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11 जुलाई को सभी जिलों में होंगे बिजली बिल माफी योजना के कार्यक्रम

सिवनी- आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संबल योजना प्रदेश में गरीबों का संबल बन गयी है। यह जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। इस योजना के अंतर्गत गरीबों के लिये मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना वरदान सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 जुलाई को सभी जिलों में बिजली बिल माफी प्रमाण पत्र देने और नये हितग्राहियों का पंजीयन कराने के लिये जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्य कार्यक्रम रतलाम जिले के जावरा में आयोजित होगा। श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं जावरा से पूरे प्रदेश के हितग्राहियों को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन दोपहर तीन बजे से सभी जिलों में सुना जा सकेगा।

श्री चौहान आज अपने निवास से सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 11 जुलाई के बाद बिजली बिल माफी और पंजीयन की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद जहाँ-जहाँ ट्रांसफार्मर कटे हैं, वे सब एक साथ जोड़ दिये जायेंगे और एक दिन प्रकाश पर्व मनाया जायेगा।

श्री चौहान ने जिला कलेक्टरों और जन-प्रतिनिधियों से कहा कि 11 जुलाई को जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन करें और बिजली बिल माफ करने तथा पंजीयन कराने के संबंध में जो भी कठिनाईयां आती हैं, उनका तत्काल समाधान भी करें। श्री चौहान ने कहा कि 11 जुलाई को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने के बाद स्थानीय जन-प्रतिनिधि सुविधानुसार विधानसभावार भी बिजली बिल माफी के कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। विद्युत सब स्टेशनों पर भी विद्युत अधोसंरचना और निर्माण से संबंधित कामों का लोकार्पण किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि इस योजना को अपने-अपने जिलों में नेतृत्व प्रदान करें और प्रभावी तरीके से इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि गरीबों को योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। स्थानीय कार्यक्रमों में सांसद, जन-प्रतिनिधि, नगरीय पंचायत के प्रतिनिधि शामिल हों और गरीब हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलवायें।इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ जन-प्रतिनिधियों का समन्वय आवश्यक है। इसके लिये पहले से प्लानिंग कर लें। बरसात को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम रखें।

श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना, बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना गरीबों के सिर से अनावश्यक आर्थिक बोझ उतारने वाली योजनायें हैं। ये गरीबी से लड़ने का सहारा देने वाली योजनाएं हैं। कोई भी पात्र गरीब परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित नहीं रहना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि वे संबल योजना और बकाया बिजली बिल माफी योजना की निरंतर समीक्षा करेंगे और हर दिन कम से कम चार जिला कलेक्टरों से बात करेंगे। श्री चौहान ने बताया कि भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीबद्ध श्रमिकों का भी स्वाभाविक रूप से संबल योजना में पंजीयन मान्य किया जायेगा। उन्होंने विद्युत वितरण कम्पनियों के फील्ड अमले की सराहना करते हुये कहा कि मैदानी अधिकारी पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं।

रोशनी का हुआ सफल हृदय रोग आपरेशन

सिवनी /4 जुलाई 2018/ किसी माता-पिता के लिये इससे बडे दुख की बात क्या होगी जब बचपन में ईलाज के दौरान कोई चिकित्सक यह बोल दे कि आपकी बच्ची हृदय रोग से ग्रसित है इसकी जिंदगी ज्यादा समय की नही है। इसका विवाह मत करना यह गर्भधारण के लिये कभी शारीरिक रूप से तैयार नही हो पायेगी । कुरई निवासी गरीब परिवार के राजेन्द्र पाठक और अभिलाषा पाठक की पुत्री रोशनी बचपन से हृदय रोग से ग्रसित थी । यह जानकारी उसके परिवार वालो को भी थी चिकित्सक ने रोशनी को बचपन से असामान्य होना बताया था क्योकि उसका हृदय शरीर के बायी और न होकर दाहिने और था । इन्ही सभी कारणो से वे रोशनी की परवरिष बडी सावधानी पूर्वक कर रहे थे । इसके साथ रोशनी का एक हाथ आकार में छोटा था जो उसकी विकलांगता का कारण था ।

