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Grokipedia: गूगल और विकिपीडिया को टक्कर देने आया नया AI ज्ञानकोश! इंटरनेट की दुनिया में मचाई हलचल

Grokipedia: आज के डिजिटल युग में जानकारी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। हर दिन करोड़ों लोग गूगल और विकिपीडिया जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सवालों के जवाब खोजते हैं। लेकिन अब इंटरनेट की दुनिया में एक नया नाम तेजी से चर्चा में है – Grokipedia । इसे ज्ञान की दुनिया में क्रांति लाने वाला प्लेटफॉर्म माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत से काम करता है।

Grokipedia को एक स्मार्ट डिजिटल ज्ञानकोश कहा जा सकता है, जो सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपयोगकर्ता के सवालों को समझकर, विश्लेषण करके और सरल भाषा में जवाब प्रस्तुत करता है। यही वजह है कि टेक एक्सपर्ट्स इसे “भविष्य का नॉलेज प्लेटफॉर्म” मान रहे हैं।

🔍 क्या है Grokipedia?

Grokipedia एक AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जो अलग-अलग विषयों पर सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराता है। चाहे विज्ञान हो, इतिहास हो, टेक्नोलॉजी हो या करंट अफेयर्स – Grokipedia हर क्षेत्र में गहराई से जानकारी देने का दावा करता है।

यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक विकिपीडिया से अलग है, क्योंकि यहां जानकारी सिर्फ स्टैटिक लेखों के रूप में नहीं मिलती, बल्कि AI की मदद से डायनामिक और इंटरैक्टिव तरीके से प्रस्तुत की जाती है।

🤖 AI की ताकत से चलता है Grokipedia

Grokipedia की सबसे बड़ी खासियत इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम है। यह सिस्टम यूज़र के सवालों को समझता है, उनके पीछे की जरूरत को पहचानता है और उसी के अनुसार जवाब तैयार करता है। इसका मतलब यह है कि अब आपको लंबी-लंबी जानकारी छानने की जरूरत नहीं, Grokipedia सीधे आपके काम की बात सामने रख देता है।

📚 छात्रों और रिसर्चर्स के लिए वरदान

शिक्षा के क्षेत्र में Grokipedia को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

  • छात्र अपने प्रोजेक्ट और असाइनमेंट के लिए तेज़ी से जानकारी जुटा सकते हैं।
  • रिसर्च करने वालों को सटीक और गहराई वाली जानकारी मिल सकती है।
  • शिक्षक भी इसे एक डिजिटल सहायक के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस तरह Grokipedia पढ़ाई और रिसर्च की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने में मदद कर रहा है।

🌐 क्या Grokipedia बनेगा विकिपीडिया का विकल्प?

टेक जगत में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या Grokipedia, विकिपीडिया की जगह ले सकता है? हालांकि, विकिपीडिया का अपना एक मजबूत इतिहास और भरोसा है, लेकिन Grokipedia की AI क्षमता इसे एक अलग स्तर पर खड़ा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में Grokipedia और विकिपीडिया दोनों मिलकर डिजिटल ज्ञान की दुनिया को और मजबूत बना सकते हैं।

🚀 भविष्य की ओर एक बड़ा कदम

Grokipedia सिर्फ एक वेबसाइट या ऐप नहीं, बल्कि यह उस दिशा का संकेत है, जहां इंसान और मशीन मिलकर ज्ञान को और ज्यादा सुलभ बना रहे हैं। तेज रफ्तार, सटीक जानकारी और AI आधारित विश्लेषण इसे आने वाले समय में एक बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बना सकता है।

Grokipedia इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान को देखने और समझने का तरीका बदलने आया है। जहां पहले जानकारी खोजने में समय लगता था, वहीं अब Grokipedia जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुछ ही सेकंड में सटीक जवाब मिल सकता है। अगर यह तकनीक इसी तरह आगे बढ़ती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब Grokipedia डिजिटल ज्ञान की दुनिया का नया सुपरस्टार बन जाएगा।

