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जातिगत आधार पर ना बटे हिन्दू समाज- के . के. चतुर्वेदी

भारत माता की आरती में शामिल हुए जागरूक नागरिक

सिवनी-गणतंत्र दिवस के अवसर पर छिंदवाड़ा चौक स्थित गणेश मंदिर में सायंकाल 07 बजे भारत माता की आरती का भव्य आयोजन धर्मजागरण विभाग सिवनी नगर द्वारा किया गया ,

जहाँ सवर्प्रथम माँ भारती एवम स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर फूल माता अर्पित की गई ,जिसके बाद आयोजन के प्रमुख वक्ता के के चतुर्वेदी ने अखण्ड भारत के इतिहास पर अपने सार गर्भित विचार व्यक्त किये, उन्होंने कहा कि हमे जाति के आधार पर बाट कर विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है,जिसे हम सभी को समझना होगा,

अग्रेजो द्वारा लिखे इतिहास पर तीखा प्रहार करते हुए बताया कि इंग्लैंड से लेखकों ने हमारा इतिहास बिना जानकरी के लिखा है,जिसे हमें बदलना होगा,असल तथ्य हमसे छुपाए गए है,जो वीभन्न वाचनालयों में उपलब्ध किताबो में लिखा हुआ है, भारत माता के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित कर राष्ट्र जीवन में एकात्मभाव का जन जागरण करने हेतु इस आयोजन में भारत के नक्से को दीपों से प्रज्वलित किया गया,वही सगीतमय भारत माता की महा आरती में हजारो महिलाओं ,पुरषो ,युवकों सहित नगर के गण मान्य नागरिको ने भारत माता की आरती उतारी ।

उपरोक्त कार्यकरणआयोजक धर्मजागरण विभाग सिवनी नगर द्वारा आयोजित किया गया था,जिसे सफल बनाने में राजा गढ़ेवाल नगर प्रचारक,अशोक बघेल जिला कार्यवाहक,दीपक रघुवंशी नगर कार्यवाहक,व रास्ट्र सेविका समिती प्रमुख किरण गोरे का सहयोग रहा ।

वही नगर के उपनगरीय डूंडा सिवनी के आज 26 जनवरी की रात 8 बजे भारत माता की आरती आयोजित हुई जहाँ मुख्य वक्ता राजा गढ़ेवाल रहे,जबकि आयोजन में प्रमुख रूप से शेलेंद्र बिसेन जिला शारीरिक प्रमुख, व विनोद जी जिला सम्पर्क प्रमुख रहे,

दोनो ही आयोजनों को सफलता पूर्वक आयोजित करने में अधिवक्ता अजय अवस्थी, डॉक्टर अमित सोंगोटिया,पीयूष अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा ।

हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस समारोह

सिवनी 26.जनवरी.18/संपूर्ण भारत वर्ष के साथ-साथ सिवनी जिले में भी 69 वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर जिले के समस्त शासकीय-अर्द्धशासकीय कार्यालयों, विद्यालयों में ध्वजारोहण किया गया। गणतंत्र दिवस पर जिला मुख्यालय सिवनी का मुख्य कार्यक्रम स्थानीय स्टेडियम ग्राउन्ड में संपन्न हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री गोपाल चंद्र डाड  द्वारा ध्वजारोहण कर मार्चपास्ट परेड की सलामी ली गई और प्रदेश की जनता के नाम मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के सन्देश का वाचन किया। आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री गोपाल चंद्र डाड  ने जिला पुलिस अधीक्षक श्री तरुण नायक एवम अपर कलेक्टर श्री व्ही पी द्विवेदी के साथ खुली जीप्सी पर सवार होकर परेड का निरीक्षण किया एवं आकाश में शान्ति व  खुशी के प्रतिक गुब्बारे छोडे गये।

समारोह में पुलिस बल के बैन्ड  की धुन के साथ क्रमश तीन हर्ष फायर किये गये तथा परेड कमाण्डर श्री सुनील नागवंशी के नेतृत्व में मार्चपास्ट परेड ने सलामी ली। परेड में एस.ए.एफ., एन.सी.सी. वनविभाग, स्काउड गाइड व शौर्यदल की टुकडियों सहित कुल 24  प्लाटून शामिल थी। गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में जिले के शहीद जवानों के परिजनों एवम लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान मुख्य अतिथि द्वारा श्रीफल एवं शाल से किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम व पुरस्कार