रोशनी का परिवार जनवरी 2018 में डा0 अभिषेक रायकवार व डाॅ. विनोद दहायत और डाॅ. रूचि द्धिवेदी से सम्पर्क में आया। अपनी बेटी के हाथो के उपचार की सहायता के लिये पहॅंचे रोशनी के पिता द्वारा विषेषज्ञों को बताया कि उनकी बच्ची हाथ से तो विकलांग है साथ ही बचपन से ही इन्हें चिकित्सक द्वारा हृदय रोग से ग्रसित भी बताया गया है । डाॅ. रूचि द्विवेदी ने बच्ची स्क्रीनिंग कर जिला स्तरीय कैम्प में भेजा। जहां श्री कृष्णा हृदयालय नागपुर एवं प्लेटीना हास्पिटल नागपुर की टीम ने बच्ची की असामान्यता को देखते हुए। उसका आपरेशन करने से हाथ खडा कर दिये । परन्तु डा0 रूचि द्विवेदी लगातार चिकित्सको के संपर्क में रही। उन्होने चिरायु मेडिकल कालेज भोपाल के सर्जन डा0 विवेक कन्हेर से चर्चा की जिन्होने रोशनी की सर्जरी को एक चैलेंज के रूप में लेते हुए उसका आपरेशन करने की सहमति दी ।

दिनाॅक 26.06.2018 को चिरायु हास्पिटल भोपाल के डा0 विवेक कन्हेर और डा0 निखिल पेन्डसे की टीम ने बच्ची की एक साथ तीन सर्जरी की उन्होंने हार्ट के छेद , एक वाल्व की रिपेयरिंग और फेफेडों की धमनी जो एक तरफ थी उसे अलग कर दोनों तरफ किया गया। और उसका सफल आपरेशन हो सका ।

मान्यता प्राप्त बॉडी बिल्डर से बनी बस का ही पंजीयन होगा

सिवनी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बस निर्माण और बस बॉडी के संबंध में अपने कड़े नियम जारी किए हैं, जिसके अनुसार उन्हीं बसों का आरटीओ द्वारा पंजीयन किया जाएगा, जो एजेंसी या बॉडी बिल्डर भारत सरकार से अधिमान्यता प्राप्त डीलरशिप होगी। इसके पश्चात उस बॉडी बिल्डर को संबंधित परिवहन कार्यालय से व्यापार का प्रमाण पत्र हासिल करना होगा। ऐसी एजेंसी द्वारा बनी बसों का ही पंजीयन किया जाएगा।

नए निर्देशानुसार अब कोई भी बस ऑपरेटर अपनी इच्छानुसार 28 की जगह 30 या अधिक सीटें नहीं कर पाएगा। नए निर्देशानुसार बस ऑपरेटर भारत सरकार द्वारा निर्धारित बस निर्माता एजेंसी को मान्यता लेनी होगी।