सिवनी में युवती से छेड़छाड़ का अंजाम बना मौत! छेड़छाड़ के बाद साजिद खान की हत्या, सुरेन्द्र उर्फ कल्लु एवं राधेश्याम उर्फ क्रिस गिरफ्तार

सिवनी। जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना का सिवनी पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। युवती के साथ छेड़छाड़ के बाद हुए विवाद में साजिद खान की बेरहमी से की गई पिटाई और इलाज के दौरान मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक थाना डूण्डासिवनी का सूचीबद्ध निगरानी बदमाश भी शामिल है, जिस पर पहले से कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती श्रृध्दा सोनकर के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस जघन्य वारदात की परतें खोलते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

दिनांक 15 जनवरी 2026 को साजिद खान पिता माजिद खान उम्र 30 वर्ष, निवासी आज़ाद वार्ड सिवनी, को मारपीट से घायल एवं संदिग्ध अवस्था में जिला चिकित्सालय सिवनी में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान रात लगभग 12:40 बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

छेड़छाड़ से शुरू हुआ विवाद, डंडों से हुई पिटाई

मर्ग जांच के दौरान सामने आया कि घटना 14 जनवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे गंज वार्ड के कुचबुन्दिया मोहल्ले में हुई। मृतक साजिद खान द्वारा गंज वार्ड निवासी एक युवती के साथ बुरी नीयत से छेड़छाड़ की गई थी। इस बात से आक्रोशित युवती के भाई और उसके रिश्ते के मामा ने साजिद खान से विवाद किया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दोनों आरोपियों ने डंडों से साजिद की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसे गंभीर और प्राणघातक चोटें आईं। इन्हीं चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

हत्या का मामला दर्ज, पुलिस ने बनाई टीम

प्रथम दृष्टया हत्या का अपराध पाए जाने पर थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 36/2026, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। तत्काल एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

दो आरोपी गिरफ्तार, डंडे जब्त

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित करते हुए

  • सुरेन्द्र उर्फ कल्लु गढ़ेवाल, पिता गयाराम गढ़ेवाल, निवासी मानेगांव, थाना डूण्डासिवनी
  • राधेश्याम उर्फ क्रिस मानाठाकुर, पिता कपिल मानाठाकुर, निवासी गंज वार्ड, सिवनी

को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त डंडों को भी पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जब्त कर लिया है।

निगरानी बदमाश निकला मुख्य आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुरेन्द्र उर्फ कल्लु गढ़ेवाल एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से मारपीट, नकबजनी और वाहन चोरी जैसे करीब सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह थाना डूण्डासिवनी का सूचीबद्ध निगरानी बदमाश है, जो लंबे समय से पुलिस के रडार पर था।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी के साथ

उप निरीक्षक दयाराम शरणागत, राहुल काकोडिया, सहायक उप निरीक्षक दिनेश रघुवंशी, प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, नवीन तिवारी, आरक्षक सतीश इवनाती, प्रतीक बघेल, विनय सेंगर, संतोष साहू, सुधीर डेहरिया, प्रदीप चौधरी एवं आरक्षक चालक इरफान की विशेष भूमिका रही।

कानून का सख्त संदेश

इस कार्रवाई से सिवनी पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ समाज और पुलिस दोनों को मिलकर सख्त रुख अपनाना होगा।

मंडला से बदलेगा डिजिटल कॉमर्स का खेल! pincodekart के सिटी हब इवेंट में खुला कमाई और सम्मान का नया रास्ता

मंडला। डिजिटल कॉमर्स और स्थानीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में पिनकोडकार्ट और पिनकोडडाक ने 11 जनवरी 2026 को देशभर में एक साथ 600 से अधिक सिटी हब्स पर भव्य, समुदाय-आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के मंडला जिले में भी सिटी हब इवेंट का सफल आयोजन हुआ, जिसने स्थानीय युवाओं, डिलीवरी पार्टनर्स और छोटे व्यापारियों में नई ऊर्जा और उम्मीद जगा दी।