गणतंत्र दिवस समारोह में सर्वप्रथम लगभग 1037 स्कूलीय छात्र-छात्राओं पी.टी का प्रदर्शन किया गया तथा छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न देशभक्ति को प्रेरित करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। जिसमे कु. पल्लवी द्वारा प्रस्तुत किया गया ‘जय जवान जय किसान’ देश भक्ति गीत ने सभी का मन मोह लिया तथा जनजातीय विभाग छात्र छात्राओं द्वारा कारगिल युध्द में केंद्रित प्रस्तुति की सभी ने सराहना की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा मेधावी छात्रों, उत्कृट कार्य के लिये पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों,सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्कूलों के प्राध्यापक एवं प्राचार्य  को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया।

विभागों द्वारा किया गया झाकियों का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं व प्रदेश की प्रगति से संबंधित झाकियों का प्रदर्शन किया गया। जिनमें जनजातीय कार्य विभाग द्वारा निकाली झांकी को प्रथम स्थान दिया गया ।इस विदेश अध्ययन योजना का प्रदर्शन किया गया था। उसी प्रकार द्वितीय स्थान शिक्षा  विभाग की झांकी को ‘जादू नही विज्ञान है’ थीम पर दिया गया  व तृतीय पुरस्कार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन,सिवनी विधायक श्री दिनेश राय, नपाध्यक्ष श्रीमति आरती शुक्ला, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री स्वरोचिष सोमवंशी , अपर कलेक्टर श्री  व्ही पी द्विवेदी  के साथ-साथ पार्षदगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार बन्धु, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। क्र 145

मरझोर में आयोजित विशेष भोज में सम्मिलित हुए कलेक्टर एवं विधायक

 सिवनी 26.जनवरी.18/ गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत उन्नयन शाला मरझोर में आयोजित विशेष भोज में जिला कलेक्टर श्री गोपाल चंद्र डाड, सिवनी विधायक श्री दिनेश राय,पुलिस अधीक्षक श्री तरुण नायक ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री स्वरोचिष सोमवंशी, अपर कलेक्टर श्री व्ही पी द्विवेदी के साथ अन्य अधिकारी कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। भोज में खीर एवं पुडी विशेष रूप से शामिल किए गए थे। क्र 146

30 जनवरी को दिया जायेगा मद्य निषेध का संकल्प

सिवनी 26 जनवरी.18/ कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 जनवरी को गाँधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर मद्य निषेध संकल्प दिवस का आयोजन किया जायेगा। दस आयोजन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में बढती हुई मदिरापान एवं प्रतिबंधित मादक पदार्थ/द्रव्य के सेवन प्रवृत्ति की रोकथाम व दुष्परिणामों से अवगत कराकर नशा छोडने के लिए प्रेरित किया जायेगा। इसी के साथ स्वेच्छ से मादक पदार्थ/द्रव्यों तथा मदिरापान त्यागने हेतु संकल्प लेने वालों से संकल्प पत्र भरवाने का कार्य भी किया जायेगा।

धर्म पालन में सत्य आचरण जरूरी-सदानंद जी

 