कलेक्टर के आदेश को नही मान रहा पावर प्लांट

घंसौर से जबलपुर का 13 किलोमीटर का कार्य अधूरा

घँसोर -विगत कई वर्षों से घंसौर से जबलपुर मार्ग जो की सिवनी जिले की सीमा से 27 किमी तक रास्ता बुरी तरह बदहाल था. जिसमे विगत महीने में ग्राम दिवारी की जनता ने जनांदोलन और भूख हड़ताल करके शासन प्रशासन को इस सड़क के निर्माण की मांग की थी जिसमे 2 आंदोलन के दूसरे ही दिन से झाबुआ पॉवर प्लांट ने सड़क के दुरुस्ती करण हेतु कार्य प्रारंभ कर दिया था और नायेगांव तिराहा से कलकुही घाट तक 14 किमी सिवनी जिले की सीमा तक सड़क को गड्ढे मुक्त कर बनाया गया है । एवम आंदोलन समाप्ति के दौरान क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह ने आश्वासन दिया था की 27 किमी का रास्ता पूरा बनाया जायेगा लेकिन देखने को मिल रहा है कि जिस ग्राम के लोगो ने आंदोलन किया उसी गांव की सीमा से सड़क कार्य करवा दिया गया । और सांसद के आश्वाशन को धता बता कर प्लांट प्रबन्धन ने काम बंद कर दिया। और 13 किमी का रास्ता शेष छोड़ दिया ।

लोगो का कहना कि क्या आंदोलन करने हड़ताल करने से ही शासन जनता की समस्या का निदान करेगी क्या ? तो फिर घँसोर ,गोरखपुर, सारसडोल के ग्रामीणों को भी आंदोलन की राह अपनानी पड़ेगी।

क्यों कि घँसोर से सारसडोल ,गोरखपुर से नएगांव तिराहा तक महज 13 किमी का रास्ता बद से बदत्तर हो गया है जगह जगह बड़े बड़े गड्ढे दुर्घटना को अंदेशा दे रहे है ।

जबकि यह मार्ग पॉवर प्लांट के वाहनों के उपयोग हेतु है यही से राख के बंकर दिन रात इसी सड़क से आवागमन करते है ,और यह सड़क के मेन्टेन्स का कार्य का आदेश भी कई बार शासन प्रशासन द्वारा दिया गया है । लेकिन प्लांट प्रबन्धन इस ओर ध्यान नही दे रहा है जिससे घँसोर सहित क्षेत्र की जनता परेशान है क्यों कि यब मार्ग जबलपुर जाने के लिए नज़दीकी रास्ता है जिससे समस्य की बचत होती है और यात्री बस भी इसी मार्ग से होकर जाती है ।

क्रमिक हड़ताल पर बैठे वार्डवासी

सिवनी- नगर पालिका सिवनी द्वारा नगर के रानी दुर्गावती वार्ड में विकास व् अन्य कार्य ना करने,सामुयादिक शौचालय निर्माण की जगह का उचित स्थल चयन ना करने सहित वार्ड की उपेक्षा से व्यवथित

वार्ड वासियो के साथ आज से वार्ड पार्षद मोनू उइके क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गये है।।

मिली जानकारी के अनुसार आज से छिंदवाड़ा रोड़ के समीप शनि मंदिर के समीप हड़ताल में बैठे पार्षद को समर्थन देने राजा बघेल,शिव सनोडिया, बाबू भलोटिया,जगदीश गुप्ता पार्षद शबनम खान रंजीत यादव पहुचे है।

दिनेश राय के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई श्री राम मंदिर प्रांगण में बैठक

शहीद स्मारक होगा व्यवस्थित

लखनादौन-विगत 6 जुलाई 2018 को स्थानीय श्री राम मंदिर परिसर में श्री राम मंदिर ट्रसट के द्वारा बैठक का आयोजन किया गया जिसमें निम्न बिन्दुओ पर चर्चा हुई-

1.श्री राम मंदिर प्रांगण में स्थित शहीद स्मारकको व्यवस्थित करने के विषय में प्रशासनिक कार्यवाही की जायेगी

2. पुरानी दुकानों को तोडकर नया सर्वसुविधा युक्त काम्प्लेक्स बनाया जायेगा, इस कार्य हेतु सभी पुराने दूकानदारो ने अपनी सहमति दी

3.काम्प्लेक्स निर्माण भू तल, प्रथम तल में दुकानों का निर्माण कार्य होगा तथा तीसरे तल में सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला का निर्माण होगा

4. राममंदिर काम्प्लेक्स के पुराने दुकानदारों को नए काम्प्लेक्स में दुकानें दी जायेगी तथा शेष दुकानों की नीलामी की जायेगी

