस का उत्साह चरम पर था, तब ग्राम जुरतरा (थाना बंडोल) के पंचायत भवन के पास स्कूल के बच्चे कार्यक्रम के बाद भोजन वितरण की कतार में खड़े थे

इसी दौरान अभियुक्त कृष्ण कुमार बिन्हेरिया, पिता घुरो सिंह, निवासी ग्राम दुकली—जो कि शिक्षक थे—अपनी कार एमपी 22 सीए 5103 से तेज रफ्तार में पहुंचे। गवाहों के अनुसार अभियुक्त को यह पता था कि वहां बच्चे मौजूद हैं, फिर भी उसने:

  • बेहद लापरवाही व खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाई
  • भोजन लेने के लिए खड़े छोटे-छोटे बच्चों पर सीधे कार चढ़ा दी
  • पास रखे सब्जी और भोजन के बर्तनों में भी टक्कर मार दी

इस दर्दनाक टक्कर में 12 वर्षीय एक छात्रा के ऊपर गर्म सब्जी गिरने से गंभीर जलन हुई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसके अलावा 8 अन्य बच्चों को भी चोटें आईं, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हुए।

पुलिस की विवेचना और अदालत में सुनवाई

घटना के बाद थाना बंडोल पुलिस ने तत्परता से विवेचना करते हुए मामला अदालत पहुंचाया।
शासन की ओर से एडीपीओ श्रीमती उमा चौधरी ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया।

अदालत ने सुनाई कठोर सजा

माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, सिवनी ने अभियुक्त को निम्न दंडों से दंडित किया:

  • धारा 304 भादवि4 वर्ष का कारावास
  • धारा 308 भादवि2 वर्ष का कारावास
  • धारा 184 मोटर व्हीकल एक्ट1 माह का कारावास
  • धारा 3/181 मोटर व्हीकल एक्ट (बिना लाइसेंस वाहन चलाना)1 माह का कारावास
  • कुल जुर्माना: ₹19,500

अदालत ने टिप्पणी की कि यह घटना अत्यंत लापरवाही और असावधानी का परिणाम है, जिसने मासूमों की जान जोखिम में डाल दी।

परिजनों व ग्रामीणों में न्याय की भावना

फैसला आने के बाद मृत छात्रा के परिवार सहित पूरे गांव में न्याय मिलने की राहत दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी घटनाएं भविष्य में रोकने के लिए कठोर सजा जरूरी है।

सिवनी पुलिस की मानवीय मिसाल: ठिठुरती रात में बचाई विक्षिप्त महिला की जान

Seoni Police News। कड़की ठंड की उस रात जब शहर गहरी नींद में था, जिला अस्पताल सिवनी में एक दिल को छू लेने वाली घटना देखने को मिली। पुलिसकर्मियों का यह मानवीय कदम न केवल इंसानियत का उदाहरण बना, बल्कि यह भी साबित कर गया कि वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता की ढाल भी है।

रात 3 बजे जिला अस्पताल में दिखी दु:खद तस्वीर

बीती रात लगभग 3:00 बजे, सिवनी पुलिस एक चाकूबाज़ी के मामले में घायल व्यक्तियों का हालचाल लेने जिला अस्पताल पहुंची। ठंड अपने चरम पर थी और पूरा परिसर सिहरन भरी हवा से कांप रहा था।

इसी बीच, पुलिस की नजर एक विक्षिप्त और असहाय महिला पर पड़ी, जो खुले आसमान के नीचे ठंडी जमीन पर बेसहारा पड़ी थी। उसके आसपास न कोई परिजन था, न ही अस्पताल कर्मियों की तत्काल मदद।

स्ट्रेचर का इंतजाम, खुद उठाकर अस्पताल के अंदर ले गए

अस्पताल स्टाफ से लगातार अनुरोध के बाद जब स्ट्रेचर उपलब्ध हुआ, तो पुलिसकर्मियों ने—

  • दो से तीन लोगों की मदद ली,
  • खुद जमीन से महिला को उठाया,
  • स्ट्रेचर पर सुरक्षित रखा,
  • और उसे अस्पताल के अंदर पहुंचाया।

यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे, क्योंकि इतनी ठंडी रात में किसी बेसहारा को संभालना वास्तव में मानवता का बड़ा उदाहरण है।