सिवनी-धर्म पालन में सत्य का आचरण करना एक प्रमुख अंग है श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन पूज्यपाद tv दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने बताया कि धर्म का पालन करना चाहिए अमरीश ने एकादशी व्रत में पारण करने के लिए ऋषि दुर्वासा को संतुष्ट करते हुए अपने संकल्प को पूरा करते हैं अतः भगवान ने राजा अंबरीष की रक्षा की एकादशी व्रत का तात्पर्य 5 ज्ञानेंद्रिय 5 कर्मेंद्रिय और मन इन 11 इंद्रियों से भगवान की सेवा करना ही एकादशी का व्रत कहलाता है गंगा कथा की उत्पत्ति को सार पूर्ण बतलाते हुए की गंगा का जल अमृत समान होता है यदि अंतिम समय में मिल जाए तो व्यक्ति का मोक्ष हो जाता है कथा को आगे बढ़ाते हुए राम जन्म की कथा को बहुत ही सरल शब्दों में निरूपण किया दशरथ की तीन रानियां है और वह पुत्रेष्टि यज्ञ करते हैं भगवान स्वयं आकर यज्ञ की  चरु में आकर बैठ जाते हैं रानियों ने उसे ग्रहण किया और फिर कौशल्या माता ने भगवान राम को जन्म दिया चारों तरफ आनंद ही आनंद छा  गया कथा आचार्य हितेंद्र शास्त्री ने भगवान राम की जोरों से स्तुति की साथ ही पूजन संपन्न कराया तत्पश्चात पूज्य स्वामी जी ने भगवान कृष्ण  के अवतार की कथा सुनाएं यदुवंश में भगवान का अवतार हुआ है अवतार लेते ही कारागर  के दरवाजे खुल गए बधाई गीत से चारों तरफ आनंद ही आनंद छा गया कथा के यजमान द्वारा व्यास पीठ पर विराजमान स्वामी जी को माला पगड़ी लगाकर स्वागत किया गया खिलौने मिष्ठान वस्त्र नृत्य गीत आदि से चारों तरफ मानो वृंदावन जैसा वातावरण चारों तरफ भक्ति में माहौल हो गया  कल माखन चोरी की कथा होगी एवं कथा का समापन 29 एवं भंडारा 30 को होगा

मध्यप्रदेश सरकार कर रही शंकराचार्य के नाम पर छल

शंकराचार्य के दर्शन पर दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन थोपने की हो रही है कोशिश 

शंकराचार्य जैसे महामनीषी के गुरु की उपेक्षा अनुचित 
क्या स्वयं शंकराचार्य प्रसन्न होते अपने गुरु की उपेक्षा से ?
-जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज 
एकात्मकता यात्रा और शंकराचार्य जी की विशाल मूर्ति की स्थापना को जोरशोर से लगी मध्यप्रदेश सरकार पर ज्योतिष्पीठ और द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ने प्रश्न उठाये हैं। 

उनका साफ कहना है कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य शंकराचार्य जी की दीक्षा स्थली का उद्धार कम और राजनैतिक लाभ कमाना ज्यादा है । अन्यथा नरसिंह पुर जिले के गजेटियर, अनेक ऐतिहासिक साक्ष्यों और स्वयं दो पीठों के शंकराचार्य के रूप में कही गई हमारी और अन्य दो पीठों के शंकराचार्यों  की बातों की अवहेलना न की जाती ।
पूज्यपाद शंकराचार्य जी ने आगे कहा कि स्वयं आदि शंकराचार्य जी भी आज उपस्थित होते तो अपनी दीक्षा स्थली की जगह के बदले जाने और दीक्षा स्थली में अपने गुरु की उपेक्षा कर स्वयं की मूर्ति के लगाये जाने से निश्चित ही सहमत न होते । क्योंकि दीक्षा स्थली गुरु का स्थान होती है और गुरु के स्थान में शिष्य चाहे कितना ही प्रभावशाली हो ,  गुरु ही महत्वपूर्ण होता है। 
 शेषनाग के अवतार पतंजलि ही थे गोविन्द पादाचार्य 
पूज्यपाद शंकराचार्य जी ने आगे कहा कि आदि शंकराचार्य जी के गुरु गोविन्द पादाचार्य जी कोई सामान्य गुरु नहीं थे । वे अनन्तश्रीसम्पन्न शेषनाग के अवतार भगवान् पतंजलि का सन्यासी रूप थे जिन्होंने पातंजल योगदर्शन की रचना द्वारा चित्त के, व्याकरण महाभाष्य की रचना द्वारा वाणी के और चरकसंहिता की रचना द्वारा शरीर के मलों के शोधन का मार्ग सामान्य जनों को सुझाकर भारत सहित पूरे विश्व का महान् उपकार किया है । 

शंकर दिग्विजय 

के अनुसार भगवान् शंकराचार्य ने नर्मदा तीरस्थ उस विशिष्ट 

गुफा के समक्ष जाकर पतंजलि  मानकर ही गोविन्द पादाचार्य की वन्दना  की है ।
इस परिप्रेक्ष्य में देखा जाय तो कहना होगा कि आद्य शंकराचार्य ने ब्रह्म साक्षात्काररूप साध्य पर ही मुख्य भाष्यों की रचना की है । जबकि पतंजलि ने परमार्थ सार नाम का ग्रन्थ लिखकर साध्य साधन दोनों को समृद्ध किया है। 
यही नहीं 