मंडला में यह कार्यक्रम कमला पेरिस मैरिज लॉन, जबलपुर रोड, मंडला में दिनांक – 11 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया। इस सिटी हब इवेंट के Owner – कमलेश पाल और Manager – वेद प्रकाश पद्माकर उपस्थित रहे, जिनके कुशल नेतृत्व में यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, डिलीवरी पार्टनर्स, युवा उद्यमी और डिजिटल कॉमर्स से जुड़ने के इच्छुक लोग शामिल हुए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें “माइक्रो-उद्यमी” के रूप में आगे बढ़ने का अवसर देना था।

गिग वर्क से आगे, स्थायी आय की ओर कदम

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि डिलीवरी पार्टनर्स और स्थानीय युवाओं को केवल गिग वर्क तक सीमित न रखकर, उन्हें स्थायी और सम्मानजनक आय के मॉडल से जोड़ा जाए। पिनकोडकार्ट ने बताया कि कैसे लोग टेक्नोलॉजी-सक्षम कॉमर्स के जरिए अपने ही क्षेत्र में कमाई के नए अवसर बना सकते हैं।

यह आयोजन 17 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली पिनकोडकार्ट की ग्रैंड सेल से पहले एक प्री-लॉन्च एंगेजमेंट के रूप में भी आयोजित किया गया था, ताकि वर्चुअल दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों को पहले से इस डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ा जा सके।

“वर्चुअल दुकानदार” मॉडल ने खींचा सबका ध्यान

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू रहा “वर्चुअल दुकानदार” का कॉन्सेप्ट। यह ऐसे स्थानीय पार्टनर होते हैं जो बिना किसी स्टॉक या इन्वेंट्री के जोखिम के अपना डिजिटल स्टोर संचालित कर सकते हैं।

फिक्स्ड डिलीवरी भुगतान के बजाय इन्हें रिटेल मार्जिन के माध्यम से कमाई का अवसर मिलता है।

यह मॉडल न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि लोगों को अपने ही इलाके में उद्यमिता का अनुभव भी देता है। इससे डिलीवरी पार्टनर्स साधारण कामगार से आगे बढ़कर बिजनेस पार्टनर बन सकते हैं।

19,000+ पिनकोड्स तक पहुंच का अवसर

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कैसे स्थानीय निर्माता और विक्रेता पिनकोडकार्ट से जुड़कर अपने उत्पादों की पहुंच देश के 19,000+ पिनकोड्स तक बढ़ा सकते हैं।

सिटी हब और मिनी हब मॉडल के माध्यम से हाइपरलोकल कॉमर्स को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर विस्तार से चर्चा की गई।

संस्थापक नरेश सैनी का बड़ा बयान

इस मौके पर पिनकोडकार्ट और पिनकोडडाक के संस्थापक नरेश सैनी ने कहा –

“यह सिटी हब कार्यक्रम हमारे उस विज़न को दर्शाता है, जिसमें कॉमर्स सिर्फ तेज़ डिलीवरी तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है – टिकाऊ आय, काम की गरिमा और हर पिनकोड पर लोगों के लिए दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना।”

उनके अनुसार, यह पहल भारत में एक ऐसे डिजिटल रिटेल मॉडल की नींव रख रही है, जहां स्थानीय समुदाय ही असली ताकत होंगे।

मंडला बना डिजिटल बदलाव का साक्षी

मंडला में आयोजित इस सिटी हब इवेंट ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहर भी डिजिटल कॉमर्स की बड़ी क्रांति का हिस्सा बन सकते हैं। 600+ स्थानों पर एक साथ हुए इस आयोजन ने सिटी और मिनी हब मॉडल की स्केलेबिलिटी और लोगों की बढ़ती रुचि को मजबूती से दर्शाया।

पिनकोडकार्ट आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के जरिए पिनकोड स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देता रहेगा और स्थानीय लोगों को भारत की डिजिटल रिटेल अर्थव्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनाता रहेगा।