5.25 जुलाई तक सभी दुकानदार अपनी दुकानें खाली कर देंगे इस हेतु दुकानदारों ने सहमति दी है।

6.श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को लेकर भी लिवास कलेक्शन के संचालक द्वारा ट्रस्ट का गठन पुनः किये जाने हेतु कहा।जिस पर श्री राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा सहमति दी गई लेकिन जिनकी दुकान इस काम्प्लेक्स में है वे ट्रस्टी नही हो सकते इस बात पर सभी उपस्थित जनसमुदाय ने सहमति दी नियमानुसार दुकानदार ट्रस्ट में सम्मिलित नही हो सकता और ट्रस्ट के पुराने सदस्य मिलकर ही नए सदस्यों को शामिल कर सकते है , पूर्व में भी संजय गोल्हानी, तीरथ प्रसाद गोल्हानी द्वारा अपनी मनमर्जी से ट्रस्ट समिति के ऊपर एक समिति जबरदस्ती बना ली थी औऱ अपनी मनमर्जी से अध्यक्ष बन कर इसकी वैधानिकता हेतु याचिका लगाई गई थी जिसे कोर्ट ने सिरे से नकार दिया।

इनकी मंशा मंदिर और धार्मिक कार्य को लेकर बिलकुल नही है ये केवल ट्रस्ट की आड़ में स्वयं अपनी दुकानों को बड़ा करना चाह रहे है, इसके पूर्व भी संजय गोल्हानी धर्मशाला के एक कमरे को तोड़कर दुकान को बड़ी करने का प्रयास भी कर चुके है, लेकिन ट्रस्ट की सक्रियता से उनका ये नाजायज कार्य नही ही सका,भावार्थ जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश करना चाहते है संजय गोल्हानी और अभी अपने आप को अतिक्रमण हटाते समय भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शित करवा रहे थे जबकि इनकी वास्तविकता क्या है यह पूरा नगर जानता है। इनके रिश्तेदार इनके द्वारा बनाई गई सीढ़ी को तोड़ते समय यह चिल्लाते रहे कि यह जमीन श्री राम मंदिर ओर कृषि उपज मंडी की है उस पर नगर परिषद का क्या अधिकार, मतलब इन्हें यह भी नही पता कि आखिर उक्त भूमि किसकी है ।

यहाँ पर यह बात बताना भी उल्लेखनीय है कि राम मंदिर मार्किट में ऐसे दूकानदार है जिनका किराया मात्र 500 रुपए मासिक निर्धारित है उसके बाद भी 25000 रुपए तक किराया बाकि है , ये दुकानदार भगवान के साथ ही छलावा कर रहे है।

आज की बैठक सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन के मुख्य आतिथ्य व अगुवाई में संपन्न हुई उन्होंने सभी पक्षो की बात सुनकर सभी की स्वेच्छानुरूप कार्य करने की बात कही, और कहा कि उनसे जो भी कुछ संभव हो सकेगा वो करेंगे।

श्री राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्री अजय शुक्ला ने बताया कि राम मंदिर समिती के पास आय का स्रोत केवल दुकान का किराया है वह भी समय से न मिल पाने के कारण पुजारी का मासिक भुगतान और बिजली बिल का भुगतान तक नही हो पाता, और एक दुकानदार ने तो 5 लाख रुपये में दुकान दूसरे को बेच भी दी है।जिसके लिए उस दुकानदार ने ट्रस्ट की सहमति नही ली है।

नीलेश स्थापक ने राम नाम लेखन सामग्री को व्यवस्थित करने के सबंध में भी अपनी बात रखी।