आद्य शंकराचार्य के सामने संचार माध्यमों की जो चुनौती थी उसे दूर करने के लिये गुरु गोविन्द पादाचार्य जी ने उन्हें  आकाश मार्ग से चलने और परकाय प्रवेश की विद्या प्रदान की ।
आचार्य शंकर के जीवन चरित्र में अनेक स्थानों पर आदि शंकराचार्य जी द्वारा इन विद्याओं के प्रयोग का वर्णन मिलता है।  जिसमें माता की पुकार पर सर्वज्ञ पीठ काश्मीर  से केरल स्थित अपने घर पहुंचना, 

मंडन मिश्र के घर के दरवाजे बन्द होने पर आकाश मार्ग से उनके आंगन में उतरना और 

राजा अमरुक के शरीर में प्रवेश कर मर्यादा बनाये रखते हुए कामविद्या को जानकर उभयभारती के प्रश्नों का उत्तर देना आदि प्रमुख हैं।  यह सब कर पाने में आदि शंकराचार्य जी सफल गुरु गोविन्द पादाचार्य जी के कारण ही हुए ।
आज भी गुफा में हो जाते हैं दर्शन 
आदि शंकराचार्य जी के दीक्षा स्थली से चलकर काशी आदि जाने का उल्लेख मिलता है परन्तु गोविन्द पादाचार्य जी के गुफा से कहीं अन्यत्र जाने का उल्लेख नहीं मिलता है। 

चूंकि पतंजलि/गोविन्द पादाचार्य जी शेषनाग के अवतार थे । अतः आज भी सांकलघाट की उस गुफा में सर्परूप में उनके दर्शन कभी-कभी भक्तों को होते हैं। 
नरसिंह पुर भी मध्यप्रदेश का ही जिला । फिर उसके साथ अन्याय क्यों?
मध्यप्रदेश शासन जाने अनजाने न केवल ऐसे दिव्य पुरुष की महिमा गरिमा  और उनके परम शिष्य की गुरु के प्रति व्यक्त की जाने वाली श्रद्धा भावनाओं का अनादर कर रही है अपितु मध्यप्रदेश के ही अंग एक जिले के एक गौरवमय इतिहास को झुठलाकर नरसिंह पुर जिले  के गौरव को घटा रही है । जो कि उस जिले के लोगों का सीधा अपमान है। 
स्थापित होनी चाहिए 

आदि शंकराचार्य जी को

दण्ड दीक्षा प्रदान करते गोविन्द पादाचार्य जी की मूर्ति 
पूज्यपाद शंकराचार्य जी ने आगे कहा कि 

यदि जनता को आदि शंकराचार्य जी और उनके गुरु गोविन्द पादाचार्य जी का माहात्म्य बताने से भारतीय संस्कृति और दर्शन की महत्ता का बोध और  राष्ट्र के प्रति श्रद्धा बढ़ती है तो शिष्य को दीक्षित करते हुए गोविन्द नाथ जी को दिखाया जाना उचित होगा । 

जिसका हमने उपक्रम किया है । हमारी संकल्पना है कि हम वहां गुरु-शिष्य उभय का भव्य स्मारक स्थापित करेंगे। जो कि शंकराचार्य और उनकी दीक्षा स्थली और गुरु गोविन्द पादाचार्य जी की  की स्मृति को चिरकाल तक बनाये रखने में सहायक होगी ।
नाम शंकराचार्य का और दर्शन दीन दयाल उपाध्याय का ?
आदि शंकराचार्य और उनके गुरु गोविन्द पादाचार्य जी ने वैदिक दर्शन अद्वैत को जीवन लक्ष्य माना है । परमार्थतः अद्वैत के साथ व्यवहारतः वैदिक भेददर्शन उसकी विशेषता है । मध्यप्रदेश सरकार उनके दर्शन के नाम पर दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद लोगों के सामने प्रस्तुत कर रही है , जो कि बौद्धिक छल है । इसे स्वीकारा नहीं जा सकता । यह छल जनता के दार्शनिक उन्नयन के लिए नहीं अपितु  दलीय राजनीति के उन्नयन के लिए है ।
गुरु के स्थान पर गुरु शिष्य का पुतला 