पिनकोडकार्ट के बारे में

पिनकोडकार्ट एक हाइब्रिड कॉमर्स मार्केटप्लेस है, जो भारत के स्थानीय व्यापार को डिजिटल ताकत देने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य देश के 19,000+ पिनकोड्स में 5 लाख से अधिक रोजगार और आजीविका के अवसर तैयार करना है, खासकर टियर-2, टियर-3 और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में।

पिनकोडडाक के बारे में

पिनकोडडाक, पिनकोडकार्ट का लॉजिस्टिक्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म है, जो “पिनकोड फर्स्ट” मॉडल पर काम करता है। यह वर्चुअल दुकानदारों, सिटी हब्स, मिनी हब्स, विक्रेताओं और निर्माताओं को जोड़कर तेज़, स्मार्ट और भरोसेमंद हाइपरलोकल डिलीवरी को संभव बनाता है।

सिवनी: कार एक्सीडेंट के बाद 2 लाख की वसूली! आदर्श और अभिजीत को इस कदर डराया कि चुन ली मौत, पुलिस ने श्रीकांत, राहुल और अंकित को दबोचा

सिवनी। जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कार एक्सीडेंट के बाद मरम्मत के नाम पर दो युवकों से 2 लाख रुपये की मांग कर उन्हें इस हद तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी श्रीमती श्रद्धा सोनकर के निर्देशन में कोतवाली थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज प्रकरण का खुलासा किया।

मृतक आदर्श बघेल एवं अभिजीत बघेल 7 जनवरी 2026 को वाहन स्वामी श्रीकांत उर्फ गज्जू डहेरिया की स्विफ्ट डिजायर कार (MP49 C 6154) से अमोदागढ़-कान्हीवाड़ा घूमने गए थे। लौटते समय कान्हीवाड़ा हनुमान मंदिर के पास कार पलट गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके बाद कार मालिक श्रीकांत उर्फ गज्जू डहेरिया, अंकित बघेल, प्रिसं मालवी, राहुल सनोडिया एवं हर्षित मालवी ने मृतकों पर कार रिपेयरिंग के नाम पर 2 लाख रुपये देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। लगातार मोबाइल कॉल कर धमकाना, अपमानित करना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या बन गई।

इस मानसिक यातना से टूटकर दोनों युवकों ने 9 जनवरी 2026 को गंगानगर स्थित मकान में अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 108 एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने 12 जनवरी 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया।

न्यायालय से:

  • आरोपी श्रीकांत उर्फ गजेन्द्र उर्फ गज्जू डहेरिया एवं राहुल सनोडिया का एक दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया।
  • आरोपी अंकित बघेल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
  • अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।

👤 गिरफ्तार आरोपी

  1. श्रीकांत उर्फ गजेन्द्र उर्फ गज्जू डहेरिया, पिता – जसवंत डहेरिया, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम जमुनिया, थाना बंडोल, जिला सिवनी
  2. अंकित बघेल, पिता – पुरुषोत्तम बघेल, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम धतुरिया, थाना लखनवाड़ा, जिला सिवनी
  3. राहुल सनोडिया, पिता – भगवत सनोडिया, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम मानेगांव, थाना डूंडा, जिला सिवनी

👮‍♂️ पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी, उनि. राहुल काकोडिया, उनि. जयशंकर उईके, सउनि. दिनेश रघुवंशी, प्रमोद मालवीय, आरक्षक मुकेश गोंडाने, कृष्ण कुमार वानवखेडे, मनोज पाल, नवीन तिवारी, आर. प्रशांत गजभिये, सतीश इनवाती, प्रदीप चौधरी, सुधीर डहेरिया, सिद्धार्थ दुबे, जितेंद्र बघेल सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

SEONI: धान की ढुलाई में बड़ा घोटाला! सरकारी नियमों की धज्जियां, परिवहनकर्ता की मनमानी से सरकार को लाखों का चूना