भोजन कराया, इलाज कराया — इंसानियत की खूबसूरत मिसाल

महिला को अस्पताल के अंदर लाने के बाद पुलिस टीम ने न केवल प्राथमिक उपचार सुनिश्चित किया बल्कि उसे भोजन भी उपलब्ध कराया, ताकि वह ठंड और भूख से कमजोर न पड़े।

इस पूरे मानवीय प्रयास ने सिवनी पुलिस की छवि को और भी मजबूत किया है। जहां पुलिस अक्सर कठोर छवि के साथ जोड़ी जाती है, वहीं यह घटना यह बताती है कि वर्दी के भीतर भी दिल धड़कता है—भावनाओं, संवेदनाओं और करुणा से भरा हुआ।

स्थानीय लोग बोले—“ऐसी पुलिस हर जिले को मिले”

घटना तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी और लोग सिवनी पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि हर जिले में ऐसे संवेदनशील पुलिसकर्मी हों, तो समाज में कई जीवन समय रहते बचाए जा सकते हैं।

सिवनी पुलिस की इस पहल ने साबित कर दिया कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। कड़ाके की ठंड, रात का सन्नाटा, और अस्पताल की उदास हवा—इन सबके बीच पुलिस ने वह किया, जिसकी उम्मीद अक्सर लोग नहीं करते।

यह सिर्फ मदद नहीं… यह एक संदेश है—कि मानवता अभी जिंदा है।

सिवनी में बन रहा भव्य द्वारकाधीश मंदिर: शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी की मौजूदगी में 1 दिसंबर को होगी ऐतिहासिक बैठक

SEONI DWARKADHISH MANDIR: सिवनी, मध्य प्रदेश। सिवनी ज़िले के सीमांत क्षेत्र शीलादेही में स्थित भव्य श्री द्वारकाधीश मंदिर एवं शंकराचार्य आश्रम इस समय पूरे प्रदेश की आस्था का केंद्र बना हुआ है। परमपूज्यनीय सद्गुरुदेव द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के पवित्र संकल्प को साकार करने वाली यह भव्य धरोहर अब अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव – प्राण प्रतिष्ठा – की ओर बढ़ रही है।

मंदिर परिसर में चल रही तैयारियों ने पूरे इलाके में उत्साह, आध्यात्मिक उमंग और दिव्यता का वातावरण बना दिया है। भक्तों से लेकर स्थानीय निवासियों तक, सभी की निगाहें 26 फरवरी 2026 (फाल्गुन शुक्ल दशमी) को होने वाले महामंगलमय प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर टिकी हुई हैं।

जयपुर में निर्मित द्वारकाधीश की दिव्य प्रतिमा का होगा अलौकिक अभिषेक

प्राण प्रतिष्ठा समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण है जयपुर में निर्मित द्वारकाधीश भगवान की अद्भुत प्रतिमा, जिसकी प्रतिष्ठा स्वयं द्वारका-शारदापीठ के वर्तमान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज अपने कर-कमलों से करेंगे।

यह भव्य घटना सिवनी ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश और गुजरात की धार्मिक परंपराओं को एक दिव्य सूत्र में बांधने का कार्य करेगी।

1 दिसंबर को अहम बैठक: तैयारियों को अंतिम रूप देने का निर्णायक दिन

आगामी 1 दिसंबर 2025, इस पूरे आध्यात्मिक प्रकल्प के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। इसी दिन:

  • 📌 समय: दोपहर 03:00 बजे
  • 📌 स्थान: श्री द्वारकाधीश मंदिर, सहज संतोष आश्रम, शीलादेही, जिला सिवनी (म.प्र.)

यह बैठक पावन सान्निध्य में आयोजित होगी— जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज जिनकी उपस्थिति इस आयोजन को और भी दिव्य एवं प्रभावी बनाती है।

आध्यात्मिक महापुरुषों की विशेष उपस्थिति

बैठक में देश के प्रमुख सनातन संत उपस्थित रहेंगे, जिनमें मुख्य रूप से:

  • अग्नि अखाड़ा के आचार्यमहामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री रामकृष्णानन्द जी महाराज
  • प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अध्यक्ष ब्रह्मचारी श्री सुबुद्धानन्द जी महाराज

इनकी गरिमामयी मौजूदगी से मंदिर आयोजन की रूपरेखा और भी व्यापक व सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।