कुल मिलाकर देखा जाये तो राम मंदिर की समिति की दुकानों में जो दुकानदारों दुकान चला रहे है वो अपनी मन के मुताबिक कार्य कर रहे है जिससे धन औऱ अन्य व्यवस्था के आभाव में मंदिर जीर्ण शीर्ण हो चूका है, और कुछ लोग तो अपने स्वार्थ के लिये भगवान का मंदिर तक गिरवी रख सकते है ऐसे लोगो की जितनी निंदा की जाए कम है।

जिनका न कभी नगर में धर्मिक सामाजिक कार्यक्रमो में योगदान रहा न कभी कोई वैचारिक पृष्ठभूमि रही वे अपने आप को ट्रस्टी बनाना चाहते है जबरदस्ती कब्जा करना चाहते है ऐसे लोग अपने आपको राजनीतिक दल का कार्यकर्ता विगत 3 दिनों से प्रचारित करवा रहे है जिनकी आदत जबरदस्ती कब्जा करने की पूर्व से रही है समाज मे नगर में बिना किसी योगदान के गणमान्य बनना चाहते है जो निंदनीय है।

मन्दसौर की पीड़िता की फोटो खींच रही नर्स गिरफ़तार

मंदसौर -मध्य प्रदेश के मंदसौर में गैंगरेप का शिकार 7 साल की बच्ची की फोटो खींचकर उसकी पहचान उजागर करने के प्रयास के आरोप में एक वरिष्ठ नर्स को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस उप महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि इंदौर के अस्पताल में भर्ती पीड़िता के वॉर्ड के पास तैनात पुलिसकर्मियों को बुधवार को इसकी जानकारी मिली थी. इसकी पुष्टि होने पर नर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई.

पुलिस को जानकारी मिली थी एक वरिष्ठ नर्स ने अपने मोबाइल कैमरे से पीड़ित बच्ची और उसके इलाज से जुड़े दस्तावेजों के फोटो खींचे हैं. जांच में यह जानकारी सही पाई गई.

डीआईजी ने बताया कि नर्स से इस सिलसिले में पूछताछ की जा रही है कि उसने पीड़ित बच्ची और उसके मेडिकल दस्तावेजों के फोटो क्यों खींचे. पुलिस को संदेह है कि वह यह तस्वीरें किसी व्यक्ति को भेजना चाहती थी.

डीआईजी ने बताया कि नर्स के ख़िलाफ़ पॉक्सो ऐक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पीड़ित बच्ची मंदसौर से करीब 200 किलोमीटर दूर इंदौर के अस्पताल में 27 जून की रात से भर्ती है.

ढह गई 5.38 करोड़ से बनी नवनिर्मित कंक्रीट नहर 

केवलारी- एक तरफ देश के प्रधानमंत्री श्रीं मोदी जी हमेशा किसानों की आये दुगुनी करने की बात करते है  एवं प्रदेश के मुखिया श्री शिवराज सिंह चौहान जी अपने आप को किसान का बेटा एवं अपनी सरकार को किसान हितेषी बताते नहीं थकते ओर रात इन किसानों के हित में नई नई लाभकारी एवं कल्याणकारी योजनायें लागू कर रहे है उनका सपना है की प्रदेश का किसान सक्षम हो सशक्त,  आत्मनिर्भर हो किन्तु उनके ही कर्माचारी उनके इस कार्य में उनका साथ देते नजर नहीं आ रहे बल्कि कमीशन के चक्कर में धड़ल्ले से ठेकेदारों द्वारा जिम्मेदारों के संरक्षण में गुडवत्ताहिन निर्माण कार्य करवाया जा रहा है ओर उन्हें किसी का डर नहीं क्योंकि कमीशन का पेसा सभी आपस में बंदरबांट किया करते है ओर आम जनता हमेशा की तरह परेशान होती है!  मामला केवलारी तहसील का है जहा पर टेल के किसानों को अपनी फसल में पानी के लिये प्रत्येक वर्ष बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है यहा तक की सेंकड़ों किसानों की फसल समय पर पानी नहीं मिलने से सुख जाती है पानी नहीं मिलने के चलते किसान आंदोलन करने पर मजबूर हो जाते है ओर ये आंदोलन कभी कभी उग्र हो जाता है जिससे शासकीय सम्पति को भी नुकसान होता है ! इसी समस्या को दूर करने के लिये किसानों की तरफ से यही आवाज उठती थी की इस नहर पर कंक्रीटकारण कर दिया जाये तकि जो पानी जमीन (मिट्टी) में सूखकर एवं सीपेज होकर बर्बाद होता है उससे सेंकड़ों किसानों को पानी मिल सकेगा ओर किसानों को हर वर्ष नुकसान नहीं उठना पड़ेगा  इसी को देखते हुये शासन की तरफ से मार्च 2018 से टेल वितरक चेन क्रमांक 0 से 400/ यानी ग्राम सुझरी से ग्राम बक्शी तक नहर का कंक्रीटकारण का कार्य जारी जिसकी कुल लम्बाई 22.38 किमी.एक कार्य की अनुमानित लगत लगभग 5.38 करोड़ बताई जा रही है इस नहर की सिंचाई क्षमता 2427 हेक्टयर की है!