SEONI DHAN GHOTALA। जिले में इन दिनों सरकारी नीतियों के तहत धान उपार्जन का कार्य जोरों पर है। किसान अपनी मेहनत की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए उपार्जन केंद्रों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन इसी बीच धान परिवहन में बड़ा खेल सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, परिवहनकर्ता शासकीय आदेशों और नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए अपनी मर्जी से धान का परिवहन कर रहे हैं। जबकि शासकीय अमले द्वारा न्यूनतम दूरी और न्यूनतम परिवहन व्यय के आधार पर गोदामों की विधिवत मैपिंग की गई है, इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

मैपिंग के बावजूद लंबी दूरी तक ढुलाई, मुनाफे की साजिश?

खवासा, पीपरवानी और पाटन खरीदी केंद्रों से पर्व वेयरहाउस कोदाझिरी (कुरई) की मैपिंग न्यूनतम दूरी के आधार पर की गई थी। लेकिन परिवहनकर्ता जानबूझकर इन गोदामों में धान खाली नहीं कर रहे, बल्कि उसे लंबी दूरी तय कर सिवनी के निजी गोदामों—जैन वेयरहाउस सोनादोंगरी और KKR वेयरहाउस—में पहुंचाया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो इसका मकसद अधिक परिवहन व्यय दिखाकर ज्यादा मुनाफा कमाना और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाना है। यही नहीं, गोपालगंज और शिवगंगा वेयरहाउस हरहरपुर जैसे शासकीय गोदाम खाली पड़े हुए हैं, फिर भी वहां माल नहीं भेजा जा रहा।

दस्तावेजी सबूत मिले, आरोपों की हुई पुष्टि

उपार्जन समिति माँ दुर्गा स्वसहायता समूह, भंडारपुर केंद्र (दरासीकला) द्वारा शिवगंगा वेयरहाउस हरहरपुर के धर्मकांटे से तौल कर धान सौंपा जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी परिवहनकर्ता वहां माल खाली नहीं कर रहे और अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय कर रहे हैं।

इस पूरे मामले की पड़ताल में महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनसे नियमों के उल्लंघन और मनमानी परिवहन की पुष्टि होती है।

अब सवाल—कब होगी कार्रवाई?

यह मामला केवल नियमों की अनदेखी का नहीं, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग और सुनियोजित गड़बड़ी का संकेत देता है। अब देखना यह है कि प्रशासन और संबंधित विभाग कब तक इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कब होती है।

यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह धान उपार्जन व्यवस्था पर भरोसे को गहरा झटका दे सकता है और किसानों के हितों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

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सिवनी के बबरिया तालाब का गिरने लगा जल स्तर: तालाब का पानी खेतों में गया तो होगी सीधी कार्रवाई! मोटर लगाने पर सख्त प्रतिबंध

सिवनी: नगर के प्रमुख जलस्रोत बबरिया तालाब को लेकर नगरपालिका परिषद सिवनी ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। लगातार घटते जलस्तर और बीते वर्ष ग्रीष्म ऋतु में उत्पन्न हुए गंभीर जल संकट को देखते हुए अब तालाब से मोटर लगाकर पानी लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला सीधे तौर पर किसानों और आम नागरिकों से जुड़ा है।

नगरपालिका द्वारा जारी अपील में स्पष्ट किया गया है कि बबरिया तालाब नगरपालिका की संपत्ति है और इसका प्राथमिक उद्देश्य पेयजल आपूर्ति है, न कि फसल सिंचाई। बावजूद इसके कुछ किसानों द्वारा मोटर लगाकर लगातार पानी निकाले जाने से तालाब का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरे शहर के लिए खतरे की घंटी बन सकता है।

पिछले अनुभव से लिया गया सबक

नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में जलस्तर अत्यधिक गिर जाने के कारण नगर में पेयजल संकट जैसी स्थिति बन गई थी। कई वार्डों में पानी की आपूर्ति बाधित रही और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया है।