सभी गुरुभाइयों-बहनों से अनिवार्य उपस्थिति का निवेदन

मंदिर प्रबंधन और आयोजन समिति ने सभी साधु-संतों, गुरुभाइयों और बहनों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण विचार-विमर्श बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि 2026 के भव्य समारोह को दिव्य और अविस्मरणीय बनाया जा सके।

इस पूरे आध्यात्मिक आयोजन के शुभैषी हैं— ब्रह्मचारी ब्रह्मविद्यानन्दः, शारदापीठ द्वारका (गुजरात)।

संपर्क सूत्र

  • 📞 दंडी स्वामी श्री राघवानन्द तीर्थ महाराज — 94254 45988
  • 📞 अजीत तिवारी — 89823 20144
  • 📞 सागर उपाध्याय — 62600 74470
  • 📞 अंकित अवस्थी — 94074 13131
  • 📞 रवि त्रिपाठी — 75875 2536

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जबलपुर में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान, बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर हमला; सिवनी में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

सिवनी, 26 नवम्बर 2025। जबलपुर में आयोजित एक साहित्य विक्रय कार्यक्रम में देवी-देवताओं के अपमानजनक उल्लेख वाली पुस्तक बेचने के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले को लेकर सिवनी में माहौल गर्म है। घटना के विरोध में बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने मंगलवार को सिवनी पुलिस अधीक्षक (एसपी) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।

क्या हुआ था जबलपुर में?

मिली जानकारी के अनुसार, जबलपुर के मानस भवन में एक साहित्य बिक्री कार्यक्रम के दौरान एक पुस्तक में हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विरोध जताते ही वहां मौजूद भीड़ ने उन पर क्रूरता पूर्वक हमला किया, जिसके वीडियो भी सामने आए हैं।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि— ➡️ हमले के 24 घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी न होने पर संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

🚨 सिवनी में बजरंग दल और VHP का विरोध तेज, मुख्यमंत्री के नाम एसपी को सौंपा गया ज्ञापन

ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख सवाल

ज्ञापन में VHP और बजरंग दल ने घटना को सुनियोजित बताया और कई प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

ADM द्वारा परमिशन पर प्रश्नचिह्न

कार्यक्रम को अनुमति देने वाले ADM अधारताल पंकज मिश्रा की जांच और निलंबन की मांग की गई है।
संगठनों का आरोप है कि—

  • कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समाज में वैमनस्य फैलाना था।
  • देवी-देवताओं का अपमान करने वाली किताब बेचना एक सुनियोजित षड्यंत्र था।
  • इसलिए ADM पर प्रशासनिक कार्रवाई और FIR दर्ज की जाए।

थाना प्रभारी की लापरवाही का आरोप

ज्ञापन में कहा गया कि—

  • घटना से पहले पुलिस को कई बार सूचित किया गया।
  • लेकिन न तो थाना प्रभारी पहुंचे और न ही कोई स्टाफ।
  • पुलिस की मौजूदगी में भीड़ द्वारा मोब लिंचिंग जैसा हमला किया गया, जो वीडियो में साफ दिख रहा है।

इस आधार पर थाना प्रभारी के तत्काल निलंबन और विभागीय जांच की मांग की गई है।

पुस्तक के प्रकाशक पर कार्रवाई की मांग

संगठनों ने पुस्तक के प्रकाशक ललई सिंह यादव पर भारी आरोप लगाए—

  • जानबूझकर समाज में अशांति फैलाने का प्रयास
  • धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली सामग्री प्रकाशित करना
  • कार्यक्रम के माध्यम से दंगा भड़काने की कोशिश

VHP-बजरंग दल ने प्रकाशक की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो में दिख रहे आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द हो

ज्ञापन के अनुसार—

“वीडियो में हमलावर साफ दिख रहे हैं, लेकिन 24 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।”
संगठनों ने 48 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग की है।

पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया पर भी आरोप

ज्ञापन में पूर्व मंत्री और विधायक लखन घनघोरिया पर झूठी सूचनाएँ फैलाकर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है।
कहा गया कि—

  • उन्होंने मीडिया में संविधान फाड़ने की झूठी बात फैलाई।
  • इससे दो समुदायों के बीच संघर्ष का खतरा बढ़ सकता था।

संगठनों ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी की है।

पूरे महाकौशल में आंदोलन होगा अगर कार्रवाई नहीं हुई

ज्ञापन में चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि—
➡️ उचित कार्रवाई समय पर नहीं हुई,
तो बजरंग दल पूरे महाकौशल प्रांत में व्यापक आंदोलन करेगा और
➡️ प्रांत बंद का ऐलान भी किया जा सकता है।

इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

स्थिति पर प्रशासन की ओर से क्या प्रतिक्रिया?