आपको बता दे की उक्त कार्य का ठेका पिंडराई जिला मंडला निवासी जेनुल आबेदीन को दिया गया है जिसके द्वारा जिम्मेदारों से सांठगांठ कर धड़ल्ले से गुडवत्ताहिन निर्माण कार्य किया जा रहा है ऐसा हम इसलिये कह रहे है क्योंकि निर्माण कार्य के अभी छः महीने भी नहीं हुये की एक ही बरिश में नहर का कंक्रीट पानी के साथ ढह गया ओर किसानों के सपने चूर चूर हो गाये उल्लेखनीय होगा की ऐसा नहीं है ।

किसी एक विशेष स्थान पर से नहर का कंक्रीट ढहा हो बल्कि अनेक स्थानों में ऐसी स्थिति पेंदा हुई है जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दि है ओर उनके मन में यह सवाल उठ रहा है की क्या एसे ही गुडवत्तहिन निर्माण कार्य किया जयेगा जो चंद दिनों में ही धराशाही हो जयेगा ओर किसानों समस्या तस की मस बनी रहेगी जब इस संबंध में संबंधित उपयंत्री डी.पी.नावरे तिलवारा बाईतट नहर उपसंभाग क्रमांक 4 केवलारी से बात की गई तो उन्होंने ठेकेदार का पक्ष लेते हुये कहा की गुडवत्तापूर्ण निर्माण कार्य किया गया है किन्तु उस कंक्रीट को धराशाही होंने की मुख्य वजह तेज बरिश है जिस वजह तेज पानी नहर में आ गया ओर पानी की गति तेज होने के कारण नहर को जगह जगह से धराशाही कर दिया जिससे साफ स्पष्ट होता है की ठेकेदार एवं उपयंत्री की सांठगांठ के चलते ही गुडवत्ताहिन निर्माण कार्य किया जा रहा है ! इसकी एक वजह ओर है जिससे साफ होता है उपयंत्री एवं ठेकेदार के बीच सांठगांठ है  क्योंकि जब हमारे संवाददाता ने नहर में चल रहे कंक्रीट की मोटाई के बारे में पूछा तो उनका कहना था की उक्त कार्य में कंक्रीट की मोटाई 6 एम.एम. है जबकि प्राप्त जानकारी अनुसार वह स्टीमेट ए 6 सेमी. की है इसके बाद हमारे संवाददता ने संबंधित एस. डी. ओ. नाग से बात करना चहा तो उन्होंने ने छुट्टी का बहना बनाकर अपना पल्ला झाड़ लिया जिसके बाद हमारे संवाददाता द्वारा कार्यपालन यंत्री प्रवीण चंद महाजन से सम्पर्क कर उक्त मामले की जानकारी उन्हें दी जिनका कहना है की उक्त मामले की गुडवत्ता की जांच की जायेगी एवं धराशाही हो चुके निर्माण कार्य को फिर से निर्माण करया जयेगा 