अब नहीं चलेगी मनमानी

नगरपालिका ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी किसान या व्यक्ति बबरिया तालाब में अवैध रूप से मोटर लगाकर पानी लेते हुए पाया गया, तो उसकी मोटर तत्काल जब्त की जाएगी और संबंधित व्यक्ति पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की स्वयं की होगी।

जनहित में सहयोग की अपील

नगरपालिका परिषद ने किसानों और नगरवासियों से अपील की है कि वे इस निर्णय को सहयोग की भावना से स्वीकार करें और जल संरक्षण में सहभागी बनें। तालाब का पानी सुरक्षित रहेगा तभी आने वाली भीषण गर्मी में शहर को पर्याप्त पेयजल मिल सकेगा।

जल है तो कल है

बबरिया तालाब केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि पूरे नगर की जीवनरेखा है। आज यदि इसे बचाया गया, तभी कल प्यासे शहर से बचा जा सकेगा। नगरपालिका का यह कदम भविष्य की जरूरतों को देखते हुए उठाया गया एक जरूरी और साहसिक निर्णय माना जा रहा है।

2 दिन प्यासा रहेगा सिवनी? जानिए 8 एवं 9 जनवरी को क्यों ठप रहेगी शहर की जलापूर्ति

सिवनी। अगर आप सिवनी शहर में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 8 जनवरी 2026 (गुरुवार) को शहर की जलापूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रहने वाली है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी, सिवनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार पुरानी–नवीन जलावर्धन योजना के अंतर्गत बबरिया प्लांट में सी.एल.एफ. (CLF) की सफाई का महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा, जिसके चलते सुबह से शाम तक नलों में पानी नहीं पहुंचेगा।

कितने बजे से कितने बजे तक बंद रहेगी पानी सप्लाई?

नगरपालिका प्रशासन के अनुसार 8 जनवरी को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक शहर में

  • डायरेक्ट जलापूर्ति
  • पानी टंकियों से होने वाली सप्लाई

दोनों ही पूरी तरह प्रभावित रहेंगी। इस दौरान नगर की सभी पानी टंकियों में भराव कार्य भी बंद रहेगा, जिससे पूरे शहर में पेयजल संकट जैसी स्थिति बन सकती है।

9 जनवरी को भी पूरी तरह राहत नहीं

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 9 जनवरी 2026 को भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होंगे। इस दिन डायरेक्ट एवं टंकी से जुड़े क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आंशिक रूप से की जाएगी। यानी कुछ इलाकों में पानी आएगा, जबकि कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

नगरपालिका की अपील – अभी से कर लें तैयारी

आने वाली असुविधा को देखते हुए नगरपालिका प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि कम से कम एक दिन का पानी पहले से संग्रहित कर लें, ताकि पेयजल, खाना बनाने और दैनिक जरूरतों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

लापरवाही पड़ी भारी तो बढ़ सकती है दिक्कत

हर बार की तरह इस बार भी जलापूर्ति बाधित होने की सूचना पहले ही जारी कर दी गई है। ऐसे में यदि लोग समय रहते पानी संग्रहित नहीं करते हैं, तो उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

नगरवासियों से अनुरोध है कि इस सूचना को अपने मोहल्ले, रिश्तेदारों और पड़ोसियों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि सभी लोग समय रहते सतर्क हो सकें।

सिवनी में डिजिटल अरेस्ट से लेकर OTP फ्रॉड तक-गांव में खुली साइबर ठगी की पोल! साइबर फ्रॉड से बचाने चला CSC का बड़ा जागरूकता अभियान

सिवनी। तेजी से डिजिटल हो रहे ग्रामीण भारत में जहां ऑनलाइन सेवाएं लोगों की जिंदगी आसान बना रही हैं, वहीं साइबर ठग भी नए-नए हथकंडे अपनाकर भोले-भाले ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं। इन्हीं बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से सिवनी जिले की ग्राम पंचायत आष्ठा में एक महत्वपूर्ण साइबर जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान चलाया गया।