लेखन समय तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय पुलिस मामले की जांच में लगी है, लेकिन देरी पर सवाल उठ रहे हैं।

जबलपुर की घटना ने क्षेत्र में बड़े सामाजिक और राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।
सिवनी में सौंपे गए इस ज्ञापन से साफ है कि संगठनों ने इस मुद्दे को राज्य-स्तरीय आंदोलन में बदलने की चेतावनी दे दी है।
अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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SEONI के CSC केंद्रों में गूंजा संविधान दिवस का संकल्प! शिवांशु जंघेला बोले – ‘भारतीय संविधान ही है देश की एकता की आत्मा

सिवनी। सिवनी जिले के लगभग सभी CSC सेंटरों में बुधवार को ‘भारतीय संविधान दिवस’ बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें आम नागरिकों से लेकर अधिकारियों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माताओं के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद उपस्थित लोगों को संविधान की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम के दौरान सीएससी सिवनी के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शिवांशु जंघेला ने अपने संबोधन में कहा कि “भारतीय संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि यह हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक मूल्यों का आधारभूत स्तंभ है।”

शिवांशु जंघेला का प्रभावशाली संबोधन

जंघेला ने संविधान के महत्व पर बोलते हुए कहा— “26 नवंबर 1949 को अंगीकृत भारतीय संविधान, देश की एकता, अखंडता और प्रगति का मूल आधार है। यह समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल सिद्धांतों पर हमें एक सूत्र में पिरोता है। भारतीय संविधान हमारे गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है।”

उन्होंने यह भी कहा कि संविधान की सुरक्षा और सम्मान करना हर भारतीय का नैतिक दायित्व है, क्योंकि यही संविधान हमें न केवल अधिकार देता है, बल्कि कर्तव्यों के प्रति सजग भी करता है।

संविधान की शपथ लेकर नागरिकों ने जताई राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता

सीएससी केंद्रों में मौजूद सभी लोगों को संविधान के मूल्यों को अक्षुण्ण रखने की शपथ दिलाई गई।
लोगों ने प्रण लिया कि—

  • वे हमेशा संविधान की गरिमा की रक्षा करेंगे
  • देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में योगदान देंगे
  • और एक उन्नत व विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे

शपथ के दौरान माहौल बेहद उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक रहा।

सीएससी केंद्रों पर दिखा देशभक्ति का अनूठा उत्साह

सिवनी जिले के सभी CSC केंद्रों में संविधान दिवस को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला।
कई स्थानों पर पोस्टर प्रदर्शनी, जागरूकता संदेश, और संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेदों की जानकारी भी साझा की गई।

युवाओं, ग्रामीणों और आम नागरिकों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह आयोजन बेहद सराहनीय रहा।

महत्वपूर्ण संदेश

आयोजन के अंत में शिवांशु जंघेला ने कहा— “हम सब मिलकर ही संविधान के सपनों का भारत बना सकते हैं। इसके आदर्शों को अपनाना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।”

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SEONI: नरवाई प्रबंधन के लिए विकल्पों का किया जा रहा प्रचार-प्रसार

सिवनी: जिले में फसल कटाई उपरांत नरवाई प्रबंधन के विकल्पों के संबंध में लगातार प्रचार-प्रसार कर किसानों को उचित मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि अभियांत्रिकी सिवनी द्वारा विकासखंड बरघाट के ग्राम-मशीन टोला के कृषक श्री पुलकित गौतम के खेत में सुपर सीडर यंत्र के उपयोग का सफल प्रदर्शन किया।

लगभग 2 वर्ष पूर्व अनुदान पर लिये गये इस यंत्र से श्री पुलकित गौतम ने स्वयं के साथ-साथ क्षेत्रीय अन्य किसानो का लगभग 400 घंटे कार्य कर लाभान्वित किया गया। जिससे यंत्रीकृत नरवाई प्रबंधन किया गया।

समस्त कृषको से अनुरोध है कि फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्र सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, बेलर, श्रेडर / मल्चर, है रेक, स्लेशर आदि यंत्र अनुदान पर खरीदने के लिये ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर अधिक से अधिक आवेदन कर अनुदान का लाभ प्राप्त करे।