उक्त मामले में निर्माणाधीन कार्य की गुडवत्ता की जांच करायी जायेगी एवं दोषी पाये जाने पर जिम्मेदारों पर उचित कार्यवाही की जायेगी एवं धराशाही हो चुका कंक्रीट का फिर निर्माण ठेकेदार द्वारा करया जयेगा जिससे भविष्य में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो 

प्रवीण चंद महाजन कार्यपालन यंत्री तिलवारा बाईतट नहर प संभाग क्रमांक 4 केवलारी जिला सिवनी 

फिर खुली नपा की पोल सड़क बनी तालाब

सिवनी- नपा सिवनी का सफाई अमला किस तरह से कार्य करता है उसका आज प्रमाण मिल गया जब भारी भरकम सफाई कर्मियों की फ़ौज होने के बाद भी जी ऍन रोड़ मार्ग कुछ मिनिटों की बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गया।

2 जेसीबी मशीन होने के बाद भी नपा के सफाई विभाग के अधिकारी के के रजक की मनमानी से सारा शहर जल मग्न हो रहा है।

आज भी जिन्दा है ईमानदारी

सिवनी – म0प्र0 शासन की जनकल्याण कारी योजनाओं में एक 108 वाहन की पूरे जिले में तैनाती किया जाना है । जहां शासन द्वारा नियुक्त 108 वाहन अपनी निष्ठा से त्वरित सेवा देते हुये कार्य कर रहे है वही वे अपने ईमानदार होने का भी परिचय दे रहे है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. के.सी. मेश्राम ने बताया कि ईमानदारी का ऐसा ही एक मामला स्वास्थ्य केन्द्र बरघाट में तैनात 108 वाहन में देखने को मिला । 108 वाहन बरघाट के पायलट तुलसीराम गजभिए जिसे दोपहर 12 बजकर 10 मिनिट में भोपाल मुख्यालय से फोन प्राप्त हुआ कि स्टेट बैंक बरघाट के सामने एक व्यक्ति बेहोंषी की हालत में एक पडा है । श्री तुलसीराम गजभिए फोन के प्राप्त होने के मात्र दो मिनिट के अंतराल में वाहन सहित स्टेट बैंक के सामने पहुंच गये।

वहां पर उन्होंने उपस्थित लोगांे की सहायता से पडे़ बेहोष व्यक्ति को उठाकर बरघाट चिकित्सालय में पहुचाया, चिकित्सालय में पहुचंने पर व्यक्ति को स्टेचर में चढाते समय उसके जेब में रखे 10000/- रूपये जो संभवतः उसने बैंक से निकाले थे, वही पर गिर गये तुलसीराम गजभिए ने व्यक्ति के पैसे को उठाकर अपने पास रख लिया तथा उसका उपचार प्रारंभ कराया। बाद में जब उस व्यक्ति का पुत्र अस्पताल आया तब पायलट तुलसीराम गजभिए ने उस व्यक्ति के पुत्र को 10000/- की राशि ईमानदारी पूर्वक लौटा दी। उक्त बेहोष व्यक्ति के संबंध में परिजनों द्वारा जानकारी दी गई कि ये एक रिटायर्ड वन रक्षक हैं तथा ब्लड प्रेषर हाई होने के कारण बेहोष होकर गिर पड़े थे ।

डाॅ. एन.के. गजभिए चिकित्साधिकारी बरघाट एवं अन्य अस्पताल के कर्मचारियों ने पायलट तुलसीराम गजभिए की ईमानदारी की तारीफ की। तथा रिटायर्ड बनरक्षक एवं उसका परिवार शासन की 108 वाहन योजना व पायलट तुलसीराम गजभिए की प्रशंसा करते हुये धन्यवाद देता है ।