इस अभियान का आयोजन सीएससी द्वारा संचालित वीज़ा सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसमें सीएससी वीएलई अनमोल बिसेन द्वारा ग्रामीणों को साइबर फ्रॉड से बचाव की व्यावहारिक और जरूरी जानकारी दी गई।

OTP कॉल, फर्जी डिजिटल अरेस्ट और आधार लिंक ठगी पर खास फोकस

प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि—

  • यदि कोई अनजान कॉलर बैंक, केवाईसी या ओटीपी मांगे तो तुरंत सतर्क हो जाएं
  • किसी भी स्थिति में OTP, ATM पिन या बैंक डिटेल साझा न करें
  • ठग “डिजिटल अरेस्ट” जैसे शब्दों का डर दिखाकर लोगों को फंसाते हैं
  • आधार से जुड़े बैंक खातों की जानकारी को कैसे सुरक्षित रखा जाए
  • फिशिंग लिंक, फर्जी मैसेज और नकली कॉल से कैसे बचें

ग्रामीणों को वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही बड़ी आर्थिक ठगी में बदल सकती है।

एससी का उद्देश्य: ग्रामीणों को बनाना डिजिटल रूप से सुरक्षित – सीएससी जिला प्रबंधक शिवांशु जंघेला

इस अवसर पर सीएससी जिला प्रबंधक शिवांशु जंघेला ने बताया कि

“सीएससी वीज़ा के सहयोग से जिलेभर में यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर खतरों से सुरक्षित रह सकें। जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।”

महिलाएं, युवा और ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी

प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए। सभी ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे और प्रशिक्षण को उपयोगी बताया।
सीएससी वीएलई द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण डिजिटल सेवाओं का लाभ लेते हुए सतर्क, जागरूक और सुरक्षित रह सकें।

जागरूकता ही सुरक्षा की पहली दीवार

बढ़ते साइबर अपराधों के बीच इस तरह के अभियान ग्रामीण समाज के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बन रहे हैं। समय रहते मिली जानकारी न सिर्फ पैसे की बचत करती है, बल्कि डिजिटल भरोसे को भी मजबूत करती है।

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Seoni School Timing Change: सिवनी में बदला स्कूलों का समय, कलेक्टर का बड़ा आदेश जारी; कड़ाके की ठंड का असर

Seoni School Timing Change: लगातार गिरते तापमान और बढ़ती ठंड को देखते हुए सिवनी जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूल समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। कलेक्टर शीतला पटले द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब जिले के सभी स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक की कक्षाएँ सुबह 9:30 बजे से पहले संचालित नहीं होंगी।

यह आदेश दिनांक 05 जनवरी 2026 को जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि अत्यधिक ठंड के कारण छोटे बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

किन स्कूलों पर लागू होगा आदेश?

यह आदेश सिवनी जिले के अंतर्गत आने वाले सभी प्रकार के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा, जिनमें शामिल हैं—

  • शासकीय विद्यालय
  • अशासकीय विद्यालय
  • सीबीएसई (CBSE)
  • आईसीएसई (ICSE)
  • अनुदान प्राप्त विद्यालय
  • मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय

यानि जिले में संचालित कोई भी स्कूल इस आदेश से बाहर नहीं रहेगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

जिले में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय अत्यधिक ठंड, कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गई है। विशेषकर छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है।

इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है।

परीक्षाओं को लेकर क्या कहा गया?

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि—

  • ✔ परीक्षाएँ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित होंगी
  • ✔ अन्य आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियाँ यथावत जारी रहेंगी
  • ✔ केवल कक्षा संचालन के समय में ही बदलाव किया गया है

अभिभावकों और शिक्षकों ने ली राहत की सांस

स्कूल समय में बदलाव के फैसले से अभिभावकों और शिक्षकों में संतोष देखा जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों को ठंड से राहत मिलेगी और उनकी सेहत सुरक्षित रहेगी।

खबर का असर: सिवनी में अमानक धान पर बड़ा एक्शन, उपार्जन केंद्र को कारण बताओ नोटिस-गुणवत्ता से खिलवाड़ उजागर!

