बेंगलुरू: बेंगलुरू के किसी सरकारी अस्पताल में नए साल में जन्म लेने वाली पहली लड़की को स्नातक स्तर तक की शिक्षा मुफ्त प्रदान की जाएगी. बेंगलुरू के महापौर आर. संपत राज ने शुक्रवार को बताया, “नव वर्ष (1 जनवरी) पर शहर के किसी भी सरकारी अस्पताल में समान्य प्रसव के जरिए जन्म लेने वाली पहली लड़की को कॉलेज में डिग्री स्तर तक की शिक्षा मुफ्त प्रदान की जाएगी ताकि लड़कियों को बोझ नहीं समझा जाए.” बृहत बेंगलुरु महानगर पालिके (बीबीएमपी) अपने आयुक्त और 2018 में जन्म लेने वाली पहली लड़की के संयुक्त बैंक खाते में पांच लाख रुपये जमा कराएगी और इस पर मिलने वाले ब्याज का इस्तेमाल लड़की की शिक्षा के लिए किया जाएगा.
राज ने कहा, “प्रसव के लिए सरकारी अस्पतालों में जाने वाली गर्भवती महिलाएं गरीब परिवार की होती हैं और दुर्भाग्य से उन्हें लगता है कि लड़कियों को पालना एक भारी बोझ है.” विजेता का पता लगाने के लिए सरकारी अस्पतालों के स्वास्थ्य अधिकारी 31 दिसंबर की मध्यरात्रि के बाद और 1 जनवरी के पहले घंटेया शुरुआती घंटों में पैदा होने वाली बच्चियों के जन्म के समय को रिकॉर्ड करेंगे.
राज ने कहा, “शल्य चिकित्सा के जरिए प्रसव कभी भी किया जा सकता है इसलिए सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों ने केवल प्राकृतिक प्रसव के माध्यम से जन्म लेने वाली बच्ची को ही यह पुरस्कार देने का निर्णय लिया है.” शहर में करीब 32 स्वास्थ्य केंद्र नगर निकाय द्वारा संचालित किए जाते हैं जिनमें से 26 में मैटर्निटी वार्ड हैं.

दूसरा सेमीफाइनल सिवनी बॉयज ओर बुलट राजा के मध्य खेला गया जिसमें सिवनी बॉयज़ ने पहले बलेबाज़ी करते हुए 15 ओवर में 8 विकेट खोकर 255 रन बनाएजिस्मे बब्बू ने91 रन बनाए लक्छ का पीछा करने उतरी बुलट राजा 12 ओवर में 120 रन ही बना पाई जिसमे आसिम ने 4 वीके प्राप्त किए और सिवनी बॉयज फाइनल में प्रवेश करने दूसरी टीम बनी फाइनल मुकाबला 1 जनवरी को दोपहर दो बजे से सिवनी बोयज़ ओर डायमंड के मध्य खेला जाएगा ।