गुरुतत्व की अवहेलना
जैसा कि पहले बताया दीक्षा स्थली गुरुस्थान होता है। गुरु के स्थान पर शिष्य का पुतला गुरु ही नहीं गुरुतत्व की भी अवहेलना है । 

क्या शंकराचार्य स्वयं इसे स्वीकारते? प्रसिद्ध उक्ति है—

गुरु गोविन्द दोऊ खडे 

काके लागूं पांय। 

बलिहारी गुरु आपकी

गोविन्द दियो बताय।

प्रदेश में सर्वाधिक नवीन मतदाता जोडने में सिवनी प्रथम

सिवनी-प्रदेश में सर्वाधिक नवीन मतदाता पंजीयन में सिवनी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान में चयनित हुआ है। जिले वासियों की सहभगिता एवं सहयोग से इस वर्ष अनुमानित 16,000 के विरूद्ध जिले से 33,000 से ज्यादा नवीन मतदाता को जोडा गया है। जिला कलेक्टर द्वाराइसके लिये जिले के सभी नागरिकों एवं शासकीय अमले को बहुत बहुत बधाई l

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने दी गणतंत्र दिवस पर बधाई

सिवनी- गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2018 गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड तथा जिला पुलिस अधीक्षक श्री तरूण नायक ने जिले के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हए कहा, कि यह पर्व हमें राष्ट्र भक्ति, देश प्रेम एंव भाईचारे की भावना के साथ एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा देता है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने गणतंत्र दिवस पर नागरिकों से प्रेम भाईचारे और साम्प्रदायिक सौहार्द की अपनी परम्परा को निभाते हुए जिले के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करने का आव्हान किया।

109 शासकीय व अन्य नागरिक सहित विध्यार्थी होंगे सम्मनित

सिवनी- फूटबाल स्टेडियम में आयोजित 26 जनवरी मुख्य आयोजन में सरकारी कर्मियों ,उत्कृष्ट कार्य वाले युवाओ,स्कूली विद्यार्थी को पुरस्कृत किया जाएगा।

उमाशंकरजी गुप्ता लेंगे वैश्य महासभा की बैठक

सिवनी- 26 जनवरी को प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर जी गुप्ता सिवनी पधार रहे है वे 26 जनवरी शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे बालाघाट संभाग के प्रमुख पदाधिकारियो के साथ बैठक लेंगे ।

प्रदेशाध्यक्ष के साथ आदरणीय महामंत्री मा. भगवानदास अग्रवाल भी पधार रहे है । बैठक 3बजे से 5.30 तक चलेगी उसके बाद आमंत्रितों के साथ स्वल्पाहार लेंगे । अपरान्ह 3.00 बजे से सिवनी जिले की सभी आठों तहसीलों के नवनियुक्त पदाधिकारियो का पद ग्रहण कार्यक्रम भी होगा ।

चोरी किया गया ट्रक मिला,पर ग़ायब हुए चक्के

सिवनी- बरघाट थाने के ग्राम बोरी से चोरी हुआ ट्रक क्रमांक cg-04 e- 5557आज सुबह जेवनारा में मिला ,

लेकिन चोरों ने ऊक्त ट्रक के चारो टायर चोरी कर लिये है,नगर निरिछक अमित विलास दानी घटना स्थल पर पहुच कर विवेचना कर रहे है।

सिवनी कलेक्टर के आदेश की अवहेलना, डी जे साउंड जप्त

प्रतीकात्मक फोटो

सिवनी-छात्रों के परीक्षा सत्र को दृष्टिगत रखते हुए जिला दंडाधिकारी महोदय सिवनी द्वारा DJ साउंड सिस्टम के उपयोग करने पर प्रतिबंध हेतु दिनाँक 22/01/18 को आदेश जारी किया गया।
उक्त आदेश की जानकारी के बावजूद बैल बाजार बरघाट के मैदान में डॉ विश्वास के यहाँ आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान DJ साउंड सिस्टम बजाने की सूचना पर तसदीक की गई, जो सही पाई जाने के चलते मौके से DJ संचालक नीलू उर्फ हरिओम हनवत, 23 वर्ष, निवासी- ग्राम निवारी के कब्जे से उक्त DJ साउंड सिस्टम कर थाना बरघाट में अपराध धारा 15 म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम तथा 188 भा.द.वि. का दर्ज किया गया है।