सिवनी। जिले में धान खरीदी को लेकर उठे गंभीर सवालों पर खबर सत्ता में प्रकाशित रिपोर्ट का बड़ा असर सामने आया है। “सिवनी में धान खरीदी पर बड़ा खेल? अमानक धान थोपने के आरोप, सर्वेयर हटाए गए—गुणवत्ता पर संकट” शीर्षक से 31 दिसंबर को प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया है।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए संचालित समृद्धि वेयरहाउस साजपानी (केंद्र कोड: 59337267) का कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड स्तरीय उपार्जन समिति द्वारा सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की उपस्थिति में केंद्र का बारीकी से परीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। इसके बाद केंद्र प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस की तामील कर दी गई है।

निरीक्षण में सामने आईं चौंकाने वाली अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं—

  • केंद्र पर स्व-सहायता समूह की श्रीमती प्रेमलता सोनिया उपस्थित पाई गईं, लेकिन खरीदी कार्य का लेखा-जोखा रजिस्टर समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया।
  • तौल के समय 38.80 किलोग्राम वजनी धान की बोरियां सिलकर रखी पाई गईं, जो नियमों के विपरीत है।
  • जिन बोरियों को सर्वेयर द्वारा FAQ (मानक) बताया गया था, उन्हें खोलकर सैंपलिंग कराई गई तो वे नॉन-FAQ निकलीं।
  • कई बोरियों पर किसान कोड टैग अंकित नहीं था, इसके बावजूद उनकी सिलाई कर दी गई।
  • बिना चालान जारी किए ही बोरियों को गोदाम के भीतर स्टैकिंग किया गया।
  • स्टैक नंबर 09, जिसे पहले FAQ बताया गया था, जांच में फेल पाया गया; पंचनामा तैयार कर स्टैक फेल घोषित किया गया।
  • किसानों के लिए बैठने और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।

इन कृत्यों को उपार्जन नीति की कंडिका 8.1, 10 एवं 11.3 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।

48 घंटे की मोहलत, नहीं दिया जवाब तो एकपक्षीय कार्रवाई

प्रशासन ने केंद्र को निर्देशित किया है कि वह 02 दिवस (48 घंटे) के भीतर लिखित जवाब के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे। अनुपस्थिति या असंतोषजनक जवाब की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी—जिसमें केंद्र की मान्यता, जिम्मेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई और आगे की खरीदी पर रोक तक शामिल हो सकती है।

आखिर क्यों बन रही है यह स्थिति?

जानकारों के अनुसार इस सत्र में किसानों का उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहा है। ऐसे में पंजीयन पूरा कराने के लिए कुछ व्यापारी बाहर से अमानक धान मंगाकर खपाने की कोशिश कर रहे हैं। यही धान परिवहन के दौरान भंडारण केंद्रों तक पहुंच रहा है और रिजेक्ट श्रेणी में आ रहा है। हालांकि सर्वेयर और सुपरवाइजर की नियुक्ति का उद्देश्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, लेकिन राजनीतिक दबाव के आरोपों के बीच अमानक धान को भी मानक दिखाकर जमा कराने के प्रयास सामने आ रहे हैं।

आगे क्या होगा? मिलिंग के वक्त खुलेगा ‘अमानक’ का सच

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो मिलर्स द्वारा मिलिंग के लिए धान उठाव के दौरान अमानक धान की सच्चाई उजागर होगी—जिसका आर्थिक नुकसान, सरकारी व्यवस्था की साख और किसानों के हित—तीनों पर भारी असर पड़ेगा।

खबर के बाद हुई कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निगरानी और जवाबदेही ही व्यवस्था को पटरी पर ला सकती है। अब सबकी नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, या फिर मामला दब जाएगा?